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रविवार, 29 सितंबर 2019

विश्वास



      जब हमारा बेटा नशीले पदार्थों की लत के साथ संघर्ष कर रहा था, तब यदि आप मुझ से यह कहते कि एक दिन परमेश्वर हमारे उन अनुभवों का उपयोग उन परिवारों के भलाई के लिए करेगा जो ऐसे ही संघर्षों का सामना कर रहे हैं, तो मुझे इस बात पर विश्वास करने में बहुत कठिनाई होती। परमेश्वर के पास ऐसी कठिन परिस्थितियों में से भी, जिनमें, जब हम उनमें से होकर निकल रहे होते हैं, कुछ भी अच्छा दिखाई नहीं देता है, भलाई निकाल लाने की क्षमता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम देखते हैं कि प्रभु यीशु के एक शिष्य थोमा को भी कोई आशा नहीं थी कि परमेश्वर उसके विश्वास को सबसे बड़ी चुनौती देने वाली घटना – प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने और मारे जाने, में से भी कुछ भला निकाल कर देगा। जब अपने पुनरुत्थान के पश्चात प्रभु यीशु अपने शिष्यों के पास आए थे, उस समय थोमा उन शिष्यों के साथ नहीं था। जब शिष्यों ने उसे प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के विषय बताया, तो अपने घोर निराशा और शोक में होकर थोमा ने कहा, “...जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा” (यूहन्ना 20:25)।

      परन्तु बाद में जब प्रभु यीशु फिर से थोमा की उपस्थिति में अपने शिष्यों से मिलने आए, तो थोमा के अविश्वास में से परमेश्वर के आत्मा ने उससे विश्वास का एक असाधारण कथन व्यक्त करवाया “हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर!” (पद 28)। थोमा ने जब यह कहा तब वह एक महान सत्य को समझने की प्रक्रिया से होकर निकल रहा था – उसके सामने खड़ा प्रभु यीशु वास्तव में देहधारी परमेश्वर था। थोमा का कथन विश्वास का एक ऐसा अति-दृढ़ कथन था, जो तब से लेकर आज तक, सदियों से मसीही विश्वासियों को प्रोत्साहित करता और मसीही विश्वास में उभारता आया है।

      हमारा परमेश्वर हमारे हृदयों में एक नया विश्वास जागृत कर सकता है, ऐसे समयों में भी जब हम उसकी आशा भी नहीं करते हैं। हम उसकी विश्वासयोग्यता पर सदा भरोसा रखे रह सकते हैं – उसके लिए कुछ भी कठिन नहीं है; विश्वास रखिए! – जेम्स बैंक्स

परमेश्वर हमारे संदेहों को दृढ़ विश्वास के कथन बना सकता है।

वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 20:24-31
John 20:24 परन्तु बारहों में से एक व्यक्ति अर्थात थोमा जो दिदुमुस कहलाता है, जब यीशु आया तो उन के साथ न था।
John 20:25 जब और चेले उस से कहने लगे कि हम ने प्रभु को देखा है: तब उसने उन से कहा, जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा।
John 20:26 आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्‍द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा हो कर कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले।
John 20:27 तब उसने थोमा से कहा, अपनी उंगली यहां लाकर मेरे हाथों को देख और अपना हाथ लाकर मेरे पंजर में डाल और अविश्वासी नहीं परन्तु विश्वासी हो।
John 20:28 यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर!
John 20:29 यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया।
John 20:30 यीशु ने और भी बहुत चिन्ह चेलों के साम्हने दिखाए, जो इस पुस्‍तक में लिखे नहीं गए।
John 20:31 परन्तु ये इसलिये लिखे गए हैं, कि तुम विश्वास करो, कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र मसीह है: और विश्वास कर के उसके नाम से जीवन पाओ।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 7-8
  • इफिसियों 2



