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शुक्रवार, 7 मार्च 2014

चेतावनी


   हम एक ऐसे समाज में रहते हैं जो चेतावनियों से भरा पड़ा है। चाहे दवाई के पत्ते और बोतलें हों अथवा भोजन सामग्री के डिब्बे, सब पर कोई ना कोई चेतावनी लिखी होती है या उन्हें प्रयोग करने की तिथि की चेतावनी दी हुई होती है। घरेलु काम-काज के सामान पर भी चेतावनी का सूचक लगा होता है, मैंने बिजली से चलने वाली लकड़ी काटने की आरी देखी जिस पर लेबल लगा था कि उसका प्रयोग सावधानी से करें क्योंकि वह खतरनाक हो सकती है! हाल ही में मुझे उपहार का एक डिब्बा मिला जिस के अन्दर कुछ बहुमूल्य रखा था, और भेजने वाले ने एक बड़ा सा लाल रंग का लेबल डिब्बे पर लगा रखा था जिस पर लिखा था "नाज़ुक है: सावधानी बरतें!" 

   जब मैं जीवन और जीवन की अनिश्चितता के बारे में सोचता हूँ तो मुझे लगता है कि ऐसा ही एक बड़ा सा "नाज़ुक है: सावधानी बरतें" वाला लेबल हम सब को भी अपने ऊपर लगाए रखना चाहिए। हमारे डॉक्टर द्वारा कही एक बात कि हमें कोई खतरनाक बिमारी है, हमारे सामने चल रही गाड़ी के चालक की एक लापरवाही, चलते चलते पाँव का अनायस ही फिसलना या ठोकर लगना, या ऐसी ही कोई अन्य घटना अचानक ही हमें एक विकट परिस्थिति में ला कर खड़ा कर सकती है। जीवन अनिश्चितताओं से भरा है, किसी बात की कोई गारंटी नहीं है, हम अपनी अगली सांस के लिए भी पूर्णतयाः निश्चित नहीं है। इसलिए यह विचार रखकर जीवन व्यतीत करना कि हम अजेय हैं और हमें कभी कुछ नहीं होगा मूर्खता है, क्योंकि अगला ही पल प्रगट कर सकता है कि वास्तव में हम कितने नाज़ुक हैं।

   इसी लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने हमें एक प्रकार से चेतावनी देते हुए परमेश्वर से प्रार्थना के रूप में लिखा है, "हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं" (भजन 90:12)। हमें जीवन का हर पल ऐसे जीना चाहिए कि मानों यह हमारा आखिरी पल है, और जो तथा जैसा इसमें कमा लेंगे बस वह ही हमारे साथ जाएगा। इसलिए परमेश्वर प्रभु यीशु से अपने पापों की क्षमा माँगते तथा उसे जीवन समर्पित करते हुए, हम दूसरों से जितना प्रेम दिखा सकते हैं दिखाएं; जितना अधिक लोगों को क्षमा कर सकते हैं करें; जितना अधिक दूसरों की सहायतार्थ दे सकते हैं दें; और जितना नम्रता और आदर का व्यवहार एवं संवाद औरों के साथ रख सकते हैं रखें।

   ऐसा जीवन ही उस चेतावनी - "नाज़ुक है: सावधानी बरतें" के अनुरूप होगी, उसे सार्थक करेगी तथा हमें आने वाले अनन्त काल के लिए सदैव तैयार रखेगी - वह चाहे जब भी आ जाए; और लेखा देने का वह समय प्रत्येक पर आएगा अवश्य, इसलिए सचेत हों और अभी से ही उसके लिए तैयार हो जाएं। - जो स्टोवैल


बीता कल निकल चुका है और आने वाला कल अनिश्चित है; आज ही वर्तमान और उपलब्ध है, उसका भरसक सदुपयोग करें।

हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं! - भजन 39:4

बाइबल पाठ: भजन 90:1-12
Psalms 90:1 हे प्रभु, तू पीढ़ी से पीढ़ी तक हमारे लिये धाम बना है। 
Psalms 90:2 इस से पहिले कि पहाड़ उत्पन्न हुए, वा तू ने पृथ्वी और जगत की रचना की, वरन अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू ही ईश्वर है।
Psalms 90:3 तू मनुष्य को लौटा कर चूर करता है, और कहता है, कि हे आदमियों, लौट आओ! 
Psalms 90:4 क्योंकि हजार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं, जैसा कल का दिन जो बीत गया, वा रात का एक पहर।
Psalms 90:5 तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़ने वाली घास के समान होते हैं। 
Psalms 90:6 वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक कट कर मुर्झा जाती है।
Psalms 90:7 क्योंकि हम तेरे क्रोध से नाश हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं। 
Psalms 90:8 तू ने हमारे अधर्म के कामों से अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।
Psalms 90:9 क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाईं बिताते हैं। 
Psalms 90:10 हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं। 
Psalms 90:11 तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य तेरे रोष को कौन समझता है? 
Psalms 90:12 हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 1-4


