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गुरुवार, 18 मई 2017

शिखर


   कुछ वर्ष पहले, मैं अपने एक मित्र के साथ माउन्ट व्हिटनी परवत शिखर पर चढ़ने निकला, जिसकी ऊँचाई 14,505 फीट है और वह अमेरिका का सबसे ऊँचे पर्वत शिखर है। हम चढ़ाई आरंभ करने के स्थान पर संध्या को पहुँचे, रात के लेटने और सोने का इंतज़ाम किया, और प्रातः पहली किरण के साथ चढ़ाई आरंभ करने के उद्देश्य से सोने का प्रयास करने लगे। व्हिटनी की चढ़ाई तकनीकी रीति से कोई कठिन चढ़ाई नहीं है, परन्तु लगातार ऊपर की ओर जाता हुआ 11 मील का लंबा पैदल मार्ग है।

   हमने चढ़ना आरंभ किया, यह कठिन तो था परन्तु मार्ग में हर्षित करने वाले अद्भुत सुन्दर दृश्य, नीले पानी की झीलें, घास के हरे मैदान भी थे। परन्तु मार्ग लंबा और बहुत थका देने वाला था, और हमारी टाँगों तथा फेफड़ों की कड़ी परीक्षा ले रहा था। दिन को बीतता, और मार्ग को हमारे सामने दूर तक बना हुआ देख कर मैंने वापस लौट जाने के बारे में सोचना आरंभ कर दिया। परन्तु बीच-बीच में हमें हमारा गन्तव्य, व्हिटनी पर्वत शिखर दिखाई देता रहता था, और मैं यह सोच कर कदम आगे बढ़ाता गया कि मेरा आगे बढ़ाया हुआ प्रत्येक कदम मुझे उस शिखर के एक कदम और निकट ले आया है; यदि मैं ऐसे ही चलता रहा तो अवश्य ही वहाँ पहुँच जाऊँगा। बस इसी विचार के साथ मैं आगे बढ़ता रहा और अन्ततः शिखर पर पहुँच गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस हम मसीही विश्वासियों को आश्वस्त करता है, "...क्योंकि जिस समय हम ने विश्वास किया था, उस समय के विचार से अब हमारा उध्दार निकट है" (रोमियों 13:11)। हर दिन हमें उस जीवन-शिखर के एक दिन और निकट ले आता है जब हमारा प्रभु हमें लेने आएगा और हम, जिन्होंने उस पर विश्वास किया है तथा उसे अपना जीवन समर्पित किया है, अपने तथा सारे संसार के उध्दारकर्ता प्रभु यीशु के साथ अनन्तकाल के आनन्द में होंगे। प्रतिदिन इस विचार के साथ हम शिखर की ओर बढ़ते चले जाएं। - डेविड रोपर


अभी तो हम प्रभु यीशु को बाइबल से देखते हैं; 
परन्तु एक दिन उसे आमने-सामने देखेंगे।

इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। और विश्वास के कर्ता और सिध्द करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। - इब्रानियों 12:1-2

बाइबल पाठ: रोमियों 13:8-14
Romans 13:8 आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदार न हो; क्योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्था पूरी की है। 
Romans 13:9 क्योंकि यह कि व्यभिचार न करना, हत्या न करना; चोरी न करना; लालच न करना; और इन को छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, कि अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। 
Romans 13:10 प्रेम पड़ोसी की कुछ बुराई नहीं करता, इसलिये प्रेम रखना व्यवस्था को पूरा करना है। 
Romans 13:11 और समय को पहिचान कर ऐसा ही करो, इसलिये कि अब तुम्हारे लिये नींद से जाग उठने की घड़ी आ पहुंची है, क्योंकि जिस समय हम ने विश्वास किया था, उस समय के विचार से अब हमारा उध्दार निकट है। 
Romans 13:12 रात बहुत बीत गई है, और दिन निकलने पर है; इसलिये हम अन्धकार के कामों को तज कर ज्योति के हथियार बान्ध लें। 
Romans 13:13 जैसा दिन को सोहता है, वैसा ही हम सीधी चाल चलें; न कि लीला क्रीड़ा, और पियक्कड़पन, न व्यभिचार, और लुचपन में, और न झगड़े और डाह में। 
Romans 13:14 वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 4-6
  • यूहन्ना 6:1-21


