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रविवार, 3 फ़रवरी 2019

देख



      ऑनलाइन लेखकों के एक समूह में, जिसकी मैं सदस्या हूँ, और जिसमें हम एक दूसरे को प्रोत्साहित और सहायता करते हैं, एक मित्र ने कहा, “मैं तुम्हें देखती हूँ।” क्योंकि मैं कुछ तनाव और व्याकुलता से हो कर निकल रही थी, इसलिए उसके इन शब्दों से मुझे शान्ति और सुख अनुभव हुआ – वह मुझे, मेरी आकांक्षाओं, भय, संघर्षों, और सपनों को “देख” रही थी – और मुझसे प्रेम करती थी।

      अपने मित्र के इस सहज किन्तु प्रबल प्रोत्साहन को प्राप्त करके मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में उल्लेखित हाजिरा का विचार आया, जो अब्राहम के घर में एक दासी थी। अब्राहम और सारा वर्षों से सन्तान की लालसा और प्रतीक्षा कर रहे थे, किन्तु उन्हें सन्तान का सुख नहीं मिला था। तब सारा ने अपनी दासी हाजिरा को अब्राहम को दिया कि उससे सारा के लिए सन्तान उत्पन्न करे। किन्तु गर्भवती होने पर हाजिरा अपनी स्वामिनी, सारा, को तिरिस्कार की दृष्टि से देखने लगी। जब सारा ने भी हाजिरा के साथ कठोरता से व्यवहार किया तो हाजिरा उससे दूर मरुभूमि में भाग गई।

      मरुभूमि में कठिनाई और दुःख में पड़ी हुई हाजिरा को परमेश्वर ने देखा और उससे वायदा किया कि वह अनेकों लोगों के वंश की जननी होगी। परमेश्वर से हुई इस मुलाकात के बाद हाजिरा ने परमेश्वर को एल रोई कहा, जिसका अर्थ होता है “वह परमेश्वर जो मुझे देखता है” (उत्पत्ति 16:13), क्योंकि वह जान गई थी कि वह अकेली या त्यागी हुई नहीं है।

      जैसे परमेश्वर ने हाजिरा को देखा और उससे प्रेम किया, वैसे ही वह हमें भी देखता और हम से प्रेम करता है। हम मित्रों या परिवार जनों के द्वारा उपेक्षित और तिरीस्कृत अनुभव कर सकते हैं, परन्तु हम मसीही विश्वासी जानते हैं कि हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता, हमें देखता, जानता और अच्छे से समझता है। वह न केवल हमारे प्रत्यक्ष स्वरूप को देखता है, परन्तु हमारे अन्दर की बातों, भावनाओं, और प्रत्येक बात को देखता और भली-भांति जानता है। इसलिए वह हमें जीवनदायक शब्द और मार्गदर्शन देता है – क्योंकि वह हमें देख रहा है। - एमी बाउचर पाई


यह जानना कि परमेश्वर हमें देख रहा है, हमें सांतवना और भरोसा देता है।

यहोवा की आंखें सब स्थानों में लगी रहती हैं, वह बुरे भले दोनों को देखती रहती हैं। - नीतिवचन 15:3

