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शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2012

स्वचलित धुलाई

   अपनी कार की स्वचलित मशीन द्वारा धुलाई के अपने प्रथम अनुभव को मैं कभी भुला नहीं सकती। बड़ी घबराहट के साथ, जैसे किसी दांतों के डॉक्टर के पास जा रही हूँ, मैं मशीन के पास पहुंची, धुलाई के लिए आवश्यक पैसे उसमें डाले, अपनी कार की खिड़कियों को बार-बार जांच कर देखा कि वे ठीक से बन्द हैं और कतार में अपनी कार लगाकर प्रतीक्षा करने लगी। मेरे नियंत्रण से बाहर शक्तियां मेरी कार को आगे बढ़ाने लगीं, मानो मैं किसी स्वचलित पट्टी (कॉनवेयर बेल्ट) पर हूँ। मैं अपनी कार में चारों ओर से बन्द बैठी था कि अचानक बड़ी आवाज़ के साथ चारों ओर से पानी और साबुन की तेज़ बौछार मेरी कार पर पड़ने लगी, और बड़े बड़े ब्रुश मेरी कार पर काम करने लगे। मैं अन्दर बैठी घबरा रहा थी और सोच रहा थी कि यदि मैं यहां फंसी ही रह गई या पानी कार के अन्दर भरने लगा तो मेरा क्या होगा? मेरे यह विचार मेरी घबराहट के कारण मेरी मूढ़ता के विचार थे। जिस तरह अचानक पानी की बौछार आरंभ हुई थी, वैसे ही बन्द भी हो गई, फिर तेज़ गरम हवा के प्रवाह द्वारा कार को सुखाया गया, और मुझे तथा मेरी कार को बाहर की दुनिया में ला कर खड़ा कर दिया गया - कार एकदम साफ हो कर चमचमा रही थी और मैं बिलकुल सुरक्षित थी।

   इस घटना ने मुझे सिखाया कि जब परिस्थितियां मेरी समझ से बाहर हों और मेरा जीवन मेरे नियंत्रण से बाहर होकर आगे बढ़ रहा हो और चारों ओर से घबरा देने वाली बातों के थपेड़े मेरी ओर आ रहे हों, तब भी कोई है जो मुझे अपने अन्दर छुपाए हुए और सुरक्षित रखे हुए है - वह जिस पर मैंने विश्वास किया और अपना जीवन जिस के हाथों में सौंपा है। यह सब मेरे लिए एक ’स्वचलित धुलाई’ वाले अनुभव के समान है। जैसे सदा ऐसी परिस्थितियों में होता आया है, जब मैं इनके दूसरे छोर पर पहुंच कर देखती हूँ तो मैं अपने आप को ना केवल पूर्णतः सुरक्षित परन्तु और बेहतर पाती हूँ, और आनन्द तथा विश्वास के साथ अपने प्रभु के लिए कह पाती हूँ, "वह मेरा सर्वदा विश्वासयोग्य परमेश्वर है"।

   क्या आप भी किसी ’स्वचलित धुलाई’ अनुभव से होकर निकल रहे हैं? जिसे आपने अपना उद्धारकर्ता मान कर अपना जीवन सौंपा है, उस प्रभु यीशु पर विश्वास बनाए रखें। अपने प्रत्येक विश्वासी से उसका वायदा है कि वह उन्हें कभी नहीं छोड़ेगा, कभी नहीं त्यागेगा; हर परिस्थिति में उनके साथ बना रहेगा। जब आप इस अनुभव के दूसरे छोर पर पहुंचेंगे तो पाएंगे कि आप ना केवल सुरक्षित रहे हैं, वरन पहले से बेहतर होकर अपने प्रभु के लिए एक चमकदार गवाह भी हैं। - जोनी योडर


