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शुक्रवार, 12 मई 2017

टेक


   हमारी सहेली, हेलेन का देहांत हो गया था, और हम उसके अन्तिम संस्कार के पश्चात बाहर आ रहे थे; सिंडी ने टिप्पणी की, "यह कैसा अनोखा अन्तिम संस्कार था।" हेलेन को दी जाने वाली इस अन्तिम विदाई के समय एक के बाद एक मित्र, सहेली, परिवारजन ने उसके हँसमुख तथा सदा आनन्दमय व्यवहार को स्मरण किया। परन्तु हेलेन का जीवन केवल हँसी-मज़ाक और चुटकुले ही नहीं था। उसके भान्जे ने मसीह यीशु में हेलेन के विश्वास के, तथा दुसरों की देखभाल करने की उसकी प्रवृत्ति के बारे में बताया। उसने बताया कि कैसे, जब वह किशोर था और संघर्ष कर रहा था, ऐसे में हेलेन ने उसे अपने घर में स्थान दिया। आज वह जीवन के तीसरे दशक में था, और कह रहा था, "हेलेन आन्टी मेरे लिए माँ के समान थीं। मेरे संघर्षों में उन्होंने कभी मेरा साथ नहीं छोड़ा। मुझे पूरा विश्वास है कि यदि उनका साथ नहीं होता तो मैं अपने मसीही विश्वास से कब का पीछे हट चुका होता।" वाह! कैसा अद्भुत प्रभाव! हेलेन ने प्रभु यीशु को अपनी टेक बनाया, उसका सहारा लिया, और अपने भान्जे को भी प्रभु की टेक, उसका सहारा लेना सिखाया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम में हम पढ़ते हैं कि राजा दाउद ने एक जवान पुरुष, मपीबोशेत को, अपने घर में स्थान दिया जिससे उसके पिता और दाऊद के दिवंगत मित्र योनातान के कारण मपीबोशेत पर अनुकंपा दिखा सके (देखें 2 शमूएल 9:1)। कई वर्ष पहले, जब उसके पिता के युध्द में मारे जाने का समाचार आया था, तो जब मपीबोशेत की धाय उसे लेकर भागी तो वह उसकी गोदी से गिर गया और घायल हो गया (4:4), अब वह ठीक से चल नहीं सकता था। मपीबोशेत को आश्चर्य हुआ कि राजा दाऊद उसकी देखभाल करना चाहता था; क्योंकि अपनी दृष्टि में मपीबोशेत तो "मरे हुए कुते" के समान था (9:8)। परन्तु दाऊद ने उससे अपने पुत्र के समान व्यवहार किया (9:11)।

   मैं भी ऐसा व्यक्ति बनना चाहूँगी; क्या आप ऐसा बनना नहीं चाहेंगे? ऐसा व्यक्ति जो दूसरों की देखभाल और सहायता करे, उन्हें हर परिस्थित, परेशानी, संघर्ष में भी मसीह यीशु में विश्वास बनाए रखने में सहायक हो। जो दूसरों के लिए टेक बन सके, और सारे संसार के सभी लोगों के आश्रय स्थान तथा सहारे प्रभु यीशु की ओर लोगों को आकर्षित कर सके। - ऐनी सेटास


परमेश्वर लोगों के जीवनों में अन्य लोगों के द्वारा ही अपना अधिकांश कार्य करता है।

क्योंकि तू संकट में दीनों के लिये गढ़, और जब भयानक लोगों का झोंका भीत पर बौछार के समान होता था, तब तू दरिद्रों के लिये उनकी शरण, और तपन में छाया का स्थान हुआ। - यशायाह 25:4

