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मंगलवार, 16 फ़रवरी 2021

कृपा

 

          काम से वापस घर लौटने पर मेरी माँ ने मुझसे कहा, “एस्तेरा, हमारी सहेली हैलन ने तुम्हारे लिए एक उपहार भेजा है।” बचपन में हमारे पास कुछ अधिक वस्तुएँ नहीं थीं, इसलिए डाक के द्वारा उपहार पाना, दोबारा क्रिसमस मनाने के समान था। इस अद्भुत महिला के द्वारा किए गए कृपा के इस कार्य ने मुझे उसमें होकर परमेश्वर के द्वारा प्रेम किया हुआ, स्मरण रखा हुआ, और मूल्यवान समझा हुआ महसूस करवाया।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, जिन गरीब विधवाओं के लिए तबीता (दोरकास) ने वस्त्र बनाए थे, उन्होंने भी ऐसा ही अनुभव किया होगा। दोरकास प्रभु यीशु की अनुयायी थी, याफा में रहती थी, और समाज में अपने भले कार्यों के लिए जानी जाती थी। उसके लिए बाइबल में लिखा है कि “याफा में तबीता अर्थात दोरकास नाम एक विश्वासिनी रहती थी, वह बहुतेरे भले भले काम और दान किया करती थी” (प्रेरितों 9:36)। वह बीमार होकर मर गई थी। उस समय पतरस प्रेरित पास के एक नगर में आया हुआ था, इसलिए दो मसीही विश्वासी गए और उससे विनती की, कि वह याफा आए।

          जब पतरस याफा आया, तो दोरकास ने जिन विधवाओं की सहायता की थी, उन्होंने पतरस को उसकी कृपा के प्रमाण पतरस को दिखाए – “जो कुरते और कपड़े दोरकास ने उन के साथ रहते हुए बनाए थे, दिखाने लगीं” (पद 39)। हम यह तो नहीं जानते कि उन्होंने पतरस से कुछ करने के लिए कहा या नहीं, परन्तु पवित्र आत्मा की अगुवाई में पतरस ने प्रार्थना की और परमेश्वर ने दोरकास को फिर से जीवित कर दिया। परमेश्वर की इस कृपा का परिणाम था कि “यह बात सारे याफा में फैल गई: और बहुतेरों ने प्रभु पर विश्वास किया” (पद 42)।

          क्या हम अपने आस-पास के लोगों के प्रति कृपालु होते हैं? लोगों के प्रति हमारे कृपा का परिणाम उनका परमेश्वर की ओर मुड़ना हो सकता है। - एस्तेरा पिरोसका एस्कोबार

 

परमेश्वर की कृपा के जीवित उदाहरण बनें 

– आपके चेहरे में कृपा, आँखों में कृपा, मुस्कराहट में कृपा हो। - मदर टेरेसा


परमेश्वर ने किस रीति से यीशु नासरी को पवित्र आत्मा और सामर्थ्य से अभिषेक किया: वह भलाई करता, और सब को जो शैतान के सताए हुए थे, अच्छा करता फिरा; क्योंकि परमेश्वर उसके साथ था। - प्रेरितों 10:38

बाइबल पाठ: प्रेरितों 9:32-42

प्रेरितों 9:32 और ऐसा हुआ कि पतरस हर जगह फिरता हुआ, उन पवित्र लोगों के पास भी पहुंचा, जो लुद्दा में रहते थे।

प्रेरितों 9:33 वहां उसे ऐनियास नाम झोले का मारा हुआ एक मनुष्य मिला, जो आठ वर्ष से खाट पर पड़ा था।

प्रेरितों 9:34 पतरस ने उस से कहा; हे ऐनियास! यीशु मसीह तुझे चंगा करता है; उठ, अपना बिछौना बिछा; तब वह तुरन्त उठ खड़ हुआ।

प्रेरितों 9:35 और लुद्दा और शारोन के सब रहने वाले उसे देखकर प्रभु की ओर फिरे।

प्रेरितों 9:36 याफा में तबीता अर्थात दोरकास नाम एक विश्वासिनी रहती थी, वह बहुतेरे भले भले काम और दान किया करती थी।

