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सोमवार, 5 अक्टूबर 2015

एक की कीमत


   हाई स्कूल पास कर लेने के दीक्षांत समारोह में भाग लेने से कुछ ही घंटे पहले हुई एक वाहन दुर्घटना में किम हैस्किन्स के पिता का देहान्त हो गया और उसे तथा उसकी माता को चोटिल हालत में अस्पताल में दाखिल होना पड़ा। अगले दिन किम के स्कूल के प्रधानाचार्य, जो गैरेट, उससे मिलने अस्पताल गए और उससे कहा कि वे उसके लिए स्कूल में कुछ विशेष करना चाहते हैं। कॉलेराडो स्प्रिंग्स से प्रकाशित अखबार ’दि गैज़े’ में जेम्स ड्रयु द्वारा लिखित लेख में स्कूल के अध्यापकों, विद्यार्थियों और अन्य कर्मचारियों द्वारा किम के प्रति दिखाए गए अपार प्रेम और सहानुभूति का वर्णन किया। कुछ दिन के पश्चात, किम की हानि से द्रवित हुए ये सभी लोग, खास किम के लिए स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित किए गए एक विशेष दीक्षांत समारोह में सम्मिलित हुए।

   प्रधानाचार्य गैरेट ने कहा, "हम शिक्षा में बहुत कहते हैं कि कोई भी विद्यार्थी पीछे नहीं छूटना चाहिए। सेना में वे कहते हैं कि युद्ध-भूमि में कोई सैनिक पीछे नहीं छूटना चाहिए। आज का यह समारोह इसलिए है कि कोई स्नातक पीछे छूटना नहीं चाहिए।"

   प्रभु यीशु ने भी परमेश्वर के लिए प्रत्येक मनुष्य के महत्व को दिखाने के लिए खोए हुए के ढूँढ़े जाने के तीन दृष्टांतों का प्रयोग किया - खोई हुई भेड़, खोया हुआ सिक्का, खोया हुआ पुत्र (लूका 15)। प्रत्येक दृष्टांत में किसी व्यक्ति का कुछ बहुमूल्य खो गया था; और जब वह मिल गया तो वह व्यक्ति अपने पड़ौसियों और मित्रों के साथ इस बात का आनन्द मनाता है।

   सन्देश स्पष्ट है, हम सब परमेश्वर के लिए बेशकीमती हैं, इसीलिए उसने हमें अपने पास लौटा लाने के लिए प्रभु यीशु में होकर पापों की क्षमा और नया जीवन सेंत-मेंत उपलब्ध कराया है; और वह अपने प्रेम और अनुग्रह के साथ सदा हमारे साथ-साथ बने रहने का वायदा करता है। जब भी कोई एक भी पापी अपने पापों से पश्चाताप करके परमेश्वर के पास आता है तो स्वर्ग में बड़ा आनन्द होता है (पद 7)। - डेविड मैक्कैसलैंड

परमेश्वर की नज़र में हमारी कीमत, उसके द्वारा हमारे लिए चुकाए गए दाम से प्रकट होती है।

तुम तो मेरी भेड़-बकरियां, मेरी चराई की भेड़-बकरियां हो; तुम तो मनुष्य हो, और मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है। - यहेजकेल34:31

बाइबल पाठ: लूका 15:1-10
Luke 15:1 सब चुंगी लेने वाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें। 
Luke 15:2 और फरीसी और शास्त्री कुड़कुड़ा कर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।
Luke 15:3 तब उसने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा। 
Luke 15:4 तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे? 
Luke 15:5 और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्द से उसे कांधे पर उठा लेता है। 
Luke 15:6 और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठे कर के कहता है, मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है। 
Luke 15:7 मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धर्मियों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।
Luke 15:8 या कौन ऐसी स्त्री होगी, जिस के पास दस सिक्के हों, और उन में से एक खो जाए; तो वह दीया बारकर और घर झाड़ बुहार कर जब तक मिल न जाए, जी लगाकर खोजती न रहे? 
Luke 15:9 और जब मिल जाता है, तो वह अपने सखियों और पड़ोसिनियों को इकट्ठी कर के कहती है, कि मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरा खोया हुआ सिक्‍का मिल गया है। 
Luke 15:10 मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्‍वर्गदूतों के साम्हने आनन्द होता है। 