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 9
2 Samuel 9:1 दाऊद ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं योनातन के कारण प्रीति दिखाऊं? 
2 Samuel 9:2 शाऊल के घराने का सीबा नाम एक कर्मचारी था, वह दाऊद के पास बुलाया गया; और जब राजा ने उस से पूछा, क्या तू सीबा है? तब उसने कहा, हां, तेरा दास वही है। 
2 Samuel 9:3 राजा ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं परमेश्वर की सी प्रीति दिखाऊं? सीबा ने राजा से कहा, हां, योनातन का एक बेटा तो है, जो लंगड़ा है। 
2 Samuel 9:4 राजा ने उस से पूछा, वह कहां है? सीबा ने राजा से कहा, वह तो लोदबार नगर में, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर में रहता है। 
2 Samuel 9:5 तब राजा दाऊद ने दूत भेज कर उसको लोदबार से, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर से बुलवा लिया। 
2 Samuel 9:6 जब मपीबोशेत, जो योनातन का पुत्र और शाऊल का पोता था, दाऊद के पास आया, तब मुह के बल गिर के दण्डवत्‌ किया। दाऊद ने कहा, हे मपीबोशेत! उसने कहा, तेरे दास को क्या आज्ञा? 
2 Samuel 9:7 दाऊद ने उस से कहा, मत डर; तेरे पिता योनातन के कारण मैं निश्चय तुझ को प्रीति दिखाऊंगा, और तेरे दादा शाऊल की सारी भूमि तुझे फेर दूंगा; और तू मेरी मेज पर नित्य भोजन किया कर। 
2 Samuel 9:8 उसने दण्डवत्‌ कर के कहा, तेरा दास क्या है, कि तू मुझे ऐसे मरे कुत्ते की ओर दृष्टि करे? 
2 Samuel 9:9 तब राजा ने शाऊल के कर्मचारी सीबा को बुलवाकर उस से कहा, जो कुछ शाऊल और उसके समस्त घराने का था वह मैं ने तेरे स्वामी के पोते को दे दिया है। 
2 Samuel 9:10 अब से तू अपने बेटों और सेवकों समेत उसकी भूमि पर खेती कर के उसकी उपज ले आया करना, कि तेरे स्वामी के पोते को भोजन मिला करे; परन्तु तेरे स्वामी का पोता मपीबोशेत मेरी मेज पर नित्य भोजन किया करेगा। और सीबा के तो पन्द्रह पुत्र और बीस सेवक थे। 
2 Samuel 9:11 सीबा ने राजा से कहा, मेरा प्रभु राजा अपने दास को जो जो आज्ञा दे, उन सभों के अनुसार तेरा दास करेगा। दाऊद ने कहा, मपीबोशेत राजकुमारों की नाईं मेरी मेज पर भोजन किया करे। 
2 Samuel 9:12 मपीबोशेत के भी मीका नाम एक छोटा बेटा था। और सीबा के घर में जितने रहते थे वे सब मपीबोशेत की सेवा करते थे। 
2 Samuel 9:13 और मपीबोशेत यरूशलेम में रहता था; क्योंकि वह राजा की मेज पर नित्य भोजन किया करता था। और वह दोनों पांवों का पंगुला था।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 15-16
  • यूहन्ना 3:1-18


गुरुवार, 11 मई 2017

गवाही


   एक भूतपूर्व कैदी, माइकल डिन्समोर, हाल ही में मसीही विश्वास में आया था; उसे बन्दिगृह में अपने जीवन की कहानी सुनाने, मसीही विश्वास के अपने जीवन की गवाही देने को कहा गया। उसके द्वारा अपनी गवाही सुनाने के पश्चात, बन्दिगृह के कुछ बन्दियों ने आकर उससे कहा, "यह हमारे जीवन की सबसे अधिक उत्साहवर्धक सभा थी।" माइकल चकित हुआ कि उसके जीवन की साधारण सी गवाही को परमेश्वर इतनी सामर्थ्य के साथ उपयोग कर सकता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि पौलुस ने तिमुथियुस को लिखी अपनी प्रथम पत्री में पहले तो उसे निर्देश दिया कि वह सुसमाचार प्रचार करने के अपने पथ पर दृढ़ता से बना रहे (1:1-11)। इस निर्देश के पश्चात, उस नौजवान पास्टर को प्रोत्साहित करने के लिए, पौलुस ने उससे अपने जीवन की गवाही साझा की (पद 12-16)। पौलुस ने बताया कि कैसे प्रभु यीशु ने उस पर दया की, जबकि पौलुस प्रभु का उपहास करता था, उसकी अवहेलना करता था; लेकिन फिर भी प्रभु ने अपने बड़े प्रेम और दया में होकर उसके जीवन को बदल डाला। प्रभु ने न केवल पौलुस को विश्वासयोग्य जाना, वरन अपने लिए पौलुस को करने के लिए कार्य और ज़िम्मेदारी भी सौंपी, और उस ज़िम्मेदारी के योग्य सामर्थ्य भी प्रदान किया (पद 12)। पौलुस अपने आप को संसार का सबसे बड़ा पापी मानता था, परन्तु प्रभु ने उसका भी उध्दार किया, उसे बदल दिया और अपने लिए कार्य करने वाला बना दिया (पद 15)।

   परमेश्वर ऐसा कर सकने के योग्य है। पौलुस यही बात तिमुथियुस को दिखाना चाहता था; और इसी बात को आज हमें भी देखना, समझना और स्वीकार करना है, उसका पालन करना है। पौलुस की गवाही के द्वारा हम परमेश्वर की दया को देखते हैं। यदि परमेश्वर पौलुस जैसे व्यक्ति को बदल सकता है, उसे अपने लिए उपयोगी बना सकता है, तो पौलुस के समान वह हमें भी उपयोग कर सकता है। यदि परमेश्वर संसार के सबसे बड़े पापी का उध्दार कर सकता है तो किसी का भी कर सकता है, कोई उसकी दया और करुणा की सीमा से परे नहीं है।