शनिवार, 28 सितंबर 2019

प्रार्थना



      नवंबर 2015 में, मुझे पता चला कि मुझे दिल के ऑपरेशन की आवश्यकता है। मैं चकित तथा विचलित हुआ, और स्वाभाविक था कि मैं अपनी मृत्यु की संभावना के विषय भी विचार करता। क्या कोई ऐसा संबंध था जिसमें कुछ सुधर करने की आवश्यकता थी? क्या मेरे परिवार के लिए आर्थिक बातों का प्रावधान करना था? क्या वह समय आने से पूर्व कोई कार्य करना आवश्यक था? क्या कोई ऐसा कार्य था, जिसे टाला नहीं जा सकता था; उसे किसे सौंपना था? मेरे लिए वह समय कार्य करने तथा प्रार्थना करने का समय था।

      परन्तु मेरी स्थिति ऐसी थी कि मैं न कार्य कर सकता था और न ही प्रार्थना करने पा रहा था।

      मेरा शरीर और मन दोनों ही बहुत थके हुए थे, इतने कि बहुत सामान्य सा काम करना भी मुझ से नहीं हो पा रहा था; और जब मैं प्रार्थना करने का प्रयास करता तो शीघ्र ही मेरा ध्यान भटक कर मेरी शारीरिक स्थिति की ओर चला जाता, और कमज़ोर हृदय के कारण साँस लेने में होने वाली दिक्कत से मुझे शीघ्र ही नींद आ जाती थी। यह सब मेरे लिए बहुत निराशाजनक था – न मैं कुछ कर सकता था, और न ही परमेश्वर से प्रार्थना कर सकता था कि मुझे जीवन प्रदान करे जिससे मैं अपने परिवार के साथ और समय बिता सकूँ।

      मुझे सबसे अधिक परेशान मेरे प्रार्थना न कर पाने ने किया। परन्तु जिस प्रकार से हमारा परमेश्वर पिता, हमारी शारीरिक आवश्यकताओं के लिए प्रावधान करता है, उसी प्रकार से उसने मेरी इन परिस्थितियों के लिए भी प्रावधान किया हुआ था, क्योंकि वह जानता था कि मेरे साथ क्या हो रहा है। मुझे बाद में समझ आया कि हमारी ऐसी परिस्थितियों के लिए उसने हमारे लिए दो प्रावधान किए हैं: पहला, जब हम प्रार्थना करने में असक्षम होते हैं, तो पवित्रात्मा हमारे लिए प्रार्थना करता है (रोमियों 8:26), तथा हमारे लिए परमेश्वर के अन्य जन भी प्रार्थनाएं करते हैं (याकूब 5:16; गलातियों 6:2)।

      मेरे लिए यह बहुत ही दिलासा देने वाला था कि पवित्र आत्मा परमेश्वर पिता के सम्मुख मेरे लिए निवेदन कर रहा था। और फिर एक और अचरज की बात सामने आई, जब मेरे मित्र और परिवार जन मुझ से पूछते थे कि मेरे लिए वे किन विषयों पर प्रार्थना करें, तो यह भी स्पष्ट होता गया कि मैं जो उन्हें कहता था, वह परमेश्वर द्वारा मेरी की गई प्रार्थना के रूप में ग्रहण किया जा रहा था।

      अनिश्चितता और परेशानी के समय में यह जानना कितना सांत्वना देने वाला होता है कि परमेश्वर हमारे हृदय की बात को हमारी प्रार्थना के समान सुनता है, चाहे हम उसे पुकार भी न पा रहे हों। - रैंडी किल्गोर

परमेश्वर अपने बच्चों की प्रार्थनाओं की कभी अनसुनी नहीं करता है।

जब मैं मूर्छा खाने लगा, तब मैं ने यहोवा को स्मरण किया; और मेरी प्रार्थना तेरे पास वरन तेरे पवित्र मन्दिर में पहुंच गई। - योना 2:7

