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सोमवार, 26 अक्टूबर 2020

चरमोत्कर्ष


         मेरे माता-पिता ने मुझे हर प्रकार के संगीत, लोक-संगीत से लेकर शास्त्रीय संगीत तक, की सराहना करना सिखाया था। इसलिए जब मैं रूस के एक भव्य संगीत हॉल में मॉस्को राष्ट्रीय सिम्फनी द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे संगीत समारोह का आनन्द लेने जा रहा था, तो मेरे हृदय की धड़कनें बढ़ रही थीं। संगीत मण्डली के संचालक ने संगीत वाद्य बजाने वालों द्वारा, रूस के प्रसिद्ध संगीतकार चाईकोव्स्की, की संगीत रचना बजाने का संचालन करना आरंभ किया, और धुन विकसित होते-होते एक प्रबल चरमोत्कर्ष तक पहुँच गई। वह एक जादुई पल था, और समापन होते ही सभी श्रोताओं ने खड़े होकर ऊँची आवाज़ में उस उत्तम प्रस्तुतीकरण का अनुमोदन किया।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में वचन के लेख इतिहास के चरमोत्कर्ष के पल की ओर बढ़ते हैं: प्रभु यीशु मसीह का क्रूस और पुनरुत्थान। अदन की वाटिका में आदम और हव्वा के पाप में गिरने के कुछ ही समय बाद, परमेश्वर ने प्रतिज्ञा दी कि एक मुक्तिदाता आएगा (उत्पत्ति 3:15), और संपूर्ण पुराने नियम में यह विषय विकसित होता रहता है। इस प्रतिज्ञा की पूर्ति की पूर्व-झलक हम फसह के पर्व के मेमने के बलिदान में (निर्गमन 12:21), और भविष्यद्वक्ताओं की आशा में (1 पतरस 1:10), और परमेश्वर के लोगों की लालसा में देखते हैं।

         पहला यूहन्ना 4:14 पुष्टि करता है कि वह कहानी किस ओर बढ़ रही थी: “और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है” कैसे? परमेश्वर ने इस पाप से ग्रसित संसार के उद्धार की अपनी प्रतिज्ञा की पूर्ति प्रभु यीशु के क्रूस पर बलिदान और मृतकों में से उसके पुनरुत्थान के द्वारा की, जिससे संसार के उद्धार का मार्ग बन गया, और प्रभु यीशु ने हम मनुष्यों का परमेश्वर के साथ पुनर्मिलन का मार्ग तैयार कर के दे दिया। अब जो कोई उसके इस बलिदान और पाप क्षमा के मार्ग को स्वीकार करता है, उससे अपने पापों की क्षमा मांगकर अपने जीवन उसे समर्पित करता है, वह प्रभु परमेश्वर से पापों की क्षमा प्राप्त कर के, अनंतकाल तक उसके साथ स्वर्ग में रहने की प्रतिज्ञा को प्राप्त कर लेता है। एक दिन प्रभु यीशु आकर अपने विश्वासियों को अपने साथ स्वर्ग ले जाएगा।

         जब हम स्मरण करते हैं कि परमेश्वर के पुत्र ने हमारे लिए क्या किया है, तो हम हम पापी मनुष्यों के लिए परमेश्वर द्वारा किए गए कार्यों के चरमोत्कर्ष को प्रभु यीशु में होकर प्राप्त होने वाले अनुग्रह और छुटकारे में देखते हैं। - बिल क्राउडर

 

प्रभु के अनुग्रह और प्रेम की भेंट का आनन्द मनाएँ।


इसी उद्धार के विषय में उन भविष्यद्वक्ताओं ने बहुत ढूंढ़-ढांढ़ और जांच-पड़ताल की, जिन्होंने उस अनुग्रह के विषय में जो तुम पर होने को था, भविष्यवाणी की थी। - 1 पतरस 1:10

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:14-21

1 यूहन्ना 4:14 और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है।

1 यूहन्ना 4:15 जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में।

1 यूहन्ना 4:16 और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।

1 यूहन्ना 4:17 इसी से प्रेम हम में सिद्ध हुआ, कि हमें न्याय के दिन हियाव हो; क्योंकि जैसा वह है, वैसे ही संसार में हम भी हैं।

1 यूहन्ना 4:18 प्रेम में भय नहीं होता, वरन सिद्ध प्रेम भय को दूर कर देता है, क्योंकि भय से कष्ट होता है, और जो भय करता है, वह प्रेम में सिद्ध नहीं हुआ।

1 यूहन्ना 4:19 हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उसने हम से प्रेम किया।

1 यूहन्ना 4:20 यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं; और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है: क्योंकि जो अपने भाई से, जिसे उसने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उसने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता।

