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सोमवार, 26 मई 2014

निर्देश


   इस्त्राएली घिर कर फंस गए थे। मिस्त्र की गुलामी से निकल कर आज़ादी से रहने के लिए कनान देश की ओर उनके चल निकलने के कुछ समय पश्चात ही उन्हें अपने पीछे एक व्याकुल कर देने वाला दृश्य दिखाई दिया। धूल का एक बादल उनके पीछे से, उनकी ओर बढ़ा आ रहा था - वह धूल का बादल मिस्त्र की विशाल सेना के कारण था जो इस्त्राएलियों का पीछा कर रही थी। मिस्त्र के राजा फिरौन ने अपना हृदय एक बार फिर कठोर कर लिया था, अब उसे इस्त्राएलियों को गुलामी से जाने देने के अपने निर्णय पर पछतावा हुआ और उसने अपनी सेना उन्हें फिर से बन्धुआ बना कर मिस्त्र वापस ले आने के लिए भेजी।

   मिस्त्री सेना के इस्त्राएली सेना के निकट आने की परिस्थिति से ऐसा लगा कि मानो अब सब कुछ नाश हो जाएगा। उस समय इस्त्राएली ऐसे स्थान पर थे जहाँ उनके आगे लाल समुद्र, दोनों ओर पहाड़ियाँ और पीछे मिस्त्री सेना थी - बच कर निकलने का कोई मार्ग सूझ नहीं पड़ रहा था, विनाश अवश्यंभावी लग रहा था। इस विकट परिस्थिति से बचने के लिए उन्होंने घबरा कर मूसा ओर परमेश्वर दोनों ही को पुकारा। मूसा और परमेश्वर दोनों ही ने उनकी पुकार के प्रत्युत्तर में उन्हें कुछ करने के निर्देश दिए। मूसा ने कहा, "...डरो मत, खड़े खड़े वह उद्धार का काम देखो..." (निर्गमन 14:13); और परमेश्वर ने कहा, "...इस्राएलियों को आज्ञा दे कि यहां से कूच करें" (निर्गमन 14:15)! अब तो उनकी समस्या और बढ़ गई - एक कह रहा था खड़े रहो, तो दूसरा कह रहा था यहाँ से कूच करो! यह विरोधाभास क्यों? इन में से कौन सा निर्देश सही था, और किस का पालन करना था?

   दोनों ही निर्देश सही थे, दोनों में परस्पर कोई विरोधाभास नहीं था, और इस्त्राएलियों को दोनों का ही पालन करना था - उसी क्रम में जिस में वे निर्देश दिए गए थे। पहला काम था व्याकुलता और छटपटाहट छोड़कर शांत तथा स्थिर खड़े होकर परमेश्वर से निर्देश लेना, ना की अपनी अधीरता में कुछ गलत कर बैठना; क्या होता यदि वे परमेश्वर के निर्देश को जाने बिना ही लाल समुद्र में छलांग लगाकर उसे अपने बूते पर पार करने का, या फिर पहाड़ियों पर चढ़कर बच निकलने का प्रयास करते - वे या तो डूब मरते या फिर फिरौन की सेना द्वारा बन्धुआ बना लिए जाते अथवा घात कर दिए जाते। लेकिन पहले शांत हो जाने, परमेश्वर पर भरोसा रखने और उससे निर्देश लेकर अगला कदम उठाने के कारण वे बच सके और फिरौन की सेना भी नाश हो गई। परमेश्वर ने इस्त्राएलियों और मूसा दोनों ही के लिए निर्देश दिए - मूसा को अपनी लाठी लाल समुद्र के ऊपर उठानी थी जिससे लाल समुद्र दो भागों में विभाजित हो गया तथा इस्त्राएलियों के लिए भूमि पर होकर जाने का मार्ग बन गया और इस्त्राएलियों को समुद्र में उनके लिए बने उस मार्ग पर चलना था, आगे बढ़ना था जिस का पालन करने से वे बिना किसी परेशानी के पार उतर सके।

   क्या आप कभी अपने आप को समस्याओं और परेशानियों से घिरा हुआ पाते हैं, जब कुछ समझ नहीं आता कि क्या करें और क्या ना करें? सबसे पहले शांत हो जाईए, परमेश्वर पर भरोसा रख कर उससे निर्देश लीजिए, फिर जो निर्देश वह आपको दे, उनका वैसा ही पालन कीजिए, उनके अनुसार आगे कदम बढ़ाईए और समस्या के पार उतर जाईए! - डेव ब्रैनन


जीवन की राह पर, हर परिस्थिति के लिए, परमेश्वर का वचन बाइबल तथा प्रभु यीशु ही सर्वोत्तम मार्गदर्शक हैं।

तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन 119:105 

बाइबल पाठ: निर्गमन 14:5-22
Exodus 14:5 जब मिस्र के राजा को यह समाचार मिला कि वे लोग भाग गए, तब फिरौन और उसके कर्मचारियों का मन उनके विरुद्ध पलट गया, और वे कहने लगे, हम ने यह क्या किया, कि इस्राएलियों को अपनी सेवकाई से छुटकारा देकर जाने दिया? 
Exodus 14:6 तब उसने अपना रथ जुतवाया और अपनी सेना को संग लिया। 
Exodus 14:7 उसने छ: सौ अच्छे से अच्छे रथ वरन मिस्र के सब रथ लिये और उन सभों पर सरदार बैठाए। 
Exodus 14:8 और यहोवा ने मिस्र के राजा फिरौन के मन को कठोर कर दिया। सो उसने इस्राएलियों का पीछा किया; परन्तु इस्राएली तो बेखटके निकले चले जाते थे। 
Exodus 14:9 पर फिरौन के सब घोड़ों, और रथों, और सवारों समेत मिस्री सेना ने उनका पीछा कर के उन्हें, जो पीहहीरोत के पास, बालसपोन के साम्हने, समुद्र के तीर पर डेरे डाले पड़े थे, जा लिया। 
Exodus 14:10 जब फिरौन निकट आया, तब इस्राएलियों ने आंखे उठा कर क्या देखा, कि मिस्री हमारा पीछा किए चले आ रहे हैं; और इस्राएली अत्यन्त डर गए, और चिल्लाकर यहोवा की दोहाई दी। 
Exodus 14:11 और वे मूसा से कहने लगे, क्या मिस्र में कबरें न थीं जो तू हम को वहां से मरने के लिये जंगल में ले आया है? तू ने हम से यह क्या किया, कि हम को मिस्र से निकाल लाया? 
Exodus 14:12 क्या हम तुझ से मिस्र में यही बात न कहते रहे, कि हमें रहने दे कि हम मिस्रियों की सेवा करें? हमारे लिये जंगल में मरने से मिस्रियों की सेवा करनी अच्छी थी। 
Exodus 14:13 मूसा ने लोगों से कहा, डरो मत, खड़े खड़े वह उद्धार का काम देखो, जो यहोवा आज तुम्हारे लिये करेगा; क्योंकि जिन मिस्रियों को तुम आज देखते हो, उन को फिर कभी न देखोगे। 
Exodus 14:14 यहोवा आप ही तुम्हारे लिये लड़ेगा, इसलिये तुम चुपचाप रहो। 
Exodus 14:15 तब यहोवा ने मूसा से कहा, तू क्यों मेरी दोहाई दे रहा है? इस्राएलियों को आज्ञा दे कि यहां से कूच करें। 
Exodus 14:16 और तू अपनी लाठी उठा कर अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ा, और वह दो भाग हो जाएगा; तब इस्राएली समुद्र के बीच हो कर स्थल ही स्थल पर चले जाएंगे। 
Exodus 14:17 और सुन, मैं आप मिस्रियों के मन को कठोर करता हूं, और वे उनका पीछा कर के समुद्र में घुस पड़ेंगे, तब फिरौन और उसकी सेना, और रथों, और सवारों के द्वारा मेरी महिमा होगी, तब मिस्री जान लेंगे कि मैं यहोवा हूं। 
Exodus 14:18 और जब फिरौन, और उसके रथों, और सवारों के द्वारा मेरी महिमा होगी, तब मिस्री जान लेंगे कि मैं यहोवा हूं। 
Exodus 14:19 तब परमेश्वर का दूत जो इस्राएली सेना के आगे आगे चला करता था जा कर उनके पीछे हो गया; और बादल का खम्भा उनके आगे से हटकर उनके पीछे जा ठहरा। 
Exodus 14:20 इस प्रकार वह मिस्रियों की सेना और इस्राएलियों की सेना के बीच में आ गया; और बादल और अन्धकार तो हुआ, तौभी उस से रात को उन्हें प्रकाश मिलता रहा; और वे रात भर एक दूसरे के पास न आए। 
Exodus 14:21 और मूसा ने अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ाया; और यहोवा ने रात भर प्रचण्ड पुरवाई चलाई, और समुद्र को दो भाग कर के जल ऐसा हटा दिया, जिससे कि उसके बीच सूखी भूमि हो गई। 
Exodus 14:22 तब इस्राएली समुद्र के बीच स्थल ही स्थल पर हो कर चले, और जल उनकी दाहिनी और बाईं ओर दीवार का काम देता था।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 1-4


