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मंगलवार, 11 मार्च 2014

सुन्दरता


   जब मेरे पति जे और मैंने एक नया घर बनाने का निर्णय लिया तो हमने औज़ारों का प्रयोग कर सकने तथा ऐसे कार्य में रुचि रखने वाले मित्र तथा परिवारगणों को इस कार्य पर नहीं लगाया, वरन हमने एक कुशल भवन निर्माता को चुना जो देखने में सुन्दर तथा उपयोग में व्यावाहरिक घर हमारे लिए बना के दे सके।

   साधारणतया चर्च भवन में सुन्दरता का कोई विशेष स्थान नहीं माना जाता है; कुछ लोग तो उसे अव्यवाहारिक भी कहते हैं, इसलिए किसी भी बारीकी से की गई सजावट को वे व्यर्थ मानते हैं। लेकिन जब परमेश्वर ने प्राचीन इस्त्राएलियों के लिए आराधना स्थान के बनाए जाने के निर्देश दिए तब परमेश्वर का ऐसा विचार कतई नहीं था। आराधना के स्थान के बनाने के लिए परमेश्वर ने ऐसे ही किसी को भी एक साधारण सा तम्बू बना कर खड़ा करने को नहीं कहा। परमेश्वर ने इस कार्य के लिए कुशल कारिगर बसलेल और ओहलिआब नियुक्त किए (निर्गमन 36:1)। उन कारिगरों के साथ उसने अन्य लोगों को भी इस कार्य के लिए तैयार करके दिया जिससे वे सब कढ़ाई तथा तराशने में बारीकी एवं कुशलता से करी गई कारिगरी द्वारा तम्बु के सामान को बना सकें (निर्गमन 37:17-20)।

   मैं सोचती हूँ कि सुन्दरता का वहाँ महत्वपूर्ण स्थान था क्योंकि यह उन इस्त्राएलियों को उनकी आराधना में परमेश्वर की उत्तमता को स्मरण कराता था। बियाबान और रेगेस्तानी इलाकों के अपने भ्रमण के दौरान उन्हें परमेश्वर की महान महिमा को याद दिलानी वाला कुछ चाहिए था।

   आज भी परमेश्वर के लोगों द्वारा आराधना और उपासना में सुन्दरता यही कार्य कर सकती है। हम परमेश्वर को अपना सर्वोत्तम इसलिए अर्पित करते हैं क्योंकि वह इसके योग्य है। सुन्दरता हमें स्वर्ग की भी अनुभूति करवाती है और हमें स्मरण करवाती है उस उत्तम स्थान की जो परमेश्वर अपने विश्वासी लोगों के लिए तैयार कर रहा है (यूहन्ना 14:2; 1 कुरिन्थियों 2:9)। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


सुन्दरता परमेश्वर को प्रतिबिंबित करती है।

परन्तु जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं। - 1 कुरिन्थियों 2:9

बाइबल पाठ: निर्गमन 36:1-7
Exodus 36:1 और बसलेल और ओहोलीआब और सब बुद्धिमान जिन को यहोवा ने ऐसी बुद्धि और समझ दी हो, कि वे यहोवा की सारी आज्ञाओं के अनुसार पवित्रस्थान की सेवकाई के लिये सब प्रकार का काम करना जानें, वे सब यह काम करें।
Exodus 36:2 तब मूसा ने बसलेल और ओहोलीआब और सब बुद्धिमानों को जिनके हृदय में यहोवा ने बुद्धि का प्रकाश दिया था, अर्थात जिस जिस को पास आकर काम करने का उत्साह हुआ था उन सभों को बुलवाया। 
Exodus 36:3 और इस्त्राएली जो जो भेंट पवित्रस्थान की सेवकाई के काम और उसके बनाने के लिये ले आए थे, उन्हें उन पुरूषों ने मूसा के हाथ से ले लिया। तब भी लोग प्रति भोर को उसके पास भेंट अपनी इच्छा से लाते रहें; 
Exodus 36:4 और जितने बुद्धिमान पवित्रस्थान का काम करते थे वे सब अपना अपना काम छोड़कर मूसा के पास आए, 
Exodus 36:5 और कहने लगे, जिस काम के करने की आज्ञा यहोवा ने दी है उसके लिये जितना चाहिये उस से अधिक वे ले आए हैं। 
Exodus 36:6 तब मूसा ने सारी छावनी में इस आज्ञा का प्रचार करवाया, कि क्या पुरूष, क्या स्त्री, कोई पवित्रस्थान के लिये और भेंट न लाए, इस प्रकार लोग और भेंट लाने से रोके गए। 
Exodus 36:7 क्योंकि सब काम बनाने के लिये जितना सामान आवश्यक था उतना वरन उस से अधिक बनाने वालों के पास आ चुका था।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 16-18


