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सोमवार, 1 मार्च 2021

समान

 

          मेरी मित्र, सू, ने दोपहर का भोजन करते समय अपने पति से यूँ ही कहा – “एक दिन मैं यह सब फेसबुक पर डाल दूंगी, और केवल अच्छे बातें ही नहीं!” और उसकी यह बात सुनकर मैं ज़ोर से हंस पड़ा, परन्तु इस बात पर विचार भी करने लगा। सोशल मीडिया एक अच्छी बात हो सकता है, जिसके माध्यम से हम मित्रों के साथ संपर्क में रह सकते हैं, और बिना समय और शारीरिक दूरी की मजबूरी से बाधित हुए, एक-दूसरे के साथ और एक-दूसरे के लिए प्रार्थना भी कर सकते हैं। परन्तु यदि हम सोशल मीडिया पर उपलब्ध बातों के प्रति सचेत न रहें तो जीवन के प्रति अवास्तविक दृष्टिकोण, या हमें भटकाने वाली बातों के द्वारा हम भरमाए भी जा सकते हैं। जो कुछ सोशल मीडिया पर लिखा और पोस्ट किया जाता है, वह जीवन तथा अनुभवों का एक संकलित, सम्पादित, और बहुधा काल्पनिक एवं अवास्तविक भाग होता है, जिस में केवल वही अच्छी बातें कही और दिखाई जाती हैं, जो पोस्ट करने वाला दिखाना चाहता है। इससे हम इस भ्रम में भी पड़ सकते हैं कि औरों के जीवनों में तो कोई समस्याएँ नहीं हैं; और फिर हम अपने बारे में सोचने लगते हैं कि ‘तो फिर हमारे जीवन में क्या गलत हो गया है?’

          किसी अन्य के साथ अपनी तुलना करना अपने जीवन में अशांति उत्पन्न करने का अचूक नुस्खा है। परमेश्वर के वचन बाइबल में जब शिष्य परस्पर अपनी तुलना करने लगे (देखें लूका 9:46; 22:24), तो प्रभु यीशु ने उन्हें तुरंत ऐसा करने से मना किया। अपने मृतकों में से पुनरुत्थान के बाद प्रभु यीशु ने पतरस को बताया कि कैसे उसे प्रभु में उसके विश्वास के लिए उसे सताव झेलना पड़ेगा। लेकिन पतरस का ध्यान पीछे चले आ रहे यूहन्ना पर लगा था, और पतरस ने यूहन्ना की ओर मुड़ते हुए प्रभु से पूछा, “प्रभु इसका क्या होगा?” प्रभु यीशु ने पतरस को उत्तर दिया, “यदि मैं चाहूं कि वह मेरे आने तक ठहरा रहे, तो तुझे क्या? तू मेरे पीछे हो ले” (यूहन्ना 21:22)।

          प्रभु यीशु ने पतरस को व्यर्थ की तुलना करने से बचने का सर्वोत्तम तरीका बताया। जब हमारे मन परमेश्वर पर तथा जो कुछ उसने हमारे लिए किया है, उसी पर  केन्द्रित होंगे, तब स्वयं पर केन्द्रित विचार हटने लगेंगे और हम किसी मनुष्य का नहीं वरन परमेश्वर का ही अनुसरण करने की लालसा करने लगेंगे। संसार में स्पर्धा के कारण उत्पन्न होने वाले तनाव और दबाव के स्थान पर, प्रभु हमें हमारे जीवनों में अपनी उपस्थिति तथा शान्ति देता है। हमें किसी और की ओर देखने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि प्रभु के समान और कोई है ही नहीं। - जेम्स बैंक्स

 

तुलना करना आनन्द चुरा लेता है – थियोडोर रूज़वेल्ट


हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: यूहन्ना 21:17-25

यूहन्ना 21:17 उसने तीसरी बार उस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्र, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? पतरस उदास हुआ, कि उसने उसे तीसरी बार ऐसा कहा; कि क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? और उस से कहा, हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है: तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: यीशु ने उस से कहा, मेरी भेड़ों को चरा।

यूहन्ना 21:18 मैं तुझ से सच सच कहता हूं, जब तू जवान था, तो अपनी कमर बान्ध कर जहां चाहता था, वहां फिरता था; परन्तु जब तू बूढ़ा होगा, तो अपने हाथ लम्बे करेगा, और दूसरा तेरी कमर बान्ध कर जहां तू न चाहेगा वहां तुझे ले जाएगा।

