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शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2011

थके - हारे नेक सामरी

   प्रभु यीशु ने "नेक सामरी" के दृष्टांत द्वारा निसस्वार्थ सेवा का अर्थ समझाया है। समाज-सेवा के कार्यों के लिए कई परोपकारी जन आगे आते हैं और इस सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाते हैं। जैसे जैसे इस सेवा में उनका समय बीतता है, उनमें से कई उस व्याधि का शिकार हो जाते हैं जिसे मनोवैज्ञानिक अब "थके - हारे नेक सामरी" के नाम से जानते हैं। इतने लोगों की समस्याओं को सुनने और उनकी सहायता करने के प्रयासों में जूझने के बाद वे अपनी सहन शक्ति की सीमा तक आ जाते हैं और अब उनके लिए और सुन या कर पाना असंभव हो जाता है। चिकित्सक, मसीही-सेवक, मनोवैज्ञानिक, पुलिस कर्मी विशेषकर इस का शिकार होते हैं। अपने आप को टूटने से बचाने के लिए या तो उन्हें अपना यह सेवा भाव छोड़ना पड़ता है, या वे सेवा में ही बेपरवाह और कठोर होने लगते हैं या उन्हें कोई दूसरा कार्य देखना पड़ता है।

   हम मसीही विश्वासियों के लिए परोपकार और सेवा हमारी बुलाहट की एक ज़िम्मेदारी है, और दूसरों के दुखः तकलीफ में अपने आप को डुबोए रख कर हम अछूते नहीं रह सकते; हम भी अपनी इस ज़िम्मेदरी के निर्वाह में थक सकते हैं। ऐसे में यदि हम इस सेवा को छोड़ दें तो हम मसीह की शिक्षा और उम्मीद से पीछे हट जाते हैं; और यदि इस सेवा में बेपरवाह और असंवेदनशील हो जाएं तो मसीह के मापदण्ड पर पूरे नहीं उतरते। फिर हमारे लिए रास्ता क्या है? हम अपनी सेवा की कार्यविधि में कुछ ऐसे बदलाव कर सकते हैं जो हमारे तनाव को कम कर सकें। मूसा के समान, जिसने अपने ससुर की नेक सलाह के अनुसार अपने कार्य में अपने दायित्वों को अन्य योग्य लोगों में विभाजित किया, हमें भी अपनी मानवीय सीमाओं का आदर करते हुए बुद्धिमानी से अपने सेवा दायित्वों का निर्वाह करना चहिए।

   कुछ मसीही विश्वासी मानते हैं कि आत्मिक होने का तात्पर्य है सेवा करने के लिए अपने आप को तब तक धकलेते रहो जब तक प्रभु के लिए टूट कर बिखर न जाओ। लेकिन यह बाइबल और मसीह की शिक्षा के अनुरूप नहीं है। मसीह ने भी अपने चेलों से, जब वे एक बड़ी सेवकाई से लौटे थे क्या कहा: "प्रेरितों ने यीशु के पास इकट्ठे हो कर, जो कुछ उन्‍होंने किया, और सिखाया था, सब उस को बता दिया। उस ने उन से कहा; तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्‍योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्‍हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था। इसलिये वे नाव पर चढ़ कर, सुनसान जगह में अलग चले गए" (मरकुस ६:३०-३२)।

   मसीही शिक्षा और बाइबल के अनुसार भला यह है कि हम अपनी सेवकाई की कार्यविधि में कुछ ऐसे सुधार करें कि हम प्रभु के लिए प्रभावी भी रहें और "थके - हारे नेक सामरी" भी न बनें। - मार्ट डी हॉन

सेवा भाव से भरे भले हृदय को बुद्धिमान सिर के नियंत्रण में रहना चहिए।

इससे तू क्या, वरन ये लोग भी जो तेरे संग हैं निश्चय हार जाएंगे, क्योंकि यह काम तेरे लिये बहुत भारी है; तू इसे अकेला नहीं कर सकता। - निर्गमन १८:१८
 
