ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

बुधवार, 28 जून 2017

कार्य तथा कार्यरत


   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 134 केवल तीन ही पद का भजन है; परन्तु यह छोटा सा भजन दिखाता है कि छोटी बातों में भी बड़े अर्थ होते हैं; छोटी चीज़ें भी बहुत महत्वपूर्ण हो सकती हैं। इस भजन के पहले दो पद परमेश्वर के भवन में प्रति रात्रि कार्यरत सेवकों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। संध्या होने के बाद वह भवन अंधेरा और अकेला हो जाता था; और ऐसा प्रतीत होता था कि वहाँ कोई कार्यवाही नहीं चल रही है। परन्तु इन सेवकों को प्रोत्साहित किया गया कि, "अपने हाथ पवित्र स्थान में उठा कर, यहोवा को धन्य कहो" (पद 2)। इस भजन का तीसरा पद उन सेवकों के लिए उनके प्रतिफल से संबंधित रात्रि के अंधकार और एकाकीपन में से आने वाली एक आवाज़ है, "यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, वह सिय्योन में से तुझे आशीष देवे" (पद 3)।

   मैं अनेकों स्थानों पर कार्यरत परमेश्वर के अनेकों सेवकों के बारे में सोचता हूँ, छोटे-छोटे स्थान और वहाँ के छोटे-छोटे चर्च तथा मसीही मण्डलियाँ। संभव है कि कभी-कभी वे अपने आप को अकेला अनुभव करते हों, अपनी परिस्थितियों और अकेलेपन के कारण निराश होते हों। उन्हें प्रतीत हो सकता है कि उनके कार्यों, कठिनाईयों, आवश्यकताओं को कोई देख ही नहीं रहा है, किसी को भी न तो उनका बोध है और न ही उनकी चिंता है। क्या कोई उनके बारे में सोचता है, उनके लिए प्रार्थना करता है, उन्हें अपने जीवन का अंग मानता है?

   जो भी अपने आप को अकेला या महत्वहीन समझ रहे हैं, मैं उन सब से यह कहना चाहता हूँ: चाहे आपका निवास अथवा कार्य स्थान छोटा है, किंतु वह पवित्र-स्थान है। वह जिसने स्वर्ग और पृथ्वी को बनाया है, आपको संभालता और चलाता है, वही परमेश्वर आपका भी ध्यान रखता है और आप में होकर औरों के भले के लिए वह कार्यरत भी है। इसलिए आप जहाँ कहीं भी हों, अपने हाथ उठाएं और प्रभु परमेश्वर का, उसके कार्यों तथा कार्यरत रहने के लिए स्तुतिगान करें। - डेविड रोपर


जो भी परमेश्वर का कार्य, 
परमेश्वर के अनुसार करता है, 
वह परमेश्वर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

हम अपने चालचलन को ध्यान से परखें, और यहोवा की ओर फिरें! हम स्वर्गवासी परमेश्वर की ओर मन लगाएं और हाथ फैलाएं - विलापगीत 3:40-41

बाइबल पाठ: भजन 134
Psalms 134:1 हे यहोवा के सब सेवकों, सुनो, तुम जो रात रात को यहोवा के भवन में खड़े रहते हो, यहोवा को धन्य कहो। 
Psalms 134:2 अपने हाथ पवित्र स्थान में उठा कर, यहोवा को धन्य कहो। 
Psalms 134:3 यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, वह सिय्योन में से तुझे आशीष देवे।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 11-13
  • प्रेरितों 9:1-21


मंगलवार, 27 जून 2017

संपूर्ण कहानी


   हाल ही में जब मेरे 5 वर्षीय पोते डैलस ने मुझ से पूछा, "यीशु क्रूस पर क्यों मारे गए?" तब हम ने बैठकर कुछ बातचीत की और मैंने उसे पाप के बारे में और प्रभु यीशु द्वारा संसार के सभी लोगों के समस्त पापों का दण्ड उठा लेने और उनके लिए अपना बलिदान देने की बात समझाई। इसके बाद वह खेलने के लिए चला गया। कुछ ही देर में मैंने देखा कि डैलस अपनी 5 वर्षीय चचेरी बहन केटी को समझा रहा था कि प्रभु यीशु क्रूस पर क्यों मारे गए। केटी ने उससे कहा, "लेकिन यीशु तो जीवित हैं।" डैलस ने उत्तर दिया, "नहीं, वो मर गए हैं, दादा ने मुझे बताया है; वे क्रूस पर लटका कर मारे गए।" मुझे एहसास हुआ कि मैंने डैलस को संपूर्ण कहानी नहीं बताई थी। इसलिए हमने बैठकर फिर से बातचीत की, और उसे समझाया कि क्रूस पर मारे जाने के तीन दिन पश्चात प्रभु यीशु मृतकों में से पुनः जी उठे थे। मैंने सारी कहानी फिर से उसे अच्छे से समझाई जिस से कि वह समझ सका कि यद्यपि प्रभु यीशु हमारे लिए मारे गए थे, परन्तु फिर मृतकों में से जी उठे और आज हम सब के जीवित प्रभु हैं।