यूहन्ना 21:19 उसने इन बातों से पता दिया कि पतरस कैसी मृत्यु से परमेश्वर की महिमा करेगा; और यह कहकर, उस से कहा, मेरे पीछे हो ले।

यूहन्ना 21:20 पतरस ने फिरकर उस चेले को पीछे आते देखा, जिस से यीशु प्रेम रखता था, और जिसने भोजन के समय उस की छाती की ओर झुककर पूछा हे प्रभु, तेरा पकड़वाने वाला कौन है?

यूहन्ना 21:21 उसे देखकर पतरस ने यीशु से कहा, हे प्रभु, इस का क्या हाल होगा?

यूहन्ना 21:22 यीशु ने उस से कहा, यदि मैं चाहूं कि वह मेरे आने तक ठहरा रहे, तो तुझे क्या? तू मेरे पीछे हो ले।

यूहन्ना 21:23 इसलिये भाइयों में यह बात फैल गई, कि वह चेला न मरेगा; तौभी यीशु ने उस से यह नहीं कहा, कि यह न मरेगा, परन्तु यह कि यदि मैं चाहूं कि यह मेरे आने तक ठहरा रहे, तो तुझे इस से क्या?

यूहन्ना 21:24 यह वही चेला है, जो इन बातों की गवाही देता है और जिसने इन बातों को लिखा है और हम जानते हैं, कि उस की गवाही सच्ची है।

यूहन्ना 21:25 और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक एक कर के लिखे जाते, तो मैं समझता हूं, कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे जगत में भी न समातीं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • गिनती 23-25
  • मरकुस 7:14-37

रविवार, 28 फ़रवरी 2021

प्रेम और दया

 

          स्थानीय समाचार पत्र में छपा लेख छोटा, किन्तु हृदय-स्पर्शी था। बंदी-गृह में कैदियों के लिए आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में, जिसमें मसीही विश्वास पर आधारित होकर अच्छे और दृढ़ पारिवारिक संबंध बनाने के बारे में बताया गया, उस कार्यक्रम में भाग लेने वाले कैदियों के लिए एक विशेष प्रयोजन किया गया – उन्हें काँच की दीवारों के पीछे से नहीं वरन खुले में अपने परिवारों से मिलने का समय दिया गया। उन में से कुछ ऐसे थे जिन्होंने अपने बच्चों को वर्षों से नहीं देखा था। परिवारों के लोगों को एक दूसरे से गले मिलने, एक-दूसरे को छूने, उनके हाथ थामने का यह एक अभूतपूर्व अवसर था। ऐसा करने में वे लोग बे-झिझक होकर, खुलकर रो रहे थे; वहाँ से बहुत से परिवार के लोग परस्पर एक-दूसरे के निकट आने लगे और मनों के घाव भरने आरंभ हुए।

          समाचार-पत्र के अधिकांश पाठकों के लिए यह घटना एक कहानी-मात्र थी; परन्तु इन परिवारों के लिए, एक-दूसरे को छूना और मिलना, जीवन परिवर्तन करने वाली घटना थी – और कुछ लोगों के लिए क्षमा और मेल-मिलाप की प्रक्रिया के आरंभ होने का समय था।

          परमेश्वर के वचन बाइबल हमें बताती है कि प्रभु यीशु मसीह में विश्वास लाने के द्वारा हमें पापों से क्षमा प्रदान करने और उसके साथ मेल-मिलाप कर लेने के लिए जो मार्ग परमेश्वर ने बना कर दिया है, वह मसीही विश्वास का एक तथ्य मात्र ही नहीं है। समाचार पत्र के उस लेख में मेल-मिलाप होने का समाचार हमें स्मरण करवाता है कि प्रभु यीशु का बलिदान एक अति महान समाचार है, न केवल मेरे और आप के लिए, वरन समस्त संसार के लिए भी।