बुधवार, 17 मई 2017

अराधना


   9 वर्षीय विली मायरिक को अपने घर के सामने से अगुवा कर लिया गया। अपने अगुवा करने वाले के साथ, इस बात से अनजान कि उसके साथ क्या होगा, वह कई घंटे कार में यात्रा करता रहा। उस समय में विली ने परमेश्वर की अराधना का एक गीत Every Praise (सारी अराधना) गाने का निर्णय लिया। वह उसी गीत को बारंबार, लगातार गाता रहा और उसे अगुवा करने वाला उसे गालियाँ देता रहा और चुप हो जाने के लिए कहता रहा। अन्ततः उस अगुवा करने वाले ने कार रोकी और विली को बिना कोई नुकसान पहुँचाए चले जाने दिया।

   जैसा विली ने दिखाया, परमेश्वर की अराधना करने के लिए, हमारे जीवनों में जो भी भय हैं, जो भी गलत है, हमारे अन्दर अपने ऊपर जो भी भरोसा है, वह सब छोड़कर केवल परमेश्वर के चरित्र पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि राजा यहोशापात के समय में इस्त्राएलियों पर तीन बड़ी जातियाँ एक साथ हमला करने के लिए आ गईं। यहोशापात ने सारी बात परमेश्वर के हाथों में छोड़ दी और परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वकता द्वारा यहोशापात को निर्देश दिया कि वह अपने सेना को लेकर युध्द भूमि में जाए, परन्तु उसे युध्द करना नहीं पड़ेगा, परमेश्वर उसकी ओर से लड़ेगा। अगले दिन युध्द भूमि में पहुँचकर, परमेश्वर के निर्देश पर, यहोशपात की सेना परमेश्वर की अराधना और स्तुति करती हुई आगे बढ़ी। सेना के आगे आगे, स्तुतिगान गाने वाले चल रहे थे, और गा रहे थे, "...यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि उसकी करुणा सदा की है" (2 इतिहास 20:21)। जब इस्त्राएलियों ने अराधना करनी आरंभ की तो हमला करने आई वो तीनों सेनाएं चकरा गईं और उन्होंने एक दुसरे पर ही हमला कर दिया, एक दुसरे को ही पूर्णतः समाप्त कर दिया। इस्त्राएल को युध्द बिलकुल नहीं करना पड़ा (पद 17)।

   हम चाहे किसी युध्द का सामना कर रहे हों या अपने आप को किसी परेशानी में फंसा हुआ अनुभव कर रहे हों, हम हर परिस्थिति में, हर बात के लिए परमेश्वर की अराधना कर सकते हैं, उस पर अपना भरोसा बनाए रख सकते हैं। वह असंभव को संभव करने वाला, अराधना के सर्वथा योग्य परमेश्वर है, "क्योंकि यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है; वह तो सब देवताओं से अधिक भय योग्य है" (भजन 96:4)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


