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रविवार, 12 जून 2011

अदृश्य सामर्थ

एक बाइबल वितरक माईकल बिलेस्टर दूसरे विश्व युद्ध से थोड़ा पहले पोलैण्ड के एक छोटे से कसबे में पहुँचा। वह बाइबल की एक प्रति वहाँ के एक निवासी को देकर चला गया। उस व्यक्ति ने बाइबल को पढ़ा और पापों से पश्चाताप किया और प्रभु यीशु को अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता ग्रहण कर लिया। इस नए विश्वासी ने बाइबल की वह प्रति एक अन्य व्यक्ति को दी, और उसके साथ भी यही हुआ, फिर उस नए विश्वासी ने वह प्रति किसी और को दी। बाइबल पढ़ने, पाप के लिए कायल होने, मसीही विश्वास में आने और फिर किसी और को बाइबल पढ़ने के लिए दिये जाने का यह सिलसिला उस कसबे में चलता रहा और उस एक बाइबल के द्वारा २०० लोग मसीही विश्वास में आ गए।

१९४० में बिलेस्टर उस कसबे में वापस आया, और विश्वासियों का यह समूह परमेश्वर की आराधना के लिए एकत्रित हुआ। उन्होंने बिलेस्टर से अनुरोध किया कि वह उन्हें बाइबल से कोई सन्देश दे। बिलेस्टर ने सुझाव दिया कि क्यों न उपस्थित लोगों में से जिन्हें याद हों, वे अपनी स्मरण शक्ति से बाइबल के पद सबको सुनाएं। कुछ देर के आपसी विचार विमर्श के बाद उपस्थित समूह में से एक व्यक्ति खड़ा हुआ और बिलेस्टर से बोला, "क्षमा कीजिए, शायद हमारे सुनने में कोई गलती हुई है; आप ने बाइबल के पद सुनाने के लिए कहा है या अध्याय?"

उस कसबे के लोगों ने अपनी एकमात्र बाइबल से केवल कुछ चुनिन्दा पद ही याद नहीं किए थे, वरन पूरे अध्याय याद कर रखे थे और कुछ ने पूरी पुस्तकें ही याद कर लीं थीं। उनमें से १३ लोगों को मत्ती और लूका रचित सुसमाचार और उत्पत्ती की आधी पुस्तक याद थी। एक अन्य व्यक्ति को पूरा भजन संहिता याद था। बिलेस्टर द्वारा दी गई बाइबल - परमेश्वर के जीवते वचन की उस एक प्रति ने, लोगों को पापों के लिए कायल करने और उनके मन और जीवन परिवर्तित करने का अपना कार्य कर दिखाया था।

जो लोग परमेश्वर के वचन बाइबल को अति सामन्य समझते हैं, वे उसमें विद्यमान परमेश्वर की सामर्थ से अनजान हैं। बाइबल की सामर्थ को जानने के लिए उसे नियमित रूप से पढ़िए, उसे अपने हृदय में बसा लीजिए और उसके निर्देषों का पालन कीजिए।

भजनकार के समान परमेश्वर के वचन को अपने हृदय में बसा लीजिए, क्योंकि परमेश्वर का वचन मनुष्य के मन में जड़ पकड़ता है और जीवन में परमेश्वर की धार्मिकता का फल लाता है। - पौल वैन गोर्डर


बाइबल का सही स्थान आपकी अलमारी नहीं, आपका हृदय है।

मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरूद्ध पाप न करूं। - भजन ११९:११


बाइबल पाठ: भजन ११९:९-१६

Psa 119:9 जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन के अनुसार सावधान रहने से।
Psa 119:10 मैं पूरे मन से तेरी खोज मे लगा हूं, मुझे तेरी आज्ञाओं की बाट से भटकने न दे!
Psa 119:11 मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरूद्ध पाप न करूं।
Psa 119:12 हे यहोवा, तू धन्य है, मुझे अपनी विधियां सिखा!
Psa 119:13 तेरे सब कहे हुए नियमों का वर्णन, मैं ने अपने मुंह से किया है।
Psa 119:14 मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानों सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूं।
Psa 119:15 मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूंगा।
Psa 119:16 मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा और तेरे वचन को न भूलूंगा।

