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रविवार, 26 अप्रैल 2015

वर्तमान ऋतु


   जीवन अनेक बातों में ऋतुओं की तरह होता है...वह सदा एक सा नहीं रहता, उसमें बदलाव आता रहता है, और चाहे हमें पसन्द हो अथवा नहीं, उस ऋतु से होकर हमें निकलना ही पड़ता है। जब भी हमें परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है, तो मन में भविष्य को लेकर एक अनिश्चितता और आशंका बनी रहती है। ऐसा विशेषकर जीवन के बाद के, अर्थात जीवन की शरद ऋतु के समयों को लेकर होता है, जब हम अनेक प्रकार के विचारों को लेकर घबराते हैं, जैसे - क्या मैं अकेला रह जाऊँगा? क्या मेरा स्वास्थ्य ठीक बना रहेगा? क्या उन दिनों और उन से जुड़ी समस्याओं के लिए मेरे पास पर्याप्त पूँजी होगी? क्या मेरा मस्तिष्क चुस्त बना रहेगा? इत्यादि।

   जैसे कि जीवन की प्रत्येक ऋतु के साथ होता है, जीवन की इस शरद ऋतु में आकर भी हमें कुछ निर्णय लेने होते हैं, जिनमें से प्रमुख है - क्या मैं इस समय को अपनी अनिश्चितताओं और आशंकाओं में व्यर्थ गंवा दूंगा, या फिर प्रेरित पौलुस द्वारा इफिसुस की मसीही मण्डली को दिए गए निर्देश, "और अवसर को बहुमूल्य समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं" (इफिसियों 5:16) के अनुसार उसका सदुपयोग करूँगा।

   लेकिन हम मसीही विश्वासियों के लिए तो यह आश्वासन सदा रहता है कि हम जीवन कि चाहे किसी भी ऋतु से होकर निकल रहे हों, हमारा परमेश्वर पिता सदा हमारे साथ बना रहता है, वह हमारे लिए सदा विश्वासयोग्य बना रहता है, "तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है" (इब्रानियों 13:5-6)। क्योंकि हमारे साथ परमेश्वर की उपस्थिति और संसाधन हैं इसलिए हमें किसी ऋतु के किसी दुषप्रभाव की कोई चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। हम प्रत्येक ऋतु का सदुपयोग अपने तथा समस्त संसार के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के निकट बने रहने में व्यतीत कर सकते हैं - उसके वचन बाइबल के अध्ययन करने, उससे प्रार्थना करने, उसके लिए आनन्द एवं उदारता के साथ लोगों की सहायता तथा सेवा करने के द्वारा।

   हमारे जीवनों की यह वर्तमान ऋतु हमें परमेश्वर पिता से मिली आशीष है, इससे आशंकित ना हों वरन इसका सदुपयोग उसकी महिमा के लिए करें। - जो स्टोवैल


जीवन महत्वपूर्ण है; इसे व्यर्थ ना जाने दें!

यहोवा खरे लोगों की आयु की सुधि रखता है, और उनका भाग सदैव बना रहेगा। विपत्ति के समय, उनकी आशा न टूटेगी और न वे लज्जित होंगे, और अकाल के दिनों में वे तृप्त रहेंगे। - भजन 37:18-19

बाइबल पाठ: इफिसियों 5:15-21
Ephesians 5:15 इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो। 
Ephesians 5:16 और अवसर को बहुमूल्य समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं। 
Ephesians 5:17 इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो, कि प्रभु की इच्छा क्या है? 
Ephesians 5:18 और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इस से लुचपन होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ। 
Ephesians 5:19 और आपस में भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के साम्हने गाते और कीर्तन करते रहो। 
Ephesians 5:20 और सदा सब बातों के लिये हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम से परमेश्वर पिता का धन्यवाद करते रहो। 
Ephesians 5:21 और मसीह के भय से एक दूसरे के आधीन रहो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 23-24
  • लूका 19:1-27