अराधना हृदय से निकलने वाली परमेश्वर की प्रशंसा है।

यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है। - मरकुस 10:27

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 20:12-24
2 Chronicles 20:12 हे हमारे परमेश्वर, क्या तू उनका न्याय न करेगा? यह जो बड़ी भीड़ हम पर चढ़ाई कर रही है, उसके साम्हने हमारा तो बस नहीं चलता और हमें कुछ सूझता नहीं कि क्या करना चाहिये? परन्तु हमारी आंखें तेरी ओर लगी हैं। 
2 Chronicles 20:13 और सब यहूदी अपने अपने बाल-बच्चों, स्त्रियों और पुत्रों समेत यहोवा के सम्मुख खड़े रहे। 
2 Chronicles 20:14 तब आसाप के वंश में से यहजीएल नाम एक लेवीय जो जकर्याह का पुत्र और बनायाह का पोता और मत्तन्याह के पुत्र यीएल का परपोता था, उस में मण्डली के बीच यहोवा का आत्मा समाया। 
2 Chronicles 20:15 और वह कहने लगा, हे सब यहूदियो, हे यरूशलेम के रहनेवालो, हे राजा यहोशापात, तुम सब ध्यान दो; यहोवा तुम से यों कहता है, तुम इस बड़ी भीड़ से मत डरो और तुम्हारा मन कच्चा न हो; क्योंकि युध्द तुम्हारा नहीं, परमेश्वर का है। 
2 Chronicles 20:16 कल उनका साम्हना करने को जाना। देखो वे सीस की चढ़ाई पर चढ़े आते हैं और यरूएल नाम जंगल के साम्हने नाले के सिरे पर तुम्हें मिलेंगे। 
2 Chronicles 20:17 इस लड़ाई में तुम्हें लड़ना न होगा; हे यहूदा, और हे यरूशलेम, ठहरे रहना, और खड़े रह कर यहोवा की ओर से अपना बचाव देखना। मत डरो, और तुम्हारा मन कच्चा न हो; कल उनका साम्हना करने को चलना और यहोवा तुम्हारे साथ रहेगा। 
2 Chronicles 20:18 तब यहोशापात भूमि की ओर मुंह कर के झुका और सब यहूदियों और यरूशलेम के निवासियों ने यहोवा के साम्हने गिर के यहोवा को दण्डवत किया। 
2 Chronicles 20:19 और कहातियों और कोरहियों में से कुछ लेवीय खड़े हो कर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की स्तुति अत्यन्त ऊंचे स्वर से करने लगे। 
2 Chronicles 20:20 बिहान को वे सबेरे उठ कर तकोआ के जंगल की ओर निकल गए; और चलते समय यहोशापात ने खड़े हो कर कहा, हे यहूदियो, हे यरूशलेम के निवासियो, मेरी सुनो, अपने परमेश्वर यहोवा पर विश्वास रखो, तब तुम स्थिर रहोगे; उसके नबियों की प्रतीत करो, तब तुम कृतार्थ हो जाओगे। 
2 Chronicles 20:21 तब उसने प्रजा के साथ सम्मति कर के कितनों को ठहराया, जो कि पवित्रता से शोभायमान हो कर हथियारबन्दों के आगे आगे चलते हुए यहोवा के गीत गाएं, और यह कहते हुए उसकी स्तुति करें, कि यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि उसकी करुणा सदा की है। 
2 Chronicles 20:22 जिस समय वे गाकर स्तुति करने लगे, उसी समय यहोवा ने अम्मोनियों, मोआबियों और सेईर के पहाड़ी देश के लोगों पर जो यहूदा के विरुद्ध आ रहे थे, घातकों को बैठा दिया और वे मारे गए। 
2 Chronicles 20:23 क्योंकि अम्मोनियों और मोआबियों ने सेईर के पहाड़ी देश के निवासियों डराने और सत्यानाश करने के लिये उन पर चढ़ाई की, और जब वे सेईर के पहाड़ी देश के निवासियों का अन्त कर चुके, तब उन सभों ने एक दूसरे के नाश करने में हाथ लगाया। 
2 Chronicles 20:24 सो जब यहूदियों ने जंगल की चौकी पर पहुंच कर उस भीड़ की ओर दृष्टि की, तब क्या देख कि वे भूमि पर पड़ी हुई लोथ हैं; और कोई नहीं बचा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 1-3
  • यूहन्ना 5:25-47


मंगलवार, 16 मई 2017

प्रेरक


   1920 के दशक में, व्यवसायिक खिलाड़ी न होते हुए भी, बॉबी जोन्स ने गोल्फ के संसार में अपना वर्चस्व बना रखा था। उनके जीवन पर बनी एक फिल्म Bobby Jones: Stroke of Genius में एक दृश्य है जहाँ एक व्यवसायिक गोल्फ खिलाड़ी उनसे पूछता है कि वे कब व्यवसायिक खिलाड़ी बनकर अन्य खिलाड़ियों के समान पैसे के लिए खेलना आरंभ करेंगे? जोन्स ने उसे उत्तर दिया कि वह गोल्फ पैसे के लिए नहीं खेलते, वरन इसलिए क्योंकि उन्हें गोल्फ से प्रेम है। उनका यह प्रेम ही उनके उत्कृष्ठ खेल का प्रेरक था।

