ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

गुरुवार, 9 अप्रैल 2015

महत्वकांक्षा


   क्या महत्वकांक्षी होना गलत है? क्या सर्वोत्त्म बनने की चाहत रखना और उसके लिए सतत प्रयासरत रहना सही नहीं है? सही या गलत होने का उत्तर निर्भर करता है कि महत्वकांक्षी होने और प्रयास करने के पीछे हमारा लक्ष्य और उद्देश्य क्या है - परमेश्वर की या स्वयं अपनी महिमा करना और करवाना।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में थिस्सुलुनीके की मसीही विश्वासी मण्डली को लिखी अपनी पहली पत्री में प्रेरित पौलुस ने उन्हें लिखा कि वे परमेश्वर को भावते हुए जीवन व्यतीत करने वाले बनें (1 थिस्सलुनीकियों 4:1)। कुछ मसीही विश्वासियों के लिए ऐसा करने का निर्णय मसीही विश्वास में आते ही तात्कालिक होता है, तो कुछ अन्य के लिए यह धीरे धीरे समय के साथ आता है तो कुछ और इसे मसीही विश्वास में आने के बाद भी संसार के प्रति अपने लगाव के कारण संसार से ठोकरें खाने और अपने विश्वास में कमज़ोर गिरते-पड़ते कदम रखकर चलने के द्वारा ही सीखते हैं। यह निर्णय जैसे भी आए, लेकिन प्रत्येक मसीही विश्वासी का यह कर्तव्य है कि वह परमेश्वर द्वारा उसके लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करे ना कि स्वयं अपने द्वारा निर्धारित लक्ष्यों का (इफिसीयों 2:10)।

   इसलिए अपने कार्य के संबंध में हम मसीही विश्वासियों को प्रश्न करना चाहिए, "क्या मेरे द्वारा यह कार्य लेने से दूसरों और परमेश्वर की सेवा और भली भांति होने पाएगी?" जो भी महत्वकांक्षा परमेश्वर की ओर केंद्रित होगी वह अपने से बाहर और दूसरों की भलाई के प्रति होगी, तथा सदा यह देखेगी कि परमेश्वर ने जो गुण और वरदान हमें प्रदान किए हैं क्या हम उनका प्रयोग उसकी इच्छानुसार कर रहे हैं अथवा नहीं। पौलुस ने कहा कि हम "...मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से" (कुलुस्सियों 3:22) प्रत्येक कार्य को करें। हम चाहे जो भी कार्य करें, उसे मनुष्यों को दिखाने या प्रसन्न करने के लिए नहीं वरन परमेश्वर को प्रसन्न करने के लिए करें (पद 23-24)।

   हम परमेश्वर में सबसे अधिक आनन्दित और परमेश्वर को सबसे अधिक महिमान्वित तब ही करने पाते हैं जब हम पूरे उत्साह और उत्कर्षता के साथ उसकी इच्छा को पूरी करते हैं ना कि अपनी; उसकी और उसके लोगों की सेवकाई के लिए कार्य करते हैं ना कि अपनी। हमारी महत्वकांक्षाओं और प्रयत्नों की उत्तमता के प्रयासों का सर्वोत्तम और सर्वाधिक योग्य परमेश्वर ही है। - रैन्डी किलगोर


महान बनने के प्रयासों में हम छोटे ही बनते जाते हैं। - ई. स्टैनली जोन्स

निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ। - 1 थिस्सलुनीकियों 4:1 

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:22-25
Colossians 3:22 हे सेवकों, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्‍वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करने वालों की नाईं दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से। 
Colossians 3:23 और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। 
Colossians 3:24 क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें इस के बदले प्रभु से मीरास मिलेगी: तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो। 
Colossians 3:25 क्योंकि जो बुरा करता है, वह अपनी बुराई का फल पाएगा; वहां किसी का पक्षपात नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 13-14
  • लूका 10:1-24


बुधवार, 8 अप्रैल 2015

छवि


   पहनने को तैयार कपड़े बेचने वाला एक लोकप्रीय उत्पादक का नियम है कि उसकी दुकान में काम करने वाले वे कर्मचारी जो कपड़ों को बेचने के कार्य से संबंधित हैं, वैसे ही कपड़े पहने जैसे उसकी दुकान में नमूने के तौर पर दुकान में रखे पुतलों को पहनाए जाते हैं। उसका यह करने के पीछे जो तर्क है वह है कि दुकान में आने वाले लोग उन्हीं कपड़ों को खरीदने के अधिक इच्छुक होंगे जिन्हें देख कर वे अन्दर आने को आकर्षित होंगे और फिर अन्दर औरों को पहने देखेंगे।

