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सोमवार, 30 अक्टूबर 2017

आँधी-तूफान


   परमेश्वर के वचन बाइबल में मरकुस रचित सुसमाचार में हम एक प्रचण्ड तूफान के बारे में पढ़ते हैं। शिष्य प्रभु यीशु के साथ थे, और वे नाव द्वारा गलील के सागर के पार जा रहे थे, कि वे एक बड़ी आँधी में फंस गए। उन शिष्यों में से कुछ अनुभवी मछुआरे भी थे, परन्तु वे भी आँधी के वेग को देख कर डर गए (मरकुस 4:37-38)। उन शिष्यों के मनों में विचार उठने लगे, क्या परमेश्वर को हमारी कोई चिंता नहीं है? क्या वे प्रभु यीशु द्वारा चुने और नियुक्त किए हुए तथा प्रभु के करीबी नहीं थे? क्या झील के पार जाने में वे प्रभु की आज्ञा का पालन नहीं कर रहे थे? तो फिर उन्हें ऐसी बड़ी आँधी-तूफान का सामना क्यों करना पड़ रहा था?

   जीवन में आँधी-तूफान के अनुभव से कोई अछूता नहीं है। परन्तु जैसे वे शिष्य पहले आँधी से डरे परन्तु फिर उस आँधी के अनुभव के कारण ही प्रभु यीशु के प्रति उनकी श्रद्धा और भी अधिक बढ़ गई, उसी प्रकार जब हम अपने जीवनों में आँधी-तूफानों का सामना करते हैं, तो परमेश्वर और उसके कार्यों के प्रति हमारी समझ और गहरी हो जाती है। उन शिष्यों के मन में कौतहूल था, "यह कौन है, कि आन्‍धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं?" (मरकुस 4:41)। हमारे जीवनों में आने वाले आँधी-तूफानों से हम सीख सकते हैं कि हमारे जीवन का कोई आँधी-तूफान प्रभु परमेश्वर को अपनी इच्छा पूरी करने से नहीं रोक सकता है (मरकुस 5:1)।

   चाहे हम यह नहीं समझ पाएं कि प्रभु परमेश्वर हमारे जीवनों में आँधी-तूफानों क्यों आने देता है, परन्तु हम उसके धन्यवादी हो सकते हैं कि उन में हो कर हम उसके बारे में और अधिक सीख सकते हैं। हर परिस्थिति हमें सिखाती है कि हमारा प्रभु परमेश्वर सदा हमारा ध्यान रखता है, हमारी देखभाल करता है, और हमारी भलाई ही के लिए कार्य करता है। - एल्बर्ट ली


हमारे जीवन के लंगर की सामर्थ्य आँधी-तूफानों में ही प्रकट होती है।

और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो। और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। - 1 पतरस 1:6-7

बाइबल पाठ: मरकुस 4:35-5:1
Mark 4:35 उसी दिन जब सांझ हुई, तो उसने उन से कहा; आओ, हम पार चलें,। 
Mark 4:36 और वे भीड़ को छोड़कर जैसा वह था, वैसा ही उसे नाव पर साथ ले चले; और उसके साथ, और भी नावें थीं। 
Mark 4:37 तब बड़ी आन्‍धी आई, और लहरें नाव पर यहां तक लगीं, कि वह अब पानी से भरी जाती थी। 
Mark 4:38 और वह आप पिछले भाग में गद्दी पर सो रहा था; तब उन्होंने उसे जगाकर उस से कहा; हे गुरू, क्या तुझे चिन्‍ता नहीं, कि हम नाश हुए जाते हैं? 
Mark 4:39 तब उसने उठ कर आन्‍धी को डांटा, और पानी से कहा; “शान्‍त रह, थम जा”: और आन्‍धी थम गई और बड़ा चैन हो गया। 
Mark 4:40 और उन से कहा; तुम क्यों डरते हो? क्या तुम्हें अब तक विश्वास नहीं? 
Mark 4:41 और वे बहुत ही डर गए और आपस में बोले; यह कौन है, कि आँधी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं? 
Mark 5:1 और वे झील के पार गिरासेनियों के देश में पहुंचे।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 20-21
  • 2 तिमुथियुस 4