एक साल में बाइबल:
  • एज़्रा ३-५
  • यूहन्ना २०

शनिवार, 11 जून 2011

दर्पण

जटिल आपसी समस्याओं के कारण एक परिवार विभाजित हो गया। पारिवारिक उथल पुथल से परेशान उनका एक बेटा किसी अन्य के साथ रहने चला गया, और कुछ समय में वह उसे ही अपना घर समझने लगा। एक दिन टेलिविज़न पर खोए हुए बच्चों से संबंधित कार्यक्रम देखते समय हुए उसने अपनी तस्वीर को पहचाना और अपने असली परिवार की जनकारी देखी, तब उसे एहसास हुआ कि उसका वास्तविक परिवार और घर कहीं और है। उसने यह बात अपनी आया को बताई, आया ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और कुछ समय के बाद वह बेटा अपने वासत्विक घर में अपने परिवार के साथ था।

यह घटना पढ़ कर मुझे बाइबल में २ राजा २२ अध्याय में वर्णित योशिय्याह राजा की याद आई। योशिय्याह एक भला राजा था, परमेश्वर का भय मानता था और वह अपने तथा अपने राज्य के आत्मिक जीवन के संबंध में निश्चिंत था कि वे सही मार्ग पर हैं। उसने परमेश्वर के भवन की सफाई करवाने के लिए पुरोहितों से कहा और उन्हें सफाई के समय वहाँ परमेश्वर के लिखित वचन की एक प्रति मिली। पुरोहित परमेश्वर के वचन की प्रति को योशिय्याह राजा के पास लाया और उसे परमेश्वर का वचन पढ़कर सुनाया। जब योशिय्याह ने परमेश्वर का वचन सुना और उसके समक्ष अपने आप को जाँचा तब उसे एहसास हुआ कि वह और उसकी प्रजा वास्तव में परमेश्वर से कितने दूर हैं और उसकी आज्ञाओं के उल्लंघन में जीवन व्यतीत कर रहे हैं - उनके पाप ने उन्हें परमेश्वर से दूर कर रखा है। योशिय्याह राजा ने अपनी वास्तविक दशा से व्यथित हो कर अपने कपड़े फाड़ डाले और पश्चाताप किया और परमेश्वर की नबी के पास भेजकर परमेश्वर की इच्छा पता करवाई तथा परमेश्वर की ओर लौट आया। योशिय्याह के साथ साथ उसकी प्रजा ने भी पश्चाताप किया और परमेश्वर की ओर मन फिराया (२ राजा २३)। यह सब इसलिए हुआ क्योंकि योशिय्याह राजा और उसकी प्रजा ने अपने वास्तविक स्वरूप को परमेश्वर के वचन के दर्पण में देखा और पहचाना कि उनकी वास्तविक स्थिति वह नहीं थी जिसे वे मान कर बैठे हुए थे।

यही बात कई बार हमारे व्यक्तिगत जीवन में भी होती है, हम मान लेते हैं कि हम आत्मिक रूप से ठीक हैं और अपनी इन्हीं भावनाओं के आधार पर चलते रहते हैं, जबकि हमारे जीवन में छुपा हुआ पाप हमें परमेश्वर से दूर किये हुए होता है। परमेश्वर ने अपना वचन बाइबल हमें इसलिए दिया कि एक दर्पण के समान वह हमें हमारी वास्तविक दशा दिखा सके। जब हम सच्चे मन से बाइबल को पढ़ने लगते हैं तो वास्तव में हम बाइबल को नहीं पढ़ रहे होते, बाइबल हमें पढ़ती है, हम पर हमारी असलियत प्रगट कर देती है और हमें बोध होता है कि हमारी वास्तविक दशा क्या है।

जहाँ कहीं परमेश्वर हमें हमारे पाप का बोध कराए, हमें उस बात के लिए पश्चाताप और परमेश्वर से क्षमा याचना करके अपने संबंध परमेश्वर से सही कर लेने चाहिएं। तब ही हम अपने सही स्थान पर लौट सकते हैं और बने रह सकते हैं। - मार्ट डी हॉन


कोई भी अन्य पुस्तक हमारे ज्ञानवर्धन के लिए हो सकती है; किंतु पाप से मन परिवर्तन के लिए केवल बाइबल ही सक्षम है।