   आज की इस उपभोगता संसकृति में यह विचार रखना सरल प्रतीत हो सकता है कि हम लोगों को वह खरिदने के लिए आकर्षित कर सकते हैं जो अच्छा दिखने वाले अन्य लोग पहनते हैं। बेचने वाले तो हमें यह भी विश्वास दिलाना चाहते हैं कि बाहर से अच्छा दिखने के कारण हम लोगों को आकर्षक लगते हैं।

   कुछ ऐसी ही विचारधारा अनेक मसीही विश्वासियों में भी पाई जाती है - हम अपने आप को संसार के लिए आकर्षक बनाने के द्वारा लोगों को परमेश्वर की ओर आकर्षित कर सकते हैं। लेकिन परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि परमेश्वर की नज़रों में क्या आवश्यक है। परमेश्वर हम से यही चाहता है कि अपने चरित्र में हम मसीह यीशु के समान बनते जाएं, संसार के लोगों को प्रभु यीशु के समान दिखाई दें (रोमियों 8:29); यही हमारी छाप है। जब हम अपने जीवनों में प्रभु यीशु के गुणों को, जिनमें करुणा, भलाई, दीनता, सहनशीलता और प्रेम सम्मिलित हैं दिखाते हैं (कुलुस्सियों 3:12) तब ही हमारे जीवन लोगों को परमेश्वर की ओर आकर्षित करने वाले होते हैं।

   बजाए इसके कि हम अपनी ही छवि को चमकाते तथा लोगों के सामने प्रस्तुत करते रहें, हमें चाहिए कि हम प्रभु यीशु की छवि को अपने जीवनों में दिखाएं और सुरक्षित बनाए रखें, क्योंकि हम उसी के स्वरूप में ढाले जा रहे हैं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर के पवित्र आत्मा का एक कार्य है मसीही विश्वासियों को मसीह यीशु की समानता में ढालता जाए।

क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। - रोमियों 8:29

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:1-14
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। 
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। 
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है। 
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे। 
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 10-12
  • लूका 9:37-62



मंगलवार, 7 अप्रैल 2015

प्रेम


   मैं अपने पति के साथ एक सार्वजनिक स्थान पर थी, और लोगों ने ऊपर आसमान की ओर देखना आरंभ कर दिया। वहाँ ऊपर एक छोटा वायु-यान धुँआ छोड़ रहा था और उस वायु-यान का चालक उस धुएं से कुछ अक्षर बना रहा था। हमारे देखते देखते उसने लिखा "मैं आपसे प्रेम करता हूँ", और नीचे हमारे आस-पास के अधिकांश लोग अटकलें लगाने लगे कि वह आगे क्या लिखेगा। किसी ने सोचा कि वह किसी प्रेमी द्वारा प्रेम का प्रकटिकरण होगा; या संभवतः आस-पास के किसी मकान में कोई प्रेमी अपनी प्रेमिका से पूछने वाला है कि क्या वह उससे विवाह करेगी। हम देखते रहे और उस चालक ने लिखा "मैं आपसे प्रेम करता हूँ यीशु" - वह वायु-यान चालक प्रभु यीशु के प्रति अपने प्रेम को सभी लोगों को दिखा रहा था।

   मेरा एक मित्र अपनी सभी प्रार्थनाओं का अन्त, "प्रभु मैं आपसे प्रेम करता हूँ" कहकर करता है। उसका कहना है कि यह जानते हुए कि मेरे लिए प्रभु यीशु ने क्या कुछ किया है, मैं यह बात कहे बिना रह नहीं पाता। परमेश्वर के वचन बाइबल में रोमियों को लिखी गई अपनी पत्री के छठे अध्याय में प्रेरित पौलुस प्रभु यीशु द्वारा हमारे लिए करी गई बातों में से कुछ का वर्णन करता है, जिनके कारण वह हमारे प्रेम का हकदार है: प्रभु यीशु हमारे ही पापों के लिए क्रूस पर मारा गया और गाड़ा गया, वह हमारे ही लिए मृतकों में से तीसरे दिन फिर से जी उठा। उसके इस कार्य के द्वारा ही अब जो कोई स्वेच्छा से उसमें विश्वास लाकर उसे अपना जीवन समर्पित करता है वह एक नया जीवन प्राप्त करता है (पद 4) और उसे फिर पाप की आधीनता या मृत्यु का भय नहीं रहता (पद 6, 9), और एक दिन हम सभी मसीही विश्वासी उसके साथ अनन्त जीवन बिताने के लिए मृत्कों मे से जी उठेंगे (पद 8)।

