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शुक्रवार, 22 जनवरी 2021

संतान


          एक चर्च सभा के दौरान, जिस में मैं अपने माता-पिता के साथ सम्मिलित हुई थी, सामान्य परंपरा के अनुसार, हम प्रभु की प्रार्थना को दोहराते हुए एक दूसरे के हाथ पकड़े हुए खड़े थे। मेरा एक हाथ मेरी माँ ने थामा हुआ था, और दूसरा मेरे पिता ने, और मेरे मन विचार आया कि कुछ भी हो जाए, मैं सदा ही उनकी पुत्री, उनकी संतान बनी रहूँगी। चाहे अब मैं अपने अधेड़ आयु काल में ही क्यों न पहुँच गई हूँ, लेकिन मुझे सदा ही ‘लियो और फिलीस की बेटी कहा जा सकता है। साथ ही यह बात भी ध्यान में आई कि उसी प्रकार से मैं  सदा ही परमेश्वर की संतान भी रहूँगी।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस चाहता था कि रोम के चर्च के लोग इस बात को समझें कि मसीही विश्वास में आ जाने के द्वारा अब उनकी पहचान परमेश्वर के परिवार में गोद ले लिए गए सदस्यों की है (रोमियों 8:15)। क्योंकि उन्होंने आत्मा के द्वारा नया जन्म प्राप्त कर लिया था (पद 14), इसलिए अब उन्हें व्यर्थ बातों के दासत्व में बने रहने की कोई आवश्यकता नहीं थी। वरन, परमेश्वर के पवित्र आत्मा के वरदानों के द्वारा, वे अब “वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं” (पद 17)।

          जो प्रभु यीशु मसीह के पीछे चलने लगते हैं, उनके लिए यह तथ्य उनके जीवन में क्या परिवर्तन लाता है? सीधी सी बात है, सब कुछ बदल जाता है; वे एक नई सृष्टि हो जाते हैं! परमेश्वर की संतान होने की हमारी पहचान अब हमारे जीवन का आधार हो जाती है और हमें संसार तथा अपने आप को देखने का एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती है। उदाहरण के लिए, इस बात का एहसास रखना कि हम परमेश्वर के परिवार के सदस्य हैं, हमें उसका अनुसरण करते समय, अपने आराम की स्थिति से बाहर निकलकर उसके लिए कार्य करने का साहस और सामर्थ्य प्रदान करता है। फिर हमें अन्य मनुष्यों की स्वीकृति और प्रशंसा के खोजी होने से भी मुक्ति मिल जाती है।

          आज क्यों न गंभीरता से इस बात पर मनन करें कि परमेश्वर की संतान होने का क्या अर्थ है? – एमी बाउचर पाई

 

जो परमेश्वर का अनुसरण करते हैं, वे ही परमेश्वर की संतान हैं।


सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: रोमियों 8:9-17

रोमियों 8:9 परन्तु जब कि परमेश्वर का आत्मा तुम में बसता है, तो तुम शारीरिक दशा में नहीं, परन्तु आत्मिक दशा में हो। यदि किसी में मसीह का आत्मा नहीं तो वह उसका जन नहीं।

रोमियों 8:10 और यदि मसीह तुम में है, तो देह पाप के कारण मरी हुई है; परन्तु आत्मा धर्म के कारण जीवित है।

रोमियों 8:11 और यदि उसी का आत्मा जिसने यीशु को मरे हुओं में से जिलाया तुम में बसा हुआ है; तो जिसने मसीह को मरे हुओं में से जिलाया, वह तुम्हारी मरनहार देहों को भी अपने आत्मा के द्वारा जो तुम में बसा हुआ है जिलाएगा।

रोमियों 8:12 सो हे भाइयों, हम शरीर के कर्जदार नहीं, ताकि शरीर के अनुसार दिन काटें।

रोमियों 8:13 क्योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रियाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे।

रोमियों 8:14 इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं।

रोमियों 8:15 क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं।

रोमियों 8:16 आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं।

रोमियों 8:17 और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं।

 