   परमेश्वर द्वारा हमारे जीवनों में किए गए कार्यों की गवाही किसी अन्य के लिए प्रोत्साहन हो सकती है। अपने आस-पास के लोगों के साथ अपने जीवन में हुए परमेश्वर के कार्यों की गवाही को साझा करें; उन्हें बताएं कि बाइबल का परमेश्वर आज भी कार्य कर रहा है, जीवन बदल रहा है! - पोह फैंग चिया


परमेश्वर के प्रेम और दया की पहुँच से बाहर कोई नहीं है।

तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा। मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा। लोग तेरे भयानक कामों की शक्ति की चर्चा करेंगे, और मैं तेरे बड़े बड़े कामों का वर्णन करूंगा। लोग तेरी बड़ी भलाई का स्मरण कर के उसकी चर्चा करेंगे, और तेरे धर्म का जयजयकार करेंगे। - भजन 145:4-7

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 1:12-20
1 Timothy 1:12 और मैं, अपने प्रभु मसीह यीशु का, जिसने मुझे सामर्थ्य दी है, धन्यवाद करता हूं; कि उसने मुझे विश्वास योग्य समझकर अपनी सेवा के लिये ठहराया। 
1 Timothy 1:13 मैं तो पहिले निन्‍दा करने वाला, और सताने वाला, और अन्‍धेर करने वाला था; तौभी मुझ पर दया हुई, क्योंकि मैं ने अविश्वास की दशा में बिन समझे बूझे, ये काम किए थे। 
1 Timothy 1:14 और हमारे प्रभु का अनुग्रह उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, बहुतायत से हुआ। 
1 Timothy 1:15 यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं। 
1 Timothy 1:16 पर मुझ पर इसलिये दया हुई, कि मुझ सब से बड़े पापी में यीशु मसीह अपनी पूरी सहनशीलता दिखाए, कि जो लोग उस पर अनन्त जीवन के लिये विश्वास करेंगे, उन के लिये मैं एक आदर्श बनूं। 
1 Timothy 1:17 अब सनातन राजा अर्थात अविनाशी अनदेखे अद्वैत परमेश्वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।
1 Timothy 1:18 हे पुत्र तीमुथियुस, उन भविष्यद्वाणियों के अनुसार जो पहिले तेरे विषय में की गई थीं, मैं यह आज्ञा सौंपता हूं, कि तू उन के अनुसार अच्छी लड़ाई को लड़ता रहे। 
1 Timothy 1:19 और विश्वास और उस अच्‍छे विवेक को थामें रहे जिसे दूर करने के कारण कितनों का विश्वास रूपी जहाज डूब गया। 
1 Timothy 1:20 उन्‍हीं में से हुमिनयुस और सिकन्‍दर हैं जिन्हें मैं ने शैतान को सौंप दिया, कि वे निन्‍दा करना न सीखें।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 13-14
  • यूहन्ना 2


बुधवार, 10 मई 2017

साधारण


   बहुत सी ऐसी माताएं, जिनके बच्चे अभी छोटे ही थे, प्रार्थनाओं के उत्साहजनक उत्तरों के बारे में अपने अनुभव साझा कर रही थीं। परन्तु फिर भी एक महिला ने कहा कि अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं को लेकर परमेश्वर को परेशान करना उसे स्वार्थी लगता है। उसने समझाया, "परमेश्वर का सामने सारे संसार की इतनी बड़ी-बड़ी समस्याएं और आवश्यकताएं हैं; ऐसे में मेरी परिस्थितियाँ और आवश्यकताएं उन्हें बहुत साधारण और ध्यान देने योग्य नहीं लगते होंगे।" कुछ ही पल बाद उस महिला का बेटा चिल्लाकर रोता हुआ अपनी माँ के पास भागता हुआ आया; उसकी अँगुली दरवाज़े में दब गई थी। उस महिला ने अपने बेटे के साथ बहुत कोमलता और करुणा दिखाई; तब उस महिला ने अपने बेटे से यह नहीं कहा कि, "मैं इतनी व्यस्त हूँ और तुम हो कि एक छोटी सी चोट के कारण मुझे परेशान कर रहे हो।" यह उस प्रेम के कारण था जो वह महिला अपने पुत्र से करती थी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 103:13 हमें परमेश्वर के प्रेम के बारे में समझाता है, उसके प्रेम को पिता के प्रेम के समान बताता है। यशायाह 49 में परमेश्वर कहता है कि चाहे माता अपने बच्चे पर करुणा करना भूल जाए लेकिन परमेश्वर अपने बच्चों को कभी नहीं भूलता है (पद 15)। इस विषय में परमेश्वर ने अपने लोगों को आश्वासन दिया है, "देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है" (पद 16)।

