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शनिवार, 12 सितंबर 2020

चुनाव

 

         मैं कुछ युवाओं के साथ एक मिशन दौरे पर जाने की तैयारी कर रही थी, और इस तैयारी के दौरान उन युवाओं के द्वारा मुझ से सर्वाधिक पूछा जाने वाला प्रश्न था, “क्या वहाँ वाई-फाई होगा?” और मैंने उन्हें आश्वस्त किया कि हाँ वहाँ वाई-फाई होगा। अब आप उन खिसियाहट, गुस्से, और निराशा भरी आवाजों के उठने बारे अंदाज़ा लगा सकते हैं जब एक रात वाई-फाई में खराबी आ गई और वह उपलब्ध नहीं रहा।

         आज हम में से बहुतेरे बहुत व्याकुल हो जाते हैं जब हम अपने स्मार्ट-फोन्स से अलग कर दिए जाते हैं। और जब वो फोन हमारे हाथों में होते हैं तो हम उनके स्क्रीन पर आँखें गड़ाए रहते हैं। अनेकों अन्य बातों के समान, इंटरनेट और वो बातें जिन्हें हम इंटरनेट पर देख सकते हैं, हमारे लिए या तो ध्यान बंटाने का, या फिर आशीष का कारण बन सकती हैं; यह उस पर निर्भर करता है जो हम उसके साथ करते हैं – चुनाव हमारा होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम नीतिवचन में पढ़ते हैं,समझने वाले का मन ज्ञान की खोज में रहता है, परन्तु मूर्ख लोग मूढ़ता से पेट भरते हैं” (15:14)।

         परमेश्वर के वचन की बुद्धिमानी को अपने जीवनों में लागू करते हुए हम अपने आप से पूछ सकते हैं: क्या हमारा चुनाव दिन भर सोशल नेटवर्क्स को बारंबार देखते रहने का रहता है? यदि ऐसा है, तो यह उन बातों के बारे में क्या कहता है, जिनकी हमें लालसा रहती है? हम जिन बातों को नेट पर देखने और पढ़ने का चुनाव करते हैं, क्या उन से विवेक पूर्ण जीवन जीने का प्रोत्साहन मिलता है, (पद 16-21), या हम व्यर्थ बातें, जैसे कि बकवाद, निन्दा, सांसारिकता, या यौन संबंधित अपवित्रता आदि में समय बिताने का चुनाव करते हैं?

         हम जैसे-जैसे परमेश्वर के पवित्र आत्मा के कार्य के प्रति समर्पित होते चले जाएँगे, तो हम अपने मन और हृदय उन बातों से भरने लगेंगे जो “सत्य, आदरणीय, और उचित, पवित्र, सुहावनी, मनभावनी” हैं। परमेश्वर की बुद्धिमत्ता से हम उन बातों के पक्ष में चुनाव कर सकते हैं जो परमेश्वर को आदर देती हैं। - पो फैंग चिया

 

हम जिन बातों को अपने मन में आ लेने देते हैं, वे ही हमारी मनोदशा को निर्धारित करती हैं।

निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो। - फिलिप्पियों 4:8

बाइबल पाठ: नीतिवचन 15:9-21

नीतिवचन 15:9 दुष्ट के चाल चलन से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु जो धर्म का पीछा करता उस से वह प्रेम रखता है।

नीतिवचन 15:10 जो मार्ग को छोड़ देता, उसको बड़ी ताड़ना मिलती है, और जो डांट से बैर रखता, वह अवश्य मर जाता है।

नीतिवचन 15:11 जब कि अधोलोक और विनाश लोक यहोवा के सामने खुले रहते हैं, तो निश्चय मनुष्यों के मन भी।

नीतिवचन 15:12 ठट्ठा करने वाला डांटे जाने से प्रसन्न नहीं होता, और न वह बुद्धिमानों के पास जाता है।