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 4-6
  • मत्ती 14:22-36

गुरुवार, 21 जनवरी 2021

गीत

 

          खगोल विद्या में खोज के लिए ध्वनि तरंगों के प्रयोग के द्वारा वैज्ञानिक अंतरिक्ष में उत्पन्न होने वाली ध्वनियों और स्पंदनों को सुनते और उनका अध्ययन करते हैं। उन्हें पता चला है कि सितारे अपनी कक्षा में मूक होकर विचरण नहीं करते हैं, परन्तु उनमें से संगीत ध्वनियाँ निकलती रहती हैं। जैसे कि हम्पबैक व्हेल मछलियों की ध्वनि तरंगें होती हैं, वैसे ही सितारों की ध्वनि तरंगें भी मनुष्य के कानों के द्वारा सुनी तो नहीं जा सकतीं हैं, किन्तु वैज्ञानिक उपकरणों के द्वारा उनकी जानकारी ली जा सकती है। सितारों, व्हेल मछलियों और अन्य प्राणियों के द्वारा उत्पन्न की गई ध्वनि मिलकर परमेश्वर की महानता का वर्णन करने वाले संगीत को बनाते हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 19:1-4 में लिखा है,आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है। न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है। उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं।

          नए नियम में, प्रेरित पौलुस ने यह प्रकट किया है कि प्रभु यीशु में,सारी वस्तुओं की सृष्टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुताएँ, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं” (कुलुस्सियों 1:16)। प्रत्युत्तर में प्राकृतिक संसार की सभी वस्तुएँ, उसकी गहराई और ऊँचाई, सब कुछ मिलकर अपने सृष्टिकर्ता की स्तुति का गीत गाती हैं। हम भी सृष्टि के साथ मिलकर अपने सृष्टिकर्ता, जिसने “महासागर को चुल्लू से मापा और किस [जिस] के बित्ते से आकाश का नाप हुआ...” (यशायाह 40:12) की महानता के गीत गाएं। - रेमी ओयेडेली

 

 वे[हम] यहोवा के नाम की स्तुति करें

क्योंकि उसी ने आज्ञा दी और ये[हम] सिरजे गए। - भजन संहिता 148:5


इसलिये कि परमेश्वर के विषय का ज्ञान उन के मनों में प्रगट है, क्योंकि परमेश्वर ने उन पर प्रगट किया है। कि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ्य, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं। - रोमियों 1:19-20

बाइबल पाठ: भजन 19:1-6

भजन 19:1 आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।

भजन 19:2 दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है।

भजन 19:3 न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है।

भजन 19:4 उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं। उन में उसने सूर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है,

भजन 19:5 जो दुल्हे के समान अपने महल से निकलता है। वह शूरवीर के समान अपनी दौड़ दौड़ने को हर्षित होता है।

भजन 19:6 वह आकाश की एक छोर से निकलता है, और वह उसकी दूसरी छोर तक चक्कर मारता है; और उसकी गर्मी सब को पहुंचती है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 1-3
  • मत्ती 14:1-21

बुधवार, 20 जनवरी 2021

लक्ष्य

 

          हम अपने जीवन की दिशा कैसे निर्धारित कर सकते हैं? एक बार मैंने इस प्रश्न का उत्तर एक अप्रत्याशित स्थान पर सुना – एक मोटर साइकिल सीखने के स्थान पर। मैं और मेरे कुछ मित्र मोटर साइकिल चलाना चाहते थे, इसलिए हम उसे चलाना सीखने के लिए गए। हमारे प्रशिक्षण का एक भाग था लक्ष्य निर्धारण करना। हमारे प्रशिक्षक ने हम से कहा, “कभी न कभी आपको कोई अनपेक्षित बाधा का सामना करना पड़ेगा। यदि आप उस बाधा ही को देखते रहोगे, तो वही लक्ष्य बन जाएगा, और आप उस से जा टकराओगे। परन्तु यदि आप उस बाधा के इधर-उधर और उसके पार देखोगे तो लक्ष्य भी उस बाधा से हट कर हो जाएगा और सामान्यतः आप उस बाधा से बचने पाओगे। आप जहाँ देखते हैं, वहीं पहुँचते भी हैं।”