प्रेरितों 9:37 उन्‍हीं दिनों में वह बीमार हो कर मर गई; और उन्होंने उसे नहला कर अटारी पर रख दिया।

प्रेरितों 9:38 और इसलिये कि लुद्दा याफा के निकट था, चेलों ने यह सुनकर कि पतरस वहां है दो मनुष्य भेज कर उसने बिनती की कि हमारे पास आने में देर न कर।

प्रेरितों 9:39 तब पतरस उठ कर उन के साथ हो लिया, और जब पहुंच गया, तो वे उसे उस अटारी पर ले गए; और सब विधवाएं रोती हुई उसके पास आ खड़ी हुई: और जो कुरते और कपड़े दोरकास ने उन के साथ रहते हुए बनाए थे, दिखाने लगीं।

प्रेरितों 9:40 तब पतरस ने सब को बाहर कर दिया, और घुटने टेककर प्रार्थना की; और लोथ की ओर देखकर कहा; हे तबीता उठ: तब उसने अपनी आंखें खोल दी; और पतरस को देखकर उठ बैठी।

प्रेरितों 9:41 उसने हाथ देकर उसे उठाया और पवित्र लोगों और विधवाओं को बुलाकर उसे जीवित और जागृत दिखा दिया।

प्रेरितों 9:42 यह बात सारे याफा में फैल गई: और बहुतेरों ने प्रभु पर विश्वास किया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • लैव्यव्यवस्था 19-20
  • मत्ती 27:51-66

सोमवार, 15 फ़रवरी 2021

विश्राम

 

          अन्ततः सत्रह वर्षीय रैंडी गार्डनर ने वह कर दिया जो उसने ग्यारह दिन और पच्चीस मिनिट तक नहीं किया था – वह पड़कर सो गया। उसका प्रयास था कि वह गिन्निस बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में किसी भी मनुष्य के सबसे अधिक समय तक लगातार जागते रहने के कीर्तिमान को अपने नाम कर ले। जागते रहने के लिए वह कभी कुछ सॉफ्ट-ड्रिंक्स पीता, कभी बास्केटबॉल खेलता, या अन्य किसी बात में अपने आप को व्यस्त करता, और इस प्रकार डेढ़ सप्ताह तक रैंडी नींद को भगाता रहा; अन्ततः उसके थक कर सो जाने के समय तक उसके स्वाद, सूंघने, और सुनने के शक्ति बहुत गड़बड़ा गई थी। दशकों बाद, उसे बारंबार नींद न आने की बीमारी के प्रबल समयों का सामना भी करना पड़ा। उसने वह कीर्तिमान तो अपने नाम कर लिया, लेकिन एक प्रकट बात की पुष्टि भी कर दी – उचित मात्र और सही समय पर विश्राम भी मनुष्य के लिए आवश्यक है।

          हम में से बहुतेरे हैं जो रात में अच्छे विश्राम को पाने के लिए संघर्ष करते हैं। रैंडी ने तो जान-बूझकर अपने आप को सो जाने से रोके रखा, परन्तु कई बार, अनेकों कारणों से, हम सोना चाहते हुए भी ठीक से सोने नहीं पाते हैं; हमारी अनेकों बातों के लिए चिन्ताएँ, जैसे कि हमें अभी क्या कुछ करना शेष है; दूसरे लोग हम से जो अपेक्षाएँ रखते हैं उन पर पूरा उतरने के प्रयास, जीवन की तीव्र गति के अनुसार औरों के साथ स्पर्धा में अथक चलते रहने के प्रयास, आदि, हमें अपने भय और चिंताओं को छोड़कर शांत होकर विश्राम करने से रोके रखते हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार लिखता है “यदि घर को यहोवा न बनाए, तो उसके बनाने वालों को परिश्रम व्यर्थ होगा” (भजन 127:1)। हमारा अपने आप को थका देने वाले प्रयास करते रहना, हमारा सारा परिश्रम व्यर्थ है, जब तक कि हम परमेश्वर की इच्छा के अनुसार कार्य न करें; क्योंकि वह हम से हमारी सभी आवश्यकताओं के अनुसार हमें सब कुछ प्रदान करने का वायदा करता है – उचित विश्राम भी (पद 2)। परमेश्वर का यह वायदा उसके सभी बच्चों से है। वह कहता है कि हम अपने बोझ और चिताएँ उस पर डाल दें, और उसमें विश्राम लें। - विन्न कोलियर

