ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

सोमवार, 12 जुलाई 2021

परिपक्व

 

          सूरजमुखी के फूल सारे संसार के सभी स्थानों में कहीं पर भी अंकुरित हो जाते हैं। मधुमक्खियाँ इन के पराग को एक से दूसरे स्थान पर पहुँचाती हैं, और पौधे सड़कों के किनारे, मैदानों में, छज्जों के नीचे, घास के मैदानों में, कहीं भी उग आते हैं। किन्तु फसल के समान उपयोगी होने के लिए, सूरजमुखी को अच्छी भूमि की आवश्यकता होती है। किसानी की एक पुस्तक में लिखा है कि सूरजमुखी की खेती के लिए अच्छी भूमि जिसमें पानी बह जाता हो, जो थोड़ी अम्लीय हो, जिसमें अच्छी मात्रा में जैविक खाद या प्राकृतिक उर्वरक डाला गया हो, चाहिए होती है। ऐसी भूमि में सूरजमुखी के अच्छे स्वादिष्ट बीज, अच्छा तेल, और किसान के लिए अच्छी आमदनी प्राप्त होती है।

          हमें भी अपनी आत्मिक उन्नति के लिए “अच्छी भूमि” की आवश्यकता होती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह ने एक बीज बोने वाले के दृष्टांत के द्वारा सिखाया कि परमेश्वर का वचन रूपी पत्थरीली या झाड़ियों से भरी भूमि में भी अंकुरित हो सकता है (लूका 8:6-7); किन्तु वह फलवंत केवल “पर अच्छी भूमि में के वे हैं, जो वचन सुनकर भले और उत्तम मन में सम्हाले रहते हैं, और धीरज से फल लाते हैं” (लूका 8:15) भूमि में ही होता है।

          सूरजमुखी के छोटे पौधे भी अपनी बढ़ोतरी के लिए धीरजवंत होते हैं। वे दिन भर सूरज की दिशा में घूमते रहते हैं, और परिपक्व होने पर सूरजमुखी के फूल भी सूरज की ओर स्थाई रीति से हो जाते हैं, जिससे फूल गर्म रह सके, उसकी ओर मधुमक्खियाँ आकर्षित हों, और पराग को अधिक से अधिक मात्रा में एक से दूसरे फूल पर ले जाया जा सके। और इससे फिर बहुतायत की फसल होती है।

          जैसे कि सूरजमुखी की खेती करने वाले उन फूलों के लिए अच्छी भूमि और खाद आदि उपलब्ध करवाते हैं, हम भी अपने जीवन में परमेश्वर के वचन के बीज को फलवंत होने देने के लिए निरंतर प्रभु की ओर अपना ध्यान लगाए रखने के द्वारा एक अच्छा वातावरण उपलब्ध करवा सकते हैं। प्रतिदिन परमेश्वर के साथ ईमानदारी से बने रहने, और उसके मार्गों पर ध्यानपूर्वक चलते रहने से हम उससे आवश्यक ऊर्जा और मार्गदर्शन प्राप्त कर के अपने आत्मिक जीवनों में परिपक्व और प्रभु के लिए फलवंत हो सकते हैं। - पेट्रीशिया रेबोन

 

हे प्रभु मुझे अपने लिए फलवंत एवं उपयोगी बनाएँ।


उसने उन को उत्तर दिया, कि अच्छे बीज का बोने वाला मनुष्य का पुत्र है। खेत संसार है, अच्छा बीज राज्य के सन्तान, और जंगली बीज दुष्‍ट के सन्तान हैं। - मत्ती 13:37-38

बाइबल पाठ: लूका 8:11-15

लूका 8:11 दृष्टान्त यह है; बीज तो परमेश्वर का वचन है।

लूका 8:12 मार्ग के किनारे के वे हैं, जिन्होंने सुना; तब शैतान आकर उन के मन में से वचन उठा ले जाता है, कि कहीं ऐसा न हो कि वे विश्वास कर के उद्धार पाएं।