          यही सरल और साधारण सिद्धांत हमारे आत्मिक जीवनों पर भी लागू होता है। जब हम अपनी समस्याओं और संघर्षों पर ही अपने ध्यान को केन्द्रित रखते हैं, तो वे ही हमारा लक्ष्य बने रहते हैं, और स्वतः ही हम अपने जीवनों को उन्हीं के चारों ओर चलाते रहते हैं।

          किन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में हमें प्रोत्साहित किया गया है कि हम अपनी समस्याओं के पार, उसकी ओर देखें जो उनके समाधान दे सकता है, हमारी सहायता कर सकता है। हम भजन 121:1 में पढ़ते हैं, मैं अपनी आंखें पर्वतों की ओर लगाऊंगा। मुझे सहायता कहां से मिलेगी?” फिर भजनकार स्वयं ही उत्तर देता है “मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।... यहोवा तेरे आने जाने में तेरी रक्षा अब से ले कर सदा तक करता रहेगा” (पद 2, 8)।

          हो सकता है कि हमें अपनी बाधाएँ इतनी बड़ी लगें कि हमें लगने लगे कि हम उन्हें पार नहीं कर सकते हैं। परन्तु परमेश्वर हमें आमंत्रित करता है कि हम अपनी उन बाधाओं के पार उसकी ओर देखें, उसी पर अपनी दृष्टि लगाए रहें। उन बाधाओं को नहीं, परमेश्वर को अपना लक्ष्य बनाएँ, और वह हमें बाधाओं के पार निकाल ले जाएगा। - एडम होल्ज़

 

यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, हमारी सहायता उसी के नाम से होती है। (भजन 124:8)


तब उसने मुझे उत्तर देकर कहा, जरूब्बाबेल के लिये यहोवा का यह वचन है : न तो बल से, और न शक्ति से, परन्तु मेरे आत्मा के द्वारा होगा, मुझ सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। - ज़कर्याह 4:6

बाइबल पाठ: भजन 121

भजन 121:1 मैं अपनी आंखें पर्वतों की ओर लगाऊंगा। मुझे सहायता कहां से मिलेगी?

भजन 121:2 मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।

भजन 121:3 वह तेरे पांव को टलने न देगा, तेरा रक्षक कभी न ऊंघेगा।

भजन 121:4 सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊंघेगा और न सोएगा।

भजन 121:5 यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी आड़ है।

भजन 121:6 न तो दिन को धूप से, और न रात को चांदनी से तेरी कुछ हानि होगी।

भजन 121:7 यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा।

भजन 121:8 यहोवा तेरे आने जाने में तेरी रक्षा अब से ले कर सदा तक करता रहेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 49-50
  • मत्ती 13:31-58

मंगलवार, 19 जनवरी 2021

प्रेम

 

          “जाराब टपैटियो”, या मैक्सिकन टोपी का नृत्य, रोमांस या प्रेम का नृत्य है। इस तेज़ लय और ताल वाले नृत्य में  पुरुष अपनी टोपी धरती पर रख देता है, और नृत्य के अन्त होने के समय उसकी महिला साथी उस टोपी को उठाती और दोनों उसके पीछे मुँह छिपा कर एक दूसरे से अपने प्रेम को चुम्बन के द्वारा व्यक्त करते हैं।

          यह नृत्य मुझे विवाह में विश्वासयोग्य बने रहने के महत्व को याद दिलाता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन की पुस्तक के पाँचवें अध्याय में, अनैतिकता और व्यभिचार के कारण चुकाई जाने वाली बड़ी कीमत के बारे में लिखने के बाद हम पढ़ते हैं कि विवाह विशिष्ट है; “तू अपने ही कुण्ड से पानी, और अपने ही कुंए से सोते का जल पिया करना” (पद 15)। जाराब नृत्य में दस जोड़े एक साथ नृत्य कर रहे होते हैं, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति अपने ही साथी के साथ ही नृत्य करता है, केवल उसी पर अपना ध्यान लगाए रहता है। हमें अपने विवाहित साथी पर ही संपूर्ण और अविभाजित ध्यान लगाए रखना है (पद 18)।