 

परमेश्वर पर भरोसा रखने से हम चिंता से मुक्त विश्राम में आ सकते हैं।


हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: भजन 127:1-2

भजन 127:1 यदि घर को यहोवा न बनाए, तो उसके बनाने वालों को परिश्रम व्यर्थ होगा। यदि नगर की रक्षा यहोवा न करे, तो रखवाले का जागना व्यर्थ ही होगा।

भजन 127:2 तुम जो सवेरे उठते और देर कर के विश्राम करते और दु:ख भरी रोटी खाते हो, यह सब तुम्हारे लिये व्यर्थ ही है; क्योंकि वह अपने प्रियों को यों ही नींद दान करता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • लैव्यव्यवस्था 17-18
  • मत्ती 27:27-50

रविवार, 14 फ़रवरी 2021

पहचान

 

          मैं हवाई जहाज़ में चढ़ने के लिए कतार में खड़ी थी, किसी ने पीछे से मेरा कंधा थपथपाया; मैंने जब पीछे मुड़कर देखा तो एक महिला ने बहुत गर्म-जोशी से मेरा अभिनंदन किया, और पूछा, “एलिसा, क्या तुम ने मुझे पहचाना? मैं जोएन हूँ!” मेरा मस्तिष्क उन विभिन्न ‘जोएन को याद करने लगा जिन से मेरी जानकारी रही थी, लेकिन उसके चेहरे से किसी का मेल नहीं कर पा रही थी। मेरी दुविधा को भांपते हुए, जोएन ने मेरी सहायता की, उसने कहा, “हम हाई-स्कूल में साथ हुआ करते थे।” इससे तुरंत कुछ स्मृतियाँ ध्यान में आई, और जैसे ही सन्दर्भ स्पष्ट हो गया, तो मैं उसे पहचान भी गई।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु की मृत्यु के बाद, तीसरे दिन भोर के समय मरियम मगदलीनी प्रभु की कब्र पर गई, और उसने पाया कि कब्र पर से पत्थर लुढ़का हुआ है, और प्रभु की देह वहाँ नहीं है (यूहन्ना 20:1-2)। तब वह भागकर प्रभु के शिष्यों के पास गई, और पतरस तथा यूहन्ना उसके साथ आए और उन्होंने भी देखा देखा कि कब्र खाली है, अचम्भा किया और वापस लौट गए (पद 3-10)। किन्तु शोक में मरियम वहीं कब्र के पास ही बनी रही (पद 11)। जब वहाँ पर प्रभु यीशु उसके पास आए तो उसने नहीं पहचाना कि वह प्रभु है (पद 14), वरन उसने उन्हें वहाँ का माली समझा (पद 15)।

          वह प्रभु यीशु को क्यों नहीं पहचान पाई? क्या प्रभु के पुनरुत्थान के बाद उनकी देह इतनी बदल गई थी कि उन्हें पहचान पाना कठिन था? या, क्या उसके शोक ने उसे पहचान पाने से अंधा कर दिया था? या, जैसे मेरे साथ हुआ था, उसी प्रकार से वहाँ पर तब प्रभु यीशु “सन्दर्भ के अनुसार” नहीं थे – उन्हें बगीचे में जीवित नहीं, कब्र में मृतक अवस्था में होना चाहिए था; और इस अनपेक्षित स्थिति के कारण मरियम ने उन्हें अपेक्षा के सन्दर्भ के अनुसार माली समझ लिया! जैसे ही सन्दर्भ सही हुआ, मरियम ने प्रभु को पहचान लिया, जैसे मैं अपनी पुरानी सहेली को सन्दर्भ के सही होने के द्वारा पहचान पाई थी।