लूका 8:13 चट्टान पर के वे हैं, कि जब सुनते हैं, तो आनन्द से वचन को ग्रहण तो करते हैं, परन्तु जड़ न पकड़ने से वे थोड़ी देर तक विश्वास रखते हैं, और परीक्षा के समय बहक जाते हैं।

लूका 8:14 जो झाड़ियों में गिरा, सो वे हैं, जो सुनते हैं, पर बड़े होते होते चिन्ता और धन और जीवन के सुख विलास में फंस जाते हैं, और उन का फल नहीं पकता।

लूका 8:15 पर अच्छी भूमि में के वे हैं, जो वचन सुनकर भले और उत्तम मन में सम्हाले रहते हैं, और धीरज से फल लाते हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 4-6
  • प्रेरितों 17:16-34

रविवार, 11 जुलाई 2021

छुड़ाए

 

          इंग्लिश फुटबॉल की एक रोचक परंपरा है उनकी प्रत्येक टीम के अपने-अपने विशेष गीत, जिन्हें उनके चाहने वाले प्रत्येक मैच के आरंभ होने से पहले गाते हैं। ये गीत अनेकों प्रकार के हैं, मज़ाकिया, चंचल, से लेकर परमेश्वर के वचन बाइबल में से लिया गया “भजन 23” भी। भजन 23 वेस्ट ब्रोमविच एलबियोन का गीत है। इस भजन के शब्द उस टीम के स्टेडियम के अंदर प्रवेश करने वाले स्थान पर लिखे हैं और प्रत्येक दर्शक से कहते हैं कि वे उस टीम के लिए उनके महान, भले, मुख्य चरवाहे की देखभाल को देखें।

          भजन 23 में  दाऊद ने यह शाश्वत वचन कहे,यहोवा मेरा चरवाहा है” (पद 1)। बाद में सुसमाचार के लेखक मत्ती ने प्रभु यीशु के विषय बताया, “जब उसने भीड़ को देखा तो उसको लोगों पर तरस आया, क्योंकि वे उन भेड़ों के समान जिनका कोई रखवाला न हो, व्याकुल और भटके हुए से थे” (मत्ती 9:36)। और यूहन्ना 10 अध्याय में प्रभु यीशु मसीह ने कहा, “अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है” (पद 11) और इस प्रकार उन्होंने मानवीय “भेड़ों” के प्रति अपनी चिंता और अपने गहरे प्रेम को प्रकट किया। प्रभु यीशु उनके प्रति करुणा के अंतर्गत ही वह भीड़ के साथ व्यवहार करते थे, उनकी आवश्यकताओं को पूरा करते थे, और अन्ततः उसने उनके और हम सभी के लिए अपने प्राण भी बलिदान कर दिए।

          यहोवा मेरा चरवाहा है” केवल एक प्राचीन भजन की पंक्ति अथवा कोई दक्ष स्लोगन नहीं है। यह एक दृढ़ अभिव्यक्ति है कि हमारे महान प्रभु परमेश्वर के द्वारा व्यक्तिगत रीति से ध्यान रखे जाने और प्रेम किए जाने का क्या अभिप्राय होता है। उसने अपने बड़े प्रेम में होकर हमें अपने पुत्र के द्वारा, हमारे पापों के दुष्परिणाम और अनन्त विनाश से छुड़ा लिया है, और यह छुड़ाया जाना संसार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए भी सेंत-मेंत उपलब्ध है। - बिल क्राउडर

 

हमारा छुड़ाने वाला हमारा प्रभु, हमारा महान चरवाहा है।


क्योंकि तुम जानते हो, कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो बाप दादों से चला आता है उस से तुम्हारा छुटकारा चान्दी सोने अर्थात नाशमान वस्तुओं के द्वारा नहीं हुआ। पर निर्दोष और निष्कलंक मेम्ने अर्थात मसीह के बहुमूल्य लहू के द्वारा हुआ। - 1 पतरस 1:18-19

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:11-15

यूहन्ना 10:11 अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है।

यूहन्ना 10:12 मजदूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है, और भेड़िया उन्हें पकड़ता और तित्तर-बित्तर कर देता है।

यूहन्ना 10:13 वह इसलिये भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्ता नहीं।