   इसलिए इसमें कोई विचित्र लगने वाली या आश्चर्यचकित करने वाली बात नहीं कि हम जिन्होंने प्रभु यीशु को जाना है, उसे अपना उद्धारकर्ता स्वीकार किया है, उसे अपना जीवन समर्पित किया है, उससे मिली पापों की क्षमा और अनन्त जीवन के लिए उससे कहते हैं, "प्रभु मैं आपसे प्रेम करता हूँ"। - ऐनी सेटास


हमारे प्रति प्रेम दिखाने के लिए प्रभु यीशु हमारे लिए मर गया; उसके प्रति प्रेम दिखाने के लिए हमें उसके लिए जीना है।

और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा। - 2 कुरिन्थियों 5:15

बाइबल पाठ: रोमियों 6:1-11
Romans 6:1 सो हम क्या कहें? क्या हम पाप करते रहें, कि अनुग्रह बहुत हो? 
Romans 6:2 कदापि नहीं, हम जब पाप के लिये मर गए तो फिर आगे को उस में क्योंकर जीवन बिताएं? 
Romans 6:3 क्या तुम नहीं जानते, कि हम जितनों ने मसीह यीशु का बपतिस्मा लिया तो उस की मृत्यु का बपतिस्मा लिया 
Romans 6:4 सो उस मृत्यु का बपतिस्मा पाने से हम उसके साथ गाड़े गए, ताकि जैसे मसीह पिता की महिमा के द्वारा मरे हुओं में से जिलाया गया, वैसे ही हम भी नए जीवन की सी चाल चलें। 
Romans 6:5 क्योंकि यदि हम उस की मृत्यु की समानता में उसके साथ जुट गए हैं, तो निश्चय उसके जी उठने की समानता में भी जुट जाएंगे। 
Romans 6:6 क्योंकि हम जानते हैं कि हमारा पुराना मनुष्यत्व उसके साथ क्रूस पर चढ़ाया गया, ताकि पाप का शरीर व्यर्थ हो जाए, ताकि हम आगे को पाप के दासत्व में न रहें। 
Romans 6:7 क्योंकि जो मर गया, वह पाप से छूटकर धर्मी ठहरा। 
Romans 6:8 सो यदि हम मसीह के साथ मर गए, तो हमारा विश्वास यह है, कि उसके साथ जीएंगे भी। 
Romans 6:9 क्योंकि यह जानते हैं, कि मसीह मरे हुओं में से जी उठ कर फिर मरने का नहीं, उस पर फिर मृत्यु की प्रभुता नहीं होने की। 
Romans 6:10 क्योंकि वह जो मर गया तो पाप के लिये एक ही बार मर गया; परन्तु जो जीवित है, तो परमेश्वर के लिये जीवित है। 
Romans 6:11 ऐसे ही तुम भी अपने आप को पाप के लिये तो मरा, परन्तु परमेश्वर के लिये मसीह यीशु में जीवित समझो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 7-9
  • लूका 9:18-36



सोमवार, 6 अप्रैल 2015

अदृश्य खतरे


   मेरे बचपन की घटना है, हमारा परिवार एक बड़े खतरे से सुरक्षित बच निकला। हमारे घर के प्रायः सभी मुख्य उपकरण और घर की भट्टी प्राकृतिक गैस से चला करते थे जो पाईपों से होकर घर के भिन्न स्थानों तक उपयोग के लिए आती थी। उन्हीं पाईपों में से किसी एक में गैस के हल्के से रिसाव के द्वारा हम सभी के प्राणों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया। हमारे छोटे से घर में वह गैस पाईप से रिस कर भरने लगी और हम सब लोगों को धीरे धीरे, हमारे जाने बिना ही अपने प्रभाव में लेकर बेहोश कर दिया। क्योंकि हमारा एक पड़ौसी हम से मिलने के लिए हमारे घर आया, तो पता चला कि हम सब बेहोश पड़े हैं और हमें बचा लिया गया नहीं तो इस अदृश्य शत्रु द्वारा हम मार डाले गए होते।

