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रविवार, 22 अक्टूबर 2017

आराधना


   वेस्टमिनिस्टर के विश्वास वचन में लिखा है कि "मनुष्य का प्रमुख उद्देश्य सर्वदा परमेश्वर की महिमा करना और उसमें आनन्दित रहना है।" परमेश्वर के वचन बाइबल में बहुधा यह बात आई है कि एकमात्र जीवते सच्चे प्रभु परमेश्वर के प्रति आनन्द के साथ कृतज्ञ रहें और उसकी आराधना करें। जब हम परमेश्वर को आदर देते हैं, तो हम इस बात का आनन्द मनाते हैं कि वही प्रत्येक भलाई का स्त्रोत है। जब हम हृदय से उसकी स्तुति करते हैं, तब हम अपने आप को उस आनन्दमय अवस्था में पाते हैं जिसके लिए हमारी सृष्टि की गई।

   जैसे सूर्यास्त का एक सुन्दर दृश्य, या कोई अन्य मनोरम प्राकृतिक दृश्य हमारे सृष्टिकर्ता परमेश्वर की महिमा की ओर संकेत करता है, उसी प्रकार आराधना हमें उसके साथ एक निकटता के संबंध में ले आती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने कहा, "यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है" (भजन 145:3); और "जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हें; उन सभों के वह निकट रहता है" (भजन145:18)।

   परमेश्वर को हमारी आराधना की आवश्यकता नहीं है, परन्तु हमें परमेश्वर की आराधना करते रहने की आवश्यकता है। जब हम आराधना में उसकी उपस्थिति में होते हैं, तब हम उसके असीम प्रेम के आनन्द का अनुभव करते हैं, और उस प्रभु परमेश्वर में प्रफुल्लित तथा उत्साहित होते हैं जो हमें पापों से छुड़ाने के लिए स्वर्ग का वैभव और महिमा को छोड़कर पृथ्वी पर आ गया, और हमें पापों से छुड़ाकर अनन्तकाल के लिए अपने साथ परमानन्द में रखना चाहता है। उस प्रभु परमेश्वर के लिए भजनकार कहता है, "तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा; तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है" (भजन 16:11)। - डेनिस फिशर


आराधना धन्यवाद और कृतज्ञता से उमड़ते हुए हृदय से निकली स्तुति है।

क्योंकि यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है; वह तो सब देवताओं से अधिक भय योग्य है। - भजन 96:4

बाइबल पाठ: भजन 145
Psalms 145:1 हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तुझे सराहूंगा, और तेरे नाम को सदा सर्वदा धन्य कहता रहूंगा। 
Psalms 145:2 प्रति दिन मैं तुझ को धन्य कहा करूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा सर्वदा करता रहूंगा। 
Psalms 145:3 यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है।
Psalms 145:4 तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा। 
Psalms 145:5 मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा। 
Psalms 145:6 लोग तेरे भयानक कामों की शक्ति की चर्चा करेंगे, और मैं तेरे बड़े बड़े कामों का वर्णन करूंगा। 
Psalms 145:7 लोग तेरी बड़ी भलाई का स्मरण कर के उसकी चर्चा करेंगे, और तेरे धर्म का जयजयकार करेंगे।
Psalms 145:8 यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला और अति करूणामय है। 
Psalms 145:9 यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है।
Psalms 145:10 हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त लोग तुझे धन्य कहा करेंगे! 
Psalms 145:11 वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करेंगे, और तेरे पराक्रम के विषय में बातें करेंगे; 
Psalms 145:12 कि वे आदमियों पर तेरे पराक्रम के काम और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा प्रगट करें। 
Psalms 145:13 तेरा राज्य युग युग का और तेरी प्रभुता सब पीढ़ियों तक बनी रहेगी।
Psalms 145:14 यहोवा सब गिरते हुओं को संभालता है, और सब झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है। 
Psalms 145:15 सभों की आंखें तेरी ओर लगी रहती हैं, और तू उन को आहार समय पर देता है। 
Psalms 145:16 तू अपनी मुट्ठी खोल कर, सब प्राणियों को आहार से तृप्त करता है। 
Psalms 145:17 यहोवा अपनी सब गति में धर्मी और अपने सब कामों में करूणामय है। 
Psalms 145:18 जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हें; उन सभों के वह निकट रहता है। 
Psalms 145:19 वह अपने डरवैयों की इच्छा पूरी करता है, और उनकी दोहाई सुन कर उनका उद्धार करता है। 
Psalms 145:20 यहोवा अपने सब प्रेमियों की तो रक्षा करता, परन्तु सब दुष्टों को सत्यानाश करता है।
Psalms 145:21 मैं यहोवा की स्तुति करूंगा, और सारे प्राणी उसके पवित्र नाम को सदा सर्वदा धन्य कहते रहें।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 65-66
  • 1 तिमुथियुस 2


