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बुधवार, 1 जुलाई 2020

गुण


     एक विशेष अवसर के उपलक्ष्य में, मेरे पति मुझे एक स्थानीय कलाकृतियों की दुकान पर ले गए, और मुझ से अपनी पसंद का कोई भी चित्र को चुन लेने के लिए कहा। मैंने एक छोटा चित्र, जिसमें एक जंगल में से होकर बहती हुई छोटी नदी को दिखाया गया था, चुन लिया। उस चित्र के अधिकाँश स्थान में वह नदी  दिखाई गई थी, और इस कारण आकाश का कुछ विशेष भाग दिखाई नहीं दे रहा था। परन्तु उस नदी में प्रतिबिंबित होती हुई बातें, सूर्य के स्थान, पेड़ों को चोटियों तक, और धुंधला से वातावरण, वस्तुस्थिति को स्पष्ट दिखा रही थीं। उस चित्र के आकाश को देखने के लिए उसे नीचे पानी के सतह पर देखना होता था।

     आत्मिक रीति से प्रभु यीशु उस नदी के समान हैं। जब हमें देखना होता है कि परमेश्वर का स्वरूप क्या है, तो हमें प्रभु यीशु को देखना है। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों के लेखक ने लिखा, कि प्रभु यीशु ही परमेश्वर के तत्व की छाप हैं (इब्रानियों 1:3)। यद्यपि हम बाइबल के सीधे कथनों, जैसे कि, “परमेश्वर प्रेम है” से भी परमेश्वर के बारे में सीख सकते हैं, परन्तु हम परमेश्वर के विषय अपनी समझ को और अधिक गहरा करते हैं, जब हम प्रभु यीशु में होकर परमेश्वर को हमारे समान समस्याओं का सामना करते और उन्हें प्रतिक्रियाएँ देते हुए देखते हैं। मानव रूप में परमेश्वर होने के नाते, प्रभु यीशु ने हमें परमेश्वर के विषय यह सिखाया है।

     अपनी परीक्षा के समय में प्रभु यीशु ने परमेश्वर की पवित्रता को दिखाया। आत्मिक अन्धकार का सामना करने में, उन्होंने परमेश्वर के अधिकार को दर्शाया। लोगों की समस्याओं का सामना करते हुए, उन्होंने परमेश्वर की बुद्धिमत्ता दिखाई। अपनी मृत्यु में उन्होंने परमेश्वर के प्रेम को प्रगट किया।

     यद्यपि हम परमेश्वर के बारे में सब कुछ तो नहीं समझ सकते हैं – क्योंकि हम अपनी मानव बुद्धि में सीमित हैं और वह असीम है – परन्तु प्रभु यीशु में हम परमेश्वर के गुणों को देख और जान सकते हैं। - जेनिफर बेनसन शुल्टज़

 

प्रभु यीशु का अवलोकन हमें परमेश्वर के गुण बताता है।


वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। - कुलुस्सियों 1:15

बाइबल पाठ: इब्रानियों 1:1-10

इब्रानियों 1:1 पूर्व युग में परमेश्वर ने बाप दादों से थोड़ा थोड़ा कर के और भांति भांति से भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कर के।

इब्रानियों 1:2 इन दिनों के अन्‍त में हम से पुत्र के द्वारा बातें की, जिसे उसने सारी वस्‍तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उसने सारी सृष्‍टि रची है।

इब्रानियों 1:3 वह उस की महिमा का प्रकाश, और उसके तत्‍व की छाप है, और सब वस्‍तुओं को अपनी सामर्थ्य के वचन से संभालता है: वह पापों को धोकर ऊंचे स्थानों पर महामहिमन के दाहिने जा बैठा।

इब्रानियों 1:4 और स्‍वर्गदूतों से उतना ही उत्तम ठहरा, जितना उसने उन से बड़े पद का वारिस हो कर उत्तम नाम पाया।

इब्रानियों 1:5 क्योंकि स्‍वर्गदूतों में से उसने कब किसी से कहा, कि तू मेरा पुत्र है, आज तू मुझ से उत्पन्न हुआ? और फिर यह, कि मैं उसका पिता होऊँगा, और वह मेरा पुत्र होगा?