   प्रभु यीशु के अनुयायी होने के कारण हम सभी मसीही विश्वासी अदृशय खतरों से घिरे रहते हैं। सांसारिक बातों के प्रलोभनों और हमारे अपने शरीर की लालसाओं के हानिकारक प्रभाव हमारे मसीही विश्वास के जीवन और हमारे संबंधों को कभी भी अनजाने में ही बड़े खतरों में डाल सकते हैं। मेरे घर में रिसने वाली वह प्राकृतिक गैस तो बाहर से आई थी, लेकिन ये अदृश्य खतरे तो हमारे भीतर ही विद्यमान रहते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने अपनी पत्री में लिखा, "परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंच कर, और फंस कर परीक्षा में पड़ता है" (याकूब 1:14)।

   पाप में पड़ जाने कि हमारी स्वाभाविक प्रवृत्ति, हमारा अपनी कमज़ोरियों को अन्देखा करना, उन्हें हल्का कर के आँकना आदि हमें बरबादी में डाल देने वाली विषैली बातें बन सकती हैं। लेकिन जब हम परमेश्वर के वचन को अपने जीवनों को जाँचने देते हैं, उस वचन की आज्ञाकारिता में रहते हैं (पद 23-25) और अपने आप को अपने परमेश्वर के आत्मा की अगुवाई में चलाते रहते हैं तो हम इन खतरों तथा सभी हानियों से बचे रहते हैं। - बिल क्राऊडर


परमेश्वर के अदृश्य आत्मा की संगति प्रत्येक अदृश्य खतरे से सर्वोत्तम सुरक्षा है।

पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे। - गलतियों 5:16

बाइबल पाठ: याकूब 1:13-25
James 1:13 जब किसी की परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वह किसी की परीक्षा आप करता है। 
James 1:14 परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंच कर, और फंस कर परीक्षा में पड़ता है। 
James 1:15 फिर अभिलाषा गर्भवती हो कर पाप को जनती है और पाप जब बढ़ जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है। 
James 1:16 हे मेरे प्रिय भाइयों, धोखा न खाओ। 
James 1:17 क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है। 
James 1:18 उसने अपनी ही इच्छा से हमें सत्य के वचन के द्वारा उत्पन्न किया, ताकि हम उस की सृष्‍टि की हुई वस्‍तुओं में से एक प्रकार के प्रथम फल हों।
James 1:19 हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्‍पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो। 
James 1:20 क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है। 
James 1:21 इसलिये सारी मलिनता और बैर भाव की बढ़ती को दूर कर के, उस वचन को नम्रता से ग्रहण कर लो, जो हृदय में बोया गया और जो तुम्हारे प्राणों का उद्धार कर सकता है। 
James 1:22 परन्तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं। 
James 1:23 क्योंकि जो कोई वचन का सुनने वाला हो, और उस पर चलने वाला न हो, तो वह उस मनुष्य के समान है जो अपना स्‍वाभाविक मुंह दर्पण में देखता है। 
James 1:24 इसलिये कि वह अपने आप को देख कर चला जाता, और तुरन्त भूल जाता है कि मैं कैसा था। 
James 1:25 पर जो व्यक्ति स्‍वतंत्रता की सिद्ध व्यवस्था पर ध्यान करता रहता है, वह अपने काम में इसलिये आशीष पाएगा कि सुनकर नहीं, पर वैसा ही काम करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 4-6
  • लूका 9:1-17



रविवार, 5 अप्रैल 2015

जीवित


   जब हमारे बाग़ीचे में बसन्त ऋतु के पहले फूल खिलने आरंभ हुए तो मेरा पाँच वर्षीय पुत्र डैफोडिल्स की क्यारी में चला गया। वहाँ उसे कुछ महीने पहले मर गए पौधों के कुछ अवशेष दिखे और वह बोला, "माँ, जब भी मैं कुछ मरा हुआ देखता हूँ तो मुझे ईस्टर याद आता है क्योंकि तब यीशु क्रूस पर मरे थे।" मैंने उसे उत्तर दिया, "जब मुझे कुछ जीवित दिखाई देता है, जैसे ये डैफोडिल फूल, तो मुझे याद आता है कि यीशु पुनः जीवित हो उठे थे!"

