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शुक्रवार, 28 सितंबर 2018

प्रार्थना



      जब भी हम किसी परेशानी या कठिन परिस्थिति का सामना करते हैं, तब हम अपने मसीही भाई-बहनों से निवेदन करते हैं कि हमारे लिए प्रार्थनाएं करें। यह जानना कि और लोग, वे जो हमारी चिंता करते हैं, हमें परमेश्वर के सम्मुख प्रार्थनाओं में उठाए हुए हैं, बहुत सांतवना एवं प्रोत्साहन प्रदान करता है। परन्तु यदि आपके पास कोई निकट मसीही मित्र नहीं हैं, तब क्या? हो सकता है कि आप किसी ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहाँ प्रभु यीशु मसीह और उसके सुसमाचार का विरोध किया जाता है। ऐसे में आपके लिए प्रार्थना कौन करेगा?

      परमेश्वर के वचन बाइबल में रोमियों 8 विजय का अध्याय है, और हम इसमें लिखा पाते हैं कि “इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है। और मनों का जांचने वाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है” (रोमियों 8:26-27)। इसलिए यह जान रखिए कि परमेश्वर का पवित्र आत्मा आपके लिए प्रार्थना करता रहता है।

      इसके अतिरिक्त, “फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है” (पद 34), जीवता प्रभु यीशु भी आपके लिए विनती निवेदन करता रहता है।

      ज़रा विचार कीजिए! पवित्र-आत्मा और प्रभु यीशु आपका नाम ले लेकर आपकी आवश्यकताओं को परमेश्वर पिता के सम्मुख रखते हैं, जो सुनकर आपके पक्ष में कार्य करता है।

      हम मसीही विश्वासियों को यह आश्वासन है कि हम चाहे कहीं भी रहते हों, या हमारी परिस्थिति कितनी भी कठिन या परेशानी से भरी क्यों न हो, हम जीवन की किसी भी समस्या का सामना अकेले नहीं करते हैं। पवित्र-आत्मा और प्रभु यीशु हमारे लिए प्रार्थना करते रहते हैं, हमारे साथ बने रहते हैं। - डेविड मैक्कैस्लैंड

                                                        
पवित्र-आत्मा और प्रभु यीशु मसीह आपके लिए सदैव प्रार्थना करते रहते हैं।

और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा। मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं। - यूहन्ना14:16-18

बाइबल पाठ: रोमियों 8:22-34
Romans 8:22 क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है।
Romans 8:23 और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कराहते हैं; और लेपालक होने की, अर्थात अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं।
Romans 8:24 आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योंकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा?
Romans 8:25 परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जोहते भी हैं।
Romans 8:26 इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है।
Romans 8:27 और मनों का जांचने वाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है।
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे।
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।
Romans 8:31 सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है?
Romans 8:32 जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा?
Romans 8:33 परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है।
Romans 8:34 फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 5-6
  • इफिसियों 1



गुरुवार, 27 सितंबर 2018

धन



      मेरी सहेली के पिता की अन्त्येष्टि के समय किसी ने उससे कहा, “तुम्हारे पिता से मिलने से पहले मैं नहीं जानता था कि कोई किसी की सहायता करते हुए इतना आनन्दित रहा सकता है।” मेरी सहेली के पिता ने परमेश्वर के राज्य के निर्माण में लोगों की सेवा करने, हंसते रहने और प्रेम करते रहने, और अपरिचितों से मिलने तथा उन्हें मित्र बना लेने के द्वारा अपना योगदान दिया था । जब उनका देहांत हुआ तो उन्होंने प्रेम की विरासत अपने पीछे छोड़ी; इसकी तुलना में जब मेरी सहेली की फूफी – उसके पिता की बड़ी बहन ने अपनी धन-संपत्ति को ही अपनी विरासत माना और अपने अंतिम वर्ष इसी चिन्ता में बिताए कि उनकी विरासत और दुर्लभ पुस्तकों की देखभाल उनके बाद कौन करेगा।

      अपनी शिक्षाओं और अपने जीवन के उदाहरण के द्वारा प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों को चिताया कि वे सांसारिक धन एकत्रित न करें, वरन निर्धनों को दें, और उसकी कीमत पहिचानें जिसे न काई और न ही ज़ंक नाश करेगा। परमेश्वर के वचन बाइबल में, इस संदर्भ में, इस बात का महत्व समझाने वाला प्रभु यीशु का कथन दर्ज है, “क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा” (लूका 12:34)।