   हमारे उद्देश्य ही हमारे कार्य, हम जो करते हैं वह क्यों करते हैं, में अन्तर लाते हैं। यह बात प्रभु यीशु के अनुयायियों पर भी लागू होती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में, कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी दूसरी पत्री में, प्रेरित पौलुस अपने जीवन से इस बात का उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस पूरी पत्री में पौलुस ने अपने आचरण, चरित्र और मसीह यीशु की सेवकाई के लिए अपने बुलाए जाने का बचाव किया है। उसकी इस मसीही सेवकाई के लिए जो उसके उद्देश्यों पर प्रश्न उठाते थे, उन्हें प्रत्युत्तर में पौलुस ने लिखा, "क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है; इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए। और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा" (2 कुरिन्थियों 5:14-15)।

   प्रभु यीशु का प्रेम अन्य हर प्रेरणा देने वाली बात से कहीं अधिक प्रेरक है। इस प्रेम के अन्तर्गत प्रभु यीशु के अनुयायी अपने लिए नहीं वरन उसके लिए, जिसने अपने प्राण उनके उध्दार के लिए बलिदान कर दिए, जीवन व्यतीत करते हैं। - बिल क्राउडर


जिस से हम सबसे अधिक प्रेम करते हैं, 
वही हमारे व्यवहार और चरित्र को प्रभावित करता है।

और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ। - इफिसियों 3:19 

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:9-21
2 Corinthians 5:9 इस कारण हमारे मन की उमंग यह है, कि चाहे साथ रहें, चाहे अलग रहें पर हम उसे भाते रहें। 
2 Corinthians 5:10 क्योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उसने देह के द्वारा किए हों पाए।
2 Corinthians 5:11 सो प्रभु का भय मानकर हम लोगों को समझाते हैं और परमेश्वर पर हमारा हाल प्रगट है; और मेरी आशा यह है, कि तुम्हारे विवेक पर भी प्रगट हुआ होगा। 
2 Corinthians 5:12 हम फिर भी अपनी बड़ाई तुम्हारे साम्हने नहीं करते वरन हम अपने विषय में तुम्हें घमण्‍ड करने का अवसर देते हैं, कि तुम उन्हें उत्तर दे सको, जो मन पर नहीं, वरन दिखवटी बातों पर घमण्‍ड करते हैं। 
2 Corinthians 5:13 यदि हम बेसुध हैं, तो परमेश्वर के लिये; और यदि चैतन्य हैं, तो तुम्हारे लिये हैं। 
2 Corinthians 5:14 क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है; इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए। 
2 Corinthians 5:15 और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा। 
2 Corinthians 5:16 सो अब से हम किसी को शरीर के अनुसार न समझेंगे, और यदि हम ने मसीह को भी शरीर के अनुसार जाना था, तौभी अब से उसको ऐसा नहीं जानेंगे। 
2 Corinthians 5:17 सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। 
2 Corinthians 5:18 और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है। 
2 Corinthians 5:19 अर्थात परमेश्वर ने मसीह में हो कर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
2 Corinthians 5:20 सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो। 
2 Corinthians 5:21 जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में हो कर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 24-25
  • यूहन्ना 5:1-24


सोमवार, 15 मई 2017

प्रेम


   एक डूबते हुए जहाज़ से बचाए जाने के पश्चात, एक 71 वर्षीय महिला आत्म-ग्लानि से परेशान रहने लगी। अस्पताल के अपने बिस्तर पर लेटे लेटे वह कह रही थी कि उसे समझ नहीं आ रहा है कि जब उस त्रासदी में इतने लोगों की, जो उससे कम आयु के थे, मृत्यु हो गई, तो उसके लिए जीवित बच जाना सही कैसे हो सकता है? उसे इस बात का भी खेद था कि वह उस नौजवान व्यक्ति का नाम भी नहीं जानती थी जिसने उसे पानी में से खींच कर निकाला था, जबकि वह सारी आशा छोड़ चुकी थी। वह चाहती थी कि उस नौजवान को वह कम से कम एक बार भोजन करवा दे, उसका हाथ पकड़कर उसे धन्यवाद कह सके, उसे गले लगा सके।

   उस वृध्द महिला की भावनाओं से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस का ध्यान आया। वह अपने पड़ौसियों और देशवासियों के लिए इतना चिंतित था कि यदि संभव होता तो वह उन्हें बचाने के लिए मसीह के साथ के अपने संबंध का सौदा कर लेता: "क्योंकि मैं यहां तक चाहता था, कि अपने भाईयों, के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, आप ही मसीह से शापित हो जाता" (रोमियों 9:3)।