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 23-25
  • फिलिप्पियों 1


रविवार, 4 अक्टूबर 2015

बेरुखी और प्रेम


   मेरी भांजी ने कहा, "जूली आन्टी, यह कभी होने वाला नहीं है; आप इस बात का विचार भी अपने मन से निकाल दें!" मेरा प्रत्युत्तर था, "मैं जानती हूँ कि यह अन्होना है, लेकिन असंभव तो नहीं है।"

   बहुत वर्षों से मेरे और मेरी भांजी के बीच एक पारिवारिक स्थिति को लेकर उप्रोक्त संवाद विभिन्न रूप में होता रहा है। उप्रोक्त कहे हुए से आगे का मेरा प्रत्युत्तर, जो मैं कभी-कभी ही बोलती हूं होता है, "मैं जानती हूँ ऐसा हो सकता है क्योंकि मैं प्रायः सुनती रहती हूँ कि परमेश्वर ने असंभव को भी कर दिखाया।" लेकिन इसके आगे की बात जो मैं केवल अपने आप से ही कह पाती हूँ है, "लेकिन असंभव को संभव होते मैंने केवल दूसरों के परिवारों में ही देखा है।"

   हाल के दिनों में हमारे पास्टर परमेश्वर के वचन बाइबल में से इफिसियों की पत्री से सन्देश दे रहे हैं, और प्रत्येक सभा के अन्त में हम इसी पत्री में लिखे आशीष वचन, "अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है, कलीसिया में, और मसीह यीशु में, उस की महिमा पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन" (इफिसियों 3:20-21) को दोहराते आए हैं; और यह वचन मेरी भांजी के साथ चल रहे हमारे संभव-असंभव के द्वंद में मेरे दृष्टिकोण को दिखाता है।

   यह वह वर्ष था जब परमेश्वर ने मेरे परिवार में "समझ से कहीं अधिक काम" किया; वह बेरुखी के स्थान पर प्रेम को ले आया! परमेश्वर ने ऐसा कैसे कर दिखाया, यह मेरी समझ से परे है, लेकिन मैंने यह होते हुए देखा है। लेकिन इस बात को लेकर मैं अचंभित क्यों हूँ? यदि शैतान प्रेम को बेरुखी में बदल सकता है तो फिर परमेश्वर बेरुखी को प्रेम में परिवर्तित क्यों नहीं कर सकता? प्रेम बेरुखी पर जयवंत है! - जूली ऐकैरमैन लिंक


शैतान की विनाश करने की सामर्थ से परमेश्वर की निर्माण करने सामर्थ कहीं अधिक बढ़कर है।

हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है; क्योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है। - 1 यूहन्ना 4:4 

बाइबल पाठ: इफिसियों 3:14-21
Ephesians 3:14 मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं, 
Ephesians 3:15 जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है। 
Ephesians 3:16 कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्‍व में सामर्थ पाकर बलवन्‍त होते जाओ। 
Ephesians 3:17 और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़ कर और नेव डाल कर। 
Ephesians 3:18 सब पवित्र लोगों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ; कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है। 
Ephesians 3:19 और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ।
Ephesians 3:20 अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है, 
Ephesians 3:21 कलीसिया में, और मसीह यीशु में, उस की महिमा पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन। 