           जब हम अपने आप को, स्वयं द्वारा किए गए किसी गलत कार्य के दोष के एहसास से अभिभूत अनुभव करते हैं, प्रभु यीशु के हमारे लिए दिए गए बलिदान की बात, वह दृढ़ चट्टान होती है जिस पर आकर हम अपने आप को स्थिर कर सकते हैं। यही वह समय होता है जब परमेश्वर की कभी अन्त न होने वाली दया का तथ्य हमारे लिए व्यक्तिगत हो जाता है। क्योंकि प्रभु यीशु ने हमारे पापों की कीमत कलवरी के क्रूस पर पूर्णतः चुका दी है, इसलिए अब प्रभु में होकर हम पिता के सामने धुले हुए, शुद्ध, और “हिम से भी श्वेत” (भजन 51:7) होकर आ सकते हैं। ऐसे समयों में भी, जब हम जानते हैं कि हम परमेश्वर की दया के योग्य नहीं हैं, हम इस एक बात को फिर भी बिना किसी संदेह के थामे रह सकते हैं – प्रभु यीशु मसीह में होकर हमारे प्रति परमेश्वर का कभी न टलने वाला प्रेम और उसकी सदैव उपलब्ध रहने वाली दया। - लेसली कोह

 

प्रभु यीशु में पापों की क्षमा केवल महान समाचार ही नहीं है; 

यह अद्भुत, जीवन बदलने वाला सुसमाचार है।


परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। सो जब कि हम, अब उसके लहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? - रोमियों 5:8-9

बाइबल पाठ: भजन 51:1-7

भजन 51:1 हे परमेश्वर, अपनी करुणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे।

भजन 51:2 मुझे भली भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर!

भजन 51:3 मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है।

भजन 51:4 मैं ने केवल तेरे ही विरुद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।

भजन 51:5 देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।

भजन 51:6 देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।

भजन 51:7 जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • गिनती 20-22
  • मरकुस 7:1-13

शनिवार, 27 फ़रवरी 2021

बच्चे

 

          जब मिशेल ने दस वर्षीय वायोला को हाथ में माइक्रोफोन के लिए पेड़ की डंडी लेकर एक मसीही प्रचारक का नाटक करते हुए देखा, तो उसने सुसमाचार प्रचार के भ्रमण में वायोला को वास्तव में प्रचार करने का अवसर प्रदान किया, और वायोला ने उसे सहर्ष स्वीकार कर लिया। दक्षिणी सुडान में कार्य कर रही मिशनरी, मिशेल ने आगे लिखा, “वायोला के प्रचार को सुनकर एकत्रित भीड़ मन्त्र-मुग्ध सी हो गई; ... एक छोटी लड़की जो समाज द्वारा अकेली छोड़ दी गई थी, आज उनके सामने राजाओं के राजा की पुत्री बनकर एक अधिकार के साथ खड़ी थी, और परमेश्वर के राज्य की वास्तविकता को बड़ी सामर्थ्य के साथ उनके साथ बाँट रही थी। उसके प्रचार के बाद एकत्रित भीड़ में से आधे लोग आगे आए और प्रभु यीशु को अपना उद्धारकर्ता स्वीकार किया।” (मिशेल पेरी, Love has a Face)।

          उस दिन वहाँ एकत्रित भीड़ को यह उम्मीद नहीं थी कि एक बच्ची उन्हें प्रचार करेगी। यह घटना हमारे ध्यान में परमेश्वर के वचन बाइबल में से एक वाक्य को स्मरण करवाती है, “बच्चों और दूध पिउवों के मुख से” जो कि दाऊद द्वारा लिखे गए भजन 8 से आया है, जहाँ दाऊद ने लिखा, “तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे” (पद 2)। बाद में प्रभु यीशु मसीह ने इसी पद को मत्ती 21:16 में भी प्रयोग किया, जब महायाजकों और शास्त्रियों ने यरूशलेम के मंदिर में यीशु की प्रशंसा में पुकारने वाले बच्चों की आलोचना की, जो कि उन धर्म के अगुवों के लिए सरदर्दी का कारण हो रहा था। पवित्र शास्त्र के इस भाग को कहने के द्वारा प्रभु यीशु ने दिखाया कि मंदिर में उन बच्चों की उस स्तुति को परमेश्वर बहुत गंभीरता से ले रहा था। वे बच्चे वह कर रहे थे, जो वे धर्म के अगुवे करने के लिए तैयार नहीं थे – लम्बे समय से जिस मसीहा की प्रतीक्षा की जा रही थी, उसे स्वीकार करना और उसे महिमा देना।