रविवार, 29 अक्टूबर 2017

सचेत


   बचपन में मैं अपने माता-पिता के साथ अपनी पर-नानी से, जो एक फार्म के निकट रहतीं थीं, मिलने गई। उनके घर का आहता चारों ओर कटीले तारों की बाड़ से घिरा हुआ था, जिसमें बिजली का संचार रहता था, जिससे कि फ़ार्म की गाएं घास चरने के लिए उनके घर के आहते में नहीं गुस आएं। मैंने अपने माता-पिता से बाहर जाकर खेलने की अनुमति माँगी तो उन्होंने अनुमति देते हुए कहा कि मैं बाड़े के निकट सचेत रहूँ, क्योंकि उसे छू लेने से मुझे बिजली का झटका लग जाएगा। दुर्भाग्यवश मैंने उनकी यह चेतावनी नज़रन्दाज़ कर दी और उस बाड़ को छू लिया; तुरंत ही मुझे बिजली का ज़ोर का झटका लगा, ऐसा जो एक गाए को सबक सिखाने लायक था। मैंने तब समझा कि मेरे माता-पिता ने जब मुझे सचेत किया था तो वह मेरी भलाई के लिए था, क्योंकि वे मुझसे प्रेम करते हैं और मुझे किसी हानि में पड़ते हुए देखना नहीं चाहते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई इस्त्राएल की ऐतिहासिक घटनओं में हम पाते हैं कि जब परमेश्वर ने इस्त्राएलियों को मूर्तियाँ बनाते और उनकी उपासना करते हुए देखा, तो उन्हें इसके विरुध्द बारंबार सचेत किया, "और उनके पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने बड़ा यत्न कर के अपने दूतों से उन के पास कहला भेजा, क्योंकि वह अपनी प्रजा और अपने धाम पर तरस खाता था" (2 इतिहास 36:15)। परमेश्वर ने उन से अपने नबी यिर्मयाह द्वारा भी बातें कीं, परन्तु उन इस्त्राएलियों ने उत्तर दिया, "...ऐसा नहीं होने का, हम तो अपनी ही कल्पनाओं के अनुसार चलेंगे और अपने बुरे मन के हठ पर बने रहेंगे" (यिर्मयाह 18:12)। इस कारण परमेश्वर ने उन्हें नबूकद्नेस्सर के हाथ में पड़ने दिया, और नबूकद्नेस्सर ने यरुशलेम को नष्ट कर दिया तथा उसके अधिकांश लोगों को बन्दी बनाकर ले गया।

   हो सकता है कि आज परमेश्वर आपको आपके जीवन के किसी पाप के विषय में सचेत कर रहा है। यदि ऐसा है तो उत्साहित हों, क्योंकि यह इस बात का प्रमाण है कि वह आप से प्रेम करता है (इब्रानियों 12:5-6), और आपको हानि से दूर रखना चाहता है। परमेश्वर ही है जो यह जानता है कि आगे क्या रखा है और आने वाली समस्याओं से हमें सुरक्षित रखना चाहता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर की चेतावनियाँ हमारी रक्षा करने के लिए होती हैं, हमें दण्ड देने के लिए नहीं।

और तुम उस उपदेश को जो तुम को पुत्रों के समान दिया जाता है, भूल गए हो, कि हे मेरे पुत्र, प्रभु की ताड़ना को हलकी बात न जान, और जब वह तुझे घुड़के तो हिम्मत न छोड़। क्योंकि प्रभु, जिस से प्रेम करता है, उस की ताड़ना भी करता है; और जिसे पुत्र बना लेता है, उसको कोड़े भी लगाता है। - इब्रानियों 12:5-6