यूहन्ना 10:14 अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं।

यूहन्ना 10:15 इसी तरह मैं अपनी भेड़ों को जानता हूं, और मेरी भेड़ें मुझे जानती हैं, और मैं भेड़ों के लिये अपना प्राण देता हूं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 1-3
  • प्रेरितों 17:1-15

शनिवार, 10 जुलाई 2021

नियंत्रण

 

          डिस्कवर पत्रिका का एक संपादक, स्टीफन कास दृढ़ निश्चय था कि वह उसके जीवन की कुछ अदृश्य बातों के विषय और खोज-बीन करेगा। न्यू-यॉर्क शहर में अपने दफतर की ओर जाते हुए  वह सोच रहा था, “यदि मैं एम्पायर स्टेट बिलडिंग के ऊपर लगे अनेकों टी.वी. तथा रेडियो एंटीनाओं से निकलने वाली रेडियो तरंगों को देखने पाऊँ, तो वह एक ऐसी बहुरंगी और हिलती हुई रौशनी के समान होगा जो सारे शहर को प्रज्वलित करती है। उसे यह एहसास था कि वह रेडियो, टी.वी., और वाई-फाई सिग्नलों की अदृश्य इलैक्ट्रो-मैगनेटिक तरंगों से घिरा हुआ था।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में एलिशा के सेवक ने एक प्रातः एक अन्य प्रकार की अदृश्य वास्तविकता के बारे में सीखा – अदृश्य संसार के विषय। एक प्रातः जब वह सो कर उठा तो उसे और उसके स्वामी को अराम की सेनाओं ने घेर रखा था। जहाँ तक उसकी दृष्टि जाती थी, शकतीशाली घोड़ों पर सवार सैनिक थे (2 राजाओं 6:15)। वह सेवक तो भयभीत था, किन्तु एलिशा निश्चिन्त था, क्योंकि उसे तो उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए घेरे हुए स्‍वर्गदूतों की सेना दिखाई दे रही थी। उसने अपने सेवक से कहा,मत डर; क्योंकि जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं” (पद 16)। फिर एलिशा ने परमेश्वर से प्रार्थना की, कि उसके सेवक की आँखें भी खोल दे जिससे कि वह देख सके कि प्रभु ने उनके शत्रुओं को घेरे में ले रखा था, और सारी परिस्थिति प्रभु ही के नियंत्रण में थी।

          क्या कभी आप अपने आप को पराजित और किसी अन्य के वश में अनुभव करते हो? कभी न भूलें कि हर परिस्थिति, हर बात परमेश्वर की निगरानी में है, और वही सर बात को निर्देशित करता है, सभी पर नियंत्रण रखता है; तथा “क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें” (भजन 91:11)। - पोह फैंग चिया

 

मत डर; हमारा प्रभु सदा हमारे साथ, हमारे पक्ष में बना रहता है।


परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 6:8-17

2 राजा 6:8 और अराम का राजा इस्राएल से युद्ध कर रहा था, और सम्मति कर के अपने कर्मचारियों से कहा, कि अमुक स्थान पर मेरी छावनी होगी।

2 राजा 6:9 तब परमेश्वर के भक्त ने इस्राएल के राजा के पास कहला भेजा, कि चौकसी कर और अमुक स्थान से हो कर न जाना क्योंकि वहां अरामी चढ़ाई करने वाले हैं।

2 राजा 6:10 तब इस्राएल के राजा ने उस स्थान को, जिसकी चर्चा कर के परमेश्वर के भक्त ने उसे चिताया था, भेज कर, अपनी रक्षा की; और उस प्रकार एक दो बार नहीं वरन बहुत बार हुआ।

2 राजा 6:11 इस कारण अराम के राजा का मन बहुत घबरा गया; सो उसने अपने कर्मचारियों को बुला कर उन से पूछा, क्या तुम मुझे न बताओगे कि हम लोगों में से कौन इस्राएल के राजा की ओर का है? उसके एक कर्मचारी ने कहा, हे मेरे प्रभु! हे राजा! ऐसा नहीं,