          जैसा कि वायोला ने और मंदिर में उन बच्चों ने दिखाया, परमेश्वर एक बच्चे के द्वारा भी अपनी महिमा करवा सकता है; जिनके हृदय इसके लिए तैयार होते हैं, उनमें से फिर स्तुति के झरने बहने लग जाते हैं। - लिंडा वॉशिंगटन

 

प्रभु, आपकी स्तुति के लिए मुझ में बच्चे के समान तैयार मन उत्पन्न करें।


मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। - मत्ती 18:3

बाइबल पाठ: मत्ती 21:12-16

मत्ती 21:12 यीशु ने परमेश्वर के मन्दिर में जा कर, उन सब को, जो मन्दिर में लेन देन कर रहे थे, निकाल दिया; और सर्राफों के पीढ़े और कबूतरों के बेचने वालों की चौकियां उलट दीं।

मत्ती 21:13 और उन से कहा, लिखा है, कि मेरा घर प्रार्थना का घर कहलाएगा; परन्तु तुम उसे डाकुओं की खोह बनाते हो।

मत्ती 21:14 और अन्धे और लंगड़े, मन्दिर में उसके पास लाए, और उसने उन्हें चंगा किया।

मत्ती 21:15 परन्तु जब महायाजकों और शास्त्रियों ने इन अद्भुत कामों को, जो उसने किए, और लड़कों को मन्दिर में दाऊद की सन्तान को होशाना पुकारते हुए देखा, तो क्रोधित हो कर उस से कहने लगे, क्या तू सुनता है कि ये क्या कहते हैं?

मत्ती 21:16 यीशु ने उन से कहा, हां; क्या तुम ने यह कभी नहीं पढ़ा, कि बालकों और दूध पीते बच्चों के मुंह से तू ने स्तुति सिद्ध कराई?

 

एक साल में बाइबल: 

  • गिनती 17-19
  • मरकुस 6:30-56

शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2021

वचन

 

          हाल ही में हमारे न्यू यॉर्क के एक दौरे में, मैं और मेरी पत्नी ने एक बर्फीली संध्या के समय हमारे होटल से तीन मील दूर स्थित एक क्यूबन रेस्टोरेंट जाना चाहा। मैंने वहाँ जाने के लिए टैक्सी को लेना चाहा, और टैक्सी किराए पर लेने की एप्प पर पूछा गया सारा विवरण भरा, और फिर बुकिंग को करने के लिए दिखाए जा रहे किराए को देखकर मैं भौंचक्का रह गया; हमारे उस थोड़ी सी दूरी की यात्रा का बिल वहाँ $1,546.26 दिखाया जा रहा था। इस झटके से उभरने के बाद जब मैंने गौर से अपने द्वारा भरे गए विवरण को फिर से देखा, तो मुझे गलती पता चली – मैंने गंतव्य स्थान में उस क्यूबन रेस्टोरेंट की बजाए, सैकड़ों मील दूर स्थित हमारे घर का पता भर दिया था।

          यदि आप गलत जानकारी के साथ कार्य कर रहे हैं, तो निश्चय ही आपको गलत परिणाम ही मिलेंगे – हमेशा ही! इसीलिए परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन की पुस्तक में लिखा है कि, “अपना हृदय शिक्षा की ओर, और अपने कान ज्ञान की बातों की ओर लगाना” (नीतिवचन 23:12)। परन्तु ऐसा करने के स्थान पर यदि हम ऐसों से परामर्श लेते हैं जो मूर्ख हैं, या जो बहुत ज्ञानवान होने का ढोंग तो करते हैं परन्तु हैं नहीं, या जो परमेश्वर के विमुख चलते हैं, तो हम निश्चय ही परेशानियों में पड़ेंगे। क्योंकि ऐसा सलाहकार “बुद्धि के वचनों को तुच्छ जानेगा” (पद 9) और हमें गलत परामर्श के द्वारा परेशानियों और अनुचित मार्गों में डाल सकते हैं।