सोमवार, 10 मार्च 2014

चमकते रहें


   ईमानदारी की बात तो यह है कि स्टोर का एक और चक्कर लगाना मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था। पिछले 4 सप्ताह से मैं और मेरी पत्नि एक खराब फ्रिज को लौटाने के बाद उसकी कीमत वापस मिलने का इंतिज़ार कर रहे थे। अबकि बार फिर से मैंने स्टोर के मैनेजर को अपनी बात समझाई, लेकिन प्रतीत यही हो रहा था कि पहले के समान ही हम आज भी किसी परिणाम पर पहुँचने वाले नहीं हैं; और मैं मन ही मन सोच रहा था कि क्या कभी मुझे मेरा पैसा वापस भी मिलेगा या नहीं? मैं अन्दर से तो खिसिया रहा था किंतु बाहर से, उस वार्तालाप के दौरान मैं शांत और नम्र बने रहने का प्रयत्न करता रहा।

   बातचीत के समय उस मैनेजर ने मुझ से कहा, "साधारणतया, यहाँ तक पहुँचते पहुँचते ग्राहक खिसिया कर मुझ पर चिल्लाना आरंभ कर देते हैं, लेकिन आप इतने विनम्र और शांत बने हुए हैं; आईए एक अन्य रीति से आपकी समस्या सुलझाने का प्रयास करते हैं।" उसने मुझे से कुछ प्रश्न पूछने आरंभ किए और फिर अपने कंप्यूटर में कुछ अंक भरे, और थोड़े से विलंब के पश्चात कंप्यूटर ने एक रसीद छाप कर दे दी जिस में लिखा था कि मेरे पैसे वापस होना स्वीकृत हो गया है! हमारी वह फ्रिज वापसी की परेशानी हल हो गई थी। मैनेजर ने विदाई लेते हुए मुझ से हाथ मिलाया और कहा, "हमारे साथ अच्छा बर्ताव बनाए रखने के लिए बहुत धन्यवाद।"

   मैं मानता हूँ कि ना चाहते हुए भी अच्छा बने रहने का मेरा प्रयास इस सारे प्रकरण में अवश्य ही कुछ हद तक सहायक था, लेकिन हम मसीही विश्वासियों के लिए अच्छे व्यवहार करते रहने का कारण अपना काम निकलवाना नहीं है। हमारे भले व्यवहार का सही कारण है कि हमें अपने और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की ज्योति सब के सामने प्रकट करनी है (इफिसियों 5:8); फिर चाहे वे कोई भी क्यों ना हों - एक चिड़चिड़ा पड़ौसी, काम करने वाला कोई अनाड़ी कार्यकर्ता, किसी संस्थान का कोई अड़ियल मैनेजर, या अन्य कोई भी। हमारी वाणी और हमारा व्यवाहार हमारे विश्वास का सजीव उदाहरण होने चाहिएं (इफिसियों 4:29-32; कुलुस्सियों 4:6)।

   क्या आप आज किसी विषम परिस्थिति का सामना कर रहे हैं? उसे मसीह यीशु की ज्योति संसार के लोगों पर प्रकट करने का माध्यम बना लें और मसीह की ज्योति से संसार में चमकते रहें। - डेव ब्रैनन


जब मसीह की ज्योति आप में हो कर चमकेगी तो लोग आपकी ओर आकर्षित भी होंगे।

प्रभु यीशु ने कहा: "मैं जगत में ज्योति हो कर आया हूं ताकि जो कोई मुझ पर विश्वास करे, वह अन्धकार में न रहे।" - यूहन्ना 12:46