शनिवार, 21 अक्टूबर 2017

पश्चाताप


   मेरे एक मित्र ने हमारे एक अन्य मसीही सह-विश्वासी के लिए अपना आँकलन बताया, "वह समझता है कि वह कुछ है!" हमने माना कि उसमें घमण्ड का आत्मा था। कुछ समय के बाद हमें यह जानकर दुःख हुआ कि वह व्यक्ति  गंभीर दुष्कर्मों के कारण गिरिफ्तार किया गया है। अपने आप को ऊँचा बनाने के कारण उसे समस्याओं के अतिरिक्त और कुछ नहीं मिला। हम ने यह भी एहसास किया कि ऐसा हमारे साथ भी हो सकता है। अपने हृदय में छिपे घमण्ड के भयानक पाप को हलका आँकना बहुत सरल होता है। हम जितना अधिक सीखते हैं और जितनी अधिक सफलता हमें मिलती है, उतनी ही अधिक इस बात की संभावना बढ़ती जाती है कि हम अपने आप को कुछ समझने लगें, बड़ा मानने लगें। घमण्ड हमारे स्वभाव के मूल में है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में एज़्रा नबी के लिए लिखा गया है कि "यही एज्रा मूसा की व्यवस्था के विषय जिसे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने दी थी, निपुण शास्त्री था। और उसके परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो उस पर रही, इसके कारण राजा ने उसका मुंह मांगा वर दे दिया" (एज़्रा 7:6)। राजा अर्तक्षत्र ने उसे यरुशलेम का पुनर्निमाण करने के लिए जाने वाले यहूदी निर्वासितों के दल का अगुवा बनाया। एज़्रा के घमण्ड के पाप में पड़ जाने की बहुत अधिक संभावना थी; परन्तु ऐसा हुआ नहीं। एज़्रा न केवल परमेश्वर की व्यवस्था की जानकारी रखता था, वरन वह उसे व्यवहार में भी लाता था।

   यरुशलेम आने के पश्चात उसने जाना कि वहाँ रहने वाले यहूदियों में से अनेकों ने ऐसी स्त्रियों से विवाह कर लिए थे जो अन्य देवी-देवताओं की उपासना किया करती थीं, जो परमेश्वर के स्पष्ट निर्देशों के विरुध्द था (एज़्रा 9:1-2)। यह जानकर उसने दुःख में अपने वस्त्र फाड़े, और हृदय से पश्चाताप की प्रार्थना की (एज़्रा 9:5-15)। एज़्रा के ज्ञान और ओहदे को एक उच्च उद्देश्य निर्देशित कर रहा था: परमेश्वर और उसके लोगों के प्रति प्रेम। एज़्रा ने प्रार्थना की "हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! तू तो धमीं है, हम बचकर मुक्त हुए हैं जैसे कि आज वर्तमान हैं। देख, हम तेरे साम्हने दोषी हैं, इस कारण कोई तेरे साम्हने खड़ा नहीं रह सकता" (एज़्रा 9:15)।

   एज़्रा ने अपने लोगों के पापों की गंभीरता को समझा, परन्तु उसने नम्र होकर पश्चाताप किया और क्षमा करने वाले परमेश्वर की भलाईयों पर भरोसा रखा। पश्चाताप ही परमेश्वर से क्षमा की आशीष लेकर आता है। - टिम गुस्टाफसन


घमण्ड अन्य प्रत्येक दुराचार की ओर ले जाता है; 
यह परमेश्वर के विरुध्द होने की मनःस्थिति है। - सी. एस. ल्युईस