बाइबल पाठ: निर्गमन १८:१३-२७
    Exo 18:13  दूसरे दिन मूसा लोगों का न्याय करने को बैठा, और भोर से सांझ तक लोग मूसा के आसपास खड़े रहे।
    Exo 18:14  यह देख कर कि मूसा लोगों के लिये क्या क्या करता है, उसके ससुर ने कहा, यह क्या काम है जो तू लोगों के लिये करता है? क्या कारण है कि तू अकेला बैठा रहता है, और लोग भोर से सांझ तक तेरे आस-पास खड़े रहते हैं?
    Exo 18:15  मूसा ने अपने ससुर से कहा, इसका कारण यह है कि लोग मेरे पास परमेश्वर से पूछने आते है।
    Exo 18:16  जब जब उनका कोई मुकद्दमा होता है तब तब वे मेरे पास आते हैं और मैं उनके बीच न्याय करता, और परमेश्वर की विधि और व्यवस्था उन्हें जताता हूं।
    Exo 18:17  मूसा के ससुर ने उस से कहा, जो काम तू करता है वह अच्छा नहीं।
    Exo 18:18  और इस से तू क्या, वरन ये लोग भी जो तेरे संग हैं निश्चय हार जाएंगे, क्योंकि यह काम तेरे लिये बहुत भारी है; तू इसे अकेला नहीं कर सकता।
    Exo 18:19  इसलिये अब मेरी सुन ले, मैं तुझ को सम्मति देता हूं, और परमेश्वर तेरे संग रहे। तू तो इन लोगों के लिये परमेश्वर के सम्मुख जाया कर, और इनके मुकद्दमों को परमेश्वर के पास तू पहुंचा दिया कर।
    Exo 18:20  इन्हें विधि और व्यवस्था प्रगट कर करके, जिस मार्ग पर इन्हें चलना, और जो जो काम इन्हें करना हो, वह इनको जता दिया कर।
    Exo 18:21  फिर तू इन सब लोगों में से ऐसे पुरूषों को छांट ले, जो गुणी, और परमेश्वर का भय मानने वाले, सच्चे, और अन्याय के लाभ से घृणा करने वाले हों; और उनको हज़ार-हज़ार, सौ-सौ, पचास-पचास, और दस-दस मनुष्यों पर प्रधान नियुक्त कर दे।
    Exo 18:22  और वे सब समय इन लोगों का न्याय किया करें; और सब बड़े बड़े मुकद्दमों को तो तेरे पास ले आया करें, और छोटे छोटे मुकद्दमों का न्याय आप ही किया करें; तब तेरा बोझ हलका होगा, क्योंकि इस बोझ को वे भी तेरे साथ उठाएंगे।
    Exo 18:23  यदि तू यह उपाय करे, और परमेश्वर तुझ को ऐसी आज्ञा दे, तो तू ठहर सकेगा, और ये सब लोग अपने स्थान को कुशल से पहुंच सकेंगें।
    Exo 18:24  अपने ससुर की यह बात मान कर मूसा ने उसके सब वचनों के अनुसार किया।
    Exo 18:25  सो उस ने सब इस्त्राएलियों में से गुणी-गुणी पुरूष चुनकर उन्हें हज़ार-हज़ार, सौ-सौ, पचास-पचास, दस-दस, लोगों के ऊपर प्रधान ठहराया।
    Exo 18:26  और वे सब लोगों का न्याय करने लगे; जो मुकद्दमा कठिन होता उसे तो वे मूसा के पास ले आते थे, और सब छोटे मुकद्दमों का न्याय वे आप ही किया करते थे।
    Exo 18:27  और मूसा ने अपने ससुर को विदा किया, और उस ने अपने देश का मार्ग लिया।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ४३-४४ 
  • १ थिस्सलुनिकियों २