2 राजा 6:12 एलिशा जो इस्राएल में भविष्यद्वक्ता है, वह इस्राएल के राजा को वे बातें भी बताया करता है, जो तू शयन की कोठरी में बोलता है।

2 राजा 6:13 राजा ने कहा, जा कर देखो कि वह कहां है, तब मैं भेज कर उसे पकड़वा मंगाऊंगा। और उसको यह समाचार मिला कि वह दोतान में है।

2 राजा 6:14 तब उसने वहां घोड़ों और रथों समेत एक भारी दल भेजा, और उन्होंने रात को आकर नगर को घेर लिया।

2 राजा 6:15 भोर को परमेश्वर के भक्त का टहलुआ उठा और निकल कर क्या देखता है कि घोड़ों और रथों समेत एक दल नगर को घेरे हुए पड़ा है। और उसके सेवक ने उस से कहा, हाय! मेरे स्वामी, हम क्या करें?

2 राजा 6:16 उसने कहा, मत डर; क्योंकि जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं।

2 राजा 6:17 तब एलिशा ने यह प्रार्थना की, हे यहोवा, इसकी आंखें खोल दे कि यह देख सके। तब यहोवा ने सेवक की आंखें खोल दीं, और जब वह देख सका, तब क्या देखा, कि एलिशा के चारों ओर का पहाड़ अग्निमय घोड़ों और रथों से भरा हुआ है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 41-42
  • प्रेरितों 16:22-40

शुक्रवार, 9 जुलाई 2021

पुनःस्थापित

 

          जुलाई 18, 1983 को अमेरिका की वायु-सेना का एक कप्तान न्यू-मेक्सिको में स्थिर एक वायु-सेना के अड्डे से, बिना किसी भी सुराग के, गायब हो गया। पैंतीस वर्ष के बाद अधिकारियों को वह कैलिफोर्निया में मिला। न्यू यॉर्क टाइम्स अखबार में उसके बारे में छपा कि वह अपने काम से निराश होकर यूँ ही सब कुछ छोड़कर भाग गया था। वह पैंतीस वर्ष तक भागता रहा! उसका आधा जीवन यही ध्यान रखने में निकल गया कि कहीं कोई उसे देखकर पहचान तो नहीं रहा है! मैं समझ सकता हूँ कि चिंता और भय इस व्यक्ति के साथ सदा बने रहते होंगे।

          लेकिन मुझे यह भी मानना पड़ेगा कि मैं भी भागते रहने के अनुभव को जानता हूँ। नहीं, ऐसा नहीं है कि मैं अपने जीवन में कभी भी सब कुछ छोड़कर कहीं भाग निकला हूँ – शारीरिक रीति से। लेकिन मैं जानता हूँ कि ऐसे अवसर भी होते हैं जब परमेश्वर चाहता है कि मैं कुछ करूं, या किसी बात का अंगीकार करूँ अथवा सामना करूं; किन्तु मैं वैसा नहीं करना चाहता हूँ। तो इस रीति से मैं भी परमेश्वर से भाग रहा होता हूँ।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में योना नबी परमेश्वर द्वारा उसे नीनवे नगर में जाकर प्रचार करने के सौंपे गए कार्य से भागने के लिए प्रसिद्ध है (देखिए योना 1:1-3)। लेकिन वह परमेश्वर से बचकर भाग नहीं सका। आपने संभवतः सब पढ़ा या सुना होगा कि आगे क्या हुआ (पद 4, 17): बड़ी आँधी, एक विशाल मछली, मछली द्वारा उसे निगल लिया जाना, फिर मछली के पेट में एक सामना करना और जवाबदेही, और योना के द्वारा परमेश्वर को सहायता करने के लिए पुकारना (2:2 )।

          योना कोई सिद्ध नबी नहीं था। लेकिन उसकी अद्भुत कहानी से मुझे दिलासा मिलती है, क्योंकि योना की ढिठाई के बावजूद, परमेश्वर ने उसे छोड़ा नहीं। प्रभु ने उसकी सहायता की पुकार का उत्तर दिया, और अपने अनुग्रह में अपने भगोड़े सेवक को पुनःस्थापित कर दिया – जैसा वह हमें भी करता है। - एडम होल्ज़