शनिवार, 25 अप्रैल 2015

कठिन


   बहुत साल पहले की बात है, युवकों के एक शिविर में मैं कुछ हठीले और अवाज्ञाकारी लड़कों के दल का संचालक एवं सलाहकार था। उनके आचरण तथा रवैये को देखते हुए उनके साथ सामन्य व्यवहार करना एक चुनौती भरा कार्य था। वे शिविर स्थल के चिड़ियाघर के जानवरों से दुर्व्यवहार करते, एक दुसरे के साथ लड़ते-झगड़ते और कठिनाई से ही बात मानते थे। उनके साथ व्यवहार रखने के लिए मैंने संयमी तथा शान्त किंतु अपने निर्देशों एवं निर्णयों में दृढ़ बने रहने का मार्ग अपनाया। अकसर वे मुझे खिसिया देते थे, किंतु मैं सदा इस बात का ध्यान रखता था कि उनकी भौतिक आवश्यकताएं पूरी होती रहें।

   चाहे बाहर से मेरा व्यवहार उनके प्रति प्रेम पूर्ण दिखाई देता था, परन्तु अन्दर ही अन्दर मैं अकसर अनुभव करता था कि बस किसी तरह से मैं उनके साथ निभा भर ही रहा हूँ। इस अनुभव ने मुझे हमारे स्वर्गीय परमेश्वर पिता द्वारा अपने उद्दण्ड एवं हठीले बच्चों को सहन करते हुए उनकी देखरेख करते रहने के बारे में एक गहरी समझ प्रदान करी। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इस्त्राएलियों के मिस्त्र देश से निकल कर कनान देश में जाने की यात्रा का वर्णन दोहराते हुए परमेश्वर के लिए कहा, "और वह कोई चालीस वर्ष तक जंगल में उन की सहता रहा" (प्रेरितों 13:18); यद्यपि वह उन के व्यवहार के कारण उन इस्त्राएलियों से प्रसन्न नहीं था, वह उनकी देखभाल करता रहा, उनकी प्रत्येक आवश्यकता को पूरा करता रहा।

   संभव है कि हमारे द्वारा चिन्ता एवं सम्भाल करने के बावजूद कुछ लोग हमारे प्रति सकारात्मक रवैया ना दिखाएं; यदि ऐसा होता है तो हमें ध्यान करना चाहिए कि परमेश्वर भी हमारे प्रति बहुत धीरजवन्त रहता है, चाहे हम उसके प्रति कितने भी अनाज्ञाकारी रहें। साथ ही हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हमारे परमेश्वर पिता ने हम मसीही विश्वासियों को अपना पवित्र आत्मा दिया है जिससे हम उसकी सामर्थ से इन कठिन परिस्थितियों का सामना करें, हमारे प्रति कृतघ्न रहने वाले तथा सामान्य व्यवहार रखने के लिए कठिन लोगों के प्रति भी हम धैर्य तथा प्रेम के साथ पेश आएं (मत्ती 5:44-45)।

   हम परमेश्वर से प्रार्थना करें और मांगें कि वह हमें उनसे भी प्रेम करने का धीरज और सामर्थ दे जिनसे प्रेम करना कठिन है। - डेनिस फिशर


जैसा परमेश्वर आपके साथ धीरजवन्त और प्रेमी रहा है, आप भी दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार रखें।

परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है। - मत्ती 5:44-45

बाइबल पाठ: प्रेरितों 13:14-23
Acts 13:14 और पिरगा से आगे बढ़कर के पिसिदिया के अन्‍ताकिया में पहुंचे; और सब्त के दिन अराधनालय में जा कर बैठ गए। 
Acts 13:15 और व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं की पुस्‍तक के पढ़ने के बाद सभा के सरदारों ने उन के पास कहला भेजा, कि हे भाइयों, यदि लोगों के उपदेश के लिये तुम्हारे मन में कोई बात हो तो कहो। 
Acts 13:16 तब पौलुस ने खड़े हो कर और हाथ से सैन कर के कहा; हे इस्त्राएलियों, और परमेश्वर से डरने वालों, सुनो। 
Acts 13:17 इन इस्त्राएली लोगों के परमेश्वर ने हमारे बापदादों को चुन लिया, और जब थे मिस्त्र देश में परदेशी हो कर रहते थे, तो उन की उन्नति की; और बलवन्‍त भुजा से निकाल लाया। 
Acts 13:18 और वह कोई चालीस वर्ष तक जंगल में उन की सहता रहा। 
Acts 13:19 और कनान देश में सात जातियों का नाश कर के उन का देश कोई साढ़े चार सौ वर्ष में इन की मीरास में कर दिया। 
Acts 13:20 इस के बाद उसने सामुएल भविष्यद्वक्ता तक उन में न्यायी ठहराए। 
Acts 13:21 उसके बाद उन्हों ने एक राजा मांगा: तब परमेश्वर ने चालीस वषै के लिये बिन्यामीन के गोत्र में से एक मनुष्य अर्थात कीश के पुत्र शाऊल को उन पर राजा ठहराया। 
Acts 13:22 फिर उसे अलग कर के दाऊद को उन का राजा बनाया; जिस के विषय में उसने गवाही दी, कि मुझे एक मनुष्य यिशै का पुत्र दाऊद, मेरे मन के अनुसार मिल गया है। वही मेरे सारी इच्छा पूरी करेगा। 
Acts 13:23 इसी के वंश में से परमेश्वर ने अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार इस्त्राएल के पास एक उद्धारकर्ता, अर्थात यीशु को भेजा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 21-22
  • लूका 18:24-43