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 20-22
  • इफिसियों 6


शनिवार, 3 अक्टूबर 2015

सांत्वना


   बहुत साल पहले की बात है, मैं एक संस्थान में नया मानव संसाधन प्रबंधक लगा था, और मुझे उस संस्थान में लंबे समय से काम करने वाले एक राजमिस्त्री के अन्तिम संसकार में जाना पड़ा, जिससे मेरी कभी मुलाकात नहीं हुई थी। यद्यपि वह राजमिस्त्री अपने साथी कर्मचारियों में लोकप्रीय था, लेकिन उसकी विध्वा के पास शोक व्यक्त करने बहुत कम लोग आए। मैं सुन रहा था कि कोई उसकी विध्वा को सांत्वना देते हुए समझा रहा था कि बहुत से लोग इसलिए पास नहीं आते क्योंकि ऐसे अवसरों पर उन्हें कुछ कहने, या करने में डर लगता है कि कहीं वे कुछ गलत या अनुप्युक्त ना कह या कर दें, और शोक संतप्त परिवार के दुख और बढ़ा ना दें।

   लेकिन दुख और व्यथा के समयों में शोकित लोगों को कम ही स्मरण रहता है कि किसने क्या कहा या किया; जो उन्हें स्मरण रहता है वह है कि कौन उनके पास आया। इन शोक के समयों में परिचित चेहरों और लोगों को देखने से वर्णन से बाहर सहारा मिलता है; उस हानि के कारण उत्पन्न होने वाले एकाकीपन से राहत तथा सांत्वना देने में परिचित लोगों की उपस्थिति बहुत सहायक होती है। चाहे हम उस स्थिति में मौन ही रहें और बेचैन अनुभव करें, लेकिन शोकित जन के निकट हमारी उपस्थिति एक उपहार के समान होती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में एक ऐसी ही घटना का उल्लेख है; मरियम और मार्था के भाई लाज़र का देहाँत हो गया था और मित्रगण तथा शोक मनाने वाले उनके साथ थे (यूहन्ना 11:19)। फिर वह आया जिसे वे दोनों देखने की बहुत लालसा रखती थीं - प्रभु यीशु; वह उनके पास आया और उनके दुख में उनके साथ रोया भी (पद 33-35)। यह देखकर वहाँ जमा "यहूदी कहने लगे, देखो, वह उस से कैसी प्रीति रखता था" (यूहन्ना 11:36)।

   किसी भी हानि में प्रभु यीशु की उपस्थिति सदा ही सांत्वना देने वाली होती है; और हमारे प्रभु ने हमें भी यह ज़िम्मेदारी सौंपी है कि जैसे वह हमें सांत्वना देता है, हम भी उन्हें जो दुखों में हैं सांत्वना दें (2 कुरिन्थियों 1:3-4)। - रैंडी किलगोर


अकसर शोकित के पास उपस्थित होना ही उसके लिए सबसे सांत्वनादायक होता है।

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:3-4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 11:14-27
John 11:14 तब यीशु ने उन से साफ कह दिया, कि लाजर मर गया है। 
John 11:15 और मैं तुम्हारे कारण आनन्‍दित हूं कि मैं वहां न था जिस से तुम विश्वास करो, परन्तु अब आओ, हम उसके पास चलें। 
John 11:16 तब थोमा ने जो दिदुमुस कहलाता है, अपने साथ के चेलों से कहा, आओ, हम भी उसके साथ मरने को चलें। 
John 11:17 सो यीशु को आकर यह मालूम हुआ कि उसे कब्र में रखे चार दिन हो चुके हैं। 
John 11:18 बैतनिय्याह यरूशलेम के समीप कोई दो मील की दूरी पर था। 
John 11:19 और बहुत से यहूदी मारथा और मरियम के पास उन के भाई के विषय में शान्‍ति देने के लिये आए थे। 
John 11:20 सो मारथा यीशु के आने का समाचार सुनकर उस से भेंट करने को गई, परन्तु मरियम घर में बैठी रही। 
John 11:21 मारथा ने यीशु से कहा, हे प्रभु, यदि तू यहां होता, तो मेरा भाई कदापि न मरता। 
John 11:22 और अब भी मैं जानती हूं, कि जो कुछ तू परमेश्वर से मांगेगा, परमेश्वर तुझे देगा। 
John 11:23 यीशु ने उस से कहा, तेरा भाई जी उठेगा। 
John 11:24 मारथा ने उस से कहा, मैं जानती हूं, कि अन्‍तिम दिन में पुनरुत्थान के समय वह जी उठेगा। 
John 11:25 यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा। 
John 11:26 और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा, क्या तू इस बात पर विश्वास करती है? 
John 11:27 उसने उस से कहा, हां हे प्रभु, मैं विश्वास कर चुकी हूं, कि परमेश्वर का पुत्र मसीह जो जगत में आनेवाला था, वह तू ही है। 