नीतिवचन 15:13 मन आनन्दित होने से मुख पर भी प्रसन्नता छा जाती है, परन्तु मन के दु:ख से आत्मा निराश होती है।

नीतिवचन 15:14 समझने वाले का मन ज्ञान की खोज में रहता है, परन्तु मूर्ख लोग मूढ़ता से पेट भरते हैं।

नीतिवचन 15:15 दुखिया के सब दिन दु:ख भरे रहते हैं, परन्तु जिसका मन प्रसन्न रहता है, वह मानो नित्य भोज में जाता है।

नीतिवचन 15:16 घबराहट के साथ बहुत रखे हुए धन से, यहोवा के भय के साथ थोड़ा ही धन उत्तम है,

नीतिवचन 15:17 प्रेम वाले घर में साग पात का भोजन, बैर वाले घर में पाले हुए बैल का मांस खाने से उत्तम है।

नीतिवचन 15:18 क्रोधी पुरुष झगड़ा मचाता है, परन्तु जो विलम्ब से क्रोध करने वाला है, वह मुकद्दमों को दबा देता है।

नीतिवचन 15:19 आलसी का मार्ग कांटों से रुंधा हुआ होता है, परन्तु सीधे लोगों का मार्ग राजमार्ग ठहरता है।

नीतिवचन 15:20 बुद्धिमान पुत्र से पिता आनन्दित होता है, परन्तु मूर्ख अपनी माता को तुच्छ जानता है।

नीतिवचन 15:21 निर्बुद्धि को मूढ़ता से आनन्द होता है, परन्तु समझ वाला मनुष्य सीधी चाल चलता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नीतिवचन 13-15
  • 2 कुरिन्थियों 5

शुक्रवार, 11 सितंबर 2020

नाम


         हाल ही में न्यू यॉर्क के राष्ट्रीय 11 सितंबर के संग्रहालय में घूमते हुए मैंने वहाँ बने हुए दो जल-कुण्डों की जल्दबाजी में फोटो ली। इन दोनों जल-कुण्डों के चारों ओर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आक्रमण  में मारे गए लगभग 3,000 लोगों के नाम ताम्बे की पट्टियों पर लिखे हुए हैं। बाद में जब मैं उस फोटो को ध्यान से देख रहा था तो मेरा ध्यान एक महिला की ओर गया जो एक नाम पर हाथ रखे हुए थी। बहुत से लोग इस स्थान पर आते हैं किसी नाम को छूने और अपने किसी प्रिय जन को स्मरण करने के लिए।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता ने परमेश्वर के लोगों को स्मरण करवाया कि उनके प्रति परमेश्वर का प्रेम कभी नहीं बदलता, और वह सदा उनकी देखभाल करता है, यद्यपि वे लोग परमेश्वर से बहुधा दूर चले जाते थे। फिर भी प्रभु परमेश्वर ने उन्हें आश्वस्त किया, हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम ले कर बुलाया है, तू मेरा ही है” (यशायाह 43:1 )।

         भजनकार दाऊद ने भजन 23 में लिखा, “चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है। निश्चय भलाई और करुणा जीवन भर मेरे साथ साथ बनी रहेंगी; और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा” (पद 4, 6)।

         परमेश्वर हमें कभी नहीं भूलता है। हम चाहे जहाँ भी हों, या हमारी परिस्थिति चाहे कैसी भी हो, वह हमारे नाम जानता है, उसने हमारे चित्र को अपनी हथेली पर बनाया है, उसे सदा हमारा ध्यान रहता है, और वह हमें सदा अपने अचल प्रेम में थामे रहता है। - डेविड मेक्कैसलैंड

 

परमेश्वर हमारे नाम जानता है और हमें अपने अचल प्रेम में थामे रहता है।


देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के सामने बनी रहती है। - यशायाह 49:16

बाइबल पाठ: भजन 23

भजन संहिता 23:1 यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी।

भजन संहिता 23:2 वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है;