गुरुवार, 13 अक्टूबर 2011

प्रेम - उद्देश्य एवं प्रतिफल

   परोपकारी एवं मसीही विश्वासी फ्रेड स्मिथ ने अपने परिवार का एक अनुभव बयान किया। उनकी पुत्री - ब्रेन्डा और दामाद - रिक ने एक ऐसे व्यक्ति से दोस्ती करी जो अपराधी होने के कारण जेल से सज़ा काट कर निकला था और अब एक महिला के साथ रह रहा था। दोनो ने उनके लिए उनकी आवश्यक्ता का सामान खरीद कर दिया, रिक ने उस आदमी को नौकरी दी और ब्रेन्डा उस महिला के साथ समय बिताती थी, उसे मसीह यीशु और उसके प्रेम के बारे में बताती थी; वे उन्हें इस बात के लिए भी तैयार कर सके कि ऐसे साथ रहने की अपेक्षा शादि करके साथ रहना बेहतर है, और इस विवाह के होने के लिए रिक और ब्रेन्डा ने अपने घर को भी उन्हें उपलब्ध कराया। लेकिन कुछ दिन पश्चात ही वे दोनो अचानक कहीं चले गए, रिक के लिए एक छोटा पत्र छोड़ गए कि कुछ लोगों द्वारा उनकी हत्या करने के लिए भाड़े पर लिए गए हत्यारे से बचने के लिए उन्हें जाना पड़ रहा है।

   फ्रेड स्मिथ ने अपनी बेटी से पूछा कि इतना समय, साधन, पैसा और सामर्थ व्यय करने के बाद इस रिशते के ऐसे अचानक अन्त हो जाने पर उसे कैसा लगा? ब्रेन्डा की आँखें भर आईं, और वह बोली, "वे चाहे जहाँ भी रहें, जितने दिन भी रहें, लेकिन वे कभी नहीं भूल सकेंगे कि कोई था जिसे उनकी परवाह थी।"

   हम किसी की इसलिए भी सहायता कर सकते हैं क्योंकि हम उनसे प्रत्युत्तर में कुछ चाहते हैं, लेकिन ऐसा प्रेम परमेश्वर को आदर नहीं देता। मसीही प्रेम का एक अनिवार्य गुण है उसका निसस्वार्थ होना। जब हम लोगों के साथ सिर्फ इसलिए भला बर्ताव करते हैं क्योंकि हम उनकी सहायता करना चाहते हैं और अपने प्रभु का आदर करना चाहते हैं, तब हम मसीह यीशु का सा प्रेम प्रदर्शित करते हैं।

    मसीही प्रेम का उद्देश्य संसार में निसस्वार्थ प्रेम प्रदर्शित करना है। यद्यपि मसीही प्रेम का उद्देश्य उसके प्रतिफल नहीं हैं, तौ भी मसीही प्रेम में उसके प्रतिफल निहित भी हैं। ऐसा प्रेम प्रदर्शित करने वालों को संसर से किसी प्रतिफल अथवा मान्यता या सम्मान की अभिलाषा की आवश्यक्ता नहीं है, क्योंकि उसके लिए स्वतः ही स्वर्ग में प्रतिफल तैयार होता रहता है। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


स्वार्थी स्वभाव कुछ पा लेने के लिए प्रेम रखता है; किंतु मसीही स्वभाव कुछ दे पाने के लिए।
 
परन्‍तु जब तू भोज करे, तो कंगालों, टुण्‍डों, लंगड़ों और अन्‍धों को बुला। तब तू धन्य होगा, क्‍योंकि उन के पास तुझे बदला देने को कुछ नहीं, परन्‍तु तुझे धमिर्यों के जी उठने पर इस का प्रतिफल मिलेगा। - लूका १४:१३, १४
 