शुक्रवार, 24 अप्रैल 2015

अन्त तक विश्वासयोग्य


   इंगलैण्ड में होने वाली सालोमौन किल्डर मैरथन दौड़ में भाग लेने वाले एक धावक 32 किलोमीटर, अर्थात 20 मील तक दौड़ने के पश्चात दौड़ से बाहर निकला, दौड़ की समाप्ति स्थल के निकट तक के एक वन क्षेत्र तक बस में चढ़कर गया वहाँ से फिर से दौड़ में सम्मिलित हो गया, और फिर दौड़ में तीसरा स्थान पाने का दावा करने लगा। जब दौड़ आयोजित करने वाले अधिकारियों ने उस से प्रश्न किए तो उसने कहा कि थक जाने के कारण वह दौड़ से बाहर हो गया था।

   हम में से कई मसीही विश्वासी अपने मसीही विश्वास की दौड़ के संदर्भ में उस थके हुए धावक के साथ सहानुभूति दिखा सकते हैं, क्योंकि कई बार हम भी थक कर विश्वासा की दौड़ में थमने या बाहर होने लगते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानी विश्वासियों को लिखी पत्री का लेखक अपने श्रोताओं को मसीही विश्वास की दौड़ के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहता है, "...वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें" (इब्रानियों 12:1)। धीरज से दौड़ने के लिए हमें हमारे मार्ग में बाधा बनने तथा हमें उलझाने वाले प्रत्येक पाप को दूर करना होगा; इसके लिए हमें सताव से होकर भी निकलना पड़ सकता है (2 तिमुथियुस 3:12)।

   अपनी आत्मा में थकन और जीवन में निराशा से बचने के लिए परमेश्वर का वचन हमें अपना सारा ध्यान मसीह यीशु पर केंद्रित करने के लिए उकसाता है। जब हम अपनी समस्याओं की बजाए मसीह यीशु पर अपना ध्यान लगाएंगे तो हम देखेंगे कि उन सभी परिस्थितियों में वह भी हमारे साथ ही दौड़ रहा है, जब भी हम ठोकर खाते हैं वह हमारी सहायता करता है (2 कुरिन्थियों 12:9) और अपने उदाहरण से हमें प्रोत्साहित करता है (1 पतरस 2:21-24)।

   अपने "विश्वास के करता और सिद्ध करने वाले" (इब्रानियों 12:2) प्रभु यीशु पर अपनी नज़रें और ध्यान लगाए रहने से हम अपनी सामर्थ के स्त्रोत के निकट तथा अपनी दौड़ में अन्त तक विश्वासयोग्य बने रह सकते हैं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


जब हम मसीह यीशु पर केंद्रित रहते हैं, तब हम बलवन्त बने रहते हैं।

पर जितने मसीह यीशु में भक्ति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं वे सब सताए जाएंगे। - 2 तिमुथियुस 3:12

बाइबल पाठ: इब्रानियों 12:1-4
Hebrews 12:1 इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। 
Hebrews 12:2 और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। 
Hebrews 12:3 इसलिये उस पर ध्यान करो, जिसने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया कि तुम निराश हो कर हियाव न छोड़ दो। 
Hebrews 12:4 तुम ने पाप से लड़ते हुए उस से ऐसी मुठभेड़ नहीं की, कि तुम्हारा लोहू बहा हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 19-20
  • लूका 18:1-23