परीक्षाओं की सुरंग से होकर निकलना एक चमकदार गवाही उत्पन्न करता है।

जब तू जल में होकर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में होकर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। - यशायाह ४३:२
बाइबल पाठ: - यशायाह ४३:१-१३
Isa 43:1  हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम लेकर बुलाया है, तू मेरा ही है।
Isa 43:2  जब तू जल में होकर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में होकर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी।
Isa 43:3  क्योंकि मैं यहोवा तेरा परमेश्वर हूं, इस्राएल का पवित्र मैं तेरा उद्धारकर्ता हूं। तेरी छुड़ौती में मैं मिस्र को और तेरी सन्ती कूश और सबा को देता हूं।
Isa 43:4  मेरी दृष्टि में तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है और मैं तुझ से प्रेम रखता हूं, इस कारण मैं तेरी सन्ती मनुष्यों को और तेरे प्राण के बदले में राज्य राज्य के लोगों को दे दूंगा।
Isa 43:5  मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूं; मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊंगा, और पच्छिम से भी इकट्ठा करूंगा।
Isa 43:6  मैं उत्तर से कहूंगा, दे दे, और दक्खिन से कि रोक मत रख; मेरे पुत्रों को दूर से और मेरी पुत्रियों को पृथ्वी की छोर से ले आओ;
Isa 43:7  हर एक को जो मेरा कहलाता है, जिसको मैं ने अपनी महिमा के लिये सृजा, जिसको मैं ने रचा और बनाया है।
Isa 43:8  आंख रहते हुए अन्धों को और कान रहते हुए बहिरों को निकाल ले आओ!
Isa 43:9  जाति जाति के लोग इकट्ठे किए जाएं और राज्य राज्य के लोग एकत्रित हों। उन में से कौन यह बात बता सकता वा बीती हुई बातें हमें सुना सकता है? वे अपने साक्षी ले आएं जिस से वे सच्चे ठहरें, वे सुन लें और कहें, यह सत्य है।
Isa 43:10  यहोवा की वाणी है कि तुम मेरे साक्षी हो और मेरे दास हो, जिन्हें मैं ने इसलिये चुना है कि समझ कर मेरी प्रतीति करो और यह जान लो कि मैं वही हूं। मुझ से पहिले कोई ईश्वर न हुआ और न मेरे बाद कोई होगा।
Isa 43:11  मैं ही यहोवा हूं और मुझे छोड़ कोई उद्धारकर्ता नहीं।
Isa 43:12  मैं ही ने समाचार दिया और उद्धार किया और वर्णन भी किया, जब तुम्हारे बीच में कोई पराया देवता न था; इसलिये तुम ही मेरे साक्षी हो, यहोवा की यह वाणी है।
Isa 43:13  मैं ही ईश्वर हूं और भविष्य में भी मैं ही हूं, मेरे हाथ से कोई छुड़ा न सकेगा; जब मैं काम करना चाहूं तब कौन मुझे रोक सकेगा।
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था २१-२२ 
  • मत्ती २८

गुरुवार, 16 फ़रवरी 2012

संवेदनशील

   अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को और न्यूयॉर्क शहरों में, शहर में जल आपूर्ति की शुद्धता की जाँच के लिए, एक विशेष प्रकार की मछली, ’ब्लूगिल’ का प्रयोग किया जा रहा है। ब्लूगिल मछली की विशेषता है कि पानी में अगर ज़रा सी मात्रा में भी विषाक्त पदार्थ होंगे तो वह प्रतिक्रीया करेगी। इसलिए शहर में भेजे जाने वाले जल का एक भाग पहले ब्लूगिल मछलीयों वाली टंकी में भेजा जाता है, और शुद्धता प्रमाणित होने पर ही उसे शहर में जल आपूर्ति के लिए प्रवाहित किया जाता है। आतंकवादियों द्वारा जल में मिला कर शहर के लोगों को किसी विषाक्त वस्तु द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने से बचने का यह एक महत्वपूर्ण तरीका है।