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 17-19
  • इफिसियों 5:17-33


शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2015

दुल्हन


   पुस्तक To Marry an English Lord उन्नीसवीं सदी में अमेरिका के अमीर खान्दानों की युवतियों के ब्रिटेन के राजसी घरानों में विवाह रचाने के शौक पर लिखी गई है। यह शौक रखने वाली स्त्रियाँ धनवान तो थीं, परन्तु उनके अन्दर राजपदधारी होने और उससे समाज में मिलने वाले रुतबे को पाने की लालसा थी। पुस्तक का आरंभ होता है रानी विकटोरिया के पुत्र राजकुमार एल्बर्ट के एक सामाजिक निमंत्रण पर अमेरिका के दौरे पर जाने के साथ। उस दौरे के दौरान राजकुमार के लिए एक भव्य समारोह का आयोजन किया जाता है जिसमें आमंत्रित लोगों के नाच में सम्मिलित होने का भी अवसर होता है। इस अवसर पर बहुत सी अमीर युवतियाँ इस आश्य से आती हैं कि संभवतः उन्हें राजकुमार एल्बर्ट की दुल्हन बनने का अवसर मिल जाए।

   प्रभु यीशु में विश्वास रखने वालों के पास केवल आशा नहीं है - उनके पास इस पृथ्वी पर राजपदधारी होने (1 पतरस 2:9) तथा स्वर्ग में राजसी विवाह का आश्वासन है। इस राजसी विवाह के बारे में प्रेरित यूहन्ना ने प्रकाशितवाक्य नामक पुस्तक में लिखा: "आओ, हम आनन्‍दित और मगन हों, और उस की स्‍तुति करें; क्योंकि मेम्ने का ब्याह आ पहुंचा: और उस की पत्‍नी ने अपने आप को तैयार कर लिया है। और उसको शुद्ध और चमकदार महीन मलमल पहिनने का अधिकार दिया गया, क्योंकि उस महीन मलमल का अर्थ पवित्र लोगों के धर्म के काम हैं" (प्रकाशितवाक्य 19:7-8)। प्रभु यीशु वह मेमना, वह दूल्हा तथा सभी मसीही विश्वासियों द्वारा मिलकर बनी मण्डली उसकी दुल्हन है।

   प्रभु यीशु की दुल्हन होने के नाते हमें अपने आप को उस विशेष दिन के लिए तैयार करना है। यह तैयारी आज और अभी से प्रभु यीशु की निकटता में बने रहने और चलते रहने के द्वारा होनी है, क्योंकि उसकी दुलहन के रूप में हम स्वर्ग में यही तो करेंगे। और इस तैयारी में आज प्रभु यीशु स्वयं हमारा सहायक है क्योंकि वह अपनी दुल्हन को बेदाग़ और बेझुर्री करके अपने साथ खड़े होने के लिए तैयार कर रहा है (इफिसियों 5:25-27)। - डेनिस फिशर