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 18:1-12
Jeremiah 18:1 यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा, उठ कर कुम्हार के घर जा, 
Jeremiah 18:2 और वहां मैं तुझे अपने वचन सुनवाऊंगा। 
Jeremiah 18:3 सो मैं कुम्हार के घर गया और क्या देखा कि वह चाक पर कुछ बना रहा है! 
Jeremiah 18:4 और जो मिट्टी का बासन वह बना रहा था वह बिगड़ गया, तब उसने उसी का दूसरा बासन अपनी समझ के अनुसार बना दिया। 
Jeremiah 18:5 तब यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा, हे इस्राएल के घराने, 
Jeremiah 18:6 यहोवा की यह वाणी है कि इस कुम्हार के समान तुम्हारे साथ क्या मैं भी काम नहीं कर सकता? देख, जैसा मिट्टी कुम्हार के हाथ में रहती है, वैसा ही हे इस्राएल के घराने, तुम भी मेरे हाथ में हो। 
Jeremiah 18:7 जब मैं किसी जाति वा राज्य के विषय कहूं कि उसे उखाड़ूंगा वा ढा दूंगा अथवा नाश करूंगा, 
Jeremiah 18:8 तब यदि उस जाति के लोग जिसके विषय मैं ने कह बात कही हो अपनी बुराई से फिरें, तो मैं उस विपत्ति के विषय जो मैं ने उन पर डालने को ठाना हो पछताऊंगा। 
Jeremiah 18:9 और जब मैं किसी जाति वा राज्य के विषय कहूं कि मैं उसे बनाऊंगा और रोपूंगा; 
Jeremiah 18:10 तब यदि वे उस काम को करें जो मेरी दृष्टि में बुरा है और मेरी बात न मानें, तो मैं उस भलाई के विष्य जिसे मैं ने उनके लिये करने को कहा हो, पछताऊंगा। 
Jeremiah 18:11 इसलिये अब तू यहूदा और यरूशलेम के निवासियों यह कह, यहोवा यों कहता है, देखो, मैं तुम्हारी हानि की युक्ति और तुम्हारे विरुध्द प्रबन्ध कर रहा हूँ। इसलिये तुम अपने अपने बुरे मार्ग से फिरो और अपना अपना चालचलन और काम सुधारो। 
Jeremiah 18:12 परन्तु वे कहते हैं, ऐसा नहीं होने का, हम तो अपनी ही कल्पनाओं के अनुसार चलेंगे और अपने बुरे मन के हठ पर बने रहेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 18-19
  • 2 तिमुथियुस 3


शनिवार, 28 अक्टूबर 2017

संपत्ति


   सितंबर 2011 के आरंभ में जंगल में लगी प्रचण्ड आग ने एक नगर के किनारे पर स्थित 600 घरों को जला कर राख कर दिया। इस घटना के कुछ सप्ताह पश्चात, एक स्थानीय अखबार में इससे संबंधित लेख छपा, जिसका शीर्षक था, "जिन्होंने सर्वाधिक खोया, वे उसपर ध्यान लगा रहे हैं जो नहीं खोया।" उस लेख में स्थानीय समाज के लोगों द्वारा उदार सहायता का वर्णन किया गया था। पड़ौसियों, मित्रों और स्थानीय समाज के लोगों से मिली इस सहायता-भावना की कीमत उस संपत्ति की कीमत से कहीं अधिक थी जिसे वे आग में गवाँ चुके थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों के लेखक ने प्रथम शताबदी के मसीही अनुयायियों को स्मरण दिलाया कि वे उस सताव को याद करें जिसे वे अपने विश्वास के जीवन के आरंभ में झेल चुके थे। कैसे, उन पर आई निन्दा और क्लेश में, वे अन्य मसीही विश्वासियों के साथ स्थिर खड़े रहे थे (इब्रानियों 10:32-33)। लेखक ने कहा, "क्योंकि तुम कैदियों के दुख में भी दुखी हुए, और अपनी संपत्ति भी आनन्द से लुटने दी; यह जान कर, कि तुम्हारे पास एक और भी उत्तम और सर्वदा ठहरने वाली संपत्ति है" (इब्रानियों 10:34)। उन मसीही विश्वासियों का ध्यान उस पर नहीं था जो उन्होंने खोया था, परन्तु अनन्त काल की वस्तुओं पर था; उस संपत्ति पर जो उनसे कभी छीनी नहीं जा सकती थी।

   प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से कहा, "क्योंकि जहां तेरा धन है वहां तेरा मन भी लगा रहेगा" (मत्ती 6:21)। यदि हमारी संपत्ति सांसारिक है तो हमारा ध्यान भी सांसारिक वस्तुओं पर लगा रहेगा, और यदि हमारी संपत्ति स्वर्गीय है तो हमारा ध्यान भी स्वर्गीय वस्तुओं पर लगा रहेगा। जब हम अपने प्रभु परमेश्वर पर, और उसमें होकर जो कुछ हमें मिलता है, उसपर ध्यान लगाए रखते हैं तो सांसारिक संपत्ति की संभावित हानि से हम विचलित नहीं होंगे। - डेविड मैक्कैसलैंड


आज आपका ध्यान कौन सी संपत्ति पर है?

सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। - कुलुस्सियों 3:1-2

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:32-39
Hebrews 10:32 परन्तु उन पहिले दिनों को स्मरण करो, जिन में तुम ज्योति पाकर दुखों के बड़े झमेले में स्थिर रहे। 
Hebrews 10:33 कुछ तो यों, कि तुम निन्‍दा, और क्‍लेश सहते हुए तमाशा बने, और कुछ यों, कि तुम उन के साझी हुए जिन की र्दुदशा की जाती थी। 
Hebrews 10:34 क्योंकि तुम कैदियों के दुख में भी दुखी हुए, और अपनी संपत्ति भी आनन्द से लुटने दी; यह जान कर, कि तुम्हारे पास एक और भी उत्तम और सर्वदा ठहरने वाली संपत्ति है। 
Hebrews 10:35 सो अपना हियाव न छोड़ो क्योंकि उसका प्रतिफल बड़ा है। 
Hebrews 10:36 क्योंकि तुम्हें धीरज धरना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्छा को पूरी कर के तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ। 
Hebrews 10:37 क्योंकि अब बहुत ही थोड़ा समय रह गया है जब कि आने वाला आएगा, और देर न करेगा। 
Hebrews 10:38 और मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा, और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उस से प्रसन्न न होगा। 
Hebrews 10:39 पर हम हटने वाले नहीं, कि नाश हो जाएं पर विश्वास करने वाले हैं, कि प्राणों को बचाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 15-17
  • 2 तिमुथियुस 2


शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2017

अवसर


   मैंने आज कुछ बहुत दुःखद शब्द सुने। दो मसीही विश्वासी एक ऐसे विषय पर चर्चा कर रहे थे जिस पर वे भिन्न विचार रखते थे। उनमें जो वरिष्ठ था, वह आत्मसन्तुष्ट लग रहा था और परमेश्वर के वचन बाइबल की शिक्षाओं का, दूसरे के जीवन में उसे दिखाई देने वाली कमियों पर प्रहार करने और उनकी छंटाई करने के लिए, एक हथियार के समान प्रयोग कर रहा था। वह दूसरा और दिखने में कनिष्ठ व्यक्ति उसके उपदेश से ऊबा हुआ और हतोत्साहित दिखाई दे रहा था। चर्चा के अन्त की ओर आने पर वरिष्ठ व्यक्ति ने दूसरे की प्रत्यक्ष अरुचि पर टिप्पणी करते हुए कहना आरंभ किया, "तुम पहले कितने इच्छुक हुआ करते थे" और फिर अचानक ही थम गया, और बोला "समझ में नहीं आता कि तुम चाहते क्या हो।"

   इस पर उस दूसरे और कनिष्ठ व्यक्ति ने कहा, "आप ने मेरे प्रति प्रेम दिखाने के अवसर को गवाँ दिया है। जितने समय से आप मुझे जानते हैं, ऐसा लगता है कि जिस एक बात की आप को चिंता रहती है, वह है मुझ में गलतियाँ निकालना। मुझे क्या चाहिए? मैं प्रभु यीशु को देखना चाहता हूँ - आप में और आपके द्वारा।"

   मैंने सोचा, यदि यह बात मुझ से कही गई होती तो मैं टूट कर बिखर गया होता। उस पल में मैंने समझ लिया कि परमेश्वर का पवित्र आत्मा मुझ से कह रहा है कि मेरे जीवन में भी ऐसे अवसर आए हैं जब मैंने प्रेम प्रदर्शित करने के अवसर गवाँ दिए हैं। और मैं यह भी जानता हूँ कि कई लोग मेरे जीवन में भी प्रभु यीशु को नहीं देख सके हैं।

   प्रेरित पौलुस कहता है कि हम जो कुछ भी करते हैं, उसका आधारभूत कारण प्रेम ही होना चाहिए (1 कुरिन्थियों 13:1-4)। हम अपने जीवनों में ध्यान रखें कि मसीही व्यवहार एवं चरित्र को दिखाने का जब भी अगला अवसर आए तो हम उसे गवाँ न दें। - रैंडी किलगोर