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 16:1-13
Genesis 16:1 अब्राम की पत्नी सारै के कोई सन्तान न थी: और उसके हाजिरा नाम की एक मिस्री दासी थी।
Genesis 16:2 सो सारै ने अब्राम से कहा, देख, यहोवा ने तो मेरी कोख बन्द कर रखी है सो मैं तुझ से बिनती करती हूं कि तू मेरी दासी के पास जा: सम्भव है कि मेरा घर उसके द्वारा बस जाए।
Genesis 16:3 सो सारै की यह बात अब्राम ने मान ली। सो जब अब्राम को कनान देश में रहते दस वर्ष बीत चुके तब उसकी स्त्री सारै ने अपनी मिस्री दासी हाजिरा को ले कर अपने पति अब्राम को दिया, कि वह उसकी पत्नी हो।
Genesis 16:4 और वह हाजिरा के पास गया, और वह गर्भवती हुई और जब उसने जाना कि वह गर्भवती है तब वह अपनी स्वामिनी को अपनी दृष्टि में तुच्छ समझने लगी।
Genesis 16:5 तब सारै ने अब्राम से कहा, जो मुझ पर उपद्रव हुआ सो तेरे ही सिर पर हो: मैं ने तो अपनी दासी को तेरी पत्नी कर दिया; पर जब उसने जाना कि वह गर्भवती है, तब वह मुझे तुच्छ समझने लगी, सो यहोवा मेरे और तेरे बीच में न्याय करे।
Genesis 16:6 अब्राम ने सारै से कहा, देख तेरी दासी तेरे वश में है: जैसा तुझे भला लगे वैसा ही उसके साथ कर। सो सारै उसको दु:ख देने लगी और वह उसके साम्हने से भाग गई।
Genesis 16:7 तब यहोवा के दूत ने उसको जंगल में शूर के मार्ग पर जल के एक सोते के पास पाकर कहा,
Genesis 16:8 हे सारै की दासी हाजिरा, तू कहां से आती और कहां को जाती है? उसने कहा, मैं अपनी स्वामिनी सारै के साम्हने से भाग आई हूं।
Genesis 16:9 यहोवा के दूत ने उस से कहा, अपनी स्वामिनी के पास लौट जा और उसके वश में रह।
Genesis 16:10 और यहोवा के दूत ने उस से कहा, मैं तेरे वंश को बहुत बढ़ाऊंगा, यहां तक कि बहुतायत के कारण उसकी गणना न हो सकेगी।
Genesis 16:11 और यहोवा के दूत ने उस से कहा, देख तू गर्भवती है, और पुत्र जनेगी, सो उसका नाम इश्माएल रखना; क्योंकि यहोवा ने तेरे दु:ख का हाल सुन लिया है।
Genesis 16:12 और वह मनुष्य बनैले गदहे के समान होगा उसका हाथ सबके विरुद्ध उठेगा, और सब के हाथ उसके विरुद्ध उठेंगे; और वह अपने सब भाई बन्धुओं के मध्य में बसा रहेगा।
Genesis 16:13 तब उसने यहोवा का नाम जिसने उस से बातें की थीं, अत्ताएलरोई रखकर कहा कि, क्या मैं यहां भी उसको जाते हुए देखने पाई जो मेरा देखनेहारा है?
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 31-33
  • मत्ती 22:1-22



शनिवार, 2 फ़रवरी 2019

जीवन



      चार-वर्षीय ऐशर का दमकता हुआ चेहरा उसकी मनपसंद कमीज़ के साथ लगी टोपी में से झाँक रहा था। उसकी उस कमीज़ पर घड़ियाल के सिर के समान दिखने वाली टोपी लगी हुई थी, दांतों के साथ, जिससे लग रहा था मानो घड़ियाल ने उसे निगल लिया है। उसकी माँ को यह देखकर अटपटा लगा; वे लोग एक ऐसे परिवार से मिलने जा रहे थे जिन से वे बहुत समय से नहीं मिले थे, और ऐशर की माँ उन लोगों पर एक अच्छी छाप छोड़ना चाहती थी। इसलिए उसने ऐशर से कहा, “अरे भई, यह अवसर के लिए ठीक नहीं लग रही है।” ऐशर ने भी प्रतिवाद करते हुए कहा, “यह बिलकुल अवसर के अनुरूप है!” तो उसकी माँ ने पूछा, “अच्छा, तो ज़रा बताओ किस अवसर के?” और तुरंत ही ऐशर का उत्तर आया, “आप जानती तो हैं – जीवन के!” यह सुनकर माँ ने उसे पहने रहने की अनुमति दे दी।

