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शुक्रवार, 9 अगस्त 2013

झुण्ड

   भेड़-पालन में सहायता करने वाले विशेष रीति से प्रशिक्षित कुत्तों के एक प्रशिक्षक ने एक प्रदर्शन के दौरान समझाया कि शिकारी जानवरों द्वारा भेड़ों को शिकार कर लेना बहुत सरल होता है क्योंकि भेड़ों के पास अपनी रक्षा का कोई साधन नहीं होता। केवल एक झुण्ड के रूप में ही वे कुछ सुरक्षित रह सकतीं हैं; एक अकेली पड़ गई भेड़ समझो मरी हुई भेड़ है। इसलिए इन सहायक कुत्तों को प्रशिक्षित किया जाता है कि वे भेड़ों को अलग अलग ना होने दें, उन्हें एक साथ एक सघन झुण्ड में बनाए रखें।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर के लोगों को भेड़ों के समान और परमेश्वर को एक भेड़ों के चरवाहे के रूप में दिखाया गया है। यह हमारे लिए एक सशक्त चित्रण है यह स्मरण रखने का कि हम मसीही विश्वासियों को एक दूसरे के साथ एवं सहयोग की कितनी अधिक आवश्यकता है। भजनकार ने इस्त्राएलियों के मिस्त्र से निकल कर वाचा के देश में जाने के संबंध में लिखा, "परन्तु अपनी प्रजा को भेड़-बकरियों की नाईं प्रस्थान कराया, और जंगल में उनकी अगुवाई पशुओं के झुण्ड की सी की। तब वे उसके चलाने से बेखटके चले और उन को कुछ भय न हुआ, परन्तु उनके शत्रु समुद्र में डूब गए" (भजन 78:52-53)।

   परमेश्वर का झुण्ड होने के कारण, हम मसीही विश्वासी प्रभु यीशु के मार्गदर्शक और सुरक्षित हाथों में हैं और एक दूसरे के सहायक और रक्षक हैं। हमारे प्रभु यीशु से हमें मिली परस्पर संगति, तथा एक दूसरे की चिन्ता और देख-भाल करते रहने की ज़िम्मेदारी हमें एक दूसरे के प्रति जवाबदेह बनाती है। एक दूसरे के साथ बने रहकर और आवश्यकता के समयों में साथ खड़े रहकर ही हम प्रभु द्वारा दी गई इस ज़िम्मेदारी का निर्वाह कर सकते हैं। हमारे दैनिक जीवन और आपसी व्यवहार में हमारा दृष्टिकोण "मैं और मेरा" का नहीं वरन "हम, हमारा और हमारे प्रभु यीशु का" होना अनिवार्य है। जब प्रभु यीशु हमारा चरवाहा और हम एक दूसरे के साथ एक झुण्ड बने रहेंगे तो हमारी सुरक्षा भी बनी रहेगी। - डेविड मैककैसलैंड


परमेश्वर का झुण्ड होने के कारण हम परमेश्वर द्वारा और एक-दूसरे के साथ सुरक्षा पाते हैं।

तू ने मूसा और हारून के द्धारा, अपनी प्रजा की अगुवाई भेड़ों की सी की। - भजन 77:20 

बाइबल पाठ: भजन 77:11-20
Psalms 77:11 मैं याह के बड़े कामों की चर्चा करूंगा; निश्चय मैं तेरे प्राचीन काल वाले अद्भुत कामों को स्मरण करूंगा।
Psalms 77:12 मैं तेरे सब कामों पर ध्यान करूंगा, और तेरे बड़े कामों को सोचूंगा।
Psalms 77:13 हे परमेश्वर तेरी गति पवित्रता की है। कौन सा देवता परमेश्वर के तुल्य बड़ा है?
Psalms 77:14 अद्भुत काम करने वाला ईश्वर तू ही है, तू ने अपने देश देश के लोगों पर अपनी शक्ति प्रगट की है।
Psalms 77:15 तू ने अपने भुजबल से अपनी प्रजा, याकूब और यूसुफ के वंश को छुड़ा लिया है। (सेला)
Psalms 77:16 हे परमेश्वर समुद्र ने तुझे देखा, समुद्र तुझे देख कर ड़र गया, गहिरा सागर भी कांप उठा।
Psalms 77:17 मेघों से बड़ी वर्षा हुई; आकाश से शब्द हुआ; फिर तेरे तीर इधर उधर चले।
Psalms 77:18 बवण्डर में तेरे गरजने का शब्द सुन पड़ा था; जगत बिजली से प्रकाशित हुआ; पृथ्वी कांपी और हिल गई।
Psalms 77:19 तेरे मार्ग समुद्र में है, और तेरा रास्ता गहिरे जल में हुआ; और तेरे पांवों के चिन्ह मालूम नहीं होते।
Psalms 77:20 तू ने मूसा और हारून के द्धारा, अपनी प्रजा की अगुवाई भेड़ों की सी की।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 77-78 
  • रोमियों 10