रविवार, 25 मई 2014

परिवर्तन


   जब कभी मुझे और मेरे पति को किसी विदेश यात्रा पर जाना होता है तो हम अपने बैंक जाकर हमारे देश की मुद्रा - डॉलर के बदले उस देश की मुद्रा ले लेते हैं, जिससे हमें वहाँ पर अपने खर्चों का भुगतान करने में कोई परेशानी नहीं होने पाए। मुद्रा का यह परिवर्तन हमारे लिए परेशानियों से बचने में सहायक होता है।

   जब हम मसीही विश्वास में आते हैं तो एक अन्य प्रकार का परिवर्तन हमारे अन्दर होता है। हमारे जीवन भी मुद्रा के समान हैं; पुराने शारीरिक जीवन से निकल कर आत्मिक जीवन में आने के बाद हमारे जीवनों को भी एक नया स्वरूप लेना चाहिए। प्रभु यीशु में होकर हम अपने पुराने शारीरिक जीवन के स्थान पर प्रभु से एक नया आत्मिक जीवन पा लेते हैं; ऐसा जीवन जो प्रभु के आत्मिक राज्य में उपयोग होने के योग्य होता है। अब हम इस संसार के लिए अपनी शारीरिक लालसाओं के अनुसार अपने आप को खर्च करने की बजाए, प्रभु यीशु के लिए उसके आत्मिक राज्य में अपने आप को खर्च करने के योग्य हो जाते हैं।

   इस परिवर्तन का एक बहुत अच्छा उदाहरण है प्रेरित पौलुस का जीवन। पौलुस, जो उस समय शाऊल के नाम से जाना जाता था, का जीवन दमिश्क के मार्ग पर नाट्कीय रूप से बदला गया (प्रेरितों 9), और उसके बाद वह अपना जीवन एक बिलकुल ही भिन्न रीति से प्रभु के लिए खर्च करने लगा। पहले वो मसीही विश्वासियों के पीछे जाकर, उन्हें खोजकर, बन्दी बना कर लाता था जिससे उन्हें उनके मसीही विश्वास के लिए प्रताड़ित करवा सके, उन्हें बन्दीगृह में डलवा सके या मरवा सके। अब अपने परिवर्तन के बाद वह लोगों के सामने मसीही विश्वास की सार्थकता और अनिवार्यता को प्रस्तुत करने लगा जिससे वे पापों के पश्चाताप और प्रभु यीशु में मिलने वाली पाप क्षमा के द्वारा मसीही विश्वास में आ सकें और उस में स्थिर हो सकें। उसका यह परिवर्तित जीवन अब मसीही विश्वास के बढ़ावे और मसीही विश्वासियों की भलाई के लिए खर्च होने लगा। पौलुस ने कुरिन्थुस में स्थित मण्डली को लिखी अपनी पत्री में लिखा, "मैं तुम्हारी आत्माओं के लिये बहुत आनन्द से खर्च करूंगा, वरन आप भी खर्च हो जाऊंगा..." (2 कुरिन्थियों 12:15); अब उसका सारा जीवन अपनी इन आत्मिक सन्तानों की भलाई में खर्च हो जाने के लिए समर्पित था (पद 14, 19)।

   सांसारिक शारीरिक जीवन से मसीही विश्वास के आत्मिक जीवन में परिवर्तित होने का तात्पर्य केवल हमारे अनन्तकाल के गन्तव्य को बदलना ही नहीं है; वरन इसका तात्पर्य है अपने जीवन के प्रत्येक दिन को मसीह यीशु के आत्मिक राज्य की बढ़ोतरी एवं उसके लोगों की भलाई के लिए खर्च करना। - जूली ऐकैरमैन लिंक


मन परिवर्तन एक क्षण में होता है, उस के द्वारा होने वाले जीवन परिवर्तन होने में सारा जीवनकाल लग जाता है।

और और बातों को छोड़कर जिन का वर्णन मैं नहीं करता सब कलीसियाओं की चिन्‍ता प्रति दिन मुझे दबाती है। किस की निर्बलता से मैं निर्बल नहीं होता? किस के ठोकर खाने से मेरा जी नहीं दुखता? - 2 कुरिन्थियों 11:28-29