          जैसे नृत्य करने वाले जोड़ों के प्रेम को लोग देख रहे होते हैं, और वे जोड़े भी जानते हैं कि उन पर दृष्टि लगी हुई है, वैसे ही हमारा अपने साथी के साथ संबंध किसी की दृष्टि में रहता है; “क्योंकि मनुष्य के मार्ग यहोवा की दृष्टि से छिपे नहीं हैं, और वह उसके सब मार्गों पर ध्यान करता है” (पद 21)। परमेश्वर हमारे वैवाहिक जीवन को सुरक्षित रखना चाहता है, इसलिए हम पर अपनी दृष्टि लगातार बनाए रखता है। अपने जोड़ीदार के साथ वफ़ादारी दिखाने के द्वारा, हम परमेश्वर को प्रसन्न रखें।

          जिस प्रकार से जाराब नृत्य में एक लय और ताल होती है, जिसके साथ उस नृत्य को करना होता है, वैसे ही जीवन की भी एक लय और ताल होती है जिसका पालन करना आवश्यक है। जब हम अपने सृष्टिकर्ता के द्वारा निर्धारित की गई हमारे जीवन की लय और ताल को निभाते हैं, उसके प्रति आज्ञाकारी और विश्वासयोग्य बने रहते हैं, तो चाहे हम विवाहित हों अथवा अविवाहित, हम उसके हमारे प्रति प्रेम में आनन्द और आशीष प्राप्त करते हैं। - कीला ओकोआ

 

वफादारी आनन्द और आशीष लाती है।


क्योंकि परमेश्वर ने हमें अशुद्ध होने के लिये नहीं, परन्तु पवित्र होने के लिये बुलाया है। - 1 थिस्स्लुनीकियों 4:7

बाइबल पाठ: नीतिवचन 5

नीतिवचन 5:1 हे मेरे पुत्र, मेरी बुद्धि की बातों पर ध्यान दे, मेरी समझ की ओर कान लगा;

नीतिवचन 5:2 जिस से तेरा विवेक सुरक्षित बना रहे, और तू ज्ञान के वचनों को थामे रहे।

नीतिवचन 5:3 क्योंकि पराई स्त्री के ओठों से मधु टपकता है, और उसकी बातें तेल से भी अधिक चिकनी होती हैं;

नीतिवचन 5:4 परन्तु इसका परिणाम नागदौना सा कड़वा और दोधारी तलवार सा पैना होता है।

नीतिवचन 5:5 उसके पांव मृत्यु की ओर बढ़ते हैं; और उसके पग अधोलोक तक पहुंचते हैं।

नीतिवचन 5:6 इसलिये उसे जीवन का समथर पथ नहीं मिल पाता; उसके चालचलन में चंचलता है, परन्तु उसे वह आप नहीं जानती।

नीतिवचन 5:7 इसलिये अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो, और मेरी बातों से मुंह न मोड़ो।

नीतिवचन 5:8 ऐसी स्त्री से दूर ही रह, और उसकी डेवढ़ी के पास भी न जाना;

नीतिवचन 5:9 कहीं ऐसा न हो कि तू अपना यश औरों के हाथ, और अपना जीवन क्रूर जन के वश में कर दे;

नीतिवचन 5:10 या पराए तेरी कमाई से अपना पेट भरें, और परदेशी मनुष्य तेरे परिश्रम का फल अपने घर में रखें;

नीतिवचन 5:11 और तू अपने अन्तिम समय में जब कि तेरा शरीर क्षीण हो जाए तब यह कह कर हाय मारने लगे, कि

नीतिवचन 5:12 मैं ने शिक्षा से कैसा बैर किया, और डांटने वाले का कैसा तिरस्कार किया!