   प्रभु यीशु के मृतकों में से पुनः जीवित हो उठने के प्रमाणों में से एक प्रमाण है उनका अनेक बार अपने चेलों के सामने आना और उनसे बातचीत करना। ऐसी ही एक घटना परमेश्वर के वचन बाइबल के लूका रचित सुसमाचार के अन्तिम अध्याय में दर्ज है, जहाँ अपने क्रूस पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद, संध्या के समय यरूशालेम से इम्माऊस जा रहे अपने दो चेलों से प्रभु मार्ग में मिलते हैं, उनके साथ चलते हैं, उनसे बातचीत करते हैं, उन्हें बाइबल के पुराने नियम खण्ड की पुस्तकों में अपने बारे में लिखी बातों और भविष्यवाणियों का स्मरण दिलाते हैं और उनके साथ भोजन करते हैं (लूका 24:15-27)। उन से इस साक्षात्कार के बाद वे दोनों चेले रात ही में यरूशालेम को वापस लौटते हैं और अन्य चेलों को बताते हैं कि प्रभु यीशु कब्र पर जय पाकर वास्तव में जी उठा है (पद 34)।

   यदि प्रभु यीशु मृतकों में से वापस नहीं आए होते तो हमारा मसीही विश्वास व्यर्थ होता, हम अभी भी पाप के दोष में होते (1 कुरिन्थियों 15:12-19)। लेकिन बाइबल हमें बताती है कि, "परन्तु सचमुच मसीह मुर्दों में से जी उठा है, और जो सो गए हैं, उन में पहिला फल हुआ" (1 कुरिन्थियों 15:20)। आज मसीह यीशु में विश्वास द्वारा हम परमेश्वर के समक्ष धर्मी ठहरते हैं और हमारा मेल-मिलाप परमेश्वर के साथ संभव है (रोमियों 5:1) क्योंकि मसीह यीशु जीवित प्रभु परमेश्वर है। - जैनिफर बेन्सन शुल्ट


मसीह यीशु का खाली क्रूस और खाली कब्र स्मस्त मानवजाति के लिए संपूर्ण उद्धार का निश्चय हैं।

सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। - रोमियों 5:1

बाइबल पाठ: लूका 24:13-34
Luke 24:13 देखो, उसी दिन उन में से दो जन इम्माऊस नाम एक गांव को जा रहे थे, जो यरूशलेम से कोई सात मील की दूरी पर था। 
Luke 24:14 और वे इन सब बातों पर जो हुईं थीं, आपस में बातचीत करते जा रहे थे। 
Luke 24:15 और जब वे आपस में बातचीत और पूछताछ कर रहे थे, तो यीशु आप पास आकर उन के साथ हो लिया। 
Luke 24:16 परन्तु उन की आंखे ऐसी बन्‍द कर दी गईं थी, कि उसे पहिचान न सके। 
Luke 24:17 उसने उन से पूछा; ये क्या बातें हैं, जो तुम चलते चलते आपस में करते हो? वे उदास से खड़े रह गए। 
Luke 24:18 यह सुनकर, उनमें से क्‍लियुपास नाम एक व्यक्ति ने कहा; क्या तू यरूशलेम में अकेला परदेशी है; जो नहीं जानता, कि इन दिनों में उस में क्या क्या हुआ है? 
Luke 24:19 उसने उन से पूछा; कौन सी बातें? उन्होंने उस से कहा; यीशु नासरी के विषय में जो परमेश्वर और सब लोगों के निकट काम और वचन में सामर्थी भविष्यद्वक्ता था। 
Luke 24:20 और महायाजकों और हमारे सरदारों ने उसे पकड़वा दिया, कि उस पर मृत्यु की आज्ञा दी जाए; और उसे क्रूस पर चढ़वाया। 
Luke 24:21 परन्तु हमें आशा थी, कि यही इस्त्राएल को छुटकारा देगा, और इन सब बातों के सिवाय इस घटना को हुए तीसरा दिन है। 
Luke 24:22 और हम में से कई स्‍त्रियों ने भी हमें आश्चर्य में डाल दिया है, जो भोर को कब्र पर गई थीं। 
Luke 24:23 और जब उस की लोथ न पाई, तो यह कहती हुई आईं, कि हम ने स्‍वर्गदूतों का दर्शन पाया, जिन्हों ने कहा कि वह जीवित है। 
Luke 24:24 तब हमारे साथियों में से कई एक कब्र पर गए, और जैसा स्‍त्रियों ने कहा था, वैसा ही पाया; परन्तु उसको न देखा। 
Luke 24:25 तब उसने उन से कहा; हे निर्बुद्धियों, और भविष्यद्वक्ताओं की सब बातों पर विश्वास करने में मन्‍दमतियों! 
Luke 24:26 क्या अवश्य न था, कि मसीह ये दुख उठा कर अपनी महिमा में प्रवेश करे? 
Luke 24:27 तब उसने मूसा से और सब भविष्यद्वक्ताओं से आरम्भ कर के सारे पवित्र शास्‍त्रों में से, अपने विषय में की बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया। 
Luke 24:28 इतने में वे उस गांव के पास पहुंचे, जहां वे जा रहे थे, और उसके ढंग से ऐसा जान पड़ा, कि वह आगे बढ़ना चाहता है। 
Luke 24:29 परन्तु उन्होंने यह कहकर उसे रोका, कि हमारे साथ रह; क्योंकि संध्या हो चली है और दिन अब बहुत ढल गया है। तब वह उन के साथ रहने के लिये भीतर गया। 
Luke 24:30 जब वह उन के साथ भोजन करने बैठा, तो उसने रोटी ले कर धन्यवाद किया, और उसे तोड़कर उन को देने लगा। 
Luke 24:31 तब उन की आंखे खुल गईं; और उन्होंने उसे पहचान लिया, और वह उन की आंखों से छिप गया। 
Luke 24:32 उन्होंने आपस में कहा; जब वह मार्ग में हम से बातें करता था, और पवित्र शास्त्र का अर्थ हमें समझाता था, तो क्या हमारे मन में उत्तेजना न उत्पन्न हुई? 
Luke 24:33 वे उसी घड़ी उठ कर यरूशलेम को लौट गए, और उन ग्यारहों और उन के साथियों को इकट्ठे पाया। 
Luke 24:34 वे कहते थे, प्रभु सचमुच जी उठा है, और शमौन को दिखाई दिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 1-3
  • लूका 8:26-56