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 12:14-21
2 Corinthians 12:14 देखो, मैं तीसरी बार तुम्हारे पास आने को तैयार हूं, और मैं तुम पर कोई भार न रखूंगा; क्योंकि मैं तुम्हारी सम्पत्ति नहीं, वरन तुम ही को चाहता हूं: क्योंकि लड़के-बालों को माता-पिता के लिये धन बटोरना न चाहिए, पर माता-पिता को लड़के-बालों के लिये। 
2 Corinthians 12:15 मैं तुम्हारी आत्माओं के लिये बहुत आनन्द से खर्च करूंगा, वरन आप भी खर्च हो जाऊंगा: क्या जितना बढ़कर मैं तुम से प्रेम रखता हूं, उतना ही घटकर तुम मुझ से प्रेम रखोगे? 
2 Corinthians 12:16 ऐसा हो सकता है, कि मैं ने तुम पर बोझ नहीं डाला, परन्तु चतुराई से तुम्हें धोखा देकर फंसा लिया। 
2 Corinthians 12:17 भला, जिन्हें मैं ने तुम्हारे पास भेजा, क्या उन में से किसी के द्वारा मैं ने छल कर के तुम से कुछ ले लिया? 
2 Corinthians 12:18 मैं ने तितुस को समझाकर उसके साथ उस भाई को भेजा, तो क्या तीतुस ने छल कर के तुम से कुछ लिया? क्या हम एक ही आत्मा के चलाए न चले? क्या एक ही लीक पर न चले? 
2 Corinthians 12:19 तुम अभी तक समझ रहे होगे कि हम तुम्हारे सामने प्रत्युत्तर दे रहे हैं, हम तो परमेश्वर को उपस्थित जान कर मसीह में बोलते हैं, और हे प्रियों, सब बातें तुम्हारी उन्नति ही के लिये कहते हैं। 
2 Corinthians 12:20 क्योंकि मुझे डर है, कहीं ऐसा न हो, कि मैं आकर जैसे चाहता हूं, वैसे तुम्हें न पाऊं; और मुझे भी जैसा तुम नहीं चाहते वैसा ही पाओ, कि तुम में झगड़ा, डाह, क्रोध, विरोध, ईर्ष्या, चुगली, अभिमान और बखेड़े हों। 
2 Corinthians 12:21 और मेरा परमेश्वर कहीं मेरे फिर से तुम्हारे यहां आने पर मुझ पर दबाव डाले और मुझे बहुतों के लिये फिर शोक करना पड़े, जिन्हों ने पहिले पाप किया था, और उस गन्‍दे काम, और व्यभिचार, और लुचपन से, जो उन्होंने किया, मन नहीं फिराया।

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 38-42


शनिवार, 24 मई 2014

छुपाना


   कचरे के द्वारा भरे जाकर समतल करी जा रही ऊबड़-खाबड़ ज़मीन से उठने वाली दुर्गन्ध आस-पास के लोगों के लिए समस्या बन गई थी इसलिए भराई के कार्य में लगे लोगों ने उस दुर्गन्ध को छुपाने का प्रयास किया। उन्होंने भराई के क्षेत्र के चारों ओर पिचकारी के समान कार्य करने वाले ऐसे यन्त्र लगाए जो प्रति मिनिट कई गैलन सुगन्धित द्रव्य 50 मीटर तक की दूरी तक फेंक सकते थे। लेकिन चाहे जितने गैलन सुगन्धित द्रव्य फेंका जाता, कुछ ही समय के बाद सड़ते हुए कचरे की दुर्गन्ध वापस आ जाती। यन्त्रों द्वारा आस-पास छिड़की गई सुगन्ध तो केवल कुछ समय तक दुर्गन्ध छुपाने का असफल प्रयास भर था, स्थिति का वास्तविक हल तो उस कचरे के निवारण में था।

   राजा दाऊद ने भी कुछ छुपाने का प्रयास किया - बथशीबा के साथ किए व्यभिचार से हुई अपनी नैतिक पराजय को छुपाने के लिए उसने खामोशी, धोखे और धर्मपरायणता का प्रयोग किया (2 शमूएल 11-12)। परमेश्वर के वचन बाइबल के भजन 32 में दाऊद अपनी उस खामोशी के कारण उस पर परमेश्वर से आई दोष की तीव्र भावना को व्यक्त करता है (पद 3-4)। जब दाऊद उस दोष-भावना को और बर्दाश्त नहीं कर सका तो उसने अपने पाप को छुपाने के प्रयास छोड़कर उसे मान लिया और उसके लिए पश्चाताप किया (पद 5)। इसके बाद उसे अपने पाप को छुपाने का प्रयास करने की फिर कोई आवश्यकता नहीं रही क्योंकि परमेश्वर ने उसे क्षमा कर दिया।

   हमारा अपने पापों को छुपाने का प्रयास करना व्यर्थ है। हम छुपाने का जो भी उपाय करें, पाप की दुर्गन्ध उसमें से होकर भी बाहर निकल ही आएगी और हमारी तथा दूसरों की परेशानी का कारण बनेगी। स्थिति का वस्तविक निवारण है उस पाप को परमेश्वर के सम्मुख मान लेना और उसके लिए सच्चे मन से परमेश्वर से पश्चाताप करना। ऐसा कर के हम परमेश्वर को यह अधिकार देते हैं कि वह हमारे अन्दर की गन्दगी को साफ कर दे, और हम इस सफाई के द्वारा उसके अनुग्रह और क्षमा से मिलने वाली ताज़गी को अनुभव करने पाते हैं।