प्रेम प्रदर्शन करना उपदेश देने से सदैव ही अधिक प्रभावी होता है।

हे बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। - 1 यूहन्ना 3:18

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 13
1 Corinthians 13:1 यदि मैं मनुष्यों, और सवर्गदूतों की बोलियां बोलूं, और प्रेम न रखूं, तो मैं ठनठनाता हुआ पीतल, और झंझनाती हुई झांझ हूं। 
1 Corinthians 13:2 और यदि मैं भविष्यद्वाणी कर सकूं, और सब भेदों और सब प्रकार के ज्ञान को समझूं, और मुझे यहां तक पूरा विश्वास हो, कि मैं पहाड़ों को हटा दूं, परन्तु प्रेम न रखूं, तो मैं कुछ भी नहीं। 
1 Corinthians 13:3 और यदि मैं अपनी सम्पूर्ण संपत्ति कंगालों को खिला दूं, या अपनी देह जलाने के लिये दे दूं, और प्रेम न रखूं, तो मुझे कुछ भी लाभ नहीं। 
1 Corinthians 13:4 प्रेम धीरजवन्‍त है, और कृपाल है; प्रेम डाह नहीं करता; प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं। 
1 Corinthians 13:5 वह अनरीति नहीं चलता, वह अपनी भलाई नहीं चाहता, झुंझलाता नहीं, बुरा नहीं मानता। 
1 Corinthians 13:6 कुकर्म से आनन्‍दित नहीं होता, परन्तु सत्य से आनन्‍दित होता है। 
1 Corinthians 13:7 वह सब बातें सह लेता है, सब बातों की प्रतीति करता है, सब बातों की आशा रखता है, सब बातों में धीरज धरता है। 
1 Corinthians 13:8 प्रेम कभी टलता नहीं; भविष्यद्वाणियां हों, तो समाप्‍त हो जाएंगी, भाषाएं हो तो जाती रहेंगी; ज्ञान हो, तो मिट जाएगा। 
1 Corinthians 13:9 क्योंकि हमारा ज्ञान अधूरा है, और हमारी भविष्यद्वाणी अधूरी। 
1 Corinthians 13:10 परन्तु जब सवर्सिद्ध आएगा, तो अधूरा मिट जाएगा। 
1 Corinthians 13:11 जब मैं बालक था, तो मैं बालकों के समान बोलता था, बालकों का सा मन था बालकों की सी समझ थी; परन्तु सियाना हो गया, तो बालकों की बातें छोड़ दीं। 
1 Corinthians 13:12 अब हमें दर्पण में धुंधला सा दिखाई देता है; परन्तु उस समय आमने साम्हने देखेंगे, इस समय मेरा ज्ञान अधूरा है; परन्तु उस समय ऐसी पूरी रीति से पहिचानूंगा, जैसा मैं पहिचाना गया हूं। 
1 Corinthians 13:13 पर अब विश्वास, आशा, प्रेम ये तीनों स्थाई है, पर इन में सब से बड़ा प्रेम है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 12-14
  • 2 तिमुथियुस 1


गुरुवार, 26 अक्टूबर 2017

हृदय में


   मैं डिजिटल पत्रिकाओं को पढ़ने की आदि होती जा रही हूँ, और ऐसा करना मुझे अच्छा भी लगता है क्योंकि इसके द्वारा मैं पेड़ों को कटने से बचाने में अपना थोड़ा सा योगदान दे रही हूँ। साथ ही मुझे अब उन पत्रिकाओं के डाक द्वारा आने की प्रतीक्षा भी नहीं करनी पड़ती है; छपते ही उनके डिजिटल संसकरण पढ़ने के लिए तुरंत उपलब्ध हो जाते हैं। परन्तु मैं छपी हुई पत्रिकाओं की कमी अवश्य अनुभव करती हूँ, क्योंकि मुझे उनके चिकने चमकदार पन्नों पर ऊँगलियाँ फेरना, और उन में से अपनी पसन्द के भोजन बनाने की विधियाँ काट कर संजोना अच्छा लगता है।

   मेरे पास डिजिटल पुस्तकों को पढ़ने के अपने उपकरण में बाइबल का डिजिटल संसकरण भी है। परन्तु अभी भी मेरी सबसे पसन्दीदा बाइबल, छपी हुई बाइबल ही है, जिसे मैंने कई बार पढ़ा है और जिसमें मैंने कई स्थानों पर रेखांकन भी किया हुआ है। हम छपे हुए पन्नों का भविष्य तो नहीं जानते हैं, परन्तु एक बात अवश्य जानते हैं: परमेश्वर के वचन बाइबल का सर्वोत्तम स्थान न तो हमारे सेल फोन, और न ही पढ़ने के डिजिटल उपकरण हैं; और न ही उसे हमारी बिस्तर के निकट की मेज़ पर या फिर पुस्तकों की अलमारी में होना चाहिए।

   बाइबल में ही हम उसके सर्वोत्तम स्थान के विषय लिखा हुआ पाते हैं - हमारे हृदयों में; भजनकार ने लिखा: "मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं" (भजन 119:11)। किसी भी मनुष्य के लिए परमेश्वर के वचन पर मनन करने, परमेश्वर के बारे में और अधिक सीखने, उसके वचन को अपने व्यावाहरिक जीवन में अधिकाई से प्रयोग करते रहने से बढ़कर लाभदायक और कुछ नहीं है। इस जीवते, सच्चे, अटल और अपरिवर्त्नीय वचन का सर्वोत्तम स्थान हमारे हृदय की गहराईयाँ, हमारा प्राण, हमारी आत्मा है।

