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शनिवार, 8 अगस्त 2020

प्रेम


    नबील कुरेशी ने अपना पारिवारिक धर्म छोड़कर प्रभु यीशु में विश्वास किया, और पुस्तकें लिखीं जिससे उसके पाठक उन लोगों के बारे में समझ सकें जो उस धर्म को मानते हैं, जिसे छोड़कर वह प्रभु यीशु के पास आया है। नबील के लिखने का भाव सदा सम्मानजनक रहा है और वह अपने लोगों के प्रति प्रेम को व्यक्त करता है। नबील ने अपनी एक पुस्तक अपनी बहन को समर्पित की है, जो अभी तक मसीह यीशु में विश्वास नहीं ला सकी है। उसके इस समर्पण के शब्द थोड़े किन्तु प्रबल हैं; उसने लिखा, “मैं परमेश्वर से उस दिन के लिए प्रार्थना कर रहा हूँ जब हम साथ मिलकर उसकी आराधना कर सकेंगे।”

    हम परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस द्वारा रोम में स्थित मसीही विश्वासियों को लिखे गए उसके पत्र में ऐसे ही प्रेम का आभास पाते हैं। पौलुस ने लिखा, कि मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है, क्योंकि मैं यहाँ तक चाहता था कि अपने भाइयों के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, स्वयं ही मसीह से शापित हो जाता” (रोमियों 9:2-3)।

    पौलुस को अपने यहूदी लोगों से इतना प्रेम था कि यदि उसके परमेश्वर से दूर जाने से वे परमेश्वर के निकट आते और मसीह यीशु को स्वीकार कर लेते तो वह यह करने के लिए भी तैयार था। वह इस गंभीरता को समझता था कि प्रभु यीशु का तिरस्कार करने के द्वारा, उसके लोग उस एकमात्र सच्चे परमेश्वर का तिरस्कार कर रहे थे। यही उसकी वह प्रेरणा थी जिसके अंतर्गत उसने अपने पाठकों से यीशु के सुसमाचार को सभी के साथ बाँटने का आग्रह किया (10:14-15)।

    आज हम भी अपने आप को प्रार्थना पूर्वक ऐसे प्रेम व्यवहार को समर्पित करें जो हमारे निकट जनों के उद्धार के लिए चिंतित रहता है। - टिम गुस्ताफासन

 

हमें उनसे प्रेम करना है जिनके लिए मसीह मरा, और उनसे भी जिनमें वह जीवित है।

हे भाइयो, मेरे मन की अभिलाषा और उनके लिये परमेश्‍वर से मेरी प्रार्थना है कि वे उद्धार पाएँ। - रोमियों 10:1

बाइबल पाठ: रोमियों 9:1-5

रोमियों 9:1 मैं मसीह में सच कहता हूँ, मैं झूठ नहीं बोल रहा और मेरा विवेक भी पवित्र आत्मा में गवाही देता है

रोमियों 9:2 कि मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है,

रोमियों 9:3 क्योंकि मैं यहाँ तक चाहता था कि अपने भाइयों के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, स्वयं ही मसीह से शापित हो जाता।

रोमियों 9:4 वे इस्राएली हैं, और लेपालकपन का अधिकार और महिमा और वाचाएँ और व्यवस्था और उपासना और प्रतिज्ञाएँ उन्हीं की हैं। 

रोमियों 9:5 पुरखे भी उन्हीं के हैं, और मसीह भी शरीर के भाव से उन्हीं में से हुआ जो सब के ऊपर परम परमेश्‍वर, युगानुयुग धन्य है। आमीन।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 74-76
  • रोमियों 9:16-33


शुक्रवार, 7 अगस्त 2020

प्रार्थना


    सन 1997 के एशियाई वित्तीय संकट के समय में उतनी नौकरियां नहीं थीं जितने लोग नौकरी खोज रहे थे। मैं भी उन नौकरी खोजने वालों में से एक थी। नौ महीनों के चिंता भरे महीने प्रतीक्षा करने के बाद मुझे एक छोटी सी नौकरी मिली, लेकिन जिस कंपनी में नौकरी मिली थी, वह शीघ्र ही बन्द हो गई और मैं फिर से बेरोजगार हो गई।