गुरुवार, 8 अगस्त 2013

प्रेम

   मेरा एक अच्छा मित्र है जिसके साथ मैं कभी कभी मछली पकड़ने चला जाता हूँ। मेरा यह मित्र बहुत विचारशील भी है। जब भी हम मछली पकड़ने जाते हैं, नदी पर पहुँच कर वह पानी में खड़े होने के अपने जूते और कपड़े पहन कर अपनी गाड़ी के पिछले भाग पर बैठ जाता है और लगभग 15 मिनिट या और भी अधिक समय तक पानी की बारीकी से जाँच करता रहता है यह जानने के लिए कि मछलियाँ कहाँ पर उछल रही हैं। उसका कहना और मानना है कि "जहाँ मछलियाँ हैं ही नहीं वहाँ बंसी डालने से क्या फायदा?" उसके इस दृष्टिकोण से मैं एक और बात के बारे में सोचने को बाध्य हुआ - "क्या मैं प्रभु यीशु के लिए वहाँ आत्माएं ढ़ूँढ़ता हूँ जहाँ वे हैं ही नहीं?"

   प्रभु यीशु के लिए कहा जाता था कि वह "...चुंगी लेने वालों का और पापियों का मित्र" (लूका 7:34)। प्रभु यीशु के अनुयायी और मसीही विश्वासी होने के नाते हमें अपने व्यवहार में संसार से पृथक लेकिन फिर भी संसार में विद्यमान जीवन बिताना है, जैसा हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता ने किया। इसलिए हमें अपने आप से यह प्रश्न भी पूछना होगा, "क्या प्रभु यीशु के समान ही मेरे मित्रगणों में भी अविश्वासी और सांसारिक लोग हैं? यदि हम केवल मसीही विश्वासियों ही में अपनी मित्र मण्डली बनाते हैं तो हम भी प्रभु के लिए आत्माएं वहाँ खोजने वाले होंगे जहाँ वे हैं ही नहीं।"

   यदि प्रभु यीशु के निकट आत्माओं को लाना है तो अविश्वासियों के साथ रहना इस दिशा में पहला कदम है। इसके पश्चात आता है प्रेम - एक सच्चा और खरा प्रेम जो उनसे उनकी कमियों, खामियों और सांसारिक व्यवहार के बावजूद बना रहता है; जो उनका आलोचक अथवा निन्दक नहीं वरन सहायक होता है। एक ऐसा प्रेम जो उनके बाहरी व्यवहार के नीचे छिपी प्यासी आत्मा की आवाज़ को सुनता है और उस प्यास को बुझाने के लिए जीवन का जल उन्हें देता है - जैसा प्रभु यीशु ने किया। पास्टर जॉर्ज हर्बर्ट (1593-1633) ने इस प्रकार की मित्रता के संबंध में कहा था, "ऐसे मित्र भाव में बहुत उपदेश और शिक्षा होती है।"

   ऐसा सच्चा और खरा प्रेम करना एक सामान्य मानवीय प्रवृति नहीं है, यह सामर्थ केवल परमेश्वर से ही मिलती है। इसलिए हम मसीही विश्वासियों की प्रार्थना रहनी चाहिए: "प्रभु, आज जब मैं अविश्वासियों के साथ रहूँ तो मैं अपनी व्यस्तता में उन्हें नज़रंदाज़ ना करूँ, वरन उनकी आवश्यकताएं और प्यासी आत्मा की आवाज़ के प्रति संवेदनशील रह सकूँ। मैं भी उनके प्रति वैसा ही प्रेम रख सकूँ जैसा आपने रखा, उन्हें वैसी ही अनुकंपा दिखा सकूँ जैसी आपने दिखाई और आपके वचन के जीवन दायक सत्य और शांति को उन के साथ बाँट सकूँ।" - डेविड रोपर


हम प्रभु यीशु के प्रेम और सत्य को संसार में प्रवाहित करने वाली धारा होने के लिए बुलाए गए हैं, उन गुणों को अपने में सीमित रख लेने वाले कुँड होने के लिए नहीं।

फिर किसी फरीसी ने उस से बिनती की, कि मेरे साथ भोजन कर; सो वह उस फरीसी के घर में जा कर भोजन करने बैठा। - लूका 7:36