व्यवस्था की उस पुस्तक की बातें सुनकर राजा ने अपने वस्त्र फाड़े। - २ राजा २२:११


बाइबल पाठ: २ राजा २२:८-२०

2Ki 22:8 और हिलकिय्याह महायाजक ने शापान मंत्री से कहा, मुझे यहोवा के भवन में व्यवस्था की पुस्तक मिली है; तब हिलकिय्याह ने शापान को वह पुस्तक दी, और वह उसे पढ़ने लगा।
2Ki 22:9 तब शापान मंत्री ने राजा के पास लौटकर यह सन्देश दिया, कि जो चान्दी भवन में मिली, उसे तेरे कर्मचारियों ने थैलियों में डाल कर, उनको सौंप दिया जो यहोवा के भवन में काम कराने वाले हैं।
2Ki 22:10 फिर शपान मंत्री ने राजा को यह भी बता दिया, कि हिलकिय्याह याजक ने उसे एक पुस्तक दी है। तब शपान उसे राजा को पढ़कर सुनाने लगा।
2Ki 22:11 व्यवस्था की उस पुस्तक की बातें सुनकर राजा ने अपने वस्त्र फाड़े।
2Ki 22:12 फिर उस ने हिलकिय्याह याजक, शापान के पुत्र अहीकाम, मीकायाह के पुत्र अकबोर, शापान मंत्री और असाया नाम अपने एक कर्मचारी को आज्ञा दी,
2Ki 22:13 कि यह पुस्तक जो मिली है, उसकी बातों के विष्य तुम जाकर मेरी और प्रजा की और सब सहूदियों की ओर से यहोवा से पूछो, क्योंकि यहोवा की बड़ी ही जलजलाहट हम पर इस कारण भड़की है, कि हमारे पुरखाओं ने इस पुस्तक की बातें न मानी कि कुछ हमारे लिये लिखा है, उसके अनुसार करते।
2Ki 22:14 हिलकिय्याह याजक और अहीकाम, अकबोर, शापान और असाया ने हुल्दा नबिया के पास जाकर उस से बातें की, वह उस शल्लूम की पत्नी थी जो तिकवा का पुत्र और हर्हस का पोता और वस्त्रों का रखवाला था, (और वह स्त्री यरूशलेम के नये टोले में रहती थी) ।
2Ki 22:15 उस ने उन से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि जिस पुरुष ने तुम को मेरे पास भेजा, उस से यह कहो,
2Ki 22:16 यहोवा यों कहता है, कि सुन, जिस पुस्तक को यहूदा के राजा ने पढ़ा है, उसकी सब बातों के अनुसार मैं इस स्थान और इसके निवासियों पर विपत्ति डाला चाहता हूँ।
2Ki 22:17 उन लोगों ने मुझे त्याग कर पराये देवताओं के लिये धूप जलाया और अपनी बनाई हुई सब वस्तुओं के द्वारा मुझे क्रोध दिलाया है, इस कारण मेरी जलजलाहट इस स्थान पर भड़केगी और फिर शांत न होगी।
2Ki 22:18 परन्तु यहूदा का राजा जिस ने तुम्हें यहोवा से पूछने को भेजा है उस से तुम यों कहो, कि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा कहता है।
2Ki 22:19 इसलिये कि तू वे बातें सुनकर दीन हुआ, और मेरी वे बातें सुनकर कि इस स्थान और इसके निवासियों देखकर लोग चकित होंगे, और शाप दिया करेंगे, तू ने यहोवा के साम्हने अपना सिर नवाया, और अपने वस्त्र फाड़कर मेरे साम्हने रोया है, इस कारण मैं ने तेरी सुनी है, यहोवा की यही वाणी है।
2Ki 22:20 इसलिये देख, मैं ऐसा करूंगा, कि तू अपने पुरखाओं के संग मिल जाएगा, और तू शांति से अपनी कबर को पहुंचाया जाएगा, और जो विपत्ति मैं इस स्थान पर डाला चाहता हूँ, उस में से तुझे अपनी आखों से कुछ भी देखना न पड़ेगा। तब उन्होंने लौटकर राजा को यही सन्देश दिया।

एक साल में बाइबल:
  • एज़्रा १, २
  • यूहन्ना १९:२३-४२

शुक्रवार, 10 जून 2011

सुरक्षा

सुरक्षा के अनेक स्वरूप होते हैं। खतरा आने पर खरगोश अपने बिल में और हिरन झाड़ियों में छिप जाता है; डर कर एक छोटा बच्चा अपने पिता की टाँगों से लिपटकर, तो युद्ध में एक सैनिक तोपखाने के बचावी हमले में अपने आप को सुरक्षित अनुभव करता है। लेकिन खतरे का आभास होने पर एक मसीही विश्वासी को क्या करना चाहिए? उसकी सुरक्षा क्या है?