गुरुवार, 6 मार्च 2014

चिंतक


   मेरे निवास प्रांत इडाहो में एक झील है - हेन्री झील। उस झील के पूर्वी तट पर एक स्थान है जो "टप्पर्स होल" अर्थात टप्पर का स्थान कहलाता है। इस स्थान का यह नाम हैरी टप्पर के नाम पर रखा गया है, जो इडाहो में अपने मछली पकड़ने के कौशल के लिए प्रसिद्ध है।

   हैरी के सम्बंध में जो बात मुझे सबसे अधिक याद आती है, उसके हेन्री झील की बड़ी बड़ी ट्राउट मछली पकड़ने के कौशल के अतिरिक्त, वह है उसका पालतु कुत्ता डिंगो - वाह! डिंगो भी क्या कुत्ता था! डिंगो अपने मालिक हैरी के साथ नाव में चुपचाप बैठा हैरी को मछली पकड़ते हुए देखता रहता था। जैसे ही हैरी के काँटे में कोई मछली फंसती, डिंगो उत्साहित होकर ओर ज़ोर से भौंकने लगता जब तक हैरी उस मछली को बाहर निकाल कर, उसमें से काँटे को निकाल कर मछली को वापस पानी में छोड़ नहीं देता था।

   डिंगो के इस उत्साही व्यवहार से मैंने भी शिक्षा ली कि किसी दूसरे के कार्यों से उत्साहित होना अपने कार्यों से उत्साहित होने से भला है। इसलिए जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पियों 2:4 को पढ़ता हूँ तो डिंगो को स्मरण करता हूँ, और अपने आप से प्रश्न करता हूँ: क्या मैं दूसरों के हित के बारे में सोचता हूँ? जब परमेश्वर किसी अन्य के जीवन में अथवा उसके जीवन के द्वारा कुछ कर रहा होता है तो क्या मैं उतना और वैसा ही उत्साहित होता हूँ जैसे कि परमेश्वर द्वारा अपने जीवन में या अपने जीवन के द्वारा किए गए किसी कार्य से होता हूँ? क्या मैं दूसरों को अनुग्रह और सफलता में बढ़ते हुए देखना चाहता हूँ, चाहे उनकी इस बढौतरी में मेरा प्रयास लगा हो?

   यही महानता का पैमाना है, क्योंकि जब हम दूसरों के हित के बारे में विचार तथा चिंता करने में लौलीन होते हैं, तब हम परमेश्वर के स्वभाव की समानता में होते हैं। प्रेरित पौलुस ने कहा: "...पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो" (फिलिप्पियों 2:3)। क्या हम ऐसा जीवन जीते हैं? - डेविड रोपर


परमेश्वर के प्रति वास्तविक प्रेम से भरा हुआ जीवन अन्य लोगों के प्रति प्रेम से भी भरा रहेगा।

कोई अपनी ही भलाई को न ढूंढे, वरन औरों की। - 1 कुरिन्थियों 10:24 

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11
Philippians 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है। 
Philippians 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। 
Philippians 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। 
Philippians 2:4 हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे। 
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। 
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। 
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। 
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली। 
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। 
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। 
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 22-24


बुधवार, 5 मार्च 2014

गवाही


   19वीं शताब्दी के अन्त की ओर के समय अमेरिका में डाल्टन भाईयों का गिरोह अपने अपराधों के लिए कुख्यात था। उन डाल्टन बन्धुओं की शुरुआत तो अच्छी हुई थी - वे कानून के रखवाले अधिकारी थे, लेकिन धीरे धीरे वे अपराध की ओर झुकते चले गए और फिर बैंक तथा ट्रेनों से पैसा लूटने के लिए कुख्यात हो गए। उनके लिए न्याय का समय तब आया जब उन्होंने एक साथ दो बैंकों पर डाका डालना चाहा। उनकी इस करतूत की खबर जैसे ही उस नगर के निवासियों को मिली, उन्होंने अपनी अपनी बन्दूकें उठाईं और डाल्टन बन्धुओं को घेर कर अन्धाधुंध गोलियाँ चलानी आरंभ कर दीं। आखिर जब गोलियों की बौछार थमी और धुँआ छँटा तो केवल एमेट डाल्टन ही जीवित बचा था, बाकी सभी वहीं मारे गए थे।