   मेरे लिए यह अच्छा सबक था कि लोगों को हमें संपूर्ण सुसमाचार सुनाना है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों के काम नामक पुस्तक में हम पाते हैं कि जब फिलेप्पुस से इथयोपियाई अधिकारी ने परमेश्वर के वचन के एक खंड के बारे में, जिसे वह समझ नहीं पा रहा था, पूछा "तब फिलेप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ कर के उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया" (प्रेरितों 8:35)।

   प्रभु यीशु के सुसमाचार को औरों को बताएं; लोगों को समझाएं कि हम सब पापी हैं, और हमें पापों की क्षमा और उद्धार की आवश्यकता है; परमेश्वर के सिध्द पुत्र, प्रभु यीशु ने हमें पापों के दण्ड से बचाने और हमारा उद्धार करने के लिए अपने प्राण बलिदान किए। लेकिन साथ ही यह भी बताएं कि वह केवल बलिदान ही नहीं हुआ, वरन तीसरे दिन मृतकों में से उसका पुनरुत्थान भी हुआ, और इस प्रकार उसने संसार पर प्रमाणित कर दिया कि वह मृत्यु पर जयवंत है। हमारा और जगत का उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह आज जीवित है; वह हमें पापों से क्षमा और उद्धार तथा अपना अलौकिक जीवन एवं उसकी आशीषें देना चाहता है, हमें परमेश्वर कि सन्तान बनाकर रखना चाहता है।

   जब भी कोई प्रभु यीशु मसीह के बारे में जानना चाहे, तो हम उसे प्रभु यीशु की संपूर्ण कहानी अवश्य सुनाएं। - डेव ब्रैनन


यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, 
जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा। - यूहन्ना 11:25

क्योंकि क्रूस की कथा नाश होने वालों के निकट मूर्खता है, परन्तु हम उद्धार पाने वालों के निकट परमेश्वर की सामर्थ है। - 1 कुरिन्थियों 1:18

बाइबल पाठ: प्रेरितों 8:26-37
Acts 8:26 फिर प्रभु के एक स्वर्गदूत ने फिलेप्पुस से कहा; उठ कर दक्‍खिन की ओर उस मार्ग पर जा, जो यरूशलेम से अज्ज़ाह को जाता है, और जंगल में है। 
Acts 8:27 वह उठ कर चल दिया, और देखो, कूश देश का एक मनुष्य आ रहा था जो खोजा और कूशियों की रानी कन्‍दाके का मन्‍त्री और खजांची था, और भजन करने को यरूशलेम आया था। 
Acts 8:28 और वह अपने रथ पर बैठा हुआ था, और यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ता हुआ लौटा जा रहा था। 
Acts 8:29 तब आत्मा ने फिलेप्पुस से कहा, निकट जा कर इस रथ के साथ हो ले। 
Acts 8:30 फिलेप्पुस ने उस ओर दौड़ कर उसे यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, कि तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है? 
Acts 8:31 उसने कहा, जब तक कोई मुझे न समझाए तो मैं क्योंकर समझूं और उसने फिलेप्पुस से बिनती की, कि चढ़कर मेरे पास बैठ। 
Acts 8:32 पवित्र शास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था: "वह भेड़ के समान वध होने को पहुंचाया गया, और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरने वालों के साम्हने चुपचाप रहता है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला। 
Acts 8:33 उस की दीनता में उसका न्याय होने नहीं पाया, और उसके समय के लोगों का वर्णन कौन करेगा, क्योंकि पृथ्वी से उसका प्राण उठाया जाता है।" 
Acts 8:34 इस पर खोजे ने फिलेप्पुस से पूछा; मैं तुझ से बिनती करता हूं, यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किस विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में। 
Acts 8:35 तब फिलेप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ कर के उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया। 
Acts 8:36 मार्ग में चलते चलते वे किसी जल की जगह पहुंचे, तब खोजे ने कहा, देख यहां जल है, अब मुझे बपतिस्मा लेने में क्या रोक है। 
Acts 8:37 फिलेप्पुस ने कहा, यदि तू सारे मन से विश्वास करता है तो हो सकता है: उसने उत्तर दिया मैं विश्वास करता हूं कि यीशु मसीह परमेश्वर का पुत्र है।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 8-10
  • प्रेरितों 8:26-40