   इन ब्लूगिल मछलियों के विषाक्त वस्तुओं की ज़रा सी मात्रा के प्रति संवेदनशील होने के समान ही परमेश्वर चाहता है कि उसके विश्वासी भी प्रत्येक गलत शिक्षा और अनुचित धार्मिक धारणा के प्रति संवेदनशील बनें और उनके नुकसान से बचने के लिए प्रतिक्रिया करें। प्रेरित पौलुस ने गलतिया के विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में समझाया कि वे सुसमाचार में करी जा रही प्रत्येक मिलावट और अशुद्धता को पहचानें और उससे बच कर रहें। प्रत्येक ऐसी शिक्षा जो सिखाती है कि परमेश्वर लोगों को उनके ’धर्म के कार्यो’ और उनकी ’धर्म के नियमों की आज्ञाकारिता’ के कारण ग्रहण करता है, ना कि उनके द्वारा प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास और पश्चाताप से मिलने वाली पापों की क्षमा के कारण, वह सुसमाचार में घातक विषाक्त वस्तु की मिलावट है और गलतिया के उन विश्वासियों को इसके प्रति संवेदनशील होना है और इसे सुधारने तथा इसके दुषप्रभावों से बचने के लिए प्रतिक्रीया करनी है। पौलुस ने ऐसी शिक्षाएं फैलाने वालों के लिए कहा, "परन्‍तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं: पर बात यह है, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं। परन्‍तु यदि हम या स्‍वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हम ने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो। जैसा हम पहिले कह चुके हैं, वैसा ही मैं अब फिर कहता हूं, कि उस सुसमाचार को छोड़ जिसे तुम ने ग्रहण किया है, यदि कोई और सुसमाचार सुनाता है, तो श्रापित हो..." (गलतियों १:७-९)।

   सुसमाचार और परमेश्वर के वचन में मिलावट के प्रयास नए नहीं हैं। इसलिए प्रत्येक मसीही विश्वासी को इसके प्रति संवेदनशील होना है, सचेत और सजग रहना है, कहीं किसी गलत शिक्षा द्वार हम बहकाए ना जाएं और नुकसान उठाएं। इसका एक ही रास्ता है - परमेश्वर के साथ बैठकर परमेश्वर के वचन बाइबल का नित अध्ययन करना, और उसकी शिक्षाओं को अपने जीवनों में लागू करना। तब ही हम गलत शिक्षा की विषाक्त मिलावट के प्रति संवेदनशील होकर उसे पहचान सकेंगे और उद्धार के अद्भुत सुसमाचार का सही प्रचार और प्रसार कर सकेंगे। - मार्विन विलियम्स


यदि आप सत्य को जानते हैं तब ही असत्य को पहचान सकते हैं।

परन्‍तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं: पर बात यह है, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं। - गलतियों १:७
बाइबल पाठ: गलतियों १:३-१२
Gal 1:3  परमेश्वर पिता, और हमारे प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनु्ग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
Gal 1:4  उसी ने अपने आप को हमारे पापों के लिये दे दिया, ताकि हमारे परमेश्वर और पिता की इच्‍छा के अनुसार हमें इस वर्तमान बुरे संसार से छुड़ाए।
Gal 1:5  उस की स्‍तुति और बड़ाई। युगानुयुग होती रहे। आमीन।
Gal 1:6  मुझे आश्‍चर्य होता है, कि जिस ने तुम्हें मसीह के अनुग्रह से बुलाया उस से तुम इतनी जल्दी फिर कर और ही प्रकार के सुसमाचार की ओर झुकने लगे।
Gal 1:7  परन्‍तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं: पर बात यह है, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं।
Gal 1:8  परन्‍तु यदि हम या स्‍वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हम ने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो।
Gal 1:9  जैसा हम पहिले कह चुके हैं, वैसा ही मैं अब फिर कहता हूं, कि उस सुसमाचार को छोड़ जिसे तुम ने ग्रहण किया है, यदि कोई और सुसमाचार सुनाता है, तो श्रापित हो। अब मैं क्‍या मनुष्यों को मानता हूं या परमेश्वर को? क्‍या मैं मनुष्यों को प्रसन्न करना चाहता हूं?
Gal 1:10  यदि मैं अब तक मनुष्यों को प्रसन्न करता रहता, तो मसीह का दास न होता।
Gal 1:11  हे भाइयो, मैं तुम्हें जताए देता हूं, कि जो सुसमाचार मैं ने सुनाया है, वह मनुष्य का सा नहीं।
Gal 1:12  क्‍योंकि वह मुझे मनुष्य की ओर से नहीं पहुंचा, और न मुझे सिखाया गया, पर यीशु मसीह के प्रकाश से मिला।
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था १९-२० 
  • मत्ती २७:५१-६६