          इसके विपरीत हमें, “अपना हृदय शिक्षा की ओर” (पद 12) लगाना चाहिए। यदि हम अपने हृदय को परमेश्वर के वचन के लिए खोलें तो हम उस से स्वतंत्र करने वाले शिक्षा-निर्देश, और आशा तथा बुद्धिमत्ता के वचन प्राप्त कर सकते हैं। जब हम उन लोगों की सुनते हैं जो परमेश्वर के मार्गों को वास्तव में गहराई से जानते हैं, तो वे ईश्वरीय बुद्धिमत्ता को प्राप्त करने और उसका पालन करने में हमारी सहायता करते हैं। और, ईश्वरीय बुद्धिमत्ता के वचन कभी भी हमें गलत मार्गों में भटकाएँगे  नहीं, वरन हमें जीवन की परिपूर्णता और भरपूरी की ओर ले जाएँगे। - विन्न कोलिय्यर

 

मूर्ख की बुद्धि सदा ही समस्याएं उत्पन्न करती है, 

परन्तु परमेश्वर की बुद्धिमत्ता सदा ही नई ऊंचाइयों को ले जाती है।


क्योंकि परमेश्वर की मूर्खता मनुष्यों के ज्ञान से ज्ञानवान है; और परमेश्वर की निर्बलता मनुष्यों के बल से बहुत बलवान है। - 1 कुरिन्थियों 1:25

बाइबल पाठ: नीतिवचन 23:9-12

नीतिवचन 23:9 मूर्ख के सामने न बोलना, नहीं तो वह तेरे बुद्धि के वचनों को तुच्छ जानेगा।

नीतिवचन 23:10 पुराने सिवानों को न बढ़ाना, और न अनाथों के खेत में घुसना;

नीतिवचन 23:11 क्योंकि उनका छुड़ाने वाला सामर्थी है; उनका मुकद्दमा तेरे संग वही लड़ेगा।

नीतिवचन 23:12 अपना हृदय शिक्षा की ओर, और अपने कान ज्ञान की बातों की ओर लगाना।

 

एक साल में बाइबल: 

  • गिनती 15-16
  • मरकुस 6:1-29

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

भोजन


          मेरे घर के निकट स्थित एक कॉफ़ीहाउस का नाम ‘फिका’ है। फिका एक स्वीडिश शब्द है जिसका अर्थ होता है कुछ अवसर निकालकर परिवार, या मित्रों, या सह-कर्मियों के साथ कॉफ़ी और पेस्ट्री लेना। मैं स्वीडन से नहीं हूँ, किन्तु फिका का अर्थ उस भाव का वर्णन करता है जो मुझे प्रभु यीशु के बारे में बहुत पसंद है – उनका व्यस्तता में से अवसर निकाल कर औरों के साथ भोजन करने में समय बिताना।

          विद्वानों का मानना है कि प्रभु यीशु के भोजन समय अनियमित नहीं होते थे, वरन इस्राएली पर्वों और समारोहों में, भोजन की मेज़ पर प्रभु यीशु अपने साथियों के साथ आनन्द और उत्सव मनाते थे, भोजन के दौरान उन्हें आत्मिक बातें सिखाते थे। उनके द्वारा 5,000 की भीड़ को भोजन कराने से लेकर, उनके पुनरुत्थान के बाद अपने दो शिष्यों के साथ भोजन करने (लूका 24:30), सभी के द्वारा प्रभु यीशु हमें आमंत्रित करता है कि हम भी अपने जीवन के संघर्षों से विश्राम लेकर, उसके साथ समय बिताएँ, उन से सीखें, उनकी निकटता में बढ़ें। जब तक वे दोनों शिष्य प्रभु के साथ भोजन करने नहीं बैठे, वे प्रभु को पहचानने भी नहीं पाए, “जब वह उन के साथ भोजन करने बैठा, तो उसने रोटी ले कर धन्यवाद किया, और उसे तोड़कर उन को देने लगा। तब उन की आंखे खुल गईं; और उन्होंने उसे पहचान लिया” (पद 30, 31)।

          अभी हाल ही में अपने एक मित्र के साथ फिका में बैठकर कॉफ़ी और पेस्ट्री का आनन्द लेते हुए, हमारी बातचीत  प्रभु यीशु की ओर मुड़ गई। वही तो जीवन की रोटी है; हम अधिक से अधिक समय उसके साथ उसकी मेज़ पर बिताएँ और उसके साथ आत्मिक भोजन करें। - पेट्रीशिया रेबौन