बाइबल पाठ: लूका १४:७-१४
    Luk 14:7  जब उस ने देखा, कि नेवताहारी लोग क्‍यों कर मुख्य मुख्य जगहें चुन लेते हैं तो एक दृष्‍टान्‍त देकर उन से कहा।
    Luk 14:8  जब कोई तुझे ब्याह में बुलाए, तो मुख्य जगह में न बैठना, कहीं ऐसा न हो, कि उस ने तुझ से भी किसी बड़े को नेवता दिया हो।
    Luk 14:9  और जिस ने तुझे और उसे, दोनों को नेवता दिया है: आकर तुझ से कहे, कि इस को जगह दे, और तब तुझे लज्ज़ित होकर सब से नीची जगह में बैठना पड़े।
    Luk 14:10  पर जब तू बुलाया जाए, तो सब से नीची जगह जा बैठ, कि जब वह, जिस ने तुझे नेवता दिया है आए, तो तुझ से कहे कि हे मित्र, आगे बढ़कर बैठ; तब तेरे साथ बैठने वालों के साम्हने तेरी बड़ाई होगी।
    Luk 14:11  और जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा, और जो कोई अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।
    Luk 14:12  तब उस ने अपने नेवता देने वाले से भी कहा, जब तू दिन का या रात का भोज करे, तो अपने मित्रों या भाइयों या कुटुम्बियों या धनवान पड़ोसियों को न बुला, कहीं ऐसा न हो, कि वे भी तुझे नेवता दें, और तेरा बदला हो जाए।
    Luk 14:13  परन्‍तु जब तू भोज करे, तो कंगालों, टुण्‍डों, लंगड़ों और अन्‍धों को बुला।
    Luk 14:14  तब तू धन्य होगा, क्‍योंकि उन के पास तुझे बदला देने को कुछ नहीं, परन्‍तु तुझे धमिर्यों के जी उठने पर इस का प्रतिफल मिलेगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ४१-४२ 
  • १ थिस्सलुनिकियों १

बुधवार, 12 अक्टूबर 2011

कोई और कर लेगा!

   जैसे ही मैंने मोड़ काटा, मेरी गाड़ी की रौशनी एक महिला पर पड़ी जो बड़ी व्याकुलता से अपने हाथ हिला कर रुकने का इशारा कर रही थी। दिन भर के कार्य के बाद मैं और मेरी पत्नि दोनो बहुत थके हुए थे, रात बहुत हो चुकी थी, बाहर ठंडा भी था, और पिछली सीट पर हमारा बेटा सो रहा था और सुबह उठकर मुझे एक क्लास लेनी थी। मैं रुकना नहीं चाह रहा था; मैंने कहा, "उसकी सहायता राह पर आता हुआ कोई और कर लेगा"; लेकिन मेरा विवेक नहीं माना और मैंने गाड़ी रोक ली - और यह बहुत अच्छा हुआ। उस महिला की गाड़ी में चार बच्चे बेहोश पड़े थे; उसकी गाड़ी में खराबी के कारण गाड़ी चलती गाड़ी में से धुंआ अन्दर आने लगा था जिससे बच्चे बेहोश हो गए थे। जल्दी से हमने उन्हें अपनी गाड़ी में डाला और निकट के अस्पताल ले गए, जहाँ तुरंत इलाज पाकर वे ठीक हो सके।

   बहुत से ज़रूरी काम ऐसे ही रह जाते हैं। एक वृद्ध दम्पति हैं जो अब गाड़ी नहीं चला पाते; इस कारण महीनों से वे चर्च नहीं आ पाए और किसी ने उन्हें अपने साथ ले कर आने की पेशकश नहीं करी। एक विधवा अकेली रहती है, बीमार है; वह चाहती है कि कोई आवश्यक सामान दुकान से खरीदने में और उसे चर्च लाने-लेजाने में उसकी सहायता कर दे, लेकिन कोई नहीं करता। मैं परेशान होता हूँ कि क्यों कोई किसी की सहायता नहीं करता? फिर मुझे उस रात की अपनी पहली प्रतिक्रिया स्मरण हो आती है, "कोई और कर लेगा।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों के नाम लिखी पत्री में इसका समाधान दिया गया है - "प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें" (इब्रानियों १०:२४)। मसीही विश्वासी होने के नाते हम भले उदाहरण बन सकते हैं - हम वह "कोई और" बन सकते हैं। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

जब दूसरों के लिए कार्य करने की बात आती है, कुछ लोग खड़े ही रह जाते हैं।

प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें। - इब्रानियों १०:२४
 
बाइबल पाठ: इब्रानियों १०:१९-२५
    Heb 10:19  सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है।
    Heb 10:20  जो उस ने परदे अर्थात अपने शरीर में से होकर, हमारे लिये अभिषेक किया है,
    Heb 10:21  और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है।
    Heb 10:22  तो आओ हम सच्‍चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं।
    Heb 10:23  और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्‍योंकि जिस ने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्‍चा है।
    Heb 10:24  और प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें।
    Heb 10:25  और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३९-४० 
  • कुलुस्सियों ४