सोमवार, 26 जून 2017

दृष्टि और दृष्टिकोण


   इस सृष्टि में जो कुछ हो रहा है, उसमें से अधिकांश को हम देख ही नहीं पाते हैं, क्योंकि अनेकों चीज़ें या तो बहुत सूक्ष्म हैं, या बहुत तेज़ी से घटित होती हैं, या बहुत ही धीमी गति से होती हैं, जिससे उन्हें देख पाना हमारे लिए संभव नहीं हो पाता है। लेकिन आधुनिक तकनीकी के प्रयोग द्वारा फिल्म बनाने वाले ल्युइस श्वार्टज़्बर्ग ने इन में से कुछ चीज़ों के अद्भुत वीडियो बनाए हैं, जैसे कि इल्ली (कैटरपिलर) का मूँह, मक्खी की आँख, कुकुरमुत्ते (मशरूम) का बढ़ना आदि।

   इस भौतिक संसार की वस्तुओं की सूक्ष्म तथा पेचीदा जानकारी न ले पाना हमें स्मरण करवाता है कि आत्मिक संसार की बातों को जान और समझ पाने में भी हम उतने ही असक्ष्म हैं। परमेश्वर हमारे चारों ओर कार्यरत है, और ऐसे अद्भुत कार्य कर रहा है हम जिनकी कल्पना भी नहीं कर सकते; परन्तु हमारी आत्मिक दृष्टि इतनी सीमित है कि हम उन कार्यों को देख नहीं पाते हैं, उनका आभास भी हमें नहीं हो पाता है। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल का एक पात्र, परमेश्वर का भविष्यद्वक्ता, एलिशा, परमेश्वर के अलौकिक कार्य की एक झलक देखने पाया, और उसकी प्रार्थना के उत्तर में एलीशा का सेवक भी उस स्वर्गीय सेना को देख पाया जिसे परमेश्वर ने उनकी सुरक्षा के लिए तैनात किया था (2 राजा 6:17)।

   भय के कारण हम अकसर कमज़ोर और असहाय अनुभव करते हैं; हमें लगता है कि हम संसार में अकेले पड़ गए हैं। परन्तु परमेश्वर ने हम मसीही विश्वासियों को आश्वस्त किया है कि उसका आत्मा जो हमारे अन्दर निवास करता है, वह संसार कि किसी भी ताकत से कहीं अधिक बढ़कर है (1 यूहन्ना 4:4)।

   जब भी हम शैतान के किसी भी काम के कारण निराश या भयभीत हों, तो परमेश्वर द्वारा संसार में हो रहे अद्भुत कार्यों की ओर दृष्टि करें; उन कार्यों पर, और उन्हें करने वाले पर ध्यान लगाएं; और हमारा दृष्टिकोण सकारात्मक हो जाएगा। - जूली ऐकैरमैन लिंक


विश्वास की दृष्टि, हर स्थान पर परमेश्वर को कार्यरत देखती है।

हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है; क्योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है। - 1 यूहन्ना 4:4

बाइबल पाठ: 2 राजा 6:13-23
2 Kings 6:13 राजा ने कहा, जा कर देखो कि वह कहां है, तब मैं भेज कर उसे पकड़वा मंगाऊंगा। और उसको यह समाचार मिला कि वह दोतान में है। 
2 Kings 6:14 तब उसने वहां घोड़ों और रथों समेत एक भारी दल भेजा, और उन्होंने रात को आकर नगर को घेर लिया। 
2 Kings 6:15 भोर को परमेश्वर के भक्त का टहलुआ उठा और निकल कर क्या देखता है कि घोड़ों और रथों समेत एक दल नगर को घेरे हुए पड़ा है। और उसके सेवक ने उस से कहा, हाय! मेरे स्वामी, हम क्या करें? 
2 Kings 6:16 उसने कहा, मत डर; क्योंकि जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं। 
2 Kings 6:17 तब एलीशा ने यह प्रार्थना की, हे यहोवा, इसकी आंखें खोल दे कि यह देख सके। तब यहोवा ने सेवक की आंखें खोल दीं, और जब वह देख सका, तब क्या देखा, कि एलीशा के चारों ओर का पहाड़ अग्निमय घोड़ों और रथों से भरा हुआ है। 
2 Kings 6:18 जब अरामी उसके पास आए, तब एलीशा ने यहोवा से प्रार्थना की कि इस दल को अन्धा कर डाल। एलीशा के इस वचन के अनुसार उसने उन्हें अन्धा कर दिया। 
2 Kings 6:19 तब एलीशा ने उन से कहा, यह तो मार्ग नहीं है, और न यह नगर है, मेरे पीछे हो लो; मैं तुम्हें उस मनुष्य के पास जिसे तुम ढूंढ़ रहे हो पहुंचाऊंगा। तब उसने उन्हें शोमरोन को पहुंचा दिया। 
2 Kings 6:20 जब वे शोमरोन में आ गए, तब एलीशा ने कहा, हे यहोवा, इन लोगों की आंखें खोल कि देख सकें। तब यहोवा ने उनकी आंखें खोलीं, और जब वे देखने लगे तब क्या देखा कि हम शोमरोन के मध्य में हैं। 
2 Kings 6:21 उन को देखकर इस्राएल के राजा ने एलीशा से कहा, हे मेरे पिता, क्या मैं इन को मार लूं? मैं उन को मार लूं? 
2 Kings 6:22 उसने उत्तर दिया, मत मार। क्या तू उन को मार दिया करता है, जिन को तू तलवार और धनुष से बन्धुआ बना लेता है? तू उन को अन्न जल दे, कि खा पीकर अपने स्वामी के पास चले जाएं। 
2 Kings 6:23 तब उसने उनके लिये बड़ी जेवनार की, और जब वे खा पी चुके, तब उसने उन्हें बिदा किया, और वे अपने स्वामी के पास चले गए। इसके बाद अराम के दल इस्राएल के देश में फिर न आए। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 5-7
  • प्रेरितों 8:1-25