    क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है? आपको लगने लगता है कि अब जो कुछ बुरा हो सकता था, वह हो चुका है, अब और कुछ नहीं बिगड़ेगा, तभी अचानक ही आपके पैरों तले से ज़मीन खिसक जाती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम सारपत की विधवा के साथ कुछ ऐसा ही होता हुआ पाते हैं (1 राजाओं 17:12)। देश में पड़े हुए अकाल के कारण वह विधवा अपने और अपने बेटे के लिए अपना अंतिम भोजन पकाने की तैयारी कर रही थी, कि एलिय्याह भविष्यद्वक्ता ने उस से कहा कि वह पहले उसे एक रोटी बना कर दे। उसने हिचकिचाते हुए उसकी बात स्वीकार कर ली, और परमेश्वर ने उसके लिए एक निरंतर बने रहने वाली तेल और मैदा की आपूर्ति का प्रावधान कर दिया (आयतें 10-16)।

    लेकिन इसके बाद उसका बेटा बीमार पड़ गया, और उसकी हालत बिगड़ती चली गई, यहाँ तक कि उसकी साँस भी रुक गई। वह विधवा एलिय्याह के सामने विलाप कर के कहने लगी, तब वह एलिय्याह से कहने लगी, “हे परमेश्‍वर के जन! मेरा तुझ से क्या काम? क्या तू इसलिये मेरे यहाँ आया है कि मेरे बेटे की मृत्यु का कारण हो और मेरे पाप का स्मरण दिलाए?” (पद 18)।

    कभी-कभी हम उस विधवा के समान प्रतिक्रिया देना चाहते हैं – यह सोचते हुए कि परमेश्वर हमें दण्ड दे रहा है, लेकिन क्यों, यह हमारी समझ में नहीं आता है। हम भूल जाते हैं कि इस पतित संसार में, बुरी बातें होती हैं।

    एलिय्याह ने उसकी चिंता को परमेश्वर के सामने रखा, उस बच्चे के लिए सच्चाई और बल देकर प्रार्थना की, और परमेश्वर ने उस बच्चे को जिला दिया! (पद 20-22)।

    जब हमारे पैरों तले ज़मीन खिसकने लगे, हम भी एलिय्याह के समान इस बात को स्मरण रखें कि हमारा विश्वासयोग्य स्वर्गीय पिता हमें कभी नहीं छोड़ेगा! हम परमेश्वर के उद्देश्यों में आश्वासन रखते हुए अपनी प्रार्थनाएँ उसके सामने रख सकते हैं।

 

परमेश्वर हर समय में, भले या बुरे, अच्छा ही रहता है।

इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएँ, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे। - इब्रानियों 4:16

बाइबल पाठ: 1 राजाओं 17:15-24

1 राजाओं 17:15 तब वह चली गई, और एलिय्याह के वचन के अनुसार किया, तब से वह और स्त्री और उसका घराना बहुत दिन तक खाते रहे।

1 राजाओं 17:16 यहोवा के उस वचन के अनुसार जो उसने एलिय्याह के द्वारा कहा था, न तो उस घड़े का मैदा समाप्‍त हुआ, और न उस कुप्पी का तेल घटा।

1 राजाओं 17:17 इन बातों के बाद उस स्त्री का बेटा जो घर की स्वामिनी थी, रोगी हुआ, और उसका रोग यहाँ तक बढ़ा कि उसका साँस लेना बन्द हो गया।

1 राजाओं 17:18 तब वह एलिय्याह से कहने लगी, “हे परमेश्‍वर के जन! मेरा तुझ से क्या काम? क्या तू इसलिये मेरे यहाँ आया है कि मेरे बेटे की मृत्यु का कारण हो और मेरे पाप का स्मरण दिलाए?”

1 राजाओं 17:19 उसने उससे कहा, “अपना बेटा मुझे दे।” तब वह उसे उसकी गोद से लेकर उस अटारी पर ले गया जहाँ वह स्वयं रहता था, और अपनी खाट पर लिटा दिया।

1 राजाओं 17:20 तब उसने यहोवा को पुकारकर कहा, “हे मेरे परमेश्‍वर यहोवा! क्या तू इस विधवा का बेटा मार डालकर जिसके यहाँ मैं टिका हूँ, इस पर भी विपत्ति ले आया है?”