1 यूहन्ना 4:21 और उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 9-11
  • 1 तिमुथियुस 6

रविवार, 25 अक्टूबर 2020

शान्ति


         एक पत्रकार ने बॉब डिलन से 1984 में पूछा था, “क्या आप अभी भी शान्ति की आशा रखते हैं?” डिलन का उत्तर था, “कोई शान्ति नहीं होने वाली है।” उनके इस उत्तर की बहुत आलोचना हुई, किन्तु इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है कि शान्ति को हो पाना मायावी है।

         प्रभु यीशु मसीह के संसार में आने के लगभग 600 वर्ष पहले, बहुतेरे भविष्यद्वक्ता शान्ति की भविष्यवाणी कर रहे थे। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि उन भविष्यद्वक्ताओं में परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता सम्मिलित नहीं थे। यिर्मयाह ने लोगों को स्मरण दिलाया कि परमेश्वर ने कहा  है, परन्तु मैं ने तो उन को यह आज्ञा दी कि मेरे वचन को मानो, तब मैं तुम्हारा परमेश्वर हूंगा, और तुम मेरी प्रजा ठहरोगे; और जिस मार्ग की मैं तुम्हें आज्ञा दूं उसी में चलो, तब तुम्हारा भला होगा” (यिर्मयाह 7:23)। किन्तु फिर भी वो लोग बारंबार परमेश्वर और उसकी आज्ञाओं की अवहेलना करते रहे। उन लोगों के झूठे भविष्यद्वक्ता उनसे “शान्ति, शान्ति” कहते रहे (8:11), परन्तु यिर्मयाह ने विनाश की भविष्यवाणी की, और यरूशलेम 586 ई.पू. में नष्ट कर दिया गया।

         शान्ति दुर्लभ है। परन्तु यिर्मयाह द्वारा की गई भयानक भविष्यवाणियों के मध्य भी हम एक ऐसे परमेश्वर को पाते हैं जो निरंतर प्रेम करता है। प्रभु परमेश्वर ने अपने बलवाई लोगों से कहा, यहोवा ने मुझे दूर से दर्शन देकर कहा है। मैं तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ; इस कारण मैं ने तुझ पर अपनी करुणा बनाए रखी है। हे इस्राएली कुमारी कन्या! मैं तुझे फिर बसाऊंगा; वहां तू फिर सिंगार कर के डफ बजाने लगेगी, और आनन्द करने वालों के बीच में नाचती हुई निकलेगी” (यिर्मयाह 31:3-4)।

         परमेश्वर शान्ति और प्रेम का परमेश्वर है। संघर्ष और विरोध उसके प्रति हमारे विद्रोह के कारण आता है। पाप हम सब के अन्दर की शान्ति को चुरा लेता है, और संसार की शान्ति को नाश कर देता है। प्रभु यीशु इस पृथ्वी पर हमारा परमेश्वर के साथ मेल-मिलाप करवाने आए थे तथा हमें वह भीतरी शान्ति देने आए थे। प्रेरित पौलुस ने लिखा, सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें” (रोमियों 5:1)। उसके ये शब्द, लिखे गए सबसे आशापूर्ण शब्दों में से हैं।

         हम चाहे युद्ध-भूमि में रहते हों या सबसे शांत पड़ौस में जहाँ पर किसी लड़ाई की फुसफुसाहट भी नहीं है, प्रभु यीशु हम सभी को अपनी शान्ति देने के लिए आमंत्रित करता है। - टिम गुस्ताफसन

 

परमेश्वर हमें अपने आप से पृथक प्रसन्नता और शान्ति नहीं दे सकता है, 

क्योंकि वह है ही नहीं। - सी. एस. ल्युईस


मैं तुम्हें शान्ति दिए जाता हूं, अपनी शान्ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 8:8-15

 यिर्मयाह 8:8 तुम क्योंकर कह सकते हो कि हम बुद्धिमान हैं, और यहोवा की दी हुई व्यवस्था हमारे साथ है? परन्तु उनके शास्त्रियों ने उसका झूठा विवरण लिख कर उसको झूठ बना दिया है।

यिर्मयाह 8:9 बुद्धिमान लज्जित हो गए, वे विस्मित हुए और पकड़े गए; देखो, उन्होंने यहोवा के वचन को निकम्मा जाना है, उन में बुद्धि कहां रही?