   जेल में 15 वर्ष बिताने के बाद एमेट डाल्टन को माफी मिली और वह रिहा किया गया। कैदखाने के अपने समय में एमेट ने अपनी दुष्ट करतूतों और अपनी गलतियों को पहचाना, इसलिए स्वतंत्र होने के बाद उसकी इच्छा थी कि वह जवान लोगों को अपराध के जीवन से सचेत और दूर रखे। अपने अनुभवों के आधार पर एमेट ने डाल्टन बन्धुओं पर अपराधी जीवन की भूल को प्रदर्शित करने वाली एक फिल्म की कहानी लिखी, फिल्म बनाई और उसमें अभिनय भी किया। एमेट ने अपनी फिल्म के द्वारा लोगों तक परमेश्वर के वचन बाइबल में से नीतिवचन 4:14 - "दुष्टों की राह में पांव न धरना, और न बुरे लोगों के मार्ग पर चलना" के सत्य को पहुँचाया।

   याकूब ने लिखा है: "तो वह यह जान ले, कि जो कोई किसी भटके हुए पापी को फेर लाएगा, वह एक प्राण को मृत्यु से बचाएगा, और अनेक पापों पर परदा डालेगा" (याकूब 5:20)। एक पश्चतापी तथा परिवर्तित मसीही विश्वासी के जीवन की गवाही बहुत प्रभावी होती है। हम सभी मसीही विश्वासी इस पश्चाताप और परिवर्तन के अनुभव से होकर निकले हैं। हम सब अपने विश्वास से पूर्व के जीवन की दशा और फिर पश्चाताप तथा मसीह यीशु में लाए गए विश्वास द्वारा हुए जीवन के अद्भुत परिवर्तन को भली भांति जानते हैं। हमारी यही गवाही हमें मसीह यीशु के लिए प्रभावी तथा उपयोगी गवाह बना सकती है; हमें केवल अपने व्यक्तिगत अनुभव को ही लोगों के साथ बाँटना है और परमेश्वर का आत्मा हमारी उस गवाही को अपनी महिमा और लोगों के जीवन को परिवर्तित करने के लिए प्रयोग करेगा।

   आज ही से अपने जीवन की गवाही बाँटना आरंभ कर दीजिए, और देखिए कि परमेश्वर उस गवाही के द्वारा कैसे बड़े बड़े काम करता है, आपको कैसा आशीषित करता है। - डेनिस फिशर


जब हम अपनी गलतियों से शिक्षा लेने लगते हैं तो उन्हें दोहराना भी छोड़ देते हैं।

परन्तु उस[यीशु]ने उसे आज्ञा न दी, और उस से कहा, अपने घर जा कर अपने लोगों को बता, कि तुझ पर दया कर के प्रभु ने तेरे लिये कैसे बड़े काम किए हैं। - मरकुस 5:19

बाइबल पाठ: नीतिवचन 4:10-19
Proverbs 4:10 हे मेरे पुत्र, मेरी बातें सुन कर ग्रहण कर, तब तू बहुत वर्ष तक जीवित रहेगा। 
Proverbs 4:11 मैं ने तुझे बुद्धि का मार्ग बताया है; और सीधाई के पथ पर चलाया है। 
Proverbs 4:12 चलने में तुझे रोक टोक न होगी, और चाहे तू दौड़े, तौभी ठोकर न खाएगा। 
Proverbs 4:13 शिक्षा को पकड़े रह, उसे छोड़ न दे; उसकी रक्षा कर, क्योंकि वही तेरा जीवन है। 
Proverbs 4:14 दुष्टों की राह में पांव न धरना, और न बुरे लोगों के मार्ग पर चलना। 
Proverbs 4:15 उसे छोड़ दे, उसके पास से भी न चल, उसके निकट से मुड़ कर आगे बढ़ जा। 
Proverbs 4:16 क्योंकि दुष्ट लोग यदि बुराई न करें, तो उन को नींद नहीं आती; और जब तक वे किसी को ठोकर न खिलाएं, तब तक उन्हें नींद नहीं मिलती। 
Proverbs 4:17 वे तो दुष्टता से कमाई हुई रोटी खाते, और उपद्रव के द्वारा पाया हुआ दाखमधु पीते हैं। 
Proverbs 4:18 परन्तु धर्मियों की चाल उस चमकती हुई ज्योति के समान है, जिसका प्रकाश दोपहर तक अधिक अधिक बढ़ता रहता है। 
Proverbs 4:19 दुष्टों का मार्ग घोर अन्धकारमय है; वे नहीं जानते कि वे किस से ठोकर खाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 19-21