 

निरंतर जीवन की रोटी का भोजन करने के लिए समय निकालते रहें।


यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा। - यूहन्ना 6:35

बाइबल पाठ: लूका 24:28-35

लूका 24:28 इतने में वे उस गांव के पास पहुंचे, जहां वे जा रहे थे, और उसके ढंग से ऐसा जान पड़ा, कि वह आगे बढ़ना चाहता है।

लूका 24:29 परन्तु उन्होंने यह कहकर उसे रोका, कि हमारे साथ रह; क्योंकि संध्या हो चली है और दिन अब बहुत ढल गया है। तब वह उन के साथ रहने के लिये भीतर गया।

लूका 24:30 जब वह उन के साथ भोजन करने बैठा, तो उसने रोटी ले कर धन्यवाद किया, और उसे तोड़कर उन को देने लगा।

लूका 24:31 तब उन की आँखें खुल गईं; और उन्होंने उसे पहचान लिया, और वह उन की आंखों से छिप गया।

लूका 24:32 उन्होंने आपस में कहा; जब वह मार्ग में हम से बातें करता था, और पवित्र शास्त्र का अर्थ हमें समझाता था, तो क्या हमारे मन में उत्तेजना न उत्पन्न हुई?

लूका 24:33 वे उसी घड़ी उठ कर यरूशलेम को लौट गए, और उन ग्यारहों और उन के साथियों को इकट्ठे पाया।

लूका 24:34 वे कहते थे, प्रभु सचमुच जी उठा है, और शमौन को दिखाई दिया है।

लूका 24:35 तब उन्होंने मार्ग की बातें उन्हें बता दीं और यह भी कि उन्होंने उसे रोटी तोड़ते समय क्योंकर पहचाना।

 

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 12-14
  • मरकुस 5:21-43

बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

सृष्टिकर्ता

 

          मेरा जीवन अकसर जल्दबाजी और अशांति से भरा हुआ होता है। मैं एक ज़िम्मेदारी से दूसरी की ओर भागती हुई, अपने मार्ग में फोन करती हूँ, और जो कार्य हो गए हैं उन्हें अपने कार्यों की सूची में से हटाती रहती हूँ, किन्तु सूची का अन्त कभी आता नहीं दिखता है। एक इतवार के दिन, बहुत थकी हुई मैं अपने घर के पीछे, आँगन में लटके हुए खटोले में निढाल होकर लेट गई। मेरा फोन घर के अन्दर था, और मेरे बच्चे तथा मेरे पति भी घर के अन्दर ही थे; मैं वहाँ अकेली थी, मेरा ध्यान बँटाने के लिए कुछ नहीं था। पहले तो मेरा इरादा बस कुछ ही पल लेटकर आराम करने का था, परन्तु उस शान्त वातावरण में, जब ध्यान बंटाने के लिए और कुछ भी नहीं था, तब मैंने अपने आस-पास की कुछ बातों पर ध्यान देना आरंभ किया, जिन्होंने मुझे और कुछ समय वहाँ रुक कर आराम करने के लिए प्रेरित किया। मेरे खटोले के धीरे-धीरे हिलने की आवाज़, पास के फूलों में मधुमक्खियों का भिनभिनाना, ऊपर उड़ती हुई चिड़ियों के पंखों का फड़फड़ाना, आकाश का चटकीला नीला रंग, और हवा में तैरते हुए बादलों के आकार – सभी बहुत मनमोहक लग रहे थे।

          सृष्टिकर्ता परमेश्वर की सृष्टि पर ध्यान करने से मैं सृष्टिकर्ता की रचनात्मकता से भाव-विभोर हो गई, मेरी आँखें नम हो गईं। जब मैंने अपने जीवन की गति को कम किया और अपने आस-पास की बातों को देखना तथा सुनना आरंभ किया, तब मैं सृष्टिकर्ता की अद्भुत सृष्टि के लिए उसके प्रति कृतज्ञ होकर उसकी आराधना के लिए प्रेरित हुई। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 104 के भजनकार ने भी परमेश्वर की सृष्टि को देखकर कुछ ऐसे ही भाव व्यक्त करते हुए कहा, “तू अपनी अटारियों में से पहाड़ों को सींचता है तेरे कामों के फल से पृथ्वी तृप्त रहती है” (पद 13)।