विनाश से पहिले गर्व, और ठोकर खाने से पहिले घमण्ड होता है। - नीतिवचन 16:18

बाइबल पाठ: एज़्रा 9:1-9
Ezra 9:1 जब ये काम हो चुके, तब हाकिम मेरे पास आकर कहने लगे, न तो इस्राएली लोग, न याजक, न लेवीय इस ओर के देशों के लोगों से अलग हुए; वरन उनके से, अर्थात कनानियों, हित्तियों, परिज्जियों, यबूसियों, अम्मोनियों, मोआबियों, मिस्रियों और एमोरियों के से घिनौने काम करते हैं। 
Ezra 9:2 क्योंकि उन्होंने उनकी बेटियों में से अपने और अपने बेटों के लिये स्त्रियां कर ली हैं; और पवित्र वंश इस ओर के देशों के लोगों में मिल गया है। वरन हाकिम और सरदार इस विश्वासघात में मुख्य हुए हैं। 
Ezra 9:3 यह बात सुन कर मैं ने अपने वस्त्र और बागे को फाड़ा, और अपने सिर और दाढ़ी के बाल नोचे, और विस्मित हो कर बैठा रहा। 
Ezra 9:4 तब जितने लोग इस्राएल के परमेश्वर के वचन सुनकर बन्धुआई से आए हुए लोगों के विश्वासघात के कारण थरथराते थे, सब मेरे पास इकट्ठे हुए, और मैं सांझ की भेंट के समय तक विस्मित हो कर बैठा रहा। 
Ezra 9:5 परन्तु सांझ की भेंट के समय मैं वस्त्र और बागा फाड़े हुए उपवास की दशा में उठा, फिर घुटनों के बल झुका, और अपने हाथ अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फैला कर कहा, 
Ezra 9:6 हे मेरे परमेश्वर! मुझे तेरी ओर अपना मुंह उठाते लाज आती है, और हे मेरे परमेश्वर! मेरा मुंह काला है; क्योंकि हम लोगों के अधर्म के काम हमारे सिर पर बढ़ गए हैं, और हमारा दोष बढ़ते बढ़ते आकाश तक पहुंचा है 
Ezra 9:7 अपने पुरखाओं के दिनों से ले कर आज के दिन तक हम बड़े दोषी हैं, और अपने अधर्म के कामों के कारण हम अपने राजाओं और याजकों समेत देश देश के राजाओं के हाथ में किए गए कि तलवार, बन्धुआई, लूटे जाने, और मुंह काला हो जाने की विपत्तियों में पड़ें जैसे कि आज हमारी दशा है। 
Ezra 9:8 और अब थोड़े दिन से हमारे परमेश्वर यहोवा का अनुग्रह हम पर हुआ है, कि हम में से कोई कोई बच निकले, और हम को उसके पवित्र स्थान में एक खूंटी मिले, और हमारा परमेश्वर हमारी आंखों में जयोति आने दे, और दासत्व में हम को कुछ विश्रान्ति मिले। 
Ezra 9:9 हम दास तो हैं ही, परन्तु हमारे दासत्व में हमारे परमेश्वर ने हम को नहीं छोड़ दिया, वरन फारस के राजाओं को हम पर ऐसे कृपालु किया, कि हम नया जीवन पाकर अपने परमेश्वर के भवन को उठाने, और इसके खंडहरों को सुधारने पाए, और हमें यहूदा और यरूशलेम में आड़ मिली।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 62-64
  • 1 तिमुथियुस 1


शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017

अन्दर का दृश्य


   सेवा निवृत भौतिक शास्त्री, अरे वेन्ट रीट, बहुत ही असामान्य विधि से कलाकृतियाँ बनाते हैं। वे पौधों और मरे हुए पशुओं को अलग-अलग प्रकार से रखकर उनका एक्स-रे उतारते हैं। फिर उन एक्स-रे फिल्मों को स्कैन करके उन्हें अपने कंप्यूटर में ले लेते हैं, और कंप्यूटर से उन चित्रों के कुछ भागों में रंग भरते हैं। उनकी ये कलाकृतियाँ फूलों, मछलियों, पक्षियों, रेंगने वाले जन्तुओं, बन्दरों आदि की रचना की भीतरी जटलिताओं को दिखाता है।

   किसी वस्तु के अन्दर का दृश्य बहुधा उसके बाहरी रूप से अधिक रोचक, सार्थक और महत्वपूर्ण होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भी परमेश्वर ने इस बात को बताया है कि परमेश्वर हमारे बाहरी स्वरूप का नहीं वरन हमारे मन का आँकलन करता है। जब परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ता शमूएल को यिशै के घर भेजा कि अपनी प्रजा इसत्राएल के नए राजा का अभिषेक करे, तो वहाँ पहुँच कर जब शमूएल ने एलियाब को देखा तो उसे लगा कि इस्त्राएल का नया राजा वह ही होगा (1 शमूएल 16:6)। परन्तु परमेश्वर ने शमूएल को चिताया कि वह एलियाब के शारीरिक गुणों को ना देखे; परमेश्वर ने कहा, "...क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है" (1 शमूएल 16:7)। फिर परमेश्वर ने एलियाब को नहीं वरन दाउद को इस्त्राएल का नया राजा होने के लिए नियुक्त किया।