भजन संहिता 23:3 वह मेरे जी में जी ले आता है। धर्म के मार्गों में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई करता है।

भजन संहिता 23:4 चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।

भजन संहिता 23:5 तू मेरे सताने वालों के सामने मेरे लिये मेज बिछाता है; तू ने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमण्ड रहा है।

भजन संहिता 23:6 निश्चय भलाई और करुणा जीवन भर मेरे साथ साथ बनी रहेंगी; और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नीतिवचन 10-12
  • 2 कुरिन्थियों 4

गुरुवार, 10 सितंबर 2020

खड़े

 

         वो सर्दियों का एक ठण्डा, बर्फीला दिन था, और मेरा ध्यान अपनी गर्म गाड़ी से निकलकर गर्म इमारत में घुस जाने पर था। और अगले ही पल मैं फिसल कर गिर पड़ा; मेरे घुटने एक ओर मुड़ गए और पैर दूसरी ओर। कुछ टूटा तो नहीं, परन्तु मैं बहुत पीड़ा में था। समय के साथ कुछ देर तक मेरी पीड़ा बढ़ती गई, और मुझे ठीक होने में कुछ हफ्ते लग गए।

         हम में से कौन ऐसा है जो कभी फिसल कर न गिरा हो? कितना अच्छा होता कि हमारे पास कुछ या कोई ऐसा होता जो हमें गिराने से सदा बचाए रखता, और हमें हमारे पैरों पर खड़ा रखता। यद्यपि शारीरिक रीति से हमें हमेशा ही पैरों पर स्थिर खड़ा रखने की कोई निश्चितता नहीं दे सकता है, लेकिन एक है जो हमें हमारे जीवन के द्वारा सदा मसीह यीशु को आदर देते रहने में हमारी सहायता करता रह सकता है; और वह हमें इस जीवन तथा परलोक में भी उसके सामने आनन्द के साथ खड़ा रख सकता है।

         प्रति दिन हमें प्रलोभनों, परीक्षाओं, और झूठी शिक्षाओं का सामना करना होता है, और ये बातें हमें फंसा कर हमारा ध्यान भटकाती हैं, हमें उलझनों में डालती हैं, हमें हमारे आत्मिक जीवन में खड़े नहीं रहने देना चाहती हैं। लेकिन फिर भी इस सांसारिक जीवन में हम अन्ततः अपनी शक्ति से खड़े नहीं रह सकते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि हमारे प्रभु परमेश्वर ने हम मसीही विश्वासियों को अपना पवित्र आत्मा दिया है, जो हमारे अन्दर निवास करता है, हमें हमारे प्रतिदिन के जीवन के लिए सामर्थ्य तथा मार्गदर्शन प्रदान करता है।

         यह कितना आश्वस्त करने वाला है कि जब हम क्रोधित होकर बोलने के स्थान पर अपनी शान्ति को बनाए रखते हैं, और प्रत्युत्तर में कुछ नहीं कहते हैं; जब हम झूठ बोलने के स्थान पर सच ही बोलते हैं; नफ़रत के स्थान पर प्रेम प्रदर्शित करते हैं; गलत के स्थान पर सच्चाई का साथ देते हैं – यह सब करने की सामर्थ्य और मार्गदर्शन हमें हमारे अन्दर निवास करने वाला प्रभु का पवित्र आत्मा ही प्रदान करता है; वही हमें गिरने से बचाता और खड़ा रखता है (यहूदा 1:24)। और मसीह के पुनःआगमन पर जब हम परमेश्वर के सामने ग्रहण योग्य बनाए जाकर खड़े किए जाएँगे, तो जो स्तुति और प्रशंसा हम आज उसे अर्पित करते हैं, वह अनंतकाल तक गूँजती रहेगी। - आर्थर जैक्सन

 

केवल उसकी धार्मिकता को पहने हुए; 