जब दाउद ने भजन ३१ लिखा था तब वह जानता था कि उसके लिए परिस्थितियाँ ठीक नहीं हैं। वह कमज़ोर, थका हुआ और दुख में था; उसका दिल टूट चुका था। उसके शत्रु उसका पीछा कर रहे थे और उसके मित्र उसे छोड़ कर भाग चुके थे। दाउद शरीर और सामर्थ में कमज़ोर तो था लेकिन असहाय और असुरक्षित नहीं था। वह जानता था कि परमेश्वर ही उसकी सुरक्षा का सर्वोत्तम स्थान है और परमेश्वर से उसके सही संबंध ही उसकी सुरक्षा की सही और सबसे कारगर नीति हैं। उसने अपनी सुरक्षा परमेश्वर में ही ढूँढी। जैसे जब किसी धौंस देने वाले बदमाश के आगे एक बच्चा अपने बड़े भाई को सहायता के लिए पुकाराता है, दाउद ने परमेश्वर को पुकारा। क्योंकि दाउद परमेश्वर की संगति में रहता था, उसने अपने आप को उसी की सुरक्षा में छुपा लिया जो उससे कभी न बदलने वाले प्रेम से प्रेम रखता था और पहले भी अनेक बार उसकी सहायता कर चुका था।

दाउद के समान क्या हम भी परमेश्वर में अपनी सुरक्षा को खोजने के लिए ऐसे ही तत्पर रहते हैं? परमेश्वर सदैव विश्वासयोग्य है; वह दाउद के लिए छिपने का सुरक्षित स्थान था, वह हमारे लिए भी मुसीबत में छिपने का सुरक्षित स्थान है। - मार्ट डी हॉन


मसीही विश्वासी की सुरक्षा खतरे की अनुपस्थिति से नहीं वरन उसके साथ परमेश्वर की उपस्थिति से है।

क्योंकि तू मेरे लिये चट्टान और मेरा गढ़ है इसलिये अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई कर, और मुझे आगे ले चल। - भजन ३१:३


बाइबल पाठ: भजन ३१:१-१६
Psa 31:1 हे यहोवा मेरा भरोसा तुझ पर है, मुझे कभी लज्जित होना न पड़े? तू अपने धर्मी होने के कारण मुझे छुड़ा ले!
Psa 31:2 अपना कान मेरी ओर लगा कर तुरन्त मुझे छुड़ा ले!
Psa 31:3 क्योंकि तू मेरे लिये चट्टान और मेरा गढ़ है इसलिये अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई कर, और मुझे आगे ले चल।
Psa 31:4 जो जाल उन्होंने मेरे लिये बिछाया है उस से तू मुझ को छुड़ा ले, क्योंकि तू ही मेरा दृढ़ गढ़ है।
Psa 31:5 मैं अपनी आत्मा को तेरे ही हाथ में सौंप देता हूं; हे यहोवा, हे सत्यवादी ईश्वर, तू ने मुझे मोल लेकर मुक्त किया है।
Psa 31:6 जो व्यर्थ वस्तुओं पर मन लगाते हैं, उन से मैं घृणा करता हूं परन्तु मेरा भरोसा यहोवा ही पर है।
Psa 31:7 मैं तेरी करूणा से मगन और आनन्दित हूं, क्योंकि तू ने मेरे दु:ख पर दृष्टि की है, मेरे कष्ट के समय तू ने मेरी सुधि ली है,
Psa 31:8 और तू ने मुझे शत्रु के हाथ में पड़ने नहीं दिया; तू ने मेरे पांवों को चौड़े स्थान में खड़ा किया है।
Psa 31:9 हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं।
Psa 31:10 मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है; मेरा बल मेरे अधर्म के कारण जाता रह, ओर मेरी हडि्डयां घुल गईं।
Psa 31:11 अपने सब विरोधियों के कारण मेरे पड़ोसियों में मेरी नामधराई हुई है, अपने जान पहिचान वालों के लिये डर का कारण हूं; जो मुझ को सड़क पर देखते है वह मुझ से दूर भाग जाते हैं।
Psa 31:12 मैं मृतक की नाई लोगों के मन से बिसर गया, मैं टूटे बासन के समान हो गया हूं।
Psa 31:13 मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना, चारों ओर भय ही भय है! जब उन्होंने मेरे विरूद्ध आपस में सम्मति की तब मेरे प्राण लेने की युक्ति की।
Psa 31:14 परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है।
Psa 31:15 मेरे दिन तेरे हाथ में है, तू मुझे मेरे शत्रुओं और मेरे सताने वालों के हाथ से छुड़ा।
Psa 31:16 अपने दास पर अपने मुंह का प्रकाश चमका; अपनी करूणा से मेरा उद्धार कर।