मंगलवार, 4 मार्च 2014

इस ही कमरे में


   हमारे चर्च में हम अकसर रौन और कैरल हैरिस द्वारा लिखित स्तुति गीत In This Very Room (इस ही कमरे में) गाते हैं। इस गीत की आरंभिक पंक्ति है, "इस ही कमरे में मेरे जैसे व्यक्ति के लिए भी पर्याप्त प्रेम है।" यह गीत मुझे स्मरण कराता है कि यद्यपि अन्य मसीही विश्वासियों के साथ आराधना के लिए एकत्रित होने से बहुत प्रोत्साहन मिलता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आराधना के स्थान पर मसीह यीशु भी विद्यमान होता है। लेकिन प्रभु यीशु की उपस्थिति केवल चर्च या आराधनालय तक ही सीमित नहीं है, वो हमारे जीवन के प्रत्येक कक्ष में प्रत्येक परिस्थिति में हमारे साथ उपस्थित रहता है।

   मैं नहीं जानता कि आप इस सन्देश को कहाँ पढ़ रहे हैं - रसोई में या किसी रेस्टूरॉन्ट में, किसी कैदखाने में या सेना की किसी चौकी पर; हो सकता है कि आप किसी अस्पताल में हों या किसी न्यायालय में। जहाँ आप यह पढ़ रहे हैं वह आपके जीवन का एक ऐसा कमरा हो सकता है जहाँ आपके लिए सब कुछ बिलकुल ठीक है, या फिर ऐसा स्थान जहाँ कुछ भी ठीक नहीं है। हो सकता है कि यह पढ़ते समय आप किसी भय से ग्रस्त हों।

   प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के बाद की निराशाजनक और भयपूर्ण परिस्थितियों में प्रभु के अनुयायी एक जाने-पहिचाने कमरे में एकत्रित होते थे; और यूहन्ना लिखता है कि, "उसी दिन जो सप्‍ताह का पहिला दिन था, सन्‍ध्या के समय जब वहां के द्वार जहां चेले थे, यहूदियों के डर के मारे बन्‍द थे, तब यीशु आया और बीच में खड़ा हो कर उन से कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले" (यूहन्ना 20:19)। इसके एक सप्ताह बाद फिर यही हुआ, प्रभु यीशु बन्द दरवाज़ों में से होकर अपने अनुयायीयों को अपनी उपस्थिति द्वारा शान्ति देने आ गया (पद 26-29)।

   आज आप कहीं भी क्यों ना हों, किसी भी परित्स्थिति में क्यों ना हों, "प्रत्येक निराशा और उदासी को भगा देने के लिए यहाँ पर्याप्त आशा तथा पर्याप्त सामर्थ है, क्योंकि यीशु, प्रभु यीशु इस ही कमरे में है।" - डेविड मैक्कैसलैंड


हमारा प्रेमी परमेश्वर सदा हमारे साथ रहता है, सदा ही।

आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्‍द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा हो कर कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले। - यूहन्ना 20:26

बाइबल पाठ: यूहन्ना 20:19-29
John 20:19 उसी दिन जो सप्‍ताह का पहिला दिन था, सन्‍ध्या के समय जब वहां के द्वार जहां चेले थे, यहूदियों के डर के मारे बन्‍द थे, तब यीशु आया और बीच में खड़ा हो कर उन से कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले। 
John 20:20 और यह कहकर उसने अपना हाथ और अपना पंजर उन को दिखाए: तब चेले प्रभु को देखकर आनन्‍दित हुए। 
John 20:21 यीशु ने फिर उन से कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले; जैसे पिता ने मुझे भेजा है, वैसे ही मैं भी तुम्हें भेजता हूं। 
John 20:22 यह कहकर उसने उन पर फूंका और उन से कहा, पवित्र आत्मा लो। 
John 20:23 जिन के पाप तुम क्षमा करो वे उन के लिये क्षमा किए गए हैं जिन के तुम रखो, वे रखे गए हैं।
John 20:24 परन्तु बारहों में से एक व्यक्ति अर्थात थोमा जो दिदुमुस कहलाता है, जब यीशु आया तो उन के साथ न था। 
John 20:25 जब और चेले उस से कहने लगे कि हम ने प्रभु को देखा है: तब उसने उन से कहा, जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा।
John 20:26 आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्‍द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा हो कर कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले। 
John 20:27 तब उसने थोमा से कहा, अपनी उंगली यहां लाकर मेरे हाथों को देख और अपना हाथ लाकर मेरे पंजर में डाल और अविश्वासी नहीं परन्तु विश्वासी हो। 
John 20:28 यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर! 
John 20:29 यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 16-18