   पाप को छुपाएं नहीं, उसे स्वीकार कर लें, और परमेश्वर प्रभु यीशु से नए जीवन के अनुभव को प्राप्त कर लें। - मार्विन विलियम्स


प्रभु यीशु के समक्ष अपने पाप को मान कर उससे मिलने वाली क्षमा के आनन्द को अनुभव करें।

दूसरे दिन उसने यीशु को अपनी ओर आते देखकर कहा, देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना है, जो जगत के पाप उठा ले जाता है। - यूहन्ना 1:29

बाइबल पाठ: भजन 32:1-5
Psalms 32:1 क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ाँपा गया हो। 
Psalms 32:2 क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो। 
Psalms 32:3 जब मैं चुप रहा तब दिन भर कराहते कराहते मेरी हडि्डयां पिघल गई। 
Psalms 32:4 क्योंकि रात दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई। 
Psalms 32:5 जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 35-37


शुक्रवार, 23 मई 2014

जोखिम


   अपनी जीवनी की पुस्तक, "Stuntman! My Car-Crashing, Plane-Jumping, Bone-Breaking, Death-Defying Hollywood Life" (करतब-बाज़! मेरा कार-टकराने, वायु-यान से कूदने, हड्डियाँ तुड़वाने और मौत का जोखिम उठाने वाला हॉलिवुड का जीवन) में हैल नीडहैम अपने द्वारा हॉलिवुड की फिल्मों में उठाए गए जोखिमों के बारे में लिखता है। उसने मुक्केबाज़ी की है, तेज़ रफ्तार से कार चलाईं हैं, उड़ते हुए वायु-यानों के पंखों पर चला है, घोड़ों से गिरा है और उसे आग भी लगाई गई है! यह सब उसने इसलिए किया कि हॉलिवुड फिल्मों के दर्शकों का मनोरंजन हो सके; इतने करतब दिखाने के कारण उसे हॉलिवुड के सर्वश्रेष्ठ करतब-बाज़ का खिताब भी मिला है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के दो पात्र - प्रेरित पौलुस और उनका साथी बरनबास भी ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अपने जीवन जोखिम में डाले (प्रेरितों 15:26); लेकिन इस जोखिम के लिए उनका उद्देश्य फर्क था। उन्होंने ऐसा प्रभु यीशु मसीह में मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार का प्रचार करने तथा प्रभु यीशु मसीह को महिमा देने के लिए किया। रोमी साम्राज्य में एक सुसमाचार प्रचारक के रुप में पौलुस ने अनेक जोखिम उठाए जिनमें उसके पानी के जहाज़ का टूटना, उसका पीटे जाना, उसे ताड़नाएं दिए जाना और बन्दीगृह में डाले जाना सम्मिलित है (2 कुरिन्थियों 11:22-30)। लेकिन प्रभु यीशु के प्रचार के लिए पौलुस इन सब जोखिमों को उठाने से कभी कतराया नहीं, वह सब दुख उठा कर भी सुसमाचार प्रचार की अपनी सेवकाई में अपने जीवन के अन्त तक लगा रहा।

   आज भी ऐसे अनेक मसीही विश्वासी हैं जो प्रभु यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रचार के लिए हर तरह का जोखिम उठाने को तैयार रहते हैं। क्या आप एक मसीही विश्वासी होने के बावजूद ऐसे ही किनारे पर बैठे हुए हैं, सुसमाचार प्रचार में भाग नहीं ले रहे हैं? परमेश्वर ने अपना आत्मा और अपना वचन आपको इसलिए दिया है कि आप सामर्थ पाएं और सुसमाचार प्रचार में लगें (रोमियों 1:16; प्रेरितों 1:8)।

   यदि आप अभी तक सुसमाचार प्रचार से कतराते रहे हैं तो परमेश्वर से माँगें कि वह आपको ऐसा मन और चाह दे कि आप बिना हिचकिचाए या भयभीत हुए सुसमाचार प्रचार में लग सकें। सुसमाचार प्रचार के लिए उठाया गया जोखिम कोई जोखिम नहीं वरन आने वाले भविष्य के लिए एक उत्तम निवेश है जिसके प्रतिफल सर्वोत्तम हैं; उन प्रतिफलों से बढ़कर ना तो इस जीवन में और ना ही आते जीवन कुछ मिल सकता है। - डेनिस फिशर