एक साल में बाइबल:
  • २ इतिहास ३४-३६
  • यूहन्ना १९:१-२२

गुरुवार, 9 जून 2011

छिपने का स्थान

अमरीकी राष्ट्रपति जौन कैनेडी ने कहा था कि प्रत्येक दिन हमें भयानक विपत्ति के क्षण के नज़दीक लाता जा रहा है। एक वैज्ञानिक पत्रिका Bulletin of Atomic Scientists एक २४ घंटे की घड़ी और उसकी सूईयों के द्वारा मानव इतिहास को दर्शाते हैं। मानव विनाश के खतरे की गंभीरता के अनुसार घड़ी की सूईयाँ आगे या पीछे करी जाती हैं और उनकी घड़ी के अनुसार २४ घंटे पूरे होने में कुछ ज़्यादा देर नहीं है। मानव जाति के विनाश के खतरे बढते ही जा रहे हैं, हर जगह फैलते हुए आतंकवाद और परमाणु अस्त्रों की उपस्थिति ने इस खतरे को बहुत बढ़ा दिया है। वैज्ञानिकों में इस बात पर कोई दो राय नहीं है कि यदि परमाणु युद्ध हुआ तो ममानव जाति का विनाश तय है।

अपनी पुस्तक No Place to Hide में एक वैज्ञानिक डॉ। डेविड ब्रैडली, जो परमाणु अस्त्रों के प्रारंभिक दिनों में उनके परीक्षण के समय निकली विकिरण और ऊर्जा का निरीक्षण करते थे, ने लिखा "अगर हम विचारें कि हमारे शरीर में रेडियम के एक ग्राम का दस लाखवाँ भाग भी यदि आ जाए तो हमारे लिए घातक हो जाएगा, तो यह तथ्य हमारा ध्यान Calculus से हटकर मसीही विश्वास की ओर ले जाने के लिए काफी है।" उनका यह कहना बिलकुल सही है क्योंकि मसीही विश्वासी जैसा परमेश्वर के प्रेम और उपस्थिति में सुरक्षित है, वैसा और कोई कहीं भी नहीं है।

भजन ९१ में भजनकार ने प्रभु परमेश्वर को, उसकी सुरक्षा के गुण के लिए कई संज्ञाएं दी हैं जैसे, छिपने का गुप्त स्थान, छाया मिलने (अर्थात निकट होने) का स्थान, शरणस्थान, दृढ़ गढ़, रक्षक, छुटकारा देने वाला आदि, क्योंकि हम उसमें सदा सुरक्षित हैं। चाहे हमारा खतरा परमाणु युद्ध से हो, किसी बीमारी से हो, किसी पारिवारिक परेशानी से हो या किसी शैतानी आक्रमण से हो, कोई भी या कैसी भी परिस्थिति क्यों न हो, परमेश्वर हमारा दृढ़ गढ़ बना रहता है।

किसी भी मसीही विश्वासी के लिए इन खतरनाक अनिश्चित दिनों में परमेश्वर ही एकमात्र निशित सुरक्षित छिपने का स्थान है। - डेव एग्नर