नीतिवचन 5:13 मैं ने अपने गुरुओं की बातें न मानी और अपने सिखाने वालों की ओर ध्यान न लगाया।

नीतिवचन 5:14 मैं सभा और मण्डली के बीच में प्रायः सब बुराइयों में जा पड़ा।

नीतिवचन 5:15 तू अपने ही कुण्ड से पानी, और अपने ही कुंए से सोते का जल पिया करना।

नीतिवचन 5:16 क्या तेरे सोतों का पानी सड़क में, और तेरे जल की धारा चौकों में बह जाने पाए?

नीतिवचन 5:17 यह केवल तेरे ही लिये रहे, और तेरे संग औरों के लिये न हो।

नीतिवचन 5:18 तेरा सोता धन्य रहे; और अपनी जवानी की पत्नी के साथ आनन्दित रह,

नीतिवचन 5:19 प्रिय हरिणी या सुन्दर सांभरनी के समान उसके स्तन सर्वदा तुझे संतुष्ट रखे, और उसी का प्रेम नित्य तुझे आकर्षित करता रहे।

नीतिवचन 5:20 हे मेरे पुत्र, तू अपरिचित स्त्री पर क्यों मोहित हो, और पराई को क्यों छाती से लगाए?

नीतिवचन 5:21 क्योंकि मनुष्य के मार्ग यहोवा की दृष्टि से छिपे नहीं हैं, और वह उसके सब मार्गों पर ध्यान करता है।

नीतिवचन 5:22 दुष्ट अपने ही अधर्म के कर्मों से फंसेगा, और अपने ही पाप के बन्धनों में बन्धा रहेगा।

नीतिवचन 5:23 वह शिक्षा प्राप्त किए बिना मर जाएगा, और अपनी ही मूर्खता के कारण भटकता रहेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 46-48
  • मत्ती 13:1-30

सोमवार, 18 जनवरी 2021

प्रश्न तथा आराधना

 

          किसी यात्रा के समय, यह सामान्य है कि यात्रियों में से कोई न कोई यह पूछ ही लेता है, “क्या हम पहुँच गए हैं?” या फिर, “पहुँचने में अभी और कितनी देर है?” अपनी मंजिल पर पहुँचने के इच्छुक बच्चों या बड़ों के होंठों से ये सामान्य प्रश्न किसने नहीं सुने होंगे? किन्तु सभी आयु के लोग, ऐसे ही प्रश्न, जीवन की कभी समाप्त न होने वाली परेशानियों से थक कर भी पूछते हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भी दाऊद के साथ भजन 13 में हम कुछ ऐसी ही परिस्थिति देखते हैं। उसने भजन के पहले दो पदों में चार बार विलाप के साथ पूछा, “कब तक” – क्योंकि वह भुलाया गया, त्यागा हुआ, और पराजित अनुभव कर रहा था। दूसरे पद में वह पूछता है,मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा?” इस प्रकार के विलाप वाले प्रश्नों के भजन हमें परमेश्वर के सामने अपने प्रश्नों के साथ आराधना करने आने की अनुमति देते हैं। हमारे तनाव और दुःख के समयों में, भला परमेश्वर से बेहतर और कौन हो सकता है जिसके साथ हम अपने मन की बात बाँट सकें। हम परमेश्वर के सामने बीमारी के साथ अपने संघर्ष, किसे प्रिय जन के हम से दूर चले जाने, किसी के साथ संबंधों में खटास आ जाने, आदि सभी बातों को खुल कर कह सकते हैं।

          जब हमारे मनों में प्रश्न होते हैं, तो इससे आराधना रुक नहीं जानी चाहिए। स्वर्ग का सर्वशक्तिमान परमेश्वर हमें प्रोत्साहित करता है कि हम अपने चिंतित करने वाले प्रश्नों को लेकर उसके सामने आएँ। संभव है, दाऊद के समान, हमारे प्रश्न ही परमेश्वर के प्रति भरोसे और स्तुति की विनतियों तथा आराधना की अभिव्यक्तियों में परिवर्तित हो जाएंगे। - आर्थर जैक्सन