1 राजाओं 17:21 तब वह बालक पर तीन बार पसर गया और यहोवा को पुकारकर कहा, “हे मेरे परमेश्‍वर यहोवा! इस बालक का प्राण इसमें फिर डाल दे।” 

1 राजाओं 17:22 एलिय्याह की यह बात यहोवा ने सुन ली, और बालक का प्राण उसमें फिर आ गया और वह जी उठा।

1 राजाओं 17:23 तब एलिय्याह बालक को अटारी पर से नीचे घर में ले गया, और एलिय्याह ने यह कहकर उसकी माता के हाथ में सौंप दिया, “देख तेरा बेटा जीवित है।”

1 राजाओं 17: 24 स्त्री ने एलिय्याह से कहा, “अब मुझे निश्‍चय हो गया है कि तू परमेश्‍वर का जन है, और यहोवा का जो वचन तेरे मुँह से निकलता है, वह सच होता है।”

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 72-73
  • रोमियों 9:1-15


गुरुवार, 6 अगस्त 2020

आनन्द


         पूरा सप्ताह नीरस रहा था, मैं सुस्त और निरुत्साहित अनुभव कर रही थी, और समझ नहीं पा रही थी कि ऐसा क्यों हो रहा था। सप्ताहान्त के निकट मुझे पता चला कि मेरी एक वृद्ध चाची बीमार थी, उनके गुर्दे ठीक से काम नहीं कर रहे थे। मैं जानती थी कि मुझे उनसे मिलने जाना चाहिए, परन्तु मैं अभी के लिए उनके पास जाने को टालना चाह रही थी। फिर भी मैं उनके घर गई, हमने साथ मिलकर भोजन किया, बातें कीं, और प्रार्थना की। उनके साथ वह समय बिताने के बाद मैं उनके घर से निकल कर अपने घर को चली, सप्ताह में पहली बार उत्साहित और सक्रिय अनुभव करते हुए। अपने ऊपर ध्यान लगाए रखने के स्थान पर, किसी और पर ध्यान लगाने के द्वारा मैं अच्छा अनुभव करने लगी थी।


         मनोवैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि किसी को कुछ देने से हमें संतुष्टि प्राप्त होती है, जो कि जिसे दिया गया है उसकी कृतज्ञता को देखने से आती है। कुछ विशेषज्ञों का तो यह भी मानना है कि उदार होना हम मनुष्यों की रचना का एक भाग है।


         परमेश्वर के वचन बाइबल में संभवतः इसीलिए पौलुस ने थिस्स्लुनीकिया की मसीही मंडली को लिखी अपनी पत्री में, जब वह उनसे मसीही विश्वासियों के अपने समुदाय को बढ़ाने की बात लिखता है तो साथ ही उन्हें “दुर्बलों को संभालने” (1 थिस्स्लुनीकियों 5:14) का परामर्श भी देता है। इससे पहले वह प्रभु यीशु की कही बात को भी उद्धृत कर चुका था कि, “लेने से देना धन्य है” (प्रेरितों 20:35); यद्यपि यह बात आर्थिक दान के सन्दर्भ में कही गई थी, यह समय और परिश्रम देने पर भी लागू होती है।


         जब हम देते हैं, तो हमें अनुभव होता है कि परमेश्वर को कैसा लगता होगा। हम समझने पाते हैं कि क्यों परमेश्वर हमें अपना प्रेम देने से इतना आनन्दित होता है; और हम औरों को आशीष पहुंचाने के उसके आनन्द तथा संतुष्टि में सहभागी होने पाते हैं। मुझे जो आनन्द अपनी उस वृद्ध चाची से मिलकर प्राप्त हुआ, उससे मुझे लगता है कि मैं शीघ्र ही तथा बारंबार उनके पास जाऊँगी।

 

देने वाला ही सर्वाधिक पाने वाला भी होता है।


हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे न कुढ़ कुढ़ के, और न दबाव से, क्योंकि परमेश्वर हर्ष से देने वाले से प्रेम रखता है। - 2कुरिन्थियों 9:7