      हमारा यह विचार हो सकता है कि हमारी वस्तुएँ हमारे जीवनों को सार्थक करती हैं। परन्तु जब हमारा कोई नवीनतम उपकरण टूट जाता है, या जब हम किसी बहुमूल्य वस्तु को खो देते हैं, तब हमें एहसास होता है कि सांसारिक वस्तुएँ स्थाई नहीं हैं, वरन प्रभु यीशु के साथ हमारा संबंध ही है जो स्थिर एवँ स्थाई बना रहता है तथा शान्ति प्रदान करता है। औरों के प्रति हमारा प्रेम और चिन्ता धूमिल नहीं होते हैं, परन्तु बने रहते हैं।

      हम प्रभु परमेश्वर से प्रार्थना करें कि वह उस वस्तु के मूल्य की वास्तविक सच्चाई को समझने में हमारी सहायता करे, जिसे हम मूल्यवान समझते हैं, जिससे हम समझ सकें कि हमारे मन कहाँ लगे रहते हैं; और सबसे बढ़कर हमें परमेश्वर के राज्य के खोजी बनाए, सच्चे और चिर-स्थाई धन की लालसा हमारे अन्दर जागृत करे। - एमी बाउचर पाई


हम जिसे बहुमूल्य समझते हैं वही हमारे मनों की दशा को प्रकट करता है।

यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा? – मत्ती 16:26

बाइबल पाठ: लूका 12:22-34
Luke 12:22 फिर उसने अपने चेलों से कहा; इसलिये मैं तुम से कहता हूं, अपने प्राण की चिन्‍ता न करो, कि हम क्या खाएंगे; न अपने शरीर की कि क्या पहिनेंगे।
Luke 12:23 क्योंकि भोजन से प्राण, और वस्‍त्र से शरीर बढ़कर है।
Luke 12:24 कौवों पर ध्यान दो; वे न बोते हैं, न काटते; न उन के भण्‍डार और न खत्ता होता है; तौभी परमेश्वर उन्हें पालता है; तुम्हारा मूल्य पक्षियों से कहीं अधिक है।
Luke 12:25 तुम में से ऐसा कौन है, जो चिन्‍ता करने से अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है?
Luke 12:26 इसलिये यदि तुम सब से छोटा काम भी नहीं कर सकते, तो और बातों के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो?
Luke 12:27 सोसनों के पेड़ों पर ध्यान करो कि वे कैसे बढ़ते हैं; वे न परिश्रम करते, न कातते हैं: तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में, उन में से किसी एक के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था।
Luke 12:28 इसलिये यदि परमेश्वर मैदान की घास को जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा पहिनाता है; तो हे अल्प विश्वासियों, वह तुम्हें क्यों न पहिनाएगा?
Luke 12:29 और तुम इस बात की खोज में न रहो, कि क्या खाएंगे और क्या पीएंगे, और न सन्‍देह करो।
Luke 12:30 क्योंकि संसार की जातियां इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहती हैं: और तुम्हारा पिता जानता है, कि तुम्हें इन वस्‍तुओं की आवश्यकता है।
Luke 12:31 परन्तु उसके राज्य की खोज में रहो, तो ये वस्‍तुऐं भी तुम्हें मिल जाएंगी।
Luke 12:32 हे छोटे झुण्ड, मत डर; क्योंकि तुम्हारे पिता को यह भाया है, कि तुम्हें राज्य दे।
Luke 12:33 अपनी संपत्ति बेचकर दान कर दो; और अपने लिये ऐसे बटुए बनाओ, जो पुराने नहीं होते, अर्थात स्वर्ग पर ऐसा धन इकट्ठा करो जो घटता नहीं और जिस के निकट चोर नहीं जाता, और कीड़ा नहीं बिगाड़ता।
Luke 12:34 क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 3-4
  • गलतियों 6