बुधवार, 15 फ़रवरी 2012

असफल?

   अमेरिका में १९३० के आस-पास बड़ी आर्थिक मंदी आई थी और देश की अर्थ व्यवस्था और देश का बुरा हाल हो गया था। बहुत से लोगों को अपने घरों से बेघर होकर प्लाइवुड, तिरपाल, कंबल आदि से बनीं जीर्ण हाल झुग्गियों में रहना पड़ा था। देश की उस स्थिति के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति हर्बट हूवर की नीतियों को उत्तरदायी माना गया था, इसलिए उन जीर्ण झुग्गियों को लोग उस समय ’हूवरविल्स’ कहते थे।

   किंतु विचित्र बात है कि यही हूवर जिन्हें अब इतना अयोग्य माना जा रहा था, उन्हें ही पहले अपनी योग्यता और कुशलता के लिए जाना जाता था। उनके भूवैज्ञानिक इंजिनियरिंग के कौशल के कारण औस्ट्रेलिया और चीन में बड़ी सफल खनन परियोजनाएं आरंभ करी जा सकीं। उन्होंने कई मानवोत्थान के कार्यों के लिए कुशल नेत्रत्व प्रदान किया था। किंतु जब १९२९ में स्टॉक मार्किट गिरा और अर्थ व्यवस्था संकट में आई तो परिस्थितियां हूवर के नियंत्रण के बाहर थीं; फिर भी वे इतिहास में सदा के लिए १९३० की आर्थिक मंदी और इस के कारण हुई देश की बदहाली के साथ जोड़ दिए गए।

   जीवन में घटने वाली किसी एक बड़ी असफलता का अर्थ यह नहीं होता कि उस व्यक्ति का सारा जीवन ही असफल है। यदि ऐसा होता तो हम परमेश्वर के वचन बाइबल के कई पात्रों को असफल व्यक्ति मानते ना कि परमेश्वर के लोगों के रूप में और प्रेर्णादायक जीवन चरित्र वाले। उदाहरण के लिए, क्या हम अब्राहम को झूठा और स्वार्थी (उत्पत्ति १२:१०-२०), मूसा को परमेश्वर का अनाज्ञाकारी (निर्गमन २०:१-३) या दाउद को व्यभिचारी और हत्यारा (२ शमूएल ११) कह कर स्मरण करते हैं, यद्यपि उनके जीवनों में ऐसी कमज़ोरियां घटीं थीं?

   उनके पापों के बावजूद ये सभी मनुष्य अपने स्थिर विश्वास और परमेश्वर के लिए कार्य करने वाले महान जन माने जाते हैं और उनके नाम आदर से लिए जाते हैं। ये, और इनके जैसे कई अन्य लोग वे हैं जो "...विश्वास ही के द्वारा...निर्बलता में बलवन्‍त हुए..." (इब्रानियों ११:३३-३४)।

   यह परमेश्वर की महानता और सामर्थ है कि जो उस पर विश्वास लाते हैं, वह उन निर्बल और अयोग्य पात्रों को भी अपनी महीमा के पात्र बना लेता है और मनुष्यों में भी उन्हें आदर दिलवाता है। यदि हमने अपने पापों से पश्चाताप करके अपना जीवन प्रभु यीशु को समर्पित किया है तो हमारा बीता जीवन चाहे जैसा भी रहा है, हम असफल नहीं रहेंगे। परमेश्वर हमें अभी भी उपयोगी बना सकता है, बड़े सामर्थी रूप से उपयोग कर सकता है; आवश्यक्ता है तो बस उसके प्रति हमारे विश्वास और आज्ञाकरिता की। - डेनिस फिशर