यिर्मयाह 8:10 इस कारण मैं उनकी स्त्रियों को दूसरे पुरुषों को और उनके खेत दूसरे अधिकारियों के वश में कर दूंगा, क्योंकि छोटे से ले कर बड़े तक वे सब के सब लालची हैं; क्या भविष्यद्वक्ता क्या याजक, वे सब के छल से काम करते हैं।

यिर्मयाह 8:11 उन्होंने, “शान्ति है, शान्ति” ऐसा कह कहकर मेरी प्रजा के घाव को ऊपर ही ऊपर चंगा किया, परन्तु शान्ति कुछ भी नहीं है।

यिर्मयाह 8:12 क्या वे घृणित काम कर के लज्जित हुए? नहीं, वे कुछ भी लज्जित नहीं हुए, वे लज्जित होना जानते ही नहीं। इस कारण जब और लोग नीचे गिरें, तब वे भी गिरेंगे; जब उनके दण्ड का समय आएगा, तब वे भी ठोकर खाकर गिरेंगे, यहोवा का यही वचन है।

यिर्मयाह 8:13 यहोवा की यह भी वाणी है, मैं उन सभों का अन्त कर दूंगा। न तो उनकी दाखलताओं में दाख पाई जाएंगी, और न अंजीर के वृक्षों में अंजीर वरन उनके पत्ते भी सूख जाएंगे, और जो कुछ मैं ने उन्हें दिया है वह उनके पास से जाता रहेगा।

यिर्मयाह 8:14 हम क्यों चुप-चाप बैठे हैं? आओ, हम चलकर गढ़ वाले नगरों में इकट्ठे नाश हो जाएं; क्योंकि हमारा परमेश्वर यहोवा हम को नाश करना चाहता है, और हमें विष पीने को दिया है; क्योंकि हम ने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है।

यिर्मयाह 8:15 हम शान्ति की बाट जोहते थे, परन्तु कुछ कल्याण नहीं मिला, और चंगाई की आशा करते थे, परन्तु घबराना ही पड़ा है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 6-8
  • 1 तिमुथियुस 5

शनिवार, 24 अक्टूबर 2020

स्वतंत्र


         कैतिलिन अपने मित्रों के साथ मेक्सिको की खाड़ी में तैर रही थी, कि एक शार्क ने उसके पाँव को पकड़ लिया और उसे खींचने लगी। शार्क के आक्रमण का मुकाबला करते हुए कैतिलिन ने शार्क की नाक पर जोर से एक प्रहार किया। प्रहार के कारण शार्क ने अपने जबड़े खोले, और कैतिलिन ने उसके मुँह में से अपना पैर बाहर निकाल लिया। यद्यपि शार्क के दांतों की पकड़ के कारण उसके पैर पर अनेकों घाव थे, जिनके लिए उसे 100 से भी अधिक टाँके लगवाने पड़े, किन्तु वह शार्क उसे अपनी पकड़ में नहीं रखने पाई, कैतिलिन उससे स्वतंत्र हो सकी।

         यह कहानी मुझे इस तथ्य को स्मरण करवाती है कि प्रभु यीशु ने भी मृत्यु पर घातक प्रहार किया, और उसकी प्रभु के अनुयायियों को आतंकित तथा पराजित करने की शक्ति को निष्क्रिय कर दिया। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने कहा, परन्तु उसी को परमेश्वर ने मृत्यु के बन्धनों से छुड़ाकर जिलाया: क्योंकि यह अनहोना था कि वह उसके वश में रहता” (प्रेरितों 2:24)।

         पतरस ने ये शब्द यरूशलेम में एकत्रित एक बड़ी भीड़ को कहे थे। संभव है कि उस भीड़ में उपस्थित लोगों में से बहुत से वो लोग भी होंगे जो प्रभु यीशु को दोषी ठहराकर उसे क्रूस पर चढ़ाने की माँग कर रहे थे (मत्ती 27:22)। उनके इस चिल्लाने के कारण रोमी सैनिकों ने प्रभु यीशु को क्रूस पर कीलों से ठोक दिया और वे वहाँ तब तक टंगे रहे जब तक कि यह निश्चित नहीं कर लिया गया कि वे मर गए हैं। प्रभु यीशु की मृत देह को ले जाकर कब्र में रखा गया, जहाँ वह तीन दिन तक रही, जब तक परमेश्वर ने उन्हें मृतकों में से जिला नहीं दिया। प्रभु के पुनरुत्थान के पश्चात पतरस तथा अन्य शिष्यों ने उनके साथ बातचीत की, भोजन किया, और पुनरुत्थान के चालीस दिन के बाद वे उन शिष्यों के देखते-देखते स्वर्ग पर उठा लिए गए (प्रेरितों 1:9)।