बाइबल पाठ: 1 थिस्स्लुनीकियों 5:12-24

1 थिस्स्लुनीकियों 5:12 और हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, कि जो तुम में परिश्रम करते हैं, और प्रभु में तुम्हारे अगुवे हैं, और तुम्हें शिक्षा देते हैं, उन्हें मानो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:13 और उन के काम के कारण प्रेम के साथ उन को बहुत ही आदर के योग्य समझो: आपस में मेल-मिलाप से रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:14 और हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि जो ठीक चाल नहीं चलते, उन को समझाओ, कायरों को ढाढ़स दो, निर्बलों को संभालो, सब की ओर सहनशीलता दिखाओ।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:15 सावधान! कोई किसी से बुराई के बदले बुराई न करे; पर सदा भलाई करने पर तत्पर रहो आपस में और सब से भी भलाई ही की चेष्टा करो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:16 सदा आनन्दित रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:17 निरन्तर प्रार्थना में लगे रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:18 हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:19 आत्मा को न बुझाओ।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:20 भविष्यवाणियों को तुच्छ न जानो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:21 सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:22 सब प्रकार की बुराई से बचे रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:23 शान्ति का परमेश्वर आप ही तुम्हें पूरी रीति से पवित्र करे; और तुम्हारी आत्मा और प्राण और देह हमारे प्रभु यीशु मसीह के आने तक पूरे पूरे और निर्दोष सुरक्षित रहें।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:24 तुम्हारा बुलाने वाला सच्चा है, और वह ऐसा ही करेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 70-71
  • रोमियों 8:22-39


बुधवार, 5 अगस्त 2020

भरोसा


         मैं अपनी सहेली के साथ टहलने के लिए निकली थी, और हम परमेश्वर के वचन बाइबल के प्रति अपने प्रेम के बारे में वार्तालाप कर रहे थे। मुझे उसकी यह बात सुनकर अचंभा हुआ कि, “अरे, मुझे पुराना नियम उतना अच्छा नहीं लगता है। उसमें बहुत सी जटिल बातें हैं और प्रतिशोध भी – मुझे तो बस यीशु चाहिए!”


         जब हम पुराने नियम कि कुछ पुस्तकें, जैसे कि नहूम की पुस्तक, को पढ़ते हैं तब हम उसके समान विचार रख सकते हैं, विशेषकर तब जब हम ऐसा वाक्य पढ़ते हैं, यहोवा जल उठने वाला और बदला लेने वाला ईश्वर है; यहोवा बदला लेने वाला और जलजलाहट करने वाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता” (नहूम 1:2)। किन्तु इससे अगला ही पद हमें आशा से भर देता है: “यहोवा विलम्ब से क्रोध करने वाला और बड़ा शक्तिमान है” (पद 3)।



जब हम परमेश्वर के क्रोध के विषय और गहराई से अध्ययन करते हैं, तब हम समझने पाते हैं कि जब वह यह करता है, तब अधिकांशतः वह या तो अपने लोगों का या फिर अपने नाम का बचाव कर रहा होता है। अपने असीम प्रेम के कारण, वह की गई गलतियों के लिए न्याय, या फिर उस से विमुख हो जाने वाले के लिए छुटकारा चाहता है। हम ऐसा केवल पुराने नियम में ही नहीं देखते हैं, जहाँ वह अपने लोगों को अपनी ओर वापस मुड़ने के लिए बुलाता है, परन्तु नए नियम में भी, जब उसने अपने पुत्र को हमारे पापों का बलिदान होने के लिए भेजा।


         चाहे हम परमेश्वर के चरित्र के रहस्यों को तो न समझने पाएं, परन्तु हम भरोसा रख सकते हैं कि वह न केवल न्याय करता है, वरन वही समस्त प्रेम का स्त्रोत भी है। हमें उससे भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि “यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है” (पद 7), और हम हर बात के लिए, हर परिस्थिति में उस पर भरोसा रख सकते हैं। - एमी बाउचर पाई

 

परमेश्वर के न्याय और दया का मेल क्रूस पर होता है।


और यहोवा उसके साम्हने हो कर यों प्रचार करता हुआ चला, कि यहोवा, यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य, हजारों पीढिय़ों तक निरन्तर करूणा करने वाला, अधर्म और अपराध और पाप का क्षमा करने वाला है, परन्तु दोषी को वह किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा, वह पितरों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों वरन पोतों और परपोतों को भी देने वाला है। - निर्गमन 34:6-7


बाइबल पाठ: नहूम 1:1-7

नहूम 1:1 नीनवे के विषय में भारी वचन। एल्कोशी नहूम के दर्शन की पुस्तक।।

नहूम 1:2 यहोवा जल उठने वाला और बदला लेने वाला ईश्वर है; यहोवा बदला लेने वाला और जलजलाहट करने वाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता।

नहूम 1:3 यहोवा विलम्ब से क्रोध करने वाला और बड़ा शक्तिमान है; वह दोषी को किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा। यहोवा बवंडर और आंधी में हो कर चलता है, और बादल उसके पांवों की धूलि है।