   साथ ही पौलुस ने परमेश्वर के प्रति अपना व्यक्तिगत तथा बहुत गहरा आभार भी प्रगट किया। वह जानता था कि वह परमेश्वर के कार्य करने की विधियों और न्याय को कभी पूरी तरह से समझ नहीं सकता है (पद 14-24)। इसलिए सब को मसीह यीशु में मिलने वाले पापों की क्षमा और उध्दार का सुसमाचार सुनाने का भरसक प्रयत्न करते हुए, उसने उस परमेश्वर में अपनी शान्ति और आनन्द को ढूँढ़ा, जिसका हृदय सारे संसार के सभी लोगों के लिए इतने अधिक प्रेम से भरा है, जितना प्रेम हम कभी कर नहीं सकते, जैसे प्रेम की हम कल्पना भी नहीं कर सकते। - मार्ट डीहॉन


परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता से परमेश्वर की निकटता में बढ़ोतरी होती है।

वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें। क्योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात मसीह यीशु जो मनुष्य है। - 1 तिमुथियुस 2:4-5

बाइबल पाठ: रोमियों 9:1-5
Romans 9:1 मैं मसीह में सच कहता हूं, झूठ नहीं बोलता और मेरा विवेक भी पवित्र आत्मा में गवाही देता है। 
Romans 9:2 कि मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है। 
Romans 9:3 क्योंकि मैं यहां तक चाहता था, कि अपने भाईयों, के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, आप ही मसीह से शापित हो जाता। 
Romans 9:4 वे इस्त्राएली हैं; और लेपालकपन का हक और महिमा और वाचाएं और व्यवस्था और उपासना और प्रतिज्ञाएं उन्हीं की हैं। 
Romans 9:5 पुरखे भी उन्हीं के हैं, और मसीह भी शरीर के भाव से उन्हीं में से हुआ, जो सब के ऊपर परम परमेश्वर युगानुयुग धन्य है। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 22-23
  • यूहन्ना 4:31-54


रविवार, 14 मई 2017

सुनना


   एक शाम, हमारे छोटे से चर्च में, एक युवा मिशनरी ने प्रवचन दिया। जिस देश में वह और उसकी पत्नि सेवकाई करते थे, उसमें धर्म के नाम पर बहुत उथल-पुथल चल रही थी, और वहाँ की स्थिति बच्चों के लिए बहुत खतरनाक मानी जाती थी। वहाँ की घटनाएं बताते हुए उसने एक आप-बीती हृदय-विदारक घटना का उल्लेख किया, जब उसे अपनी बेटी को एक विद्यालय के हॉस्टल में छोड़कर आना पड़ा और उसकी बेटी उससे बहुत आग्रह करती रही कि वह उसे छोड़कर न जाए।

   उस समय मैं हाल ही में पिता बना था, मुझे एक बेटी की आशीष प्राप्त हुई थी। उस मिशनरी से यह घटना सुन कर मैं अपने आप से बुड़बुड़ाने लगा, "कोई प्रेमी माता-पिता अपनी बेटी को ऐसे अकेला छोड़कर कैसे आ सकते हैं?" उस मिशनरी द्वारा अपना प्रवचन समाप्त करने के समय तक, इस बात को लेकर मैं इतना खिसिया चुका था कि मैंने उस मिशनरी से भेंट करने का निमंत्रण भी ठुकरा दिया, और आवेश में चर्च के बाहर यह कहता हुआ निकला: "मैं प्रसन्न हूँ कि मैं उसके समान नहीं हूँ...।"

   उसी पल, परमेश्वर के पवित्र आत्मा ने मुझे वहीं रोक दिया। मैं अपने मुँह से निकल रहा वाक्य भी पूरा नहीं कर पाया। मैं लगभग वही शब्द दोहरा रहा था जो उस फरीसी ने अपनी प्रार्थना में परमेश्वर से कहे थे: "...हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों की नाईं ..." (लूका 18:11)। मैं अपने आप से बहुत निराश हुआ; और मुझे बोध हुआ कि परमेश्वर भी मुझसे बहुत निराश हुआ होगा!