   जब परमेश्वर हमें देखता है तो वह हमारे डील-डौल की अपेक्षा हमारे हृदय की दशा में, हमारे चेहरे की बनावट की अपेक्षा हमारी आत्मा की दशा में अधिक रुचि रखता है। अपने कार्यों के लिए वह हमें आयु में बहुत वृद्ध या बहुत कम, आकार में बहुत बड़ा या बहुत छोटा करके नहीं देखता है। वह केवल उस मुख्य बात पर अपना ध्यान केंद्रित करता है जो सबसे महत्वपूर्ण है - उसके प्रेम के प्रति हमारा प्रत्युत्तर और उसके लोगों के प्रति हमारी चिन्ता (मत्ती 22:37-39)। बाइबल में 2 इतिहास 6:30 में लिखा है कि मनुष्य के हृदय की दशा को केवल परमेश्वर ही जानता है।

   जब प्रभु परमेश्वर, जिसने हमारे लिए इतना कुछ किया है, हमारे हृदय के अन्दर देखता है तो उसे क्या दृश्य दिखाई देता है? - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


व्यक्ति के सही आँकलन का माप उसके हृदय की दशा है।

तो तू अपने स्वगींय निवासस्थान से सुन कर क्षमा करना, और एक एक के मन की जानकर, उसकी चाल के अनुसार उसे फल देना; (तू ही तो आदमियों के मन का जानने वाला है); - 2 इतिहास 6:30 

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 16:1-7
1 Samuel 16:1 और यहोवा ने शमूएल से कहा, मैं ने शाऊल को इस्राएल पर राज्य करने के लिये तुच्छ जाना है, तू कब तक उसके विषय विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भर के चल; मैं तुझ को बेतलेहेमी यिशै के पास भेजता हूं, क्योंकि मैं ने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है। 
1 Samuel 16:2 शमूएल बोला, मैं क्योंकर जा सकता हूं? यदि शाऊल सुन लेगा, तो मुझे घात करेगा। यहोवा ने कहा, एक बछिया साथ ले जा कर कहना, कि मैं यहोवा के लिये यज्ञ करने को आया हूं। 
1 Samuel 16:3 और यज्ञ पर यिशै को न्योता देना, तब मैं तुझे जता दूंगा कि तुझ को क्या करना है; और जिस को मैं तुझे बताऊं उसी को मेरी ओर से अभिषेक करना। 
1 Samuel 16:4 तब शमूएल ने यहोवा के कहने के अनुसार किया, और बेतलहेम को गया। उस नगर के पुरनिये थरथराते हुए उस से मिलने को गए, और कहने लगे, क्या तू मित्रभाव से आया है कि नहीं? 
1 Samuel 16:5 उसने कहा, हां, मित्रभाव से आया हूं; मैं यहोवा के लिये यज्ञ करने को आया हूं; तुम अपने अपने को पवित्र कर के मेरे साथ यज्ञ में आओ। तब उसने यिशै और उसके पुत्रों को पवित्र कर के यज्ञ में आने का न्योता दिया। 
1 Samuel 16:6 जब वे आए, तब उसने एलीआब पर दृष्टि कर के सोचा, कि निश्चय जो यहोवा के साम्हने है वही उसका अभिषिक्त होगा। 
1 Samuel 16:7 परन्तु यहोवा ने शमूएल से कहा, न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके डील की ऊंचाई पर, क्योंकि मैं ने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 59-61
  • 2 थिस्सलुनीकियों 3


गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017

प्रार्थना का उत्तर


   हमारी बेटी 15 वर्ष की थी, जब वह घर से भाग गई; वह 3 सप्ताह से अधिक तक घर से बाहर रही। वे हमारे जीवन के सबसे लंबे 3 सप्ताह थे। हमने सब स्थानों पर उसे  ढूँढ़ा, मित्रों और न्याय-व्यवस्था संबंधित सरकारी महकमों की भी सहायाता ली। उन निराशा और परेशानी से भरे दिनों में मैंने और मेरी पत्नि ने प्रार्थना में परमेश्वर के सामने प्रतीक्षा करने के महत्व को समझा। हम अपनी सामर्थ्य और संसाधानों के अन्त पर पहुँच गए थे; अब परमेश्वर पर निर्भर रहने के अतिरिक्त हमारे पास और कुछ नहीं था।

   हमारी बेटी हमें पिताओं को आदर देने के लिए मनाए जाने वाले दिन, "फादर्स डे" पर मिली। हम रात्रि का भोजन करने के लिए एक भोजनालय में जा रहे थे, जब फोन की घंटी बजी। एक अन्य भोजनालय में कार्य करने वाली एक महिला वेटर ने उसे देखा था। जहाँ वह थी वह स्थान हम से थोड़ी सी ही दूर था; हम तुरंत वहाँ गए और बेटी को ले आए; शीघ्र ही वह सुरक्षित और स्वस्थ घर में थी।