      उस आनन्दित लड़के ने अनायास ही परमेश्वर के वचन में सभोपदेशक 3:12 – “मैं ने जान लिया है कि मनुष्यों के लिये आनन्द करने और जीवन भर भलाई करने के सिवाय, और कुछ भी अच्छा नहीं” के सत्य को व्यक्त किया। सभोपदेशक की पुस्तक निराशावान प्रतीत हो सकती है, और बहुधा लोग उसे सही से समझ नहीं पाते हैं, क्योंकि वह मनुष्य के परिप्रेक्ष्य से लिखी गई है, परमेश्वर के परिप्रेक्ष्य से नहीं। इस पुस्तक का लेखक, राजा सुलेमान, प्रश्न पूछता है, “काम करने वाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है?” (पद 9)। परन्तु इस संपूर्ण पुस्तक में हमें स्थान-स्थान पर आशा की झलक दिखाई देती रहती है। सुलेमान ने यह भी लिखा, “यह भी परमेश्वर का दान है कि मनुष्य खाए-पीए और अपने सब परिश्रम में सुखी रहे” (पद 13)।

      हम ऐसे परमेश्वर की सेवा करते हैं जो हमारे आनन्द के लिए हमें भली वस्तुएँ देता रहता है। वह जो भी करता है, वह “वह सदा स्थिर रहेगा” (पद 14)। हम जब उसका आदर करते हैं, उसकी आज्ञाकारिता में बने रहते हैं, तो वह हमारे जीवनों को उद्देश्यपूर्ण, सार्थक, और आनन्दपूर्ण बनाता रहता है। - टिम गुस्ताफ्सन


जिस प्रभु ने आपको सृजा है, वह चाहता है कि आप उसे अपने जीवन का केन्द्र-बिंदु बना लें।

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 3:9-17
Ecclesiastes 3:9 काम करने वाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है?
Ecclesiastes 3:10 मैं ने उस दु:खभरे काम को देखा है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगे रहें।
Ecclesiastes 3:11 उसने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते है; फिर उसने मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य बूझ नहीं सकता।
Ecclesiastes 3:12 मैं ने जान लिया है कि मनुष्यों के लिये आनन्द करने और जीवन भर भलाई करने के सिवाय, और कुछ भी अच्छा नहीं;
Ecclesiastes 3:13 और यह भी परमेश्वर का दान है कि मनुष्य खाए-पीए और अपने सब परिश्रम में सुखी रहे।
Ecclesiastes 3:14 मैं जानता हूं कि जो कुछ परमेश्वर करता है वह सदा स्थिर रहेगा; न तो उस में कुछ बढ़ाया जा सकता है और न कुछ घटाया जा सकता है; परमेश्वर ऐसा इसलिये करता है कि लोग उसका भय मानें।
Ecclesiastes 3:15 जो कुछ हुआ वह इस से पहिले भी हो चुका; जो होने वाला है, वह हो भी चुका है; और परमेश्वर बीती हुई बात को फिर पूछता है।
Ecclesiastes 3:16 फिर मैं ने संसार में क्या देखा कि न्याय के स्थान में दुष्टता होती है, और धर्म के स्थान में भी दुष्टता होती है।
Ecclesiastes 3:17 मैं ने मन में कहा, परमेश्वर धर्मी और दुष्ट दोनों का न्याय करेगा, क्योंकि उसके यहां एक एक विषय और एक एक काम का समय है।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 29-30
  • मत्ती 21:23-46