राजाओं के राजा से निकट संबंध से बढ़कर कोई अन्य सौभाग्य नहीं है।

पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। - 1 पतरस 2:9

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 19:6-9; इफिसियों 5:25-27
Revelation 19:6 फिर मैं ने बड़ी भीड़ का सा, और बहुत जल का सा शब्द, और गर्जनों का सा बड़ा शब्द सुना, कि हल्लिलूय्याह! इसलिये कि प्रभु हमारा परमेश्वर, सर्वशक्तिमान राज्य करता है। 
Revelation 19:7 आओ, हम आनन्‍दित और मगन हों, और उस की स्‍तुति करें; क्योंकि मेम्ने का ब्याह आ पहुंचा: और उस की पत्‍नी ने अपने आप को तैयार कर लिया है। 
Revelation 19:8 और उसको शुद्ध और चमकदार महीन मलमल पहिनने का अधिकार दिया गया, क्योंकि उस महीन मलमल का अर्थ पवित्र लोगों के धर्म के काम हैं। 
Revelation 19:9 और उसने मुझ से कहा; यह लिख, कि धन्य वे हैं, जो मेम्ने के ब्याह के भोज में बुलाए गए हैं; फिर उसने मुझ से कहा, ये वचन परमेश्वर के सत्य वचन हैं।

Ephesians 5:25 हे पतियों, अपनी अपनी पत्‍नी से प्रेम रखो, जैसा मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम कर के अपने आप को उसके लिये दे दिया। 
Ephesians 5:26 कि उसको वचन के द्वारा जल के स्‍नान से शुद्ध कर के पवित्र बनाए। 
Ephesians 5:27 और उसे एक ऐसी तेजस्‍वी कलीसिया बना कर अपने पास खड़ी करे, जिस में न कलंक, न झुर्री, न कोई ऐसी वस्तु हो, वरन पवित्र और निर्दोष हो। 

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 14-16
  • इफिसियों 5:1-16


गुरुवार, 1 अक्टूबर 2015

स्तुतिगान


   अन्तरिक्ष में स्थित दूरबीन हबल, चिड़ियाघर और गाते हुए बच्चों में क्या समानता हो सकती है? परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखे भजन 148 के अनुसार, हम इस निषकर्ष पर पहुँचते हैं कि ये तीनों परमेश्वर की भव्य और अद्भुत सृष्टि की ओर इशारा करते हैं।

   अकसर इस बात पर प्रश्नचिन्ह लगाया जाता है कि परमेश्वर ने ही इस समस्त सृष्टि की रचना करी है। इसलिए यह अच्छा समय होगा कि हम स्मरण करें कि हमें सारी सृष्टि के साथ मिलकर परमेश्वर की कार्य-कौशलता के लिए उसकी कितनी स्तुति और आराधना करनी चाहिए।

   हबल दूरबीन ने इस सृष्टि के भौंचक्के कर देने वाले चित्र खींच कर भेजे हैं। हबल द्वारा लिया गया प्रत्येक चित्र सृष्टि में फैले सितारों और नक्षत्र-पुंजों को दिखाता है और परमेश्वर की अद्भुत कारीगरी का प्रमाण है। बाइबल में भजन 148:3 में लिखा है: "हे सूर्य और चन्द्रमा उसकी स्तुति करो, हे सब ज्योतिमय तारागण उसकी स्तुति करो!"

   चिड़ियाघर का भ्रमण हमें परमेश्वर द्वारा बनाए गए विभिन्न प्रकार के जीव-जन्तुओं की विविधता का एक छोटा सा नमूना दिखाता है; भजन 148 के 7 और 10 पदों में लिखा है कि सभी वन-पशु, घरेलु-जन्तु, पक्षी आदि परमेश्वर की स्तुति करें।

   बच्चों को उन्मुक्त भाव से परमेश्वर की प्रशंसा और उसका स्तुतिगान करते देखना और सुनना इस बात की ओर इशारा करता है कि पृथ्वी के सभी लोगों को अपने सृष्टिकर्ता की स्तुति में आवाज़ उठानी चाहिए (पद 11-13)।

   चाहे तारागण हों या पशु-पक्षी अथवा मनुष्य, सभी के लिए कहा गया है कि, "यहोवा के नाम की स्तुति करो, क्योंकि केवल उसकी का नाम महान है; उसका ऐश्वर्य पृथ्वी और आकाश के ऊपर है" (भजन 148:13)। - डेव ब्रैनन