         प्रभु यीशु के पृथ्वी के जीवन का अन्त शारीरिक और मानसिक वेदना के साथ हुआ था, परन्तु परमेश्वर ने कब्र की शक्ति को पराजित कर दिया। इस के कारण, मृत्यु, या अन्य कोई भी संघर्ष अब हम मसीही विश्वासियों को सदा ही दबाए रखने की शक्ति नहीं नहीं रखता है। एक दिन सभी मसीही विश्वासी अनन्त जीवन तथा परमेश्वर की उपस्थिति में रहने से होने वाली परिपूर्णता का अनुभव करेंगे। अपने इस भविष्य पर ध्यान केन्द्रित करने के द्वारा हम आज शैतान के बंधनों से स्वतंत्र होने का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। - जेनिफर बेनसन शुल्ट

 

कब्र का बंधन परमेश्वर की सामर्थ्य का मुकाबला नहीं कर सकता है।


इसलिये जब कि लड़के मांस और लहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे। और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले। - इब्रानियों 2:14-15

बाइबल पाठ: प्रेरितों 2:22-36

प्रेरितों के काम 2:22 हे इस्राएलियों, ये बातें सुनो: कि यीशु नासरी एक मनुष्य था जिस का परमेश्वर की ओर से होने का प्रमाण उन सामर्थ्य के कामों और आश्चर्य के कामों और चिह्नों से प्रगट है, जो परमेश्वर ने तुम्हारे बीच उसके द्वारा कर दिखलाए जिसे तुम आप ही जानते हो।

प्रेरितों के काम 2:23 उसी को, जब वह परमेश्वर की ठहराई हुई मनसा और होनहार के ज्ञान के अनुसार पकड़वाया गया, तो तुम ने अधर्मियों के हाथ से उसे क्रूस पर चढ़वा कर मार डाला।

प्रेरितों के काम 2:24 परन्तु उसी को परमेश्वर ने मृत्यु के बन्धनों से छुड़ाकर जिलाया: क्योंकि यह अनहोना था कि वह उसके वश में रहता।

प्रेरितों के काम 2:25 क्योंकि दाऊद उसके विषय में कहता है, कि मैं प्रभु को सर्वदा अपने सामने देखता रहा क्योंकि वह मेरी दाहिनी ओर है, ताकि मैं डिग न जाऊं।

प्रेरितों के काम 2:26 इसी कारण मेरा मन आनन्दित हुआ, और मेरी जीभ मगन हुई; वरन मेरा शरीर भी आशा में बसा रहेगा।

प्रेरितों के काम 2:27 क्योंकि तू मेरे प्राणों को अधोलोक में न छोड़ेगा; और न अपने पवित्र जन को सड़ने ही देगा!

प्रेरितों के काम 2:28 तू ने मुझे जीवन का मार्ग बताया है; तू मुझे अपने दर्शन के द्वारा आनन्द से भर देगा।

प्रेरितों के काम 2:29 हे भाइयों, मैं उस कुलपति दाऊद के विषय में तुम से साहस के साथ कह सकता हूं कि वह तो मर गया और गाड़ा भी गया और उस की कब्र आज तक हमारे यहां वर्तमान है।

प्रेरितों के काम 2:30 सो भविष्यद्वक्ता हो कर और यह जानकर कि परमेश्वर ने मुझ से शपथ खाई है, कि मैं तेरे वंश में से एक व्यक्ति को तेरे सिंहासन पर बैठाऊंगा।

प्रेरितों के काम 2:31 उसने होनहार को पहिले ही से देखकर मसीह के जी उठने के विषय में भविष्यवाणी की, कि न तो उसका प्राण अधोलोक में छोड़ा गया, और न उस की देह सड़ने पाई।

प्रेरितों के काम 2:32 इसी यीशु को परमेश्वर ने जिलाया, जिस के हम सब गवाह हैं।

प्रेरितों के काम 2:33 इस प्रकार परमेश्वर के दाहिने हाथ से सर्वोच्च पद पाकर, और पिता से वह पवित्र आत्मा प्राप्त कर के जिस की प्रतिज्ञा की गई थी, उसने यह उडेल दिया है जो तुम देखते और सुनते हो।

प्रेरितों के काम 2:34 क्योंकि दाऊद तो स्वर्ग पर नहीं चढ़ा; परन्तु वह आप कहता है, कि प्रभु ने मेरे प्रभु से कहा;

प्रेरितों के काम 2:35 मेरे दाहिने बैठ, जब तक कि मैं तेरे बैरियों को तेरे पांवों तले की चौकी न कर दूं।

प्रेरितों के काम 2:36 सो अब इस्राएल का सारा घराना निश्चय जान ले कि परमेश्वर ने उसी यीशु को जिसे तुम ने क्रूस पर चढ़ाया, प्रभु भी ठहराया और मसीह भी।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 3-5
  • 1 तिमुथियुस 4

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2020

मार्ग,

 