 

अपने प्रश्नों को परमेश्वर के पास लाएं।


मुझ से प्रार्थना कर और मैं तेरी सुन कर तुझे बढ़ी-बड़ी और कठिन बातें बताऊंगा जिन्हें तू अभी नहीं समझता। - यिर्मयाह 33:3

बाइबल पाठ: भजन 13

भजन 13:1 हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा?

भजन 13:2 मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा?

भजन 13:3 हे मेरे परमेश्वर यहोवा मेरी ओर ध्यान दे और मुझे उत्तर दे, मेरी आंखों में ज्योति आने दे, नहीं तो मुझे मृत्यु की नींद आ जाएगी;

भजन 13:4 ऐसा न हो कि मेरा शत्रु कहे, कि मैं उस पर प्रबल हो गया; और ऐसा न हो कि जब मैं डगमगाने लगूं तो मेरे शत्रु मगन हों।

भजन 13:5 परन्तु मैं ने तो तेरी करुणा पर भरोसा रखा है; मेरा हृदय तेरे उद्धार से मगन होगा।

भजन 13:6 मैं परमेश्वर के नाम का भजन गाऊंगा, क्योंकि उसने मेरी भलाई की है।

 

एक साल में बाइबल: उत्पत्ति 43-45; मत्ती 12:24-50

रविवार, 17 जनवरी 2021

त्यागेगा

 

          एक रेडियो कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता ने अपने श्रोताओं से पूछा, “वह एक चीज़ बताएँ जिसे आप कभी नहीं त्यागेंगे। प्रत्युत्तर में श्रोताओं ने रोचक उत्तर भेजे। कुछ ने अपने परिवारों के लिए कहा, एक आदमी ने अपनी दिवंगत पत्नी की यादों के लिए कहा। कुछ ने अपने सपनों और लालसाओं, जैसे कि संगीत में प्रसिद्धि और जीविका के लिए बताया, किसी ने माँ बनने के लिए कहा। हम सभी के पास कुछ ऐसा होता है जिसे हम बहुत मूल्यवान समझते हैं, और अपने साथ सदा रखना चाहते हैं – वह कोई व्यक्ति, या शौक, या कोई संपत्ति हो सकती है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में होशे की पुस्तक में परमेश्वर कहता है कि वह अपने चुने हुए लोगों, इस्राएल, को कभी नहीं त्यागेगा, वे उसके लिए अनमोल हैं। इस पुस्तक में इस्राएल को एक पत्नी और परमेश्वर को उसके पति के समान चित्रित किया गया है। एक प्रेमी पति के समान, परमेश्वर ने इस्राएल के लिए जो कुछ भी उसकी आवश्यकता थी: भूमि, भोजन, पानी, कपड़े, सुरक्षा – वह सब कुछ उपलब्ध करवा कर दिया। फिर भी एक व्यभिचारी स्त्री के समान, इस्राएल ने परमेश्वर को छोड़ कर अपनी खुशी और सुरक्षा अन्य से प्राप्त करने के प्रयास किए। जितना अधिक परमेश्वर उसके पीछे-पीछे उसे मनाने के लिए गया, इस्राएल उतना ही परमेश्वर से दूर चलता चला गया (होशे 11:2)। यद्यपि इस्राएल ने परमेश्वर को बहुत दुःख दिया था, फिर भी परमेश्वर ने उसे त्यागा नहीं (पद 8)। परमेश्वर इस्राएल के साथ अपने संबंध को पुनःस्थापित करना चाहता था (पद 11); और इसलिए उसे औरों से छुड़ा लेने के लिए वह उसे अनुशासित करेगा।