सोमवार, 3 मार्च 2014

सच्ची उपासना


   व्यंगरेखाचित्रकार सार्वजनिक स्थानों पर चित्र बनाने का अपना सामान लगा लेते हैं और जो लोग अपने व्यंगरेखाचित्र के लिए थोड़ा सा पैसा देने को तैयार होते हैं, उनका व्यंगरेखाचित्र बना देते हैं। उनके ये चित्र हमारा मनोरंजन करते हैं क्योंकि वे हमारे शरीर के किसी स्वरूप को ऐसा बढ़ाकर दिखाते हैं कि वह पहचाना तो जाए लेकिन हास्यास्पद भी लगे। शरीर के किसी भाग को अनावश्यक रीति से प्रमुख दिखाने से ही वह रेखाचित्र विनोदात्मक बनता है।

   लेकिन परमेश्वर के किसी गुण को अनावश्यक रीति से प्रमुख दिखाना हास्यास्पद कतई नहीं है। जब परमेश्वर का ऐसा बिगड़ा हुआ स्वरूप लोगों के सामने लाया जाता है तो वे उसे गंभीरता से नहीं लेते और परिस्थिति अनुसार उसे सरलता से खारिज कर देते हैं। जो परमेश्वर को एक क्रोधी और कठोर न्यायी के रूप में देखते हैं वे आसानी से ऐसे लोगों द्वारा बहका लिए जाते हैं जो दया की बातें करते हैं। जो परमेश्वर को गलतियों को नज़रंदाज़ करके बस लाड़ करते रहने वाले नाना-दादा के समान देखते हैं वे उसके न्यायी स्वरूप को स्वीकार नहीं कर पाते। जो परमेश्वर को केवल एक ज्ञानी विचारधारा जैसा देखते हैं वे उसके एक जीवित और प्रेमी व्यक्ति होने को स्वीकार नहीं कर पाते और फिर अन्य विचारधाराओं के चंगुल में फंस जाते हैं। जो परमेश्वर को एक अच्छे मित्र मात्र के समान देखते हैं वे कभी ना कभी कोई और अधिक अच्छा लगने वाला मित्र मिलने पर परमेश्वर से दूर चले जाते हैं।

   परमेश्वर प्रेमी और दयालु भी है और सच्चा न्याय करने वाला खरा न्यायी भी जो पाप को क्षमा करना भी जानता है और उसका दण्ड देना भी। वह एक जीवित और प्रेमी व्यक्ति भी है और निराकार आत्मा भी; वह सबसे अच्छा और विश्वासयोग्य मित्र भी है और चिंता करने तथा आवश्यकताएं पूरी करने वाला प्रेमी पिता भी। परमेश्वर का कोई भी गुण उसके अन्य गुणों से पृथक करके नहीं देखा जा सकता, उसे उसकी संपूर्णता में ही देखना मानना होगा।

   जब हम अपने मसीही विश्वास को व्यावाहरिक रूप में अपने जीवनों द्वारा प्रकट करते हैं तो हमें परमेश्वर के कुछ ऐसे गुणों पर ही, जो हमारी पसन्द के हैं, ज़ोर ना देकर उसके संपूर्ण व्यक्तित्व को दिखाना है। हमारी उपासना परमेश्वर के किसी विशेष गुण ही के प्रति ना हो अन्यथा वह सच्ची उपासना नहीं ठहरेगी। जूली ऐकैरमैन लिंक


जिस परमेश्वर पर हम विश्वास करते हैं वह सर्वसामर्थी, दयालु, बुद्धिमान और न्यायी है।

यहोवा कोप करने में धीरजवन्त और अति करूणामय है, और अधर्म और अपराध का क्षमा करने वाला है, परन्तु वह दोषी को किसी प्रकार से निर्दोष न ठहराएगा, और पूर्वजों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों, और पोतों, और परपोतों को देता है। - गिनती 14:18