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2011

कार्य बोलते हैं

   साधारणत्या हम उन्हें ही प्रचारक समझते हैं जो किसी मंच से प्रचार करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि हम सब दिन प्रतिदिन "प्रचार" करते रहते हैं। हमारे विष्य में जो कुछ लोग देखते हैं, वही हमारा प्रचार है। किसी ने कहा, "आपके कार्य इतना ऊँचा बोलते हैं कि आप के मुँह से निकले बोल सुनाई ही नहीं देते।"

   सबसे अच्छा प्रचार कार्यों द्वारा ही होता है, मुख से नहीं। जब बिना कुछ कहे हम वह करते हैं जो सही है, तो भलाई के लिए उसका प्रभाव उस बात से कहीं अधिक होता है जो हम दुसरों से करने को केवल कहते भर हैं।

   बहुत से माता-पिता अपने बच्चों को सिखाते समय इस महत्वपूर्ण बात को नज़रन्दाज़ कर देते हैं। कई मसीही माता-पिता भी अपने बच्चों को परमेश्वर, मसीह यीशु द्वारा उद्धार आदि के बारे में बताने के बाद उनसे भले कामों की आशा तो रखते हैं - लेकिन यह भूल जाते हैं कि उनके व्यक्तिगत जीवन के उदाहरण, अपने बच्चों से करी गई उनकी आशा से मेल नहीं खाते। लेकिन कई मसीही परिवारों में माता-पिता यह सुनिश्चित करते हैं कि जो वे अपने बच्चों को सिखा रहे हैं, उनका निज जीवन भी उसी के अनुरूप हो। उनका यह अनुसरणीय जीवन उनके बच्चों के लिए कथनी को करनी में परिवर्तित करने का स्पष्ट मार्गदर्शक होता है।

   पौलुस प्रेरित ने थिस्सलुनीके के विश्वासियों की, उस उदाहरण के लिए जो उन्होंने प्रदर्शित किया था, सरहना करी (१ थिस्सलुनिकियों १:७)। उन विश्वासियों के कार्य उनके विश्वास के अनुरूप थे। उन के समान आज हमें भी अपने जीवनों में परमेश्वर की प्रगट इच्छा के अनुरूप कार्य करते रहने वाला होना चाहिए।

   आप मानिए या ना मानिए, लेकिन वास्तविकता यही है कि हमारे कार्य बोलते हैं। - रिचर्ड डी हॉन


प्रत्येक मसीही विश्वासी को एक चलता-फिरता "प्रचार" होना चाहिए।

यहां तक कि मकिदुनिया और आखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने। - १ थिस्सलुनिकियों १:७

बाइबल पाठ: १ थिस्सलुनिकियों १
    1Th 1:1  पौलुस और सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्‍सलुनिकियों की कलीसिया के नाम जो परमेश्वर पिता और प्रभु यीशु मसीह में है। अनुग्रह और शान्‍ति तुम्हें मिलती रहे।
    1Th 1:2  हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण करते और सदा तुम सब के विषय में परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
    1Th 1:3  और अपने परमेश्वर और पिता के साम्हने तुम्हारे विश्वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्मरण करते हैं।
    1Th 1:4  और हे भाइयो, परमेश्वर के प्रिय लोगों हम जानतें हैं, कि तुम चुने हुए हो।
    1Th 1:5  क्‍योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्र ही में वरन सामर्थ और पवित्र आत्मा, और बड़े निश्‍चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।
    1Th 1:6  और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्‍द के साथ वचन को मान कर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे।
    1Th 1:7  यहां तक कि मकिदुनिया और आखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने।
    1Th 1:8  क्‍योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और आखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं।
    1Th 1:9  क्‍योंकि वे आप ही हमारे विषय में बताते हैं कि तुम्हारे पास हमारा आना कैसा हुआ और तुम क्‍योंकर मूरतों से परमेश्वर की ओर फिरे ताकि जीवते और सच्‍चे परमेश्वर की सेवा करो।
    1Th 1:10  और उसके पुत्र के स्‍वर्ग पर से आने की बाट जोहते रहो जिसे उस ने मरे हुओं में से जिलाया, अर्थात यीशु की, जो हमें आने वाले प्रकोप से बचाता है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३७-३८ 
  • कुलुस्सियों ३