इब्रानियों 1:6 और जब पहिलौठे को जगत में फिर लाता है, तो कहता है, कि परमेश्वर के सब स्वर्गदूत उसे दण्‍डवत करें।

इब्रानियों 1:7 और स्‍वर्गदूतों के विषय में यह कहता है, कि वह अपने दूतों को पवन, और अपने सेवकों को धधकती आग बनाता है।

इब्रानियों 1:8 परन्तु पुत्र से कहता है, कि हे परमेश्वर तेरा सिंहासन युगानुयुग रहेगा: तेरे राज्य का राजदण्‍ड न्याय का राजदण्‍ड है।

इब्रानियों 1:9 तू ने धर्म से प्रेम और अधर्म से बैर रखा; इस कारण परमेश्वर तेरे परमेश्वर ने तेरे साथियों से बढ़कर हर्ष रूपी तेल से तुझे अभिषेक किया।

इब्रानियों 1:10 और यह कि, हे प्रभु, आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और स्वर्ग तेरे हाथों की कारीगरी है।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 20-21
  • प्रेरितों 10:24-48


मंगलवार, 30 जून 2020

प्रतीक्षा


     मेरी सबसे पसंदीदा कलाकृतियों में से एक, इंगलैंड में ऑक्सफोर्ड के केम्बल कॉलेज चैप्पल में टंगी है। अंग्रेज़ी कलाकार विलियम होलमैन हंट द्वारा बनाए गए चित्र, जिसका शीर्षक है ‘द लाईट ऑफ़ द वर्ल्ड’, में यीशु को हाथ में एक लालटेन लिए, एक घर के बाहर खड़े होकर घर के दरवाज़े पर खटखटाते दिखाया गया है। उस चित्र की एक अचरज में डालने वाली बात है कि जिस दरवाज़े को यीशु खटखटा रहे हैं, उसमें कोई हत्था नहीं है। जब हंट से हत्था न होने के कारण दरवाज़े को न खोल सकने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने समझाया कि वे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रकाशितवाक्य 3:20 “देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूं; यदि कोई मेरा शब्द सुन कर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आ कर उसके साथ भोजन करूंगा, और वह मेरे साथ” को इस चित्र में दर्शाना चाहते थे।

     प्रेरित यूहन्ना द्वारा प्रकाशितवाक्य में लिखे गए शब्द और हंट का चित्र प्रभु यीशु की नम्रता को प्रकट करते हैं। प्रभु अपनी शान्ति के प्रस्ताव के साथ बाहर खड़े होकर हमारे मनों के द्वार पर नम्रता के साथ खटखटाते हैं, और धैर्य के साथ हमारे द्वारा अपने मन के द्वार को उनके लिए खोलने की प्रतीक्षा करते हैं। वह स्वयं द्वार खोलकर जबरन अन्दर हमारे जीवनों में प्रवेश नहीं करते हैं; वह अपने आप को और अपनी इच्छा को हम पर थोपते नहीं हैं। प्रभु यीशु समस्त संसार के सभी लोगों को पापों की क्षमा और उद्धार तथा जीवन के मार्गदर्शन के लिए अपनी ज्योति देना चाहते हैं, यदि लोग स्वेच्छा से उनके प्रस्ताव को स्वीकार करें, और अपने जीवन उन्हें समर्पित कर दें। इसलिए जो कोई उनके लिए अपने मन के द्वार को खोलेगा, वे उसके जीवन में प्रवेश करेंगे; इसके अतिरिक्त, उन्हें स्वीकार करने के लिए अन्य कोई आवश्यकताएं नहीं हैं।