बाइबल पाठ: निर्गमन 34:1-9
Exodus 34:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, पहिली तख्तियों के समान पत्थर की दो और तख्तियां गढ़ ले; तब जो वचन उन पहिली तख्तियों पर लिखे थे, जिन्हें तू ने तोड़ डाला, वे ही वचन मैं उन तख्तियों पर भी लिखूंगा। 
Exodus 34:2 और बिहान को तैयार रहना, और भोर को सीनै पर्वत पर चढ़कर उसकी चोटी पर मेरे साम्हने खड़ा होना। 
Exodus 34:3 और तेरे संग कोई न चढ़ पाए, वरन पर्वत भर पर कोई मनुष्य कहीं दिखाई न दे; और न भेड़-बकरी और गाय-बैल भी पर्वत के आगे चरते पाएं। 
Exodus 34:4 तब मूसा ने पहिली तख्तियों के समान दो और तख्तियां गढ़ी; और बिहान को सवेरे उठ कर अपने हाथ में पत्थर की वे दोनों तख्तियां ले कर यहोवा की आज्ञा के अनुसार पर्वत पर चढ़ गया। 
Exodus 34:5 तब यहोवा ने बादल में उतर के उसके संग वहां खड़ा हो कर यहोवा नाम का प्रचार किया। 
Exodus 34:6 और यहोवा उसके साम्हने हो कर यों प्रचार करता हुआ चला, कि यहोवा, यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य, 
Exodus 34:7 हजारों पीढिय़ों तक निरन्तर करूणा करने वाला, अधर्म और अपराध और पाप का क्षमा करने वाला है, परन्तु दोषी को वह किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा, वह पितरों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों वरन पोतों और परपोतों को भी देने वाला है। 
Exodus 34:8 तब मूसा ने फुर्ती कर पृथ्वी की ओर झुककर दण्डवत की। 
Exodus 34:9 और उसने कहा, हे प्रभु, यदि तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर हो तो प्रभु, हम लोगों के बीच में हो कर चले, ये लोग हठीले तो हैं, तौभी हमारे अधर्म और पाप को क्षमा कर, और हमें अपना निज भाग मान के ग्रहण कर।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 13-15


रविवार, 2 मार्च 2014

उत्तम


   जब कोई हम से पूछता है कि हम कैसे हैं, तो सामान्यतः हमारा उत्तर होता है, "बहुत बढ़िया", या "उत्तम"; अर्थात "मैं ठीक हूँ", या फिर यह कि "सब बहुत अच्छा चल रहा है" - हम अपने चरित्र की नहीं वरन अपने सामान्य हाल-चाल की बात कर रहे होते हैं। मैंने भी अनगिनित बार इस प्रश्न का ऐसे ही "उत्तम" कह कर उत्तर दिया है, लेकिन हाल ही में मेरे उत्तर ने मुझे कुछ परेशान करना आरंभ कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि चाहे हम इस बात का एहसास नहीं रखते, लेकिन "उत्तम" शब्द कुछ विशेष की ओर संकेत करता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के पास एक जवान धनी व्यक्ति आया और उसे "हे उत्तम गुरू" (मरकुस 10:17) कहकर संबोधित किया। वह जवान व्यक्ति सही था, क्योंकि प्रभु यीशु उत्तम अर्थात सर्वसिद्ध और गुरू दोनो ही है, और चरित्र के दृष्टिकोण से यह संबोधन केवल उस पर ही ठीक बैठता है।

   लेकिन प्रभु यीशु ने उस जवान के सामने प्रश्न रखा कि वह उसे उत्तम क्यों कह रहा है क्योंकि उत्तम तो केवल परमेश्वर है। प्रभु यीशु उससे यह कहना चाह रहे थे कि जो संबोधन वह कर रहा है उसकी गंभीरता और महत्व को वह समझता भी है कि नहीं। प्रभु यीशु को "उत्तम" कहना तो ठीक है, क्योंकि वह परमेश्वर है और उससे बढ़कर और कोई नहीं है। लेकिन अनायास ही अपने ऊपर एक ऐसी संज्ञा ले लेना जो परमेश्वर के लिए है और हम जिसके योग्य नहीं हैं, यह उचित नहीं है।