बाइबल पाठ: रोमियों 8:22-28
Romans 8:22 क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है।
Romans 8:23 और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कराहते हैं; और लेपालक होने की, अर्थात अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं।
Romans 8:24 आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योंकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा?
Romans 8:25 परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जोहते भी हैं।
Romans 8:26 इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है।
Romans 8:27 और मनों का जांचने वाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है।
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 5-6
  • इफिसियों 1



शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

वस्त्र



      शरद ऋतु के लिए खरीदे गए एक वस्त्र पर से उसकी कीमत का लेबल हटाते हुए मेरा ध्यान उस लेबल की पिछली ओर लिखी हुई बात पर गया। वस्त्र को बनाने वालों ने लिखा था, “चेतावनी: इस अद्भुत वस्त्र को पहिनने के पश्चात आप बाहर जाना एवँ रहना चाहेंगे।” मैं उनकी बात को पढ़कर मुस्कुराया। यदि ऋतु के अनुसार ठीक से वस्त्र पहिनें हों तो व्यक्ति कठोर मौसम में भी सुरक्षित रह सकता है।

      यही सिद्धांत हमारे आत्मिक जीवन में भी लागू होता है। प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने के नाते, प्रभु ने हमें जीवन के प्रत्येक ‘मौसम’ के लिए आवश्यक उचित ‘वस्त्र’ अपने वचन बाइबल में प्रदान किए हैं। कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी पत्री में प्रेरित पौलुस उन्हें लिखता है, “इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो” (कुलुस्सियों 3:12-13)।

      जो वस्त्र परमेश्वर उपलब्ध करवाता है, जैसे कि करुणा, भलाई, दीनता, और नम्रता, वे हमें सक्षम करते हैं कि हम विरोध, और आलोचना का सामना धैर्य, क्षमा, और प्रेम के साथ करें। जीवन की आँधी-तूफानों में उन ‘वस्त्रों’ से हमें स्थिर बने रहने की शक्ति मिलती है।

      जब हम घर, स्कूल, या कार्यस्थल पर विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हैं, तो जो “वस्त्र” परमेश्वर हमें पहिनने के लिए कहता है, वे हमारी सुरक्षा करते हैं, और हमें सक्षम करते हैं कि हम सकारात्मक प्रभाव डाल सकें। परमेश्वर के मार्गदर्शन के अनुसार ‘वस्त्र’ पहिनने से हमारे लिए मौसम तो नहीं बदलता है, परन्तु वे वस्त्र हमें उस मौसम को सहने और उसमें सुरक्षित रहने की क्षमता प्रदान करते हैं। - डेविड मैक्कैस्लैंड

भलाई वह तेल है जो जीवन से घर्षण को दूर करता है।

वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो। - रोमियों 13:14

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:8-17
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो।
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है।
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है।
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 3-4
  • गलातियों 6



गुरुवार, 26 सितंबर 2019

भरपूरी



      बच्चों की एक लोकप्रिय पुस्तक में एक गाँव के बार्थोलोमियो नामक एक निर्धन बच्चे की कहानी है। एक दिन जब राजा उसके गाँव से होकर निकला तो मार्ग के किनारे खड़े बार्थोलोमियो ने राजा के आदर में अपने टोपी उतारी, किन्तु तुरंत ही उसके सिर पर एक नई टोपी आ गई; उसके सिर पर टोपी देख राजा ने अपमानित अनुभव किया और उससे क्रोधित हुआ, और उसे पकड़कर महल में लाने के लिए कहा जिससे उसे दण्ड दिया जाए। सारे रास्ते, बार्थोलोमियो अपने सिर से टोपी उतारता रहा, और जैसे ही वह उतारता, एक नई टोपी उसके सिर पर आ जाती, और हर टोपी पहले वाली से अधिक सुन्दर, अधिक मूल्यवान, और मणिकों तथा सुन्दर पंखों से जड़ी हुई होती। उसकी 500वीं टोपी राजा को बहुत पसन्द आई, और राजा ने न केवल बार्थोलोमियो को क्षमा कर दिया, वरन उस टोपी को बार्थोलोमियो से सोने के 500 सिक्कों में खरीद भी लिया। और तब बार्थोलोमियो के सिर पर टोपी आनी बन्द हो गईं, और वह स्वतंत्र तथा धनी होकर अपने घर लौट सका, अपने परिवार की देखभाल करने के लिए।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि एक निर्धन विधवा एलिशा के पास आई, उसके पास एक हांड़ी तेल को छोड़ अपना ऋण चुकाने के लिए कुछ नहीं था, इसलिए महाजन उसके बच्चों को लेकर दासत्व में बेचना चाहता था (2 राजाओं 4)। एलिशा के कहे के अनुसार कार्य करने से, परमेश्वर ने उसके उस तेल को कई गुणा बढ़ा दिया, इतना कि उसके पास जितने बर्तन थे और वे भी जो उसने अपने पड़ौसियों से तेल रखने के लिए मांगे थे, वे सभी भर गए। वह तेल इतना हो गया कि वह अपना ऋण भी चुका सकी और उसके पास अपने जीवन-यापन के लिए भी पर्याप्त हो गया (पद 7)।