     यदि आप प्रभु यीशु की नम्र आवाज़ और आपके मन के द्वार पर उसके खटखटाने को सुन रहे हैं, तो उत्साहित होकर उसके लिए द्वार को खोल दीजिए; वह धैर्य के साथ प्रतीक्षा कर रहा है, और यदि आप उसे अन्दर आने देंगे, तो वह अवश्य आपके साथ हो जाएगा। - लीसा सामरा

 

प्रभु यीशु के लिए द्वार को खोल दें, वह धैर्य से आपकी प्रतीक्षा कर रहा है।


जैसा कहा जाता है, कि यदि आज तुम उसका शब्द सुनो, तो अपने मनों को कठोर न करो, जैसा कि क्रोध दिलाने के समय किया था। - इब्रानियों 3:15

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 3:14-22

प्रकाशितवाक्य 3:14 और लौदीकिया की कलीसिया के दूत को यह लिख, कि, जो आमीन, और विश्वासयोग्य, और सच्चा गवाह है, और परमेश्वर की सृष्‍टि का मूल कारण है, वह यह कहता है।

प्रकाशितवाक्य 3:15 कि मैं तेरे कामों को जानता हूं कि तू न तो ठंडा है और न गर्म: भला होता कि तू ठंडा या गर्म होता।

प्रकाशितवाक्य 3:16 सो इसलिये कि तू गुनगुना है, और न ठंडा है और न गर्म, मैं तुझे अपने मुंह में से उगलने पर हूं।

प्रकाशितवाक्य 3:17 तू जो कहता है, कि मैं धनी हूं, और धनवान हो गया हूं, और मुझे किसी वस्तु की घटी नहीं, और यह नहीं जानता, कि तू अभागा और तुच्‍छ और कंगाल और अन्‍धा, और नंगा है।

प्रकाशितवाक्य 3:18 इसी लिये मैं तुझे सम्मति देता हूं, कि आग में ताया हुआ सोना मुझ से मोल ले, कि धनी हो जाए; और श्वेत वस्‍त्र ले ले कि पहिन कर तुझे अपने नंगेपन की लज्ज़ा न हो; और अपनी आंखों में लगाने के लिये सुर्मा ले, कि तू देखने लगे।

प्रकाशितवाक्य 3:19 मैं जिन जिन से प्रीति रखता हूं, उन सब को उलाहना और ताड़ना देता हूं, इसलिये सरगर्म हो, और मन फिरा।

प्रकाशितवाक्य 3:20 देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूं; यदि कोई मेरा शब्द सुन कर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आ कर उसके साथ भोजन करूंगा, और वह मेरे साथ।

प्रकाशितवाक्य 3:21 जो जय पाए, मैं उसे अपने साथ अपने सिंहासन पर बैठाऊंगा, जैसा मैं भी जय पा कर अपने पिता के साथ उसके सिंहासन पर बैठ गया।

प्रकाशितवाक्य 3:22 जिस के कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 17-19
  • प्रेरितों 10:1-23


सोमवार, 29 जून 2020

प्रेम में चलना


     मैंने और मेरे बच्चों ने एक नई दैनिक बात आरम्भ की है, प्रत्येक रात्रि को सोने जाने के समय, हम रंगीन पेंसिलें लेते हैं, एक मोमबत्ती जलाते हैं, और परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमें अपनी ज्योति से मार्गदर्शन प्रदान करे। फिर हम अपनी कॉपियाँ निकाल कर उसमें दो प्रश्नों के उत्तर को या तो लिखते हैं या उनके चित्र बनाते हैं। वे प्रश्न हैं, आज मैंने प्रेम कब और कैसे दिखाया? और, आज मैंने प्रेम दिखाने के अवसर का कब और कैसे उपयोग नहीं किया?