   परमेश्वर के साथ ऐसी निकटता उन ही की होती है जो उसका भय मानते हैं, और स्वयं अपने ऊपर निर्भर रहने के स्थान पर परमेश्वर पर निर्भर रहते हैं। जैसे वह बच्चा अपनी दुःखती हुई अँगुली लेकर निःसंकोच अपनी माँ के पास भागा चला आया, उसी प्रकार हम भी अपनी प्रत्येक समस्या और परिस्थिति को लेकर प्रतिदिन परमेश्वर के पास आया करें।

   हमारा करुणामय परमेश्वर हमारी चिन्ताओं और आवश्यकताओं के समाधान के लिए किसी अन्य की उपेक्षा नहीं करता है। उसके पास अपनी प्रत्येक सन्तान की प्रत्येक चिंता तथा आवश्यकता के लिए असीम समय, प्रेम और संसाधन हैं। उसके लिए हमारी कोई चिंता, कोई समस्या, कोई आवश्यकता साधारण नहीं है। - जोनी योडर


परमेश्वर अपने बच्चों को अपनी हथेली में थामे रहता है।

उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है। जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है। क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है। भजन 103:12-14

बाइबल पाठ: यशायाह 49:13-18
Isaiah 49:13 हे आकाश, जयजयकार कर, हे पृथ्वी, मगन हो; हे पहाड़ों, गला खोल कर जयजयकार करो! क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है और अपने दीन लोगों पर दया की है।
Isaiah 49:14 परन्तु सिय्योन ने कहा, यहोवा ने मुझे त्याग दिया है, मेरा प्रभु मुझे भूल गया है। 
Isaiah 49:15 क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। 
Isaiah 49:16 देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है। 
Isaiah 49:17 तेरे लड़के फुर्ती से आ रहे हैं और खण्डहर बनाने वाले और उजाड़ने वाले तेरे बीच से निकले जा रहे हैं। 
Isaiah 49:18 अपनी आंखें उठा कर चारों ओर देख, वे सब के सब इकट्ठे हो कर तेरे पास आ रहे हैं। यहोवा की यह वाणी है कि मेरे जीवन की शपथ, तू निश्चय उन सभों को गहने के समान पहिल लेगी, तू दुल्हिन की नाईं अपने शरीर में उन सब को बान्ध लेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 10-12
  • यूहन्ना 1:29-51


मंगलवार, 9 मई 2017

स्मरण


   हमें बहुधा अनेकों ईमेल प्राप्त होत हैं जो हमें आने वाली कार्यक्रमों या किसी के साथ मिलने या बात करने या किसी के लिए प्रार्थना करने का स्मरण करवाते रहते हैं। ये सभी आवश्यक अनुस्मारक हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में जब पौलुस ने तीतुस को पत्री लिखी तो उसके अन्त में कहा, "लोगों को सुधि दिला...." (तीतुस 3:1)। पौलुस के द्वार प्रयुक्त शब्दों से हम अनुमान लगा सकते हैं कि पौलुस पहले भी इस विषय में उन्हें लिख चुका था। परन्तु यह इतना महत्वपूर्ण विषय था कि उसने उन बातों को फिर से दोहराया और उन्हें उनका स्मरण करवाया।

   उस बात का ध्यान करें जिसे पौलुस नहीं चाहता था कि वे भूलें। पौलुस ने दमनकारी रोमी शासन में जी रहे मसीही विश्वासियों को स्मरण दिलाया कि वे "हाकिमों और अधिकारियों के अधीन रहें" (पद 1)। मसीही विश्वासियों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वे आज्ञाकारिता के लिए, भलाई करने के लिए, बदनाम नहीं करने के लिए, शान्तिप्रीय होने और दूसरों का ध्यान रखने वाले होने के लिए, शिकायत करने की बजाए नम्रता से रहने वाले होने के लिए जाने जाएं। उनके व्यवहार को मसीह यीशु द्वारा उनके जीवन में लाए गए परिवर्तन को प्रदर्शित करना था (पद 3-5)।

   उस समय वे, और आज हम, ऐसा कैसे कर सकते हैं? प्रत्येक मसीही विश्वासी को परमेश्वर के पवित्र आत्मा से मिलने वाली सामर्थ के द्वारा: "उसने हमारा उद्धार किया: और यह धर्म के कामों के कारण नहीं, जो हम ने आप किए, पर अपनी दया के अनुसार, नए जन्म के स्‍नान, और पवित्र आत्मा के हमें नया बनाने के द्वारा हुआ। जिसे उसने हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह के द्वारा हम पर अधिकाई से उंडेला। यह बात सच है, और मैं चाहता हूं, कि तू इन बातों के विषय में दृढ़ता से बोले इसलिये कि जिन्हों ने परमेश्वर की प्रतीति की है, वे भले-भले कामों में लगे रहने का ध्यान रखें: ये बातें भली, और मनुष्यों के लाभ की हैं" (पद 5-6, 8)। प्रभु यीशु मसीह से मिली पापों की क्षमा और नए जीवन के दान से ही हम संसार पर भला प्रभाव डालने के लिए सुसज्जित हो सकते हैं; और हमें ऐसा करते रहने का स्मरण रखना बहुत आवश्यक है। - डेव ब्रैनन