बुधवार, 26 सितंबर 2018

निमंत्रण



      एक संगीत सभा में उपस्थिति के दौरान, मेरा मन एक परेशान करने वाली ऐसी बात की ओर चला गया जिस पर मुझे ध्यान देने की आवश्यकता थी। परन्तु मेरे ध्यान का उस ओर भटकना केवल कुछ पल का ही थी, क्योंकि एक बहुत ही मनोहर भक्ति-गीत के शब्द मेरे कानों से होकर मेरे मन की गहराइयों को छूने लगे। संगीत मण्डली के सदस्य गा रहे थे, “मेरी आत्मा शान्त रह।” उन शब्दों को सुनते और उन पर मनन करते हुए मेरी आँखें भर आईं, उस शान्ति के बारे में सोचते हुए जो केवल प्रभु परमेश्वर द्वारा ही उपलब्ध करवाई जा सकती है। उस गीत के बोल कुछ इस प्रकार थे:
      मेरी आत्मा शान्त रह:
      प्रभु निकट है तेरे!
      दुःख दर्द का क्रूस सह धीरज से तू;
      आज्ञा और प्रबंध छोड़ परमेश्वर पर;
      हर बदालव में वह रहेगा खरा।

      जब प्रभु यीशु उन नगरों को डाँट रहे थे जिनमें उन्होंने अपने अधिकांश आश्चर्यकर्म किए थे परन्तु फिर भी जिन्होंने पश्चाताप नहीं किया था (मत्ती 11:40), तब भी प्रभु के पास उन लोगों के लिए सांत्वना और शान्ति के शब्द थे जो उनके निकट आना चाहते थेते। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि प्रभु ने उनके पास आने की इच्छा रखने वालों को निमंत्रण देते हुए कहा “हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे” (मत्ती 11:28-29)।

      उनका यह कथन चौंकाने वाला है! जो उनका तिरिस्कार कर रहे थे, उनके लिए प्रयोग किए गए उनके कठोर शब्दों के तुरंत बाद प्रभु ने सभी के लिए यह निमंत्रण दिया कि सभी लोग उनके निकट आएँ और उस शान्ति को प्राप्त करें जिसकी सब को लालसा रहती है। प्रभु यीशु ही एकमात्र हैं को हमारी व्याकुल और श्रमित आत्माओं को स्थाई और सच्ची शान्ति प्रदान कर सकते हैं; और इसके लिए उनका निमंत्रण सँसार के सभी लोगों के लिए खुला एवँ उपलब्ध है। - जो स्टोवैल


जब हम अपने मन प्रभु यीशु पर लगाए रखते हैं, 
तो वह हमारे मनों को शान्त बनाए रखता है।

जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है। - यशायाह 26:3

बाइबल पाठ: मत्ती 11:25-30
Matthew 11:25 उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया है।
Matthew 11:26 हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
Matthew 11:27 मेरे पिता ने मुझे सब कुछ सौंपा है, और कोई पुत्र को नहीं जानता, केवल पिता; और कोई पिता को नहीं जानता, केवल पुत्र और वह जिस पर पुत्र उसे प्रगट करना चाहे।
Matthew 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।
Matthew 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
Matthew 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 1-2
  • गलतियों 5



मंगलवार, 25 सितंबर 2018

वचन



      Our Daily Bread का संपादक होने के मेरे प्रारंभिक दिनों की बात है, मुझे प्रकाशित होने वाली प्रत्यक माह के संदेशों की पुस्तिका के जिल्द-पृष्ठ पर छापने के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में से पद चुनने होते थे। कुछ समय तक यह करते रहने के बाद मैं सोचने लगा कि मेरे इस कार्य से किसी को कोई फर्क पड़ता भी है?

      इसके कुछ समय बाद ही एक महिला पाठक का पत्र आया, जिसमें उसने विवरण दिया कि कैसे वह अपने बेटे के उद्धार के लिए बीस वर्ष से भी अधिक समय से प्रार्थना कर रही थी, परन्तु उसके बेटे को प्रभु यीशु से कोई सरोकार नहीं था। फिर एक दिन जब वह उससे मिलने आया हुआ था, तो मेज़ पर रखी उस सन्देश पुस्तिका की जिल्द पर लिखे पद को उसने पढ़ा, और परमेश्वर के आत्मा ने उस वचन के द्वारा उसे कायल किया, और उसने उसी पल अपने पापों से पश्चाताप कर के अपना जीवन प्रभु यीशु को समर्पित कर दिया।

      मुझे न तो वह पद स्मरण है और न ही उस महिला का नाम; परन्तु उस दिन परमेश्वर से मिले उस सन्देश की स्पष्टता को मैं कभी नहीं भूलूंगा। परमेश्वर ने उस महिला की प्रार्थनाओं का उत्तर देने के लिए एक ऐसे पद का प्रयोग किया जो लगभग एक वर्ष पहले चुना गया था। समय के परे के स्थान से परमेश्वर ने अपनी उपस्थिति के अचरज को मेरे कार्य और अपने वचन में होकर प्रगट किया।