   जब हम प्रार्थना करते हैं तो हमें प्रभु परमेश्वर की उपस्थिति में शान्त भी रहना होता है। हम नहीं जानते कि उसका उत्तर कब और कैसे आएगा, परन्तु हम सदा ही अपने हृदय को उसके सामने खोलकर रख सकते हैं। कभी-कभी उत्तर तब नहीं आते जब हम उन्हें चाहते हैं या उनकी आशा रखते हैं। कभी-कभी उत्तर आने से पहले परिस्थितियाँ और भी बिगड़ सकती हैं। परन्तु हमें सदा प्रयासरत बने रहना है, भरोसा करते रहना है, प्रार्थना में परमेश्वर से माँगते रहना है।

   प्रार्थना का उत्तर आने की प्रतीक्षा करना कभी सरल नहीं होता है, परन्तु उत्तर, जब भी वह आए, भला ही होता है, उस उत्तर के लिए वह प्रतीक्षा सदा उचित ही ठहरती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने अपने एक भजन में इस बात के लिए कहा: "और तेरे नाम के जानने वाले तुझ पर भरोसा रखेंगे, क्योंकि हे यहोवा तू ने अपने खोजियों को त्याग नहीं दिया" (भजन 9:10)। इसलिए प्रभु परमेश्वर के समक्ष प्रार्थना में खोजते रहें; उसपर भरोसा बनाए रखें; उससे माँगते रहें। उसका उत्तर अवश्य आएगा, भलाई के साथ आएगा। - जेम्स बैंक


प्रार्थना में बिताया गया समय, सदा ही भली-भांति बिताया गया समय होता है।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! - भजन 46:10

बाइबल पाठ: भजन 9:1-10
Psalms 9:1 हे यहोवा परमेश्वर मैं अपने पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूंगा; मैं तेरे सब आश्चर्य कर्मों का वर्णन करूंगा। 
Psalms 9:2 मैं तेरे कारण आनन्दित और प्रफुल्लित होऊंगा, हे परमप्रधान, मैं तेरे नाम का भजन गाऊंगा।
Psalms 9:3 जब मेरे शत्रु पीछे हटते हैं, तो वे तेरे साम्हने से ठोकर खाकर नाश होते हैं। 
Psalms 9:4 क्योंकि तू ने मेरा न्याय और मुकद्दमा चुकाया है; तू ने सिंहासन पर विराजमान हो कर धर्म से न्याय किया। 
Psalms 9:5 तू ने अन्यजातियों को झिड़का और दुष्ट को नाश किया है; तू ने उनका नाम अनन्तकाल के लिये मिटा दिया है। 
Psalms 9:6 शत्रु जो है, वह मर गए, वे अनन्तकाल के लिये उजड़ गए हैं; और जिन नगरों को तू ने ढा दिया, उनका नाम वा निशान भी मिट गया है। 
Psalms 9:7 परन्तु यहोवा सदैव सिंहासन पर विराजमान है, उसने अपना सिंहासन न्याय के लिये सिध्द किया है; 
Psalms 9:8 और वह आप ही जगत का न्याय धर्म से करेगा, वह देश देश के लोगों का मुकद्दमा खराई से निपटाएगा।
Psalms 9:9 यहोवा पिसे हुओं के लिये ऊंचा गढ़ ठहरेगा, वह संकट के समय के लिये भी ऊंचा गढ़ ठहरेगा। 
Psalms 9:10 और तेरे नाम के जानने वाले तुझ पर भरोसा रखेंगे, क्योंकि हे यहोवा तू ने अपने खोजियों को त्याग नहीं दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 56-58
  • 2 थिस्सलुनीकियों 2


बुधवार, 18 अक्टूबर 2017

महाराजा


   लंडन में स्थित वेस्टमिनिस्टर ऐब्बी (विशाल चर्च और उसके मैदान) की भव्य एतिहासिक पृष्ठभूमि है। दस्वीं शताब्दी में बेनेडिक्ट मठ के मठवासियों ने यहाँ परमेश्वर की दैनिक आराधना की प्रथा का आरंभ किया था, जो आज भी बना हुआ है। यह एब्बी अनेकों प्रसिध्द लोगों को दफनाने का स्थान भी रहा है; और सन 1066 से लेकर आज तक सभी अंग्रेज़ी सम्राटों का राज्याभिषेक यहीं पर होता आया है। राज्याभिषेक हुए उन सम्राटों में से 17 यहीं दफनाए भी गए हैं - जहाँ से उन सम्राटों का शासन आरंभ हुआ, फिर वहीं पर समाप्त भी हुआ।