मसीही विश्वासी का जीवन वह खिड़की है जिसमें से लोग प्रभु यीशु को देख सकते हैं।

इन बातों की आज्ञा कर, और सिखाता रह। कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा। - 1 तिमुथियुस 4:11-12

बाइबल पाठ: तीतुस 3:1-8
Titus 3:1 लोगों को सुधि दिला, कि हाकिमों और अधिकारियों के आधीन रहें, और उन की आज्ञा मानें, और हर एक अच्‍छे काम के लिये तैयार रहें। 
Titus 3:2 किसी को बदनाम न करें; झगडालू न हों: पर कोमल स्‍वभाव के हों, और सब मनुष्यों के साथ बड़ी नम्रता के साथ रहें। 
Titus 3:3 क्योंकि हम भी पहिले, निर्बुद्धि, और आज्ञा न मानने वाले, और भ्रम में पड़े हुए, और रंग रंग के अभिलाषाओं और सुखविलास के दासत्‍व में थे, और बैरभाव, और डाह करने में जीवन निर्वाह करते थे, और घृणित थे, और एक दूसरे से बैर रखते थे। 
Titus 3:4 पर जब हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर की कृपा, और मनुष्यों पर उसकी प्रीति प्रगट हुई। 
Titus 3:5 तो उसने हमारा उद्धार किया: और यह धर्म के कामों के कारण नहीं, जो हम ने आप किए, पर अपनी दया के अनुसार, नए जन्म के स्‍नान, और पवित्र आत्मा के हमें नया बनाने के द्वारा हुआ। 
Titus 3:6 जिसे उसने हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह के द्वारा हम पर अधिकाई से उंडेला। 
Titus 3:7 जिस से हम उसके अनुग्रह से धर्मी ठहरकर, अनन्त जीवन की आशा के अनुसार वारिस बनें। 
Titus 3:8 यह बात सच है, और मैं चाहता हूं, कि तू इन बातों के विषय में दृढ़ता से बोले इसलिये कि जिन्हों ने परमेश्वर की प्रतीति की है, वे भले-भले कामों में लगे रहने का ध्यान रखें: ये बातें भली, और मनुष्यों के लाभ की हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 7-9
  • यूहन्ना 1:1-28


सोमवार, 8 मई 2017

धैर्य एवं प्रतीक्षा


   एक दिन जब मैंने अपने पति को हमारे स्थानीय रेल्वे स्टेशन पर छोड़ने गई, तो मैंने देखा कि ट्रेन का कंडक्टर धैर्य के साथ देर से आने वालों की प्रतीक्षा कर रहा है। स्टेशन में कार खड़ी करने के स्थान से गीले बालों के साथ एक महिला भागती हुई आई और लपक कर ट्रेन के डिब्बे में चढ़ गई। फिर गहरे रंग का सूट पहिने एक पुरुष द्रुत गति से आया और चढ़ गया। कंडक्टर धैर्य के साथ प्रतीक्षा करता रहा और विलंब से पहुँचने वाले कई और लोग भागते हुए आकर अन्तिम पलों में भी ट्रेन पर चढ़ गए।

   जैसे वह कंडक्टर लोगों के ट्रेन पर चढ़ने के लिए धैर्य धरे रहा, आज हमारा प्रभु परमेश्वर भी धैर्य के साथ प्रतीक्षा कर रहा है कि इन अन्तिम दिनों में भी लोग उसे जानें, अपने पापों के लिए पश्चाताप के साथ उसके पास आएं, उससे पापों की क्षमा और उध्दार को सेंत-मेंत प्राप्त करें। क्योंकि वह समय अब बहुत ही निकट है जब प्रभु यीशु का पुनः आगमन होगा, "प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त हो कर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे" (2 पतरस 3:10)। जब ऐसा होगा, या ऐसा होने से पहले यदि मृत्यु हमें हमारे पार्थिव शरीरों से पृथक कर दे, तो फिर पापों से क्षमा तथा उध्दार प्राप्त करने और परमेश्वर के साथ संबंध बनाने का कोई अवसर शेष नहीं रहेगा; फिर तो पापों के लिए न्याय और दण्ड का ही समय होगा।