सृष्टि परमेश्वर की गवाही देती है।

आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1 

बाइबल पाठ: भजन 148
Psalms 148:1 याह की स्तुति करो! यहोवा की स्तुति स्वर्ग में से करो, उसकी स्तुति ऊंचे स्थानों में करो! 
Psalms 148:2 हे उसके सब दूतों, उसकी स्तुति करो: हे उसकी सब सेना उसकी स्तुति कर! 
Psalms 148:3 हे सूर्य और चन्द्रमा उसकी स्तुति करो, हे सब ज्योतिमय तारागण उसकी स्तुति करो! 
Psalms 148:4 हे सब से ऊंचे आकाश, और हे आकाश के ऊपर वाले जल, तुम दोनों उसकी स्तुति करो। 
Psalms 148:5 वे यहोवा के नाम की स्तुति करें, क्योंकि उसी ने आज्ञा दी और ये सिरजे गए। 
Psalms 148:6 और उसने उन को सदा सर्वदा के लिये स्थिर किया है; और ऐसी विधि ठहराई है, जो टलने की नहीं।
Psalms 148:7 पृथ्वी में से यहोवा की स्तुति करो, हे मगरमच्छों और गहिरे सागर, 
Psalms 148:8 हे अग्नि और ओलो, हे हिम और कुहरे, हे उसका वचन मानने वाली प्रचण्ड बयार! 
Psalms 148:9 हे पहाड़ों और सब टीलो, हे फलदाई वृक्षों और सब देवदारों! 
Psalms 148:10 हे वन-पशुओं और सब घरैलू पशुओं, हे रेंगने वाले जन्तुओं और हे पक्षियों! 
Psalms 148:11 हे पृथ्वी के राजाओं, और राज्य राज्य के सब लोगों, हे हाकिमों और पृथ्वी के सब न्यायियों! 
Psalms 148:12 हे जवानों और कुमारियों, हे पुरनियों और बालकों! 
Psalms 148:13 यहोवा के नाम की स्तुति करो, क्योंकि केवल उसकी का नाम महान है; उसका ऐश्वर्य पृथ्वी और आकाश के ऊपर है। 
Psalms 148:14 और उसने अपनी प्रजा के लिये एक सींग ऊंचा किया है; यह उसके सब भक्तों के लिये अर्थात इस्राएलियों के लिये और उसके समीप रहने वाली प्रजा के लिये स्तुति करने का विषय है। याह की स्तुति करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 11-13
  • इफिसियों 4


बुधवार, 30 सितंबर 2015

जीवन जल


   कॉलेराडो आने वाले पर्यटक अकसर इस बात से अनभिज्ञ रहते हैं कि क्यों उनके शरीर से पानी की मात्रा कम होती जा रही है। उस क्षेत्र का शुष्क वातावरण और चिलचिलाती धूप, विशेषकर पहाड़ों में, शरिर से जल को सुखा देती है। इसीलिए यहाँ अनेक पर्यटक मानचित्रों और स्थान स्थान पर लगे चिन्हों पर लोगों से काफी मात्रा में पानी पीते रहने का आग्रह लिखा मिलता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में जल को अकसर जीवन जल प्रभु यीशु के प्रतीक के रूप में दिया गया है, ऐसा जल जो हमारी प्रत्येक प्यास को तृप्त करता है। बाइबल में लिखे प्रभु यीशु के सबसे यादगार वार्तालापों में से एक है उनका कुँए के पास सामरी स्त्री से किया गया वार्तालाप (यूहन्ना 4:1-42)। वार्तालाप का आरंभ हुआ प्रभु यीशु के सामरी स्त्री से जल माँगने के द्वारा (पद 7), और वार्तालाप का सिलसिला बढ़ते बढ़ते कुछ और गहरी बातों की ओर मुड़ गया जब प्रभु यीशु ने कुँए के जल के संदर्भ में उस स्त्री से कहा: "...जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा। परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा" (यूहन्ना 4:13-14)।