अकसर असफलता की राख से ही सफलता निकलती है।

...विश्वास ही के द्वारा...निर्बलता में बलवन्‍त हुए... - इब्रानियों ११:३३-३४
 
बाइबल पाठ: इब्रानियों ११:२४-३४
Heb 11:24 विश्वास ही से मूसा ने सयाना होकर फिरौन की बेटी का पुत्र कहलाने से इन्‍कार किया।
Heb 11:25  इसलिये कि उसे पाप में थोड़े दिन के सुख भोगने से परमेश्वर के लोगों के साथ दुख भोगना और उत्तम लगा।
Heb 11:26 और मसीह के कारण निन्‍दित होने को मिसर के भण्‍डार से बड़ा धन समझा: क्‍योंकि उस की आंखे फल पाने की ओर लगी थीं।
Heb 11:27 विश्वास ही से राजा के क्रोध से न डरकर उस ने मिसर को छोड़ दिया, क्‍योंकि वह अनदेखे को मानों देखता हुआ दृढ़ रहा।
Heb 11:28 विश्वास ही से उस ने फसह और लोहू छिड़कने की विधि मानी, कि पहिलौठों का नाश करने वाला इस्‍त्राएलियों पर हाथ न डाले।
Heb 11:29  विश्वास ही से वे लाल समुद्र के पार ऐसे उतर गए, जैसे सूखी भूमि पर से; और जब मिस्रियों ने वैसा ही करना चाहा, तो सब डूब मरे।
Heb 11:30  विश्वास ही से यरीहो की शहरपनाह, जब सात दिन तक उसका चक्कर लगा चुके तो वह गिर पड़ी।
Heb 11:31  विश्वास ही से राहाब वेश्या आज्ञा ना मानने वालों के साथ नाश नहीं हुई; इसलिथे कि उस ने भेदियों को कुशल से रखा था।
Heb 11:32 अब और क्‍या कहूँ क्‍योंकि समय नहीं रहा, कि गिदोन का, और बाराक और समसून का, और यिफतह का, और दाऊद का और शामुएल का, और भविष्यद्वक्ताओं का वर्णन करूं।
Heb 11:33 इन्‍होंने विश्वास ही के द्वारा राज्य जीते, धर्म के काम किए, प्रतिज्ञा की हुई वस्‍तुएं प्राप्‍त कीं, सिंहों के मुंह बन्‍द किए।
Heb 11:34 आग ही ज्‍वाला को ठंडा किया, तलवार की धार से बच निकले, निर्बलता में बलवन्‍त हुए, लड़ाई में वीर निकले, विदेशियों की फौजों को मार भगाया।
 
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था १७-१८ 
  • मत्ती २७:२७-५०

मंगलवार, 14 फ़रवरी 2012

प्रेम प्रदर्शन

   चीनी समाज का नव-वर्ष और वैलिन्टाईन दिवस २०१० में एक ही दिन पड़े। यद्यपि ये दोनो समारोह बिलकुल भिन्न हैं, तौ भी उनके मनाए जाने कि रीतियों में कुछ समानताएं हैं। दोनो ही प्रेम को प्रदर्शित करने के लिए हैं, दोनो ही में प्रेम करने वाले एक दूसरे को उपहार दे कर अपने प्रेम को व्यक्त करते हैं। वैलिन्टाइन दिवस पर प्रेमी जुगल एक दूसरे को लाल गुलाब भेंट करके एक दूसरे के प्रति अपने प्रेम को दर्शाते हैं तो चीनी नव-वर्ष पर परिवार के सद्स्य ’हौंग-बाओ’ (लाल रंग की पोटली में रखे पैसे) एक दुसरे को देकर एक दुसरे के प्रति अपने प्रेम को जताते हैं।