      प्रभु यीशु के शिष्य यूहन्ना ने प्रभु यीशु को “जीवन का वचन” कहा (1 यूहन्ना 1:1)। वह चाहता था कि सब जानें कि इसका अर्थ क्या है; उसने प्रभु यीशु के विषय लिखा: “...तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ। जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो...” (पद 2-3)।

      किसी पृष्ठ पर कुछ शब्द लिख देने में कुछ भी करिशमाई नहीं है। परन्तु पवित्र-शास्त्र के वचनों में जीवन बदल देने वाली सामर्थ्य है, क्योंकि वे हमें “जीवन का वचन” प्रभु यीशु मसीह की ओर अग्रसर करते हैं। - टिम गुस्ताफ्सन


वे वचन जो हमें प्रभु यीशु की ओर अग्रसर करते हैं सदा ही महत्वपूर्ण होते हैं।

शमौन पतरस ने उसको उत्तर दिया, कि हे प्रभु हम किस के पास जाएं? अनन्त जीवन की बातें तो तेरे ही पास हैं। और हम ने विश्वास किया, और जान गए हैं, कि परमेश्वर का पवित्र जन तू ही है। - यूहन्ना 6:68-69

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 1:1-4
1 John 1:1 उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा; और हाथों से छूआ।
1 John 1:2 (यह जीवन प्रगट हुआ, और हम ने उसे देखा, और उस की गवाही देते हैं, और तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ)।
1 John 1:3 जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो; और हमारी यह सहभागिता पिता के साथ, और उसके पुत्र यीशु मसीह के साथ है।
1 John 1:4 और ये बातें हम इसलिये लिखते हैं, कि हमारा आनन्द पूरा हो जाए।


एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 6-8
  • गलतियों 4



सोमवार, 24 सितंबर 2018

अग्रसर



      मुझे रिले दौड़ देखना पसन्द है। उन धावकों की शारीरिक सामर्थ्य, तीव्र गति, कौशल, और सहनशक्ति मुझे चकित करते हैं। परन्तु उस दौड़ का एक निर्णायक पल सदा ही मेरे ध्यान को खींचता है और मुझे व्याकुल करता है। यह वह पल है जब एक धावक से दूसरे को बैटन (डंडा) पकड़ाया जाता है। विलम्ब का एक क्षण, एक चूक, और दौड़ हारी जा सकती है।

      एक रीति से मसीही विश्वासी भी, अपने विश्वास और प्रभु तथा उसके वचन के ज्ञान के “बैटन” को लिए हुए, एक प्रकार की रिले दौड़ में हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें इस “बैटन” को एक से दूसरी पीढ़ी को थमाने के दायित्व के बारे में बताती है । भजन 78 में भजनकार आसाप ने कहा: “...मैं प्राचीन काल की गुप्त बातें कहूंगा, जिन बातों को हम ने सुना, और जान लिया, और हमारे बाप दादों ने हम से वर्णन किया है।  उन्हे हम उनकी सन्तान से गुप्त न रखेंगें, परन्तु होनहार पीढ़ी के लोगों से, यहोवा का गुणानुवाद और उसकी सामर्थ और आश्चर्यकर्मों का वर्णन करेंगें” (पद 2-4)।

      मूसा ने भी कुछ ऐसा ही इस्राएलियों से भी कहा: “यह अत्यन्त आवश्यक है कि तुम अपने विषय में सचेत रहो, और अपने मन की बड़ी चौकसी करो, कहीं ऐसा न हो कि जो जो बातें तुम ने अपनी आंखों से देखीं उन को भूल जाओ, और वह जीवन भर के लिये तुम्हारे मन से जाती रहे; किन्तु तुम उन्हें अपने बेटों पोतों को सिखाना” (व्यवस्थाविवरण 4:9)।

      हम मसीही विश्वासियों के लिए निर्देश है कि, प्रेम और साहस के साथ भरसक प्रयास करें कि “...जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण...” (1 पतरस 2:9), और उसकी शिक्षाओं को आने वाली पीढ़ियों को सौंपें जिससे वे भी परमेश्वर की निकटता और समझ-बूझ में बढ़ सकें, मसीही जीवन में अग्रसर हो सकें। - लॉरेंस दरमानी


आज मसीह के लिए जीवन व्यतीत करने के द्वारा
 हम भावी पीढ़ियों पर भला प्रभाव डालते हैं।

