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मंगलवार, 25 सितंबर 2018

वचन



      Our Daily Bread का संपादक होने के मेरे प्रारंभिक दिनों की बात है, मुझे प्रकाशित होने वाली प्रत्यक माह के संदेशों की पुस्तिका के जिल्द-पृष्ठ पर छापने के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में से पद चुनने होते थे। कुछ समय तक यह करते रहने के बाद मैं सोचने लगा कि मेरे इस कार्य से किसी को कोई फर्क पड़ता भी है?

      इसके कुछ समय बाद ही एक महिला पाठक का पत्र आया, जिसमें उसने विवरण दिया कि कैसे वह अपने बेटे के उद्धार के लिए बीस वर्ष से भी अधिक समय से प्रार्थना कर रही थी, परन्तु उसके बेटे को प्रभु यीशु से कोई सरोकार नहीं था। फिर एक दिन जब वह उससे मिलने आया हुआ था, तो मेज़ पर रखी उस सन्देश पुस्तिका की जिल्द पर लिखे पद को उसने पढ़ा, और परमेश्वर के आत्मा ने उस वचन के द्वारा उसे कायल किया, और उसने उसी पल अपने पापों से पश्चाताप कर के अपना जीवन प्रभु यीशु को समर्पित कर दिया।

      मुझे न तो वह पद स्मरण है और न ही उस महिला का नाम; परन्तु उस दिन परमेश्वर से मिले उस सन्देश की स्पष्टता को मैं कभी नहीं भूलूंगा। परमेश्वर ने उस महिला की प्रार्थनाओं का उत्तर देने के लिए एक ऐसे पद का प्रयोग किया जो लगभग एक वर्ष पहले चुना गया था। समय के परे के स्थान से परमेश्वर ने अपनी उपस्थिति के अचरज को मेरे कार्य और अपने वचन में होकर प्रगट किया।

      प्रभु यीशु के शिष्य यूहन्ना ने प्रभु यीशु को “जीवन का वचन” कहा (1 यूहन्ना 1:1)। वह चाहता था कि सब जानें कि इसका अर्थ क्या है; उसने प्रभु यीशु के विषय लिखा: “...तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ। जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो...” (पद 2-3)।

      किसी पृष्ठ पर कुछ शब्द लिख देने में कुछ भी करिशमाई नहीं है। परन्तु पवित्र-शास्त्र के वचनों में जीवन बदल देने वाली सामर्थ्य है, क्योंकि वे हमें “जीवन का वचन” प्रभु यीशु मसीह की ओर अग्रसर करते हैं। - टिम गुस्ताफ्सन


वे वचन जो हमें प्रभु यीशु की ओर अग्रसर करते हैं सदा ही महत्वपूर्ण होते हैं।

शमौन पतरस ने उसको उत्तर दिया, कि हे प्रभु हम किस के पास जाएं? अनन्त जीवन की बातें तो तेरे ही पास हैं। और हम ने विश्वास किया, और जान गए हैं, कि परमेश्वर का पवित्र जन तू ही है। - यूहन्ना 6:68-69

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 1:1-4
1 John 1:1 उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा; और हाथों से छूआ।
1 John 1:2 (यह जीवन प्रगट हुआ, और हम ने उसे देखा, और उस की गवाही देते हैं, और तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ)।
1 John 1:3 जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो; और हमारी यह सहभागिता पिता के साथ, और उसके पुत्र यीशु मसीह के साथ है।
1 John 1:4 और ये बातें हम इसलिये लिखते हैं, कि हमारा आनन्द पूरा हो जाए।


एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 6-8
  • गलतियों 4



सोमवार, 24 सितंबर 2018

अग्रसर



      मुझे रिले दौड़ देखना पसन्द है। उन धावकों की शारीरिक सामर्थ्य, तीव्र गति, कौशल, और सहनशक्ति मुझे चकित करते हैं। परन्तु उस दौड़ का एक निर्णायक पल सदा ही मेरे ध्यान को खींचता है और मुझे व्याकुल करता है। यह वह पल है जब एक धावक से दूसरे को बैटन (डंडा) पकड़ाया जाता है। विलम्ब का एक क्षण, एक चूक, और दौड़ हारी जा सकती है।