शुक्रवार, 1 फ़रवरी 2019

देखभाल



      जिस दिन हमारी सबसे छोटी बेटी वायुयान से यात्रा के द्वारा म्यूनिक से बार्सिलोना जा रही थी, मैं उसके वायुयान की उड़ान का विवरण देखने के लिए अपनी सबसे पसंदीदा उड़ान पर नज़र रखने वाली वेबसाईट पर गया। मैंने उस साईट पर उसकी उड़ान की संख्या भरी और मेरे कम्प्यूटर स्क्रीन पर उसके वायुयान की उड़ान का विवरण दिखने लगा। मैंने देखा कि वह ऑस्ट्रिया को पार कर चुकी थी, इटली के उत्तरी भाग के निकट से निकल रही थी। वहाँ से उसका वायुयान भूमध्यसागर पर से होकर निकलेगा, फिर फ्रांस के दक्षिणी भाग से होता हुआ स्पेन की ओर जाएगा, तथा उसके समयानुसार पहुँच जाने की आशा थी।  उस विवरण को दखकर ऐसा लग रहा था कि उसकी उड़ान के बारे में जो पता नहीं था वह केवल यह कि उड़ान के दौरान भोजन के लिए क्या परोसा जा रहा है!

      मुझे अपनी बेटी के ठिकाने और परिस्थितियों की इतनी चिंता क्यों थी? क्योंकि मैं उससे प्रेम करता हूँ। मेरे लिए जो वह है उसके कारण, मुझे चिन्ता रहती है कि वह जीवन में कहाँ जा रही है, क्या कर रही है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम भजन 32 में दाऊद द्वारा परमेश्वर की क्षमा, मार्गदर्शन, और हमारे प्रति चिन्ता का उत्सव मनाते हुए देखते हैं। हमारा परमेश्वर पिता हमारे विषय में किसी भी मानवीय पिता से बहुत बढ़कर, हमारे बारे में सब कुछ जानता है। वह हमारे जीवन के हर एक बात को बारीकी से, और हमारे हृदय की हर एक आवश्यकता को गहराई से जानता है। हम से परमेश्वर की प्रतिज्ञा है कि, “मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा; मैं तुझ पर कृपा दृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा” (पद 8)।

      आज हमारी परिस्थिति चाहे जो भी हो, हम परमेश्वर की उपस्थिति और देखभाल पर भरोसा रख सकते हैं, क्योंकि “...जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह करूणा से घिरा रहेगा” (पद 10)। - डेविड मैक्कैस्लैंड


हम कभी भी परमेश्वर की दृष्टि और प्रेम भरी चिन्ता से दूर नहीं होते हैं।

इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: भजन 32: 1-11
Psalms 32:1 क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ाँपा गया हो।
Psalms 32:2 क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो।
Psalms 32:3 जब मैं चुप रहा तब दिन भर कराहते कराहते मेरी हडि्डयां पिघल गई।
Psalms 32:4 क्योंकि रात दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई।
Psalms 32:5 जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया।
Psalms 32:6 इस कारण हर एक भक्त तुझ से ऐसे समय में प्रार्थना करे जब कि तू मिल सकता है। निश्चय जब जल की बड़ी बाढ़ आए तौभी उस भक्त के पास न पहुंचेगी।
Psalms 32:7 तू मेरे छिपने का स्थान है; तू संकट से मेरी रक्षा करेगा; तू मुझे चारों ओर से छुटकारे के गीतों से घेर लेगा।
Psalms 32:8 मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा; मैं तुझ पर कृपा दृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा।
Psalms 32:9 तुम घोड़े और खच्चर के समान न बनो जो समझ नहीं रखते, उनकी उमंग लगाम और बाग से रोकनी पड़ती है, नहीं तो वे तेरे वश में नहीं आने के।
Psalms 32:10 दुष्ट को तो बहुत पीड़ा होगी; परन्तु जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह करूणा से घिरा रहेगा।
Psalms 32:11 हे धर्मियों यहोवा के कारण आनन्दित और मगन हो, और हे सब सीधे मन वालों आनन्द से जयजयकार करो!
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 27-28
  • मत्ती 21:1-22