         मेरे पास कोलोराडो के पहाड़ों की पतझड़ के समय की एक बहुत सुन्दर फोटो है, जिसमें एक जवान व्यक्ति घोड़े की पीठ पर बैठा आगे के मार्ग को देख रहा है और विचार कर रहा है कि उसे कौन सा मार्ग चुनना चाहिए। इससे मुझे रॉबर्ट फ्रॉस्ट की कविता “The Road Not Taken” स्मरण हो आती है। उस कविता में फ्रॉस्ट उसके सामने आए दो-राहे पर खड़ा है और उसे निर्णय लेना है कि उन में से किस मार्ग पर वह आगे बढ़ेगा। दोनों ही मार्ग समान रीति से आकर्षक हैं, किन्तु उसे संशय है कि वह दोबारा कभी इस स्थान पर लौट कर आने पाएगा, और इसलिए उसे एक मार्ग बुद्धिमानी से चुनना है।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में, प्रभु यीशु के पहाड़ी उपदेश (मत्ती 5 - 7) में  प्रभु ने अपने शिष्यों से कहा, सकेत फाटक से प्रवेश करो, क्योंकि चौड़ा है वह फाटक और चाकल है वह मार्ग जो विनाश को पहुंचाता है; और बहुतेरे हैं जो उस से प्रवेश करते हैं। क्योंकि सकेत है वह फाटक और सकरा है वह मार्ग जो जीवन को पहुंचाता है, और थोड़े हैं जो उसे पाते हैं” (मत्ती 7:13-14)।

         हमारी जीवन यात्रा में हमारे सामने मार्ग चुनने के लिए अनेकों विकल्प आ सकते हैं; बहुत से मार्ग आकर्षक और आश्वासन देने वाले प्रतीत हो सकते हैं परन्तु सच्चे जीवन का मार्ग एक ही है, जो प्रभु की आज्ञाकारिता का मार्ग है। प्रभु यीशु हमें शिष्यता और परमेश्वर के वचन की आज्ञाकारिता का मार्ग चुनने और उस पर चलने के लिए कहता है – भीड़ के पीछे नहीं, उसके पीछे चलें।

         जब हम आगे के मार्ग के बारे में विचार करते हैं, तो प्रभु हमें बुद्धिमानी दे और हमारा मार्गदर्शन करे कि हम उसके मार्ग पर चलने वाले बनें – जीवन के मार्ग पर। यही हमारे लिए और जिनसे हम प्रेम करते हैं उनके लिए सबसे उत्तम मार्ग होगा। - डेविड सी. मेक्कैसलैंड

 

प्रभु यीशु के साथ जीवन के मार्ग पर चलना ही चुनें।


और जब कभी तुम दाहिनी या बाईं ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो। - यशायाह 30:21

बाइबल पाठ: मत्ती 7:12-23

मत्ती 7:12 इस कारण जो कुछ तुम चाहते हो, कि मनुष्य तुम्हारे साथ करें, तुम भी उन के साथ वैसा ही करो; क्योंकि व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं की शिक्षा यही है।

मत्ती 7:13 सकेत फाटक से प्रवेश करो, क्योंकि चौड़ा है वह फाटक और चाकल है वह मार्ग जो विनाश को पहुंचाता है; और बहुतेरे हैं जो उस से प्रवेश करते हैं।

मत्ती 7:14 क्योंकि सकेत है वह फाटक और सकरा है वह मार्ग जो जीवन को पहुंचाता है, और थोड़े हैं जो उसे पाते हैं।।

मत्ती 7:15 झूठे भविष्यद्वक्ताओं से सावधान रहो, जो भेड़ों के भेस में तुम्हारे पास आते हैं, परन्तु अन्दर में फाड़ने वाले भेड़िए हैं।

मत्ती 7:16 उन के फलों से तुम उन्हें पहचान लोग क्या झाड़ियों से अंगूर, या ऊंटकटारों से अंजीर तोड़ते हैं?

मत्ती 7:17 इसी प्रकार हर एक अच्छा पेड़ अच्छा फल लाता है और निकम्मा पेड़ बुरा फल लाता है।

मत्ती 7:18 अच्छा पेड़ बुरा फल नहीं ला सकता, और न निकम्मा पेड़ अच्छा फल ला सकता है।

मत्ती 7:19 जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में डाला जाता है।

मत्ती 7:20 सो उन के फलों से तुम उन्हें पहचान लोगे।

मत्ती 7:21 जो मुझ से, हे प्रभु, हे प्रभु कहता है, उन में से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है।

मत्ती 7:22 उस दिन बहुतेरे मुझ से कहेंगे; हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हम ने तेरे नाम से भविष्यवाणी नहीं की, और तेरे नाम से दुष्टात्माओं को नहीं निकाला, और तेरे नाम से बहुत अचम्भे के काम नहीं किए?