   उस शाम के बाद से मैंने परमेश्वर से माँगा है कि वह मुझे दूसरों की बात नम्रता और संयम से सुनने वाला बनाए, जब वे अपने हृदय के भाव, अपनी दुःख और पीड़ा, अपने अंगीकार सुनाते हैं। मैं उनकी परिस्थिति और आवश्यकता को समझ सकूँ, न कि जल्दबाज़ी में उन्हें जाँचने वाला या उनपर टिप्पणी करने वाला बनूँ। प्रभु मुझे सुनने का मन दे। - रैंडी किल्गोर


दूसरों का न्याय करने से हम परमेश्वर की निकटता में नहीं बढ़ते हैं।

जब तू परमेश्वर के भवन में जाए, तब सावधानी से चलना; सुनने के लिये समीप जाना मूर्खों के बलिदान चढ़ाने से अच्छा है; क्योंकि वे नहीं जानते कि बुरा करते हैं। बातें करने में उतावली न करना, और न अपने मन से कोई बात उतावली से परमेश्वर के साम्हने निकालना, क्योंकि परमेश्वर स्वर्ग में हैं और तू पृथ्वी पर है; इसलिये तेरे वचन थोड़े ही हों। - सभोपदेशक 5:1-2

बाइबल पाठ: लूका 18:9-14
Luke 18:9 और उसने कितनो से जो अपने ऊपर भरोसा रखते थे, कि हम धर्मी हैं, और औरों को तुच्‍छ जानते थे, यह दृष्‍टान्‍त कहा। 
Luke 18:10 कि दो मनुष्य मन्दिर में प्रार्थना करने के लिये गए; एक फरीसी था और दूसरा चुंगी लेने वाला। 
Luke 18:11 फरीसी खड़ा हो कर अपने मन में यों प्रार्थना करने लगा, कि हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों की नाईं अन्‍धेर करने वाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेने वाले के समान हूं। 
Luke 18:12 मैं सप्‍ताह में दो बार उपवास करता हूं; मैं अपनी सब कमाई का दसवां अंश भी देता हूं। 
Luke 18:13 परन्तु चुंगी लेने वाले ने दूर खड़े हो कर, स्वर्ग की ओर आंखें उठाना भी न चाहा, वरन अपनी छाती पीट-पीटकर कहा; हे परमेश्वर मुझ पापी पर दया कर। 
Luke 18:14 मैं तुम से कहता हूं, कि वह दूसरा नहीं; परन्तु यही मनुष्य धर्मी ठहराया जा कर अपने घर गया; क्योंकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 19-21
  • यूहन्ना 4:1-30


शनिवार, 13 मई 2017

धन


   संसार भर में 100 से भी अधिक देशों में सरकारों द्वारा संचालित लॉट्रियाँ पाई जाती हैं। हाल के वर्षों में, केवल अमेरिका और कैनाडा में ही लॉट्री टिकिटों की बिक्री 85 बिलियन डॉलर की हो चुकी थी, जो संसार भर में होने वाली बिक्री का एक भाग मात्र है। बहुत बड़ी रकम जीतने की संभावना के लालच ने लोगों में यह मानसिकता ला दी है कि यदि मैं लॉट्री जीत जाऊँगा तो मेरे जीवन की सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

   अपने आप में धन में कोई बुराई नहीं है, परन्तु धन का लोभ हमें इस भ्रम में डाल देता है कि हमारी सभी आवश्यकताओं, सभी समस्याओं का उत्तर धन में है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने इससे पृथक दृष्टिकोण जताते हुए कहा, "मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानों सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूं। मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूंगा। मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा" (भजन 119:14-16)। आत्मिक धन का यह विचार परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता और उसके मार्गों पर चलने पर केन्द्रित है (पद 35)।

   कैसा हो यदि हम किसी लॉट्री की भारी-भरकम रकम जीतने के स्थान पर परमेश्वर के वचन को जानने और मानने के प्रति उत्साहित रहें, उस पर ध्यान केंद्रित करें। तब हम भी भजनकार के साथ परमेश्वर से कह सकेंगे, "मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे। मेरी आंखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला" (पद 36-37)।