बाइबल पाठ: इफिसियों 5:1-10
Ephesians 5:1 इसलिये प्रिय, बालकों की नाईं परमेश्वर के सदृश बनो। 
Ephesians 5:2 और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। 
Ephesians 5:3 और जैसा पवित्र लोगों के योग्य है, वैसा तुम में व्यभिचार, और किसी प्रकार अशुद्ध काम, या लोभ की चर्चा तक न हो। 
Ephesians 5:4 और न निर्लज्ज़ता, न मूढ़ता की बातचीत की, न ठट्ठे की, क्योंकि ये बातें सोहती नहीं, वरन धन्यवाद ही सुना जाएं। 
Ephesians 5:5 क्योंकि तुम यह जानते हो, कि किसी व्यभिचारी, या अशुद्ध जन, या लोभी मनुष्य की, जो मूरत पूजने वाले के बराबर है, मसीह और परमेश्वर के राज्य में मीरास नहीं। 
Ephesians 5:6 कोई तुम्हें व्यर्थ बातों से धोखा न दे; क्योंकि इन ही कामों के कारण परमेश्वर का क्रोध आज्ञा ने मानने वालों पर भड़कता है। 
Ephesians 5:7 इसलिये तुम उन के सहभागी न हो। 
Ephesians 5:8 क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाईं चलो। 
Ephesians 5:9 (क्योंकि ज्योति का फल सब प्रकार की भलाई, और धामिर्कता, और सत्य है)। 
Ephesians 5:10 और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 13-15


रविवार, 9 मार्च 2014

कृतज्ञ


   मेरे लड़कपन में जितनी अच्छी रीति से पास्टर फ्रांसिस एलेन मुझे जानते थे, शायद ही कोई ओर वैसा मुझे जानता होगा। वे बहुत जोशीले प्रचारक और कोमलता तथा परमेश्वर के प्रेम के सजीव उदाहरण थे और वे ही मुझे मसीह यीशु के निकट ले कर आए थे। मेरे साथ उनके संपर्क के आरंभिक समय में ही उन्होंने पहचान लिया था कि मुझ में, अपेक्षा से अधिक कठिन परिश्रम करने तथा कहे गए से अधिक कर देने के  द्वारा लोगों से उनका समर्थन या स्वीकृति "खरीदने" की प्रवृत्ति है।

   उन्होंने मुझे समझाया कि परिश्रम करने के मेरे ये गुण दूसरों की सहायता हेतु उपयोग करने के लिए बहुत भले हैं, लेकिन इनका प्रयोग दूसरों से, विशेषतयाः परमेश्वर से, स्वीकृति पाने के लिए कभी नहीं करना चाहिए। इसे समझाने के लिए उन्होंने मुझ से परमेश्वर के वचन बाइबल में से मत्ती 11:30 पढ़ने के लिए कहा, जहाँ प्रभु यीशु ने वायदा किया है "क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है" - एक ऐसा कथन जो इतना सरल है कि कभी कभी उसपर विश्वास करना कठिन होता है। फिर उन्होंने मुझ से एक और खण्ड पढ़ने के लिए कहा - मीका 6:6-8; और मेरे वह खण्ड पढ़ने के बाद वे बोले, "अब मुझे बताओ कि क्या तुम परमेश्वर को कुछ ऐसा दे सकते हो जो उसके पास नहीं है या उसके लिए कुछ ऐसा कर सकते हो जो उसके लिए करना कठिन है?" स्वाभविक था कि मेरा उत्तर था, "नहीं"।

   फिर उन्होंने आगे समझाया, हम परमेश्वर को किसी रीति से "खरीद" नहीं सकते अर्थात उसे अपने लिए कुछ करने को बाध्य नहीं कर सकते - परमेश्वर का हमारे प्रति प्रेम उसका स्वाभाविक गुण है जिसके फलस्वरूप वह अपने बड़े अनुग्रह में होकर हमसे बर्ताव करता है, ना कि हमारे किसी "धार्मिकता" या "भलाई के कार्यों" से मजबूर होकर। इसलिए हमारा प्रत्युत्तर क्या होना चाहिए? वही जो मीका 6:8 में लिखा है: "हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?"

   मीका 6 अध्याय हमारे लिए स्मरण के लिए रहे कि परमेश्वर का अनुग्रह हमारे प्रति बिना किसी "कीमत" के है; तथा उस अनुग्रह के प्रत्युत्तर में उसके प्रति विश्वासयोग्यता का जीवन व्यतीत करना हमारी कृतज्ञता की प्रतिक्रिया है ना कि उसकी "कीमत" चुकाना। - रैंडी किलगोर


भले काम उद्धार पाने का कारण नहीं परिणाम हैं।

हम तो सब के सब अशुद्ध मनुष्य के से हैं, और हमारे धर्म के काम सब के सब मैले चिथड़ों के समान हैं। हम सब के सब पत्ते की नाईं मुर्झा जाते हैं, और हमारे अधर्म के कामों ने हमें वायु की नाईं उड़ा दिया है। -  यशायाह 64:6