गुरुवार, 31 जनवरी 2019

क्रूस



      अंग्रेज़ी साहित्य में सबसे प्राचीन मसीही कविताओं में से एक है “The Dream of the Rood” – शब्द ‘रूड’ अंग्रेज़ी का प्राचीन शब्द है जिसका अभिप्राय होता है रॉड (लाठी) या पोल (खम्बा), और इस कविता में रूड शब्द को उस क्रूस के लिए प्रयोग किया गया है जिस पर प्रभु यीशु मसीह को क्रूसित किया गया था। इस प्राचीन कविता में, क्रूस की गाथा को काठ के क्रूस के दृष्टिकोण से लिखा गया है। जब वृक्ष को पता चलता है कि उसकी लकड़ी को प्रभु को क्रूसित करने के लिए क्रूस बनाने के लिए प्रयोग किया जाएगा तो वह इस प्रकार उपयोग किए जाने के लिए मना कर देता है। परन्तु प्रभु यीशु उस वृक्ष को सहायता देने के लिए तैयार करता है जिससे समस्त मानव जाति के लिए पापों की क्षमा और उद्धार का मार्ग बन सके।

      अदन की वाटिका में एक वृक्ष उस वर्जित फल का स्त्रोत था जिसे खाकर हमारे आदि माता-पिता ने पाप के प्रवेश और मानव जाति में फैल जाने का मार्ग प्रदान किया। और जब परमेश्वर के पुत्र ने समस्त मानव जाति के लिए अपना लहू बलिदान कर के बहाया तब वह हमारे स्थान पर एक वृक्ष के काठ से बने क्रूस पर ठोका गया था (1 पतरस 2:24)।

      उद्धार पाने के लिए मसीह यीशु पर विश्वास करने वाले सभी लोगों के लिए क्रूस ही परिवर्तन बिंदु है। और जब से वह प्रभु यीशु के बलिदान के लिए प्रयोग हुआ है, वह उस अद्भुत अभूतपूर्व बलिदान के कारण पाप और मृत्यु से छुटकारा पाने का महान प्रतीक और चिन्ह बन गया है। प्रभु का क्रूस, हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम का अकथनीय, वर्णन से बाहर, महान प्रमाण है। - डेनिस फिशर


प्रभु यीशु ने हमारे उद्धार के लिए काठ पर अपना बलिदान दिया।

वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिये हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर कर के धामिर्कता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए।  - 1 पतरस 2:24

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:12-20
Colossians 1:12 और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिसने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में संभागी हों।
Colossians 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।
Colossians 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है।
Colossians 1:15 वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है।
Colossians 1:16 क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।
Colossians 1:17 और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।
Colossians 1:18 और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।
Colossians 1:19 क्योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे।
Colossians 1:20 और उसके क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्‍तुओं का उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्वर्ग में की।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 25-26
  • मत्ती 20:17-34



बुधवार, 30 जनवरी 2019

पुनर्निर्माण



      एडवर्ड क्ली जब अनेकों वर्षों तक बाहर रहने के पश्चात, बर्लिन लौट कर आए, तो उन्होंने पाया कि जिस शहर की उनकी स्मृतियाँ थीं और जिससे वे प्रेम करते थे, अब वह नहीं था; अब वह बिलकुल बदल गया था, और उन्होंने ध्यान किया कि इतने वर्षों में वे भी बहुत बदल गए थे। क्ली ने हेमिस्फेयर्स पत्रिका में अपने एक लेख में इसके विषय लिखा, “जिस शहर से आप प्रेम करते हैं, वहाँ लौट कर आना अप्रत्याशित हो सकता है...यह निराशात्मक भी हो सकता है।” अपने बीते समय के स्थानों पर जाना दुःख और हानि का आभास करवा सकता है। हम अब वह व्यक्ति नहीं हैं जो हम तब थे, और न ही वह स्थान जो हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण है वैसा है जैसा तब था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम नहेम्याह के विषय में देखते हैं कि वह अनेकों वर्षों से, इस्राएल के देश से दूर, निर्वासन में था। ऐसी परिस्थिति में उसे अपने लोगों की दुर्दशा और यरूशलेम के विनाश के बारे में पता चला। तब उसने फारस के राजा अर्तक्षत्र से अनुमति ली कि वह यरूशलेम जाकर वहाँ की शहरपनाह का पुनर्निर्माण करे। एक रात यरूशलेम की शहरपनाह की टोह लेने के बाद (नहेम्याह 2:13-15), नहेम्याह ने वहाँ के लोगों से कहा, “तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएं, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे” (पद 17)।

