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गुरुवार, 29 अगस्त 2019

बाँटना



      बसंत और ग्रीषम ऋतु में, मैं अपने पड़ौसी के आँगन में उगने वाले फलों को सराहता हूँ। हम दोनों के आँगनों के मध्य की बाड़ के किनारे लगाई गई अंगूर की लाता में अंगूर के बड़े-बड़े गुच्छे लटकते हैं। हमारे हाथों की पहुँच के अन्दर ही पेड़ों पर अलूचे और संतरे लगे होते हैं। यद्यपि हम उनके आंगन में न तो मिट्टी की गुड़ाई करते हैं, न बीज बोते हैं, न पोधों में पानी देते या बगीचे की सफाई करते हैं, फिर भी हमारे पड़ौसी उनके आँगन में होने वाली इस बहुतायत की फसल को हमारे साथ बाँटते हैं। उस फसल की देख-रेख करने की जिम्मेदारी वे लेते हैं, परन्तु अपनी फसल से हमें भी आनन्दित होने देते हैं।

      बाड़ की दूसरी ओर के पेड़ों और लता के फलों से मुझे एक और प्रकार के फलों की फसल का स्मरण हो आता है जिससे मैं और परमेश्वर द्वारा मेरे जीवन में रखे गए लोग लाभान्वित होते हैं। वह फसल है आत्मा के फलों की।

      मसीह यीशु के अनुयायियों को नियुक्त किया गया है कि वे परमेश्वर के पवित्र-आत्मा की सामर्थ्य के द्वारा जीवन जीने के लाभों को लें (गलातियों 5:16-21)। जब परमेश्वर के वचन के सत्य के बीज हमारे हृदयों में बढ़ोतरी पाते हैं, तो पवित्र-आत्मा हमारे अन्दर से अपने फलों, “प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम” (पद 22-23) को अधिकाई से प्रगट होने देने में सहायता करता है।

      जब हम अपने जीवन प्रभु यीशु को समर्पित कर देते हैं, तो फिर हमें अपनी स्वार्थी इच्छाओं के द्वारा नियंत्रित नहीं रहना होता है (पद 24)। समय के साथ पवित्र-आत्मा हमारी सोच, व्यवहार, और हमारे कार्यों को बदल देता है। जैसे-जैसे हम मसीह में बढ़ते और परिपक्व होते जाते हैं, तो हम अपने आस-पास के लोगों के साथ पवित्र-आत्मा के फलों की इस उदार फसल की आशीषों को बाँटने के द्वारा, परमेश्वर के उनके प्रति प्रेम को भी उन पर प्रगट कर सकते हैं। - जोशील डिक्सन

पवित्र-आत्मा के फल हमें बदलते हैं, जिससे हम अपने आस-पास के लोगों पर प्रभाव डाल सकें।

तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जा कर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे। - यूहन्ना 15:16

बाइबल पाठ: गलातियों 5:16-25
Galatians 5:16 पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे।
Galatians 5:17 क्योंकि शरीर आत्मा के विरोध में, और आत्मा शरीर के विरोध में लालसा करती है, और ये एक दूसरे के विरोधी हैं; इसलिये कि जो तुम करना चाहते हो वह न करने पाओ।
Galatians 5:18 और यदि तुम आत्मा के चलाए चलते हो तो व्यवस्था के आधीन न रहे।
Galatians 5:19 शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात व्यभिचार, गन्‍दे काम, लुचपन।
Galatians 5:20 मूर्ति पूजा, टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, विरोध, फूट, विधर्म।
Galatians 5:21 डाह, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, और इन के जैसे और और काम हैं, इन के विषय में मैं तुम को पहिले से कह देता हूं जैसा पहिले कह भी चुका हूं, कि ऐसे ऐसे काम करने वाले परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे।
Galatians 5:22 पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
Galatians 5:23 और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं।
Galatians 5:24 और जो मसीह यीशु के हैं, उन्होंने शरीर को उस की लालसाओं और अभिलाषाओं समेत क्रूस पर चढ़ा दिया है।
Galatians 5:25 यदि हम आत्मा के द्वारा जीवित हैं, तो आत्मा के अनुसार चलें भी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 126-128
  • 1 कुरिन्थियों 10:19-33