          आज हमारे प्रार्थना करने, बाइबल पढ़ने, या किसी अन्य बात में जब प्रभु हमारे पास आता है, तो क्या हम उसे पहचानने पाते हैं? वह हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता है, वह सदा हमारे साथ बना रहता है। - एलिसा मॉर्गन

 

प्रभु यीशु को सदा अपने साथ बना हुआ समझें, अनपेक्षित स्थानों और समयों में भी!


मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं। - यूहन्ना 14:18

बाइबल पाठ: यूहन्ना 20:13-18

यूहन्ना 20:13 उन्होंने उस से कहा, हे नारी, तू क्यों रोती है? उसने उन से कहा, वे मेरे प्रभु को उठा ले गए और मैं नहीं जानती कि उसे कहां रखा है।

यूहन्ना 20:14 यह कहकर वह पीछे फिरी और यीशु को खड़े देखा और न पहचाना कि यह यीशु है।

यूहन्ना 20:15 यीशु ने उस से कहा, हे नारी तू क्यों रोती है? किस को ढूंढ़ती है? उसने माली समझकर उस से कहा, हे महाराज, यदि तू ने उसे उठा लिया है तो मुझ से कह कि उसे कहां रखा है और मैं उसे ले जाऊंगी।

यूहन्ना 20:16 यीशु ने उस से कहा, मरियम! उसने पीछे फिरकर उस से इब्रानी में कहा, रब्‍बूनी अर्थात हे गुरु।

यूहन्ना 20:17 यीशु ने उस से कहा, मुझे मत छू क्योंकि मैं अब तक पिता के पास ऊपर नहीं गया, परन्तु मेरे भाइयों के पास जा कर उन से कह दे, कि मैं अपने पिता, और तुम्हारे पिता, और अपने परमेश्वर और तुम्हारे परमेश्वर के पास ऊपर जाता हूं।

यूहन्ना 20:18 मरियम मगदलीनी ने जा कर चेलों को बताया, कि मैं ने प्रभु को देखा और उसने मुझ से ये बातें कहीं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • लैव्यव्यवस्था 15-16
  • मत्ती 27:1-26

शनिवार, 13 फ़रवरी 2021

प्रार्थना

 

          उस युवा सैनिक के चारों ओर धमाके हो रहे थे, तोप के गोले गिर और फट रहे थे, और वह बड़ी लगन से परमेश्वर से प्रार्थना कर रहा था, ‘हे परमेश्वर यदि तू मुझे इस सब से सुरक्षित निकाल देगा, तो मैं निश्चय ही उस बाइबल कॉलेज में जाऊँगा, जहाँ माँ चाहती है कि मैं जाऊँ। परमेश्वर ने उसकी यह लगन से की गई, मुद्दे पर केन्द्रित प्रार्थना सुनी, उसका उत्तर दिया, और मेरे पिता दूसरे विश्व-युद्ध से सुरक्षित घर लौट कर आ सके। उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार मूडी बाइबल इंस्टिट्यूट में दाखिला लिया, और अपना जीवन मसीही सेवकाई के लिए समर्पित कर दिया।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में एक अन्य योद्धा ने एक भिन्न प्रकार के संघर्ष का सामना किया, जिससे वह भी परमेश्वर के और भी निकट आने पाया; किन्तु उसकी समस्याएँ युद्ध में जाने से नहीं, वरन वहाँ न जाने के कारण उत्पन्न हुईं। राजा दाऊद के सैनिक युद्ध लड़ रहे थे, और वह अपने महल में विश्राम कर रहा था। इसी दौरान वह व्यभिचार, और फिर हत्या के पाप में गिर गया (देखिए 2 शमूएल 11 अध्याय)। भजन 39 में, दाऊद अपने उस भयानक पाप से बाहर निकाले जाकर पुनःस्थापित किए जाने की दुखद प्रक्रिया का ब्यौरा लिखता है। उसने लिखा,मैं मौन धारण कर गूंगा बन गया, और भलाई की ओर से भी चुप्पी साधे रहा; और मेरी पीड़ा बढ़ गई, मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था। सोचते सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा” (पद 2, 3)।