रविवार, 25 जून 2017

सौदा


   चौथी शताब्दी की समाप्ति तक, मृत्यु दण्ड दिए गए मसीही विश्वासियों को, रोमी नागरिकों के मनोरंजन के लिए, भूखे शेरों के आगे डाला जाना बन्द हो गया था। परन्तु मृत्यु को मनोरंजन का साधन बनाना चलता ही रहा जब तक कि एक साहसी व्यक्ति ने दर्शकों की भीड़ में से कूदकर दो पेशेवर योद्धाओं को एक दूसरे को मार डालने से रोकने का प्रयास नहीं किया। उस व्यक्ति का नाम था टेलेमैकस, और वह मरुभूमि में रहने वाला एक भिक्षु था जो कुछ समय की छुट्टी बिताने रोम आया था और इस दरिंदगी के लोकप्रीय खेल को सहन नहीं कर सका। पाँचवीं शताब्दी के बिशप (धर्माध्यक्ष) और चर्च के इतिहासकार थियोडोरेट के अनुसार, टेलेमैकस ने हिंसा को रोकने के लिए अपनी आवाज़ उठाई परन्तु भीड़ ने उसे ही पत्थरवाह करके मार डाला। लेकिन उसके इस साहसिक कार्य का समाचार उस समय के सम्राट होनोरियस तक गया, और उन्होंने इन क्रूर खेलों को बन्द कर देने का आदेश दिया।

   कुछ लोग टेलेमैकस द्वारा अपनाए गए विरोध-प्रदर्शन पर प्रश्न उठा सकते हैं कि क्या उस दरिंदगी के खेल को रोकने का यही एकमात्र तरीका था? परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने अपनी मसीही सेवकाई और अनुभवों के आधार पर ऐसा ही प्रश्न उठाया, "हम भी क्यों हर घड़ी जाखिम में पड़े रहते हैं?" (1 कुरिन्थियों 15:30)। पौलुस ने 2 कुरिन्थियों 11:22-33 में मसीह के प्रति अपने प्रेम के कारण उठाए गए जोखिमों और कष्टों वर्णन किया, और उन में से अनेक बातें ऐसी थीं जो उसके लिए जानलेवा हो सकती थीं। क्या उसके लिए यह सब सहना, यह कीमत चुकाना आवश्यक था?

   पौलुस के मन में तो बात स्पष्ट तथा तय थी। उसने पहचान लिया था कि शीघ्र ही समाप्त हो जाने वाली नश्वर बातों के स्थान पर ऐसा आदर तथा आशीष प्राप्त करने के लिए परिश्रम करना जो कभी कम नहीं हो सकता अच्छा सौदा है। पुनरुत्थान के समय, वह जीवन जो मसीह यीशु के लिए तथा औरों की भलाई के लिए जिया गया है, अनन्तकाल के फल लाने के लिए बोया गया बीज है। यह वह सौदा है जिसे लेकर हम कभी खेदित नहीं होंगे। - मार्ट डीहॉन


अनन्तकाल के लिए सौदा पक्का कर लेने का समय अभी है।

परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है। वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं। और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है। और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं। - फिलिप्पियों 3:7-10