          भाग-दौड़ से भरे जीवन के मध्य शान्त हो जाने के कुछ पल हमें हमारे सृष्टिकर्ता की अद्भुत सृष्टि और उसकी सामर्थ्य का ध्यान करवा सकते हैं! उसने हमें अपनी सामर्थ्य और कोमलता के प्रमाणों से घेरा हुआ है; उसने ही ऊँचे पर्वत और पक्षियों के लिए डालियाँ बनाई हैं; भजनकार के साथ हम भी अपने सृष्टिकर्ता के लिए कह सकते हैं: “हे यहोवा तेरे काम अनगिनत हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है” (पद 24)। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर की रचनात्मक सामर्थ्य हमारे चारों विद्यमान है।


क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ्य, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते हैं, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं। - रोमियों 1:20

बाइबल पाठ: भजन 104:10-24

भजन संहिता 104:10 तू नालों में सोतों को बहाता है; वे पहाड़ों के बीच से बहते हैं,

भजन संहिता 104:11 उन से मैदान के सब जीव- जन्तु जल पीते हैं; जंगली गदहे भी अपनी प्यास बुझा लेते हैं।

भजन संहिता 104:12 उनके पास आकाश के पक्षी बसेरा करते, और डालियों के बीच में से बोलते हैं।

भजन संहिता 104:13 तू अपनी अटारियों में से पहाड़ों को सींचता है तेरे कामों के फल से पृथ्वी तृप्त रहती है।

भजन संहिता 104:14 तू पशुओं के लिये घास, और मनुष्यों के काम के लिये अन्न आदि उपजाता है, और इस रीति भूमि से वह भोजन-वस्तुएं उत्पन्न करता है,

भजन संहिता 104:15 और दाखमधु जिस से मनुष्य का मन आनन्दित होता है, और तेल जिस से उसका मुख चमकता है, और अन्न जिस से वह सम्भल जाता है।

भजन संहिता 104:16 यहोवा के वृक्ष तृप्त रहते हैं, अर्थात लबानोन के देवदार जो उसी के लगाए हुए हैं।

भजन संहिता 104:17 उन में चिड़ियां अपने घोंसले बनाती हैं; लगलग का बसेरा सनौवर के वृक्षों में होता है।

भजन संहिता 104:18 ऊंचे पहाड़ जंगली बकरों के लिये हैं; और चट्टानें शापानों के शरणस्थान हैं।

भजन संहिता 104:19 उसने नियत समयों के लिये चन्द्रमा को बनाया है; सूर्य अपने अस्त होने का समय जानता है।

भजन संहिता 104:20 तू अन्धकार करता है, तब रात हो जाती है; जिस में वन के सब जीव जन्तु घूमते फिरते हैं।

भजन संहिता 104:21 जवान सिंह अहेर के लिये गरजते हैं, और ईश्वर से अपना आहार मांगते हैं।

भजन संहिता 104:22 सूर्य उदय होते ही वे चले जाते हैं और अपनी मान्दों में जा बैठते हैं।

भजन संहिता 104:23 तब मनुष्य अपने काम के लिये और संध्या तक परिश्रम करने के लिये निकलता है।

भजन संहिता 104:24 हे यहोवा तेरे काम अनगिनत हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • गिनती 9-11
  • मरकुस 5:1-20

मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

कल्पना


          सुप्रसिद्ध अंग्रजी लेखक अर्नेस्ट हेमिंग्वे से कहा गया कि वे केवल छः शब्दों में एक सम्मोहक कहानी लिखें। प्रत्युत्तर में उन्होंने लिखा: “For Sale: Baby Shoes. Never worn. (बिक्री के लिए: बच्चे के जूते; कभी पहने नहीं गए।)” हेमिंग्वे की यह कहानी सशक्त है क्योंकि यह पाठक को अपनी कल्पना के अनुसार विवरण भरने के लिए प्रेरित करती है। क्या किसी स्वस्थ बच्चे को उन जूतियों की वास्तव में कभी कोई आवश्यकता नहीं पड़ी? या, कहीं कोई दुखद त्रासदी घटित हुई – कुछ ऐसा जिसमें परमेश्वर के गहरे प्रेम और सांत्वना की आवश्यकता रही हो?