 

हे पिता मुझे भी क्षमा करें और अपने अनुग्रह के द्वारा पुनःस्थापित करें।


और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा। - भजन 50:15

बाइबल पाठ: योना 2:1-10

योना 2:1 तब योना ने उसके पेट में से अपने परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर के कहा,

योना 2:2 मैं ने संकट में पड़े हुए यहोवा की दोहाई दी, और उसने मेरी सुन ली है; अधोलोक के उदर में से मैं चिल्ला उठा, और तू ने मेरी सुन ली।

योना 2:3 तू ने मुझे गहिरे सागर में समुद्र की थाह तक डाल दिया; और मैं धाराओं के बीच में पड़ा था, तेरी भड़काई हुई सब तरंग और लहरें मेरे ऊपर से बह गईं।

योना 2:4 तब मैं ने कहा, मैं तेरे सामने से निकाल दिया गया हूं; तौभी तेरे पवित्र मन्दिर की ओर फिर ताकूंगा।

योना 2:5 मैं जल से यहां तक घिरा हुआ था कि मेरे प्राण निकले जाते थे; गहरा सागर मेरे चारों ओर था, और मेरे सिर में सिवार लिपटा हुआ था।

योना 2:6 मैं पहाड़ों की जड़ तक पहुंच गया था; मैं सदा के लिये भूमि में बन्द हो गया था; तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने मेरे प्राणों को गड़हे में से उठाया है।

योना 2:7 जब मैं मूर्छा खाने लगा, तब मैं ने यहोवा को स्मरण किया; और मेरी प्रार्थना तेरे पास वरन तेरे पवित्र मन्दिर में पहुंच गई।

योना 2:8 जो लोग धोखे की व्यर्थ वस्तुओं पर मन लगाते हैं, वे अपने करुणा निधान को छोड़ देते हैं।

योना 2:9 परन्तु मैं ऊंचे शब्द से धन्यवाद कर के तुझे बलिदान चढ़ाऊंगा; जो मन्नत मैं ने मानी, उसको पूरी करूंगा। उद्धार यहोवा ही से होता है।

योना 2:10 और यहोवा ने मगरमच्छ को आज्ञा दी, और उसने योना को स्थल पर उगल दिया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 38-40
  • प्रेरितों 16:1-21


गुरुवार, 8 जुलाई 2021

प्रावधान


          बारबरा की परवरिश, 1960 के दशक में, ब्रिटिश सरकार की देखरेख में हुई, लेकिन जब वह 16 वर्ष की हुई तो वह और उसका नवजात शिशु बे-घर हो गए। उस आयु पर आकर अब उसकी देखभाल और परवरिश राज्य का दायित्व नहीं थे। बारबरा ने इंग्लैंड की रानी को सहायता के लिए पत्र लिखा, और उसे उत्तर भी मिला! रानी ने सहानुभूति-पूर्वक प्रावधान किया कि बारबरा को रहने के लिए मकान उपलब्ध करवाया जाए।

          इंग्लैंड की रानी के पास उपयुक्त संसाधन थे जिनसे वह बारबरा की सहायता कर सकी; और उसकी सहानुभूति पूर्वक की गई सहायता को परमेश्वर द्वारा दी जाने वाली सहायता का एक लघु चित्रण भी देखा जा सकता है। स्वर्ग और सृष्टि का राजा, हमारा प्रभु परमेश्वर हमारी सभी आवश्यकताओं को जानता है, और उन्हें उपलब्ध करवाने के लिए वह हमारे जीवनों में अपनी योजनाओं को कार्यान्वित करता है। यह करते समय उसकी यह लालसा भी रहती है कि हम उसके पास एक स्थाई संबंध में आ जाएँ – उसके साथ अपनी आवश्यकताओं और अन्य चिंताओं तथा बातों को बाँटें – उसके साथ हमारे प्रेम-पूर्ण संबंध के अन्तर्गत।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि इस्राएली उनके छुटकारे की आवश्यकता को परमेश्वर के पास लेकर आए। वे मिस्र के दासत्व के नीचे कराह रहे थे, और उन्होंने सहायता के लिए गुहार लगाई। परमेश्वर ने उनकी सुनी, और उनसे की गई अपनी प्रतिज्ञा को स्मरण किया: “और परमेश्वर ने इस्राएलियों पर दृष्टि कर के उन पर चित्त लगाया” (निर्गमन 2:25)। उसने अपने लोगों को स्वतंत्र करवाकर निकल लाने के लिए मूसा को भेजा, और कहा कि वह उनको छुड़ाकर “... एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है ... पहुंचाऊं” (निर्गमन 3:8)।