   इसलिए अगली बार यदि कोई आप से पूछे कि आप कैसे हैं तो यह कहना कि "मैं ठीक हूँ" तो उचित होगा, किंतु "उत्तम" कहने से पहले विचार कर लीजिए, क्योंकि केवल प्रभु यीशु ही उत्तम है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर महान है, परमेश्वर भला है; उसके बिना हम कुछ भी नहीं हैं।

यीशु ने उस से कहा, तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात परमेश्वर। - मरकुस 10:18

बाइबल पाठ: मरकुस 10:17-23
Mark 10:17 और जब वह निकलकर मार्ग में जाता था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उस से पूछा हे उत्तम गुरू, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्या करूं? 
Mark 10:18 यीशु ने उस से कहा, तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात परमेश्वर।
Mark 10:19 तू आज्ञाओं को तो जानता है; हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना, छल न करना, अपने पिता और अपनी माता का आदर करना। 
Mark 10:20 उसने उस से कहा, हे गुरू, इन सब को मैं लड़कपन से मानता आया हूं। 
Mark 10:21 यीशु ने उस पर दृष्टि कर के उस से प्रेम किया, और उस से कहा, तुझ में एक बात की घटी है; जा, जो कुछ तेरा है, उसे बेच कर कंगालों को दे, और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा, और आकर मेरे पीछे हो ले। 
Mark 10:22 इस बात से उसके चेहरे पर उदासी छा गई, और वह शोक करता हुआ चला गया, क्योंकि वह बहुत धनी था। 
Mark 10:23 यीशु ने चारों ओर देखकर अपने चेलों से कहा, धनवानों को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है! 

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 10-12


शनिवार, 1 मार्च 2014

भरोसा


   झूठ पकड़ने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी स्वाभाविक प्रवृति लोगों पर विश्वास करना है। लेकिन हर कोई हर समय भरोसे के योग्य नहीं होता। छल करने अथवा झूठ बोलने वालों के कुछ हाव-भाव होते हैं; वे बेचैन प्रतीत होते हैं, आँख से आँख मिलाकर बात नहीं करते, बातचीत करते समय हिचकिचाते हैं या अटकते हैं। इन सुरागों के बावजूद, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि धोखेबाज़ों को विश्वासयोग्य लोगों से अलग पहचान पाना सरल नहीं है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में एक घटना का उल्लेख है जहाँ ऐसे ही धोखे से कुछ लोगों ने इस्त्राएलियों को ठग लिया। यहोशु के पास, जिसे परमेश्वर ने इस्त्राएल को कनान देश में बसाने और उनके गोत्रों की सीमाएं निर्धारित करने की ज़िम्मेदारी दी थी, कनान देश के कुछ निवासी जो गिब्बोनी कहलाते थे और पास ही के इलाके से थे, इसलिए आए कि वे इस्त्राएलियों के साथ संधि कर लें जिससे इस्त्राएली उन्हें उनके इलाके से ना निकालने पाएं। उन्होंने यहोशु पर यह जताया कि वे बहुत दूर स्थान से आए हैं और प्रमाण के लिए अपने पुराने और फटे वस्त्र, पुरानी जूतियाँ आदि दिखाईं। इस्त्राएलियों को सन्देह तो हुआ, लेकिन उन्होंने परमेश्वर से इस सम्बंध में सलाह नहीं ली, गिब्बोनियों की बातों में आकर उन से ’शांति संधि’ कर ली। कुछ समय पश्चात इस्त्राएलियों को मालुम पड़ा कि वे गिब्बोनी किसी दूरस्त इलाके के नहीं वरन पास ही के इलाके के थे, लेकिन अब संधि हो चुकी थी।

   बहुत से लोग अपने लाभ के लिए हमारा भरोसा जीतना चाहते हैं, जैसे सामान विक्रेता, आर्थिक निवेश सलाहकार, विरक्त हो रखे परिजन आदि। स्वाभाविक है कि तब मन में प्रश्न उठता है, "क्या मैं इन पर भरोसा कर सकता हूँ?" ऐसे में हमें जल्दबाज़ी में, केवल प्रत्यक्ष दिखाई देने वाली बातों ही के आधार पर कोई निर्णय नहीं करना चाहिए। भला होता है परामर्श लेना, और उत्तम परामर्श हमें परमेश्वर के लोगों से (नीतिवचन 11:14); परमेश्वर के वचन बाइबल से - भजनकार ने परमेश्वर के वचन को पथ का दीपक और मार्ग का उजियाला कहा है (भजन 119:105); और स्वयं परमेश्वर से मिलता है, जिसने हमें माँगने पर बिना उलाहना दिए बुद्धि देने का वायदा किया है (याकूब 1:5)।