      नहेम्याह वापस केवल अपनी यादों को दोहराने के लिए नहीं आया था, वरन उस टूटे हुए को फिर से बनाने के लिए आया था। यह हमारे लिए एक सशक्त पाठ है; हम अपने अतीत के टूटे और बिगड़े हुए भागों को फिर से ठीक करके स्थापित करें। प्रभु यीशु में हमारा विश्वास, और हमारे जीवनों में कार्यकारी उसकी सामर्थ्य हमें आगे की ओर देखने, और टूटे हुए का पुनर्निर्माण करने के लिए सबल करती है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


हम अतीत को बदल तो नहीं सकते हैं, परन्तु परमेश्वर हमें भविष्य के लिए बदल रहा है।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: नहेम्याह 2:11-18
Nehemiah 2:11 जब मैं यरूशलेम पहुंच गया, तब वहां तीन दिन रहा।
Nehemiah 2:12 तब मैं थोड़े पुरुषों को ले कर रात को उठा; मैं ने किसी को नहीं बताया कि मेरे परमेश्वर ने यरूशलेम के हित के लिये मेरे मन में क्या उपजाया था। और अपनी सवारी के पशु को छोड़ कोई पशु मेरे संग न था।
Nehemiah 2:13 मैं रात को तराई के फाटक में हो कर निकला और अजगर के सोते की ओर, और कूड़ाफाटक के पास गया, और यरूशलेम की टूटी पड़ी हुई शहरपनाह और जले फाटकों को देखा।
Nehemiah 2:14 तब मैं आगे बढ़ कर सोते के फाटक और राजा के कुण्ड के पास गया; परन्तु मेरी सवारी के पशु के लिये आगे जाने को स्थान न था।
Nehemiah 2:15 तब मैं रात ही रात नाले से हो कर शहरपनाह को देखता हुआ चढ़ गया; फिर घूम कर तराई के फाटक से भीतर आया, और इस प्रकार लौट आया।
Nehemiah 2:16 और हाकिम न जानते थे कि मैं कहां गया और क्या करता था; वरन मैं ने तब तक न तो यहूदियों को कुछ बताया था और न याजकों और न रईसों और न हाकिमों और न दूसरे काम करने वालों को।
Nehemiah 2:17 तब मैं ने उन से कहा, तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएं, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे।
Nehemiah 2:18 फिर मैं ने उन को बतलाया, कि मेरे परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर कैसी हुई और राजा ने मुझ से क्या क्या बातें कही थीं। तब उन्होंने कहा, आओ हम कमर बान्धकर बनाने लगें। और उन्होंने इस भले काम को करने के लिये हियाव बान्ध लिया।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 23-24
  • मत्ती 20:1-16



मंगलवार, 29 जनवरी 2019

अनन्त



      जेरलीन टैली की मृत्यु जून 2015 में हुई, वह उस समय सँसार का सबसे वृद्ध व्यक्ति था – 116 वर्ष की आयु का। यरूशलेम शहर ने 1995 में अपना 3000वां जन्मदिन मनाया। मनुष्य के लिए 116 वर्ष की आयु बहुत वृद्ध होना है, और एक शहर के लिए 3000 वर्ष का होना बहुत प्राचीन होना है; परन्तु ऐसे भी पेड़ हैं जो इससे भी पुरातन हैं। कैलिफोर्निया के एक इलाके में स्थित एक देवदार के वृक्ष की आयु 4800 वर्ष की आंकी गई है, जिससे वह कुलपति अब्राहम से भी 800 वर्ष पुराना ठहरता है!