      परमेश्वर ने उस विधवा के लिए वैसे ही आर्थिक प्रावधान किया, जैसे आज वह मेरे और आपके लिए उद्धार और अनन्त जीवन का प्रावधान करता है। पाप ने हमारे जीवनों को खोखला और परमेश्वर के गुणों से खाली कर रखा है। परन्तु प्रभु यीशु मसीह ने अपने जीवन के बलिदान के द्वारा मेरे और आपके, सारे सँसार के सभी लोगों के समस्त पापों की पूरी कीमत चुका दी; और अब उसपर विश्वास लाने वाले सभी लोगों को वह अपना अनन्त जीवन प्रदान करता है।

      प्रभु यीशु के बिना हम सभी गाँव के उस निर्धन बालक के समान हैं, जिसके पास अपने दण्ड को चुकाने के लिए कुछ भी नहीं था। परन्तु परमेश्वर ने हमारी छुड़ौती के लिए एक अद्भुत और बहुमूल्य प्रावधान किया; अब जो कोई परमेश्वर के इस प्रावधान को स्वीकार करता है, वह भरपूरी के अनन्त जीवन को पा लेता है। - कर्स्टन होल्म्बर्ग

प्रभु यीशु के बलिदान के द्वारा हमारा आत्मिक ऋण चुकाया जाता है।

इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं। - रोमियों 3:23

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 4:1-7
2 Kings 4:1 भविष्यद्वक्ताओं के चेलों की पत्नियों में से एक स्त्री ने एलीशा की दोहाई देकर कहा, तेरा दास मेरा पति मर गया, और तू जानता है कि वह यहोवा का भय माननेवाला था, और जिसका वह कर्जदार था वह आया है कि मेरे दोनों पुत्रों को अपने दास बनाने के लिये ले जाए।
2 Kings 4:2 एलीशा ने उस से पूछा, मैं तेरे लिये क्या करूं? मुझ से कह, कि तेरे घर में क्या है? उसने कहा, तेरी दासी के घर में एक हांड़ी तेल को छोड़ और कुछ तहीं है।
2 Kings 4:3 उसने कहा, तू बाहर जा कर अपनी सब पड़ोसियों खाली बरतन मांग ले आ, और थोड़े बरतन न लाना।
2 Kings 4:4 फिर तू अपने बेटों समेत अपने घर में जा, और द्वार बन्द कर के उन सब बरतनों में तेल उण्डेल देना, और जो भर जाए उन्हें अलग रखना।
2 Kings 4:5 तब वह उसके पास से चली गई, और अपने बेटों समेत अपने घर जा कर द्वार बन्द किया; तब वे तो उसके पास बरतन लाते गए और वह उण्डेलती गई।
2 Kings 4:6 जब बरतन भर गए, तब उसने अपने बेटे से कहा, मेरे पास एक और भी ले आ, उसने उस से कहा, और बरतन तो नहीं रहा। तब तेल थम गया।
2 Kings 4:7 तब उसने जा कर परमेश्वर के भक्त को यह बता दिया। ओर उसने कहा, जा तेल बेच कर ऋण भर दे; और जो रह जाए, उस से तू अपने पुत्रों सहित अपना निर्वाह करना।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 1-2
  • गलातियों 5