   हमारे प्रभु यीशु ने भी अपने चेलों को आज्ञा दी कि वे एक दुसरे के प्रति प्रेम रखें और उसे प्रदर्शित करें क्योंकि इसी से लोग जानेंगे कि वे प्रभु यीशु के चेले हैं (यूहन्ना १३:३४, ३५)। जो प्रेम प्रभु चाहता है कि उसके चेले आपस में प्रकट करें, वह प्रेमी जोड़ों के ’रोमैंटिक’ प्रेम से तथा पारिवारिक सदस्यों के आपसी भाईचारे के प्रेम से भिन्न है। प्रभु का प्रेम निस्वार्थ प्रेम है जिसके लिए मूल युनानी भाषा में ’अगापे’ शब्द प्रयोग हुआ है। प्रभु ने चेलों को प्रेम प्रगट करने की अपनी आज्ञा में यही अगापे शब्द का प्रयोग किया; ऐसा प्रेम जो प्रत्युत्तर में कुछ नहीं चाहता। इसी प्रेम का प्रकटिकरण प्रभु ने किया, जब उसने भोजन के समय एक पात्र में पानी लेकर चेलों के पांव धोए, जब वह क्रूस पर समस्त मानव जाति कि पापों के बदले चढ़ गया, जब आज भी वह सभी को पाप क्षमा का खुला निमंत्रण देता है।

   आज क्या कोई ऐसा है जिसे आप यह अगापे प्रेम प्रदर्शित कर सकते हैं? - सी. पी. हिया


तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। - गलतियों ६:२

यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो। - युहन्ना १३:३५
बाइबल पाठ: युहन्ना १३:१-५, ३३-३५
Joh 13:1  फसह के पर्ब्‍ब से पहिले जब यीशु ने जान लिया, कि मेरी वह घड़ी आ पहुंची है कि जगत छोड़कर पिता के पास जाऊं, तो अपने लोगों से, जो जगत में थे, जैसा प्रेम वह रखता था, अन्‍त तक वैसा ही प्रेम रखता रहा।
Joh 13:2 और जब शैतान शमौन के पुत्र यहूदा इस्‍किरयोती के मन में यह डाल चुका था, कि उसे पकड़वाए, तो भोजन के समय।
Joh 13:3  यीशु ने यह जानकर कि पिता ने सब कुछ मेरे हाथ में कर दिया है और मैं परमेश्वर के पास से आया हूं, और परमेश्वर के पास जाता हूं।
Joh 13:4 भोजन पर से उठकर अपने कपड़े उतार दिए, और अंगोछा लेकर अपनी कमर बान्‍धी।
Joh 13:5 तब बरतन में पानी भरकर चेलों के पांव धोने और जिस अंगोछे से उस की कमर बन्‍धी थी उसी से पोंछने लगा।

Joh 13:34  मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो।
Joh 13:35  यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो।
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था १५-१६ 
  • मत्ती २७:१-२६

सोमवार, 13 फ़रवरी 2012

बदलाव का समय

   मेरे एक मित्र ने एक बार मुझ से कहा, "मैंने अपने जीवन में बहुत सी बातों को बदलते हुए देखा है, और मैं उन सब के विरुद्ध हूँ।" शायद जो मेरे मित्र ने कहा या किया अतिश्योक्ति थी, किंतु इस बात से अधिकांश सहमत होंगे कि हम बदलाव नहीं चाहते, विशेषकर तब जब वह हमारी आदतों और व्यवहार से संबंध रखता हो।