   प्रभु हमारे साथ धैर्य रखता है "प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले" (2 पतरस 3:9)। यदि आपने अभी तक प्रभु यीशु से पापों की क्षमा प्राप्त करने का निर्णय नहीं लिया है, तो अभी भी आपके लिए अवसर है, प्रभु अभी भी आपकी प्रतीक्षा में है, "कि यदि तू अपने मुंह से यीशु को प्रभु जानकर अंगीकार करे और अपने मन से विश्वास करे, कि परमेश्वर ने उसे मरे हुओं में से जिलाया, तो तू निश्चय उद्धार पाएगा" (रोमियों 10:9)। वह धैर्य के साथ आपको पुकार रहा है, वह आपको पापों का दण्ड पाते हुए नहीं वरन उससे अनन्तकाल की अशीषें लेते हुए देखना चाहता है। उसके धैर्य एवं प्रतीक्षा का आप क्या प्रत्युत्तर देंगे? - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रभु को चुनने और उसके साथ संबंध बना लेने का समय अभी है।

वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें। क्योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात मसीह यीशु जो मनुष्य है। - 1 तिमुथियुस 2:4-5

बाइबल पाठ: 2 पतरस 3:1-15
2 Peter 3:1 हे प्रियो, अब मैं तुम्हें यह दूसरी पत्री लिखता हूं, और दोनों में सुधि दिला कर तुम्हारे शुध्द मन को उभारता हूं। 
2 Peter 3:2 कि तुम उन बातों को, जो पवित्र भविश्यद्वक्ताओं ने पहिले से कही हैं और प्रभु, और उद्धारकर्ता की उस आज्ञा को स्मरण करो, जो तुम्हारे प्रेरितों के द्वारा दी गई थी। 
2 Peter 3:3 और यह पहिले जान लो, कि अन्‍तिम दिनों में हंसी ठट्ठा करने वाले आएंगे, जो अपनी ही अभिलाषाओं के अनुसार चलेंगे। 
2 Peter 3:4 और कहेंगे, उसके आने की प्रतिज्ञा कहां गई? क्योंकि जब से बाप-दादे सो गए हैं, सब कुछ वैसा ही है, जैसा सृष्‍टि के आरम्भ से था? 
2 Peter 3:5 वे तो जान बूझ कर यह भूल गए, कि परमेश्वर के वचन के द्वारा से आकाश प्राचीन काल से वर्तमान है और पृथ्वी भी जल में से बनी और जल में स्थिर है। 
2 Peter 3:6 इन्‍हीं के द्वारा उस युग का जगत जल में डूब कर नाश हो गया। 
2 Peter 3:7 पर वर्तमान काल के आकाश और पृथ्वी उसी वचन के द्वारा इसलिये रखे हैं, कि जलाए जाएं; और वह भक्तिहीन मनुष्यों के न्याय और नाश होने के दिन तक ऐसे ही रखे रहेंगे।
2 Peter 3:8 हे प्रियों, यह एक बात तुम से छिपी न रहे, कि प्रभु के यहां एक दिन हजार वर्ष के बराबर है, और हजार वर्ष एक दिन के बराबर हैं। 
2 Peter 3:9 प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले। 
2 Peter 3:10 परन्तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त हो कर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे। 
2 Peter 3:11 तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए। 
2 Peter 3:12 और परमेश्वर के उस दिन की बाट किस रीति से जोहना चाहिए और उसके जल्द आने के लिये कैसा यत्‍न करना चाहिए; जिस के कारण आकाश आग से पिघल जाएंगे, और आकाश के गण बहुत ही तप्‍त हो कर गल जाएंगे। 
2 Peter 3:13 पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धामिर्कता वास करेगी।
2 Peter 3:14 इसलिये, हे प्रियो, जब कि तुम इन बातों की आस देखते हो तो यत्‍न करो कि तुम शान्‍ति से उसके साम्हने निष्‍कलंक और निर्दोष ठहरो। 
2 Peter 3:15 और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो, जैसे हमारे प्रिय भाई पौलुस न भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 4-6
  • लूका 24:36-53


रविवार, 7 मई 2017

प्रार्थना


   एक पुरानी कहावत है कि "तेल चरमराते पहिए में ही दिया जाता है।" बचपन में मैं स्कूल और घर के बीच की लंबी दूरी साइकल द्वारा तय किया करता था, और पहियों से आने वाली चामराने की ध्वनि मुझे ध्यान दिलाती थी कि तेल दिए जाने की आवश्यकता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, लूका 18. में एक विध्वा का दृष्टांत है जो अपने मुद्दई के विरुध्द न्यायाधीश से अपना न्याय लेने के लिए "चरमराते पहिए" के समान निरन्तर गुहार लगाती रही जब तक कि उसे अपना न्याय मिल नहीं गया। लूका बताता है कि प्रभु यीशु ने यह कहानी अपने शिष्यों से इसलिए कही जिससे वे बिना हार माने निरन्तर प्रार्थना में लगे रहें, चाहे प्रार्थना का उत्तर आने में विलंब ही क्यों ना हो रहा हो (पद 1-5)।