गुरुवार, 23 अप्रैल 2015

दिखाई


   डेबोराह केन्ड्रिक अन्धी हैं लेकिन उन्हें ब्रॉडवे के संगीत नाटकों में जाना अच्छा लगता है, यद्यपि वहाँ उन्हें मंच की सज्जा और चल रहे नाटक के दौरान आते-जाते कलाकारों के हाव-भाव जानना तथा समझना कठिन होता है; लेकिन हाल ही में उन्होंने एक संगीत नाटक ’देखा’। जहाँ वह संगीत नाटक आयोजित किया गया था, उस रंगमंच पर एक नयी इलैकट्रौनिक तकनीक D-Scriptive का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें नाटक मंच पर चल रहे दृश्यों का पहले से ही रिकॉर्ड किए हुई वर्णन को, चल रहे नाटक में प्रयोग हो रही ध्वनि और प्रकाश के साथ समन्वयित करके इन सब का लगातार प्रसारण लोगों तक पहुँचाया जाता है जिससे उस विवरण को सुनने वाले को दिखाए जाने वाले दृश्यों का अच्छा अन्दाज़ा लगा सकता है। बाद में अपने इस अनुभव को लेकर डेबोराह केन्ड्रिक ने The Columbus Dispatch में लिखा, "यदि आप मुझ से पूछें कि क्या मैंने पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क में नाटक प्रदर्शन देखा, तो मेरा उत्तर होगा जी हाँ; मैंने वास्तव में, निःसन्देह वह प्रदर्शन देखा"।

   उसका यह अनुभव मुझे हमारे लिए परमेश्वर के वचन बाइबल को पवित्र आत्मा की सहायता से समझने का एक अच्छा उदाहरण प्रतीत हुआ। क्रूस पर बलिदान होने से कुछ ही पहले प्रभु यीशु ने अपने चेलों  से पवित्र आत्मा के विषय में कहा, "परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा" (यूहन्ना 14:26)।

   जब हम मसीही विश्वासी बाइबल खोलकर उसे पढ़ते या अध्ययन करते हैं तो सत्य का आत्मा, अर्थात परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमें उस वचन के सत्य को समझाता है (यूहन्ना 16:13)। अपनी शारीरिक सामर्थ में होकर हम बाइबल के महान सत्यों और तथ्यों के प्रति मानो दृष्टिहीन हैं, लेकिन परमेश्वर के पवित्र आत्मा की सहायता से, उसके द्वारा समझाए जाने से हम उन बातों को देख और समझ सकते हैं। परमेश्वर ने हमें अपना आत्मा इसी लिए दिया है जिससे हम उसकी महान सच्चाईयों से अनजान ना रहें, वे हमें दिखाई दे सकें। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर पिता ने अपना आत्मा हमें अपने वचन को सिखाने के लिए दिया है।

परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा। - यूहन्ना 16:13

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:15-27
John 14:15 यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे। 
John 14:16 और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। 
John 14:17 अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा। 
John 14:18 मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं। 
John 14:19 और थोड़ी देर रह गई है कि फिर संसार मुझे न देखेगा, परन्तु तुम मुझे देखोगे, इसलिये कि मैं जीवित हूं, तुम भी जीवित रहोगे। 
John 14:20 उस दिन तुम जानोगे, कि मैं अपने पिता में हूं, और तुम मुझ में, और मैं तुम में। 
John 14:21 जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा। 
John 14:22 उस यहूदा ने जो इस्करियोती न था, उस से कहा, हे प्रभु, क्या हुआ की तू अपने आप को हम पर प्रगट किया चाहता है, और संसार पर नहीं। 
John 14:23 यीशु ने उसको उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे। 
John 14:24 जो मुझ से प्रेम नहीं रखता, वह मेरे वचन नहीं मानता, और जो वचन तुम सुनते हो, वह मेरा नहीं वरन पिता का है, जिसने मुझे भेजा। 
John 14:25 ये बातें मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए तुम से कहीं। 
John 14:26 परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा। 
John 14:27 मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 16-18
  • लूका 17:20-37



बुधवार, 22 अप्रैल 2015

धूल


   जब परमेश्वर ने आदम को बनाने के लिए मिट्टी को इस्तेमाल करने का निर्णय किया (उत्पत्ति 2:7), तो उसे सामग्री के कम पड़ जाने की कोई चिंता नहीं रही होगी। हन्नाह होम्स के अनुसार, जो The Secret Life of Dust नामक पुस्तक की लेखिका हैं, "एक से लेकर तीन अरब टन धूल प्रतिवर्ष धरती से आकाश में उड़ती है। एक अरब टन धूल से मालगाड़ी के एक करोड़ चालिस लाख डब्बे भरे जा सकते हैं, जिन्हें यदि एक साथ जोड़ दिया जाए तो उनकी लंबाई भूमध्य रेखा पर पृथ्वी के चारों ओर छः बार लपेटे जाने वाली होगी।"