सोमवार, 10 अक्टूबर 2011

मन श्रेष्ठ करना


   एक बालक - ली शार्प, अपने पिता एड शार्प के साथ गाँव के लुहार की दुकान पर खेत में प्रयोग होने वाले उपकरण की मरम्मत कराने के लिए गया। जब लुहार ने काम कर दिया तो पिता ने पूछा कि मरम्मत करने के कितने पैसे हुए? लुहार ने कहा, "नहीं इसका कोई पैसा नहीं, मैंने यह कार्य अपनी खुशी के लिए किया है।" लेकिन जब पिता कुछ मेहनताना देने की ज़िद करने लगा तो अन्ततः लुहार ने कहा, "एड, क्या तुम किसी को कुछ भलाई केवल उसकी अपनी खुशी के लिए नहीं करने दे सकते?" बड़े हो कर ली शार्प ने अपने बचपन की इस शिक्षा के बारे में लिखा, "उस नम्र और प्रेमी लुहार के मुँह से मिला थोड़े शब्दों का यह बड़ा संदेश मेरे जीवन में बार बार उस बड़े आनन्द और शांति का कारण रहा है जो दूसरों के लिए कुछ करने से आती है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल की नीतिवचन पुस्तक के ११वें अध्याय में ऐसे ही दया और करुणा के लिए अपने मन को विशाल करने के अनुभव के बारे में बताया गया है। अपनी पुस्तक Tha Pulpit Commentary में एडनी लेखते हैं, "दया करने वाला, दया करने से ही आशीशित हो जाता है; यह प्रकृति का नियम है कि दया का आरंभ आत्म-त्याग के दर्द से होता है, लेकिन शीघ्र ही यह भीतरी शांति और आनन्द के प्रतिफल ले आती है। दया करना मन को उठाने वाला और श्रेष्ठता प्रदान करने वाला कर्य होता है।"

   नीतिवचन ११:१७ बताता है कि हर कृपालु और प्रेम रखने वाला मनुष्य इस बात के उत्तम प्रतिफलों का आनन्द लेता है, क्योंकि ऐसा करने में उत्तम प्रतिफल निहित हैं, और यह मन को उभारने और श्रेष्ठ करने का अद्भुत तरीका है। - रिचर्ड डी हॉन


जो दूसरों के लिए भले रहते हैं, वे अपने लिए और भी भले हो जाते हैं।

कृपालु मनुष्य अपना ही भला करता है, परन्तु जो क्रूर है, वह अपनी ही देह को दु:ख देता है। - नीतिवचन ११:१७

बाइबल पाठ: नीतिवचन ११:१७-२५
    Pro 11:17  कृपालु मनुष्य अपना ही भला करता है, परन्तु जो क्रूर है, वह अपनी ही देह को दु:ख देता है।
    Pro 11:18  दुष्ट मिथ्या कमाई कमाता है, परन्तु जो धर्म का बीज बोता, उसको निश्चय फल मिलता है।
    Pro 11:19  जो धर्म में दृढ़ रहता, वह जीवन पाता है, परन्तु जो बुराई का पीछा करता, वह मृत्यु का कौर हो जाता है।
    Pro 11:20  जो मन के टेढ़े है, उन से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु वह खरी चाल वालों से प्रसन्न रहता है।
    Pro 11:21  मैं दृढ़ता के साथ कहता हूं, बुरा मनुष्य निर्दोष न ठहरेगा, परन्तु धर्मी का वंश बचाया जाएगा।
    Pro 11:22  जो सुन्दर स्त्री विवेक नहीं रखती, वह थूथन में सोने की नत्थ पहिने हुए सूअर के समान है।
    Pro 11:23  धमिर्यों की लालसा तो केवल भलाई की होती है; परन्तु दुष्टों की आशा का फल क्रोध ही होता है।
    Pro 11:24  ऐसे हैं, जो छितरा देते हैं, तौभी उनकी बढ़ती ही होती है; और ऐसे भी हैं जो यथार्थ से कम देते हैं, और इस से उनकी घटती ही होती है।
    Pro 11:25  उदार प्राणी हृष्ट पुष्ट हो जाता है, और जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी।
 