   परमेश्वर के वचन की आज्ञाकारिता का धन - एक मात्र सच्चा अक्षय धन - उन सभी के लिए सदा उपलब्ध है जो प्रभु यीशु के अनुयायी बन गए हैं, उसके वचन से प्रेम करते हैं, उसका अध्ययन करते हैं और उससे अपने जीवन का मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर को जानना और उसके वचन को मानना ही सफलता की कुंजी है।

पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है। - 1 तिमुथियुस 6:9-10

बाइबल पाठ: भजन 119:33-40
Psalms 119:33 हे यहोवा, मुझे अपनी विधियों का मार्ग दिखा दे; तब मैं उसे अन्त तक पकड़े रहूंगा। 
Psalms 119:34 मुझे समझ दे, तब मैं तेरी व्यवस्था को पकड़े रहूंगा और पूर्ण मन से उस पर चलूंगा। 
Psalms 119:35 अपनी आज्ञाओं के पथ में मुझ को चला, क्योंकि मैं उसी से प्रसन्न हूं। 
Psalms 119:36 मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे। 
Psalms 119:37 मेरी आंखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला। 
Psalms 119:38 तेरा वचन जो तेरे भय मानने वालों के लिये है, उसको अपने दास के निमित्त भी पूरा कर। 
Psalms 119:39 जिस नामधराई से मैं डरता हूं, उसे दूर कर; क्योंकि तेरे नियम उत्तम हैं। 
Psalms 119:40 देख, मैं तेरे उपदेशों का अभिलाषी हूं; अपने धर्म के कारण मुझ को जिला।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 17-18
  • यूहन्ना 3:19-36


शुक्रवार, 12 मई 2017

टेक


   हमारी सहेली, हेलेन का देहांत हो गया था, और हम उसके अन्तिम संस्कार के पश्चात बाहर आ रहे थे; सिंडी ने टिप्पणी की, "यह कैसा अनोखा अन्तिम संस्कार था।" हेलेन को दी जाने वाली इस अन्तिम विदाई के समय एक के बाद एक मित्र, सहेली, परिवारजन ने उसके हँसमुख तथा सदा आनन्दमय व्यवहार को स्मरण किया। परन्तु हेलेन का जीवन केवल हँसी-मज़ाक और चुटकुले ही नहीं था। उसके भान्जे ने मसीह यीशु में हेलेन के विश्वास के, तथा दुसरों की देखभाल करने की उसकी प्रवृत्ति के बारे में बताया। उसने बताया कि कैसे, जब वह किशोर था और संघर्ष कर रहा था, ऐसे में हेलेन ने उसे अपने घर में स्थान दिया। आज वह जीवन के तीसरे दशक में था, और कह रहा था, "हेलेन आन्टी मेरे लिए माँ के समान थीं। मेरे संघर्षों में उन्होंने कभी मेरा साथ नहीं छोड़ा। मुझे पूरा विश्वास है कि यदि उनका साथ नहीं होता तो मैं अपने मसीही विश्वास से कब का पीछे हट चुका होता।" वाह! कैसा अद्भुत प्रभाव! हेलेन ने प्रभु यीशु को अपनी टेक बनाया, उसका सहारा लिया, और अपने भान्जे को भी प्रभु की टेक, उसका सहारा लेना सिखाया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम में हम पढ़ते हैं कि राजा दाउद ने एक जवान पुरुष, मपीबोशेत को, अपने घर में स्थान दिया जिससे उसके पिता और दाऊद के दिवंगत मित्र योनातान के कारण मपीबोशेत पर अनुकंपा दिखा सके (देखें 2 शमूएल 9:1)। कई वर्ष पहले, जब उसके पिता के युध्द में मारे जाने का समाचार आया था, तो जब मपीबोशेत की धाय उसे लेकर भागी तो वह उसकी गोदी से गिर गया और घायल हो गया (4:4), अब वह ठीक से चल नहीं सकता था। मपीबोशेत को आश्चर्य हुआ कि राजा दाऊद उसकी देखभाल करना चाहता था; क्योंकि अपनी दृष्टि में मपीबोशेत तो "मरे हुए कुते" के समान था (9:8)। परन्तु दाऊद ने उससे अपने पुत्र के समान व्यवहार किया (9:11)।