और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी हैं, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों। - 2 तिमुथियुस 2:2

बाइबल पाठ: भजन 78:1-8
Psalms 78:1 हे मेरे लोगों, मेरी शिक्षा सुनो; मेरे वचनों की ओर कान लगाओ!
Psalms 78:2 मैं अपना मूंह नीतिवचन कहने के लिये खोलूंगा; मैं प्राचीन काल की गुप्त बातें कहूंगा,
Psalms 78:3 जिन बातों को हम ने सुना, और जान लिया, और हमारे बाप दादों ने हम से वर्णन किया है।
Psalms 78:4 उन्हे हम उनकी सन्तान से गुप्त न रखेंगें, परन्तु होनहार पीढ़ी के लोगों से, यहोवा का गुणानुवाद और उसकी सामर्थ्य और आश्चर्यकर्मों का वर्णन करेंगें।
Psalms 78:5 उसने तो याकूब में एक चितौनी ठहराई, और इस्त्राएल में एक व्यवस्था चलाई, जिसके विषय उसने हमारे पितरों को आज्ञा दी, कि तुम इन्हे अपने अपने लड़के बालों को बताना;
Psalms 78:6 कि आने वाली पीढ़ी के लोग, अर्थात जो लड़के बाले उत्पन्न होने वाले हैं, वे इन्हे जानें; और अपने अपने लड़के बालों से इनका बखान करने में उद्यत हों, जिस से वे परमेश्वर का आसरा रखें,
Psalms 78:7 और ईश्वर के बड़े कामों को भूल न जाएं, परन्तु उसकी आज्ञाओं का पालन करते रहें;
Psalms 78:8 और अपने पितरों के समान न हों, क्योंकि उस पीढ़ी के लोग तो हठीले और झगड़ालू थे, और उन्होंने अपना मन स्थिर न किया था, और न उनकी आत्मा ईश्वर की ओर सच्ची रही।


एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 4-5
  • गलतियों 3



रविवार, 23 सितंबर 2018

वचन



      उनके पिता के देहांत के कुछ दिन पश्चात, 30 वर्षीय सी. एस. ल्यूइस को उस महिला का पत्र मिला, जिसने बीस वर्ष से भी अधिक पहले बीमारी और देहांत के समय में उनकी माँ की देखभाल की थी। उस महिला ने उनकी क्षति के लिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उनसे पूछा कि क्या उन्हें उसकी स्मृति है? ल्यूइस ने उसे उत्तर दिया, “मेरी प्रिय नर्स डेविसन, आपकी स्मृति है कि नहीं; जी हाँ, आप मुझे याद हैं।”

      ल्यूइस ने स्मरण किया कि उस कठिन समय में उनके घर में उसकी उपस्थिति का उनके, उनके भाई, और उनके पिता के लिए कितना अधिक महत्व था। उन्होंने सहानुभूति के उसके शब्दों के लिए उसका धन्यवाद किया और कहा, “उन बीते दिनों की यादों में लौट जाना बहुत सांतवना देता है। वह समय जब आप मेरी माँ के साथ थीं एक बच्चे के लिए बहुत लंबा समय था और आप हमारे घर का एक भाग बन गई थीं।”

      जब हम जीवन की परिस्थितियों के साथ संघर्ष करते हैं, दूसरों से मिलने वाला प्रोत्साहन का एक शब्द हमारी आत्मा को उभार सकता है और हमारी आँखे प्रभु की ओर उठा सकता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में पुराने नियम के भविष्यद्वक्ता यशायाह ने लिखा “प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं” (यशायाह 50:4)। जब हम प्रभु की ओर देखेते हैं, तो उससे हमने आशा और अन्धकार में ज्योति के वचन मिलते हैं। - डेविड मैक्कैस्लैंड


दयालु शब्द बोझिल हृदय को उभार सकते हैं।

क्योंकि मैं तुम्हें ऐसा बोल और बुद्धि दूंगा, कि तुम्हारे सब विरोधी साम्हना या खण्‍डन न कर सकेंगे। - लूका 21:15