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:30-44
1 Corinthians 15:30 और हम भी क्यों हर घड़ी जाखिम में पड़े रहते हैं? 
1 Corinthians 15:31 हे भाइयो, मुझे उस घमण्‍ड की सोंह जो हमारे मसीह यीशु में मैं तुम्हारे विषय में करता हूं, कि मैं प्रति दिन मरता हूं। 
1 Corinthians 15:32 यदि मैं मनुष्य की रीति पर इफिसुस में वन-पशुओं से लड़ा, तो मुझे क्या लाभ हुआ? यदि मुर्दे जिलाए नहीं जाएंगे, तो आओ, खाए-पीए, क्योंकि कल तो मर ही जाएंगे। 
1 Corinthians 15:33 धोखा न खाना, बुरी संगति अच्‍छे चरित्र को बिगाड़ देती है। 
1 Corinthians 15:34 धर्म के लिये जाग उठो और पाप न करो; क्योंकि कितने ऐसे हैं जो परमेश्वर को नहीं जानते, मैं तुम्हें लज्ज़ित करते के लिये यह कहता हूं।
1 Corinthians 15:35 अब कोई यह कहेगा, कि मुर्दे किस रीति से जी उठते हैं, और कैसी देह के साथ आते हैं? 
1 Corinthians 15:36 हे निर्बुद्धि, जो कुछ तु बोता है, जब तक वह न मरे जिलाया नहीं जाता। 
1 Corinthians 15:37 ओर जो तू बोता है, यह वह देह नहीं जो उत्पन्न होने वाली है, परन्तु निरा दाना है, चाहे गेहूं का, चाहे किसी और अनाज का। 
1 Corinthians 15:38 परन्तु परमेश्वर अपनी इच्छा के अनुसार उसको देह देता है; और हर एक बीज को उस की विशेष देह। 
1 Corinthians 15:39 सब शरीर एक सरीखे नहीं, परन्तु मनुष्यों का शरीर और है, पशुओं का शरीर और है; पक्षियों का शरीर और है; मछिलयों का शरीर और है। 
1 Corinthians 15:40 स्‍वर्गीय देह है, और पार्थिव देह भी है: परन्तु स्‍वर्गीय देहों का तेज और है, और पार्थिव का और। 
1 Corinthians 15:41 सूर्य का तेज और है, चान्‍द का तेज और है, और तारागणों का तेज और है, (क्योंकि एक तारे से दूसरे तारे के तेज में अन्‍तर है)। 
1 Corinthians 15:42 मुर्दों का जी उठना भी ऐसा ही है। शरीर नाशमान दशा में बोया जाता है, और अविनाशी रूप में जी उठता है। 
1 Corinthians 15:43 वह अनादर के साथ बोया जाता है, और तेज के साथ जी उठता है; निर्बलता के साथ बोया जाता है; और सामर्थ के साथ जी उठता है। 
1 Corinthians 15:44 स्‍वाभाविक देह बोई जाती है, और आत्मिक देह जी उठती है: जब कि स्‍वाभाविक देह है, तो आत्मिक देह भी है। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 3-4
  • प्रेरितों 7:44-60


शनिवार, 24 जून 2017

जोखिम


   जब मैं नाव चलाना सीख रहा था तो मुझे नाव तक पहुँचने के लिए पानी पर तैरते हुए एक बहुत अस्थिर तखते से होकर उस नाव तक पहुँचना होता था जिसमें हम नाव चलाना सीख रहे थे, और मुझे इससे बहुत घबराहट होती थी, मुझे यह कदापि पसंद नहीं था। मेरा संतुलन कमज़ोर है, और इसलिए मुझे सदा यही भय सताता था कि कहीं मैं उस अस्थिर तखते और नाव के बीच में पानी में न गिर जाऊँ। अपने भय के कारण मैं नाव चलाना सीखना लगभग छोड़ ही बैठा था; परन्तु मेरे प्रशिक्षक ने मेरा उत्साह बढ़ाया, और मुझ से कहा, "अपनी दृष्टि बस मुझ पर लगाए रखो; यदि तुम गिरे भी, तो भी तुम्हें थामने और बचाने के लिए मैं हूँ।" मैंने वही किया जो उसने मुझे करने को कहा था, और आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि मेरे पास पाल-नौका चला लेने का बुनियादी स्तर का प्रमाण-पत्र है।