बाइबल पाठ: लूका 7:34-48
Luke 7:34 मनुष्य का पुत्र खाता-पीता आया है; और तुम कहते हो, देखो, पेटू और पियक्‍कड़ मनुष्य, चुंगी लेने वालों का और पापियों का मित्र।
Luke 7:35 पर ज्ञान अपनी सब सन्‍तानों से सच्चा ठहराया गया है।
Luke 7:36 फिर किसी फरीसी ने उस से बिनती की, कि मेरे साथ भोजन कर; सो वह उस फरीसी के घर में जा कर भोजन करने बैठा।
Luke 7:37 और देखो, उस नगर की एक पापिनी स्त्री यह जानकर कि वह फरीसी के घर में भोजन करने बैठा है, संगमरमर के पात्र में इत्र लाई।
Luke 7:38 और उसके पांवों के पास, पीछे खड़ी हो कर, रोती हुई, उसके पांवों को आंसुओं से भिगाने और अपने सिर के बालों से पोंछने लगी और उसके पांव बारबार चूमकर उन पर इत्र मला।
Luke 7:39 यह देखकर, वह फरीसी जिसने उसे बुलाया था, अपने मन में सोचने लगा, यदि यह भविष्यद्वक्ता होता तो जान लेता, कि यह जो उसे छू रही है, वह कौन और कैसी स्त्री है? क्योंकि वह तो पापिनी है।
Luke 7:40 यह सुन यीशु ने उसके उत्तर में कहा; कि हे शमौन मुझे तुझ से कुछ कहना है वह बोला, हे गुरू कह।
Luke 7:41 किसी महाजन के दो देनदार थे, एक पांच सौ, और दूसरा पचास दीनार धारता था।
Luke 7:42 जब कि उन के पास पटाने को कुछ न रहा, तो उसने दोनों को क्षमा कर दिया: सो उन में से कौन उस से अधिक प्रेम रखेगा।
Luke 7:43 शमौन ने उत्तर दिया, मेरी समझ में वह, जिस का उसने अधिक छोड़ दिया: उसने उस से कहा, तू ने ठीक विचार किया है।
Luke 7:44 और उस स्त्री की ओर फिरकर उसने शमौन से कहा; क्या तू इस स्त्री को देखता है मैं तेरे घर में आया परन्तु तू ने मेरे पांव धाने के लिये पानी न दिया, पर इस ने मेरे पांव आंसुओं से भिगाए, और अपने बालों से पोंछा!
Luke 7:45 तू ने मुझे चूमा न दिया, पर जब से मैं आया हूं तब से इस ने मेरे पांवों का चूमना न छोड़ा।
Luke 7:46 तू ने मेरे सिर पर तेल नहीं मला; पर इस ने मेरे पांवों पर इत्र मला है।
Luke 7:47 इसलिये मैं तुझ से कहता हूं; कि इस के पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्योंकि इस ने बहुत प्रेम किया; पर जिस का थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है।
Luke 7:48 और उसने स्त्री से कहा, तेरे पाप क्षमा हुए।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 74-76 
  • रोमियों 9:16-33


बुधवार, 7 अगस्त 2013

सुरक्षा कवच

   चर्च के एक कार्यक्रम में एक बच्चा बाइबल के पद उद्धृरित कर रहा था, और मैं शीघ्र ही समझ गई कि उसे बाइबल के बारे में जानकारी नहीं थी। बाइबल के जिस खंड को वह उद्धृरित कर रहा था वह था इफिसियों 6:17 "और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो"।

   जब उस से इस वाक्य का हवाला पूछा गया तो उसका उत्तर था, "मैंने सोचा वह संख्या, 6:17, जो वाक्य के अन्त में लिखी है वह समय बताया गया है, क्योंकि मैं जब इसे याद कर रहा था तो लगभग यही समय था!" मैं उसकी बात सुनकर मुसकुराई, फिर मैंने अपनी बाइबल निकाली और उसे वह खण्ड निकालकर दिखाया और समझाया कि संख्या अध्याय और पद को इंगित करती है।

   बाइबल के कुछ हवाले जानना अच्छा है लेकिन परमेश्वर के वचन बाइबल को अपने हृदय में छिपा लेना वास्तव में आवश्यक है (भजन 119:11)। परमेश्वर के वचन को स्मरण रखने और मन में बसा लेने का सबसे बड़ा लाभ है कि उससे हम शैतान द्वारा हम पर किए जा रहे हमलों से बचाव कर सकते हैं (इफिसियों 6:10-18)। उदाहरणस्वरूप जब शैतान ने प्रभु यीशु की परीक्षा करी तब प्रभु यीशु ने परमेश्वर के वचन का हवाला देकर ही उसका सामना किया और उसे पराजित किया (मत्ती 4:1-11)। इसी प्रकार जब भी हम परमेश्वर के प्रति अनाज्ञाकारी होने के लिए शैतान द्वारा उकसाए जाते हैं तो हम अपने मन में बसे, उस परिस्थिति से संबंधित परमेश्वर के वचन के भाग और शिक्षाओं को स्मरण करके अनाज्ञाकारी होने से बच सकते हैं। यही नहीं, जो वचन हमने स्मरण कर रखा है, उसे आधार बनाकर हम परमेश्वर के वचन की शिक्षाओं को दूसरों के साथ भी बाँट सकते हैं।