परमेश्वर हमारे जितना निकट बना रहता है, उतना निकट कोई भी खतरा कभी नहीं आ सकता।

तू मेरी आड़ और ढ़ाल है; मेरी आशा तेरे वचन पर है। - भजन ११९:११४

बाइबल पाठ: भजन ११९:११३-१२०

Psa 119:113 मैं दुचित्तों से तो बैर रखता हूं, परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रीति रखता हूं।
Psa 119:114 तू मेरी आड़ और ढ़ाल है; मेरी आशा तेरे वचन पर है।
Psa 119:115 हे कुकर्मियों, मुझ से दूर हो जाओ, कि मैं अपने परमेश्वर की आज्ञाओं को पकड़े रहूं।
Psa 119:116 हे यहोवा, अपने वचन के अनुसार मुझे सम्भाल, कि मैं जीवित रहूं, और मेरी आशा को न तोड़!
Psa 119:117 मुझे थाम रख, तब मैं बचा रहूंगा, और निरन्तर तेरी विधियों की ओर चित्त लगाए रहूंगा!
Psa 119:118 जितने तेरी विधियों के मार्ग से भटक जाते हैं, उन सब को तू तुच्छ जानता है, क्योंकि उनकी चतुराई झूठ है।
Psa 119:119 तू ने पृथ्वी के सब दुष्टों को धातु के मैल के समान दूर किया है; इस कारण मैं तेरी चितौनियों में प्रीति रखता हूं।
Psa 119:120 तेरे भय से मेरा शरीर कांप उठता है, और मैं तेरे नियमों से डरता हूं।

एक साल में बाइबल:
  • २ इतिहास ३२-३३
  • यूहन्ना १८:१९-४०

बुधवार, 8 जून 2011

परमेश्वर सदा हमारे साथ है

एक व्यक्ति ने दूसरे से पूछा, "आप क्यों कहते हैं कि परमेश्वर हर जगह विद्यमान है, मुझे तो यहाँ कहीं कोई परमेश्वर नहीं दिखाई दे रहा?" पहले ने कहा, "महोदय, आप ज़रा अपनी आँखें बन्द कीजिए, मैं अभी यहीं आपको परमेश्वर का आभास करवाए देता हूँ।" दूसरे ने जैसे ही आँखें बन्द करीं, पहले ने कसकर उसके मूँह पर एक तमाचा मार दिया। पहला भिन्ना कर बोला, "यह क्या किया?" दूसरे ने बड़े भोलेपन से पूछा, "क्यों, क्या हुआ?" पहला बोला, "आपने मुझे तमाचा मारा।" पहले ने फिर प्रश्न किया, "क्या आपने देखा कि मैंने तमाचा मारा है?" दूसरे ने झल्लाकर कहा, "देखा नहीं तो क्या हुआ, अनुभव तो किया; अभी भी तेज़ दर्द हो रहा है।" पहले ने कहा, "महोदय बस यही बात आपको समझानी थी, परमेश्वर चाहे दिखाई न भी दे, हम उसे महसूस अवश्य कर सकते हैं। ऐसा कोई स्थान नहीं है जहाँ परमेश्वर उपस्थित न हो।"

परमेश्वर के सर्वविद्यमान होने का गुण एक मसीही विश्वासी के लिए आशा और प्रोत्साहन का स्त्रोत है। बहुत साल पहले प्रचारक थोमस चाल्मर्स ने लिखा, "जब मैं मार्ग पर चल रहा होता हूँ, तो परमेश्वर मेरे साथ चल रहा होता है। अगर मैं मित्र मंडली में आकर उस की उपस्थिति को भूल भी जाता हूँ, तब भी वह मुझे छोड़ नहीं देता। रात्रि के पलों में जब मेरी आँखें बन्द होती हैं और मेरी आत्मा बेसुध होती है, तब भी उसकी कभी न ऊँघने वाली निगाहें मुझ पर बनी रहती हैं। मैं चाहे जहाँ चला जाऊँ, मैं उसकी उपस्थिति से दूर नहीं हो सकता। वह सदा मेरा मार्गदर्शन करता है, मेरी देखभाल करता है, मेरी रक्षा करता है।"

हम मसीही विश्वासीयों के लिए यह निश्चित है कि हम कहीं भी जाएं, परमेश्वर सदैव हमारे साथ चलता है, हमारी अगुवाई करता है, हमारी सहायता करता है, हमें सांत्वना देता है और आशीष देता है। हम इस बात में निश्चित और सन्तुष्ट रह सकते हैं कि चाहे अन्देखा हो, परन्तु परमेश्वर सदा हमारे साथ है। - डेव एग्नर


प्रश्न यह नहीं है कि "परमेश्वर कहाँ है?" वरन प्रश्न यह है कि "परमेश्वर कहाँ नहीं है?"

यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं ऐसा परमेश्वर हूँ, जो दूर नहीं, निकट ही रहता हूँ? फिर यहोवा की यह वाणी है, क्या कोई ऐसे गुप्त स्थानों में छिप सकता है, कि मैं उसे न देख सकूं? क्या स्वर्ग और पृथ्वी दोनों मुझ से परिपूर्ण नहीं हैं? - यिर्मयाह २३:२३, २४


बाइबल पाठ: भजन १३९:१-१२

Psa 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।
Psa 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
Psa 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है।
Psa 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।
Psa 139:5 तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है।
Psa 139:6 यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है, यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।
Psa 139:7 मैं तेरे आत्मा से भागकर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?
Psa 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है!
Psa 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़कर समुद्र के पार जा बसूं,
Psa 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
Psa 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
Psa 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी, क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।

एक साल में बाइबल:
  • २ इतिहास ३०-३१
  • यूहन्ना १८:१-१८

मंगलवार, 7 जून 2011

अनुग्रह की भुजाएं

एक स्त्री जो बहुत कठिन परिस्थितियों से होकर निकल रही थी प्रचारक हिनसन के पास आयी और अपनी परेशानी बताकर कहने लगी कि, "मुझे बड़ा डर है कि मैं कहीं गिर न पड़ूँ।" प्रचारक हिनसन ने उससे कहा, "अच्छा, तो फिर आप गिर क्यों नहीं जातीं?" स्त्री ने पूछा, "यदि मैं गिरी तो कहाँ जाऊंगी?" प्रचारक ने सरल भाव से उत्तर दिया, "आप परमेश्वर की अनन्त बाहों में गिरेंगी। वह सदा अपनी बाहें अपने बच्चों के नीचे फैलाए रहता है, और मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि यदि आप उसकी बाहों में गिरेंगे तो यह तय है कि फिर उन बाहों के घेरे के बाहर कहीं नहीं गिर सकते।"

जब मैं व्यवस्थाविवरण ३३ पढ़ रहा था तो मुझे एडा हैबरशौअन द्वारा लिखा एक पुराना भजन स्मरण आया, "जब मुझे भय हो कि मैं गिर जाऊँगी, तब मसीह मुझे थाम लेगा; जब शैतान मुझ पर प्रबल होना चाहे, तब मसीह मुझे थाम लेगा।"

एक मसीही विश्वासी अपने परमेश्वर पिता की कभी न क्षय होने वाली सामर्थ में निशचिंत होकर आश्रय ले सकता है। परमेश्वर हमें अपने इस संरक्षण का निश्च्य याशायाह ४१:१० में देता है, जहाँ वह कहता है कि, "मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा।" हमारे प्रभु यीशु ने हमारे लिए प्रार्थना करी, "हे पवित्र पिता, अपने उस नाम से जो तू ने मुझे दिया है, उन की रक्षा कर, कि वे हमारी नाई एक हों" (युहन्ना १७:११) - और उसकी प्रार्थना का कभी इन्कार नहीं होगा।

हमारे प्रभु ने हमें परमेश्वर पिता के हाथों में सुरक्षित रखे जाने के लिए सौंप दिया है। अब यदि हम लड़खड़ा कर गिरें भी, तौ भी परमेश्वर के अनन्त अनुग्रह की भुजाओं में ही गिरेंगे। - डेव एग्नर


जब हम ऐसी परिस्थिति में पहुँचें जहाँ परमेश्वर के अलावा और कोई रास्ता न हो, तो हम पाएंगे कि परमेश्वर के अलावा हमें किसी और रास्ते की आवश्यक्ता भी नहीं है।

अनादि परमेश्वर तेरा गृहधाम है, और नीचे सनातन भुजाएं हैं। वह शत्रुओं को तेरे साम्हने से निकाल देता, और कहता है, उनको सत्यानाश कर दे। - व्यवस्थाविवरण ३३:२७

बाइबल पाठ: भजन २७:१-६

Psa 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है, मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं?
Psa 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।
Psa 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरूद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरूद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशिचित रहूंगा।
Psa 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा, कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।
Psa 27:5 क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा, अपने तम्बू के गुप्तस्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।
Psa 27:6 अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊंचा होगा और मैं यहोवा के तम्बू में जयजयकार के साथ बलिदान चढ़ाऊंगा और उसका भजन गाऊंगा।