नहूम 1:4 उसके घुड़कने से महानद सूख जाते हैं, और समुद्र भी निर्जल हो जाता है; बाशान और कर्म्मैल कुम्हलाते और लबानोन की हरियाली जाती रहती है।

नहूम 1:5 उसके स्पर्श से पहाड़ कांप उठते हैं और पहाडिय़ां गल जाती हैं; उसके प्रताप से पृथ्वी वरन सारा संसार अपने सब रहने वालों समेत थरथरा उठता है।

नहूम 1:6 उसके क्रोध का सामना कौन कर सकता है? और जब उसका क्रोध भड़कता है, तब कौन ठहर सकता है? उसकी जलजलाहट आग के समान भड़क जाती है, और चट्टानें उसकी शक्ति से फट फटकर गिरती हैं।

नहूम 1:7 यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 68-69
  • रोमियों 8:1-21


मंगलवार, 4 अगस्त 2020

प्रेम


            उसका विवाह होने से एक सप्ताह पहले, सारा की सगाई टूट गई। अपनी निराशा और उदासी के बावजूद सारा ने निर्णय लिया कि वह उसके विवाह के भोज के लिए खरीदे गए भोजन को व्यर्थ नहीं जाने देगी। परन्तु उसने उस समारोह की योजना में कुछ परिवर्तन अवश्य किया। उसने आमंत्रित अतिथियों के स्थान पर स्थानीय बेघर लोगों के आश्रय स्थलों में रहने वालों को उस भोज के लिए आमंत्रित किया।


            परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने इस प्रकार के दयालुता के कार्यों की सराहना की, और कहा, परन्तु जब तू भोज करे, तो कंगालों, टुण्डों, लंगड़ों और अन्धों को बुला। तब तू धन्य होगा, क्योंकि उन के पास तुझे बदला देने को कुछ नहीं, परन्तु तुझे धर्मियों के जी उठने पर इस का प्रतिफल मिलेगा” (लू्का 14:13-14)। प्रभु ने ध्यान दिलाया कि इसका प्रतिफल परमेश्वर से आएगा, क्योंकि वे मेहमान अपने मेजबानों को प्रत्युत्तर में कुछ नहीं देने पाएँगे। यीशु ने ऐसे लोगों की सहायता करने के लिए कहा जो दान-दक्षिणा नहीं दे सकते हैं, और न ही भोज और उत्सवों में अपने उच्च सामाजिक स्तर का प्रदर्शन कर सकते हैं।


            जब हम इस बात का ध्यान करते हैं कि यीशु ने ये शब्द एक फरीसी के द्वारा दिए गए भोज के समय कहे थे, तो उसका यह सन्देश उग्र और भड़काने वाला लग सकता है। परन्तु वास्तविक प्रेम भड़काने वाला होता है। किसी ने मुझे कहा था कि प्रेम किसी को उस की आवश्यकताओं के लिए देना है, प्रत्युत्तर में बिना कुछ भी पाने की आशा रखे। प्रभु यीशु ने भी हम सभी से इसी प्रकार का प्रेम रखा है। उसने हमारी भीतरी, आत्मिक दरिद्रता को देखा और हमारे लिए अपने प्राण बलिदान कर दिए।


            प्रभु यीशु मसीह को व्यक्तिगत रीति से जानना उसके अनन्त और असीम प्रेम में एक यात्रा है। वह हम सभी को आमंत्रित करता है कि हम “सब पवित्र लोगों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ; कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है” (इफिसियों 3:18) जानें। - जेनिफर बेनसन शुलट्ज़

 

हमारे प्रति पिता का प्रेम कितना गहरा है!



क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16


बाइबल पाठ: लूका 14:7-14

लू्का 14:7 जब उसने देखा, कि नेवताहारी लोग क्योंकर मुख्य मुख्य जगहें चुन लेते हैं तो एक दृष्टान्त देकर उन से कहा।

लू्का 14:8 जब कोई तुझे ब्याह में बुलाए, तो मुख्य जगह में न बैठना, कहीं ऐसा न हो, कि उसने तुझ से भी किसी बड़े को नेवता दिया हो।

लू्का 14:9 और जिसने तुझे और उसे दोनों को नेवता दिया है: आकर तुझ से कहे, कि इस को जगह दे, और तब तुझे लज्ज़ित हो कर सब से नीची जगह में बैठना पड़े।