सुसमाचार प्रचार करने के प्रतिफल उसके लिए उठाए गए जोखिमों से बढ़कर हैं।

क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करने वाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित परमेश्वर की सामर्थ है। - रोमियों 1:16

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 11:22-30
2 Corinthians 11:22 क्या वे ही इब्रानी हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही इस्त्राएली हैं? मैं भी हूँ: क्या वे ही इब्राहीम के वंश के हैं ?मैं भी हूं: क्या वे ही मसीह के सेवक हैं? 
2 Corinthians 11:23 (मैं पागल की नाईं कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाने में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में। 
2 Corinthians 11:24 पांच बार मैं ने यहूदियों के हाथ से उन्‍तालीस उन्‍तालीस कोड़े खाए। 
2 Corinthians 11:25 तीन बार मैं ने बेंतें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक रात दिन मैं ने समुद्र में काटा। 
2 Corinthians 11:26 मैं बार बार यात्राओं में; नदियों के जोखिमों में; डाकुओं के जोखिमों में; अपने जाति वालों से जोखिमों में; अन्यजातियों से जोखिमों में; नगरों में के जाखिमों में; जंगल के जोखिमों में; समुद्र के जाखिमों में; झूठे भाइयों के बीच जोखिमों में; 
2 Corinthians 11:27 परिश्रम और कष्‍ट में; बार बार जागते रहने में; भूख-पियास में; बार बार उपवास करने में; जाड़े में; उघाड़े रहने में। 
2 Corinthians 11:28 और और बातों को छोड़कर जिन का वर्णन मैं नहीं करता सब कलीसियाओं की चिन्‍ता प्रति दिन मुझे दबाती है। 
2 Corinthians 11:29 किस की निर्बलता से मैं निर्बल नहीं होता? किस के ठोकर खाने से मेरा जी नहीं दुखता? 
2 Corinthians 11:30 यदि घमण्ड करना अवश्य है, तो मैं अपनी निर्बलता की बातों पर करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 32-34


गुरुवार, 22 मई 2014

आश्वस्त


   मेरी पत्नि गर्भवती थी; हमारा दूसरा बच्चा आने को था, लेकिन गर्भावस्था के समय में वह गंभीर रूप से बीमार हो गई। चिकित्सक उसकी बीमारी के कारण को ढ़ूढ़ने का प्रयास कर रहे थे, और वह कमज़ोर होती जा रही थी; उसकी कमज़ोरी बहुत बढ़ गई और जान पर बन आई थी। इस तरह लाचार हो कर उसे तकलीफ उठाते हुए देखते रहना मेरे लिए एक बेचैन तथा भयावह कर देने वाला अनुभव था। ऐसे भी दिन निकले जिन में लगा कि परमेश्वर हमारी प्रर्थनाएं अनसुनी कर रहा है। एक इतवार उसकी हालात को देखते हुए मैं परमेश्वर के वचन बाइबल से अपने लिए शांति और सांत्वना ढ़ूंढ़ रहा था, और मेरी आँखें यशायाह नबी की पुस्तक के 43 अध्याय के पहले पद पर पड़ीं।

   उस पद में परमेश्वर द्वारा अपनी प्रजा इस्त्राएल को दिए गए आश्वासन के आरंभिक शब्द हैं "मत डर" और वह आश्वासन अन्त होता है परमेश्वर के कथन "तू मेरा ही है" के साथ। तुरंत ही परमेश्वर के आत्मा ने वह आश्वासन मेरे लिए व्यक्तिगत बना दिया। जिस आत्मियता के साथ परमेश्वर ने आगे के पदों में इस्त्राएल को आश्वस्त किया है - जब तू जल से होकर निकले...नदी से निकले...आग से निकले, सब में मैं तेरे साथ हूँ - उसने मुझे भी आश्वस्त किया कि परमेश्वर मेरे साथ लगातार बना हुआ है। उस खण्ड का प्रत्येक वाक्यांश मानो बुलन्द आवाज़ में मुझ से कह रहा था - यह तेरे लिए भी उतना ही सत्य है।

   उस तकलीफ की घड़ी में मैंने और मेरी पत्नि ने जो शांति तथा सांत्वना पाई वह किसी चँगाई या आश्चर्यकर्म की प्रतिज्ञा से नहीं वरन उस आश्वासन से पाई कि हम कभी अकेले नहीं हैं, वरन हर परिस्थिति में हमारा परमेश्वर हमारे साथ है। इसके बाद भी हमें कई भयभीत करने वाली परिस्थितियों से होकर निकलना पड़ा, यहाँ तक कि बच्चे के पैदा होने के तुरंत बाद ऐसा भी लगा कि हम माँ और बच्चे दोनों को ही खो देंगे। लेकिन परमेश्वर हमेशा हमें अपने वचन से आश्वस्त करता रहा और हर परिस्थिति के लिए तैयाएर करता रहा।