   हम में से किसी को भी धूल खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं होती, हमारे चारों ओर हमारी आवश्यकता से कहीं अधिक धूल विद्यमान रहती है। मैं अपने घर में धूल की उपस्थिति को नज़रन्दाज़ करूँ तो तुरंत वह मुझे परेशान नहीं करगी, लेकिन अन्ततः इतनी एकत्रित हो जाएगी कि मेरे लिए उसे और नज़रन्दाज़ करना कठिन हो जाएगा। तब मैं साफ करने का अपना सामान निकालकर जहाँ जहाँ वह धूल जम कर बैठी है, उसे वहाँ वहाँ से साफ करने लगती हूँ। जैसे जैसे मैं धूल को साफ करती हूँ, तो साफ चिकनी चमकीली सतहों पर मुझे अपना चेहरा प्रतिबिंबित होता हुआ दिखने लगता है। यह मुझे एक और आभास करवाता है - परमेश्वर ने एक मूल्यहीन वस्तु, धूल, को लिया और उससे कुछ अमूल्य - मैं और आप और संसार का अन्य हर जन, को बना दिया (उत्पत्ति 2:7)।

   यह तथ्य कि परमेश्वर ने हम मनुष्यों की रचना करने के लिए धूल या मिट्टी को चुना मुझे किसी भी चीज़ को मूल्यहीन कहने से पहले रुक कर सोचने पर बाध्य करता है; क्योंकि जिसे मैं मूल्यहीन समझकर अपने से दूर करना चाहता हूँ - चाहे वह कोई समस्या हो अथवा कोई व्यक्ति, संभव है कि परमेश्वर ने उसे अपनी सामर्थ तथा कार्य द्वारा मेरे जीवन में अमूल्य महिमा लाने के लिए चुन रखा हो!

   परमेश्वर के लिए किसी भी बात से कुछ अमूल्य बना देना कठिन नहीं है। - जूली ऐकैअरमैन लिंक



हम सब एक ही मिट्टी से बने हैं इसलिए एक दूसरे के प्रति कृपालु और ईमानदार रहें। - लौंगफैलो

निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं। - भजन 100:3

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 2:1-7
Genesis 2:1 यों आकाश और पृथ्वी और उनकी सारी सेना का बनाना समाप्त हो गया। 
Genesis 2:2 और परमेश्वर ने अपना काम जिसे वह करता था सातवें दिन समाप्त किया। और उसने अपने किए हुए सारे काम से सातवें दिन विश्राम किया। 
Genesis 2:3 और परमेश्वर ने सातवें दिन को आशीष दी और पवित्र ठहराया; क्योंकि उस में उसने अपनी सृष्टि की रचना के सारे काम से विश्राम लिया। 
Genesis 2:4 आकाश और पृथ्वी की उत्पत्ति का वृत्तान्त यह है कि जब वे उत्पन्न हुए अर्थात जिस दिन यहोवा परमेश्वर ने पृथ्वी और आकाश को बनाया: 
Genesis 2:5 तब मैदान का कोई पौधा भूमि पर न था, और न मैदान का कोई छोटा पेड़ उगा था, क्योंकि यहोवा परमेश्वर ने पृथ्वी पर जल नहीं बरसाया था, और भूमि पर खेती करने के लिये मनुष्य भी नहीं था; 
Genesis 2:6 तौभी कोहरा पृथ्वी से उठता था जिस से सारी भूमि सिंच जाती थी 
Genesis 2:7 और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनों में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 14-15
  • लूका 17:1-19



मंगलवार, 21 अप्रैल 2015

एक एक करके


   बीते समय के एक प्रसिद्ध मसीही प्रचारक थे एडवर्ड पेय्सन। एक इतवार को, तूफान के कारण केवल एक ही व्यक्ति चर्च सभा में आया और उन्होंने सारी सभा और प्रचार उसी एक व्यक्ति के लिए पूरी करी। कुछ महीने बीतने के बाद उस इतवार वाला वह व्यक्ति उनसे मिलने आया और कहने लगा, "उस सभा एवं प्रचार के द्वारा ही मैं अपने उद्धारकर्ता के निकट आ पाया। उस दिन आप जब भी पाप और उद्धार की बात करते तो मैं आस पास देखने लगता कि शायद कोई और भी आ गया हो, लेकिन उस पूरी सभा में मेरे अलावा और कोई भी श्रोता नहीं था, इसलिए मुझे यह मान लेना पड़ा कि परमेश्वर ने वह सन्देश मेरे ही लिए दिया था, और फिर मुझे उस सन्देश को ग्रहण करना ही था!"