          अच्छी कहानियाँ हमारी कल्पना को कचोटती हैं, हमारे दिलों को छूकर हमें विचार करने पर बाध्य करती हैं। इसीलिए इसमें कोई अचरज की बात नहीं है कि संसार की सबसे सर्वोत्तम सत्य-कथा, भी हमारी रचनात्मकता को उत्तेजित करती है। परमेश्वर द्वारा दी गई इस सत्य-कथा की केन्द्रीय कथा-वस्तु परमेश्वर द्वारा हर वस्तु की सृष्टि किया जाना है। हम मनुष्य पाप में गिर गए; हमें पापों के दुष्परिणामों से बचाने के लिए प्रभु परमेश्वर मसीह यीशु मनुष्य रूप में पृथ्वी पर आए, निष्पाप जीवन जिया, समस्त मानवजाति के पापों को अपने ऊपर लेकर उनका दण्ड कलवरी के क्रूस पर अपने जीवन को बलिदान करने के द्वारा चुकाया; वे मारे गए, गाड़े गए, और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठे; और अब हम उनके वापस लौटने तथा सभी बातों को बहाल करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

          यह जानते हुए कि पहले क्या हो चुका है, और आगे क्या होने वाला है, हमें वर्तमान में कैसा जीवन बिताना चाहिए? यदि प्रभु यीशु अपनी संपूर्ण सृष्टि को शैतान के चंगुल से छुड़ाने वाले हैं, तो हम भी “रात बहुत बीत गई है, और दिन निकलने पर है; इसलिये हम अन्धकार के कामों को तज कर ज्योति के हथियार बान्ध लें” (रोमियों 13:12)। इसमें, परमेश्वर की सामर्थ्य के द्वारा, पाप से मुँह मोड़ लेना और परमेश्वर तथा औरों से उसके समान प्रेम रखना सम्मिलित है (पद 8-10)।

          हम प्रभु यीशु के साथ मिलाकर बुराई से किस प्रकार से लड़ सकते हैं, यह हमें दिए गए वरदानों तथा हमारे द्वारा अपने चारों ओर देखी जा सकने वाली आवश्यकताओं पर निर्भर करता है। हम परमेश्वर के मार्गदर्शन के अंतर्गत आहत तथा दुखी लोगों को सहायता प्रदान कर सकते हैं; परमेश्वर के न्याय, प्रेम और शान्ति को औरों तक पहुँचा सकते हैं; उद्धार के सुसमाचार को लोगों तक पहुंचाने में सहायक हो सकते हैं। हम अपने चारों ओर लोगों की आवश्यकताओं पर विचार करें और उन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अपनी कल्पना को प्रयोग करें। - माइक व्हिटमर

 

परमेश्वर की कहानी में अपनी भूमिका को उसके मार्गदर्शन में पूरा करें।


जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आने वाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता। - यूहन्ना 9:4

बाइबल पाठ: रोमियों 13:8-14

रोमियों 13:8 आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदार न हो; क्योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्था पूरी की है।

रोमियों 13:9 क्योंकि यह कि व्यभिचार न करना, हत्या न करना; चोरी न करना; लालच न करना; और इन को छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, कि अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।

रोमियों 13:10 प्रेम पड़ोसी की कुछ बुराई नहीं करता, इसलिये प्रेम रखना व्यवस्था को पूरा करना है।

रोमियों 13:11 और समय को पहचान कर ऐसा ही करो, इसलिये कि अब तुम्हारे लिये नींद से जाग उठने की घड़ी आ पहुंची है, क्योंकि जिस समय हम ने विश्वास किया था, उस समय के विचार से अब हमारा उद्धार निकट है।

रोमियों 13:12 रात बहुत बीत गई है, और दिन निकलने पर है; इसलिये हम अन्धकार के कामों को तज कर ज्योति के हथियार बान्ध लें।

रोमियों 13:13 जैसा दिन को सोहता है, वैसा ही हम सीधी चाल चलें; न कि लीला क्रीड़ा, और पियक्कड़पन, न व्यभिचार, और लुचपन में, और न झगड़े और डाह में।

रोमियों 13:14 वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाषाओं को पूरा करने का उपाय न करो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • गिनती 7-8
  • मरकुस 4:21-41