   क्या आप भी जोखिम उठाने से घबराते हैं? हम में से अनेकों अपनी आरामदायक स्थिति से हटने का जोखिम इसलिए नहीं उठाते कि कहीं हमें कोई चोट न लग जाए, कहीं हम असफल न हो जाएं. कहीं किसी के सामने हमारा मज़ाक न बन जाए। परन्तु यदि हम भय को अपने ऊपर हावी हो लेने देंगे, तो बस उसी से बंध कर रह जाएंगे और कभी कुछ नहीं कर पाएंगे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में पतरस के पानी पर चलने की रोमाँचक कहानी, और क्यों पानी पर कुछ कदम चलकर भी पतरस फिर भी डूबने लगा (मत्ती 14:22-33) प्रचारकों के लिए प्रचार का एक लोकप्रीय मुद्दा रही है। परन्तु मुझे ध्यान नहीं आता कि मैंने कभी किसी को उन शेष शिष्यों का उल्लेख करते सुना है, जिन्होंने पतरस के समान जोखिम उठाने का प्रयास किया ही नहीं। मेरी राय में, सफल होने वाला एकमात्र शिष्य पतरस ही था, क्योंकि उसने प्रभु की बात पर विश्वास किया और उसके अनुसार प्रयास भी किया। असफल तो वे थे जिन्होंने कभी प्रयास ही नहीं किया, जिन्होंने प्रभु के कथन को स्वीकार करने का जोखिम उठाना उचित ही नहीं समझा।

   प्रभु यीशु ने हमारे लिए सब कुछ दाँव पर लगा दिया, अपना बलिदान दे दिया। क्या आज हम उसके लिए, उसकी आज्ञाकारिता में कुछ जोखिम उठाने के लिए तैयार हैं? - मेरियन स्ट्राउड


जीवन या तो निर्भीक रोमांच है, या फिर कुछ भी नहीं। - हेलेन कैलर

तब यीशु ने अपने चेलों से कहा; यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप का इन्कार करे और अपना क्रूस उठाए, और मेरे पीछे हो ले। क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे, वह उसे खोएगा; और जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे पाएगा। यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा? - मत्ती 16:24-26

बाइबल पाठ: मत्ती 14:22-33
Matthew 14:22 और उसने तुरन्त अपने चेलों को बरबस नाव पर चढ़ाया, कि वे उस से पहिले पार चले जाएं, जब तक कि वह लोगों को विदा करे। 
Matthew 14:23 वह लोगों को विदा कर के, प्रार्थना करने को अलग पहाड़ पर चढ़ गया; और सांझ को वहां अकेला था। 
Matthew 14:24 उस समय नाव झील के बीच लहरों से डगमगा रही थी, क्योंकि हवा साम्हने की थी। 
Matthew 14:25 और वह रात के चौथे पहर झील पर चलते हुए उन के पास आया। 
Matthew 14:26 चेले उसको झील पर चलते हुए देखकर घबरा गए! और कहने लगे, वह भूत है; और डर के मारे चिल्ला उठे। 
Matthew 14:27 यीशु ने तुरन्त उन से बातें की, और कहा; ढाढ़स बान्‍धो; मैं हूं; डरो मत। 
Matthew 14:28 पतरस ने उसको उत्तर दिया, हे प्रभु, यदि तू ही है, तो मुझे अपने पास पानी पर चलकर आने की आज्ञा दे। 
Matthew 14:29 उसने कहा, आ: तब पतरस नाव पर से उतरकर यीशु के पास जाने को पानी पर चलने लगा। 
Matthew 14:30 पर हवा को देखकर डर गया, और जब डूबने लगा, तो चिल्लाकर कहा; हे प्रभु, मुझे बचा। 
Matthew 14:31 यीशु ने तुरन्त हाथ बढ़ाकर उसे थाम लिया, और उस से कहा, हे अल्प-विश्वासी, तू ने क्यों सन्‍देह किया? 
Matthew 14:32 जब वे नाव पर चढ़ गए, तो हवा थम गई। 
Matthew 14:33 इस पर जो नाव पर थे, उन्होंने उसे दण्‍डवत कर के कहा; सचमुच तू परमेश्वर का पुत्र है। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 1-2
  • प्रेरितों 7:22-43


शुक्रवार, 23 जून 2017

स्मरण


   मेरे पुत्र लिएम को अपनी माँ को देने के लिए फूल तोड़कर जमा करना अच्छा लगता है चाहे वे जँगली फूल ही क्यों न हों, और आज तक उस की माँ उन जँगली फूलों को लेने से थकी नहीं है। जो किसी के लिए जँगली खर-पतवार के फूल हैं वे उन दोनों के लिए परस्पर प्रेम को स्मरण दिलाने का चिन्ह है। एक दिन मैं लिएम को अपने साथ बाज़ार ले गया, हम एक फूलों की दुकान के सामने से तेज़ी से निकल रहे थे कि लिएम की दृष्टि वहाँ लगे पीले ट्यूलिप्स पर गई, और उसने बड़े उत्साह से कहा, "डैडी, इन फूलों को माँ के लिए ले लेते हैं।" मैंने हंसते हुए, वहीं रुक कर उन फूलों को ले लिया, और उसकी माँ ने उन सुंदर फूलों की तसवीर अपने फेसबुक पेज पर भी लगा दी।