          दाऊद की टूटी हुई आत्मा ने उसे विचार करने के लिए बाध्य किया; उसने कहा,हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं” (पद 4)। उसके जीवन के फिर से सही ओर केन्द्रित किए जाने के समय वह निराश नहीं हुआ “और अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूं? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है” (पद 7); उसके पास परमेश्वर की ओर देखते रहने के अतिरिक्त और कोई उपाय नहीं था। दाऊद की प्रार्थना भी सूनी गई; वह भी अपने इस युद्ध से सुरक्षित निकल आया और फिर से परमेश्वर की सेवकाई में लग गया।

          महत्व इस बात का नहीं है कि हमारे प्रार्थना के जीवन को क्या प्रोत्साहित करता है; वरन इस का है कि हमारी प्रार्थना का उद्देश्य क्या है। परमेश्वर ही हमारी आशा का स्त्रोत है। वह चाहता है कि हम प्रार्थना में उसके साथ अपने मन की बात को खुल कर बाँटें, और उसके उत्तर के अनुसार कार्य करें। - टिम गुस्ताफसन

 

सच्चे परमेश्वर के सम्मुख प्रार्थना की भूमि, सर्वोत्तम भूमि है।


मैं यहोवा की बाट जोहता हूं, मैं जी से उसकी बाट जोहता हूं, और मेरी आशा उसके वचन पर है; - भजन 130:5

बाइबल पाठ: भजन 39:1-7

भजन संहिता 39:1 मैं ने कहा, मैं अपनी चाल चलन में चौकसी करूंगा, ताकि मेरी जीभ से पाप न हो; जब तक दुष्ट मेरे सामने है, तब तक मैं लगाम लगाए अपना मुंह बन्द किए रहूंगा।

भजन संहिता 39:2 मैं मौन धारण कर गूंगा बन गया, और भलाई की ओर से भी चुप्पी साधे रहा; और मेरी पीड़ा बढ़ गई,

भजन संहिता 39:3 मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था। सोचते सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा;

भजन संहिता 39:4 हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं!

भजन संहिता 39:5 देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं।

भजन संहिता 39:6 सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!

भजन संहिता 39:7 और अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूं? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • लैव्यव्यवस्था 14
  • मत्ती 26:51-75

शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2021

दृष्टि

 

          मेरे पहले चश्मे ने एक अद्भुत संसार के प्रति मेरी ‘आँखें खोल दीं। मैं अपनी स्वाभाविक दृष्टि से निकट की वस्तुएँ तो साफ़ देखने पाती थी, परन्तु कुछ ही दूरी की वस्तुएँ धुंधली हो जाती थीं। जब मैंने पहली बार चश्मा पहना तब मैं बारह वर्ष की थी, और कक्षा में बलैकबोर्ड पर लिखे शब्दों को, पेड़ों पर छोटे-छोटे पत्तों को, और शायद सबसे अधिक महत्वपूर्ण बात – लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट को, स्पष्ट देख कर मैं भौंचक्की रह गई।