          आज भी परमेश्वर के सभी बच्चों को पिता परमेश्वर की ओर से यही आश्वासन है। हमारे प्रति उसका प्रेम कभी कम नहीं होगा, वह हमें कभी नहीं त्यागेगा, उसके प्रेम से हमें कुछ भी अलग नहीं कर सकता है (रोमियों 8:37-39)। यदि हम उससे दूर भटक गए हैं, तो भी उसकी यही लालसा है कि हम उसके पास लौट आएँ। यदि परमेश्वर हमें अनुशासित भी करता है तो यह उसके हमारे प्रति प्रेम और हमारे लिए लालसा का चिह्न है, न कि उसके द्वारा त्यागे जाने का। हम उसके लिए अनमोल हैं; वह हमें कभी नहीं त्यागेगा। - पोह फैंग चिया

 

परमेश्वर की संतान का, उसके घर में सदा ही स्वागत होता है।


क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ्य, न ऊंचाई, न गहराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी। - रोमियों 8:38-39.

बाइबल पाठ: होशे 11:8-11

होशे 11:8 हे एप्रैम, मैं तुझे क्योंकर छोड़ दूं? हे इस्राएल, मैं क्योंकर तुझे शत्रु के वश में कर दूं? मैं क्योंकर तुझे अदमा के समान छोड़ दूं, और सबोयीम के समान कर दूं? मेरा हृदय तो उलट पुलट हो गया, मेरा मन स्नेह के मारे पिघल गया है।

होशे 11:9 मैं अपने क्रोध को भड़कने न दूंगा, और न मैं फिर एप्रैम को नाश करूंगा; क्योंकि मैं मनुष्य नहीं परमेश्वर हूं, मैं तेरे बीच में रहने वाला पवित्र हूं; मैं क्रोध कर के न आऊंगा।

होशे 11:10 वे यहोवा के पीछे पीछे चलेंगे; वह तो सिंह के समान गरजेगा; और तेरे लड़के पश्चिम दिशा से थरथराते हुए आएंगे।

होशे 11:11 वे मिस्र से चिड़ियों के समान और अश्शूर के देश से पण्डुकी की भांति थरथराते हुए आएंगे; और मैं उन को उन्हीं के घरों में बसा दूंगा, यहोवा की यही वाणी है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 41-42
  • मत्ती 12:1-23

शनिवार, 16 जनवरी 2021

बाँटना

 

          मेरे सबसे छोटे बेटे ने रोते हुए चिल्लाकर कहा, “पर मैं बांटना नहीं चाहता हूँ”; उसके रोने में उसका टूटा हुआ हृदय पता चल रहा था – वह अपने खिलौनों में से एक को भी किसी और के साथ बाँटना नहीं चाहता था। मुझे उसका यह व्यवहार बचकाना और अनुचित लगा, परन्तु वास्तविकता यही है कि इस प्रकार का व्यवहार बच्चों तक ही सीमित नहीं है। मेरे अपने जीवन और सभी मनुष्यों के जीवनों में कितनी ही बार यह भावना देखी जाती है – ढीठ और ज़िद्दी होकर अपनी वस्तुओं को लेकर उदार नहीं होना, उन्हें औरों के साथ बिलकुल भी नहीं बाँटना।

          हम मसीही विश्वासियों को अपने जीवन औरों के साथ बाँटने की शिक्षा दी गई है। परमेश्वर के वचन बाइबल में रूत ने अपनी सास नाओमी के साथ यही किया था। नाओमी एक निर्धन विधवा थी, जिसके पास अपनी परदेशिन  विधवा बहू रूत को देने के लिए अब कुछ नहीं बचा था। फिर भी रूत ने अपने जीवन को अपनी सास के जीवन के साथ जोड़ लिया, और उससे प्रतिज्ञा की, कि वह जीवन भर उसके साथ रहेगी, किसी भी परिस्थिति में उसे नहीं छोड़ेगी। रूत ने नाओमी से कहा, “तू मुझ से यह बिनती न कर, कि मुझे त्याग तथा छोड़कर लौट जा; क्योंकि जिधर तू जाए उधर मैं भी जाऊंगी; जहां तू टिके वहां मैं भी टिकूंगी; तेरे लोग मेरे लोग होंगे, और तेरा परमेश्वर मेरा परमेश्वर होगा” (रूत 1:16)। रूत ने बिना किसी शर्त के अपने आप को उदारता से उस वृद्ध विधवा को दे दिया; उस से प्रेम और कृपा दिखाई।