बुधवार, 28 अगस्त 2019

ध्यान



      जौन न्यूटन ने लिखा था, “यदि घर जाते समय मुझे मार्ग में कोई ऐसा बच्चा मिले जिसका छोटा सिक्का गिर कर खो गया है, और उसे मैं अपनी ओर से एक सिक्का दे कर उसके आँसू पोंछ सकता हूँ, तो मैं समझूँगा कि मैंने कुछ विशेष किया है। मुझे तो इससे भी बड़े काम करने से खुश होना चाहिए; परन्तु मैं यह छोटा काम भी करता रहूँगा।”

      इन दिनों में ऐसे लोगों की कोई कमी नहीं है जिन्हें कुछ सांतवना और शान्ति की आवश्यकता है। उदाहरण के लिए, चिंताओं से दबा हुआ किराने की दूकान में काम करने वाला खजांची, जिसे घर का खर्च चलाने के लिए दो नौकरियां करनी पड़ रही हैं; एक शरणार्थी जिसे घर की तलाश है; एक अकेली माँ जिसकी चिंताओं के बोझ ने उसकी आशा को धूमिल कर दिया है; एक अकेला वृद्ध व्यक्ति जिसे लगता है कि अब उसकी उपयोगिता समाप्त हो गई है; इत्यादि।

      ऐसे में हमें क्या करना चाहिए? परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार दाऊद ने लिखा, “क्या ही धन्य है वह, जो कंगाल की सुधि रखता है” (भजन 41:1)। हम जिनके संपर्क में आते हैं, चाहे हम उनकी गरीबी को हटा न सकें, हम उनकी सुधि रख सकते हैं – सुधि रखना एक क्रिया है जिसका अर्थ होता है उनका ध्यान रखना।

      हम लोगों को अवगत करवा सकते हैं कि हम उनका ध्यान रखते हैं – हम उन्हें आदर और नम्रता का व्यवहार दिखा सकते हैं, चाहे वे चिड़चिड़े और उबा देने वाले ही क्यों न हों। हम उनकी बातों को रुचि के साथ सुन सकते हैं। और हम उनके साथ या उनके लिए प्रार्थना कर सकते हैं – जो सबसे अधिक सहायतापूर्ण और चँगा करने वाला कार्य है।

      प्रभु यीशु द्वारा कही गई विरोधाभास वाली बात “लेने से देना धन्य है” (प्रेरितों 20:35) को स्मरण रखें। ध्यान देने, सुधि रखने से हमारा ही भला होता है क्योंकि हम जितना अपने आप को औरों के लिए खर्च करेंगे, हम उतने अधिक आनन्दित रहेंगे। निर्धनों का ध्यान रखें। - डेविड रोपर


प्रेम के लिए औरों को दिया गया जीवन ही जीने योग्य जीवन है। - फ्रेड्रिक ब्युक्नर

हमारे परमेश्वर और पिता के निकट शुद्ध और निर्मल भक्ति यह है, कि अनाथों और विधवाओं के क्‍लेश में उन की सुधि लें, और अपने आप को संसार से निष्‍कलंक रखें। - याकूब 1:27

बाइबल पाठ: भजन 41:1-3
Psalms 41:1 क्या ही धन्य है वह, जो कंगाल की सुधि रखता है! विपत्ति के दिन यहोवा उसको बचाएगा।
Psalms 41:2 यहोवा उसकी रक्षा कर के उसको जीवित रखेगा, और वह पृथ्वी पर भाग्यवान होगा। तू उसको शत्रुओं की इच्छा पर न छोड़।
Psalms 41:3 जब वह व्याधि के मारे सेज पर पड़ा हो, तब यहोवा उसे सम्भालेगा; तू रोग में उसके पूरे बिछौने को उलटकर ठीक करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 123-125
  • 1 कुरिन्थियों 10:1-18