          हमारा राजा प्रसन्न होता है जब हम उसके पास आते हैं। वह अपनी बुद्धिमानी में हमें वह उपलब्ध करवाता है जो हमारे लिए उपयुक्त होता है, न कि वह जो हम माँगते हैं। हम अपने प्रभु परमेश्वर के संसाधनों और प्रावधान में आश्वस्त होकर भरोसा बनाए रखें। - रूथ ओरिली-स्मिथ

 

पिता परमेश्वर मैं आपके संसाधनों और प्रावधानों में सदा सन्तुष्ट रहूं।


इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:33

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:1-9

निर्गमन 3:1 मूसा अपने ससुर यित्रो नाम मिद्यान के याजक की भेड़-बकरियों को चराता था; और वह उन्हें जंगल की परली ओर होरेब नाम परमेश्वर के पर्वत के पास ले गया।

निर्गमन 3:2 और परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उसने दृष्टि उठा कर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती।

निर्गमन 3:3 तब मूसा ने सोचा, कि मैं उधर फिरके इस बड़े अचम्भे को देखूंगा, कि वह झाड़ी क्यों नहीं जल जाती।

निर्गमन 3:4 जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मुड़ा चला आता है, तब परमेश्वर ने झाड़ी के बीच से उसको पुकारा, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, क्या आज्ञा।

निर्गमन 3:5 उसने कहा इधर पास मत आ, और अपने पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र भूमि है।

निर्गमन 3:6 फिर उसने कहा, मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं। तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुंह ढांप लिया।

निर्गमन 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है ;

निर्गमन 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं।

निर्गमन 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाई पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है,

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 36-37
  • प्रेरितों 15:22-41


बुधवार, 7 जुलाई 2021

बड़ा

 

          दक्षिणी अफ्रीका के एक वन संरक्षक ने एक अद्भुत दृश्य का वर्णन किया: दो बड़े बिज्जू छः शेरों के एक दल का सामना कर रहे थे। यद्यपि वे शेर उन दोनों से संख्या और आकार में बहुत बड़े थे लेकिन फिर भी उन दोनों ने हार नहीं मानी, जबकि उन पर आक्रमण करने वाले शेरों को लगा था कि वे सरलता से उनके शिकार बन जाएँगे। लेकिन उनकी इस लड़ाई के वीडियो के अन्त में उन बिज्जुओं को इठलाते हुए जाते देखा जा सकता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद और गोलियत की घटना इस से भी अधिक अचंभित करने वाली है। युवा और अप्रशिक्षित दाऊद ने विशालकाय पलिश्ती शूरवीर सैनिक गोलियत का सामना किया और उसे पराजित भी कर दिया। गोलियत आकार और बल में इस युवक दाऊद से कहीं अधिक बलवान था और उसके पास बड़े घातक हथियार, कवच और भाला थे (1 शमूएल 17:5-6)। जबकि दाऊद जो एक चरवाहा था, उसके पास केवल एक गोफन था, जिसके साथ वह युद्धभूमि में अपने भाइयों के लिए रोटी और पनीर लेकर आया था (पद 17-18)।

          गोलियत इस्राएल के सैनिकों को उससे लड़ने की चुनौती देता था, किन्तु कोई उससे लड़ने के लिए तैयार नहीं होता था। राजा शाऊल और सभी इस्राएली उससे भयभीत थे (पद 11)। इसलिए उन सभी को लगे झटके की कलपना करें, जब दाऊद ने गोलियत की चुनौती को स्वीकार कर के उससे युद्ध करने का निर्णय लिया। उसे यह करने का साहस कहाँ से आया, जबकि इस्राएली सेना के प्रशिक्षित सैनिकों में यह साहस नहीं था?