मत्ती 7:23 तब मैं उन से खुलकर कह दूंगा कि मैं ने तुम को कभी नहीं जाना, हे कुकर्म करने वालों, मेरे पास से चले जाओ।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 1-2
  • 1 तिमुथियुस 3

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020

सामर्थ्य

 

         एक युवा माँ होने के नाते, मैं अपनी बेटी के जीवन के पहले वर्ष की बातों को संभाल कर रखना चाहती थी। मैं हर महीने उसकी फोटो लिया करती थी, यह दिखाने के लिए कि वह किस तरह से बढ़ी और बदली। मेरी एक पसंदीदा फोटो में, वो बड़ी खुशी के साथ एक खोखला किए हुए कद्दू, जिसे मैंने एक स्थानीय किसान से खरीदा था, में बैठी है। आने वाले दिनों में वह कद्दू तो सूख कर मुरझा गया, लेकिन मेरी बेटी बढ़ती रही, पनपती रही।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस जिस प्रकार से प्रभु यीशु की सच्चाई को जानने को बताता और समझता है, वह मुझे अपनी बेटी की उस फोटो को स्मरण दिलाता है। पौलुस ने प्रभु यीशु मसीह के हमारे हृदय में वास करने की तुलना मिट्टी के बर्तन में रखे हुए खजाने से की है। प्रभु यीशु ने जो कुछ हमारे लिए किया है, वह हमें साहस और सामर्थ्य प्रदान करता है कि हम जीवन के संघर्षों के बावजूद उसके कार्यों में लगे रहें, चाहे चारों ओर से दबाव आ रहे हों (2 कुरिन्थियों 4:8)। क्योंकि परमेश्वर की सामर्थ्य हमारे जीवनों में कार्य करती है इसलिए हम उन दबावों में भी नाश नहीं होते, वरन प्रभु यीशु का जीवन हमारे जीवनों में से प्रगट होता है।

         जैसे वह कद्दू मुरझा कर सूख गया था, हम भी अपने जीवन के संघर्षों में शारीरिक सूखेपन और दुर्बलताओं  का अनुभव कर सकते हैं। लेकिन उन चुनौतियों के होते हुए भी, हम में विद्यमान प्रभु यीशु का आनन्द बढ़ता जाएगा, कार्य करता जाएगा। हमारे जीवनों में उसकी कार्यकारी सामर्थ्य, उसके बारे में हमारी समझ-बूझ, हमारे दुर्बल मिट्टी के शरीरों में रखा हुआ अद्भुत स्वर्गीय खज़ाना है। हम सभी कठिनाइयों के होते हुए भी पनप और बढ़ सकते हैं, क्योंकि परमेश्वर की सामर्थ्य हमारे जीवनों में कार्य करती है। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर की सामर्थ्य हम में होकर कार्य करती है।

क्योंकि आज का दिन हमारे प्रभु के लिये पवित्र है; और उदास मत रहो, क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है। - नहेम्याह 8:10

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:7-18

2 कुरिन्थियों 4:7 परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ्य हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।

2 कुरिन्थियों 4:8 हम चारों ओर से क्लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरुपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।

2 कुरिन्थियों 4:9 सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।

2 कुरिन्थियों 4:10 हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।

2 कुरिन्थियों 4:11 क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरनहार शरीर में प्रगट हो।

2 कुरिन्थियों 4:12 सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।

2 कुरिन्थियों 4:13 और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय में लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।

2 कुरिन्थियों 4:14 क्योंकि हम जानते हैं, जिसने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने सामने उपस्थित करेगा।

2 कुरिन्थियों 4:15 क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक हो कर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।

2 कुरिन्थियों 4:16 इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।

2 कुरिन्थियों 4:17 क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।

2 कुरिन्थियों 4:18 और हम तो देखी हुई वस्तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 65-66
  • 1 तिमुथियुस 2

बुधवार, 21 अक्टूबर 2020

वास्तविक

 

         कई वर्षों तक मेरा अतीत का जीवन और उसकी कमियां तथा बुराइयां, मेरे वर्तमान जीवन पर बहुत प्रभाव डालता रहा। मुझे यही भय रहता था कि क्या होगा यदि लोगों को मेरे अतीत और बुराइयों के बारे में पता चलेगा? यद्यपि परमेश्वर ने मेरी सहायता की और मैं साहस कर के इसके विषय चर्चा करने के लिए एक मसीही सेवकाई की अगुवाई करने वाली महिला को दोपहर के भोजन के लिए अपने घर पर आमंत्रित कर सकी। किन्तु फिर भी मैं उसके सामने अपने आप को बिलकुल ठीक और भली दिखाना चाह रही थी। मैंने अपने घर की अच्छे से सफाई करके उसे खूब चमका दिया, कोई दाग़-धब्बा नहीं रहने दिया, अच्छा सा भोजन बना लिया, और अपनी सबसे अच्छी जींस और ब्लाउज़ पहन लिया, और उसकी प्रतीक्षा करने लगी।