   परमेश्वर एक एक करके हमें पाप के विनाश से बचाता है, उद्धार देता है। यदि आपकी पहुँच एक ही व्यक्ति के पास भी है, तो वह व्यक्ति आपकी परमेश्वरीय सेवकाई का क्षेत्र है। मसीही सेवकाई के लिए एक नारा दिया गया है - "मसीह यीशु के साथ रहने वाला प्रत्येक जन मसीही सेवक है; मसीह यीशु के साथ ना रहने वाला प्रत्येक जन सेवकाई करने का अवसर।" एक ही व्यक्ति सारे संसार तक नहीं पहुँच सकता, लेकिन हर कोई अपने पड़ौसी से प्रेम तो कर ही सकता है; और जैसा प्रभु यीशु ने सिखाया है, हर वह व्यक्ति जो हमें जीवन मार्ग में मिलता है हमारा पड़ौसी है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों के काम नामक पुस्तक में हम पढ़ते हैं कि परमेश्वर का पवित्र आत्मा फिलिप्पुस को कूश देश से आए खोजे के पास लाया, जो उस समय पवित्र शास्त्र से पढ़ रहा था लेकिन उसे समझाने के लिए उसे किसी सहायक की आवश्यकता थी (प्रेरितों 8:26-37)। पवित्र आत्मा ने फिलिप्पुस को उस खोजे से कहने के लिए सही शब्द दिए और परिणामस्वरूप उस खोजे ने प्रभु यीशु पर विश्वास किया (प्रेरितों 8:37)।

   परमेश्वर से प्रार्थना करें कि वह आपको उस व्यक्ति के संपर्क में लाए जिसे उस ने उद्धार का वचन सुनने के लिए तैयार किया है। परमेश्वर ही सही समय पर आपको सही स्थान पर लेकर जाएगा जिससे आप उस व्यक्ति से बातचीत कर सकें। परमेश्वर ही आप में होकर उस व्यक्ति से बोलेगा, आप में होकर विश्वास के कार्य और प्रमाण उसके समक्ष रखेगा और फिर आप में होकर ही उस व्यक्ति को उद्धार देने के अपने महान उद्देश्य को पूरा करेगा। - डेविड रोपर


यदि जहाँ परमेश्वर ने आपको रखा है आप वहाँ उसके प्रति विश्वासयोग्य रहते हैं तो आप परमेश्वर के लिए सफल व्यक्ति हैं।

अब तेरी समझ में जो डाकुओं में घिर गया था, इन तीनों में से उसका पड़ोसी कौन ठहरा? उसने कहा, वही जिसने उस पर तरस खाया: यीशु ने उस से कहा, जा, तू भी ऐसा ही कर। - लूका 10:36-37