   परमेश्वर ने अपना वचन हमें इसीलिए दिया है कि आवश्यकतानुसार वह हमारा मार्गदर्शन और सहायता करे, एक सुरक्षा कवच के समान हमारी रक्षा करे। परमेश्वर के वचन बाइबल को ना केवल अपने मन में बसा लें वरन एक सुरक्षा कवच के समान उसे धारण भी कर लें। - ऐनी सेटास


कोई बुराई परमेश्वर के वचन रूपी सुरक्षा कवच को कभी भेद नहीं सकती है।

जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन के अनुसार सावधान रहने से। मैं पूरे मन से तेरी खोज मे लगा हूं; मुझे तेरी आज्ञाओं की बाट से भटकने न दे! मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं। - भजन 119:9-11

बाइबल पाठ: इफिसियों 6:10-18
Ephesians 6:10 निदान, प्रभु में और उस की शक्ति के प्रभाव में बलवन्‍त बनो।
Ephesians 6:11 परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो; कि तुम शैतान की युक्तियों के साम्हने खड़े रह सको।
Ephesians 6:12 क्योंकि हमारा यह मल्लयुद्ध, लोहू और मांस से नहीं, परन्तु प्रधानों से और अधिकारियों से, और इस संसार के अन्धकार के हाकिमों से, और उस दुष्‍टता की आत्मिक सेनाओं से है जो आकाश में हैं।
Ephesians 6:13 इसलिये परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो, कि तुम बुरे दिन में साम्हना कर सको, और सब कुछ पूरा कर के स्थिर रह सको।
Ephesians 6:14 सो सत्य से अपनी कमर कसकर, और धार्मिकता की झिलम पहिन कर।
Ephesians 6:15 और पांवों में मेल के सुसमाचार की तैयारी के जूते पहिन कर।
Ephesians 6:16 और उन सब के साथ विश्वास की ढाल ले कर स्थिर रहो जिस से तुम उस दुष्‍ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको।
Ephesians 6:17 और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो।
Ephesians 6:18 और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 72-73 
  • रोमियों 9:1-15


मंगलवार, 6 अगस्त 2013

अनपेक्षित असुविधा

   टोनी वह ढूँढ रही थी जो वास्तव में खोया नहीं था, इस प्रयास में उसने वह पाया जिसे वह ढूँढ तो नहीं रही थी लेकिन जिसकी उसे आवश्यकता थी और परिणामस्वरूप कुछ लोगों को एक ऐसा अनपेक्षित आत्मिक उल्लास और उत्थान मिल गया, जिसकी उन्हें अत्यंत आवश्यकता तो थी परन्तु पता नहीं था कि कैसे पाएं।

   नशीले पदार्थों के आदि लोगों के सुधार और पुनर्वासन के एक क्लीनिक में टोनी बाइबल अध्ययन चलाती है। वह अपने पति का खोया हुआ ड्राइविंग लाईसेंस खोज रही थी, और इस प्रयास में जिन जिन स्थानों पर उसके पति पिछले दिन में होकर आए थे वहाँ वहाँ जाकर पूछताछ कर रही; उन में से एक स्थान था एक अस्पताल। जब वह अस्पताल पहुँची तो उसे ड्राइविंग लाईसेंस तो नहीं मिला, लेकिन वहाँ उसकी मुलाकात एक मसीही स्कूली बच्चों की संगीत मण्डली से हो गई, जो अस्पताल के रोगियों के लिए मसीही गीत संगीत प्रस्तुत कर रहे थे। उनके कार्यक्रम से टोनी बहुत प्रभावित हुई और उसने उस संगीत मण्डली के संचालक से पूछा कि क्या वे लोग उसके बाइबल अध्ययन में आने वाले लोगों के लिए भी ऐसा ही एक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सकेंगे। संचालक ने इस के लिए अपनी सहमति व्यक्त करी और वह संगीत मण्डली टोनी के बाइबल अध्ययन समूह के लिए कार्यक्रम प्रस्तुत करने आई जिससे बहुत से लोगों ने पहले गीत-संगीत और फिर वार्तालाप द्वारा परमेश्वर के प्रेम, जीवन में नई आशा और अनन्त आनन्द का संदेश सुना और अपने जीवन संवारने के प्रयासों में लगे कई लोगों को अभूतपूर्व प्रेरणा और मार्गदर्शन मिला।

   और वह ड्राइविंग लाईसेंस - जब उस दिन टोनी अस्पताल से वापस घर लौटी तो उसे वह लाईसेंस उसे वहीं एक कुर्सी पर पड़ा हुआ मिल गया। स्पष्टतया, उस दिन उसके लाईसेंस ढूँढने बाहर जाने का एक ही प्रयोजन था - परमेश्वर चाहता था कि वह उन बच्चों से मिले जो फिर नशीले पदार्थों के सेवन से बिगड़े हुए जीवनों को संवारने में योगदान देने वाले हो सकें!