   निश्चय ही परमेश्वर कोई कठोर न्यायधीश नहीं है जिसे जब तक तंग न किया जाए वह प्रत्युत्तर नहीं देता है। वह हमारा प्रेमी परमेश्वर पिता है, जो हमारी चिन्ता करता है, हमारे पुकारने को सुनता है। नियमित, अनवरत प्रर्थनाएं हमें उसके निकट लाती हैं। हमें लग सकता है कि हम एक चरमराते पहिए के समान हैं, परन्तु प्रभु हमारी प्रार्थनाओं का स्वागत करता है, और जब हम उसे पुकारते हैं तब हमारी सुनता है, हमें प्रोत्साहित करता है कि अपनी प्रत्येक बात और आवश्यकता को लेकर हम प्रार्थना में उसके समक्ष आएं। वह हमारी प्रार्थनाएं सुनकर उनका उत्तर अवश्य देगा, किसी ऐसी रीति से भी जिसकी हमने कभी अपेक्षा भी नहीं की होगी।

   जैसा प्रभु यीशु ने मत्ती 6:5-8 में सिखाया, अनवरत प्रार्थना का अर्थ लंबी और व्यर्थ की "बक-बक" वाली प्रार्थनाएं नहीं है। वरन जैसे-जैसे हम "रात-दिन" (लूका 18:7) अपनी आवश्यकताएं परमेश्वर के पास लाते हैं, हम उसके साथ जो हमारी प्रत्येक बात और आवश्यकता को पहले ही से जानता है, और निकटता में बढ़ते हैं, उसपर भरोसा करना और प्रार्थना के उत्तर के लिए उसके समय की प्रतीक्षा करना सीखते हैं। - लॉरेंस दरमानी


निराश होकर हार ना मानें; जब आप प्रार्थना करते हैं परमेश्वर अवश्य ही सुनता है।

इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है। - याकूब 5:16

बाइबल पाठ: लूका 18:1-8
Luke 18:1 फिर उसने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा। 
Luke 18:2 कि किसी नगर में एक न्यायी रहता था; जो न परमेश्वर से डरता था और न किसी मनुष्य की परवाह करता था। 
Luke 18:3 और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, कि मेरा न्याय चुकाकर मुझे मुद्दई से बचा। 
Luke 18:4 उसने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्‍त में मन में विचारकर कहा, यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूं। 
Luke 18:5 तौभी यह विधवा मुझे सताती रहती है, इसलिये मैं उसका न्याय चुकाऊंगा कहीं ऐसा न हो कि घड़ी घड़ी आकर अन्‍त को मेरा नाक में दम करे। 
Luke 18:6 प्रभु ने कहा, सुनो, कि यह अधर्मी न्यायी क्या कहता है? 
Luke 18:7 सो क्या परमेश्वर अपने चुने हुओं का न्याय न चुकाएगा, जो रात-दिन उस की दुहाई देते रहते; और क्या वह उन के विषय में देर करेगा? 
Luke 18:8 मैं तुम से कहता हूं; वह तुरन्त उन का न्याय चुकाएगा; तौभी मनुष्य का पुत्र जब आएगा, तो क्या वह पृथ्वी पर विश्वास पाएगा?

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 1-3
  • लूका 24:1-35


शनिवार, 6 मई 2017

दुःख


   अपनी पुस्तक The Problem of Pain में सुप्रसिध्द लेखक तथा मसीही विश्वासी, सी. एस. ल्यूईस कहते हैं, "परमेश्वर हमारे आनन्द के समय में फुसफुसाकर, हमारे विवेक से बोलकर, परन्तु हमारे दुःख के समय में ऊँची आवज़ में बात करता है; दुःख बहरे संसार को जगाने के लिए उसके मेगाफोन हैं।" दुःख अकसर हमारे ध्यान को पुनःकेन्द्रित करने में सहायता करता है। वह हमारी सोच को हमारी तात्कालिक परिस्थितियों से हटाता है जिससे हमारे जीवनों में उसके कार्यों के संबंध में हम परमेश्वर की सुन सकें। सामान्य जीवन एक आत्मिक कक्षा बन जाता है।