बाइबल पाठ: यशायाह 50:4-10
Isaiah 50:4 प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं।
Isaiah 50:5 प्रभु यहोवा ने मेरा कान खोला है, और मैं ने विरोध न किया, न पीछे हटा।
Isaiah 50:6 मैं ने मारने वालों को अपनी पीठ और गलमोछ नोचने वालों की ओर अपने गाल किए; अपमानित होने और थूकने से मैं ने मुंह न छिपाया।
Isaiah 50:7 क्योंकि प्रभु यहोवा मेरी सहायता करता है, इस कारण मैं ने संकोच नहीं किया; वरन अपना माथा चकमक के समान कड़ा किया क्योंकि मुझे निश्चय था कि मुझे लज्जित होना न पड़ेगा।
Isaiah 50:8 जो मुझे धर्मी ठहराता है वह मेरे निकट है। मेरे साथ कौन मुकद्दमा करेगा? हम आमने-साम्हने खड़े हों। मेरा विरोधी कौन है? वह मेरे निकट आए।
Isaiah 50:9 सुनो, प्रभु यहोवा मेरी सहायता करता है; मुझे कौन दोषी ठहरा सकेगा? देखो, वे सब कपड़े के समान पुराने हो जाएंगे; उन को कीड़े खा जाएंगे।।
Isaiah 50:10 तुम में से कौन है जो यहोवा का भय मानता और उसके दास की बातें सुनता है, जो अन्धियारे में चलता हो और उसके पास ज्योति न हो? वह यहोवा के नाम का भरोसा रखे, और अपने परमेश्वर पर आशा लगाए रहे।


एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 1-3
  • गलतियों 2



शनिवार, 22 सितंबर 2018

द्वार.



      जब आप सँसार के कुछ महान शहरों में प्रवेश करते हैं तो आपको कुछ प्रसिद्ध द्वार मिलते हैं, जैसे के बर्लिन का ब्रैंडेनबर्ग द्वार, यरूशलेम का जाफ़ा द्वार, लंडन की डाउनिंग स्ट्रीट के द्वार, इत्यादि। वे द्वारा चाहे सुरक्षा या फिर औपचारिकता के लिए बनाए गए हों, वे सभी शहर के कुछ क्षेत्रों के अन्दर या उनसे बाहर होने को दिखाते हैं। कुछ द्वार खुले होते हैं, और कुछ अधिकांश लोगों के लिए बन्द होते हैं।

      प्रभु यीशु मसीह के बलिदान और पुनरुत्थान के द्वारा, अब परमेश्वर की उपस्थिति में सभी के आने का द्वार सदा खुला रहता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 100 का परिचित गीत इस्राएलियों के लिए मंदिर के द्वार से होकर परमेश्वर की उपस्थिति में आने का निमंत्रण है। उन्हें कहा गया कि वे प्रवेश करते समय “जयजयकार” करें और “जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आएँ” (पद 1-2)।

      आनन्द से जयजयकार करना प्राचीन विश्व में महाराजा का अभिवादन करने के लिए प्रथा थी। इसीलिए भजन में लिखा है कि सारी पृथ्वी परमेश्वर के लिए जयजयकार के साथ गाए! उनके इस आनन्द का कारण उन्हें परमेश्वर से मिली पहचान था (पद 3)। उन्हें उसके फाटकों में प्रशंसा और धन्यवाद के साथ प्रवेश करना था पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहने वाली परमेश्वर की भलाई और करुणा और सच्चाई के लिए (पद 4-5)। वे चाहे परमेश्वर से मिली अपनी पहचान को छोड़कर इधर-उधर भटक भी गए, परमेश्वर से दूर भी चले गए, फिर भी परमेश्वर उनके प्रति वफादार बना रहा, और उन्हें फिर से अपने सम्मुख आने का निमत्रण दिया।

      आज सारे सँसार के सभी लोगों के लिए प्रभु यीशु के मारे जाने, गाड़े जाने और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठने के द्वारा पापों की क्षमा और उद्धार पाने तथा परमेश्वर की उपस्थिति में आने का द्वारा खुला है, सारे सँसार के सभी लोगों को परमेश्वर का निमंत्रण है कि वे समय रहते इस अवसर का सदुपयोग कर लें, और आनन्द के साथ परलोक में अपना अनन्तकाल उसकी उपस्थिति में मनाएँ। - मारविन विलियम्स

प्रभु यीशु में होकर परमेश्वर की उपस्थिति में आने का द्वार सबके लिए खुला है।

द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। - यूहन्ना 10:9

बाइबल पाठ: भजन 100
Psalms 100:1 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो!
Psalms 100:2 आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!
Psalms 100:3 निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।
Psalms 100:4 उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!
Psalms 100:5 क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।


एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 10-12
  • गलतियों 1