   कुछ लोगों को जंगली खर-पतवार और फूलों में आदम के पाप का स्मरण दिखाई देता है। उस वर्जित फल को खाने से की गई अनाज्ञाकारिता के कारण आदम और हव्वा ने पाप किया जिससे उन्होंने अपने तथा संसार के ऊपर श्राप को आने का मार्ग दिया; जिसका परिणाम हुआ मानव जाति को कठिन परिश्रम, पीड़ा के साथ प्रसव और जन्म, तथा अन्ततः मृत्यु (उत्पत्ति 3:16-19)।

   परन्तु लिएम की चमकती हुई आँखें मुझे कुछ और ही स्मरण करवाती हैं - जंगली खर-पतवार में भी सुंदरता देखी जा सकती है; पीड़ादायक प्रसव से हुए जन्म में भविष्य की आशा है, और परमेश्वर के प्रेम ने हमारे लिए मृत्यु पर भी जय पाई और अनन्त जीवन का मार्ग बना कर हमें दे दिया। जिस "वंश" का उल्लेख परमेश्वर ने उत्पत्ति 3:15 में किया था, वह जो सर्प अर्थात शैतान के वंश से युद्ध करेगा और उसे पराजित करेगा, वह प्रभु यीशु मसीह था (गलतियों 3:16)। प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति के पापों के दण्ड को अपने ऊपर ले लिया, उनका दण्ड स्वयं भोग लिया और हमें मृत्यु के श्राप से छुटकारे का मार्ग बना कर दे दिया।

   संसार पाप के प्रभाव के कारण बिगड़ा हुआ अवश्य है, परन्तु प्रत्येक मोड़ पर हमारे लिए एक अचरज बना रहता है। आज जंगली खर-पतवार भी हमें स्मरण दिलाते हैं कि हमारा सृष्टिकर्ता परमेश्वर पिता हम से प्रेम करता है, और उसने हमारे उद्धार के लिए, हमारे उसके साथ उसकी सन्तान बनकर अनन्त निवास करने के लिए प्रयोजन उपलब्ध करवा दिया है। - टिम गुस्टाफसन


सृष्टि हमें छुटकारे की प्रतिज्ञा का स्मरण करवाती है।

जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में हो कर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं। - 2 कुरिन्थियों 5:21

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 3:14-19
Genesis 3:14 तब यहोवा परमेश्वर ने सर्प से कहा, तू ने जो यह किया है इसलिये तू सब घरेलू पशुओं, और सब बनैले पशुओं से अधिक शापित है; तू पेट के बल चला करेगा, और जीवन भर मिट्टी चाटता रहेगा: 
Genesis 3:15 और मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंश और इसके वंश के बीच में बैर उत्पन्न करुंगा, वह तेरे सिर को कुचल डालेगा, और तू उसकी एड़ी को डसेगा। 
Genesis 3:16 फिर स्त्री से उसने कहा, मैं तेरी पीड़ा और तेरे गर्भवती होने के दु:ख को बहुत बढ़ाऊंगा; तू पीड़ित हो कर बालक उत्पन्न करेगी; और तेरी लालसा तेरे पति की ओर होगी, और वह तुझ पर प्रभुता करेगा। 
Genesis 3:17 और आदम से उसने कहा, तू ने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मैं ने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना उसको तू ने खाया है, इसलिये भूमि तेरे कारण शापित है: तू उसकी उपज जीवन भर दु:ख के साथ खाया करेगा: 
Genesis 3:18 और वह तेरे लिये कांटे और ऊंटकटारे उगाएगी, और तू खेत की उपज खाएगा ; 
Genesis 3:19 और अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा; क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है, तू मिट्टी तो है और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तर 9-10
  • प्रेरितों 7:1-21


गुरुवार, 22 जून 2017

परिवर्तन


   भूत-पूर्व व्यवसायिक खिलाड़ी, क्रिस सैन्डर्स, सेवा-निवृत हुए सैनिकों को संबोधित कर रहे थे। सैन्डर्स को एक चोट के कारण खेलने की अपनी जीविका को छोड़ना पड़ा था, और जीवन यापन के लिए अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा था। सैन्डर्स ने उन सैनिकों से कहा, "यद्यपि मैंने कभी युद्ध-क्षेत्र का अनुभव नहीं किया है, परन्तु मैं परिवर्तन करने के लिए बाध्य कर देने वाली परिस्थितियों को समझता हूँ।"