एक साल में बाइबल: २ इतिहास २८-२९ यूहन्ना १७

सोमवार, 6 जून 2011

परमेश्वर - हमारी ढाल

मैं एक अंतरिक्ष संग्रहालय देखने गया, और वहँ रखे उन अंतरिक्ष कैप्सूलों को देखकर अचंभित हुआ जिनमें अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष यात्रा करके वापस आते थे। इन कैप्सूलों पर लगे ताप प्रतिरोधक ढाल की ओर मेरा ध्यान आकर्षित हुआ। विशेष रीति और वस्तुओं से बनाए गए और परत के उपर परत करके लगाए गए ये ताप प्रतिरोधक ही थे जिन्होंने कैप्सूल के अन्दर बैठे अंतरिक्ष यात्रियों को जल कर भस्म होने से बचाए रखा, जब उनका अंतरिक्ष यान पुनः धरती के वायुमण्डल में प्रवेश करके नीचे उतरता था और वायुघर्षण से यान का बाहरी तापमान अत्यंत उच्च हो जाता था। यदि यह रक्षक ढाल न होती तो अंतरिक्ष यात्रा से लौट पाना भी संभव नहीं होता।

लेकिन एक और रक्षक ढाल है जो मुझे इससे भी अधिक आश्चर्य में डालती है - पृथ्वी को घेरे हुए विशाल चुम्बकीय क्षेत्र की ढाल, जिसे वैज्ञानिक हीलियोस्फीयर कहते हैं और जो पृथ्वी और उस पर बसने वाले प्राणियों को अत्याधिक उर्जामय बाह्य अंतरिक्ष से आने वाली किरणों cosmic rays द्वारा होने वाले नुकसान से बचाए रखती है। यदि यह हीलियोस्फीयर की ढाल न हो तो ये किरणें पृथ्वी तक पहुँच जाएं और तब पृथ्वी पर जीवन संभव ही नहीं है।

जब मैं अंतरिक्ष यात्रियों की ताप प्रतिरोधक ढाल और पृथ्वी की हीलियोस्फीयर ढाल के बारे में सोच रहा था तो मुझे एक और ढाल का ध्यान आया, जो हर परिस्थिति के लिए सबसे उत्तम और कारगर ढाल है - स्वयं परमेश्वर। दाउद ने अपने भजन में लिखा, "यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का गढ़ है" (भजन १८:२)। दाउद जानता था कि परमेश्वर ही है जो उसे विरोधी संसार में सुरक्षित रख सकता है, और उसने परमेश्वर की इस अद्भुत सुरक्षा को अपने जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में सदैव अनुभव किया।

दाउद के समान हम भी अपना विश्वास उस जीवते परमेश्वर पर रख सकते हैं और उसकी सुरक्षा को अनुभव कर सकते हैं। चाहे शैतान हमारा कितना भी विरोध करे और संसार हमारा कैसा भी बैरी हो, हमारा प्रभु सदैव हमारा रक्षक बना रहता है। जब कभी हमें परिस्थितियों से घबराहट हो, या यह लगे कि हमारे विरोधी अति प्रबल हैं, तो यह वास्तविकता हमें सांत्वना और शांति देती है कि हमारी सुरक्षा की ढाल, हमारा प्रभु परमेश्वर, संसार या शैतान से कहीं अधिक बलवंत है और उनके द्वारा किये जाने वाले किसी भी प्रहार से हमारी रक्षा भली भांति कर सकता है। - डेव एग्नर


जीवन की आँधियों के विरुद्ध नहीं वरन जीवन की आँधियों में परमेश्वर हमारी सिद्ध सुरक्षा रहता है।

यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का गढ़ है। - भजन १८:२



बाइबल पाठ: भजन १८:१-६

Psa 18:1 हे परमेश्वर, हे मेरे बल, मैं तुझ से प्रेम करता हूं।
Psa 18:2 यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का गढ़ है।
Psa 18:3 मैं यहोवा को जो स्तुति के योग्य है पुकारूंगा, इस प्रकार मैं अपने शत्रुओं से बचाया जाऊंगा।
Psa 18:4 मृत्यु की रस्सियों से मैं चारो ओर से घिर गया हूं, और अधर्म की बाढ़ ने मुझ को भयभीत कर दिया;
Psa 18:5 पाताल की रस्सियां मेरे चारो ओर थीं, और मृत्यु के फन्दे मुझ पर आए थे।
Psa 18:6 अपने संकट में मैं ने यहोवा परमेश्वर को पुकारा, मैं ने अपने परमेश्वर को दोहाई दी। और उस ने अपने मन्दिर में से मेरी बातें सुनी। और मेरी दोहाई उसके पास पहुंचकर उसके कानों में पड़ी।

एक साल में बाइबल:
  • २ इतिहास २५-२७
  • यूहन्ना १६