   हर मसीही विश्वासी को उसके उद्धारकर्ता परमेश्वर का वचन आश्वस्त करता है कि परमेश्वर सदा ही उनके साथ बना रहता है; वे कभी किसी भी परिस्थिति में या किसी भी बात में अकेले नहीं होते। - रैण्डी किल्गोर


जिसे आप हर उजाले का सत्य जानते तथा मानते हैं उसे कभी किसी अन्धकार में ना भूलें।

तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा; - यशायाह 46:4

बाइबल पाठ: यशायाह 43:1-4
Isaiah 43:1 हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम ले कर बुलाया है, तू मेरा ही है। 
Isaiah 43:2 जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। 
Isaiah 43:3 क्योंकि मैं यहोवा तेरा परमेश्वर हूं, इस्राएल का पवित्र मैं तेरा उद्धारकर्ता हूं। तेरी छुड़ौती में मैं मिस्र को और तेरी सन्ती कूश और सबा को देता हूं। 
Isaiah 43:4 मेरी दृष्टि में तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है और मैं तुझ से प्रेम रखता हूं, इस कारण मैं तेरी सन्ती मनुष्यों को और तेरे प्राण के बदले में राज्य राज्य के लोगों को दे दूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 28-31


बुधवार, 21 मई 2014

आज्ञाकारी


   पैट की वह पहली नौकरी थी; उसे किराने की दुकान पर काम मिला था, और आरंभ से ही उसे रात्रि की पारी मिली थी। शाम को जब दुकान बन्द हो जाती तब रात्रि की पारी वाले कर्मचारी आकर अगले दिन के लिए दुकान के समान को ठीक करके लगाते, बिक चुके सामान के स्थान पर और नया सामान रखते थे। पैट के मालिक का यह निर्देश था कि हमेशा सूप के डिब्बे ऐसे रखे जाएं कि उनके लेबल सामने की ओर हों जिससे वे सरलता से पढ़े जा सकें, लेकिन इसके साथ ही उस के यह भी निर्देश थे कि ऐसा कम से कम डब्बों की एक के बाद एक तीन पंक्तियाँ तक किया जाना था। एक रात को जब पैट अन्य लोगों के साथ सामान लगा रहा था, उसके सह-कर्मचारी अपने मालिक का ठठा करते हुए कहने लगे, "अरे, बस यह ध्यान रखो कि सबसे आगे की पंक्ति के डब्बे सही रखे हैं, पीछे की पंक्तियां कौन देखता है?" युवा पैट के लिए यह एक निर्णय का क्षण था - वह अपने मालिक की बात को माने या अन्य लोगों के समान वह करे जो सरल है और बाकी सब कर रहे हैं?

   हम सब कभी ना कभी ऐसी ही किसी परिस्थिति से होकर निकले हैं, जहाँ हमें भी ऐसा ही कोई निर्णय लेना पड़ा है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने अपनी एक पत्री में लिखा कि हम मसीही विश्वासियों को उस समय भी आज्ञाकारी बने रहना है जब कोई हमें देख भी नहीं रहा होता है: "हे सेवकों, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्‍वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करने वालों की नाईं दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से" (कुलुस्सियों 3:22)।

   हमारा वह करना जो सही है इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि हमारा अधिकारी या मालिक आस-पास है कि नहीं, या कोई हमें देख रहा है कि नहीं। भली, उचित या न्यायसंगत आज्ञाओं के लिए भी हर समय आज्ञाकारी रहना चाहे सरल या सुविधाजनक नहीं भी हो, लेकिन ऐसा करना सही होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल की चेतावनी के प्रति सचेत रहें: "इसलिये जो कोई भलाई करना जानता है और नहीं करता, उसके लिये यह पाप है" (याकूब 4:17)। - सिंडी हैस कैसपर


जब कोई ना देख रहा हो ऐसे में हम जो करते हैं वह हमारे चरित्र का नाप है।

जितने दास जूए के नीचे हैं, वे अपने अपने स्‍वामी को बड़े आदर के योग्य जानें, ताकि परमेश्वर के नाम और उपदेश की निन्‍दा न हो। - 1 तिमुथियुस 6:1

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:22-25
Colossians 3:22 हे सेवकों, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्‍वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करने वालों की नाईं दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से। 
Colossians 3:23 और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। 
Colossians 3:24 क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें इस के बदले प्रभु से मीरास मिलेगी: तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो। 
Colossians 3:25 क्योंकि जो बुरा करता है, वह अपनी बुराई का फल पाएगा; वहां किसी का पक्षपात नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 25-27