      एक रीति से मसीही विश्वासी भी, अपने विश्वास और प्रभु तथा उसके वचन के ज्ञान के “बैटन” को लिए हुए, एक प्रकार की रिले दौड़ में हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें इस “बैटन” को एक से दूसरी पीढ़ी को थमाने के दायित्व के बारे में बताती है । भजन 78 में भजनकार आसाप ने कहा: “...मैं प्राचीन काल की गुप्त बातें कहूंगा, जिन बातों को हम ने सुना, और जान लिया, और हमारे बाप दादों ने हम से वर्णन किया है।  उन्हे हम उनकी सन्तान से गुप्त न रखेंगें, परन्तु होनहार पीढ़ी के लोगों से, यहोवा का गुणानुवाद और उसकी सामर्थ और आश्चर्यकर्मों का वर्णन करेंगें” (पद 2-4)।

      मूसा ने भी कुछ ऐसा ही इस्राएलियों से भी कहा: “यह अत्यन्त आवश्यक है कि तुम अपने विषय में सचेत रहो, और अपने मन की बड़ी चौकसी करो, कहीं ऐसा न हो कि जो जो बातें तुम ने अपनी आंखों से देखीं उन को भूल जाओ, और वह जीवन भर के लिये तुम्हारे मन से जाती रहे; किन्तु तुम उन्हें अपने बेटों पोतों को सिखाना” (व्यवस्थाविवरण 4:9)।

      हम मसीही विश्वासियों के लिए निर्देश है कि, प्रेम और साहस के साथ भरसक प्रयास करें कि “...जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण...” (1 पतरस 2:9), और उसकी शिक्षाओं को आने वाली पीढ़ियों को सौंपें जिससे वे भी परमेश्वर की निकटता और समझ-बूझ में बढ़ सकें, मसीही जीवन में अग्रसर हो सकें। - लॉरेंस दरमानी


आज मसीह के लिए जीवन व्यतीत करने के द्वारा
 हम भावी पीढ़ियों पर भला प्रभाव डालते हैं।

और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी हैं, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों। - 2 तिमुथियुस 2:2

बाइबल पाठ: भजन 78:1-8
Psalms 78:1 हे मेरे लोगों, मेरी शिक्षा सुनो; मेरे वचनों की ओर कान लगाओ!
Psalms 78:2 मैं अपना मूंह नीतिवचन कहने के लिये खोलूंगा; मैं प्राचीन काल की गुप्त बातें कहूंगा,
Psalms 78:3 जिन बातों को हम ने सुना, और जान लिया, और हमारे बाप दादों ने हम से वर्णन किया है।
Psalms 78:4 उन्हे हम उनकी सन्तान से गुप्त न रखेंगें, परन्तु होनहार पीढ़ी के लोगों से, यहोवा का गुणानुवाद और उसकी सामर्थ्य और आश्चर्यकर्मों का वर्णन करेंगें।
Psalms 78:5 उसने तो याकूब में एक चितौनी ठहराई, और इस्त्राएल में एक व्यवस्था चलाई, जिसके विषय उसने हमारे पितरों को आज्ञा दी, कि तुम इन्हे अपने अपने लड़के बालों को बताना;
Psalms 78:6 कि आने वाली पीढ़ी के लोग, अर्थात जो लड़के बाले उत्पन्न होने वाले हैं, वे इन्हे जानें; और अपने अपने लड़के बालों से इनका बखान करने में उद्यत हों, जिस से वे परमेश्वर का आसरा रखें,
Psalms 78:7 और ईश्वर के बड़े कामों को भूल न जाएं, परन्तु उसकी आज्ञाओं का पालन करते रहें;
Psalms 78:8 और अपने पितरों के समान न हों, क्योंकि उस पीढ़ी के लोग तो हठीले और झगड़ालू थे, और उन्होंने अपना मन स्थिर न किया था, और न उनकी आत्मा ईश्वर की ओर सच्ची रही।


एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 4-5
  • गलतियों 3



रविवार, 23 सितंबर 2018

वचन



      उनके पिता के देहांत के कुछ दिन पश्चात, 30 वर्षीय सी. एस. ल्यूइस को उस महिला का पत्र मिला, जिसने बीस वर्ष से भी अधिक पहले बीमारी और देहांत के समय में उनकी माँ की देखभाल की थी। उस महिला ने उनकी क्षति के लिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उनसे पूछा कि क्या उन्हें उसकी स्मृति है? ल्यूइस ने उसे उत्तर दिया, “मेरी प्रिय नर्स डेविसन, आपकी स्मृति है कि नहीं; जी हाँ, आप मुझे याद हैं।”

      ल्यूइस ने स्मरण किया कि उस कठिन समय में उनके घर में उसकी उपस्थिति का उनके, उनके भाई, और उनके पिता के लिए कितना अधिक महत्व था। उन्होंने सहानुभूति के उसके शब्दों के लिए उसका धन्यवाद किया और कहा, “उन बीते दिनों की यादों में लौट जाना बहुत सांतवना देता है। वह समय जब आप मेरी माँ के साथ थीं एक बच्चे के लिए बहुत लंबा समय था और आप हमारे घर का एक भाग बन गई थीं।”

      जब हम जीवन की परिस्थितियों के साथ संघर्ष करते हैं, दूसरों से मिलने वाला प्रोत्साहन का एक शब्द हमारी आत्मा को उभार सकता है और हमारी आँखे प्रभु की ओर उठा सकता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में पुराने नियम के भविष्यद्वक्ता यशायाह ने लिखा “प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं” (यशायाह 50:4)। जब हम प्रभु की ओर देखेते हैं, तो उससे हमने आशा और अन्धकार में ज्योति के वचन मिलते हैं। - डेविड मैक्कैस्लैंड


दयालु शब्द बोझिल हृदय को उभार सकते हैं।

क्योंकि मैं तुम्हें ऐसा बोल और बुद्धि दूंगा, कि तुम्हारे सब विरोधी साम्हना या खण्‍डन न कर सकेंगे। - लूका 21:15

बाइबल पाठ: यशायाह 50:4-10
Isaiah 50:4 प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं।
Isaiah 50:5 प्रभु यहोवा ने मेरा कान खोला है, और मैं ने विरोध न किया, न पीछे हटा।
Isaiah 50:6 मैं ने मारने वालों को अपनी पीठ और गलमोछ नोचने वालों की ओर अपने गाल किए; अपमानित होने और थूकने से मैं ने मुंह न छिपाया।
Isaiah 50:7 क्योंकि प्रभु यहोवा मेरी सहायता करता है, इस कारण मैं ने संकोच नहीं किया; वरन अपना माथा चकमक के समान कड़ा किया क्योंकि मुझे निश्चय था कि मुझे लज्जित होना न पड़ेगा।
Isaiah 50:8 जो मुझे धर्मी ठहराता है वह मेरे निकट है। मेरे साथ कौन मुकद्दमा करेगा? हम आमने-साम्हने खड़े हों। मेरा विरोधी कौन है? वह मेरे निकट आए।
Isaiah 50:9 सुनो, प्रभु यहोवा मेरी सहायता करता है; मुझे कौन दोषी ठहरा सकेगा? देखो, वे सब कपड़े के समान पुराने हो जाएंगे; उन को कीड़े खा जाएंगे।।
Isaiah 50:10 तुम में से कौन है जो यहोवा का भय मानता और उसके दास की बातें सुनता है, जो अन्धियारे में चलता हो और उसके पास ज्योति न हो? वह यहोवा के नाम का भरोसा रखे, और अपने परमेश्वर पर आशा लगाए रहे।


एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 1-3
  • गलतियों 2



शनिवार, 22 सितंबर 2018

द्वार.