   चाहे वह नौकरी का जाना हो, या वैवाहिक असफलता, या कोई गंभीर बीमारी, अथवा कोई आर्थिक हानि, प्रत्येक बड़ा परिवर्तन चुनैतियाँ साथ लेकर आता है। उस भूत-पूर्व खिलाड़ी ने उन सैनिकों को समझाया कि परिवर्तन के समय में नए जीवन में पाँव जमाने के लिए सफलता की कुँजी है अपने आप को स्थिर करने के लिए आगे बढ़कर दूसरों से सहायता प्राप्त करना।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यहोशू नामक पुस्तक ऐसे परिवर्तनों के समय में मार्गदर्शन पाने के लिए अवश्य पढ़ी जानी चाहिए। इस पुस्तक के आरंभ में हम पाते हैं कि मिस्त्र की गुलामी से निकलने के बाद 40 वर्ष तक जंगल की यात्रा करने और यात्रा के दौरान अनेकों कठिन परिस्थितियों का सामना करने के पश्चात, परमेश्वर के लोग, वाचा किए गए कनान देश में प्रवेश करने को हैं, उस देश की सीमा पर खड़े हैं। उन्हें मिस्त्र से निकाल कर लाने वाले और जंगल में उनकी अगुवाई करने वाले उनके महान अगुवे, मूसा का देहान्त हो गया है, और अब मूसा के स्थान पर मूसा के सहायक यहोशू के हाथ में यह ज़िम्मेदारी है कि वह इस्त्राएल को कनान में ले जाकर उन्हें वहाँ बसाए, उस भूमि को उनके गोत्रों में बाँट दे, और यहोशू इस बड़ी ज़िम्मेदारी के सामने अपने आप को इसे निभाने के लिए अयोग्य अनुभव कर रहा है।

   ऐसे में परमेश्वर यहोशू से कहता है, "इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा" (यहोशू 1:7)। अर्थात, परमेश्वर के वचनों को ही यहोशू के लिए इस्त्राएल को नेतृत्व और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए सदा आधार होना था; और यही मार्गदर्शन तथा आधार आज हमारे लिए भी हर बात के लिए वैसे ही आवश्यक तथा उपयोगी है। परमेश्वर ने जो आज्ञा और प्रतिज्ञा यहोशू से की वही हम मसीही विश्वासियों पर भी आज वैसे ही लागू है: "क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा" (यहोशू 1:9)।

   हमें किसी भी परिवर्तन से घबराने की आवश्यकता नहीं है; हमारा परमेश्वर पिता हमारी सहायता और मार्गदर्शन के लिए हमारा सदैव उपलब्ध सहायक है। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रत्येक परिवर्तन में वह अपरिवर्तनीय परमेश्वर पिता
 हमारे प्रति विश्वासयोग्य बना रहता है।

और तेरे आगे आगे चलने वाला यहोवा है; वह तेरे संग रहेगा, और न तो तुझे धोखा देगा और न छोड़ देगा; इसलिये मत डर और तेरा मन कच्चा न हो। - व्यवस्थाविवरण 31:8

बाइबल पाठ: यहोशू 1:1-11
Joshua 1:1 यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा, 
Joshua 1:2 मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को अर्थात इस्राएलियों को देता हूं। 
Joshua 1:3 उस वचन के अनुसार जो मैं ने मूसा से कहा, अर्थात जिस जिस स्थान पर तुम पांव धरोगे वह सब मैं तुम्हे दे देता हूं। 
Joshua 1:4 जंगल और उस लबानोन से ले कर परात महानद तक, और सूर्यास्त की ओर महासमुद्र तक हित्तियों का सारा देश तुम्हारा भाग ठहरेगा। 
Joshua 1:5 तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा। 
Joshua 1:6 इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा। 
Joshua 1:7 इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। 
Joshua 1:8 व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा। 
Joshua 1:9 क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।
Joshua 1:10 तब यहोशू ने प्रजा के सरदारों को यह आज्ञा दी, 
Joshua 1:11 कि छावनी में इधर उधर जा कर प्रजा के लोगों को यह आज्ञा दो, कि अपने अपने लिये भोजन तैयार कर रखो; क्योंकि तीन दिन के भीतर तुम को इस यरदन के पार उतरकर उस देश को अपने अधिकार में लेने के लिये जाना है जिसे तुम्हारा परमेश्वर यहोवा तुम्हारे अधिकार में देने वाला है।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तर 6-8
  • प्रेरितों 6