   परमेश्वर के वचन के पुराने नियम ख्ण्ड में हम देखते हैं कि कैसे भजनकार ने अपने मन को सीखनेवाला बनाए रखा, दुःख भरी परिस्थितियों में भी। उसने उन परिस्थितियों को परमेश्वर द्वारा निर्धारित स्वीकार किया और समर्पित मन से प्रार्थना की, "हे यहोवा, मैं जान गया कि तेरे नियम धर्ममय हैं, और तू ने अपनी सच्चाई के अनुसार मुझे दु:ख दिया है" (भजन 119:75)। भविष्यद्वक्ता यशायाह ने दुःख को निर्मल करने की प्रक्रिया के समान देखा: "देख, मैं ने तुझे निर्मल तो किया, परन्तु, चान्दी की नाईं नहीं; मैं ने दु:ख की भट्ठी में परखकर तुझे चुन लिया है" (यशायाह 48:10)। और अय्युब ने, अपने विलापों के बावजूद, अपने दुःख और समस्याओं द्वारा परमेश्वर की सार्वभौमिकता तथा महानता का पाठ सीखा (अय्युब 40-42)।

   दुःखों से होकर निकलने के अनुभव में हम अकेले नहीं हैं। परमेश्वर ने भी जब मनुष्य रूप धारण किया तो हमारे पापों से छुटकारे तथा उध्दार का मार्ग बना कर देने के लिए, संख्या तथा प्रचण्डता में, वह बहुत दुःखों से होकर निकला और क्रूस की अत्यंत पीड़ादायक मृत्यु को भी सह लिया, और हमारे लिए दुःखों के प्रति रवैया रखने का एक आदर्श उदाहरण बन गया: "और तुम इसी के लिये बुलाए भी गए हो क्योंकि मसीह भी तुम्हारे लिये दुख उठा कर, तुम्हें एक आदर्श दे गया है, कि तुम भी उसके चिन्ह पर चलो" (1 पतरस 2:21)। आज वह हाथों तथा पैरों पर ठोकी गई कीलों के निशान लिए हमारे साथ बना रहता है, हमारे हर दुःख में हमें शान्ति देता है, हमें सिखाता है। - डेनिस फिशर


हम परीक्षाओं के विद्यालय में ही भरोसा रखने के पाठ सीखने पाते हैं।

और विश्वास के कर्ता और सिध्द करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। इसलिये उस पर ध्यान करो, जिसने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया, कि तुम निराश हो कर हियाव न छोड़ दो। - इब्रानियों 12:2-3

बाइबल पाठ: भजन 119:65-80
Psalms 119:65 हे यहोवा, तू ने अपने वचन के अनुसार अपने दास के संग भलाई की है। 
Psalms 119:66 मुझे भली विवेक-शक्ति और ज्ञान दे, क्योंकि मैं ने तेरी आज्ञाओं का विश्वास किया है। 
Psalms 119:67 उस से पहिले कि मैं दु:खित हुआ, मैं भटकता था; परन्तु अब मैं तेरे वचन को मानता हूं। 
Psalms 119:68 तू भला है, और भला करता भी है; मुझे अपनी विधियां सिखा। 
Psalms 119:69 अभिमानियों ने तो मेरे विरुद्ध झूठ बात गढ़ी है, परन्तु मैं तेरे उपदेशों को पूरे मन से पकड़े रहूंगा। 
Psalms 119:70 उनका मन मोटा हो गया है, परन्तु मैं तेरी व्यवस्था के कारण सुखी हूं। 
Psalms 119:71 मुझे जो दु:ख हुआ वह मेरे लिये भला ही हुआ है, जिस से मैं तेरी विधियों को सीख सकूं। 
Psalms 119:72 तेरी दी हुई व्यवस्था मेरे लिये हजारों रूपयों और मुहरों से भी उत्तम है।
Psalms 119:73 तेरे हाथों से मैं बनाया और रचा गया हूं; मुझे समझ दे कि मैं तेरी आज्ञाओं को सीखूं। 
Psalms 119:74 तेरे डरवैये मुझे देख कर आनन्दित होंगे, क्योंकि मैं ने तेरे वचन पर आशा लगाई है। 
Psalms 119:75 हे यहोवा, मैं जान गया कि तेरे नियम धर्ममय हैं, और तू ने अपने सच्चाई के अनुसार मुझे दु:ख दिया है। 
Psalms 119:76 मुझे अपनी करूणा से शान्ति दे, क्योंकि तू ने अपने दास को ऐसा ही वचन दिया है। 
Psalms 119:77 तेरी दया मुझ पर हो, तब मैं जीवित रहूंगा; क्योंकि मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूं। 
Psalms 119:78 अभिमानियों की आशा टूटे, क्योंकि उन्होंने मुझे झूठ के द्वारा गिरा दिया है; परन्तु मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा। 
Psalms 119:79 जो तेरा भय मानते हैं, वह मेरी ओर फिरें, तब वे तेरी चितौनियों को समझ लेंगे। 
Psalms 119:80 मेरा मन तेरी विधियों के मानने में सिध्द हो, ऐसा न हो कि मुझे लज्जित होना पड़े।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 21-22
  • लूका 23:26-56