   चाहे उनके दफनाया जाना कितना भी भव्य रहा हो, संसार के शासकों का उदय और अस्त होना चलता रहता है; वे जीते हैं और मर भी जाते हैं। परन्तु समस्त संसार के इतिहास में एकमात्र महाराजाधिराज यीशु ही है, जो एक बार मरा तो तथा परन्तु फिर तीसरे दिन फिर जी उठा, आज उसकी कब्र खाली है और वह जीवित है। अपने पृथ्वी पर प्रथम आगमन के समय उसे काँटों का मुकुट पहनाया गया और उसे ठट्ठों में उड़ाते हुए "यहूदियों का राजा" (यूहन्ना 19:3, 19) कहकर क्रूस पर लटा दिया गया। परन्तु वह तीसरे दिन म्रुतकों में से जी उठा और लोगों के बीच अपने आप को पृथ्वी पर 40 दिन तक जीवित प्रगट करता रहा।

   क्योंकि प्रभु यीशु मृत्यु पर जयवंत होकर जी उठा, हम मसीही विश्वासियों के लिए कब्र के बाद भी आशा है, उसके साथ अनन्त जीवन जीते रहने का आश्वासन है। प्रभु यीशु ने कहा, "यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा। और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा" (यूहन्ना 11:25-26)।

   हम मसीही एक जीवित महाराजा के सेवक हैं! हम आज अपने जीवनों को उसकी आधीनता में, उसकी सेवकाई और महिमा के लिए समर्पित करें और उस आने वाले दिन की बाट जोहें जब "प्रभु हमारा परमेश्वर" (प्रकाशितवाक्य 19:6) अनन्तकाल के लिए राज्य करेगा। - बिल क्राउडर


प्रभु यीशु के मृतकों में से पुनरुत्थान  नें मत्यु को मार दिया।

इसलिये जब कि लड़के मांस और लोहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे। और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले। - इब्रानियों 2:14-15

बाइबल पाठ: यूहन्ना 19:21-30
John 19:21 तब यहूदियों के महायाजकों ने पीलातुस से कहा, यहूदियों का राजा मत लिख परन्तु यह कि “उसने कहा, मैं यहूदियों का राजा हूं”। 
John 19:22 पीलातुस ने उत्तर दिया, कि मैं ने जो लिख दिया, वह लिख दिया।
John 19:23 जब सिपाही यीशु को क्रूस पर चढ़ा चुके, तो उसके कपड़े ले कर चार भाग किए, हर सिपाही के लिये एक भाग और कुरता भी लिया, परन्तु कुरता बिन सीवन ऊपर से नीचे तक बुना हुआ था: इसलिये उन्होंने आपस में कहा, हम इस को न फाडें, परन्तु इस पर चिट्ठी डालें कि वह किस का होगा। 
John 19:24 यह इसलिये हुआ, कि पवित्र शास्त्र की बात पूरी हो कि उन्होंने मेरे कपड़े आपस में बांट लिये और मेरे वस्‍त्र पर चिट्ठी डाली: सो सिपाहियों ने ऐसा ही किया। 
John 19:25 परन्तु यीशु के क्रूस के पास उस की माता और उस की माता की बहिन मरियम, क्‍लोपास की पत्‍नी और मरियम मगदलीनी खड़ी थी। 
John 19:26 यीशु ने अपनी माता और उस चेले को जिस से वह प्रेम रखता था, पास खड़े देखकर अपनी माता से कहा; हे नारी, देख, यह तेरा पुत्र है। 
John 19:27 तब उस चेले से कहा, यह तेरी माता है, और उसी समय से वह चेला, उसे अपने घर ले गया।
John 19:28 इस के बाद यीशु ने यह जानकर कि अब सब कुछ हो चुका; इसलिये कि पवित्र शास्त्र की बात पूरी हो कहा, मैं प्यासा हूं। 
John 19:29 वहां एक सिरके से भरा हुआ बर्तन धरा था, सो उन्होंने सिरके में भिगोए हुए इस्‍पंज को जूफे पर रखकर उसके मुंह से लगाया। 
John 19:30 जब यीशु ने वह सिरका लिया, तो कहा पूरा हुआ और सिर झुका कर प्राण त्याग दिए।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 53-55
  • 2 थिस्सलुनीकियों 1


मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017

मार्ग


   मेरे साथ मछली पकड़ने जाने वाले एक मित्र ने मुझे एक पहाड़ी पर स्थित स्वच्छ पानी की झील और उसमें विद्यमान बड़ी ट्राउट मछलियों के बारे में बताया। उसने एक पेंसिल और नैपकिन लेकर मेरे लिए उस स्थान तक पहुँचने का नक्शा भी बनाकर दिया। कुछ सप्ताह के बाद मैंने अपने ट्रक में पेट्रोल भरवाया और उसके द्वारा दिए गए नक्शे के सहारे उस झील के लिए निकल पड़ा। उसके नक्शे ने मुझे ऐसी खराब सड़क पर डाल दिया, जैसी खराब सड़क पर मैंने अपने जीवन में कभी यात्रा नहीं की थी। वह लट्ठे काट कर लेजाने वाली गाड़ियों के लिए एक पुरानी सड़क थी जिसे जंगल काट कर बनाया गया था, और उसपर कभी ध्यान नहीं दिया गया था। सड़क अनेकों स्थान पर बह गई थी, लकड़ी के लट्ठे उस पर गिरे हुए पड़े थे, गाड़ियों के पहियों के गहरे निशान नालियों के समान बने हुए थे, और बड़े बड़े पत्थर उस पर पड़े हुए थे। इन सब पर अपना ट्रक चलाते हुए मेरी कमर दुःखने लगी और मेरे ट्रक के निचले भाग में निशान पड़ गए। मुझे उस झील तक पहुँचने के लिए आधा दिन लग गया, और मैं सोच रहा था कि मुझे ऐसी सड़क पर भेजने वाला क्या मेरा "मित्र" है?

   परन्तु गन्तव्य पर पहुँचकर जो दश्य देखा वह भव्य था, वह झील का दृश्य बहुत सुन्दर था और वहाँ मछलियाँ भी बहुत बड़ी और बेजोड़ थीं। मेरे मित्र ने वास्तव में मुझे सही स्थान पर भेजा था, और ऐसे मार्ग से भेजा जिसे मैं स्वयं भी अपने लिए चुन लेता, यदि मुझे मार्ग के अन्त पर मिलने वाले परिणाम का पहले से पता होता।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें एक विश्वासयोग्य बात बताती है: "जो यहोवा की वाचा और चितौनियों को मानते हैं, उनके लिये उसके सब मार्ग करूणा और सच्चाई हैं" (भजन 25:10)। हमारे जीवन के लिए परमेश्वर द्वारा निर्धारित अनेकों मार्ग हमें ऊबड़-खाबड़, उबाऊ तथा कठिन लग सकते हैं; परन्तु वे सभी परमेश्वर के प्रेम और विश्वासयोग्यता के मार्ग हैं। जब हम अपनी जीवन यात्रा के अन्त पर पहुँचेंगे, तब ही हम वास्तविकता को पहचान पाएंगे और तब हम कहेंगे, "परमेश्वर द्वारा मेरे लिए निर्धारित मार्ग सर्वोत्तम और सही थे।" - डेविड रोपर


हमारे मार्गों में बाधाएँ हो सकती हैं, परन्तु परमेश्वर हमारा सच्चा मार्गदर्शक है।

यहोवा यों भी कहता है, सड़कों पर खडे हो कर देखो, और पूछो कि प्राचीनकाल का अच्छा मार्ग कौन सा है, उसी में चलो, और तुम अपने अपने मन में चैन पाओगे। पर उन्होंने कहा, हम उस पर न चलेंगे। - यिर्मयाह 6:16

बाइबल पाठ: भजन 25:4-11
Psalms 25:4 हे यहोवा अपने मार्ग मुझ को दिखला; अपना पथ मुझे बता दे। 
Psalms 25:5 मुझे अपने सत्य पर चला और शिक्षा दे, क्योंकि तू मेरा उद्धार करने वाला परमेश्वर है; मैं दिन भर तेरी ही बाट जोहता रहता हूं। 
Psalms 25:6 हे यहोवा अपनी दया और करूणा के कामों को स्मरण कर; क्योंकि वे तो अनन्तकाल से होते आए हैं। 
Psalms 25:7 हे यहोवा अपनी भलाई के कारण मेरी जवानी के पापों और मेरे अपराधों को स्मरण न कर; अपनी करूणा ही के अनुसार तू मुझे स्मरण कर।
Psalms 25:8 यहोवा भला और सीधा है; इसलिये वह पापियों को अपना मार्ग दिखलाएगा।
Psalms 25:9 वह नम्र लोगों को न्याय की शिक्षा देगा, हां वह नम्र लोगों को अपना मार्ग दिखलाएगा। 
Psalms 25:10 जो यहोवा की वाचा और चितौनियों को मानते हैं, उनके लिये उसके सब मार्ग करूणा और सच्चाई हैं।
Psalms 25:11 हे यहोवा अपने नाम के निमित्त मेरे अधर्म को जो बहुत हैं क्षमा कर।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 50-52
  • 1 थिस्सलुनीकियों 5