बाइबल पाठ: मीका 6:1-8
Micah 6:1 जो बात यहोवा कहता है, उसे सुनो : उठ कर, पहाड़ों के सामने वादविवाद कर, और टीले भी तेरी सुनने पाएं। 
Micah 6:2 हे पहाड़ों, और हे पृथ्वी की अटल नेव, यहोवा का वादविवाद सुनो, क्योंकि यहोवा का अपनी प्रजा के साथ मुकद्दमा है, और वह इस्राएल से वादविवाद करता है।
Micah 6:3 हे मेरी प्रजा, मैं ने तेरा क्या किया, और क्या कर के मैं ने तुझे उकता दिया है? 
Micah 6:4 मेरे विरुद्ध साक्षी दे! मैं तो तुझे मिस्र देश से निकाल ले आया, और दासत्व के घर में से तुझे छुड़ा लाया; और तेरी अगुवाई करने को मूसा, हारून और मरियम को भेज दिया। 
Micah 6:5 हे मेरी प्रजा, स्मरण कर, कि मोआब के राजा बालाक ने तेरे विरुद्ध कौन सी युक्ति की? और बोर के पुत्र बिलाम ने उसको क्या सम्मत्ति दी? और शित्तिम से गिल्गाल तक की बातों का स्मरण कर, जिस से तू यहोवा के धर्म के काम समझ सके।
Micah 6:6 मैं क्या ले कर यहोवा के सम्मुख आऊं, और ऊपर रहने वाले परमेश्वर के सामने झुकूं? क्या मैं होमबलि के लिये एक एक वर्ष के बछड़े ले कर उसके सम्मुख आऊं? 
Micah 6:7 क्या यहोवा हजारों मेढ़ों से, वा तेल की लाखों नदियों से प्रसन्न होगा? क्या मैं अपने अपराध के प्रायश्चित्त में अपने पहिलौठे को वा अपने पाप के बदले में अपने जन्माए हुए किसी को दूं? 
Micah 6:8 हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले? 

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 9-12


शनिवार, 8 मार्च 2014

छंटनी


   सेना के सेनापति निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिए सदा ही पर्याप्त संख्या में सैनिक चाहते हैं; अधिकांशतः तो अनुमानित आवश्यकता से अधिक संख्या में सैनिक रखना चाहते हैं ना कि उस से कम संख्या में। लेकिन कितने सैनिक पर्याप्त होंगे, यह अनुमान सबका भिन्न ही होता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल की एक घटना में परमेश्वर ने गिद्दोन को नियुक्त किया कि वह इस्त्राएल के आताताई मिद्यानियों के विरुद्ध युद्ध की तैयारी करे और सेना एकत्रित करे। जब गिद्दोन सेना एकत्रित कर चुका तो उसके पास 32,000 सैनिक थे। उन्हें देखकर परमेश्वर ने गिद्दोन से कहा, "...जो लोग तेरे संग हैं वे इतने हैं कि मैं मिद्यानियों को उनके हाथ नहीं कर सकता, नहीं तो इस्राएल यह कहकर मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई मारने लगे, कि हम अपने ही भुजबल के द्वारा बचे हैं" (न्यायियों 7:2)। और परमेश्वर ने गिद्दोन से उन सैनिकों की छंटनी के लिए कहा। जितने युद्ध से डर रहे थे जब उनसे वापस घर जाने के लिए कहा गया तो 22,000 लोग वापस लौट गए। बचे हुए 10,000 सैनिक भी परमेश्वर के लिए बहुत अधिक थे, इसलिए एक छंटनी और करी गई और फिर केवल 300 सैनिक ही बचे। उन 300 सैनिकों से ही परमेश्वर ने गिद्दोन को मिद्यानियों पर एक महान विजय दिलवाई।

   हमारे मसीही विश्वास के जीवन में अनेक बार हमारे अपने संसाधन या हमारी अपनी योजनाएं और योग्यताएं परमेश्वर के लिए बाधा बन जातीं हैं और वह पूरी स्वतंत्रता के साथ हमारे जीवनों में तथा हमारे जीवनों के द्वारा कार्य नहीं कर पाता। अपने कार्यों को कर पाने के लिए उसे हमारे जीवन से कई बातों की छंटनी करनी पड़ती है। परमेश्वर चाहता है कि हम केवल उस पर ही निर्भर रहें, ना कि अपनी सामर्थ, अपने संसाधन, अपनी आर्थिक स्थिति, अपनी बुद्धि इत्यादि पर। इसलिए यदि कभी परमेश्वर आपको किसी "छंटनी" से होकर निकाले और आपके संसाधनों तथा सामर्थ को "32,000" से घटा कर "300" कर दे तो उसे परमेश्वर से मिला कोई दण्ड ना समझें, वरन भरोसा रखें कि परमेश्वर आप में तथा आपके द्वारा कुछ बड़ा और अद्भुत करने जा रहा है जिस से अन्ततः उसकी महिमा और आपकी भलाई ही होगी।

   परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखें, उसे अपने कार्य करने दें, नतीजा आपकी आशा और विचारों से भी कहीं अद्भुत होगा। - डेविड मैक्कैसलैंड


जब परमेश्वर कोई असंभव कार्य आपको करने के लिए सौंपे, तो भरोसा रखिए कि उसने उसे संभव करने के साधन जुटा दिए हैं।

तब उसने मुझे उत्तर देकर कहा, जरूब्बाबेल के लिये यहोवा का यह वचन है : न तो बल से, और न शक्ति से, परन्तु मेरे आत्मा के द्वारा होगा, मुझ सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। - ज़कर्याह 4:6

बाइबल पाठ: न्यायियों 7:1-9
Judges 7:1 तब गिदोन जो यरूब्बाल भी कहलाता है और सब लोग जो उसके संग थे सवेरे उठे, और हरोद नाम सोते के पास अपने डेरे खड़े किए; और मिद्यानियों की छावनी उनकी उत्तरी ओर मोरे नाम पहाड़ी के पास तराई में पड़ी थी।
Judges 7:2 तब यहोवा ने गिदोन से कहा, जो लोग तेरे संग हैं वे इतने हैं कि मैं मिद्यानियों को उनके हाथ नहीं कर सकता, नहीं तो इस्राएल यह कहकर मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई मारने लगे, कि हम अपने ही भुजबल के द्वारा बचे हैं। 
Judges 7:3 इसलिये तू जा कर लोगों में यह प्रचार कर के सुना दे, कि जो कोई डर के मारे थरथराता हो, वह गिलाद पहाड़ से लौटकर चला जाए। तब बाईस हजार लोग लौट गए, और केवल दस हजार रह गए। 
Judges 7:4 फिर यहोवा ने गिदोन से कहा, अब भी लोग अधिक हैं; उन्हें सोते के पास नीचे ले चल, वहां मैं उन्हें तेरे लिये परखूंगा; और जिस जिसके विषय में मैं तुझ से कहूं, कि यह तेरे संग चले, वह तो तेरे संग चले; और जिस जिसके विषय मे मैं कहूं, कि यह तेरे संग न जाए, वह न जाए। 
Judges 7:5 तब वह उन को सोते के पास नीचे ले गया; वहां यहोवा ने गिदोन से कहा, जितने कुत्ते की नाईं जीभ से पानी चपड़ चपड़ कर के पीएं उन को अलग रख; और वैसा ही उन्हें भी जो घुटने टेककर पीएं। 
Judges 7:6 जिन्होंने मुंह में हाथ लगा चपड़ चपड़ कर के पानी पिया उनकी तो गिनती तीन सौ ठहरी; और बाकी सब लोगों ने घुटने टेककर पानी पिया। 
Judges 7:7 तब यहोवा ने गिदोन से कहा, इन तीन सौ चपड़ चपड़ कर के पीने वालों के द्वारा मैं तुम को छुड़ाऊंगा, और मिद्यानियों को तेरे हाथ में कर दूंगा; और सब लोग अपने अपने स्थान को लौट जाएं। 
Judges 7:8 तब उन लोगों ने हाथ में सीधा और अपने अपने नरसिंगे लिये; और उसने इस्राएल के सब पुरूषों को अपने अपने डेरे की ओर भेज दिया, परन्तु उन तीन सौ पुरूषों को अपने पास रख छोड़ा; और मिद्यान की छावनी उसके नीचे तराई में पड़ी थी।
Judges 7:9 उसी रात को यहोवा ने उस से कहा, उठ, छावनी पर चढ़ाई कर; क्योंकि मैं उसे तेरे हाथ कर देता हूं। 

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 5-8


शुक्रवार, 7 मार्च 2014

चेतावनी


   हम एक ऐसे समाज में रहते हैं जो चेतावनियों से भरा पड़ा है। चाहे दवाई के पत्ते और बोतलें हों अथवा भोजन सामग्री के डिब्बे, सब पर कोई ना कोई चेतावनी लिखी होती है या उन्हें प्रयोग करने की तिथि की चेतावनी दी हुई होती है। घरेलु काम-काज के सामान पर भी चेतावनी का सूचक लगा होता है, मैंने बिजली से चलने वाली लकड़ी काटने की आरी देखी जिस पर लेबल लगा था कि उसका प्रयोग सावधानी से करें क्योंकि वह खतरनाक हो सकती है! हाल ही में मुझे उपहार का एक डिब्बा मिला जिस के अन्दर कुछ बहुमूल्य रखा था, और भेजने वाले ने एक बड़ा सा लाल रंग का लेबल डिब्बे पर लगा रखा था जिस पर लिखा था "नाज़ुक है: सावधानी बरतें!" 