          मेरे द्वारा उनका अभिनंदन करने से मेरे मित्रों के चेहरों पर आने वाली मुस्कराहट से मैंने सीखा कि औरों की दृष्टि में होना भी उतनी ही बड़ी आशीष है, जितनी  किसी को देख पाना है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में दासी हाजिरा को भी इस बात का एहसास हुआ, जब वह अपनी स्वामिनी सारै के पास से उसकी कठोरता के कारण भाग रही थी। उस समय की वहाँ संस्कृति के अनुसार हाजिरा – एक अकेली और गर्भवती दासी जो बिना किसी सहायता या आशा के रेगिस्तान को भाग रही थी, का कोई महत्व नहीं था। लेकिन परमेश्वर की दृष्टि में आने के बाद, उसे भी परमेश्वर का दर्शन देखने की सामर्थ्य मिल गई। अब परमेश्वर उसके लिए मात्र एक सिद्धांत, एक अनजान सी बात नहीं रह गया, वरन उसके लिए वास्तविक हो गया। इतना वास्तविक, कि उसने परमेश्वर को एक नाम भी दिया – एल रोई, जिसका अर्थ होता है “वह परमेश्वर जो मुझे देखता है;” उसने कहा,मैं यहां भी उसको जाते हुए देखने पाई” (उत्पत्ति 16:13)।

          सारे संसार पर दृष्टि रखने वाला हमारा परमेश्वर, हमें भी देखता है। क्या आप को लगता है कि आप लोगों की दृष्टि में नहीं हैं, अकेले और अस्तित्वहीन हैं? परमेश्वर न केवल आपको देखता है, वरन आपके भविष्य को भी जानता है। इसलिए प्रत्युत्तर में आप भी उस में हमारे सदा विद्यमान आशा, प्रोत्साहन, उद्धार, और आनन्द पर अपनी दृष्टि लगाए रखें, जो न केवल आज, वरन हमारे भविष्य के लिए भी है।

          दृष्टि की इस अद्भुत आशीष के लिए उस अद्भुत, एकमात्र, जीवते, सच्चे प्रभु परमेश्वर की स्तुति और आराधना करें। - पैट्रीशिया रेबोन

 

परमेश्वर मेरा नाम भी जानता है, और मुझ पर दृष्टि भी बनाए रखता है।


देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ्य दिखाए। - 2 इतिहास 16:9

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 16:7-14

उत्पत्ति 16:7 तब यहोवा के दूत ने उसको जंगल में शूर के मार्ग पर जल के एक सोते के पास पाकर कहा,

उत्पत्ति 16:8 हे सारै की दासी हाजिरा, तू कहां से आती और कहां को जाती है? उसने कहा, मैं अपनी स्वामिनी सारै के सामने से भाग आई हूं।

उत्पत्ति 16:9 यहोवा के दूत ने उस से कहा, अपनी स्वामिनी के पास लौट जा और उसके वश में रह।

उत्पत्ति 16:10 और यहोवा के दूत ने उस से कहा, मैं तेरे वंश को बहुत बढ़ाऊंगा, यहां तक कि बहुतायत के कारण उसकी गणना न हो सकेगी।

उत्पत्ति 16:11 और यहोवा के दूत ने उस से कहा, देख तू गर्भवती है, और पुत्र जनेगी, सो उसका नाम इश्माएल रखना; क्योंकि यहोवा ने तेरे दु:ख का हाल सुन लिया है।

उत्पत्ति 16:12 और वह मनुष्य बनैले गदहे के समान होगा उसका हाथ सबके विरुद्ध उठेगा, और सब के हाथ उसके विरुद्ध उठेंगे; और वह अपने सब भाई-बन्धुओं के मध्य में बसा रहेगा।

उत्पत्ति 16:13 तब उसने यहोवा का नाम जिसने उस से बातें की थीं, अत्ताएलरोई रखकर कहा कि, “क्या मैं यहां भी उसको जाते हुए देखने पाई और देखने के बाद भी जीवित रही?