      जब आप सँसार के कुछ महान शहरों में प्रवेश करते हैं तो आपको कुछ प्रसिद्ध द्वार मिलते हैं, जैसे के बर्लिन का ब्रैंडेनबर्ग द्वार, यरूशलेम का जाफ़ा द्वार, लंडन की डाउनिंग स्ट्रीट के द्वार, इत्यादि। वे द्वारा चाहे सुरक्षा या फिर औपचारिकता के लिए बनाए गए हों, वे सभी शहर के कुछ क्षेत्रों के अन्दर या उनसे बाहर होने को दिखाते हैं। कुछ द्वार खुले होते हैं, और कुछ अधिकांश लोगों के लिए बन्द होते हैं।

      प्रभु यीशु मसीह के बलिदान और पुनरुत्थान के द्वारा, अब परमेश्वर की उपस्थिति में सभी के आने का द्वार सदा खुला रहता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 100 का परिचित गीत इस्राएलियों के लिए मंदिर के द्वार से होकर परमेश्वर की उपस्थिति में आने का निमंत्रण है। उन्हें कहा गया कि वे प्रवेश करते समय “जयजयकार” करें और “जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आएँ” (पद 1-2)।

      आनन्द से जयजयकार करना प्राचीन विश्व में महाराजा का अभिवादन करने के लिए प्रथा थी। इसीलिए भजन में लिखा है कि सारी पृथ्वी परमेश्वर के लिए जयजयकार के साथ गाए! उनके इस आनन्द का कारण उन्हें परमेश्वर से मिली पहचान था (पद 3)। उन्हें उसके फाटकों में प्रशंसा और धन्यवाद के साथ प्रवेश करना था पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहने वाली परमेश्वर की भलाई और करुणा और सच्चाई के लिए (पद 4-5)। वे चाहे परमेश्वर से मिली अपनी पहचान को छोड़कर इधर-उधर भटक भी गए, परमेश्वर से दूर भी चले गए, फिर भी परमेश्वर उनके प्रति वफादार बना रहा, और उन्हें फिर से अपने सम्मुख आने का निमत्रण दिया।

      आज सारे सँसार के सभी लोगों के लिए प्रभु यीशु के मारे जाने, गाड़े जाने और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठने के द्वारा पापों की क्षमा और उद्धार पाने तथा परमेश्वर की उपस्थिति में आने का द्वारा खुला है, सारे सँसार के सभी लोगों को परमेश्वर का निमंत्रण है कि वे समय रहते इस अवसर का सदुपयोग कर लें, और आनन्द के साथ परलोक में अपना अनन्तकाल उसकी उपस्थिति में मनाएँ। - मारविन विलियम्स

प्रभु यीशु में होकर परमेश्वर की उपस्थिति में आने का द्वार सबके लिए खुला है।

द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। - यूहन्ना 10:9

बाइबल पाठ: भजन 100
Psalms 100:1 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो!
Psalms 100:2 आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!
Psalms 100:3 निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।
Psalms 100:4 उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!
Psalms 100:5 क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।


एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 10-12
  • गलतियों 1



शुक्रवार, 21 सितंबर 2018

परीक्षाएं



      आग पेड़ों की सबसे बड़ी दुश्मन हो सकती है; परन्तु वह सहायक भी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी, और बार-बार लगने वाली आग, जिसे वे “ठंडी आग” कहते हैं, जंगल की भूमि से सूखे पत्तों और टहनियों को साफ़ कर देती है, परन्तु पेड़ों को हानि नहीं पहुंचाती है। उस आग के पीछे छूटी हुई राख बीजों के उगने के लिए बहुत अच्छी होती है। यह आश्चर्यजनक किन्तु सत्य है कि ऐसी छोटी आग पेड़ों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम मसीही विश्वासियों पर आने वाली परीक्षाओं को “आग” के समान दिखाया गया है, और वे भी हमारे आत्मिक स्वास्थ्य और बढ़ोतरी के लिए आवश्यक हैं (1 पतरस 1:7; 4:12)। याकूब ने लिखा, “हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे” (याकूब 1:2-4)।

      परीक्षाओं के समयों में ही परमेश्वर के उद्देश्य अधिकाँशतः पहचाने जाते हैं, क्योंकि तब ही स्थिति हमारी आत्मिक बढ़ोतरी के लिए सबसे अनुकूल होती है। यह बढ़ोतरी न केवल हमें जीवन जीने के लिए तैयार करती है, वरन हमें प्रभु यीशु को सँसार के सामने, जिसे उनकी बहुत आवश्यकता है, अधिक भली-भांति प्रतिबिंबित करने में सक्षम करती है।