         तभी मुझे ध्यान आया कि बाहर लॉन पर पानी छिड़कने का फव्वारा चल रहा है, और मैं उसे बन्द करने के लिए दौड़कर बाहर गई। उसके बल खाए हुए पाईप को सीधा कर के मैं उसे बन्द करने का प्रयास कर रही थी, कि उसकी नाली मेरी तरफ घूमी और मुझे पानी की तेज़ धार ने पूरा भिगो दिया। मैं चिल्लाई, अन्दर जाकर तौलिये से अपने बाल सुखाने का प्रयास करने लगी, मेरा मेकप पानी से बहकर मेरे चेहरे को खराब कर रहा था, और मुझे अपने कपड़े  बदल कर सामान्य कपड़े पहनने पड़े। मैं अपने आप को अभी ठीक कर ही रही थी कि दरवाज़े की घंटी बजी – मेरी मेहमान भोजन के लिए पहुँच गई थी। मैंने अपनी उस अस्त-व्यस्त हालत में ही उसका स्वागत किया, उसे अन्दर बिठाया, अपनी दशा को समझाया, और उसे भोजन पर आमंत्रित करने के अपने उद्देश्य को बताया। मेरी उस नई सहेली ने मेरे साथ उसके अपने अतीत के कारण होने वाली असुरक्षा और भय, और दोष बोध की भावनाओं को बताया। हमने मिलकर प्रार्थना की, और उसने मुझे अपने साथ परमेश्वर की अपूर्ण सेविकाओं की टीम में सम्मिलित कर लिया।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रेरित पौलुस ने मसीह यीशु में अपने नए जीवन को स्वीकार करने पर अपने अतीत की बातों को स्वीकार करने से मुँह नहीं मोड़ा, और न ही अपने अतीत को परमेश्वर की सेवा करने में बाधा बनने दिया (1 तिमुथियुस 1:12-14)। क्योंकि पौलुस अच्छे से समझता था कि क्रूस पर किए गए प्रभु यीशु के कार्य के द्वारा वह बचाया गया है, और प्रभु ने उसे बदल दिया है – सबसे अधम पापी  को भी अपने योग्य बना लिया है – इसलिए उसने परमेश्वर की स्तुति और बड़ाई की तथा औरों को प्रोत्साहित किया कि वे भी परमेश्वर को आदर दें और उसकी आज्ञाकारिता में रहें (पद 15-17)।

         जब हम परमेश्वर के अनुग्रह और क्षमा को स्वीकार कर लेते हैं, तब हम अपने अतीत से मुक्त हो जाते हैं। चाहे हम में कमियाँ हों, परन्तु प्रभु परमेश्वर हम से बहुत प्रेम करता है। इसलिए अपने वास्तविक जीवन को लेकर हमें शर्मिंदा रहने की आवश्यकता नहीं है; हम परमेश्वर द्वारा हमें दिए गए वरदानों के द्वारा, उसके द्वारा निर्धारित की गई सेवकाई को निःसंकोच निभा सकते हैं। - सोहचील डिक्सन

 

हम जैसे भी हैं, परमेश्वर हमें स्वीकार करता है, और अपने लिए उपयोगी बना लेता है।


परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ परन्तु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था। - 1 कुरिन्थियों 15:10

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 1:12-17

1 तीमुथियुस 1:12 और मैं, अपने प्रभु मसीह यीशु का, जिसने मुझे सामर्थ्य दी है, धन्यवाद करता हूं; कि उसने मुझे विश्वास योग्य समझकर अपनी सेवा के लिये ठहराया।

1 तीमुथियुस 1:13 मैं तो पहिले निन्दा करने वाला, और सताने वाला, और अन्धेर करने वाला था; तौभी मुझ पर दया हुई, क्योंकि मैं ने अविश्वास की दशा में बिन समझे बूझे, ये काम किए थे।

1 तीमुथियुस 1:14 और हमारे प्रभु का अनुग्रह उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, बहुतायत से हुआ।

1 तीमुथियुस 1:15 यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं।

1 तीमुथियुस 1:16 पर मुझ पर इसलिये दया हुई, कि मुझ सब से बड़े पापी में यीशु मसीह अपनी पूरी सहनशीलता दिखाए, कि जो लोग उस पर अनन्त जीवन के लिये विश्वास करेंगे, उन के लिये मैं एक आदर्श बनूं।