          इस्राएल के सैनिकों को जहाँ पर विशालकाय गोलियत दिखाए पड़ रहा था, वहाँ पर दाऊद को उससे भी कहीं बड़ा परमेश्वर अपने साथ खड़ा दिखाई दे रहा था; “... आज के दिन यहोवा तुझ को मेरे हाथ में कर देगा, और मैं तुझ को मारूंगा, और तेरा सिर तेरे धड़ से अलग करूंगा” (पद 46)। जबकि अन्य सभी को लगता था कि कहानी का अन्त गोलियत के हाथों में है; दाऊद को विश्वास था कि परमेश्वर जो उससे कहीं अधिक बड़ा है, वही हर बात को अपने अधिकार में रखता है। और अपने इसी विश्वास के सहारे, दाऊद ने अपने गोफन से एक ही पत्थर के प्रहार से गोलियत को धाराशाई कर दिया, और उसकी ही तलवार से उसका सिर काट दिया।

          अनेकों बार हमें भी अपनी परिस्थितियाँ और परेशानियाँ गोलियत के समान विशाल और अपरिहार्य प्रतीत होती हैं। किन्तु हमारा प्रभु परमेश्वर उन सभी से बड़ा है और वही हर बात पर अधिकार रखता है, उसे नियंत्रित करता है। वही हमारे जीवनों की कहानी को निर्देशित करता है। - विन्न कोलियर

 

प्रभु मुझे अपनी दृष्टि परिस्थितियों से ऊपर कर के आप की ओर देखते रहना सिखाएं।


क्योंकि मैं अपने धनुष पर भरोसा न रखूंगा, और न अपनी तलवार के बल से बचूंगा। परन्तु तू ही ने हम को द्रोहियों से बचाया है, और हमारे बैरियों को निराश और लज्जित किया है। - भजन 44:6-7

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 17:41-50

1 शमूएल 17:41 और पलिश्ती चलते चलते दाऊद के निकट पहुंचने लगा, और जो जन उसकी बड़ी ढाल लिये था वह उसके आगे आगे चला।

1 शमूएल 17:42 जब पलिश्ती ने दृष्टि कर के दाऊद को देखा, तब उसे तुच्छ जाना; क्योंकि वह लड़का ही था, और उसके मुख पर लाली झलकती थी, और वह सुन्दर था।

1 शमूएल 17:43 तब पलिश्ती ने दाऊद से कहा, क्या मैं कुत्ता हूं, कि तू लाठी ले कर मेरे पास आता है? तब पलिश्ती अपने देवताओं के नाम ले कर दाऊद को कोसने लगा।

1 शमूएल 17:44 फिर पलिश्ती ने दाऊद से कहा, मेरे पास आ, मैं तेरा मांस आकाश के पक्षियों और वन-पशुओं को दे दूंगा।

1 शमूएल 17:45 दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला और सांग लिये हुए मेरे पास आता है; परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है।

1 शमूएल 17:46 आज के दिन यहोवा तुझ को मेरे हाथ में कर देगा, और मैं तुझ को मारूंगा, और तेरा सिर तेरे धड़ से अलग करूंगा; और मैं आज के दिन पलिश्ती सेना की लोथें आकाश के पक्षियों और पृथ्वी के जीव जन्तुओं को दे दूंगा; तब समस्त पृथ्वी के लोग जान लेंगे कि इस्राएल में एक परमेश्वर है।

1 शमूएल 17:47 और यह समस्त मण्डली जान लेगी की यहोवा तलवार या भाले के द्वारा जयवन्त नहीं करता, इसलिये कि संग्राम तो यहोवा का है, और वही तुम्हें हमारे हाथ में कर देगा।

1 शमूएल 17:48 जब पलिश्ती उठ कर दाऊद का सामना करने के लिये निकट आया, तब दाऊद सेना की ओर पलिश्ती का सामना करने के लिये फुर्ती से दौड़ा।