मंगलवार, 27 अगस्त 2019

खोजी



      प्रति शनिवार हमारा परिवार दौड़ के मैदान के किनारे पर खड़ा होकर प्रतियोगिता में भाग ले रही हमारी बेटी को प्रोत्साहित करता है, जब वह अपने हाई-स्कूल की लंबी-दूरी की दौड़ की टीम के साथ प्रतियोगिता में भाग लेती है। समापन रेखा को पार करने के बाद सभी खिलाड़ी अपनी-अपनी टीम के अन्य सदस्यों, प्रशिक्षकों, और अभिभावकों से मिलने के लिए मैदान में फ़ैल जाते हैं। भीड़, बहुधा तीन सौ से भी अधिक लोगों की, उन धावकों को घेर लेती है, जिससे उनमें से किसी एक को पहचान पाना कठिन हो जाता है। हम सभी परिवार जनों की आँखें उस एक धावक, हमारी बेटी को, जिसे देखने हम आए हैं, ढूँढ़ रही होती हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह नबी की पुस्तक में, सत्तर वर्ष की बेबिलौन की बंधुवाई के बाद परमेश्वर द्वारा इस्राएलियों के यरूशलेम और यहूदा लौटा कर लाए जाने का वर्णन है। यशायाह बताता है कि परमेश्वर उनसे कैसा आनन्दित हुआ, कैसे उनके लौटने के मार्ग और उनके स्वागत के लिए द्वार तैयार करवाए। परमेश्वर पुष्टि करता है कि वे उसके बुलाए और पवित्र किए हुए लोग हैं, और उनके आदर के लिए उन्हें एक नया नाम देता है “तेरा नाम ग्रहण की हुई अर्थात न-त्यागी हुई नगरी पड़ेगा” (यशायाह 62:12)। परमेश्वर ने उन्हें बेबिलौन के विभिन्न स्थानों से एकत्रित करके अपने पास बुलाया था।

      इस्राएलियों के समान, हम भी परमेश्वर के प्रिय सन्तान हैं, जिन्हें परमेश्वर लगन से खोजता है। यद्यपि एक समय हमारे पापों के कारण हम उससे दूर थे, परन्तु प्रभु यीशु मसीह के बलिदान और पुनरुत्थान के द्वारा परमेश्वर के साथ हमारे मेल-मिलाप और संगति के लिए मार्ग बनकर तैयार हो गया है। परमेश्वर हमारा खोजी है कि हम उसके पास लौट आएँ, वह सँसार के लोगों में से हमें खोज रहा है, हमारे स्वागत के लिए और हमें गले लगाने के लिए लालायित रहता है। - कर्स्टेन होल्म्बर्ग


परमेश्वर अपनी प्रिय संतानों का खोजी है।

क्योंकि परमेश्वर यहोवा यों कहता है, देखो, मैं आप ही अपनी भेड़-बकरियों की सुधि लूंगा, और उन्हें ढूंढ़ूंगा। जैसे चरवाहा अपनी भेड़-बकरियों में से भटकी हुई को फिर से अपने झुण्ड में बटोरता है, वैसे ही मैं भी अपनी भेड़-बकरियों को बटोरूंगा; मैं उन्हें उन सब स्थानों से निकाल ले आऊंगा, जहां जहां वे बादल और घोर अन्धकार के दिन तितर-बितर हो गई हों। - यहेजकेल 34:11-12