1 तीमुथियुस 1:17 अब सनातन राजा अर्थात अविनाशी अनदेखे अद्वैत परमेश्वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 62-64
  • 1 तिमुथियुस 1

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2020

स्वीकार्य

 

         कई वर्षों तक अपनी पढ़ाई में संघर्ष करते रहने के पश्चात एंजी को अन्ततः उसके उच्च-स्तरीय प्राथमिक विद्यालय से निकाल कर एक अन्य “सामान्य” विद्यालय में डाला गया। सिंगापुर के अत्यन्त स्पर्धात्मक शिक्षा के माहौल में, जहाँ किसी अच्छे स्कूल में होने से भविष्य की संभावनाएं बेहतर हो जाती हैं, बहुतों को ऐसा होना असफलता का चिह्न प्रतीत होगा। एंजी के माता-पिता निराश हुए, और स्वयं एंजी को भी लगा कि उसका स्तर नीचा कर दिया गया है। परन्तु अपने नए स्कूल में जाने के कुछ ही समय के बाद, नौ वर्षीय एंजी को समझ में आया कि “सामान्य” विद्यार्थियों की कक्षा में होने का क्या अभिप्राय है। उसने अपनी मम्मी से कहा “मम्मी, यही मेरे लिए उपयुक्त है, मैं सही स्थान पर हूँ, क्योंकि यहाँ मुझे स्वीकार किया जाता है।”

         इस घटना से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में ज़क्कई की घटना का स्मरण हो आया। ज़क्कई कितना उत्साहित हुआ था जब प्रभु यीशु ने अपने आप को उस चुंगी लेने वाले के घर में आमंत्रित किया (लूका 19:5)। प्रभु उनके साथ भोजन करने का इच्छुक था जो जानते थे कि उनमें कमियाँ हैं और वो परमेश्वर के अनुग्रह के योग्य नहीं हैं (पद 10)। प्रभु हमें खोजता हुआ आया, और हमें खोजने, और हम जैसे भी थे उसी हाल में हम से प्रेम करने के साथ ही, प्रभु यीशु ने हमें प्रतिज्ञा दी है कि उनकी मृत्यु और पुनरुत्थान के कारण हम भी सिद्ध बन जाएँगे। हम उनके अनुग्रह ही से सिद्ध बन सकते हैं।

         मैंने बहुधा अपने आत्मिक जीवन-यात्रा को एक निरंतर संघर्ष की यात्रा पाया है, यह जानते हुए कि मेरा जीवन परमेश्वर के आदर्श से बहुत कम है। परन्तु यह कितना शान्तिदायक है कि हमारे अन्दर निवास करने वाला परमेश्वर पवित्र आत्मा हमें हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के स्वरूप में ढालता चला जा रहा है और हम सदा ही प्रभु यीशु मसीह में होकर परमेश्वर को स्वीकार्य रहते हैं। - लेसली कोह

 

हम चाहे सिद्ध न हों, किन्तु हम सदा स्वीकार्य हैं।


परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: लूका 19:1-10

लूका 19:1 वह यरीहो में प्रवेश कर के जा रहा था।

लूका 19:2 और देखो, ज़क्कई नाम एक मनुष्य था जो चुंगी लेने वालों का सरदार और धनी था।

लूका 19:3 वह यीशु को देखना चाहता था कि वह कौन सा है परन्तु भीड़ के कारण देख न सकता था। क्योंकि वह नाटा था।

लूका 19:4 तब उसको देखने के लिये वह आगे दौड़कर एक गूलर के पेड़ पर चढ़ गया, क्योंकि वह उसी मार्ग से जाने वाला था।

लूका 19:5 जब यीशु उस जगह पहुंचा, तो ऊपर दृष्टि कर के उस से कहा; हे ज़क्कई झट उतर आ; क्योंकि आज मुझे तेरे घर में रहना अवश्य है।

लूका 19:6 वह तुरन्त उतर कर आनन्द से उसे अपने घर को ले गया।

लूका 19:7 यह देख कर सब लोगे कुड़कुड़ा कर कहने लगे, वह तो एक पापी मनुष्य के यहां जा उतरा है।

लूका 19:8 ज़क्कई ने खड़े हो कर प्रभु से कहा; हे प्रभु, देख मैं अपनी आधी सम्पत्ति कंगालों को देता हूं, और यदि किसी का कुछ भी अन्याय कर के ले लिया है तो उसे चौगुना फेर देता हूं।

लूका 19:9 तब यीशु ने उस से कहा; आज इस घर में उद्धार आया है, इसलिये कि यह भी इब्राहीम का एक पुत्र है।

लूका 19:10 क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 59-61
  • 2 थिस्सलुनीकियों 2