बाइबल पाठ: प्रेरितों 8:26-39
Acts 8:26 फिर प्रभु के एक स्वर्गदूत ने फिलेप्पुस से कहा; उठ कर दक्‍खिन की ओर उस मार्ग पर जा, जो यरूशलेम से अज्ज़ाह को जाता है, और जंगल में है। 
Acts 8:27 वह उठ कर चल दिया, और देखो, कूश देश का एक मनुष्य आ रहा था जो खोजा और कूशियों की रानी कन्‍दाके का मन्‍त्री और खजांची था, और भजन करने को यरूशलेम आया था। 
Acts 8:28 और वह अपने रथ पर बैठा हुआ था, और यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ता हुआ लौटा जा रहा था। 
Acts 8:29 तब आत्मा ने फिलेप्पुस से कहा, निकट जा कर इस रथ के साथ हो ले। 
Acts 8:30 फिलेप्पुस ने उस ओर दौड़ कर उसे यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, कि तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है? 
Acts 8:31 उसने कहा, जब तक कोई मुझे न समझाए तो मैं क्योंकर समझूं और उसने फिलेप्पुस से बिनती की, कि चढ़कर मेरे पास बैठ। 
Acts 8:32 पवित्र शास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था; कि वह भेड़ की नाईं वध होने को पहुंचाया गया, और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरने वालों के साम्हने चुपचाप रहता है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला। 
Acts 8:33 उस की दीनता में उसका न्याय होने नहीं पाया, और उसके समय के लोगों का वर्णन कौन करेगा, क्योंकि पृथ्वी से उसका प्राण उठाया जाता है। 
Acts 8:34 इस पर खोजे ने फिलेप्पुस से पूछा; मैं तुझ से बिनती करता हूं, यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किस विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में। 
Acts 8:35 तब फिलेप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ कर के उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया। 
Acts 8:36 मार्ग में चलते चलते वे किसी जल की जगह पहुंचे, तब खोजे ने कहा, देख यहां जल है, अब मुझे बपतिस्मा लेने में क्या रोक है। 
Acts 8:37 फिलेप्पुस ने कहा, यदि तू सारे मन से विश्वास करता है तो हो सकता है: उसने उत्तर दिया मैं विश्वास करता हूं कि यीशु मसीह परमेश्वर का पुत्र है। 
Acts 8:38 तब उसने रथ खड़ा करने की आज्ञा दी, और फिलेप्पुस और खोजा दोनों जल में उतर पड़े, और उसने उसे बपतिस्मा दिया। 
Acts 8:39 जब वे जल में से निकलकर ऊपर आए, तो प्रभु का आत्मा फिलेप्पुस को उठा ले गया, सो खोजे ने उसे फिर न देखा, और वह आनन्द करता हुआ अपने मार्ग चला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 12-13
  • लूका 16



सोमवार, 20 अप्रैल 2015

अद्भुत रचना


   हाल ही में जब मैं अपना नेत्र परिक्षण करवा रहा था तो मेरे नेत्र चिकित्सक ने परीक्षण के लिए एक ऐसा उपकरण निकाला जिसे मैंने पहले कभी नहीं देखा था। मैंने उससे उस उपकरण के बारे में पूछा तो उस ने उत्तर दिया, "इसके द्वारा मैं आपके आँख के पीछे के परदे की भीतरी तसवीर लूँगा"। मैं उस की यह बात सुन कर बहुत प्रभावित हुआ कि ऐसा कर पाने वाला कैमरा भी ईजाद कर लिया गया है। लेकिन इस से भी अधिक प्रभावित मैं वह बात सुनकर हुआ जिसके लिए मेरा नेत्र विशेषज्ञ वह तसवीर लेने जा रहा था; उस ने बताया कि आँख के पीछले भाग में स्थित परदे के हाल की जानकारी के द्वारा मेरी सेहत के संबंध में अनेक जानकारियाँ जुटाई जा सकती थीं!

   मेरे नेत्र विशेषज्ञ द्वारा दी गई इस जानकारी ने मुझे चकित कर दिया - किसी मनुष्य की आँख के एक भाग की जाँच से उसके सामान्य स्वास्थ्य के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। हमारे सृष्टिकर्ता परमेश्वर ने कितनी बारीकी और विलक्षण योजना के साथ हमारी रचना करी है। यह मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद के लिखे एक भजन में परमेश्वर की अद्भुत रचना के विषय में लिखी बात स्मरण कराता है: "मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं" (भजन 139:14)।

   हमारे शरीर की रचना और कार्य में दिखाई देने वाली अत्याधिक जटिल बातें हमारे सृष्टिकर्ता परमेश्वर की बुद्धिमता और प्रवीणता का एक सूचक है। हमारी अद्भुत रचना केवल विस्मयकारी ही नहीं है, वरन यह हमें उसकी स्तुति एवं प्रशंसा करने, अपने आप को उसके हाथों में समर्पित कर देने, उसके आज्ञाकारी रहने के लिए प्रेरित भी करती है। - बिल क्राउडर


समस्त प्रकार के जीव परमेश्वर की रचना है और उसकी गवाही देते हैं।

क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं। - रोमियों 1:20

बाइबल पाठ: भजन 139:13-18
Psalms 139:13 मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा। 
Psalms 139:14 मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं। 
Psalms 139:15 जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं। 
Psalms 139:16 तेरी आंखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे। 
Psalms 139:17 और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है। 
Psalms 139:18 यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 9-11
  • लूका 15:11-32