सिंहासन के सामने निर्दोष बनाकर खड़े किए गए। - एडवर्ड मोट


परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आने वाली बातें तुम्हें बताएगा। - यूहन्ना 16:13

बाइबल पाठ: यहूदा 1:24-25

यहूदा 1:24 अब जो तुम्हें ठोकर खाने से बचा सकता है, और अपनी महिमा की भरपूरी के सामने मगन और निर्दोष कर के खड़ा कर सकता है।

यहूदा 1:25 उस अद्वैत परमेश्वर हमारे उद्धारकर्ता की महिमा, और गौरव, और पराक्रम, और अधिकार, हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जैसा सनातन काल से है, अब भी हो और युगानुयुग रहे। आमीन।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नीतिवचन 8-9
  • 2 कुरिन्थियों 3

बुधवार, 9 सितंबर 2020

सुगन्ध

 

         गर्म और धूल भरे वातावरण में बॉब बस की यात्रा करके अपने घर से दूर एक शहर को गया था। वह दिन भर की लम्बी यात्रा से बहुत थक गया था, और धन्यवादी थी कि वह उस इलाके में रहने वाले कुछ अपने मित्रों के मित्रों के साथ भोजन करने पाएगा। उन लोगों ने बॉब का स्वागत किया, और तुरंत ही उसे उन लोगों से मिलकर एक शान्ति और आराम का अनुभव हुआ। उसे लगा कि मानो वह घर में है, सुरक्षित है, आराम से है, और वे लोग उसकी कद्र करते हैं।

         बाद में इस बात पर विचार करते समय कि उसे उस अजनबी स्थान और लोगों के बीच तुरंत ही इतनी शान्ति कैसे मिल गई, बॉब को परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा कोरिन्थ के मसीही विश्वासियों को लिखी गई उसकी दूसरी पत्री में उत्तर मिल गया। उस पत्री में पौलुस ने मसीह के अनुयायियों में “मसीह की सुगन्ध” होने की बात कही, और तुरंत ही बॉब ने अपने आप से कहा, “हाँ! यही बात थी” उस दिन उसे अपने मेजबानों से मसीह की सुगन्ध आई थी, और इससे उसके मन को शान्ति मिली थी।

         पौलुस जब लिखता है कि परमेश्वर अपने लोगों को मसीह में “जय के उत्सव” में लिए फिरता है  और उनमें होकर अपने ज्ञान की सुगन्ध फैलाता है, तो वह उस समय की एक प्रथा को अपनी लिखी बात का आधार बना रहा था। जब सेना विजयी होकर युद्ध से लौटती थी, तो उनके विजय-उत्सव का जलूस जिन मार्गों से होकर जाता था, वहाँ सुगन्धित पदार्थ जलाए जाते थे। उस विजयी सेना के समर्थक उस सुगन्ध से आनन्दित होते थे। पौलुस कहता है कि इसी प्रकार से परमेश्वर के लोग अपने साथ एक सुगन्ध लिए चलते हैं जिसकी अनुभूति अन्य मसीही विश्वासियों को होती है, उन्हें आनन्दित करती है। यह कोई ऐसी बात नहीं है जिसे हम अपने से उत्पन्न करते हैं; परन्तु यह परमेश्वर द्वारा हमें प्रदान की जाती है जब वह हमें उसके ज्ञान को औरों में फैलाने के लिए प्रयोग करता है।

         बॉब मेरे पिता हैं, और वह दूर की यात्रा चालीस से भी अधिक वर्ष पहले की गई थी, परन्तु वे आज तक उसे भूले नहीं हैं। वे आज भी उन लोगों की यह कहानी सुनाते हैं – मसीह की सुगन्ध वाले लोगों की। - एमी पीटरसन

 

आपके लिए, कौन मसीह की सुगन्ध को फैलाने वाला है?