   जब परमेश्वर हमारा मार्गदर्शन करता है (नीतिवचन 16:9) तो अनेक बार वह ऐसी रीति से करता है जो हमारे सोच-विचार और कल्पना से भी परे है। वह हमारी असुविधाओं के द्वारा भी हमारी भलाई और अपने नाम की महिमा करवा सकता है। अगली बार जब आप किसी अनपेक्षित असुविधा में पड़ें और कुछ भी समझ ना आ रहा हो तो अपनी सोच को केवल अपने तक ही सीमित ना रखें वरन इस बात पर भी ध्यान दें कि कहीं परमेश्वर आपके द्वारा किसी अन्य के अथवा स्वयं आपके जीवन में भी कोई भला कार्य तो नहीं करवा रहा है! - डेव ब्रैनन


परमेश्वर पर्दे के पीछे तो रहता है लेकिन पर्दे के आगे की हर बात को नियंत्रित करता रहता है।

मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है। - नीतिवचन 16:9

बाइबल पाठ: नीतिवचन 16:1-9
Proverbs 16:1 मन की युक्ति मनुष्य के वश में रहती है, परन्तु मुंह से कहना यहोवा की ओर से होता है।
Proverbs 16:2 मनुष्य का सारा चाल चलन अपनी दृष्टि में पवित्र ठहरता है, परन्तु यहोवा मन को तौलता है।
Proverbs 16:3 अपने कामों को यहोवा पर डाल दे, इस से तेरी कल्पनाएं सिद्ध होंगी।
Proverbs 16:4 यहोवा ने सब वस्तुएं विशेष उद्देश्य के लिये बनाईं हैं, वरन दुष्ट को भी विपत्ति भोगने के लिये बनाया है।
Proverbs 16:5 सब मन के घमण्डियों से यहोवा घृणा करता है करता है; मैं दृढ़ता से कहता हूं, ऐसे लोग निर्दोष न ठहरेंगे।
Proverbs 16:6 अधर्म का प्रायश्चित कृपा, और सच्चाई से होता है, और यहोवा के भय मानने के द्वारा मनुष्य बुराई करने से बच जाते हैं।
Proverbs 16:7 जब किसी का चाल चलन यहोवा को भावता है, तब वह उसके शत्रुओं का भी उस से मेल कराता है।
Proverbs 16:8 अन्याय के बड़े लाभ से, न्याय से थोड़ा ही प्राप्त करना उत्तम है।
Proverbs 16:9 मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 70-71 
  • रोमियों 8:22-39


सोमवार, 5 अगस्त 2013

कठिन विदाई

   जब हमारे सबसे छोटे बेटे मार्क ने फौज में भर्ती ली तो हम जान गए कि अब हमारे आगे चुनौतियाँ रखी हैं। हम यह जानते थे कि अब उसे खतरों का अकेले ही सामना करना पड़ेगा और उसकी शारीरिक, आत्मिक और भावनात्मक क्षमताओं की भरपूर परीक्षा होगी। हम यह भी समझ रहे थे कि अब से हमारा घर वैसा ही उसका घर नहीं रहेगा जैसा अब तक हुआ करता था। मार्क के फौज में जाने के दिन और संबंधित चुनौतियों के लिए मैं और मेरी पत्नि अपने आप को दृढ़ करते रहे।

   फिर वह दिन आया जब मार्क को भर्ती कार्यालय पहुँचना था। हम वहाँ पहुँचे, एक दूसरे से गले मिले, एक दूसरे से विदाई का चुंबन और आलिंगन किया और फिर वह उस कार्यालय में जीवन का नया अध्याय आरंभ करने के लिए चला गया। यह वह पल था जिसके लिए मैं इतनी तैयारी के बावजूद पूरी तरह तैयार नहीं था। उस क्षण विदाई की वह पीड़ा असहनीय थी; मुझे स्मरण नहीं कि जितना मैं उस दिन रोया उतना इससे पहले कभी रोया था। वह कठिन विदाई, उस प्रीय जन से विछोह ने मेरे हृदय को छेद दिया था। लेकिन साथ ही मैंने परमेश्वर की अद्भुत शांति भी अपने जीवन में अनुभव करी जो मुझे मेरे अकेलेपन से बाहर निकाल लाई।