   जब मैं जीवन और जीवन की अनिश्चितता के बारे में सोचता हूँ तो मुझे लगता है कि ऐसा ही एक बड़ा सा "नाज़ुक है: सावधानी बरतें" वाला लेबल हम सब को भी अपने ऊपर लगाए रखना चाहिए। हमारे डॉक्टर द्वारा कही एक बात कि हमें कोई खतरनाक बिमारी है, हमारे सामने चल रही गाड़ी के चालक की एक लापरवाही, चलते चलते पाँव का अनायस ही फिसलना या ठोकर लगना, या ऐसी ही कोई अन्य घटना अचानक ही हमें एक विकट परिस्थिति में ला कर खड़ा कर सकती है। जीवन अनिश्चितताओं से भरा है, किसी बात की कोई गारंटी नहीं है, हम अपनी अगली सांस के लिए भी पूर्णतयाः निश्चित नहीं है। इसलिए यह विचार रखकर जीवन व्यतीत करना कि हम अजेय हैं और हमें कभी कुछ नहीं होगा मूर्खता है, क्योंकि अगला ही पल प्रगट कर सकता है कि वास्तव में हम कितने नाज़ुक हैं।

   इसी लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने हमें एक प्रकार से चेतावनी देते हुए परमेश्वर से प्रार्थना के रूप में लिखा है, "हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं" (भजन 90:12)। हमें जीवन का हर पल ऐसे जीना चाहिए कि मानों यह हमारा आखिरी पल है, और जो तथा जैसा इसमें कमा लेंगे बस वह ही हमारे साथ जाएगा। इसलिए परमेश्वर प्रभु यीशु से अपने पापों की क्षमा माँगते तथा उसे जीवन समर्पित करते हुए, हम दूसरों से जितना प्रेम दिखा सकते हैं दिखाएं; जितना अधिक लोगों को क्षमा कर सकते हैं करें; जितना अधिक दूसरों की सहायतार्थ दे सकते हैं दें; और जितना नम्रता और आदर का व्यवहार एवं संवाद औरों के साथ रख सकते हैं रखें।

   ऐसा जीवन ही उस चेतावनी - "नाज़ुक है: सावधानी बरतें" के अनुरूप होगी, उसे सार्थक करेगी तथा हमें आने वाले अनन्त काल के लिए सदैव तैयार रखेगी - वह चाहे जब भी आ जाए; और लेखा देने का वह समय प्रत्येक पर आएगा अवश्य, इसलिए सचेत हों और अभी से ही उसके लिए तैयार हो जाएं। - जो स्टोवैल


बीता कल निकल चुका है और आने वाला कल अनिश्चित है; आज ही वर्तमान और उपलब्ध है, उसका भरसक सदुपयोग करें।

हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं! - भजन 39:4

बाइबल पाठ: भजन 90:1-12
Psalms 90:1 हे प्रभु, तू पीढ़ी से पीढ़ी तक हमारे लिये धाम बना है। 
Psalms 90:2 इस से पहिले कि पहाड़ उत्पन्न हुए, वा तू ने पृथ्वी और जगत की रचना की, वरन अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू ही ईश्वर है।
Psalms 90:3 तू मनुष्य को लौटा कर चूर करता है, और कहता है, कि हे आदमियों, लौट आओ! 
Psalms 90:4 क्योंकि हजार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं, जैसा कल का दिन जो बीत गया, वा रात का एक पहर।
Psalms 90:5 तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़ने वाली घास के समान होते हैं। 
Psalms 90:6 वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक कट कर मुर्झा जाती है।
Psalms 90:7 क्योंकि हम तेरे क्रोध से नाश हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं। 
Psalms 90:8 तू ने हमारे अधर्म के कामों से अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।
Psalms 90:9 क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाईं बिताते हैं। 
Psalms 90:10 हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं। 
Psalms 90:11 तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य तेरे रोष को कौन समझता है? 
Psalms 90:12 हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 1-4