बुधवार, 25 सितंबर 2019

भरोसा



      अपनी भांजी से विदा कहते हुए, उस संध्या को मेरा गला रुंधा हुआ था। अगले दिन उसने अपने स्नातकोत्तर कॉलेज की पढ़ाई करने के लिए हमसे 800 मील दूर चले जाना था। पिछले चार वर्ष से वह स्नातक डिग्री के लिए कॉलेज में हम से दूर तो थी, परन्तु फिर भी उसके कॉलेज और हमारे घर के मध्य केवल ढाई घंटे की यात्रा की दूरी थी, और हमारा मिलना तथा साथ होना काफी सहज था। परन्तु अब ऐसा नहीं होने पाएगा; अब हम वैसे नियमित नहीं मिलने पाएँगे, जैसे अभी तक मिल रहे थे। बस अब मुझे यही भरोसा रखना था कि परमेश्वर वहां पर भी उसकी वैसे ही देखभाल करता रहेगा, जैसे यहाँ पर कर रहा था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, इफिसुस की मसीही विश्वासियों की मण्डली के अगुवों से विदा लेते समय, संभवतः पौलुस को भी ऐसा ही लगा होगा। उसने इफसुस में मसीही मण्डली को स्थापित किया था, वह उन्हें तीन वर्ष तक सिखाता रहा था। पौलुस के लिए वे अगुवे उसके परिवार के समान ही निकट थे। अब जब पौलुस को यरूशलेम जाना था, और वह जानता था कि अब वह दोबारा उनसे इस शरीर में नहीं मिलेगा।

      इफिसुस के मसीही विश्वासियों के लिए पौलुस के पास कुछ परामर्श था। चाहे अब से पौलुस उनके पास उनके शिक्षक के रूप में नहीं रहेगा, फिर भी इफसुस की मण्डली के लोगों को अपने आप को त्यागा हुआ नहीं समझना था। पौलुस ने उन्हें समझाया कि परमेश्वर आगे भी उन्हें अपने “अनुग्रह के वचन” के द्वारा सिखाता रहेगा (प्रेरितों 20:32) कि मसीही विश्वासियों की मण्डली की अगुवाई कैसे करें। पौलुस तो उनके साथ हमेशा नहीं रह सकता था, किन्तु परमेश्वर हमेशा उनके साथ बना रहेगा।

      चाहे वे हमारे बच्चे हों, जिन्हें हम घर से बाहर आगे के जीवन के लिए भेजते हैं, या कोई अन्य परिवार अथवा मित्रगण हों जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए कहीं और जाते हैं – किसी भी प्रिय जन से विदा लेना बहुत कष्टदायक होता है। वे हमारे प्रभाव से निकलकर अपने नए जीवन में चले जाते हैं। जब हम अपने हाथों में से उनके हाथों को छोड़ते हैं, तब हम भरोसा रख सकते हैं कि परमेश्वर उन्हें थामे हुए है। वह उनकी देखभाल करता रहेगा, उनका मार्गदर्शन करता रहेगा, और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करता रहेग – हमसे भी कहीं अधिक भली रीति से। - लिंडा वॉशिंगटन

अपने प्रिय जनों से चाहे हम दूर हों, किन्तु परमेश्वर उनसे कभी दूर नहीं होता है।

और अब मैं तुम्हें परमेश्वर को, और उसके अनुग्रह के वचन को सौंप देता हूं; जो तुम्हारी उन्नति कर सकता है, और सब पवित्रों में साझी कर के मीरास दे सकता है। - प्रेरितों 20:32