बाइबल पाठ: यशायाह 62:1-12
Isaiah 62:1 सिय्योन के निमित्त मैं चुप न रहूंगा, और यरूशलेम के निमित्त मैं चैन न लूंगा, जब तक कि उसकी धामिर्कता प्रकाश के समान और उसका उद्धार जलते हुए पलीते के समान दिखाई न दे।
Isaiah 62:2 जब अन्यजातियां तेरा धर्म और सब राजा तेरी महिमा देखेंगे; और तेरा एक नया नाम रखा जाएगा जो यहोवा के मुख से निकलेगा।
Isaiah 62:3 तू यहोवा के हाथ में एक शोभायमान मुकुट और अपने परमेश्वर की हथेली में राजमुकुट ठहरेगी।
Isaiah 62:4 तू फिर त्यागी हुई न कहलाएगी, और तेरी भूमि फिर उजड़ी हुई न कहलाएगी; परन्तु तू हेप्सीबा और तेरी भूमि ब्यूला कहलाएगी; क्योंकि यहोवा तुझ से प्रसन्न है, और तेरी भूमि सुहागन होगी।
Isaiah 62:5 क्योंकि जिस प्रकार जवान पुरूष एक कुमारी को ब्याह लाता है, वैसे ही तेरे पुत्र तुझे ब्याह लेंगे; और, जैसे दुल्हा अपनी दुल्हिन के कारण हषिर्त होता है, वैसे ही तेरा परमेश्वर तेरे कारण हषिर्त होगा।
Isaiah 62:6 हे यरूशलेम, मैं ने तेरी शहरपनाह पर पहरूए बैठाए हैं; वे दिन-रात कभी चुप न रहेंगे। हे यहोवा को स्मरण करने वालो, चुप न रहो,
Isaiah 62:7 और, जब तक वह यरूशलेम को स्थिर कर के उसकी प्रशंसा पृथ्वी पर न फैला दे, तब तक उसे भी चैन न लेने दो।
Isaiah 62:8 यहोवा ने अपने दाहिने हाथ की और अपनी बलवन्त भुजा की शपथ खाई है: निश्चय मैं भविष्य में तेरा अन्न अब फिर तेरे शत्रुओं को खाने के लिये न दूंगा, और परदेशियों के पुत्र तेरा नया दाखमधु जिसके लिये तू ने परिश्रम किया है, नहीं पीने पाएंगे;
Isaiah 62:9 केवल वे ही, जिन्होंने उसे खत्ते में रखा हो, उस से खाकर यहोवा की स्तुति करेंगे, और जिन्होंने दाखमधु भण्डारों में रखा हो, वे ही उसे मेरे पवित्रस्थान के आंगनों में पीने पाएंगे।
Isaiah 62:10 जाओ, फाटकों में से निकल जाओ, प्रजा के लिये मार्ग सुधारो; राजमार्ग सुधार कर ऊंचा करो, उस में के पत्थर बीन बीनकर फेंक दो, देश देश के लोगों के लिये झण्डा खड़ा करो।
Isaiah 62:11 देखो, यहोवा ने पृथ्वी की छोर तक इस आज्ञा का प्रचार किया है: सिय्योन की बेटी से कहो, देख, तेरा उद्धारकर्ता आता है, देख, जो मजदूरी उसको देनी है वह उसके पास है और उसका काम उसके सामने है।
Isaiah 62:12 और लोग उन को पवित्र प्रजा और यहोवा के छुड़ाए हुए कहेंगे; और तेरा नाम ग्रहण की हुई अर्थात न-त्यागी हुई नगरी पड़ेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 120-122
  • 1 कुरिन्थियों 9



सोमवार, 26 अगस्त 2019

प्रमाणित लेख



      बहुत वर्षों से मैं घाना में मेरे और मेरे भाई के साथ, हमारे बचपन में घटित एक घटना की कहानी सुनाता रहा था। मुझे जैसे वह घटना याद थी,  मेरे भाई ने हमारी पुरानी, लोहे से बनी, तिपहिया साईकिल एक नाग के ऊपर लाकर खड़ी कर दी। क्योंकि साईकिल बहुत भारी थी, इसलिए वह नाग उसके अगले पहिए के नीचे दबा पड़ा रहा।

      किन्तु मेरी मौसी और मेरी माँ के देहांत के पश्चात, हमें मेरी माँ द्वारा लिखी गई एक पुरानी चिट्ठी मिली जिसमें उन्होंने उस घटना के बारे में लिखा था। उस चिट्ठी से हमें वास्तविकता पता चली, कि सांप के उपर साईकिल मैंने खड़ी की थी और मेरा भाई माँ को बताने के लिए दौड़कर अन्दर चला गया था। उनके प्रत्यक्षदर्शी विवरण के कारण, जो घटना घटित होने के निकट समय में ही लिखा गया था, वास्तविकता प्रगट हो गई, कोई संदेह नहीं रहा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह की जीवनी लिखने के लिए लूका ने भी सच्चे अभिलेखों के महत्व को समझा, और उसने प्रत्यक्षदर्शीयों के बयान और विवरण के आधार पर सारा ब्यौरा लिखा, जिससे जो बातें कही और सिखाई जा रही थीं उनकी सत्यता प्रमाणित हो सके (लूका 1:2-4)। उसके इसी परिश्रम का परिणाम बाइबल में ‘लूका रचित सुसमाचार है’। लूका ने ही प्रेरितों के काम नामक पुस्तक को भी लिखा, और उसके आरंभ में लिखा “उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा” (प्रेरितों 1:3)।