   यह भी एक कारण था कि प्रभु यीशु अपने समय के धर्मगुरुओं और धर्म के अगुवों में लोकप्रीय नहीं थे। प्रभु यीशु ने उन लोगों के परंपरागत स्थापित भले कार्यों और स्वधार्मिकता के मूल्यों और बातों को चुनौती दी थी। परमेश्वर के वचन बाइबल के लूका ७ अध्याय में दी गई एक घटना पर ध्यान कीजिए: शमौन नाम का एक फरीसी (धर्मगुरू) बहुत खिन्न हुआ जब उस ’धर्मी’ के घर में एक पापिनी स्त्री ने आकर बड़ी उदार रीति से प्रभु यीशु के लिए अपना आदर और सम्मान प्रकट किया। प्रभु यीशु ने तुरंत शमौन के मन के विचार भांप लिए और उसकी स्वधार्मिकता के भाव को एक नीतिकथा के द्वारा चुनौती दी। प्रभु ने कहा, एक महाजन के दो देनदार थे, एक बहुत कर्ज़ के नीचे था और दूसर थोड़े, लेकिन दोनो ही चुका पाने की स्थित में नहीं थे। महाजन ने उनकी दशा पर दया करके उन दोनो ही के कर्ज़ को पूर्णतः माफ कर दिया। फिर प्रभु ने शमौन से पूछा: "...सो उन में से कौन उस से अधिक प्रेम रखेगा?" (लूका ७:४२)। शमौन का उत्तर स्वभाविक था, वह जिसका अधिक कर्ज़ माफ हुआ था (पद ४३)। तब प्रभु ने शमौन के स्वधर्मी स्वभाव और घमंड की ओर इशारा करके उसे समझाया और निष्कर्ष में उस से कहा, "...जिस का थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है" (पद ४७)।

   प्रभु यीशु की यही चुनौती आज भी सार्थक है, विशेष कर उसके अनुयायीयों के लिए। बहुत बार मसीही विश्वासी इस बात में निश्चिंत हो जाते हैं कि वे संसार से बहुत भले हैं और यह भूल जाते हैं कि वे भले अपनी किसी योग्यता या अपने किसी धार्मिकता से नहीं वरन इसलिए हैं क्योंकि प्रभु ने उनको बहुत कुछ क्षमा किया है।

   यदि आज यह स्थिति आप के जीवन में है, तो निश्चय जानिए कि आप के लिए यह समय अविलंब बदलाव का समय है। - जो स्टोवैल


जब परमेश्वर बातें बदलना आरंभ करता है तो वह पहले हमें बदलने से आरंभ करता है।

यह देखकर, वह फरीसी जिस ने उसे बुलाया था, अपने मन में सोचने लगा, यदि यह भविष्यद्वक्ता होता तो जान लेता, कि यह जो उसे छू रही है, वह कौन और कैसी स्त्री है क्योंकि वह तो पापिनी है। - लूका ७:३९