बाइबल पाठ: प्रेरितों 20:17-20, 35-38
Acts 20:17 और उसने मीलेतुस से इफिसुस में कहला भेजा, और कलीसिया के प्राचीनों को बुलवाया।
Acts 20:18 जब वे उस के पास आए, तो उन से कहा, तुम जानते हो, कि पहिले ही दिन से जब मैं आसिया में पहुंचा, मैं हर समय तुम्हारे साथ किस प्रकार रहा।
Acts 20:19 अर्थात बड़ी दीनता से, और आंसू बहा बहाकर, और उन परीक्षाओं में जो यहूदियों के षडयन्‍त्र के कारण मुझ पर आ पड़ी; मैं प्रभु की सेवा करता ही रहा।
Acts 20:20 और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका।
Acts 20:35 मैं ने तुम्हें सब कुछ कर के दिखाया, कि इस रीति से परिश्रम करते हुए निर्बलों को सम्भालना, और प्रभु यीशु की बातें स्मरण रखना अवश्य है, कि उसने आप ही कहा है; कि लेने से देना धन्य है।
Acts 20:36 यह कहकर उसने घुटने टेके और उन सब के साथ प्रार्थना की।
Acts 20:37 तब वे सब बहुत रोए और पौलुस के गले में लिपट कर उसे चूमने लगे।
Acts 20:38 वे विशेष कर के इस बात का शोक करते थे, जो उसने कही थी, कि तुम मेरा मुंह फिर न देखोगे; और उन्होंने उसे जहाज तक पहुंचाया।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 6-8
  • गलातियों 4



मंगलवार, 24 सितंबर 2019

निवास-स्थान



      मेरा पालन-पोषण अमेरिका के मिनिसोटा प्रदेश में हुआ, जो अपनी अनेकों सुन्दर झीलों के लिए प्रसिद्ध है। परमेश्वर की उस अनुपम सृष्टि की सुन्दरता का आनन्द लेने के लिए हम खुले इलाकों में कैम्पिंग के लिए जाया करते थे, परन्तु पतले कपड़े से बने तम्बुओं में सोना मुझे पसन्द नहीं था, विशेषकर तब जब बारिश हो और रिस कर तम्बू में आया पानी सारे स्लीपिंग बैग या बिस्तर को गीला कर दे।

      इसलिए मुझे अचरज होता है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में विश्वास के एक नायक अब्राहम ने लगभग सौ वर्ष तम्बुओं में बिताए। जब अब्राहम की आयु पचहत्तर वर्ष की थी तब उसने परमेश्वर की बुलाहट को सुना, कि वो अपने देश को छोड़कर उस स्थान को जाए जहाँ पर परमेश्वर उसे आशीषित करेगा और उससे एक बड़ी जाति बनाएगा (उत्पत्ति 12:1-2)। अब्राहम ने परमेश्वर की बात पर विश्वास किया, उसकी आज्ञाकारिता में अपने घर और देश से अनजाने स्थान की ओर निकल पड़ा, इस विश्वास के साथ कि परमेश्वर अपनी कही हुई बात को पूरा भी करेगा। और अपने शेष जीवन भर, जब तक कि वह एक सौ पचहत्तर वर्ष की आयु में मर नहीं गया (25:7), वह अपने देश से दूर, तम्बुओं में ही निवास करता रहा।

      आज हमारी वह बुलाहट चाहे न हो जो अब्राहम की थी, कि वह खानाबदोशों का जीवन जीए, परन्तु जब हम इस सँसार और उसके लोगों के मध्य रहते और सेवा करते हैं, उनसे प्रेम करते हैं, तो हमें भी अपने किसी स्थाई निवास-स्थान की लालसा हो सकती है, जिसके साथ हम अपने आप को जुड़ा हुआ अनुभव कर सकें। जब कठिन परिस्थितियाँ और परेशानियां हमारे ‘तम्बुओं’ में दिक्कतें पैदा करें, तो अब्राहम के समान ही हम भी विश्वास के साथ अपने उस स्थाई निवास-स्थान की ओर देखें जिसका “बनानेवाला परमेश्वर है” (इब्रानियों 11:10)। और अब्राहम के समान ही, हम भी उस आशा पर भरोसा बनाए रखें कि परमेश्वर अपनी सृष्टि को नया कर रहा है, प्रभु यीशु मसीह में विश्वास द्वारा उसकी सन्तान बने हुओं के लिए एक उत्तम और स्वर्गीय निवास-स्थान  तैयार कर रहा है। - एमी बाउचर पाई