लू्का 14:10 पर जब तू बुलाया जाए, तो सब से नीची जगह जा बैठ, कि जब वह, जिसने तुझे नेवता दिया है आए, तो तुझ से कहे कि हे मित्र, आगे बढ़कर बैठ; तब तेरे साथ बैठने वालों के सामने तेरी बड़ाई होगी।

लू्का 14:11 और जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो कोई अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।

लू्का 14:12 तब उसने अपने नेवता देने वाले से भी कहा, जब तू दिन का या रात का भोज करे, तो अपने मित्रों या भाइयों या कुटुम्बियों या धनवान पड़ोसियों न बुला, कहीं ऐसा न हो, कि वे भी तुझे नेवता दें, और तेरा बदला हो जाए।

लू्का 14:13 परन्तु जब तू भोज करे, तो कंगालों, टुण्डों, लंगड़ों और अन्धों को बुला।

लू्का 14:14 तब तू धन्य होगा, क्योंकि उन के पास तुझे बदला देने को कुछ नहीं, परन्तु तुझे धर्मियों के जी उठने पर इस का प्रतिफल मिलेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 66-67
  • रोमियों 7


सोमवार, 3 अगस्त 2020

प्रोत्साहन


            प्रेरित यूहन्ना ने जो अपने मित्र गयुस के लिए पहली शताब्दी में किया, वह आज इक्कीसवीं शताब्दी में एक लुप्त हो रही कला है। यूहन्ना ने उसे एक पत्र लिखा। न्यू यॉर्क टाइम्स समाचार पत्र की एक लेखिका, कैथरीन फील्ड्स ने कहा, “पत्र लिखना हमारी सबसे प्राचीन कलाओं में से एक है। पत्रों के बारे में सोचें तो ध्यान तरसुस के पौलुस की ओर जाता है”, उदाहरण के लिए; और हम प्रेरित यूहन्ना का नाम भी जोड़ सकते हैं।


            परमेश्वर के वचन बाइबल में यूहन्ना द्वारा गयुस को लिखा गया वह पत्र विद्यमान है। उस पत्र में यूहन्ना ने उसके अच्छे आत्मिक और शारीरिक स्वास्थ्य की आशा रखने के विषय लिखा, गयुस की विश्वासयोग्यता के लिए उसे प्रोत्साहन के शब्द लिखे, और चर्च के लिए उसके प्रेम की सराहना की। यूहन्ना ने चर्च की एक समस्या के बारे में भी लिखा, जिसका समाधान उसने आकर व्यक्तिगत रीति से करने का आश्वासन दिया। यूहन्ना ने परमेश्वर की महिमा के लिए अच्छे कार्य करने के महत्व के बारे में भी लिखा। कुल मिलाकर यह एक मित्र को लिखा गया उत्साहवर्धक और चुनौतीपूर्ण पत्र था।


            आज के इलेक्ट्रोनिक युग में अधिकांश संवाद डिजिटल माध्यम से होते हैं और कागज़ पर पत्र लिखने का चलन समाप्त होता जा रहा है। परन्तु इसके कारण हमें एक-दूसरे को प्रोत्साहित करना बन्द नहीं कर देना चाहिए। पौलुस ने प्रोत्साहन के पत्र चर्मपत्रों पर लिखे; हम औरों को अनेकों प्रकार से प्रोत्साहित कर सकते हैं। महत्व उस माध्यम का नहीं है जिसके द्वारा हम प्रोत्साहित करते हैं, परन्तु इसका है कि हम कुछ समय निकालकर औरों को बताएँ कि हम प्रभु यीशु के नाम में उनकी चिंता करते हैं।


            उस प्रोत्साहन के बारे में विचार कीजिए जो गयुस को यूहन्ना का पत्र प्राप्त होने से मिला होगा। क्या हम भी इसी प्रकार से परमेश्वर के प्रेम को औरों पर अपने किसी पत्र या फोन द्वारा चमका सकते हैं, उन्हें प्रोत्साहित कर सकते हैं? – डेव ब्रैनन

 

प्रोत्साहन के शब्द मानवीय आत्मा को आशा प्रदान करते हैं।



मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है। जिस का प्रचार कर के हम हर एक मनुष्य को जता देते हैं और सारे ज्ञान से हर एक मनुष्य को सिखाते हैं, कि हम हर एक व्यक्ति को मसीह में सिद्ध कर के उपस्थित करें। - कुल्लुस्सियों 1:27-28