     मसीही जीवन का एक महत्वपूर्ण व्यवहार है अपने पड़ौसियों से प्रेम दिखाना, और यह आरम्भ से ही है (2 यूहन्ना 1:5)। यूहन्ना अपनी दूसरी पत्री में मंडली को यही बात लिख रहा था, कि वे परमेश्वर के आज्ञाकारी होकर, एक दूसरे से प्रेम करें (2 यूहन्ना 1:5-6)। उसकी सभी पत्रियों में प्रेम यूहन्ना का प्रीय विषय रहा है। वह कहता है कि वास्तविक प्रेम को व्यवहार में प्रगट करना यह व्यक्त करने का एक तरीका है कि हम परमेश्वर की उपस्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, और सत्य के हैं। जब मैं और मेरे बच्चे इन प्रश्नों पर विचार करते हैं, तो हम पाते हैं कि हमारे जीवनों में प्रेम को प्रगट करना सामान्य, साधारण बातों द्वारा होता है, जैसे कि, अपना छाता किसी के साथ साझा करना, किसी उदास जन को प्रोत्साहित करना, किसी के पसंद का भोजन बना कर परोसना, आदि। इसी प्रकार से, प्रेम व्यक्त करने के अवसरों का उपयोग न करना भी ऐसे ही व्यावाहारिक होता है, जैसे कि, कानाफूसी करना, किसी वस्तु को साझा करने से इनकार करना, किसी अन्य की आवश्यकताओं की चिंता किए बिना, अपनी ही इच्छाओं को पूरा करना, आदि।

     प्रत्येक रात्रि को इन बातों पर ध्यान देने के द्वारा, हम दिन के समय में इनके प्रति और उसके प्रति जो परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमें दिखा और सिखा रहा है, अधिक सचेत और संवेदनशील रहने पाते हैं। अपने जीवनों में, पवित्र आत्मा की सहायता से हम प्रेम में चलाना सीख रहे हैं (2 यूहन्ना 1:6)। - एमी पीटरसन

 

मैं आज प्रेम कैसे दिखा सकता हूँ?


क्योंकि जो समाचार तुम ने आरम्भ से सुना, वह यह है, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें। - 1 यूहन्ना 3:11

बाइबल पाठ: 2 यूहन्ना 1:1-6

2 यूहन्ना 1:1 मुझ प्राचीन की ओर से उस चुनी हुई श्रीमती और उसके लड़के बालों के नाम जिन से मैं उस सच्चाई के कारण सत्य प्रेम रखता हूं, जा हम में स्थिर रहती है, और सर्वदा हमारे साथ अटल रहेगी।

2 यूहन्ना 1:2 और केवल मैं ही नहीं, वरन वह सब भी प्रेम रखते हैं, जो सच्चाई को जानते हैं।

2 यूहन्ना 1:3 परमेश्वर पिता, और पिता के पुत्र यीशु मसीह की ओर से अनुग्रह, और दया, और शान्‍ति, सत्य, और प्रेम सहित हमारे साथ रहेंगे।

2 यूहन्ना 1:4 मैं बहुत आनन्‍दित हुआ, कि मैं ने तेरे कितने लड़के-बालों को उस आज्ञा के अनुसार, जो हमें पिता की ओर से मिली थी सत्य पर चलते हुए पाया।

2 यूहन्ना 1:5 अब हे श्रीमती, मैं तुझे कोई नई आज्ञा नहीं, पर वही जो आरम्भ से हमारे पास है, लिखता हूं; और तुझ से बिनती करता हूं, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें।

2 यूहन्ना 1:6 और प्रेम यह है कि हम उस की आज्ञाओं के अनुसार चलें: यह वही आज्ञा है, जो तुम ने आरम्भ से सुनी है और तुम्हें इस पर चलना भी चाहिए।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 14-16
  • प्रेरितों 9:22-43


रविवार, 28 जून 2020

खोजी


     जब मैं कॉलेज में थी, तो एक प्रातः उठने पर मैंने पाया कि मेरी रूम-मेट, कैरल, बहुत घबराई हुई थी। उसकी अँगूठी खो गई थी, और हमने उस अँगूठी की खोज सभी स्थानों पर की किन्तु वह नहीं मिली। अगली प्रातः हम कूड़ेदान में उसकी अँगूठी खोज रहे थे। मैंने एक कूड़े के थैले को फाड़कर खोलते हुए कहा, “तुम इस अँगूठी को खोज लेने के लिए इतनी समर्पित क्यों हो?” उसने कहा, “मैं दो सौ डॉलर की अँगूठी को खोना नहीं चाहती हूँ!”