और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। - इफिसियों 5:2

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 2:14-17

2 कुरिन्थियों 2:14 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।

2 कुरिन्थियों 2:15 क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्ध हैं।

2 कुरिन्थियों 2:16 कितनों के लिये तो मरने के निमित्त मृत्यु की गन्‍ध, और कितनों के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्ध, और इन बातों के योग्य कौन है?

2 कुरिन्थियों 2:17 क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नीतिवचन 6-7
  • 2 कुरिन्थियों 2

मंगलवार, 8 सितंबर 2020

देखभाल

 

         मैं अपनी आँखें बन्द करता हूँ, हाथ जोड़कर, सिर झुकाकर मन में प्रार्थना करना आरंभ करता हूँ, मेरी प्रार्थना आरंभ होती है, “हे परमेश्वर, मैं आपके सम्मुख आपके बच्चे की तरह आता हूँ। मैं आपकी भलाइयों और सामर्थ्य को स्मरण करता हूँ जो आप ...” और अचानक ही मेरी आँखें झटके से खुल जाती हैं। मुझे स्मरण हो आता है कि मेरे बेटे का स्कूल का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, उसे मेरी सहायता की आवश्यकता थी, क्योंकि कल उसे वह स्कूल में दिखाना है। मुझे यह भी स्मरण आता है कि कल दोपहर बाद उसे स्कूल में बास्केटबाल के खेल में भी भाग लेना है, और मुझे वहाँ उसके पास होना है; और मैं विचार करता हूँ कि वह अभी अपने स्कूल के कार्य को पूरा करने में लगा होगा, जो लगभग मध्य-रात्रि तक जाकर पूरा होगा। किन्तु मुझे चिंता है कि उसका यह सब परिश्रम उसे थका कर दुर्बल न कर दे, जिससे फिर कोई बीमारी उसे पकड़ न ले। और मेरा ध्यान प्रार्थना से हट जाता है।

         सुप्रसिद्ध मसीही लेखक सी. एस. ल्युईस ने अपने पुस्तक The Screwtape Letters में प्रार्थना में इस प्रकार ध्यान विचलित करने वाली बातों के बारे में लिखा है। उन्होंने लिखा कि जब हमारे मन इधर-उधर भटकने लगते हैं तो हम अपनी इच्छा-शक्ति के द्वारा उन्हें फिर से अपनी मूल प्रार्थना पर लाने के प्रयास करते हैं। लेकिन ल्युईस का निष्कर्ष था कि ऐसा करने के स्थान पर अधिक अच्छा होता है कि विचलित करने वाली उस नई बात को ही हमारी वर्तमान समस्या समझ लिया जाए, उसे परमेश्वर के सामने रख दिया जाए, और उस बात को ही अपनी प्रार्थना का मुख्य विषय बना लिया जाए।

         कोई स्थायी चिंता, या कोई पापमय विचार परमेश्वर के साथ हमारे वार्तालाप का केंद्र बिंदु बन सकता है, हम उस बात को पिता परमेश्वर के सामने रख कर उसके बारे में उससे उसका मार्गदर्शन और सामर्थ्य माँग सकते हैं। परमेश्वर चाहता है कि हम जब उससे वार्तालाप करें तो निःसंकोच होकर अपनी वास्तविक चिंताओं, भय, संघर्षों, इच्छाओं आदि के बारे में उससे खुलकर बोलें। वह हमारी किसी भी बात से आश्चर्यचकित नहीं होगा, क्योंकि वह सब कुछ पहले से ही जानता है। जैसे एक घनिष्ठ मित्र हमारी बातों पर ध्यान लगाता है, परमेश्वर भी वैसे ही हमारी बातों का ध्यान करता है। इसीलिए परमेश्वर के वचन बाइबल में हमें प्रोत्साहित किया गया है कि हम अपनी सारी चिताएँ उस पर डाल दें क्योंकि उसे हमारा ध्यान है (1 पतरस 5:7), वह हमारी देखभाल करता है। - जेनिफर बेनसन शुल्ट