   हमारे पास बाइबल को न पढ़ने, उस पर मनन न करने, उसे स्मरण न करने, उसके अनुसार अपने जीवन को निर्देषित नहीं करने के अनेकों बहाने हो सकते हैं, परन्तु हम सबको इस जीवन संवारने और बनाने वाले वचन की आवश्यकता है। मेरी प्रार्थना है कि परमेश्वर हमारी सहायता करे कि हम उसके इस अमूल्य वचन को सर्वोत्तम संभव स्थान में रख सकें - अपने हृदय में! - कीला ओकोआ


परमेश्वर के वचन का सर्वोत्तम स्थान हमार हृदय है।

तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है; उस से भोले लोग समझ प्राप्त करते हैं। - भजन 119:130

बाइबल पाठ: भजन 119:9-16
Psalms 119:9 जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन के अनुसार सावधान रहने से। 
Psalms 119:10 मैं पूरे मन से तेरी खोज मे लगा हूं; मुझे तेरी आज्ञाओं की बाट से भटकने न दे! 
Psalms 119:11 मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं। 
Psalms 119:12 हे यहोवा, तू धन्य है; मुझे अपनी विधियां सिखा! 
Psalms 119:13 तेरे सब कहे हुए नियमों का वर्णन, मैं ने अपने मुंह से किया है। 
Psalms 119:14 मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानों सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूं। 
Psalms 119:15 मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूंगा। 
Psalms 119:16 मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 9-11
  • 1 तिमुथियुस 6


बुधवार, 25 अक्टूबर 2017

आचरण और व्यवहार


   हमारे चर्च द्वारा आयोजित की गई सुसमाचार प्रचार सेवा का अन्त एक सभा के साथ हुआ, जिसमें सारे शहर से लोगों को आमंत्रित किया गया था। जिस दल ने इस सेवा-कार्य को आयोजित तथा संचालित किया था, जब उसके सदस्य, जिनमें हमारे चर्च के युवाओं की संगीत मण्डली, परामर्शदाता, और अगुवे सम्मिलित थे, मंच पर आए तो हम सबने बड़े उत्साह से तालियाँ बजाकर उनका स्वागत किया, और उनके द्वारा किए गए कठिन परिश्रम के लिए उनकी सराहना की। लेकिन एक व्यक्ति था जो पूरे कार्यक्रम में लगभग अप्रत्यक्ष रहा; वह था उस दल का अगुवा। कुछ दिन के बाद जब मेरी उससे मुलाकात हुई, तो मैंने उसे धन्यवाद एवं उसके कार्य के लिए उसे शुभकामनाएँ देते हुए कहा, हमने कार्यक्रम के दौरान आपको बहुत कम देखा। उसने कहा, "मैं पृष्ठभूमि में रहकर कार्य करता हूँ"; उसे अपने लिए सम्मान और पहचान अर्जित करने में कोई रुचि नहीं थी। उसका उद्देश्य था कि जिन लोगों ने परिश्रम किया था, उनकी सराहना हो।

   उसका यह शान्त और निःस्वार्थ व्यवहार मेरे लिए मसीही आचरण पर एक पूरा प्रचार सन्देश था। इसने मुझे स्मरण करवाया कि प्रभु परमेश्वर की सेवकाई में, मुझे अपने लिए सम्मान या पहचान अर्जित करने के प्रयास नहीं करने चाहिएं। चाहे मुझे प्रगट रूप में सम्मान अथ्वा सराहना मिले या नहीं, मैं अपने प्रभु परमेश्वर को सदा आदर दे सकता हूँ, उसके कार्य को पूरा कर सकता हूँ। जब मैं अपने व्यवहार और आचरण में प्रभु यीशु मसीह को सर्वोपरि रखूँगा, तो यह मेरे अन्दर ईर्ष्या और दूसरों के साथ व्यर्थ होड़ में पड़ने की भावना को पनपने से दबा कर रखेगा।

   मेरे जीवन की हर बात में मेरा प्रयास होना चाहिए कि, मुझमें और मेरे द्वारा बस प्रभु यीशु "बढ़े और मैं घटूँ" (यूहन्ना 3:30), क्योंकि वही "सर्वोत्तम है" (यूहन्ना 3:31)। जब यह बात हमारे आचरण और व्यवहार को निर्देषित करेगी, तब ही हम परमेश्वर के कार्य को बढ़ता और उन्नत होता हुए देखेंगे। हम जो भी करते हैं, उसमें और उससे हमें नहीं, प्रभु यीशु मसीह को महिमा मिलनी चाहिए। - लॉरेंस दरमानी