   इस वार्तालाप का परिणाम हुआ कि वह सामरी स्त्री और फिर उस स्थान के अनेक निवासियों प्रभु यीशु पर विश्वास किया कि वही मसीह अर्थात संसार का उद्धारकर्ता है (पद 42)।

   जैसे हमारे शरीर जल के बिना जीवित नहीं रह सकते, वैसे ही हमारे प्राण और आत्मा उस आत्मिक जल के बिना जीवित नहीं रह सकते जो प्रभु यीशु अपने विश्वास करने वाले को देता है। आज यह जीवन जल परमेश्वर की ओर से संसार के हर व्यक्ति के लिए सेंत-मेंत उपलब्ध है; इस जीवन जल से अपनी आत्मिक प्यास बुझाने के अवसर को जाने ना दें। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्यासी आत्मा को केवल जीवन जल प्रभु यीशु ही तृप्त कर सकता है।

और उसके वचन के कारण और भी बहुतेरों ने विश्वास किया। और उस स्त्री से कहा, अब हम तेरे कहने ही से विश्वास नहीं करते; क्योंकि हम ने आप ही सुन लिया, और जानते हैं कि यही सचमुच में जगत का उद्धारकर्ता है। - यूहन्ना 4:41-42

बाइबल पाठ: यूहन्ना 4:6-15
John 4:6 और याकूब का कूआं भी वहीं था; सो यीशु मार्ग का थका हुआ उस कूएं पर यों ही बैठ गया, और यह बात छठे घण्टे के लगभग हुई। 
John 4:7 इतने में एक सामरी स्त्री जल भरने को आई: यीशु ने उस से कहा, मुझे पानी पिला। 
John 4:8 क्योंकि उसके चेले तो नगर में भोजन मोल लेने को गए थे। 
John 4:9 उस सामरी स्त्री ने उस से कहा, तू यहूदी हो कर मुझ सामरी स्त्री से पानी क्यों मांगता है? (क्योंकि यहूदी सामरियों के साथ किसी प्रकार का व्यवहार नहीं रखते)। 
John 4:10 यीशु ने उत्तर दिया, यदि तू परमेश्वर के वरदान को जानती, और यह भी जानती कि वह कौन है जो तुझ से कहता है; मुझे पानी पिला तो तू उस से मांगती, और वह तुझे जीवन का जल देता। 
John 4:11 स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, तेरे पास जल भरने को तो कुछ है भी नहीं, और कूआं गहिरा है: तो फिर वह जीवन का जल तेरे पास कहां से आया? 
John 4:12 क्या तू हमारे पिता याकूब से बड़ा है, जिसने हमें यह कूआं दिया; और आप ही अपने सन्तान, और अपने ढोरों समेत उस में से पीया? 
John 4:13 यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा। 
John 4:14 परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा। 
John 4:15 स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, वह जल मुझे दे ताकि मैं प्यासी न होऊं और न जल भरने को इतनी दूर आऊं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 9-10
  • इफिसियों 3


मंगलवार, 29 सितंबर 2015

अनुसरण


   कलाई पर बान्धी जाने वाली घड़ियों के लिए रेडियो पर प्रसारित होने वाले एक विज्ञापन में सलाह दी जा रही थी कि लोग चटकीले रंग के पट्टे वाली घड़ी खरीद कर उसे किसी अन्य रंग के कपड़ों के साथ पहिनें, जिससे लोग रंगों के इस असामंजस्य को लेकर पहनने वालों के साहस से आकर्षित हों और उनके समान बनना चाहें। हम सब के अन्दर कुछ तो ऐसा होता है जो चाहता है कि लोग हमारा अनुसरण करें।