      हमारा मसीही विश्वास कही-सुनी बातों या काल्पनिक कहानियों पर आधारित नहीं है। हमारा विश्वास प्रभु यीशु मसीह के जीवन के बारे में प्रमाणित और अकाट्य लेखों पर आधारित है, जो हमें बताते हैं कि प्रभु यीशु समस्त मानव जाति को उद्धार और परमेश्वर से मेल-मिलाप का मार्ग प्रदान करने के लिए आए थे। - टिम गुस्ताफासन

वास्तविक विश्वास यथार्थ पर आधारित होता है।

और बालकपन से पवित्र शास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। - 2 तिमुथियुस 3:15-16

बाइबल पाठ: लूका 1:1-4; प्रेरितों 1:1-3
Luke 1:1 इसलिये कि बहुतों ने उन बातों को जो हमारे बीच में होती हैं इतिहास लिखने में हाथ लगाया है।
Luke 1:2 जैसा कि उन्होंने जो पहिले ही से इन बातों के देखने वाले और वचन के सेवक थे हम तक पहुंचाया।
Luke 1:3 इसलिये हे श्रीमान थियुफिलुस मुझे भी यह उचित मालूम हुआ कि उन सब बातों का सम्पूर्ण हाल आरम्भ से ठीक ठीक जांच कर के उन्हें तेरे लिये क्रमानुसार लिखूं।
Luke 1:4 कि तू यह जान ले, कि वे बातें जिनकी तू ने शिक्षा पाई है, कैसी अटल हैं।
Acts 1:1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा।
Acts 1:2 उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उसने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया।
Acts 1:3 और उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:89-176
  • 1 कुरिन्थियों 8



रविवार, 25 अगस्त 2019

प्रलोभन



      कुछ वर्ष पहले की बात है, मेरी भांजी ने मुझे स्मार्ट फोन पर खेले जाने वाले वीडियो गेम “पोकेमोन गो” को उसके साथ खेलने के लिए बाध्य किया। उस खेल का उद्देश्य पोकेमोन नामक छोटे प्राणियों को पकड़ना है। जब खेल के दौरान कोई पोकेमोन फोन के स्क्रीन पर प्रगट होता है तो साथ ही लाल और सफ़ेद गेंद भी स्क्रीन पर आ जाती हैं, और खेलने वाले को अपनी उँगली के झटके से उस गेंद को पोकेमोन की ओर फेंकना होता है। परन्तु पोकेमोन को और अधिक सरलता से पकड़ने का तरीका होता है उन्हें किसी प्रलोभन से आकर्षित करना।

      केवल पोकेमोन ही प्रलोभनों द्वारा आकर्षित किए जाकर भटकाए नहीं जा सकते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह के भाई याकूब ने अपनी पत्री में लिखा कि, “परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंच कर, और फंस कर परीक्षा में पड़ता है” (1:14)। दूसरे शब्दों में, हमारी लालसाएँ, प्रलोभनों के साथ मिलकर हमें गलत मार्ग पर चला देते हैं। चाहे हम शैतान या परमेश्वर को अपनी समस्या के लिए दोषी ठहराएँ, परन्तु हमारे लिए वासत्विक खतरा हमारे अन्दर ही  होता है।

      परन्तु अच्छा समाचार भी है। हम प्रलोभनों द्वारा भटकाए जाने से बच सकते हैं, परमेश्वर से अपनी लालसाओं और प्रलोभनों के बारे में बातचीत करने के द्वारा। यद्यपि, जैसा कि याकूब 1:13  में स्पष्ट करता है, “...क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वह किसी की परीक्षा आप करता है”, लेकिन वह गलत करने की मानव प्रवृत्ति को समझता है। हमें बस परमेश्वर से उसके द्वारा दी गई प्रतिज्ञा (पद 5) के अनुसार उपयुक्त बुद्धि माँगने की आवश्यकता है, कि हम उस प्रलोभन और लालसा के चँगुल में पड़कर गलत मार्ग अपनाने से बचे रह सकें। - लिंडा वॉशिंगटन