एक साल में बाइबल: यशायाह ३४-३६ कुलुस्सियों २

रविवार, 9 अक्टूबर 2011

विलंब

   क्या कभी आप के साथ ऐसा हुआ कि आपने किसी के लिए कष्ट सह कर उसका कुछ भला किया और ना किसी ने उस भलाई की परवाह करी और ना ही किसी ने आपकी इस भलाई को जाना हो? जब ऐसा होता है तो कितना बुरा लगता है ना? कम से कम मेरी प्रतिक्रिया तो यही होती है। कभी कभी मैं सोचता हूँ कि किसी के लिए कष्ट सह कर भला करने से कोई लाभ है? लेकिन बिना प्रतिफल की इच्छा के भलाई किये जाना, यही परमेश्वर के साथ बने रहने वालों की जीवन शैली है। मसीही विश्वासी होने के नाते हमें अपने द्वारा करी गई भलाई के लिए तुरंत प्रतिफल की इच्छा या आशा नहीं रखनी चाहिए। परमेश्वर चाहता है कि हम इस बात को स्मरण रखें कि वह हर बात को जानता है और सही समय पर सही रीति और बहुतायत से हर भलाई का प्रतिफल देगा।

   अखबार में छपे एक समाचार ने मेरा ध्यान ऐसे विलंब से मिलने वाले प्रतिफल की ओर खींचा। एक कार विक्रेता ने विदेश से आए एक छात्र को एक नई गाड़ी बहुत कम मुनाफे पर और सस्ते में बेची। पन्द्राह वर्ष बाद यह छात्र इरानी ठेकेदारों के संघ के लिए सौदे करने वाला एकमात्र एजेंट बना। उसने उस कार विक्रेता के प्रति अपनी कृतज्ञता उसे ७५० भारी सामान ढोने वाले विशाल ट्रकों और ३५० लौरियों का ठेका दिलवा कर प्रगट करी।

   जैसे उस कार विक्रेता का प्रतिफल विलंब से आया किंतु जब आया तो उसकी कलपना से परे था, वैसे ही परमेश्वर भी हमें प्रतिफल देगा। यदि हमारा उद्देश्य है मात्र यह है कि जिनके प्रति हम भलाई करें, वे तुरंत ही उसके लिए हमें धन्यवाद का प्रतिफल दे दें, तो हमने अपना प्रतिफल मनुष्यों से पा लिया। किंतु यदि हम भलाई परमेश्वर के नाम से और परमेश्वर के अनुयायी होने के कारण करते हैं तो प्रतिफल भी परमेश्वर के हाथों में छोड़ दें, क्योंकि "जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ी वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं" (१ कुरिन्थियों २:९); उसके समय में, हमारे प्रतिफल भी उसकी उदारता और महानता के अनुसार ही होंगे। - मार्ट डी हॉन


जो मनुष्यों से प्रतिफल की आशा रखते हैं, उनके लिए परमेश्वर से प्रतिफल की आशा नहीं है।

...तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा। - मत्ती ६:४
 
बाइबल पाठ: मत्ती ६:१-६
    Mat 6:1  सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे।
    Mat 6:2  इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके।
    Mat 6:3  परन्‍तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए।
    Mat 6:4  ताकि तेरा दान गुप्‍त रहे; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।
    Mat 6:5  और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्‍योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े होकर प्रार्थना करना उन को अच्‍छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके।
    Mat 6:6  परन्‍तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा, और द्वार बन्‍द कर के अपने पिता से जो गुप्‍त में है प्रार्थना कर; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३२-३३ 
  • कुलुस्सियों १