उत्पत्ति 16:14 इस कारण उस कुएं का नाम लहैरोई कुआँ पड़ा; वह तो कादेश और बेरेद के बीच में है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • लैव्यव्यवस्था 13 
  • मत्ती 26:26-50

गुरुवार, 11 फ़रवरी 2021

श्रेय

 

          1960 के दशक के आरंभिक समय में कुछ असामान्य तस्वीरें लोकप्रिय होने लगीं, जिनका मुख्य गुण था कोई व्यक्ति या जानवर, जिसकी बड़ी-बड़ी उदास आँखें होती थीं। कुछ लोगों को वे तस्वीरें “भड़कीली” लगती थीं, तो कुछ को भद्दी, और कुछ को बहुत पसंद आती थीं। उस कलाकार का पति, उन तस्वीरों को अपनी कलाकार पत्नी मारग्रेट कीन के नाम से नहीं, वरन अपने ही नाम से प्रदर्शित करने और बेचने का काम करता था, और वह दंपति उन तस्वीरों की कमाई से बहुत धनवान हो गए। मारग्रेट इस धोखे के विषय, डर के मारे, बीस वर्ष तक, जब तक उनका विवाह टूट नहीं गया, चुपचाप रही। तलाक के समय उन तस्वीरों के वास्तविक कलाकार की पहचान प्रमाणित करने और उसके श्रेय को उसे दिलवाने के लिए न्यायालय में ही एक तस्वीर बनाने की प्रतिस्पर्धा आयोजित की गई जिससे सच्चाई सामने आ सकी।

          उस आदमी द्वारा दिया गया धोखा निःसंदेह गलत था; हम मसीही अनुयायी भी कई बार स्वयं को अपने गुणों, कौशल, नेतृत्व कर पाने की क्षमता, औरों के प्रति की गई भलाई, आदि के लिए श्रेय देने लग जाते हैं; यद्यपि हम जानते हैं कि हम में ये सभी गुण और योग्यताएँ केवल प्रभु परमेश्वर के हम पर बने हुए अनुग्रह के कारण ही हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में यिर्मयाह 9 अध्याय में नबी लोगों में दीन तथा पश्चातापी मन के न होने के कारण विलाप करता है। उसने लिखा कि यहोवा ने कहा है कि हम अपनी बुद्धिमानी, शक्ति, धन आदि में घमण्ड न करें, वरन, बस केवल इतना ही जान और मान कर रखें कि हमारा प्रभु परमेश्वर ही है “जो पृथ्वी पर करुणा, न्याय और धर्म के काम करता है” (पद 24)।

          जब हम अपने अन्दर कार्य करने वाले, हमें बनाने तथा संवारने वाले वास्तविक कलाकार, हमारे प्रभु परमेश्वर को पहचानने लगते हैं, तो हमारे हृदय उसके प्रति कृतज्ञता से भर जाते हैं, और हम उसे इसके लिए श्रेय भी देने लगते हैं। सारा श्रेय, सारी प्रशंसा उसी को मिलनी चाहिए, जो सभी भली वस्तुओं का देने वाला है। - सिंडी हैस कैस्पर

 

हमें परमेश्वर की महिमा के लिए सृजा गया है।


क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है। - याकूब 1:17

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 9:23-26

यिर्मयाह 9:23 यहोवा यों कहता है, बुद्धिमान अपनी बुद्धि पर घमण्ड न करे, न वीर अपनी वीरता पर, न धनी अपने धन पर घमण्ड करे;

यिर्मयाह 9:24 परन्तु जो घमण्ड करे वह इसी बात पर घमण्ड करे, कि वह मुझे जानता और समझता है, कि मैं ही वह यहोवा हूँ, जो पृथ्वी पर करुणा, न्याय और धर्म के काम करता है; क्योंकि मैं इन्हीं बातों से प्रसन्न रहता हूँ।

यिर्मयाह 9:25 देखो, यहोवा की यह वाणी है कि ऐसे दिन आने वाले हैं कि जिनका खतना हुआ हो, उन को खतनारहितों के समान दण्ड दूंगा,

यिर्मयाह 9:26 अर्थात मिस्रियों, यहूदियों, एदोमियों, अम्मोनियों, मोआबियों को, और उन रेगिस्तान के निवासियों के समान जो अपने गाल के बालों को मुंड़ा डालते हैं; क्योंकि ये सब जातियां तो खतनारहित हैं, और इस्राएल का सारा घराना भी मन में खतनारहित है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • लैव्यव्यवस्था 11-12 
  • मत्ती 26:1-25