मंगलवार, 20 मई 2014

तैयार


   पिछले अनेक वर्षों में अनेक लोगों ने प्रभु यीशु मसीह के दूसरे आगमन की तिथि की भविष्यवाणियाँ की हैं। कुछ वर्ष पहले भी अमेरिका से रेडियो प्रसारण द्वारा प्रचार करने वाले एक व्यक्ति ने मीडीया की रुचि को बहुत जागृत किया जब उसने यह भविष्यवाणी करी कि प्रभु यीशु 21 मई 2011 को पुनः आएंगे।

   जो कोई परमेश्वर के वचन बाइबल को जानते हैं, वे यह भी जानते हैं कि ऐसी भविष्यवाणी कभी सत्य नहीं हो सकती; और यही हुआ भी, क्योंकि प्रभु यीशु ने स्वयं अपने दूसरे आगमन के लिए कहा है कि: "तुम भी तैयार रहो; क्योंकि जिस घड़ी तुम सोचते भी नहीं, उस घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जावेगा" (लूका 12:40)। लेकिन मैं यह तो मानूँगा कि उस प्रचारक की भविष्यवाणी ने मेरा भी ध्यान आकर्षित किया। अकसर मैं जीवन की व्यस्तता में इतना खो जाता हूँ कि मैं ऐसे जीने लगता हूँ मानो प्रभु यीशु का दूसरा आगमन कोई बहुत दूर भविष्य में होने वाली घटना है। मैं भूल जाता हूँ कि प्रभु यीशु कभी भी पुनः आ सकते हैं। उस प्रचारक की वह भविश्यवाणी गलत तो थी ही, लेकिन उस ने मुझे स्मरण कराया कि मुझे अपने उद्धारकर्ता प्रभु के पुनः आगमन के लिए कैसे तैयार रहना चाहिए, तथा मेरे उस पुनः आगमन के लिए उत्साहित रहने को फिर से जागृत किया, क्योंकि यह किसी भी दिन हो सकता है - आज भी।

   कभी कभी हम सोचते हैं कि प्रभु यीशु के पुनः आगमन के लिए तैयार रहने का अर्थ है कुछ बातों को अपने जीवन में ना होने देना या उन्हें नहीं करना। लेकिन प्रभु यीशु से मिलने के लिए तैयार होने का अर्थ है कि हम निरंतर उसकी समानता में ढ़लते चले जाएं, जिससे कि जब भी वह आए हम उसे भावते हुए रहें (1 यूहन्ना 3:2-3)। प्रभु यीशु ने अपने चेलों को सिखाया कि उसके आगमन के लिए तैयार रहने का तात्पर्य है हमेशा उसकी इच्छा के अनुसार जीवन व्यतीत करते रहना (लूका 12:47)।

   ज़रा विचार कीजिए, जब कभी भी प्रभु यीशु का दूसरा आगमन वास्तव में हो जाए, तब क्या आप उसके लिए तैयार पाए जाएंगे? - जो स्टोवैल


प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के लिए तैयार बने रहिए, और आप उसकी महिमा और आज्ञाकारिता का जीवन बिताते रहेंगे।

और वह दास जो अपने स्‍वामी की इच्छा जानता था, और तैयार न रहा और न उस की इच्छा के अनुसार चला बहुत मार खाएगा। - लूका 12:47

बाइबल पाठ: लूका 12:35-40
Luke 12:35 तुम्हारी कमरें बन्‍धी रहें, और तुम्हारे दीये जलते रहें। 
Luke 12:36 और तुम उन मनुष्यों के समान बनो, जो अपने स्‍वामी की बाट देख रहे हों, कि वह ब्याह से कब लौटेगा; कि जब वह आकर द्वार खटखटाए, तुरन्त उसके लिये खोल दें। 
Luke 12:37 धन्य हैं वे दास, जिन्हें स्‍वामी आकर जागते पाए; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वह कमर बान्‍ध कर उन्हें भोजन करने को बैठाएगा, और पास आकर उन की सेवा करेगा। 
Luke 12:38 यदि वह रात के दूसरे पहर या तीसरे पहर में आकर उन्हें जागते पाए, तो वे दास धन्य हैं। 
Luke 12:39 परन्तु तुम यह जान रखो, कि यदि घर का स्‍वामी जानता, कि चोर किस घड़ी आएगा, तो जागता रहता, और अपने घर में सेंध लगने न देता। 
Luke 12:40 तुम भी तैयार रहो; क्योंकि जिस घड़ी तुम सोचते भी नहीं, उस घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जावेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 21-24