शनिवार, 8 अक्टूबर 2011

शान्ति से परिपूर्ण जीवन

   चीन में मिशनरी कार्य करने वाले हड्सन टेलर से मिलने एक पास्टर पहुँचे। टेलर के कार्य के बोझ और फिर भी सदा उन के शान्त बने रहने को देख कर वह पास्टर आश्चर्यचकित थे। एक दिन हिम्मत बांध कर उन्होंने टेलर से कहा, "आप पर लाखों की देख-रेख का बोझ है, मुझ पर कुछ गिने-चुने हुओं का ही; आपको कितने ही अति आवश्यक पत्र लिखने पड़ते हैं, मुझे थोड़े से ही और कम महत्व के। फिर भी मैं चिंतित और परेशान रहता हूँ लेकिन आप सदा शान्त रहते हैं। आपकी इस शान्ति का रहस्य क्या है?" टेलर ने उत्तर दिया, "यदि परमेश्वर की वह शान्ति जो समझ से परे है मेरे हृदय में बसी न हो तो मैं अपना कार्य कभी पूरा नहीं कर सकता।" बाद में उस पास्टर ने टेलर के विष्य में लिखा, "वे सदा परमेश्वर में बने रहते थे, और परमेश्वर उन में। युहन्ना १५ में प्रभु यीशु द्वारा कही गई परमेश्वर में बने रहने की बात के वे सजीव और सच्चे उदाहरण थे।"

   यदि हम चिंतित, अशान्त और भयभीत होते हैं और उस शान्ति की लालसा रखते हैं जिसके बारे में प्रभु यीशु ने अपने चेलों से कहा, तो हड्सन टेलर के समान हमें मसीह में बने रहने का पालन करना चहिए। इसका तात्पर्य है कि हम लगातार मसीह के सम्पर्क में रहें, जिससे उसका शान्त स्वभाव हमारे जीवनों को प्रभावित करता रहे। मसीह में बने रहने के मार्ग का आरंभ होता है हर ऐसे पाप का अंगीकार कर लेने से, जिस के बारे में हम जानते हों, और उसकी क्षमा मांग कर उसका तिरिस्कार कर लेने द्वारा; इसके बाद अपने आप को पूर्णतः उसे समर्पित करके हर बात में विश्वासयोग्यता से उसकी ओर देखना और उसी की सामर्थ द्वारा सब कुछ करना। अर्थात सदा सर्वदा हर बात के लिए पूर्णतः उस पर निर्भर रहना।

   यदि हम मसीह में बने रहना सीख लेंगे तो शान्ति के आनन्द से भरा जीवन बिताने वाले हो जाएंगे। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

जब मसीह मन में राज्य करेगा, तो मन शान्ति से भर जाएगा।

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - युहन्ना १४:२७
 
बाइबल पाठ: १४:२७-१५-७
    Joh 14:27  मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
    Joh 14:28  तुम ने सुना, कि मैं ने तुम से कहा, कि मैं जाता हूं, और तुम्हारे पास फिर आता हूं: यदि तुम मुझ से प्रेम रखते, तो इस बात से आनन्‍दित होते, कि मैं पिता के पास जाता हूं क्‍योंकि पिता मुझ से बड़ा है।
    Joh 14:29  और मैं ने अब इस के होने के पहिले तुम से कह दिया है, कि जब वह हो जाए, तो तुम प्रतीति करो।
    Joh 14:30  मैं अब से तुम्हारे साथ और बहुत बातें न करूंगा, क्‍योंकि इस संसार का सरदार आता है, और मुझ में उसका कुछ नहीं।
    Joh 14:31  परन्‍तु यह इसलिये होता है कि संसार जाने कि मैं पिता से प्रेम रखता हूं, और जिस तरह पिता ने मुझे आज्ञा दी, मैं वैसे ही करता हूं: उठो, यहां से चलें।
    Joh 15:1  सच्‍ची दाखलता मैं हूं और मेरा पिता किसान है।
    Joh 15:2  जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले।
    Joh 15:3  तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो।
    Joh 15:4  तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते।
    Joh 15:5  में दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्‍योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।
    Joh 15:6  यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है, और लोग उन्‍हें बटोर कर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं।
    Joh 15:7  यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३०-३१ 
  • फिलिप्पियों ४