 

ध्यान बंटने से हमारी प्रार्थनाएं बाधित नहीं होनी चाहिएँ।


अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्हालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा। - भजन 55:22

बाइबल पाठ: 1 पतरस 5:6-10

1 पतरस 5:6 इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए।

1 पतरस 5:7 और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है।

1 पतरस 5:8 सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गरजने वाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए।

1 पतरस 5:9 विश्वास में दृढ़ हो कर, और यह जान कर उसका सामना करो, कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुख भुगत रहे हैं।

1 पतरस 5:10 अब परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिसने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दुख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्‍त करेगा।

 

 एक साल में बाइबल: 

  • नीतिवचन 3-5
  • 2 कुरिन्थियों 1

सोमवार, 7 सितंबर 2020

देखभाल

 

         मैं जब हाई-स्कूल की पढ़ाई कर रहा था, तब मैं अपने विश्वविद्यालय की टेनिस टीम में भी खेला करता था। मेरे घर के पास ही चार टेनिस कोर्ट्स थे, जिन पर मैंने अपनी किशोरावस्था के बहुत घंटे अपने कौशल को और विकसित करने तथा सुधारने के लिए बिताए थे। पढ़ाई पूरी होने के पश्चात मैं विश्वविद्यालय और उस शहर से चला गया।

         पिछली बार जब मैं उस शहर में गया, तो वहाँ पहुँचकर मेरे सबसे आरंभिक कार्यों में से एक था, कार लेकर उन टेनिस कोर्ट्स पर जाना। मेरी आशा थी कि वहाँ पर अभी भी लोग खेल रहे होंगे, और मैं उन्हें देखूँगा, और अपनी यादों को ताज़ा करूँगा। परन्तु वहाँ पहुंचकर मैंने देखा कि वे पुरानी कोर्ट्स जो मेरी यादों में बसी हुई थीं, अब वहाँ नहीं हैं; उनके स्थान पर एक खाली मैदान था, जिसमें उगी हुई कुछ घास हवा में लहरा रही थी।

         उस दिन की वह दोपहर आज भी मेरी यादों में इस बात का प्रमाण बनकर बसी हुई है कि जीवन कितना क्षणभंगुर है। उन स्थानों में से एक, जहाँ मैंने अपनी युवावस्था की सामर्थ्य का सबसे उत्तम उपयोग किया था, उसका अब अस्तित्व ही नहीं रहा। बाद में अपने इस अनुभव पर मनन करते हुए मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में वृद्ध हो रहे राजा दाऊद द्वारा व्यक्त की गई बात स्मरण हो आई, मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल की नाईं फूलता है, जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है। परन्तु यहोवा की करूणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती- पोतों पर भी प्रगट होता रहता है” (भजन 103:15-17)।

         हम आयु में बढ़ते जाते हैं और हमारे आस-पास का संसार भी बदलता जाता है, परन्तु परमेश्वर का प्रेम न तो कभी पुराना होता है और न कभी बदलता है। हम उस पर हमेशा भरोसा कर सकते हैं कि जितनों ने उस पर अपना विश्वास रखा है, वह उनकी देखभाल सदा करता रहेगा। - जेम्स बैंक्स

 

इस बदलते हुए संसार में हम अपने कभी न बदलने वाले 

परमेश्वर पर सदा भरोसा बनाए रख सकते हैं।


क्योंकि मैं यहोवा बदलता नहीं; इसी कारण, हे याकूब की सन्तान तुम नाश नहीं हुए। - मलाकी 3:6

बाइबल पाठ:  भजन 103:13-22

भजन संहिता 103:13 जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।

भजन संहिता 103:14 क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है।

भजन संहिता 103:15 मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल के समान फूलता है,

भजन संहिता 103:16 जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।

भजन संहिता 103:17 परन्तु यहोवा की करुणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती-पोतों पर भी प्रगट होता रहता है,

भजन संहिता 103:18 अर्थात उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते और उसके उपदेशों को स्मरण कर के उन पर चलते हैं।

भजन संहिता 103:19 यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।

भजन संहिता 103:20 हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो!