   जब ऐसे पल आते हैं तो मैं धन्यवादी होता हूँ कि मेरा एक ऐसा परमेश्वर पिता है जो अपने प्रीय पुत्र से अलग होने के दुख को स्वयं अपने अनुभव से जानता है। मैं धन्यवादी होता हूँ कि मेरा एक ऐसा परमेश्वर पिता है जो  "...अनाथों का पिता और विधवाओं का न्यायी" (भजन 68:5) कहलाता है। मुझे विश्वास है और मैंने अनुभव से जाना है कि वह परमेश्वर जो विधवाओं और अनाथों की सुधि रखता है वह मेरी भी सुधि रखता है और मेरे अकेलेपन, कठिनाईयों, संघर्षों और कठिन विदाई के समयों में भी मुझे सांत्वना देता है, मेरी देखभाल करता है।

   जीवन में ऐसे समय कभी भी अनायास ही आ सकते हैं, और आते रहते हैं, कठिन विदाई के समय भी। क्या आप उन अकेलेपन के समयों में मेरे समान ही परमेश्वर की सांत्वना और शांति का अनुभव करना चाहेंगे? अपना जीवन प्रभु यीशु के हाथों में सौंप दीजिए, वह सदा आपके साथ बना रहेगा, आपको शांति और सामर्थ देता रहेगा। - बिल क्राउडर


अकेलापन तब ही सताता है जब हम सदा हमारे साथ बने रहने वाले प्रभु यीशु को भूल जाते हैं।

परमेश्वर अपने पवित्र धाम में, अनाथों का पिता और विधवाओं का न्यायी है। - भजन 68:5

बाइबल पाठ:  भजन 68:1-10
Psalms 68:1 परमेश्वर उठे, उसके शत्रु तित्तर बितर हों; और उसके बैरी उसके साम्हने से भाग जाएं।
Psalms 68:2 जैसे धुआं उड़ जाता है, वैसे ही तू उन को उड़ा दे; जैसे मोम आग की आंच से पिघल जाता है, वैसे ही दुष्ट लोग परमेश्वर की उपस्थिति से नाश हों।
Psalms 68:3 परन्तु धर्मी आनन्दित हों; वे परमेश्वर के साम्हने प्रफुल्लित हों; वे आनन्द से मगन हों!
Psalms 68:4 परमेश्वर का गीत गाओ, उसके नाम का भजन गाओ; जो निर्जल देशों में सवार हो कर चलता है, उसके लिये सड़क बनाओ; उसका नाम याह है, इसलिये तुम उसके साम्हने प्रफुल्लित हो!
Psalms 68:5 परमेश्वर अपने पवित्र धाम में, अनाथों का पिता और विधवाओं का न्यायी है।
Psalms 68:6 परमेश्वर अनाथों का घर बसाता है; और बन्धुओं को छुड़ाकर भाग्यवान करता है; परन्तु हठीलों को सूखी भूमि पर रहना पड़ता है।
Psalms 68:7 हे परमेश्वर, जब तू अपनी प्रजा के आगे आगे चलता था, जब तू निर्जल भूमि में सेना समेत चला,
Psalms 68:8 तब पृथ्वी कांप उठी, और आकाश भी परमेश्वर के साम्हने टपकने लगा, उधर सीनै पर्वत परमेश्वर, हां इस्राएल के परमेश्वर के साम्हने कांप उठा।
Psalms 68:9 हे परमेश्वर, तू ने बहुत से वरदान बरसाए; तेरा निज भाग तो बहुत सूखा था, परन्तु तू ने उसको हरा भरा किया है;
Psalms 68:10 तेरा झुण्ड उस में बसने लगा; हे परमेश्वर तू ने अपनी भलाई से दीन जन के लिये तैयारी की है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 68-69 
  • रोमियों 8:1-21