   यदि आप परमेश्वर के वचन बाइबल में 1 कुरिन्थियों के 4 अध्याय को सरसरी निगाह से पढ़ें तो आपको लग सकता है कि उस पत्री का लेखक पेरित पौलुस यह कहने के द्वारा कि "मैं तुम से बिनती करता हूं, कि मेरी सी चाल चलो" (1 कुरिन्थियों 4:16) कुछ शेखी मार रहा है। लेकिन उस पत्री को ध्यान से पढ़ने पर हमें पता चलता है कि पौलुस ने इतने भरोसे से ऐसा क्यों कहा है; क्योंकि वह स्वयं मनुष्यों के सबसे महान सेवक, प्रभु यीशु का सेवक होने के लिए उसका अनुसरण करता था (1 कुरिन्थियों 11:1)।

   मसीह यीशु का अनुसरण करने की उसकी इस सेवकाई से पौलुस को मसीही मण्डलियों में निरादर और ताड़नाएं भी मिलीं (1 कुरिन्थियों 4:10-17)। जब पौलुस कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों को लिखता है कि चाहे उनके 10,000 शिक्षक भी हों तो भी वह मसीही विश्वास में उनका आत्मिक पिता है, तब वह उन्हें ऐसा यह एहसास दिलाने के लिए लिखता है कि प्रभु यीशु मसीह ही एकमात्र कारण है जिसके अन्तर्गत वे लोग उसके प्रचार और शिक्षाओं पर विश्वास कर सकते हैं।

   यदि हम चाहते हैं कि लोग हमारा अनुसरण करें, तो हमें सबसे पहले अपने प्रभु यीशु का अनुसरण करना होगा। यदि हम में लोगों को प्रभु यीशु की ओर इशारा करने का साहस है, यदि हम में कोई गुण, कोई ऐसा भलाई है जो लोगों के लिए अनुसरणीय उदाहरण हो सकती है, तो यह केवल हमारे प्रभु यीशु का अनुसरण करने के द्वारा ही सम्भव है, हमारी अपनी किसी सामर्थ या योग्यता के द्वारा नहीं। - ऐनी सेटास



हम जितना प्रभु यीशु का अनुसरण करते हैं, लोग भी हमारा उतना ही अनुसरण करेंगे।

इसलिये प्रिय, बालकों की नाईं परमेश्वर के सदृश बनो। और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। - इफिसियों 5:1-2

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 4:10-17
1 Corinthians 4:10 हम मसीह के लिये मूर्ख है; परन्तु तुम मसीह में बुद्धिमान हो: हम निर्बल हैं परन्तु तुम बलवान हो: तुम आदर पाते हो, परन्तु हम निरादर होते हैं। 
1 Corinthians 4:11 हम इस घड़ी तक भूखे-प्यासे और नंगे हैं, और घूंसे खाते हैं और मारे मारे फिरते हैं; 
1 Corinthians 4:12 और अपने ही हाथों से काम कर के परिश्रम करते हैं। लोग बुरा कहते हैं, हम आशीष देते हैं; वे सताते हैं, हम सहते हैं। 
1 Corinthians 4:13 वे बदनाम करते हैं, हम बिनती करते हैं: हम आज तक जगत के कूड़े और सब वस्‍तुओं की खुरचन की नाईं ठहरे हैं। 
1 Corinthians 4:14 मैं तुम्हें लज्ज़ित करने के लिये ये बातें नहीं लिखता, परन्तु अपने प्रिय बालक जानकर उन्हें चिताता हूं। 
1 Corinthians 4:15 क्योंकि यदि मसीह में तुम्हारे सिखाने वाले दस हजार भी होते, तौभी तुम्हारे पिता बहुत से नहीं, इसलिये कि मसीह यीशु में सुसमाचार के द्वारा मैं तुम्हारा पिता हुआ। 
1 Corinthians 4:16 सो मैं तुम से बिनती करता हूं, कि मेरी सी चाल चलो। 
1 Corinthians 4:17 इसलिये मैं ने तीमुथियुस को जो प्रभु में मेरा प्रिय और विश्वासयोग्य पुत्र है, तुम्हारे पास भेजा है, और वह तुम्हें मसीह में मेरा चरित्र स्मरण कराएगा, जैसे कि मैं हर जगह हर एक कलीसिया में उपदेश करता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 7-8
  • इफिसियों 2