महिमा का स्थान सदा प्रभु यीशु मसीह के लिए है।

इस कारण हमारे मन की उमंग यह है, कि चाहे साथ रहें, चाहे अलग रहें पर हम उसे[प्रभु यीशु मसीह को] भाते रहें। - 2 कुरिन्थियों 5:9

बाइबल पाठ: यूहन्ना 3:22-31
John 3:22 इस के बाद यीशु और उसके चेले यहूदिया देश में आए; और वह वहां उन के साथ रहकर बपतिस्मा देने लगा। 
John 3:23 और यूहन्ना भी शालेम् के निकट ऐनोन में बपतिस्मा देता था। क्योंकि वहां बहुत जल था और लोग आकर बपतिस्मा लेते थे। 
John 3:24 क्योंकि यूहन्ना उस समय तक जेलखाने में नहीं डाला गया था। 
John 3:25 वहां यूहन्ना के चेलों का किसी यहूदी के साथ शुद्धि के विषय में वाद-विवाद हुआ। 
John 3:26 और उन्होंने यूहन्ना के पास आकर उस से कहा, हे रब्बी, जो व्यक्ति यरदन के पार तेरे साथ था, और जिस की तू ने गवाही दी है देख, वह बपतिस्मा देता है, और सब उसके पास आते हैं। 
John 3:27 यूहन्ना ने उत्तर दिया, जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाए तब तक वह कुछ नहीं पा सकता। 
John 3:28 तुम तो आप ही मेरे गवाह हो, कि मैं ने कहा, मैं मसीह नहीं, परन्तु उसके आगे भेजा गया हूं। 
John 3:29 जिस की दुलहिन है, वही दूल्हा है: परन्तु दूल्हे का मित्र जो खड़ा हुआ उस की सुनता है, दूल्हे के शब्द से बहुत हर्षित होता है; अब मेरा यह हर्ष पूरा हुआ है। 
John 3:30 अवश्य है कि वह बढ़े और मैं घटूं।
John 3:31 जो ऊपर से आता है, वह सर्वोत्तम है, जो पृथ्वी से आता है वह पृथ्वी का है; और पृथ्वी की ही बातें कहता है: जो स्वर्ग से आता है, वह सब के ऊपर है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 6-8
  • 1 तिमुथियुस 5


मंगलवार, 24 अक्टूबर 2017

अदृश्य तथा अनुपयोगी


   मैं जहाँ रहती हूँ, वहाँ के लिए यह वर्ष का वह समय है जब पौधे मृत्यु को चुनौती देते हुए धरती के नीचे छिप जाते हैं जब तक की उनके लिए पुनः बाहर निकलना सुरक्षित नहीं हो जाता है। बर्फ के आने और धरती के जम जाने से पहले वे पौधे अपने मनोरम फूलों और हरियाली को तज कर निष्क्रीय हो जाते हैं; और अगले उपजाऊ मौसम तक के लिए ऊर्जा बचाते हैं, विश्राम करते हैं। चाहे वे मृतक प्रतीत होते हैं, परन्तु वास्तव में वे मृतक होते नहीं हैं; वे बस शान्त होकर अनुकूल समय और ऋतु की प्रतीक्षा कर रहे होते हैं। जब बर्फ पिघलती है, धरती का ठंड से जमना समाप्त होता है, उन पौधों से फिर नए जीवन के चिन्ह दिखाई देने लगते हैं, और वे अपने सृष्टिकर्ता के प्रति अभिवादन और धन्यवाद के रूप में चटकीले रंगों और मनोहर सुगन्ध का भण्डार बिखेर देते हैं।