   यही वह परमर्श है जिसपर हम भरोसा कर सकते हैं, जिसके द्वारा हम सही चुनाव कर सकते हैं, क्योंकि मनुष्य तो झूठ बोल सकता है और धोखा दे सकता है परन्तु परमेश्वर कभी झूठ नहीं बोलता, कभी धोखा नहीं देता। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


भला विवेक पाने की लालसा परमेश्वर से प्रार्थना के लिए बुलाहट है।

...क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा। - 1 इतिहास 28:9

बाइबल पाठ: यहोशु 9:1-16
Joshua 9:1 यह सुनकर हित्ती, एमोरी, कनानी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी, जितने राजा यरदन के इस पार पहाड़ी देश में और नीचे के देश में, और लबानोन के साम्हने के महानगर के तट पर रहते थे, 
Joshua 9:2 वे एक मन हो कर यहोशू और इस्राएलियों से लड़ने को इकट्ठे हुए।
Joshua 9:3 जब गिबोन के निवासियों ने सुना कि यहोशू ने यरीहो और ऐ से क्या क्या किया है, 
Joshua 9:4 तब उन्होंने छल किया, और राजदूतों का भेष बनाकर अपने गदहों पर पुराने बोरे, और पुराने फटे, और जोड़े हुए मदिरा के कुप्पे लादकर 
Joshua 9:5 अपने पांवों में पुरानी गांठी हुई जूतियां, और तन पर पुराने वस्त्र पहिने, और अपने भोजन के लिये सूखी और फफूंदी लगी हुई रोटी ले ली। 
Joshua 9:6 तब वे गिलगाल की छावनी में यहोशू के पास जा कर उस से और इस्राएली पुरूषों से कहने लगे, हम दूर देश सें आए हैं; इसलिये अब तुम हम से वाचा बान्धो। 
Joshua 9:7 इस्राएली पुरूषों ने उन हिव्वियों से कहा, क्या जाने तुम हमारे मध्य में ही रहते हो; फिर हम तुम से वाचा कैसे बान्धे? 
Joshua 9:8 उन्होंने यहोशू से कहा, हम तेरे दास हैं। तब यहोशू ने उन से कहा, तुम कौन हो? और कहां से आए हो? 
Joshua 9:9 उन्होंने उस से कहा, तेरे दास बहुत दूर के देश से तेरे परमेश्वर यहोवा का नाम सुनकर आए हैं; क्योंकि हम ने यह सब सुना है, अर्थात उसकी कीर्ति और जो कुछ उसने मिस्र में किया, 
Joshua 9:10 और जो कुछ उसने एमोरियों के दोनों राजाओं से किया जो यरदन के उस पार रहते थे, अर्थात हेश्बोन के राजा सीहोन से, और बाशान के राजा ओग से जो अश्तारोत में था। 
Joshua 9:11 इसलिये हमारे यहां के वृद्धलोगों ने और हमारे देश के सब निवासियों ने हम से कहा, कि मार्ग के लिये अपने साथ भोजनवस्तु ले कर उन से मिलने को जाओ, और उन से कहना, कि हम तुम्हारे दास हैं; इसलिये अब तुम हम से वाचा बान्धो। 
Joshua 9:12 जिस दिन हम तुम्हारे पास चलने को निकले उस दिन तो हम ने अपने अपने घर से यह रोटी गरम और ताजी ली थी; परन्तु अब देखो, यह सूख गई है और इस में फफूंदी लग गई है। 
Joshua 9:13 फिर ये जो मदिरा के कुप्पे हम ने भर लिये थे, तब तो नये थे, परन्तु देखो अब ये फट गए हैं; और हमारे ये वस्त्र और जूतियां बड़ी लम्बी यात्रा के कारण पुरानी हो गई हैं। 
Joshua 9:14 तब उन पुरूषों ने यहोवा से बिना सलाह लिये उनके भोजन में से कुछ ग्रहण किया। 
Joshua 9:15 तब यहोशू ने उन से मेल कर के उन से यह वाचा बान्धी, कि तुम को जीवित छोड़ेंगे; और मण्डली के प्रधानों ने उन से शपथ खाई। 
Joshua 9:16 और उनके साथ वाचा बान्धने के तीन दिन के बाद उन को यह समाचार मिला; कि वे हमारे पड़ोस के रहने वाले लोग हैं, और हमारे ही मध्य में बसे हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 7-9