बाइबल पाठ: 3 यूहन्ना

3 यूहन्ना 1:1 मुझ प्राचीन की ओर से उस प्रिय गयुस के नाम, जिस से मैं सच्चा प्रेम रखता हूं।

3 यूहन्ना 1:2 हे प्रिय, मेरी यह प्रार्थना है; कि जैसे तू आत्मिक उन्नति कर रहा है, वैसे ही तू सब बातों में उन्नति करे, और भला चंगा रहे।

3 यूहन्ना 1:3 क्योंकि जब भाइयों ने आकर, तेरे उस सत्य की गवाही दी, जिस पर तू सचमुच चलता है, तो मैं बहुत ही आनन्दित हुआ।

3 यूहन्ना 1:4 मुझे इस से बढ़कर और कोई आनन्द नहीं, कि मैं सुनूं, कि मेरे लड़के-बाले सत्य पर चलते हैं।

3 यूहन्ना 1:5 हे प्रिय, जो कुछ तू उन भाइयों के साथ करता है, जो परदेशी भी हैं, उसे विश्वासी के समान करता है।

3 यूहन्ना 1:6 उन्होंने मण्डली के सामने तेरे प्रेम की गवाही दी थी: यदि तू उन्हें उस प्रकार विदा करेगा जिस प्रकार परमेश्वर के लोगों के लिये उचित है तो अच्छा करेगा।

3 यूहन्ना 1:7 क्योंकि वे उस नाम के लिये निकले हैं, और अन्यजातियों से कुछ नहीं लेते।

3 यूहन्ना 1:8 इसलिये ऐसों का स्वागत करना चाहिए, जिस से हम भी सत्य के पक्ष में उन के सहकर्मी हों।

3 यूहन्ना 1:9 मैं ने मण्डली को कुछ लिखा था; पर दियुत्रिफेस जो उन में बड़ा बनना चाहता है, हमें ग्रहण नहीं करता।

3 यूहन्ना 1:10 सो जब मैं आऊंगा, तो उसके कामों की जो वह कर रहा है सुधि दिलाऊंगा, कि वह हमारे विषय में बुरी बुरी बातें बकता है; और इस पर भी सन्तोष न कर के आप ही भाइयों को ग्रहण नहीं करता, और उन्हें जो ग्रहण करना चाहते हैं, मना करता है: और मण्डली से निकाल देता है।

3 यूहन्ना 1:11 हे प्रिय, बुराई के नहीं, पर भलाई के अनुयायी हो, जो भलाई करता है, वह परमेश्वर की ओर से है; पर जो बुराई करता है, उसने परमेश्वर को नहीं देखा।

3 यूहन्ना 1:12 देमेत्रियुस के विषय में सब ने वरन सत्य ने भी आप ही गवाही दी: और हम भी गवाही देते हैं, और तू जानता है, कि हमारी गवाही सच्ची है।

3 यूहन्ना 1:13 मुझे तुझ को बहुत कुछ लिखना तो था; पर सियाही और कलम से लिखना नहीं चाहता।

3 यूहन्ना 1:14 पर मुझे आशा है कि तुझ से शीघ्र भेंट करूंगा: तब हम आम्हने सामने बातचीत करेंगे: तुझे शान्ति मिलती रहे। यहां के मित्र तुझे नमस्कार करते हैं: वहां के मित्रों से नाम ले ले कर नमस्कार कह देना।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 63-65
  • रोमियों 6


रविवार, 2 अगस्त 2020

परिवर्तन


            मुझे तेज़ तूफ़ान हमेशा पसंद रहे हैं। बचपन में जब कोई तूफ़ान बहुत तेज़ होता था, बिजली ज़ोर से कड़क रही होती थी, और तेज़ मूसलाधार बारिश हो रही होती थी, तो मैं और मेरे भाई-बहन घर से बाहर निकालकर तेज़ी से दौड़ते हुए घर का चक्कर लगाते थे, और ऐसा करते हुए फिसलते, गिरते रहते थे। वापस अन्दर जाने के समय तक हम अंदर तक बिलकुल अच्छे से भीग चुके होते थे। यह एक रोमांचकारी अनुभव होता था – चाहे कुछ ही मिनटों के लिए हो।