      जब यहूदी धर्म के अगुवों ने प्रभु यीशु मसीह को उसकी पहचान के विषय उसे चुनौती दी, तो “यीशु ने उन से कहा; मैं तुम से सच सच कहता हूं; कि पहिले इसके कि इब्राहीम उत्पन्न हुआ मैं हूं” (यूहन्ना  8:58)। ऐसा कहकर उसने यह दावा किया कि वह अब्राहम से भी पहले से है। उसके इस दृढ़ कथन से उसे चुनौती देने वाले हतप्रभ रह गए और उन्होंने उसे पत्थरवाह करके मारने का प्रयास किया, क्योंकि वे समझ गए कि वह अपनी शारीरिक आयु की बात नहीं कर रहा था परन्तु अपने आप को अनन्त और परमेश्वर के प्राचीन नाम “मैं हूँ” बता कर स्वयँ को परमेश्वर जता रहा था (देखें निर्गमन 3:14)। परन्तु त्रिएक परमेश्वर का अंग होने के नाते प्रभु यीशु वैध रूप से यह दावा कर सकता था।

      प्रभु यीशु ने यूहन्ना 17:3 में प्रार्थना की “और अनन्त जीवन यह है, कि वे तुझ अद्वैत सच्चे परमेश्वर को और यीशु मसीह को, जिसे तू ने भेजा है, जाने” उस अनन्त परमेश्वर ने समय में प्रवेश किया जिससे हमें अनन्त जीवन का उपहार दे सके। उसने अपना यह उद्देश्य हमारे स्थान पर मृत्यु दण्ड सहकर, और फिर मृतकों में से पुनरुत्थान के द्वारा, पूर्ण और प्रमाणित किया। उसके इस बलिदान के कारण हम उसके साथ उस भविष्य की बाट जोह रहे हैं जहाँ समय की कोई सीमा नहीं होगी, हम अनन्तकाल तक उसके साथ बने रहेंगे।

      हमारा प्रभु परमेश्वर अनन्त है, वह हमें भी अनन्त बना रहा है। - बिल क्राउडर


मसीह में सब वस्तुएँ स्थिर रहती हैं। - कुलुस्सियों 1:17

बाइबल पाठ: यूहन्ना 8:48-59
John 8:48 यह सुन यहूदियों ने उस से कहा; क्या हम ठीक नहीं कहते, कि तू सामरी है, और तुझ में दुष्टात्मा है?
John 8:49 यीशु ने उत्तर दिया, कि मुझ में दुष्टात्मा नहीं; परन्तु मैं अपने पिता का आदर करता हूं, और तुम मेरा निरादर करते हो।
John 8:50 परन्तु मैं अपनी प्रतिष्‍ठा नहीं चाहता, हां, एक तो है जो चाहता है, और न्याय करता है।
John 8:51 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि यदि कोई व्यक्ति मेरे वचन पर चलेगा, तो वह अनन्त काल तक मृत्यु को न देखेगा।
John 8:52 यहूदियों ने उस से कहा, कि अब हम ने जान लिया कि तुझ में दुष्टात्मा है: इब्राहीम मर गया, और भविष्यद्वक्ता भी मर गए हैं और तू कहता है, कि यदि कोई मेरे वचन पर चलेगा तो वह अनन्त काल तक मृत्यु का स्‍वाद न चखेगा।
John 8:53 हमारा पिता इब्राहीम तो मर गया, क्या तू उस से बड़ा है? और भविष्यद्वक्ता भी मर गए, तू अपने आप को क्या ठहराता है।
John 8:54 यीशु ने उत्तर दिया; यदि मैं आप अपनी महिमा करूं, तो मेरी महिमा कुछ नहीं, परन्तु मेरी महिमा करनेवाला मेरा पिता है, जिसे तुम कहते हो, कि वह हमारा परमेश्वर है।
John 8:55 और तुम ने तो उसे नहीं जाना: परन्तु मैं उसे जानता हूं; और यदि कहूं कि मैं उसे नहीं जानता, तो मैं तुम्हारे समान झूठा ठहरूंगा: परन्तु मैं उसे जानता हूं, और उसके वचन पर चलता हूं।
John 8:56 तुम्हारा पिता इब्राहीम मेरा दिन देखने की आशा से बहुत मगन था; और उसने देखा, और आनन्द किया।
John 8:57 यहूदियों ने उस से कहा, अब तक तू पचास वर्ष का नहीं; फिर भी तू ने इब्राहीम को देखा है?
John 8:58 यीशु ने उन से कहा; मैं तुम से सच सच कहता हूं; कि पहिले इसके कि इब्राहीम उत्पन्न हुआ मैं हूं।
John 8:59 तब उन्होंने उसे मारने के लिये पत्थर उठाए, परन्तु यीशु छिपकर मन्दिर से निकल गया।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 21-22
  • मत्ती 19