भजन संहिता 103:21 हे यहोवा की सारी सेनाओं, हे उसके टहलुओं, तुम जो उसकी इच्छा पूरी करते हो, उसको धन्य कहो!

भजन संहिता 103:22 हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!

  

एक साल में बाइबल: 

  • नीतिवचन 1-2
  • 1 कुरिन्थियों 16

रविवार, 6 सितंबर 2020

सामर्थ्य


         शरीर की माँसपेशियों को विकसित कर के उनके प्रदर्शन की प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने वाले लोग अपने आप को एक कठोर प्रशिक्षण से लेकर जाते हैं। उनके प्रशिक्षण के आरंभिक महीने शरीर की माँसपेशियों को आकार और बल में बढ़ाने में निकलते हैं। जब प्रतिस्पर्धा का समय निकट आता है, तो उनका प्रशिक्षण और तैयारी शरीर की चर्बी को कम से कम कर देने होती है, जिससे माँसपेशियाँ स्पष्ट दिखाई दें। और स्पर्धा से ठीक पहले के कुछ दिनों में वे शरीर की आवश्यकता से कम पानी पीते हैं जिससे उनकी माँसपेशियाँ बिलकुल स्पष्ट दिखाई दें। इस कारण प्रतिस्पर्धा के दिन, चाहे वे कितने ही बलवान क्यों न दिखाई दें, वास्तविकता में वे लोग अपनी सबसे दुर्बल स्थिति में होते हैं।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में 2 इतिहास 20 अध्याय में हम इसके बिलकुल विपरीत स्थिति के बारे में पढ़ते हैं – परमेश्वर की सामर्थ्य प्राप्त करने के लिए अपनी दुर्बल स्थिति को स्वीकार करना। लोगों ने राजा यहोशापात से कहा, “एक विशाल सेना तेरे विरुद्ध युद्ध करने के लिए आ रही है”, और यह जानकार उसने सारे यहूदा में उपवास की घोषणा की (पद 3), अपने आप को और यहूदा के सभी लोगों को भोजन सामग्री और उन्हें बल देने वाले पोषण से वंचित कर दिया, और फिर परमेश्वर से सहायता के लिए निवेदन किया।

         परमेश्वर से आश्वासन और मार्गदर्शन प्राप्त करने के बाद जब राजा ने सेना को एकत्रित किया, तो युद्ध भूमि में सेना को भेजते समय गाने वालों को सेना के आगे-आगे परमेश्वर की स्तुति के भजन गाते हुए चलने के लिए नियुक्त किया (पद 21)। जब उन्होंने परमेश्वर का स्तुतिगान करना आरंभ किया, जिस समय वे गाकर स्तुति करने लगे, उसी समय यहोवा ने अम्मोनियों, मोआबियों और सेईर के पहाड़ी देश के लोगों पर जो यहूदा के विरुद्ध आ रहे थे, घातकों को बैठा दिया और वे मारे गए” (पद 22)।

         यहोशापात का यह निर्णय परमेश्वर में उसके गहरे और दृढ़ विश्वास को दिखाता है। उसने जानते-बूझते हुए न तो अपनी न ही अपनी सेना के मानवीय सामर्थ्य और कौशल पर निर्भर होने को चुना। यह हमारे लिए एक सजीव उदाहरण है कि जब हम अपनी परीक्षाओं का सामना अपनी बुद्धि, अपनी योग्यता, अपनी क्षमता आदि के आधार पर करने के स्थान पर परमेश्वर की सामर्थ्य से करते हैं, तो परमेश्वर एक अद्भुत विजय दिलाता है। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर की सामर्थ्य को अनुभव करने के लिए हमें अपनी दुर्बलता को स्वीकार करना अनिवार्य है।


परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 20:1-3, 14-22

2 इतिहास 20:1 इसके बाद मोआबियों और अम्मोनियों ने और उनके साथ कई मूनियों ने युद्ध करने के लिये यहोशापात पर चढ़ाई की।

2 इतिहास 20:2 तब लोगों ने आकर यहोशापात को बता दिया, कि ताल के पार से एदोम देश की ओर से एक बड़ी भीड़ तुझ पर चढ़ाई कर रही है; और देख, वह हसासोन्तामार तक जो एनगदी भी कहलाता है, पहुंच गई है।

2 इतिहास 20:3 तब यहोशापात डर गया और यहोवा की खोज में लग गया, और पूरे यहूदा में उपवास का प्रचार करवाया।

2 इतिहास 20:14 तब आसाप के वंश में से यहजीएल नाम एक लेवीय जो जकर्याह का पुत्र और बनायाह का पोता और मत्तन्याह के पुत्र यीएल का परपोता था, उस में मण्डली के बीच यहोवा का आत्मा समाया।

2 इतिहास 20:15 और वह कहने लगा, हे सब यहूदियों, हे यरूशलेम के रहनेवालों, हे राजा यहोशापात, तुम सब ध्यान दो; यहोवा तुम से यों कहता है, तुम इस बड़ी भीड़ से मत डरो और तुम्हारा मन कच्चा न हो; क्योंकि युद्ध तुम्हारा नहीं, परमेश्वर का है।

2 इतिहास 20:16 कल उनका सामना करने को जाना। देखो वे सीस की चढ़ाई पर चढ़े आते हैं और यरूएल नाम जंगल के सामने नाले के सिरे पर तुम्हें मिलेंगे।

2 इतिहास 20:17 इस लड़ाई में तुम्हें लड़ना न होगा; हे यहूदा, और हे यरूशलेम, ठहरे रहना, और खड़े रह कर यहोवा की ओर से अपना बचाव देखना। मत डरो, और तुम्हारा मन कच्चा न हो; कल उनका सामना करने को चलना और यहोवा तुम्हारे साथ रहेगा।

2 इतिहास 20:18 तब यहोशापात भूमि की ओर मुंह कर के झुका और सब यहूदियों और यरूशलेम के निवासियों ने यहोवा के सामने गिर के यहोवा को दण्डवत किया।

2 इतिहास 20:19 और कहातियों और कोरहियों में से कुछ लेवीय खड़े हो कर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की स्तुति अत्यन्त ऊंचे स्वर से करने लगे।

2 इतिहास 20:20 बिहान को वे सबेरे उठ कर तकोआ के जंगल की ओर निकल गए; और चलते समय यहोशापात ने खड़े हो कर कहा, हे यहूदियों, हे यरूशलेम के निवासियों, मेरी सुनो, अपने परमेश्वर यहोवा पर विश्वास रखो, तब तुम स्थिर रहोगे; उसके नबियों की प्रतीत करो, तब तुम कृतार्थ हो जाओगे।

2 इतिहास 20:21 तब उसने प्रजा के साथ सम्मति कर के कितनों को ठहराया, जो कि पवित्रता से शोभायमान हो कर हथियार-बन्दों के आगे आगे चलते हुए यहोवा के गीत गाएं, और यह कहते हुए उसकी स्तुति करें, कि यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि उसकी करुणा सदा की है।

2 इतिहास 20:22 जिस समय वे गाकर स्तुति करने लगे, उसी समय यहोवा ने अम्मोनियों, मोआबियों और सेईर के पहाड़ी देश के लोगों पर जो यहूदा के विरुद्ध आ रहे थे, घातकों को बैठा दिया और वे मारे गए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 148-150
  • 1 कुरिन्थियों 15:29-58