रविवार, 4 अगस्त 2013

बाँटने के योग्य

   बहुत से लोगों को दूसरों के साथ उन पुस्तकों या लेखों को बाँटने से आनन्द मिलता है जिन के द्वारा उनके जीवनों पर प्रभाव आया और उनका जीवन संवर सका। ऐसे ही एक व्यवसायी हैं जैरी मैकमॉरिस जिन्होंने 50 वर्ष पूर्व, जब वे कौलरडो विश्वविद्यालय में छात्र थे तब एक व्यावसायिक खबरों वाला अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल पढ़ना आरंभ किया था। वे अपने विश्वविद्यालय और इस व्यावासयिक अखबार से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने विश्वविद्यालय के सैंकड़ों छात्रों के लिए इस अखबार का ग्राहकी शुल्क भरकर इसे नियमित रूप से उन्हें मिलते रहने की भेंट दी। जैरी मैकमॉरिस ने एक अन्य अखबार कोलरैडो स्प्रिंग्स गज़ेट को एक साक्षात्कार में बताया: "उस अखबार ने सदा ही मुझे व्यावासायिक जगत में हो रही बातों की अच्छी जानकारी दी है, और अपने व्यावासयिक दिन का आरंभ उसे पढ़ने के द्वारा करना मेरे लिए एक आदत बन चुका है। उस अखबार के द्वारा व्यवसायिक-संसार की वास्तविक और महत्वपूर्ण बातें छात्रों को सहजता से पहुँचती रहती हैं।"

   इस व्यवसायी जैरी मैकमॉरिस के समान ही प्रभु यीशु के अनुयायीयों को भी प्रभु यीशु के वचन दूसरों के साथ बाँटने में आनन्द मिलता है क्योंकि उन्होंने उन वचनों की जीवन बदलने और सुधारने वाली सच्चाई व्यक्तिगत रीति से अनुभव करी है। परमेश्वर के इस जीवत वचन बाइबल को दूसरों के साथ बाँटने के लिए लोग अनेक प्रकार से योगदान देते हैं - कुछ उसके भिन्न भाषाओं में अनुवाद में सहायता करते हैं, कुछ उसके छपने में सहायता करते हैं या फिर वितरण करने में योगदान करते हैं। कुछ अन्य लोगों को अपने साथ आकर वचन का अध्ययन करने का निमंत्रण देते हैं। परमेश्वर के वचन की सच्चाईयों को अन्य लोगों तक पहुँचाने के अनेक मार्ग हैं जिससे सच्चाई, प्रेरणा और सहायता के लिए प्यासे लोगों तक यह जीवनदायी वचन पहुँच सके। परमेश्वर के वचन को भिन्न रीतियों से दूसरों तक पहुँचाने वाले सब लोगों का लक्ष्य एक ही है, जो लाभ और सामर्थ उन्होंने प्रभु यीशु को अपना उद्धारकर्ता मानकर उसे जीवन समर्पित करने के द्वारा पाया है उसे दूसरों के लाभ के लिए उन तक पहुँचाना जिससे वे भी सच्चा मार्गदर्शन पा सकें। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा है, "यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं" (भजन 19:7)।

   सच्चे जीवते परमेश्वर का यह खरा और जीवता वचन जो जीवन बदलने और संवारने की सामर्थ रखता है और प्रत्येक विश्वास करने वाले का हर परिस्थिति में सही मार्गदर्शन करता है और बुराई से उसकी रक्षा करता है, वास्तव में बहुतायत से बाँटने के योग्य है। - डेविड मैककैसलैंड


बाइबल: अपने मस्तिष्क में इसे जानें, अपने मन में इसे बसा लें, अपने जीवन में इसे प्रदर्शित करें और संसार में इसे फैलाएं।

वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। - भजन 19:10

बाइबल पाठ: भजन 19:7-14
Psalms 19:7 यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं;
Psalms 19:8 यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है;
Psalms 19:9 यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं।
Psalms 19:10 वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं।
Psalms 19:11 और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है।
Psalms 19:12 अपनी भूलचूक को कौन समझ सकता है? मेरे गुप्त पापों से तू मुझे पवित्र कर।
Psalms 19:13 तू अपने दास को ढिठाई के पापों से भी बचाए रख; वह मुझ पर प्रभुता करने न पाएं! तब मैं सिद्ध हो जाऊंगा, और बड़े अपराधों से बचा रहूंगा।
Psalms 19:14 मेरे मुंह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करने वाले!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 66-67 
  • रोमियों 7


शनिवार, 3 अगस्त 2013

प्रार्थना

   कभी कभी मैं अपनी प्रार्थनाओं से शर्मिंदा होती हूँ। बहुत बार मैं अपने आप को प्रार्थना में बुद्धिहीन और व्यर्थ वाक्यांशों का प्रयोग करते हुए पाती हूँ, ना कि परमेश्वर पिता के साथ एक सार्थक और विचारपूर्ण संवाद करते हुए। ऐसा ही एक व्यर्थ वाक्यांश है, "प्रभु, मेरे साथ बने रहिए" जिसका बुद्धिहीनता के साथ प्रयोग संभवतः परमेश्वर पिता को भी नहीं भाता होगा, क्योंकि मेरे माँगने से पहले ही उसने अपने जीवते वचन के द्वारा मुझे और अन्य सभी मसीही विश्वासियों को बारंबार यह आशवासन दिया है कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा और कभी नहीं त्यागेगा।