     कैरल के दृढ़ता को देखकर मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा बताया गया परमेश्वर के राज्य से संबंधित दृष्टांत स्मरण हो आया। प्रभु यीशु ने परमेश्वर के राज्य की उपमा देते हुए कहा, “स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पाकर छिपा दिया, और मारे आनन्द के जा कर और अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया” (मत्ती 13:44)। कुछ बातें ऐसी होते है जिन्हें खोजने के लिए बहुत प्रयास करना लाभदायक होता है।

     बाइबल में सभी स्थानों पर परमेश्वर यह प्रतिज्ञा करता है कि जो उसके खोजी होंगे, वे उसे पा लेंगे। उसने व्यवस्थाविवरण में इस्राएलियों को समझाया कि जब वे अपने पापों से मुड़कर उसे पूरे मन से खोजेंगे, तो वे उसे पा लेंगे (4:28-29)। 2 इतिहास की पुस्तक में, राजा असा को भी ऐसी ही एक प्रतिज्ञा से प्रोत्साहन मिला (15:2)। और यिर्मयाह में परमेश्वर ने यही प्रतिज्ञा निर्वासित इस्राएलियों को भी दी, कि वह उन्हें बन्धुआई से लौटा ले आएगा (29:13-14)।

     यदि हम परमेश्वर को उसके वचन, उसकी आराधना, और अपने दैनिक जीवन में सच्चे मन से खोजते हैं, तो हम अवश्य ही उसे पाएंगे भी। समय के साथ ही हम उसे और गहराई से जानने लगेंगे; और यह उस मधुर पल से भी अधिक मनोहर होगा जब कैरल ने उस कूड़े के थैले में से अपनी अँगूठी खोज कर निकाल ली। - जूली स्कौब

 

परमेश्वर को पाने के लिए हमें उसका खोजी होना पड़ेगा।


मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा। - मत्ती 7:7 

बाइबल पाठ: मत्ती 13:44-46

मत्ती 13:44 स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पाकर छिपा दिया, और मारे आनन्द के जा कर और अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया।

मत्ती 13:45 फिर स्वर्ग का राज्य एक व्यापारी के समान है जो अच्‍छे मोतियों की खोज में था।

मत्ती 13:46 जब उसे एक बहुमूल्य मोती मिला तो उसने जा कर अपना सब कुछ बेच डाला और उसे मोल ले लिया।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 11-13
  • प्रेरितों 9:1-21


शनिवार, 27 जून 2020

मुक्त


     एक लड़का, जौनाथन, मस्तिष्क के एक ऐसे रोग के साथ पैदा हुआ था, जिसके कारण वह बोल नहीं सकता था, अपने आप को व्यक्त नहीं कर सकता था। परन्तु उसकी माँ ने हार नहीं मानी, और वह प्रयास करती रही कि किसी प्रकार वह उसे अपने आप को व्यक्त करना सिखा सके। वह दस वर्ष का था जब उसकी माँ की समझ में आया कि वह अपनी आँखों और अक्षरों की एक पटिया की सहायता से अपनी बात व्यक्त कर सकता है। एक बार जब उसे यह समझ मिल गई तो वह मुक्त हो गया, अपने आप को व्यक्त करने लग गया, उसकी माँ कहती है, “वह मुक्त हो गया, अब हम उस से कुछ भी पूछ सकते हैं।” जौनाथन अब पढ़ता है, लिखता है, कविता भी लिखता है, सब अपनी आँखों के संकेत के द्वारा। जब जौनाथन से पूछा गया कि अपने परिवार और मित्र जनों के साथ ‘बात’ कर पाना कैसा लगता है, तो उसने कहा, “उन्हें यह बता पाना कि मैं उन्हें प्रेम करता हूँ, अद्भुत है।”