      हमारे परमेश्वर पिता के हाथों में, हमारी परीक्षाएं परमेश्वर के उद्देश्यों की पूर्ति, हमारी भलाई और उसके आदर के लिए, करती हैं। ये परीक्षाएं हमें हमारे उद्धारकर्ता प्रभु की समानता में ढलने में सहायता करती हैं।


विश्वास परमेश्वर को अन्धकार और उजियाले, दोनों में देखता है।

क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है। - 2 कुरिन्थियों 4:17

बाइबल पाठ: याकूब 1:2-12
James 1:2 हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो
James 1:3 तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है।
James 1:4 पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।
James 1:5 पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी।
James 1:6 पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्‍देह न करे; क्योंकि सन्‍देह करने वाला समुद्र की लहर के समान है जो हवा से बहती और उछलती है।
James 1:7 ऐसा मनुष्य यह न समझे, कि मुझे प्रभु से कुछ मिलेगा।
James 1:8 वह व्यक्ति दुचित्ता है, और अपनी सारी बातों में चंचल है।
James 1:9 दीन भाई अपने ऊंचे पद पर घमण्‍ड करे।
James 1:10 और धनवान अपनी नीच दशा पर: क्योंकि वह घास के फूल के समान जाता रहेगा।
James 1:11 क्योंकि सूर्य उदय होते ही कड़ी धूप पड़ती है और घास को सुखा देती है, और उसका फूल झड़ जाता है, और उस की शोभा जाती रहती है; उसी प्रकार धनवान भी अपने मार्ग पर चलते चलते धूल में मिल जाएगा।
James 1:12 धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह खरा निकल कर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिस की प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करने वालों को दी है।


एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 7-9
  • 2 कुरिन्थियों 13



गुरुवार, 20 सितंबर 2018

चित्र



      फ़्रांसीसी कलाकार जॉरजेस सेयुरत ने 1880 के समय में कला की एक नई विधि को प्रस्तुत किया, जिसे “बिंदु चित्रण” (pointillism) भी कहा जाता है। जैसा कि नाम से पता चलता है, सेयुरत ने रंगों की कूची की बजाए, चित्र बनाने के लिए रंगीन बिंदुओं का प्रयोग किया। निकट से देखने पर उसकी कृतियाँ अलग-अलग बिंदुओं के समूह जैसी लगती हैं। परन्तु जब उन्हें थोड़ा सा पीछे हटाकर, कुछ दूरी से देखा जाए तो मानव आँख उन बिंदुओं एक-दूसरे के साथ मिलाकर रंगीन चित्र बना देती है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल का दूर से दिखने वाला बड़ा चित्र भी कुछ ऐसा ही है। जब हम बाइबल की बातों को निकट से देखते हैं तो वे हमें सेयुरत के चित्र बनाने के पटल पर बिखरे उन बिंदुओं के समान जटिल और समझने में कठिन दिखाई दे सकती हैं। बाइबल को पढ़ते समय हम अपने आप को प्रभु यीशु के उन शिष्यों, क्लियोपास और उसके मित्र के समान देख सकते हैं जो प्रभु के पुनारुत्थान के पश्चात, संध्या काल को यरूशलेम से इम्माउस को हाल ही में घटित हुई घटनाओं के विषय परस्पर चर्चा करते हुए जा रहे थे। वे उस सप्ताहांत में हुई त्रासदीपूर्ण घटनाओं के “बिंदुओं” को परस्पर मिला और समझ नहीं पा रहे थे। उन्हें अपेक्षा थी प्रभु यीशु ही वह मसीहा हैं जो इस्राएल को छुटकारा देंगे (लूका 24:21), परन्तु अभी हाल ही में उन्होंने प्रभु यीशु को क्रूस पर मारे जाते हुए देखा था।