शनिवार, 4 अप्रैल 2015

विजयी


   एक आने वाले सेमिनार के बारे में रेडियो पर दीया जा रहा विज्ञापन पहेली जैसा लग रहा था। लग रहा था कि विज्ञापन बोलने वाला कह रहा है, "आप डेथ (मृत्यु) को पराजित कर सकते हैं - सदा के लिए! मेरे सेमिनार में आईए और मैं आपको दिखाऊँगा कैसे।" कुछ देर तक तो मैं सोचती रही कि सेमिनार का वक्ता ऐसा क्या बता सकता है जो कि मृत्यु को पराजित कर दे, इसके लिए उसकी सलाह क्या होगी? संभवतः वह भोजन या व्यायाम से संबंधित कोई बात कहेगा, या फिर यह कि हम अभी के लिए अपने शरीरों को शून्य से भी बहुत कम तापमान पर जमा कर रख लें और फिर बाद में वापस सामन्य तापमान पर लाए जाकर एक नए काल और समय में जीवन व्यतीत करें। और कुछ देर तक ध्यान से वह विज्ञापन सुनने के बाद मुझे समझ आया कि विज्ञापन बोलने वाला जो कह रहा था वह था, "आप डेट (कर्ज़) को पराजित कर सकते हैं - सदा के लिए!"

   लेकिन मसीह यीशु में विश्वास लाने वाले प्रत्येक जन के लिए अद्भुत समाचार यह है कि क्योंकि मसीह यीशु ने हमारा कर्ज़ चुका दिया है इसलिए हम मृत्यु पर विजयी रह सकते हैं! (1 कुरिन्थियों 15:55-57)। हमारे पाप के कर्ज़ के कारण हम परमेश्वर से पृथक हो गए थे, लेकिन संसार के सभी व्यक्तियों के पापों को अपने ऊपर लेकर प्रभु यीशु ने प्रत्येक के लिए उनका दण्ड कलवरी के क्रूस पर स्वेच्छा से अपने बलिदान द्वारा चुका दिया और सभी के लिए पाप के कर्ज़ से मुक्त होने का मार्ग बना कर दे दिया। जब प्रभु की मृत्यु के तीसरे दिन मरियम मगदलिनी और दूसरी मरियम, उसके शरिर पर सुगंधित द्रव्य लगाने के लिए गईं तो प्रभु की कब्र पर उपस्थित एक स्वर्गदूत ने उनसे कहा: "वह यहाँ नहीं है, परन्तु अपने वचन के अनुसार जी उठा है; आओ, यह स्थान देखो, जहाँ प्रभु पड़ा था" (मत्ती 28:6)। वे बड़े आनन्द के साथ अन्य चेलों को यह बात बताने के लिए दौड़ गईं और वापस लौटते समय प्रभु यीशु उनसे मिला और उनका अभिनन्दन किया (पद 9)। प्रभु यीशु मृतकों में से जी उठा था और अब उसके अनुयायियों के पास आनन्दित होने के लिए कारण था।