गलती करने की अपनी प्रवृत्ति पर प्रार्थना द्वारा काबू पाएँ।

मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा देने वाला होता है, उस में असाध्य रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है? – यिर्मयाह 17:9

बाइबल पाठ: याकूब 1: 2-6, 12-15
James 1:2 हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो
James 1:3 तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है।
James 1:4 पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।
James 1:5 पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी।
James 1:6 पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्‍देह न करे; क्योंकि सन्‍देह करने वाला समुद्र की लहर के समान है जो हवा से बहती और उछलती है।
James 1:12 धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह खरा निकल कर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिस की प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करने वालों को दी है।
James 1:13 जब किसी की परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वह किसी की परीक्षा आप करता है।
James 1:14 परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंच कर, और फंस कर परीक्षा में पड़ता है।
James 1:15 फिर अभिलाषा गर्भवती हो कर पाप को जनती है और पाप जब बढ़ जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:1-88
  • 1 कुरिन्थियों 7:20-40



शनिवार, 24 अगस्त 2019

औरों के



      मेरा मित्र जेमी एक विशाल अन्तर्राष्ट्रीय कंपनी में काम करता है। उस कंपनी में काम करने के उसके आरंभिक दिनों की बात है कि एक व्यक्ति उसके दफ्तर में उसके पास आया और उससे बातचीत करने लगा, उसने जेमी से पता किया कि वह वहाँ क्या काम कर रहा है। जेमी ने उस व्यक्ति को अपने काम के बारे में बताने के पश्चात, उससे उसका नाम पूछा, तो उस व्यक्ति ने कहा ‘मेरा नाम रिच है’; जेमी ने उत्तर दिया कि ‘आपसे मिलकर प्रसन्नता हुई; आप यहाँ पर क्या काम करते हैं?’ तो व्यक्ति ने जेमी को उत्तर दिया, ‘मैं यहाँ का मालिक हूँ!’ जेमी ने उस पल अचानक ही पहचाना कि उसका यह आकस्मिक, सामान्य शिष्टाचार के अन्तर्गत किया जा रहा वार्तालाप, सँसार के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक के साथ हो रहा था।

      आज के आत्म-प्रशंसा और “मैं” के महत्व को ऊपर रखने के युग में, जेमी की यह कहानी हमारा ध्यान पौलुस प्रेरित द्वारा परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पी की मसीही मण्डली को लिखी गई पत्री की बात स्मरण की ओर खींचती है: “विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो” (फिलिप्पियों 2:3)। पौलुस यहाँ जिन गुणों का वर्णन कर रहा है वे उन में पाए जाते हैं जो अपने पर नहीं वरन औरों पर अपना ध्यान लगाते हैं।

      जब हम “दूसरे को अपने आप से अच्छा” समझते हैं, तब हम मसीह यीशु के समान दीनता को प्रगट करते हैं (पद 3); हम अपने जीवनों से प्रभु यीशु के जीवन को प्रतिबिंबित करते हैं जो सेवा लेने नहीं परन्तु औरों की सेवा करने के लिए आए थे (मरकुस 10:45)। जब हम प्रभु यीशु के समान सेवक का स्वरूप धारण कर लेते हैं (2:7), तब हम में प्रभु यीशु का स्वभाव आ जाता है (पद 5)।

      आज जब हम औरों के साथ बातचीत करें, उनके साथ संपर्क में आएँ, तो हम केवल अपने बारे में ही न सोचें, वरन औरों के हितों की भी चिंता करें (पद 4)। - डेव ब्रैनन


औरों की सेवा के द्वारा परमेश्वर की सेवा करें।

क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे। - मरकुस 10:45

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2: 1-11
Philippians 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है।
Philippians 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।
Philippians 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
Philippians 2:4 हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे।
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो।
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा।
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 116-118
  • 1 कुरिन्थियों 7:1-19