1 शमूएल 17:49 फिर दाऊद ने अपनी थैली में हाथ डालकर उस में से एक पत्थर निकाला, और उसे गोफन में रखकर पलिश्ती के माथे पर ऐसा मारा कि पत्थर उसके माथे के भीतर घुस गया, और वह भूमि पर मुंह के बल गिर पड़ा।

1 शमूएल 17:50 यों दाऊद ने पलिश्ती पर गोफन और एक ही पत्थर के द्वारा प्रबल हो कर उसे मार डाला; परन्तु दाऊद के हाथ में तलवार न थी।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 34-35
  • प्रेरितों 15:1-21


मंगलवार, 6 जुलाई 2021

आवश्यकता

 

          जब मेरी सबसे बड़ी बहन की जाँच की रिपोर्ट से उन्हें कैंसर होने का पता चला, तो मैंने अपने मित्रों से कहा कि मुझे अभी से आरंभ करते हुए, उसके साथ अधिक से अधिक समय बिताने की आवश्यकता है। कुछ ने कहा कि मैं अपनी भावनाओं में आवश्यकता से अधिक प्रतिक्रिया दे रही हूँ। किन्तु जाँच रिपोर्ट आने के दस महीनों के अन्दर ही उसका देहांत हो गया। और यद्यपि मैंने उसके साथ कई घंटे बिताए थे, फिर भी जब आप किसी से प्रेम करता हैं तो हमारे मनों को पर्याप्त प्रेम दिखाने के लिए कभी भी समय पर्याप्त नहीं होता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने आरंभिक चर्च के लोगों से कहा कि वे “एक दूसरे से अधिक प्रेम” (1 पतरस 4:8) करें। वे लोग बहुत सताव से होकर निकल रहे थे, और उन्हें अपने मसीही विश्वासियों के समुदाय में से अपने मसीही भाइयों और बहनों के प्रेम की बहुत आवश्यकता थी। क्योंकि परमेश्वर ने उनके मनों में अपना प्रेम उडेला था, इसलिए वे भी औरों के प्रति प्रेम दिखा सकते थे।

          उनके इस प्रेम का प्रकटीकरण प्रार्थनाओं, उदार आतिथ्य, और कोमल तथा सत्य वार्तालाप के द्वारा किया जा सकता था, जिस सब के लिए परमेश्वर सामर्थ्य प्रदान करता था (पद 9-11)। अपने अनुग्रह के द्वारा परमेश्वर ने उन्हें यह वरदान दिया कि वे कृपालु होकर एक दूसरे की सेवा करें, जिससे “जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो” (पद 11)। यह परमेश्वर की सामर्थी योजना है कि वह हम में होकर अपनी इच्छा को पूरा करता है।

          हम सभी को एक दूसरे की आवश्यकता है; और परमेश्वर को अपने द्वारा पापों के क्षमा और उद्धार के सुसमाचार को संसार के लोगों तक पहुंचाने के लिए हमारी आवश्यकता है। परमेश्वर ने जो हमें समय और संसाधन दिए हैं, उन सभी का उपयोग, एक-दूसरे की सहायता तथा परमेश्वर के कार्यों में आवश्यकता के अनुसार करें। - ऐनी सेटास

 

परमेश्वर की सेवकाई के लिए कुछ भी छोटा नहीं है। - फ्रांसिस डी सेल्स


भाईचारे की प्रीति बनी रहे। पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:1-2

बाइबल पाठ: 1 पतरस 4:7-11

1 पतरस 4:7 सब बातों का अन्त तुरन्त होने वाला है; इसलिये संयमी हो कर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।

1 पतरस 4:8 और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है।

1 पतरस 4:9 बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो।

1 पतरस 4:10 जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों के समान एक दूसरे की सेवा में लगाए।

1 पतरस 4:11 यदि कोई बोले, तो ऐसा बोले, मानों परमेश्वर का वचन है; यदि कोई सेवा करे; तो उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है; जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी की है। आमीन।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 32-33
  • प्रेरितों 14