      तभी अचानक एक व्यक्ति जिसे वे पहचानते नहीं थे, उनके साथ चलने लगा, और उनके वार्तालाप में रुचि दिखाने लगा। उस व्यक्ति ने उन्हें, वचन में पहले से मसीह यीशु के संबंध में, उसके सताए जाने, मारे जाने और मृतकों में से जी उठने के बारे में लिखी भविष्यवाणियों के उन “बिंदुओं” को जोड़ने में सहायता की। बाद में जब वह उनके साथ भोजन करने बैठा तो उस व्यक्ति ने उन्हें उसे पहचानने दिया, कि वह प्रभु यीशु ही है, और फिर जैसे वह आश्चर्यजनक रीति से उनके पास आया था, वैसे ही चला भी गया।

      जब हम पवित्र-शास्त्र और प्रभु यीशु के संबंध में दी गई भविष्यवाणियों के “बिंदुओं” को मिलाकर देखते हैं, तो हमारे सामने एक ऐसे परमेश्वर का चित्र उभर कर आता है जो हमसे इतना अधिक प्रेम करता है जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। - मार्ट डीहॉन


प्रभु यीशु ने हमारे प्रति अपने प्रेम को दिखाने के लिए अपने आप को बलिदान किया।

इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। - यूहन्ना 15:13

बाइबल पाठ: लूका 24:13-32
Luke 24:13 देखो, उसी दिन उन में से दो जन इम्माऊस नाम एक गांव को जा रहे थे, जो यरूशलेम से कोई सात मील की दूरी पर था।
Luke 24:14 और वे इन सब बातों पर जो हुईं थीं, आपस में बातचीत करते जा रहे थे।
Luke 24:15 और जब वे आपस में बातचीत और पूछताछ कर रहे थे, तो यीशु आप पास आकर उन के साथ हो लिया।
Luke 24:16 परन्तु उन की आंखे ऐसी बन्‍द कर दी गईं थी, कि उसे पहिचान न सके।
Luke 24:17 उसने उन से पूछा; ये क्या बातें हैं, जो तुम चलते चलते आपस में करते हो? वे उदास से खड़े रह गए।
Luke 24:18 यह सुनकर, उनमें से क्‍लियुपास नाम एक व्यक्ति ने कहा; क्या तू यरूशलेम में अकेला परदेशी है; जो नहीं जानता, कि इन दिनों में उस में क्या क्या हुआ है?
Luke 24:19 उसने उन से पूछा; कौन सी बातें? उन्होंने उस से कहा; यीशु नासरी के विषय में जो परमेश्वर और सब लोगों के निकट काम और वचन में सामर्थी भविष्यद्वक्ता था।
Luke 24:20 और महायाजकों और हमारे सरदारों ने उसे पकड़वा दिया, कि उस पर मृत्यु की आज्ञा दी जाए; और उसे क्रूस पर चढ़वाया।
Luke 24:21 परन्तु हमें आशा थी, कि यही इस्त्राएल को छुटकारा देगा, और इन सब बातों के सिवाय इस घटना को हुए तीसरा दिन है।
Luke 24:22 और हम में से कई स्‍त्रियों ने भी हमें आश्चर्य में डाल दिया है, जो भोर को कब्र पर गई थीं।
Luke 24:23 और जब उस की लोथ न पाई, तो यह कहती हुई आईं, कि हम ने स्‍वर्गदूतों का दर्शन पाया, जिन्हों ने कहा कि वह जीवित है।
Luke 24:24 तब हमारे साथियों में से कई एक कब्र पर गए, और जैसा स्‍त्रियों ने कहा था, वैसा ही पाया; परन्तु उसको न देखा।
Luke 24:25 तब उसने उन से कहा; हे निर्बुद्धियों, और भविष्यद्वक्ताओं की सब बातों पर विश्वास करने में मन्‍दमतियों!
Luke 24:26 क्या अवश्य न था, कि मसीह ये दुख उठा कर अपनी महिमा में प्रवेश करे?
Luke 24:27 तब उसने मूसा से और सब भविष्यद्वक्ताओं से आरम्भ कर के सारे पवित्र शास्‍त्रों में से, अपने विषय में की बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया।
Luke 24:28 इतने में वे उस गांव के पास पहुंचे, जहां वे जा रहे थे, और उसके ढंग से ऐसा जान पड़ा, कि वह आगे बढ़ना चाहता है।
Luke 24:29 परन्तु उन्होंने यह कहकर उसे रोका, कि हमारे साथ रह; क्योंकि संध्या हो चली है और दिन अब बहुत ढल गया है। तब वह उन के साथ रहने के लिये भीतर गया।
Luke 24:30 जब वह उन के साथ भोजन करने बैठा, तो उसने रोटी ले कर धन्यवाद किया, और उसे तोड़कर उन को देने लगा।
Luke 24:31 तब उन की आंखे खुल गईं; और उन्होंने उसे पहचान लिया, और वह उन की आंखों से छिप गया।
Luke 24:32 उन्होंने आपस में कहा; जब वह मार्ग में हम से बातें करता था, और पवित्र शास्त्र का अर्थ हमें समझाता था, तो क्या हमारे मन में उत्तेजना न उत्पन्न हुई?


एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 4-6
  • 2 कुरिन्थियों 12



बुधवार, 19 सितंबर 2018

आहार



      मेरे देश सिंगापुर में प्रचलित एक भोजन, अंडा और रोटी परांठा मुझे बहुत पसन्द है। इसलिए मुझे यह पढ़कर विसमय हुआ कि एक 57 किलो वज़न के व्यक्ति को 5 मील प्रति घंटा की रफ्तार से 30 मिनिट तक दौड़ते रहना पड़ेगा, तब ही वह एक अंडा रोटी परांठा से मिलने वाली 240 कैलोरी ऊर्जा को जलाने में पाएगा। जब से मैने जिम में जाकर व्यायाम करना आरंभ किया है, इन संख्याओं का मेरे लिए एक नया महत्व हो गया है। अब मैं अपने आप से पूछती रहती हूँ: क्या यह जो मैं खाने जा रही हूँ, उसमें विद्यमान कैलोरीज अपने अन्दर लेने के लायक है?

      स्वयं द्वारा खाए जाने वाले भोजन के लिए सचेत रहना अच्छा है, परन्तु उससे भी अच्छा है उसका ध्यान रखना जो हम प्रतिदिन मीडिया के द्वारा अपने मन के अंदर आने देते हैं। शोध ने दिखाया है कि हम जो देखते हैं वह हमारे मनों के अन्दर लंबे समय तक रहता है और हमारे व्यवहार को प्रभावित करता है। वे बातें “चिपकने वाली” होती हैं, उसे ढीठ चर्बी के समान जिसे जलाना हमारे लिए इतना कठिन होता है।

      आज हमारे चारों ओर विविध प्रकार की मीडिया सामग्री उपलब्ध है, इसलिए हमें समझदार उपभोगता बनने की आवश्यकता है। मेरे कहने का यह तात्पर्य नहीं है कि आपको केवल मसीही साहित्य ही पढ़ना चाहिए या केवल मसीही विश्वास से संबंधित फ़िल्में ही देखनी चाहिएँ। परन्तु यह कि इस बात का ध्यान रखें कि हमारी आँखें क्या कुछ देखने पाती हैं। जो भी हम देखना चाह रहे हैं, उसके विषय अपने आप से यह प्रश्न कर लेना चाहिए: क्या यह मेरे समय के उपयोग तथा व्यवहार और जीवन के लिए उपयुक्त है?

      परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पियों 4:8 में पौलुस ने लिखा, “निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो।” यही वह आहार है जो हमारे आत्मिक पोषण तथा उस के उपयुक्त है जो प्रभु यीशु मसीह ने हमारे लिए किया है। - पो फैंग चिया


मस्तिष्क उसी से बनता है जो उसमें जाता है। - विल ड्यूरेन्ट

मेरी आंखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला। - भजन 119:37

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 4:4-9
Philippians 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो।
Philippians 4:5 तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।
Philippians 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
Philippians 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी।।
Philippians 4:8 निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो।
Philippians 4:9 जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।


एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 1-3
  • 2 कुरिन्थियों 11:16-33