गुरुवार, 6 मार्च 2014

चिंतक


   मेरे निवास प्रांत इडाहो में एक झील है - हेन्री झील। उस झील के पूर्वी तट पर एक स्थान है जो "टप्पर्स होल" अर्थात टप्पर का स्थान कहलाता है। इस स्थान का यह नाम हैरी टप्पर के नाम पर रखा गया है, जो इडाहो में अपने मछली पकड़ने के कौशल के लिए प्रसिद्ध है।

   हैरी के सम्बंध में जो बात मुझे सबसे अधिक याद आती है, उसके हेन्री झील की बड़ी बड़ी ट्राउट मछली पकड़ने के कौशल के अतिरिक्त, वह है उसका पालतु कुत्ता डिंगो - वाह! डिंगो भी क्या कुत्ता था! डिंगो अपने मालिक हैरी के साथ नाव में चुपचाप बैठा हैरी को मछली पकड़ते हुए देखता रहता था। जैसे ही हैरी के काँटे में कोई मछली फंसती, डिंगो उत्साहित होकर ओर ज़ोर से भौंकने लगता जब तक हैरी उस मछली को बाहर निकाल कर, उसमें से काँटे को निकाल कर मछली को वापस पानी में छोड़ नहीं देता था।

   डिंगो के इस उत्साही व्यवहार से मैंने भी शिक्षा ली कि किसी दूसरे के कार्यों से उत्साहित होना अपने कार्यों से उत्साहित होने से भला है। इसलिए जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पियों 2:4 को पढ़ता हूँ तो डिंगो को स्मरण करता हूँ, और अपने आप से प्रश्न करता हूँ: क्या मैं दूसरों के हित के बारे में सोचता हूँ? जब परमेश्वर किसी अन्य के जीवन में अथवा उसके जीवन के द्वारा कुछ कर रहा होता है तो क्या मैं उतना और वैसा ही उत्साहित होता हूँ जैसे कि परमेश्वर द्वारा अपने जीवन में या अपने जीवन के द्वारा किए गए किसी कार्य से होता हूँ? क्या मैं दूसरों को अनुग्रह और सफलता में बढ़ते हुए देखना चाहता हूँ, चाहे उनकी इस बढौतरी में मेरा प्रयास लगा हो?

   यही महानता का पैमाना है, क्योंकि जब हम दूसरों के हित के बारे में विचार तथा चिंता करने में लौलीन होते हैं, तब हम परमेश्वर के स्वभाव की समानता में होते हैं। प्रेरित पौलुस ने कहा: "...पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो" (फिलिप्पियों 2:3)। क्या हम ऐसा जीवन जीते हैं? - डेविड रोपर


परमेश्वर के प्रति वास्तविक प्रेम से भरा हुआ जीवन अन्य लोगों के प्रति प्रेम से भी भरा रहेगा।

कोई अपनी ही भलाई को न ढूंढे, वरन औरों की। - 1 कुरिन्थियों 10:24 

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11
Philippians 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है। 
Philippians 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। 
Philippians 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। 
Philippians 2:4 हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे। 
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। 
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। 
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। 
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली। 
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। 
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। 
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 22-24


बुधवार, 5 मार्च 2014

गवाही


   19वीं शताब्दी के अन्त की ओर के समय अमेरिका में डाल्टन भाईयों का गिरोह अपने अपराधों के लिए कुख्यात था। उन डाल्टन बन्धुओं की शुरुआत तो अच्छी हुई थी - वे कानून के रखवाले अधिकारी थे, लेकिन धीरे धीरे वे अपराध की ओर झुकते चले गए और फिर बैंक तथा ट्रेनों से पैसा लूटने के लिए कुख्यात हो गए। उनके लिए न्याय का समय तब आया जब उन्होंने एक साथ दो बैंकों पर डाका डालना चाहा। उनकी इस करतूत की खबर जैसे ही उस नगर के निवासियों को मिली, उन्होंने अपनी अपनी बन्दूकें उठाईं और डाल्टन बन्धुओं को घेर कर अन्धाधुंध गोलियाँ चलानी आरंभ कर दीं। आखिर जब गोलियों की बौछार थमी और धुँआ छँटा तो केवल एमेट डाल्टन ही जीवित बचा था, बाकी सभी वहीं मारे गए थे।