शुक्रवार, 23 अगस्त 2019

क्षमा



      अपनी युवावस्था में मैंने अपनी एक सहेली को आमंत्रित किया कि वह मेरे साथ हमारे घर के निकट स्थित उपहारों की वस्तुओं को बेचने की के दूकान में सामान दखने के लिए आए। किन्तु उसने मुझे चकित कर दिया, जब उसने एक मुट्ठी-भर बालों में लगाए जाने वाले रंगीन क्लिप्स उठाकर मेरी जेब में डाल दिए और दुकानदार को पैसे दिए बिना मुझे खींचती हुई दूकान से बाहर ले गई। मैं इस बात के दोष को लेकर सप्ताह भर परेशान रही और फिर मैंने रोते हुए अपनी माँ से सब कह सुनाया।

      अपनी सहेली द्वारा चोरी करने का विरोध न करने से दुखी होकर मैंने जाकर वे चोरी के क्लिप्स दुकानदार को लौटा दिए, उससे क्षमा माँगी और प्रण लिया कि मैं फिर कभी चोरी नहीं करूँगी। परन्तु दुकानदार ने मुझ से कहा कि अब से मैं उसकी दूकान में फिर कभी न आऊँ। परन्तु क्योंकि मेरी माँ ने मुझे आश्वस्त किया कि मैंने बात को ठीक करने के लिए अपनी ओर से सब कुछ कर दिया था, और क्योंकि उन्होंने मुझे क्षमा कर दिया था, इसलिए मैं उस रात चैन से सो सकी।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पढ़ते हैं कि राजा दाऊद ने भी पापों के अंगीकार और क्षमा के द्वारा विश्राम पाया (भजन 32:1-2)। उसने बतशीबा और उरिय्याह के विरुद्ध किए गए अपने पाप को छुपाया था (2 शमूएल 11-12), किन्तु उसकी “तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई” (भजन 32:3-4)। फिर जब दाऊद ने अपने पाप को प्रगट कर दिया, तो प्रभु ने उसे क्षमा कर दिया (पद 5)। फिर परमेश्वर ने “संकट से” उसकी रक्षा की, और “छुटकारे के गीतों से घेर लेगा” (पद 7)। दाऊद आनन्दित हुआ क्योंकि “जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह करूणा से घिरा रहेगा” (पद 10)।

      हम अपने पापों के परिणामों को नहीं चुन सकते हैं और न ही जब हम उन्हें स्वीकार करके उनके लिए क्षमा माँगते हैं तो लोगों की प्रतिक्रिया को नियंत्रित कर सकते हैं। परन्तु परमेश्वर हमें सामर्थी कर सकता है कि हम पापों कोस्वीकार करके, पाप के दासत्व से स्वतंत्र होकर, शान्ति का आनन्द लें, क्योंकि प्रभु हमें आश्वस्त करता है कि उसने उन पापों को मिटा दिया है। - जोशील डिक्सन


जब परमेश्वर क्षमा करता है तो सारा दोष मिट जाता है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: भजन 32:1-11
Psalms 32:1 क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ाँपा गया हो।
Psalms 32:2 क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो।
Psalms 32:3 जब मैं चुप रहा तब दिन भर कराहते कराहते मेरी हडि्डयां पिघल गई।
Psalms 32:4 क्योंकि रात दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई।
Psalms 32:5 जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया।
Psalms 32:6 इस कारण हर एक भक्त तुझ से ऐसे समय में प्रार्थना करे जब कि तू मिल सकता है। निश्चय जब जल की बड़ी बाढ़ आए तौभी उस भक्त के पास न पहुंचेगी।
Psalms 32:7 तू मेरे छिपने का स्थान है; तू संकट से मेरी रक्षा करेगा; तू मुझे चारों ओर से छुटकारे के गीतों से घेर लेगा।
Psalms 32:8 मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा; मैं तुझ पर कृपा दृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा।
Psalms 32:9 तुम घोड़े और खच्चर के समान न बनो जो समझ नहीं रखते, उनकी उमंग लगाम और बाग से रोकनी पड़ती है, नहीं तो वे तेरे वश में नहीं आने के।
Psalms 32:10 दुष्ट को तो बहुत पीड़ा होगी; परन्तु जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह करूणा से घिरा रहेगा।
Psalms 32:11 हे धर्मियों यहोवा के कारण आनन्दित और मगन हो, और हे सब सीधे मन वालों आनन्द से जयजयकार करो!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 113-115
  • 1 कुरिन्थियों 6