परमेश्वर हमारे जीवनों के लिए हमें दृढ़ आधार देता है।

तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। - यूहन्ना 14:1-2

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 12:4-9; इब्रानियों 11:8-12
Genesis 12:4 यहोवा के इस वचन के अनुसार अब्राम चला; और लूत भी उसके संग चला; और जब अब्राम हारान देश से निकला उस समय वह पचहत्तर वर्ष का था।
Genesis 12:5 सो अब्राम अपनी पत्नी सारै, और अपने भतीजे लूत को, और जो धन उन्होंने इकट्ठा किया था, और जो प्राणी उन्होंने हारान में प्राप्त किए थे, सब को ले कर कनान देश में जाने को निकल चला; और वे कनान देश में आ भी गए।
Genesis 12:6 उस देश के बीच से जाते हुए अब्राम शकेम में, जहां मोरे का बांज वृक्ष है, पंहुचा; उस समय उस देश में कनानी लोग रहते थे।
Genesis 12:7 तब यहोवा ने अब्राम को दर्शन देकर कहा, यह देश मैं तेरे वंश को दूंगा: और उसने वहां यहोवा के लिये जिसने उसे दर्शन दिया था, एक वेदी बनाई।
Genesis 12:8 फिर वहां से कूच कर के, वह उस पहाड़ पर आया, जो बेतेल के पूर्व की ओर है; और अपना तम्बू उस स्थान में खड़ा किया जिसकी पच्छिम की ओर तो बेतेल, और पूर्व की ओर ऐ है; और वहां भी उसने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई: और यहोवा से प्रार्थना की
Genesis 12:9 और अब्राम कूच कर के दक्खिन देश की ओर चला गया।

Hebrews 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया।
Hebrews 11:9 विश्वास ही से उसने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया।
Hebrews 11:10 क्योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है।
Hebrews 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई; क्योंकि उसने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्चा जाना था।
Hebrews 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू की नाईं, अनगिनित वंश उत्पन्न हुआ।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 4-5
  • गलातियों 3



सोमवार, 23 सितंबर 2019

कहा



      रिफ्यूज रबिन्द्रनाथ नामक एक व्यक्ति, श्री लंका में, दस वर्ष से भी अधिक समय से जवानों के मध्य में काम कर रहा है। वह अकसर जवानों के साथ देर रात तक बातचीत करता रहता है, उनके साथ खेलता है, उनकी सुनता है, उन्हें सिखाता है और परामर्श देता है। उसे उन जवानों के मध्य काम करना अच्छा लगता है किन्तु कभी-कभी निराशाजनक भी हो जाता है जब ऐसे विद्यार्थी जिन पर भरोसा रखा गया था, वे विश्वास से मुड़कर चले जाते हैं। कुछ दिन ऐसे भी होते हैं जब उसे वैसा अनुभव होता है जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका की पुस्तक के पाँचवें अध्याय में शमौन पतरस को हुआ था।

      शमौन सारी रात परिश्रम करता रहा था, परन्तु उसने कोई मछली नहीं पकड़ी (पद 5); वह थका हुआ और निराश अनुभव कर रहा था। परन्तु फिर भी जब प्रभु यीशु ने उससे कहा कि वह गहरे में जाकर जाल डाले (पद 4), तो शमौन ने उत्तर दिया कि “तौभी तेरे कहने से जाल डालूँगा” (पद 5)।