   जीवन के मौसमों की कभी-कभी माँग होती है कि हम भी कुछ समय निष्क्रीय होकर अपनी ऊर्जा को बचाएं, विश्राम करें, शान्ति से रहें। हम चाहे संसार के लिए अदृध्य से हो जाएं, परन्तु हम समाप्त नहीं हो गए हैं, केवल अनुकूल समय और परिस्थितियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। चाहे हमें लगे कि हम अयोग्य हो गए हैं, परमेश्वर शायद हमें फिर कभी उपयोग नहीं करेगा; परन्तु ये समय हमारी सुरक्षा और तैयारी के लिए होते हैं। जब समय सही और परिस्थितियाँ अनुकूल होंगीं, परमेश्वर हम को फिर से सक्रीय कर के अपनी सेवकाई और आराधना के लिए उपयोग करेगा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख नायक, मूसा, ने भी ऐसे ही समयों का अनुभव किया। जब मूसा ने एक मिस्त्री व्यक्ति को उसकी जाति के इब्री जन को मारते हुए देखा, तो उसने उस मिस्त्री की हत्या कर दी, परन्तु फिर उसे अपनी जान बचा कर दूर मिदियानियों के देश में भाग कर जाना पड़ा (निर्गमन 2:11-22)। वह चालीस वर्ष तक वहाँ एक चरवाहे का कार्य करता रहा; परमेश्वर मूसा की रक्षा करते हुए उसे उसके जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी के लिए तैयार कर रहा था (निर्गमन 3:10)। अपनी इसी ज़िम्मेदारी को पूरा करने के कारण आज भी संसार भर में मूसा का इतना नाम और आदर है।

   इसलिए परिस्थितियों और परेशानियों से, अपने एकाकीपन से, हतोत्साहित न हों। परमेश्वर से मिले विश्राम के समय को आने वाली ज़िम्मेदारियों के निर्वाह की तैयारी में लगाएं। परमेश्वर के लिए हम कभी अदृश्य तथा अनुपयोगी नहीं होते हैं; अपने समय और योजना के अनुसार वह हमें फिर से अपने लिए खड़ा करता है, उपयोग करता है। - जूली ऐकरमैन लिंक


परमेश्वर के लिए कोई अदृश्य या अनुपयोगी नहीं है।

हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है। - सभोपदेशक 3:1 

बाइबल पाठ: निर्गमन 2:11-22
Exodus 2:11 उन दिनों में ऐसा हुआ कि जब मूसा जवान हुआ, और बाहर अपने भाई बन्धुओं के पास जा कर उनके दु:खों पर दृष्टि करने लगा; तब उसने देखा, कि कोई मिस्री जन मेरे एक इब्री भाई को मार रहा है। 
Exodus 2:12 जब उसने इधर उधर देखा कि कोई नहीं है, तब उस मिस्री को मार डाला और बालू में छिपा दिया।
Exodus 2:13 फिर दूसरे दिन बाहर जा कर उसने देखा कि दो इब्री पुरूष आपस में मारपीट कर रहे हैं; उसने अपराधी से कहा, तू अपने भाई को क्यों मारता है? 
Exodus 2:14 उसने कहा, किस ने तुझे हम लोगों पर हाकिम और न्यायी ठहराया? जिस भांति तू ने मिस्री को घात किया क्या उसी भांति तू मुझे भी घात करना चाहता है? तब मूसा यह सोचकर डर गया, कि निश्चय वह बात खुल गई है। 
Exodus 2:15 जब फिरौन ने यह बात सुनी तब मूसा को घात करने की युक्ति की। तब मूसा फिरौन के साम्हने से भागा, और मिद्यान देश में जा कर रहने लगा; और वह वहां एक कुएं के पास बैठ गया। 
Exodus 2:16 मिद्यान के याजक की सात बेटियां थी; और वे वहां आकर जल भरने लगीं, कि कठौतों में भरके अपने पिता की भेड़-बकरियों को पिलाएं। 
Exodus 2:17 तब चरवाहे आकर उन को हटाने लगे; इस पर मूसा ने खड़ा हो कर उनकी सहायता की, और भेड़-बकरियों को पानी पिलाया। 
Exodus 2:18 जब वे अपने पिता रूएल के पास फिर आई, तब उसने उन से पूछा, क्या कारण है कि आज तुम ऐसी फुर्ती से आई हो? 
Exodus 2:19 उन्होंने कहा, एक मिस्री पुरूष ने हम को चरवाहों के हाथ से छुड़ाया, और हमारे लिये बहुत जल भरके भेड़-बकरियों को पिलाया। 
Exodus 2:20 तब उसने अपनी बेटियों से कहा, वह पुरूष कहां है? तुम उसको क्यों छोड़ आई हो? उसको बुला ले आओ कि वह भोजन करे। 
Exodus 2:21 और मूसा उस पुरूष के साथ रहने को प्रसन्न हुआ; उसने उसे अपनी बेटी सिप्पोरा को ब्याह दिया। 
Exodus 2:22 और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ, तब मूसा ने यह कहकर, कि मैं अन्य देश में परदेशी हूं, उसका नाम गेर्शोम रखा।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 3-5
  • 1 तिमुथियुस 4