   मैं भी ऐसा व्यक्ति बनना चाहूँगी; क्या आप ऐसा बनना नहीं चाहेंगे? ऐसा व्यक्ति जो दूसरों की देखभाल और सहायता करे, उन्हें हर परिस्थित, परेशानी, संघर्ष में भी मसीह यीशु में विश्वास बनाए रखने में सहायक हो। जो दूसरों के लिए टेक बन सके, और सारे संसार के सभी लोगों के आश्रय स्थान तथा सहारे प्रभु यीशु की ओर लोगों को आकर्षित कर सके। - ऐनी सेटास


परमेश्वर लोगों के जीवनों में अन्य लोगों के द्वारा ही अपना अधिकांश कार्य करता है।

क्योंकि तू संकट में दीनों के लिये गढ़, और जब भयानक लोगों का झोंका भीत पर बौछार के समान होता था, तब तू दरिद्रों के लिये उनकी शरण, और तपन में छाया का स्थान हुआ। - यशायाह 25:4

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 9
2 Samuel 9:1 दाऊद ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं योनातन के कारण प्रीति दिखाऊं? 
2 Samuel 9:2 शाऊल के घराने का सीबा नाम एक कर्मचारी था, वह दाऊद के पास बुलाया गया; और जब राजा ने उस से पूछा, क्या तू सीबा है? तब उसने कहा, हां, तेरा दास वही है। 
2 Samuel 9:3 राजा ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं परमेश्वर की सी प्रीति दिखाऊं? सीबा ने राजा से कहा, हां, योनातन का एक बेटा तो है, जो लंगड़ा है। 
2 Samuel 9:4 राजा ने उस से पूछा, वह कहां है? सीबा ने राजा से कहा, वह तो लोदबार नगर में, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर में रहता है। 
2 Samuel 9:5 तब राजा दाऊद ने दूत भेज कर उसको लोदबार से, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर से बुलवा लिया। 
2 Samuel 9:6 जब मपीबोशेत, जो योनातन का पुत्र और शाऊल का पोता था, दाऊद के पास आया, तब मुह के बल गिर के दण्डवत्‌ किया। दाऊद ने कहा, हे मपीबोशेत! उसने कहा, तेरे दास को क्या आज्ञा? 
2 Samuel 9:7 दाऊद ने उस से कहा, मत डर; तेरे पिता योनातन के कारण मैं निश्चय तुझ को प्रीति दिखाऊंगा, और तेरे दादा शाऊल की सारी भूमि तुझे फेर दूंगा; और तू मेरी मेज पर नित्य भोजन किया कर। 
2 Samuel 9:8 उसने दण्डवत्‌ कर के कहा, तेरा दास क्या है, कि तू मुझे ऐसे मरे कुत्ते की ओर दृष्टि करे? 
2 Samuel 9:9 तब राजा ने शाऊल के कर्मचारी सीबा को बुलवाकर उस से कहा, जो कुछ शाऊल और उसके समस्त घराने का था वह मैं ने तेरे स्वामी के पोते को दे दिया है। 
2 Samuel 9:10 अब से तू अपने बेटों और सेवकों समेत उसकी भूमि पर खेती कर के उसकी उपज ले आया करना, कि तेरे स्वामी के पोते को भोजन मिला करे; परन्तु तेरे स्वामी का पोता मपीबोशेत मेरी मेज पर नित्य भोजन किया करेगा। और सीबा के तो पन्द्रह पुत्र और बीस सेवक थे। 
2 Samuel 9:11 सीबा ने राजा से कहा, मेरा प्रभु राजा अपने दास को जो जो आज्ञा दे, उन सभों के अनुसार तेरा दास करेगा। दाऊद ने कहा, मपीबोशेत राजकुमारों की नाईं मेरी मेज पर भोजन किया करे। 
2 Samuel 9:12 मपीबोशेत के भी मीका नाम एक छोटा बेटा था। और सीबा के घर में जितने रहते थे वे सब मपीबोशेत की सेवा करते थे। 
2 Samuel 9:13 और मपीबोशेत यरूशलेम में रहता था; क्योंकि वह राजा की मेज पर नित्य भोजन किया करता था। और वह दोनों पांवों का पंगुला था।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 15-16
  • यूहन्ना 3:1-18