     जौनाथन की कहानी बहुत दिल को छू लेने वाली है, और मुझे इस पर विचार करने के लिए बाध्य करती है कि परमेश्वर किस प्रकार से हमें पाप के बंधनों से मुक्त करता है। जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को अपनी पत्री में लिखा, एक समय था जब हम परमेश्वर की उपस्थिति से निष्कासित थे (कुलुस्सियों 1:21); हम अपने पापमय व्यवहार के कारण उसके विरोधी थे, परन्तु क्रूस पर मसीह की मृत्यु और उसके मृतकों में से पुनरुत्थान के कारण अब हम परमेश्वर के सामने पवित्र करके प्रस्तुत किए जाते हैं (पद 22)। अब हम प्रभु के योग्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं, उसके ज्ञान और निकटता में बढ़ सकते हैं, उसके लिए फल ला सकते हैं (आयतें 10-11)।

     हम अपने मुक्त किए गए कंठ को परमेश्वर की स्तुति करने और उसके सुसमाचार को लोगों के साथ बाँटने के लिए प्रयोग कर सकते हैं, जिससे और लोग भी पाप से बंधे न रहें, वे भी मुक्त हो जाएँ। - एमी बाउचर पाई

 

प्रभु हमें हमारे पाप की कैद से मुक्त करता है।


इसलिये जब कि लड़के मांस और लोहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे। और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले। - इब्रानियों 2:14-15

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:13-23

कुलुस्सियों 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।

कुलुस्सियों 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है।

कुलुस्सियों 1:15 वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है।

कुलुस्सियों 1:16 क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।

कुलुस्सियों 1:17 और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।

कुलुस्सियों 1:18 और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।

कुलुस्सियों 1:19 क्योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे।

कुलुस्सियों 1:20 और उसके क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्‍तुओं का उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्वर्ग में की।

कुलुस्सियों 1:21 और उसने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे।

कुलुस्सियों 1:22 ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्र और निष्‍कलंक, और निर्दोष बनाकर उपस्थित करे।

कुलुस्सियों 1:23 यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्‍टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 8-10
  • प्रेरितों 8:26-40 


शुक्रवार, 26 जून 2020

स्वतंत्र


     बचपन में जब मैं गाँव में रहता था, मुझे मुर्गियाँ पकड़ना बहुत रोमांचक लगता था। मैं जब भी कोई मुर्गी को पकड़ लेता, तो उसे कुछ देर तक नीचे धरती पर बैठाकर दबाए रखता, और फिर बहुत धीरे से उस पर से अपने हाथ उठाता। मेरे हाथ उठा लेने पर भी मुर्गी वहीं दबी बैठी रहती, उसे लगता था कि वह अभी भी मेरी पकड़ में है।

     हम जब प्रभु यीशु मसीह में विश्वास लाते हैं, वह अपने अनुग्रह में हमें पाप से और शैतान के पकड़ से छुड़ा लेता है। परन्तु क्योंकि हमारे पापी स्वभाव और आदतों में परिवर्तन आने में समय लगता है, इसलिए शैतान हमें ऐसा अनुभव करवा सकता है मानो हम अभी भी उसी की पकड़ में ही हैं। परन्तु परमेश्वर के आत्मा ने हमें स्वतंत्र कर दिया है; वह हमें दास नहीं बनाता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में, रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस कहता है, “सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं। क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया” (रोमियों 8:1-2)।

     हमारे द्वारा बाइबल पढ़ने, प्रार्थना करने, और पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से, परमेश्वर हम में कार्य करता है, हमें स्वच्छ करता है, और हमें अपने लिए उपयोगी बनाता है, जिससे हम उसके लिए जी सकें, उसके कार्य कर सकें। बाइबल हमें प्रोत्साहित करती है कि हम अपने जीवन में मसीह यीशु के साथ चलते हुए अपने आप को बंधा हुआ नहीं वरन स्वतंत्र अनुभव करें; फिर से पाप में और शैतान के चँगुल में न फँसें।