सोमवार, 16 अक्टूबर 2017

स्वर्ग में धन


   हमारे नए बने हुए घर को बिजली की तार लगाने में की गई कमियों और त्रुटियों ने जलाकर राख कर दिया, घंटे भर में ही घर के स्थान पर केवल राख का ढेर रह गया था। एक और समय पर जब हम चर्च से लौट कर अपने घर वापस आए तो हमने पाया कि कोई चोर घर में से कुछ सामान चुरा कर ले गया है।

   हमारे इस अपूर्ण संसार में, सांसारिक सम्पत्ति की हानि होना बहुत सामान्य है - गाड़ियाँ चोरी या दुर्घटनाग्रस्त हो जाती हैं, जहाज़ डूब जाते हैं, इमारतें ढह जाती हैं, बाढ़ से घर और सामान बह जाते हैं, व्यक्तिगत सामान चोरी हो जाता है। यह सब प्रभु यीशु मसीह की सांसारिक धन में भरोसा न रखने की शिक्षा (मत्ती 6:19) को बहुत अर्थपूर्ण बना देता है।

   प्रभु यीशु मसीह ने सांसारिक धन की बजाए स्वर्ग में धन के महत्व को समझाने के लिए एक नीतिकथा सुनाई; एक मनुष्य ने बहुत लाभ कमाया और उस धन पर भरोसा रखते हुए अपने भविष्य को सुनिश्चित मान लिया (लूका 12:16-21); उस व्यक्ति ने अपने आप से कहा, "...प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिये बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह"। परन्तु परमेश्वर ने उससे कहा कि उसी रात उसे सब कुछ छोड़ कर जाना पड़ेगा; तब उसके पास क्या रह जाएगा? इस कहानी का निष्कर्ष देते हुए प्रभु यीशु ने कहा, "ऐसा ही वह मनुष्य भी है जो अपने लिये धन बटोरता है, परन्तु परमेश्वर की दृष्टि में धनी नहीं" (लूका 12:21)।

   सांसारिक सम्पत्ति नश्वर है, अस्थायी है। कुछ भी ऐसा नहीं है जो सदा बना रहे, सिवाए उसके जो हम परमेश्वर की इच्छा और मार्गदर्शन में दूसरों की भलाई के लिए करते हैं। स्वर्ग में धन एकत्रित करने (मत्ती 6:20) के कुछ उपाए हैं, अपने समय और संसाधनों में से प्रभु यीशु में पाप क्षमा और उद्धार के सुसमाचार के प्रचार के लिए देना, उनकी सुधि लेना जो अकेले हैं, जो आवश्यकता में हैं उनकी सहायता करना; इत्यादि। स्वर्ग में एकत्रित धन ही अविनाशी और सच्चा धन है। - लॉरेंस दरमानी


हमारा असली धन वह है जो संसार में रहते हुए 
हम आने वाले अनन्त काल के लिए निवेश करते हैं।

इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:33

बाइबल पाठ: मत्ती 6:19-24
Matthew 6:19 अपने लिये पृथ्वी पर धन इकट्ठा न करो; जहां कीड़ा और काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर सेंध लगाते और चुराते हैं। 
Matthew 6:20 परन्तु अपने लिये स्वर्ग में धन इकट्ठा करो, जहां न तो कीड़ा, और न काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर न सेंध लगाते और न चुराते हैं। 
Matthew 6:21 क्योंकि जहां तेरा धन है वहां तेरा मन भी लगा रहेगा। 
Matthew 6:22 शरीर का दिया आंख है: इसलिये यदि तेरी आंख निर्मल हो, तो तेरा सारा शरीर भी उजियाला होगा। 
Matthew 6:23 परन्तु यदि तेरी आंख बुरी हो, तो तेरा सारा शरीर भी अन्धियारा होगा; इस कारण वह उजियाला जो तुझ में है यदि अन्धकार हो तो वह अन्धकार कैसा बड़ा होगा। 
Matthew 6:24 कोई मनुष्य दो स्‍वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर ओर दूसरे से प्रेम रखेगा, वा एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्‍छ जानेगा; “तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते”।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 47-49
  • 1 थिस्सलुनीकियों 4