      यहाँ शमौन द्वारा प्रभु की कही बात का पालन करना अद्भुत है। शमौन अनुभवी मछुआरा था, और जानता था कि जब सूरज चढ़ने लगता है तो मछलियाँ झील की गहराइयों में चली जाती हैं, और उनके पास जो जाल थे वे उतनी गहराई से मछलियों को पकड़ नहीं सकते थे।

      शमौन द्वारा प्रभु की कही गई बात को मानने से, उसे अच्छा परिणाम मिला। न केवल शमौन ने ढेर सारी मछलियाँ पकड़ीं, वरन उसे प्रभु यीशु मसीह की और गहरी पहचान भी मिली। वह पहले प्रभु यीशु को “स्वामी” कहकर संबोधित करता था (पद 5), परन्तु अब इस घटना के बाद वह “प्रभु” कहने लगा (पद 8)। निःसंदेह, परमेश्वर की सुनने से हम उसकी निकटता में बढ़ते हैं और उसके कार्यों को निकट से देखने भी लगते हैं।

      हो सकता है कि परमेश्वर आपको कह रहा है कि आप भी अपने “जाल फिर से डालें” जैसा कि उसने शमौन से कहा था। और होनें दें कि हम भी शमौन के समान ही प्रभु से कहें, “तेरे कहने से जाल डालूँगा।” – पो फैंग चिया

परमेश्वर के प्रति हमारी आज्ञाकारिता 
अज्ञात मार्गों में भी हमारा मार्गदर्शन करेगी, 
और हमें उसकी निकटता में लाएगी।

भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिस से उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे! – व्यवस्थाविवरण 5:29

बाइबल पाठ: लूका 5:1-11
Luke 5:1 जब भीड़ उस पर गिरी पड़ती थी, और परमेश्वर का वचन सुनती थी, और वह गन्नेसरत की झील के किनारे पर खड़ा था, तो ऐसा हुआ।
Luke 5:2 कि उसने झील के किनारे दो नावें लगी हुई देखीं, और मछुवे उन पर से उतरकर जाल धो रहे थे।
Luke 5:3 उन नावों में से एक पर जो शमौन की थी, चढ़कर, उसने उस से बिनती की, कि किनारे से थोड़ा हटा ले चले, तब वह बैठकर लोगों को नाव पर से उपदेश देने लगा।
Luke 5:4 जब वे बातें कर चुका, तो शमौन से कहा, गहिरे में ले चल, और मछिलयां पकड़ने के लिये अपने जाल डालो।
Luke 5:5 शमौन ने उसको उत्तर दिया, कि हे स्‍वामी, हम ने सारी रात मिहनत की और कुछ न पकड़ा; तौभी तेरे कहने से जाल डालूंगा।
Luke 5:6 जब उन्होंने ऐसा किया, तो बहुत मछिलयां घेर लाए, और उन के जाल फटने लगे।
Luke 5:7 इस पर उन्होंने अपने साथियों को जो दूसरी नाव पर थे, संकेत किया, कि आकर हमारी सहायता करो: और उन्होंने आकर, दोनों नाव यहां तक भर लीं कि वे डूबने लगीं।
Luke 5:8 यह देखकर शमौन पतरस यीशु के पांवों पर गिरा, और कहा; हे प्रभु, मेरे पास से जा, क्योंकि मैं पापी मनुष्य हूं।
Luke 5:9 क्योंकि इतनी मछिलयों के पकड़े जाने से उसे और उसके साथियों को बहुत अचम्भा हुआ।
Luke 5:10 और वैसे ही जब्‍दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना को भी, जो शमौन के सहभागी थे, अचम्भा हुआ: तब यीशु ने शमौन से कहा, मत डर: अब से तू मनुष्यों को जीवता पकड़ा करेगा।
Luke 5:11 और व नावों को किनारे पर ले आए और सब कुछ छोड़कर उसके पीछे हो लिए।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 1-3
  • गलातियों 2