            परमेश्वर के वचन बाइबल में भी भजन 107 में ऐसा ही एक चित्रण सामने आता है। पवित्र शास्त्र परमेश्वर द्वारा हमारी पुनःस्थापना की तुलना, उसके द्वारा निर्जल मरुभूमि को ‘जल से भरे ताल’ (पद 35) में परिवर्तित कर देने से करता है। क्योंकि ऐसी वर्षा जो मरुभूमि को जल के ताल में बदल दे हल्की बारिश नहीं होगी – वरन तेज़ तूफ़ान होगा जो सूखी हुई भूमि की प्रत्येक दरार को पानी से भर देता है, एक नए जीवन को ले आता है।


            क्या हम भी कुछ ऐसे ही पुनःस्थापित होने की लालसा नहीं रखते हैं? जब हमारी कहानियाँ निरुद्देश्य इधर-उधर भटकने को दिखाती हैं, क्योंकि हम उस चंगाई के लिए ‘भूखे और प्यासे हैं, लालायित हैं जो लगता है कि कभी नहीं आएगी (पद 4-5), तब हमें थोड़ी से आशा से कुछ बढ़कर चाहिए होता है। और जब पाप की गहरी जड़ें हमें घोर अंधकार के बंधनों में जकड़ती हैं (पद 10-11), तो हमारे मनों को थोड़े से परिवर्तन से कुछ अधिक चाहिए होता है।


            यही वह परिवर्तन है जो हमारा परमेश्वर हमारे जीवनों में ला सकता है (पद 20)। अपने डर और शर्म को परमेश्वर के सामने लाने में, जो हमारे सभी बंधनों को तोड़ देने और हमारे अंधियारे जीवनों को अपने प्रेम की ज्योति से भर देने (पद 13, 14) और हम में वह वांछित परिवर्तन लाने के लिए योग्य और सक्षम है, हमें कोई संकोच या विलम्ब नहीं करना चाहिए। - मोनिका ब्रैंड्स

 

परमेश्वर की सामर्थ्य पूर्ण परिवर्तन लाती है।



सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17


बाइबल पाठ: भजन 107:1-16, 35-36

भजन 107:1 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करुणा सदा की है!

भजन 107:2 यहोवा के छुड़ाए हुए ऐसा ही कहें, जिन्हें उसने द्रोही के हाथ से दाम दे कर छुड़ा लिया है,

भजन 107:3 और उन्हें देश देश से पूरब-पश्चिम, उत्तर और दक्खिन से इकट्ठा किया है।

भजन 107:4 वे जंगल में मरुभूमि के मार्ग पर भटकते फिरे, और कोई बसा हुआ नगर न पाया;

भजन 107:5 भूख और प्यास के मारे, वे विकल हो गए।

भजन 107:6 तब उन्होंने संकट में यहोवा की दुहाई दी, और उसने उन को सकेती से छुड़ाया;

भजन 107:7 और उन को ठीक मार्ग पर चलाया, ताकि वे बसने के लिये किसी नगर को जा पहुंचे।

भजन 107:8 लोग यहोवा की करुणा के कारण, और उन आश्चर्यकर्मों के कारण, जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें!

भजन 107:9 क्योंकि वह अभिलाषी जीव को सन्तुष्ट करता है, और भूखे को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है।

भजन 107:10 जो अन्धियारे और मृत्यु की छाया में बैठे, और दु:ख में पड़े और बेड़ियों से जकड़े हुए थे,

भजन 107:11 इसलिये कि वे ईश्वर के वचनों के विरुद्ध चले, और परम-प्रधान की सम्मति को तुच्छ जाना।

भजन 107:12 तब उसने उन को कष्ट के द्वारा दबाया; वे ठोकर खाकर गिर पड़े, और उन को कोई सहायक न मिला।

भजन 107:13 तब उन्होंने संकट में यहोवा की दुहाई दी, और उस ने सकेती से उनका उद्धार किया;

भजन 107:14 उसने उन को अन्धियारे और मृत्यु की छाया में से निकाल लिया; और उन के बन्धनों को तोड़ डाला।

भजन 107:15 लोग यहोवा की करुणा के कारण, और उन आश्चर्यकर्मों के कारण जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें!

भजन 107:16 क्योंकि उसने पीतल के फाटकों को तोड़ा, और लोहे के बेण्डों को टुकड़े टुकड़े किया।

भजन 107:35 वह जंगल को जल का ताल, और निर्जल देश को जल के सोते कर देता है।

भजन 107:36 और वहां वह भूखों को बसाता है, कि वे बसने के लिये नगर तैयार करें;

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 60-62
  • रोमियों 5