     प्रभु यीशु ने कहा, “सो यदि पुत्र तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा, तो सचमुच तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे” (यूहन्ना 8:36)। मसीह यीशु में लाए गए विश्वास से मिली पापों की क्षमा और स्वतंत्रता हमें उस से और अधिक प्रेम करने तथा उसकी सेवकाई में लगे रहने के लिए प्रोत्साहित करती रहे। - लॉरेंस दरमानी

 

मेरी जंजीरें टूट गईं, मेरा मन स्वतंत्र हो गया; 

मैं उठा, आगे बढ़ा, और आपके पीछे हो लिया। - चार्ल्स वेस्ली


मसीह ने स्‍वतंत्रता के लिये हमें स्‍वतंत्र किया है; सो इसी में स्थिर रहो, और दासत्‍व के जूए में फिर से न जुतो। - गलातियों 5:1

बाइबल पाठ: रोमियों 8:1-2, 15-17

रोमियों 8:1 सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं।

रोमियों 8:2 क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया।

रोमियों 8:15 क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं।

रोमियों 8:16 आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं।

रोमियों 8:17 और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 5-7
  • प्रेरितों 8:1-25


गुरुवार, 25 जून 2020

धन्यवाद


     मैं कई वर्षों से ब्रिटिश लेखक जी. के. चेस्टर्टन के लेखों का आनन्द लेता आया हूँ। उनका विनोद और अन्तदृष्टि बहुधा मुझे मुस्कुराने और फिर उनकी बात पर गंभीरता से विचार करने के लिए बाध्य करती है। उदाहरण के लिए, उन्होंने लिखा, “आप भोजन से पहले परमेश्वर से धन्यवाद की प्रार्थना करते हैं। परन्तु मैं धन्यवाद की प्रार्थना नाटक और संगीत-नाटिका से पहले, संगीत समारोह और मूक-नाटक से पहले, और पुस्तक को खोलने से पहले, और धन्यवाद की प्रार्थना रेखा-चित्र बनाने, चित्रकारी करने, तैरने, तलवारबाज़ी करने, मुक्केबाजी करने, चलने, खेलने, नृत्य करने, और धन्यवाद की प्रार्थना कलम को दवात में डुबोने से पहले भी करता हूँ।”

     प्रत्येक भोजन से पूर्व परमेश्वर से धन्यवाद की प्रार्थना करना अच्छा है, परन्तु इसे यहीं नहीं रुक जाना चाहिए। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि पौलुस ने प्रत्येक गतिविधि, प्रत्येक प्रयास को परमेश्वर के प्रति धन्यवादी होने, और उसके द्वारा परमेश्वर की महिमा करने के अवसर के समान देखा। पौलुस लिखता है, “और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो” (कुलुस्सियों 3:17)। मनोरंजन, व्यवसाय, और शिक्षा, ये सभी माध्यम हैं जिनके द्वारा हम परमेश्वर को आदर दे सकते हैं, और उसके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर सकते हैं।

     पौलुस ने कुलुस्से के विश्वासियों प्रोत्साहित किया, “और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो” (पद 15)।

     जब और जहां भी हम प्रभु परमेश्वर को आदर देना चाहें, उसके धन्यवादी होना चाहें, वही धन्यवाद की प्रार्थना करने का सर्वोत्तम स्थान और अवसर है। - डेविड सी. मैक्कैसलैंड

 

हम जो कुछ भी करें, उसके द्वारा परमेश्वर को आदर और धन्यवाद करें।


सो तुम चाहे खाओ, चाहे पीओ, चाहे जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महीमा के लिये करो। -  1 कुरिन्थियों 10:31

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:12-17

कुलुस्सियों 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।

कुलुस्सियों 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।

कुलुस्सियों 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।

कुलुस्सियों 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।

कुलुस्सियों 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।

कुलुस्सियों 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 3-4
  • प्रेरितों 7:44-60