   परमेश्वर ने यह प्रतिज्ञा यहोशु को दी जब मूसा के देहांत के बाद यहोशु को इस्त्राएलियों का नेतृत्व करके उन्हें वाचा के देश में ले जाकर बसाना था, और वह इस बड़ी जिम्मेदारी से घबरा रहा था (यहोशु 1:5)। नए नियम में आकर इब्रानियों की पत्री के लेखक ने इस प्रतिज्ञा को सभी मसीही विश्वासियों के लिए लागू बताया: "...क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा" (इब्रानियों 13:5)। यहोशु और इब्रानियों, दोनों ही स्थानों पर परमेश्वर ने जब यह प्रतिज्ञा बान्धी तो संदर्भ बताता है कि परमेश्वर ने ऐसा अपने लोगों द्वारा उसकी इच्छा और आज्ञापूर्ति के समयों में साथ बने रहने और उसके द्वारा सौंपे गए कार्य को भलि-भांति पूरा करने की सामर्थ देने के संदर्भ में कहा है। परमेश्वर की यह प्रतिज्ञा लोगों के मन-मानी करने और उस मन-मानी में परमेश्वर के भी उनके साथ बने रहने का आश्वासन नहीं है। जबकि मैं जब प्रार्थना में परमेश्वर से उसकी उपस्थिति अपने साथ माँगती हूँ तो वह अधिकतर मेरी अपनी मन-मानी करने में उसकी सुरक्षा और सहायता उपलब्ध होने के संदर्भ में होती है। एक प्रेमी और धैर्यवान पिता के समान परमेश्वर हमें कभी संसार और शैतान के खतरों में अकेला नहीं छोड़ता, लेकिन वह हमें मन-मानी करने की छूट, या हमारी उस मन-मानी को नज़रंदाज़ करने का आश्वासन भी नहीं देता है।

   संभवतः हम मसीही विश्वासियों के लिए एक बेहतर प्रार्थना कुछ इस प्रकार की होगी: "प्रभु, मैं आपका धन्यवाद करता हूँ मेरे अन्दर वास करने वाली आपकी पवित्र आत्मा के लिए जो मुझे आपके मार्गों में ले चलने और आपकी इच्छा पूरी करने की अगुवाई करने में सक्षम और तत्पर है। प्रभु मुझे सामर्थ दें कि मैं आपकी पवित्र आत्मा के चलाए चलूँ, आपकी इच्छा को पूरी करूँ। ऐसा ना हो कि मैं आपको ऐसे स्थानों पर लेकर जाने वाला बनूँ जहाँ आप जाना नहीं चाहते और ना ही आपकी इच्छापूर्ति की सामर्थ की बजाए आपसे अपनी मन-मर्जी करने की सामर्थ की लालसा रखूँ। मुझे नम्रता के साथ आपका आज्ञाकारी बने रहने वाला बनाएं।"

   जब हम परमेश्वर की इच्छा को पूरा कर रहे होंगे तो हमारे बिना कहे ही वह ना केवल हमारे साथ बना रहेगा, वरन हमें सामर्थ और मार्गदर्शन भी देता रहेगा। यदि हम उसकी इच्छा के अनुसार जीवन व्यतीत नहीं कर रहे हैं तो व्यर्थ प्रार्थनाएं करने की बजाए भला होगा कि हम उससे इस बात के लिए क्षमा माँगें, अपना मार्ग ठीक करें और उसके दिखाए मार्ग पर चलने वाले बनें जिससे उसकी सामर्थ और सहायता हमारे जीवनों में विदित हो। - जूली ऐकैरमैन लिंक


हमारी प्रार्थनाएं व्यर्थ नहीं वरन सदा परमेश्वर की इच्छा के प्रति संवेदनशील और व्यावाहरिक रहें।

तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा। - यहोशु 1:5

बाइबल पाठ: यहोशु 1:1-9
Joshua 1:1 यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा,
Joshua 1:2 मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को अर्थात इस्राएलियों को देता हूं।
Joshua 1:3 उस वचन के अनुसार जो मैं ने मूसा से कहा, अर्थात जिस जिस स्थान पर तुम पांव धरोगे वह सब मैं तुम्हे दे देता हूं।
Joshua 1:4 जंगल और उस लबानोन से ले कर परात महानद तक, और सूर्यास्त की ओर महासमुद्र तक हित्तियों का सारा देश तुम्हारा भाग ठहरेगा।
Joshua 1:5 तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा।
Joshua 1:6 इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा।
Joshua 1:7 इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा।
Joshua 1:8 व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा।
Joshua 1:9 क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 63-65 
  • रोमियों 6