   प्रभु यीशु ने मृत्यु के डंक को तोड़ दिया (1 कुरिन्थियों 15:55)। अब मसीह यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान में विश्वास कर के, उसमें लाए गए विश्वास और उससे प्राप्त होने वाली पापों की क्षमा के द्वारा हम भी उसके साथ मृत्यु पर विजयी हैं, प्रत्येक मसीही विश्वासी को प्रभु के साथ अनन्त जीवन का आश्वासन है। प्रभु यीशु द्वारा किए गए सिद्ध कार्य द्वारा हम पाप और मृत्यु पर विजयी हैं। - ऐनी सेटास


हम एक ऐसे कर्ज़ के नीचे थे जिसे हम कभी चुका नहीं सकते थे; प्रभु यीशु ने उस कर्ज़ को चुका दिया जो उसका था नहीं!

हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है। - 1 कुरिन्थियों 15:55-57

बाइबल पाठ: मत्ती 28:1-10
Matthew 28:1 सब्त के दिन के बाद सप्‍ताह के पहिले दिन पह फटते ही मरियम मगदलीनी और दूसरी मरियम कब्र को देखने आईं। 
Matthew 28:2 और देखो एक बड़ा भुईंडोल हुआ, क्योंकि प्रभु का एक दूत स्वर्ग से उतरा, और पास आकर उसने पत्थर को लुढ़का दिया, और उस पर बैठ गया। 
Matthew 28:3 उसका रूप बिजली का सा और उसका वस्‍त्र पाले की नाईं उज्ज़्‍वल था। 
Matthew 28:4 उसके भय से पहरूए कांप उठे, और मृतक समान हो गए। 
Matthew 28:5 स्वर्गदूत ने स्‍त्र्यिों से कहा, कि तुम मत डरो: मैं जानता हूँ कि तुम यीशु को जो क्रुस पर चढ़ाया गया था ढूंढ़ती हो। 
Matthew 28:6 वह यहाँ नहीं है, परन्तु अपने वचन के अनुसार जी उठा है; आओ, यह स्थान देखो, जहाँ प्रभु पड़ा था। 
Matthew 28:7 और शीघ्र जा कर उसके चेलों से कहो, कि वह मृतकों में से जी उठा है; और देखो वह तुम से पहिले गलील को जाता है, वहाँ उसका दर्शन पाओगे, देखो, मैं ने तुम से कह दिया। 
Matthew 28:8 और वे भय और बड़े आनन्द के साथ कब्र से शीघ्र लौटकर उसके चेलों को समाचार देने के लिये दौड़ गईं। 
Matthew 28:9 और देखो, यीशु उन्हें मिला और कहा; ‘सलाम’ और उन्होंने पास आकर और उसके पाँव पकड़कर उसको दण्डवत किया। 
Matthew 28:10 तब यीशु ने उन से कहा, मत डरो; मेरे भाईयों से जा कर कहो, कि गलील को चलें जाएं वहाँ मुझे देखेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • रूत 1-4
  • लूका 8:1-25


शुक्रवार, 3 अप्रैल 2015

शुभ शुक्रवार


   हाल ही में मैंने ऐरन रैल्सटन के बारे में पढ़ा जो पैदल ही भ्रमण करता है; एक बार वह एक गहरी खाई के तले में अकेला ही था तथा फंस गया था, जहाँ किसी के द्वारा उसे ढूँढ़े जाने की आशा बहुत कम ही थी। निकलने का प्रयास करते करते उसका बल घटने लगा था; उस परिस्थिति में अपनी जान बचाने के लिए उसे कुछ जोखिम और पीड़ा भरे कड़े कार्य करने पड़े। ऐसे में अपने क्षीण होते हुए बल तथा अत्यंत पीड़ा में होने के बावजूद वह विजय पाने के कारण हर्ष से पूरे ज़ोर से चिल्ला उठा, क्योंकि अब उसने अपने आप को स्वतंत्र कर लिया था और वह बच कर जीवित रह सकता था।