          इस प्रकार से किसी के साथ अपने जीवनों को बाँटना कठिन हो सकता है, किन्तु हमें ऐसी उदारता के प्रतिफल भी ध्यान रखने चाहिएँ। रूत ने अपना जीवन नाओमी के साथ बाँटा, वह अपने देश और लोगों को छोड़कर नाओमी के साथ इस्राएल आ गई। जहाँ पर परमेश्वर ने उसका विवाह नाओमी के एक धनी रिश्तेदार के साथ करवा दिया; उस विवाह से जन्मा रूत का पुत्र इस्राएल के सर्वोत्तम राजा दाऊद का दादा, और हमारे तथा समस्त जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु का पूर्वज हुआ। प्रभु यीशु ने अपना जीवन हमारे साथ बाँटा, और परमेश्वर ने उसे अति महान कर दिया, और प्रतिज्ञा दी कि इस लोक और परलोक के प्रत्येक व्यक्ति का घुटना प्रभु के सामने झुकेगा।

          जब हम उदारता से औरों के साथ बाँटते हैं, तब हम निश्चित रह सकते हैं कि हम और भी उत्तम जीवन को अनुभव करेंगे। - पीटर चिन

 

औरों की देखभाल के द्वारा परमेश्वर के प्रेम को उनके साथ बाँटें।


इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। - फिलिप्पियों 2:9-10

बाइबल पाठ: रूत 1:11-18

रूत 1:11 नाओमी ने कहा, हे मेरी बेटियों, लौट जाओ, तुम क्यों मेरे संग चलोगी? क्या मेरी कोख में और पुत्र हैं जो तुम्हारे पति हों?

रूत 1:12 हे मेरी बेटियों, लौटकर चली जाओ, क्योंकि मैं पति करने को बूढ़ी हूं। और चाहे मैं कहती भी, कि मुझे आशा है, और आज की रात मेरे पति होता भी, और मेरे पुत्र भी होते,

रूत 1:13 तौभी क्या तुम उनके सयाने होने तक आशा लगाए ठहरी रहतीं? और उनके निमित्त पति करने से रुकी रहतीं? हे मेरी बेटियों, ऐसा न हो, क्योंकि मेरा दु:ख तुम्हारे दु:ख से बहुत बढ़कर है; देखो, यहोवा का हाथ मेरे विरुद्ध उठा है।

रूत 1:14 तब वे फिर से उठीं; और ओर्पा ने तो अपनी सास को चूमा, परन्तु रूत उस से अलग न हुई।

रूत 1:15 तब उसने कहा, देख, तेरी जिठानी तो अपने लोगों और अपने देवता के पास लौट गई है; इसलिये तू अपनी जिठानी के पीछे लौट जा।

रूत 1:16 रूत बोली, तू मुझ से यह बिनती न कर, कि मुझे त्याग तथा छोड़कर लौट जा; क्योंकि जिधर तू जाए उधर मैं भी जाऊंगी; जहां तू टिके वहां मैं भी टिकूंगी; तेरे लोग मेरे लोग होंगे, और तेरा परमेश्वर मेरा परमेश्वर होगा;

रूत 1:17 जहां तू मरेगी वहां मैं भी मरूंगी, और वहीं मुझे मिट्टी दी जाएगी। यदि मृत्यु छोड़ और किसी कारण मैं तुझ से अलग होऊं, तो यहोवा मुझ से वैसा ही वरन उस से भी अधिक करे।

रूत 1:18 जब उसने यह देखा कि वह मेरे संग चलने को स्थिर है, तब उसने उस से और बात न कही।

 

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 39-40
  • मत्ती 11