   जेल में 15 वर्ष बिताने के बाद एमेट डाल्टन को माफी मिली और वह रिहा किया गया। कैदखाने के अपने समय में एमेट ने अपनी दुष्ट करतूतों और अपनी गलतियों को पहचाना, इसलिए स्वतंत्र होने के बाद उसकी इच्छा थी कि वह जवान लोगों को अपराध के जीवन से सचेत और दूर रखे। अपने अनुभवों के आधार पर एमेट ने डाल्टन बन्धुओं पर अपराधी जीवन की भूल को प्रदर्शित करने वाली एक फिल्म की कहानी लिखी, फिल्म बनाई और उसमें अभिनय भी किया। एमेट ने अपनी फिल्म के द्वारा लोगों तक परमेश्वर के वचन बाइबल में से नीतिवचन 4:14 - "दुष्टों की राह में पांव न धरना, और न बुरे लोगों के मार्ग पर चलना" के सत्य को पहुँचाया।

   याकूब ने लिखा है: "तो वह यह जान ले, कि जो कोई किसी भटके हुए पापी को फेर लाएगा, वह एक प्राण को मृत्यु से बचाएगा, और अनेक पापों पर परदा डालेगा" (याकूब 5:20)। एक पश्चतापी तथा परिवर्तित मसीही विश्वासी के जीवन की गवाही बहुत प्रभावी होती है। हम सभी मसीही विश्वासी इस पश्चाताप और परिवर्तन के अनुभव से होकर निकले हैं। हम सब अपने विश्वास से पूर्व के जीवन की दशा और फिर पश्चाताप तथा मसीह यीशु में लाए गए विश्वास द्वारा हुए जीवन के अद्भुत परिवर्तन को भली भांति जानते हैं। हमारी यही गवाही हमें मसीह यीशु के लिए प्रभावी तथा उपयोगी गवाह बना सकती है; हमें केवल अपने व्यक्तिगत अनुभव को ही लोगों के साथ बाँटना है और परमेश्वर का आत्मा हमारी उस गवाही को अपनी महिमा और लोगों के जीवन को परिवर्तित करने के लिए प्रयोग करेगा।

   आज ही से अपने जीवन की गवाही बाँटना आरंभ कर दीजिए, और देखिए कि परमेश्वर उस गवाही के द्वारा कैसे बड़े बड़े काम करता है, आपको कैसा आशीषित करता है। - डेनिस फिशर


जब हम अपनी गलतियों से शिक्षा लेने लगते हैं तो उन्हें दोहराना भी छोड़ देते हैं।

परन्तु उस[यीशु]ने उसे आज्ञा न दी, और उस से कहा, अपने घर जा कर अपने लोगों को बता, कि तुझ पर दया कर के प्रभु ने तेरे लिये कैसे बड़े काम किए हैं। - मरकुस 5:19

बाइबल पाठ: नीतिवचन 4:10-19
Proverbs 4:10 हे मेरे पुत्र, मेरी बातें सुन कर ग्रहण कर, तब तू बहुत वर्ष तक जीवित रहेगा। 
Proverbs 4:11 मैं ने तुझे बुद्धि का मार्ग बताया है; और सीधाई के पथ पर चलाया है। 
Proverbs 4:12 चलने में तुझे रोक टोक न होगी, और चाहे तू दौड़े, तौभी ठोकर न खाएगा। 
Proverbs 4:13 शिक्षा को पकड़े रह, उसे छोड़ न दे; उसकी रक्षा कर, क्योंकि वही तेरा जीवन है। 
Proverbs 4:14 दुष्टों की राह में पांव न धरना, और न बुरे लोगों के मार्ग पर चलना। 
Proverbs 4:15 उसे छोड़ दे, उसके पास से भी न चल, उसके निकट से मुड़ कर आगे बढ़ जा। 
Proverbs 4:16 क्योंकि दुष्ट लोग यदि बुराई न करें, तो उन को नींद नहीं आती; और जब तक वे किसी को ठोकर न खिलाएं, तब तक उन्हें नींद नहीं मिलती। 
Proverbs 4:17 वे तो दुष्टता से कमाई हुई रोटी खाते, और उपद्रव के द्वारा पाया हुआ दाखमधु पीते हैं। 
Proverbs 4:18 परन्तु धर्मियों की चाल उस चमकती हुई ज्योति के समान है, जिसका प्रकाश दोपहर तक अधिक अधिक बढ़ता रहता है। 
Proverbs 4:19 दुष्टों का मार्ग घोर अन्धकारमय है; वे नहीं जानते कि वे किस से ठोकर खाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 19-21