   जिन्होंने प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने को देखा था, उन्होंने प्रभु की पीड़ा को भी देखा और अन्त में "पूरा हुआ" (यूहन्ना 19:30) की ऊँची पुकार के साथ उसे प्राण त्यागते हुए भी देखा। क्रूस पर से ऊँची आवाज़ में कहे गए प्रभु यीशु के ये शब्द दर्दनाक पराजय के नहीं वरन जय-घोष के शब्द थे क्योंकि जो कुछ पिता परमेश्वर ने उन्हें करने के लिए दिया था, प्रभु यीशु ने वह सब कुछ पूरा कर दिया था।

   जब प्रभु यीशु की मृत्यु हुई तो उन्होंने जो कुछ हम मनुष्य सहते हैं वह सब सहन किया। लेकिन इस सब से भी आगे निकल कर प्रभु यीशु ने वह किया जो हम में से कोई मनुष्य नहीं कर सकता - उन्होंने सभी मनुष्यों के सभी पाप अपने ऊपर लेकर, उन पापों के दण्ड को सभी के लिए सह लिया, जिससे अब उन में विश्वास लाकर और उन से पापों की क्षमा माँग कर हम पाप के दोष एवं दण्ड से मुक्त जीवन व्यतीत कर सकें, परमेश्वर के साथ अनन्त जीवन की आशीष पा सकें।

   "पूरा हुआ" प्रभु यीशु का जय नाद था, क्योंकि अब उसमें होकर सभी के लिए पाप के बन्धन से मुक्ति और स्वतंत्रता का जीवन पाना तथा जीना संभव हो गया था। प्रभु यीशु के बलिदान के कारण आज हम उनके मरने के दिन को "शुभ शुक्रवार" कहते हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु यीशु ने हमें जीवन देने के लिए मृत्यु को सह लिया।

पिता इसलिये मुझ से प्रेम रखता है, कि मैं अपना प्राण देता हूं, कि उसे फिर ले लूं। कोई उसे मुझ से छीनता नहीं, वरन मैं उसे आप ही देता हूं: मुझे उसके देने का अधिकार है, और उसे फिर लेने का भी अधिकार है: यह आज्ञा मेरे पिता से मुझे मिली है। - यूहन्ना 10:17-18

बाइबल पाठ: यूहन्ना 19:28-37
John 19:28 इस के बाद यीशु ने यह जानकर कि अब सब कुछ हो चुका; इसलिये कि पवित्र शास्त्र की बात पूरी हो कहा, मैं प्यासा हूं। 
John 19:29 वहां एक सिरके से भरा हुआ बर्तन धरा था, सो उन्होंने सिरके में भिगोए हुए इस्‍पंज को जूफे पर रखकर उसके मुंह से लगाया। 
John 19:30 जब यीशु ने वह सिरका लिया, तो कहा "पूरा हुआ" और सिर झुका कर प्राण त्याग दिए।
John 19:31 और इसलिये कि वह तैयारी का दिन था, यहूदियों ने पीलातुस से बिनती की कि उन की टांगे तोड़ दी जाएं और वे उतारे जाएं ताकि सब्त के दिन वे क्रूसों पर न रहें, क्योंकि वह सब्त का दिन बड़ा दिन था। 
John 19:32 सो सिपाहियों ने आकर पहिले की टांगें तोड़ीं तब दूसरे की भी, जो उसके साथ क्रूसों पर चढ़ाए गए थे। 
John 19:33 परन्तु जब यीशु के पास आकर देखा कि वह मर चुका है, तो उस की टांगें न तोड़ीं। 
John 19:34 परन्तु सिपाहियों में से एक ने बरछे से उसका पंजर बेधा और उस में से तुरन्त लोहू और पानी निकला। 
John 19:35 जिसने यह देखा, उसी ने गवाही दी है, और उस की गवाही सच्ची है; और वह जानता है, कि सच कहता है कि तुम भी विश्वास करो। 
John 19:36 ये बातें इसलिये हुईं कि पवित्र शास्त्र की यह बात पूरी हो कि उस की कोई हड्डी तोड़ी न जाएगी। 
John 19:37 फिर एक और स्थान पर यह लिखा है, कि जिसे उन्होंने बेधा है, उस पर दृष्टि करेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 19-21
  • लूका 7:31-50