सोमवार, 28 जनवरी 2019

प्रेम



      हम मसीही विश्वासी उस परमेश्वर की सेवा करते हैं जो हमारी सेवा के कार्यों से बढ़कर, हम से प्रेम करता है। यह सच है कि परमेश्वर चाहता है कि अपने परिवारों की आवश्यकताओं के लिए हम कार्य करें, और उसके द्वारा रचे गए सँसार की ज़िम्मेदारी के साथ देख-भाल करें। वह हमसे यह भी आशा रखता है कि हम दुर्बल, भूखे, प्यासे, और दुखी लोगों की सेवा करें, तथा उनके प्रति भी सजग और संवेदनशील रहें जिन्होंने अब तक परमेश्वर की पवित्र आत्मा की प्रेम भरी पुकार को प्रत्युत्तर नहीं दिया है। परन्तु फिर भी जिस परमेश्वर के लिए हम यह सब कार्य करते हैं, वह हमारे कार्यों से बढ़कर हम से प्रेम रखता है।

      हमें इस बात को कभी नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि वह समय आ सकता है कि किसी अप्रत्याशित दुर्घटना, कोई स्वास्थ्य हानि, किसी परिस्थिति के कारण हमारे लिए परमेश्वर के लिए कुछ कर पाना संभव न रहे। परमेश्वर चाहता है कि ऐसे समयों में भी हम स्मरण रखें कि वह हम से प्रेम रखता है, जो हम उसके लिए करते हैं उसके कारण नहीं, वरन जो हम हैं – उसकी सन्तान, उसके कारण!

      जब एक बार हमने पापों से पश्चाताप करके प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धारकर्ता स्वीकार कर लिया, उसे अपना जीवन समर्पित कर दिया, उसके बाद फिर कोई भी “परेशानी, या कठिनाई, या सताव, या अकाल, या नग्नता, या खतरा, या तलवार” हमें “परमेश्वर के प्रेम से जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग [नहीं] कर सकेगी” (रोमियों 8:35, 39)।

      जब वह सब जो हम हैं या जो हम कर सकते हैं, हम से ले लिया जाए, तब भी परमेश्वर इतना ही चाहता है कि हम हमारे प्रति उसके प्रेम में आश्वस्त रहें, उसपर भरोसा बनाए रखें। - रैंडी किल्गोर


हमारे अस्तित्व का कारण परमेश्वर के साथ हमारी संगति है।

यहोवा ने मुझे दूर से दर्शन देकर कहा है। मैं तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ; इस कारण मैं ने तुझ पर अपनी करुणा बनाए रखी है। - यिर्मयाह 31:3

बाइबल पाठ: रोमियों 8:31-29
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे।
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।
Romans 8:31 सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है?
Romans 8:32 जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा?
Romans 8:33 परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है।
Romans 8:34 फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है।
Romans 8:35 कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार?
Romans 8:36 जैसा लिखा है, कि तेरे लिये हम दिन भर घात किए जाते हैं; हम वध होने वाली भेंडों के समान गिने गए हैं।
Romans 8:37 परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिसने हम से प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं।
Romans 8:38 क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ, न ऊंचाई,
Romans 8:39 न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 19-20
  • मत्ती 18:21-35