बाइबल पाठ: लूका ७:३६-५०
Luk 7:36  फिर किसी फरीसी ने उस से विनती की, कि मेरे साथ भोजन कर; सो वह उस फरीसी के घर में जाकर भोजन करने बैठा।
Luk 7:37  और देखो, उस नगर की एक पापिनी स्त्री यह जानकर कि वह फरीसी के घर में भोजन करने बैठा है, संगमरमर के पात्र में इत्र लाई।
Luk 7:38  और उस के पांवों के पास, पीछे खड़ी होकर, रोती हुई, उसके पांवों को आंसुओं से भिगाने और अपने सिर के बालों से पोंछने लगी और उसके पांव बारबार चूमकर उन पर इत्र मला।
Luk 7:39  यह देख कर, वह फरीसी जिस ने उसे बुलाया था, अपने मन में सोचने लगा, यदि यह भविष्यद्वक्ता होता तो जान लेता, कि यह जो उसे छू रही है, वह कौन और कैसी स्त्री है क्योंकि वह तो पापिनी है।
Luk 7:40  यह सुन यीशु ने उसके उत्तर में कहा; कि हे शमौन मुझे तुझ से कुछ कहना है वह बोला, हे गुरू कह।
Luk 7:41  किसी महाजन के दो देनदार थे, एक पांच सौ, और दूसरा पचास दीनार धारता था।
Luk 7:42  जब कि उन के पास पटाने को कुछ न रहा, तो उस ने दोनो को क्षमा कर दिया: सो उन में से कौन उस से अधिक प्रेम रखेगा।
Luk 7:43  शमौन ने उत्तर दिया, मेरी समझ में वह, जिस का उस ने अधिक छोड़ दिया: उस ने उस से कहा, तू ने ठीक विचार किया है।
Luk 7:44  और उस स्त्री की ओर फिर कर उस ने शमौन से कहा; क्‍या तू इस स्त्री को देखता है? मैं तेरे घर में आया परन्‍तु तू ने मेरे पांव धोने के लिये पानी न दिया, पर इस ने मेरे पांव आंसुओं से भिगाए, और अपने बालों से पोंछा!
Luk 7:45  तू ने मुझे चूमा न दिया, पर जब से मैं आया हूं तब से इस ने मेरे पांवों का चूमना न छोड़ा।
Luk 7:46  तू ने मेरे सिर पर तेल नहीं मला; पर इस ने मेरे पांवों पर इत्र मला है।
Luk 7:47  इसलिये मैं तुझ से कहता हूं कि इस के पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्‍योंकि इस ने बहुत प्रेम किया; पर जिस का थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है।
Luk 7:48  और उस ने स्त्री से कहा, तेरे पाप क्षमा हुए।
Luk 7:49  तब जो लोग उसके साथ भोजन करने बैठे थे, वे अपने अपने मन में सोचने लगे, यह कौन है जो पापों को भी क्षमा करता है?
Luk 7:50  पर उस ने स्त्री से कहा, तेरे विश्वास ने तुझे बचा लिया है, कुशल से चली जा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था १४ 
  • मत्ती २६:५१-७५

रविवार, 12 फ़रवरी 2012

ज्योति

   अमेरीकी कारोबारी मार्क बेन्ट ने $२५०,००० शोध पर खर्च करके सौर उर्जा से चलने वाले और कम खर्च में बनकर उपलब्ध हो सकने वाले टॉर्च विकसित किए और बनाए। एक दिन की सौर उर्जा से एक टॉर्च ७ घंटे की रौशनी लोगों को उपलब्ध कराता है। ऐसे हज़ारों टॉर्च अफ्रीका के शरणार्थी शिविरों में मुफ्त या बहुत कम खर्च पर बाँटे गए हैं जहां वे घरों, स्कूलों और अस्पतालों में जीवन दायक रौशनी प्रदान कर रहे हैं; ऐसे स्थानों में जहां अन्धकार के कारण अपराध और हिंसा के कार्यों को प्रोत्साहन मिलता था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह के चित्रण में ज्योति और अन्धकार की तुलना अकसर देखने को मिलती है: "जो लोग अन्धियारे में चल रहे थे उन्होंने बड़ा उजियाला देखा; और जो लोग घोर अन्धकार से भरे हुए मृत्यु के देश में रहते थे, उन पर ज्योति चमकी" (यशायाह ९:२); "उस [यीशु] में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी। और ज्योति अन्‍धकार में चमकती है; और अन्‍धकार ने उसे ग्रहण न किया" (युहन्ना १:४-५)।

    प्रभु यीशु ने अपने चेलों से कहा "तुम जगत की ज्योति हो..." (मत्ती ५:१४)। आज, हम जो प्रभु यीशु के अनुयायी हैं, हम पर प्रभु की जीवन दायक ज्योति के फैलाने का दायित्व है। प्रेरित पौलुस ने फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों को लिखा: "तुम निर्दोष और भोले होकर टेढ़े और हठीले लोगों के बीच परमेश्वर के निष्‍कलंक सन्‍तान बने रहो, (जिन के बीच में तुम जीवन का वचन लिए हुए जगत में जलते दीपकों की नाईं दिखाई देते हो)" (फिलिप्पियों २:१५)।

   उस अनुग्रह और सामर्थ द्वारा जो हमें परमेश्वर से मिली है, हम परमेश्वर पर निर्भर होकर, अपने चारों ओर के आत्मिक अन्धकार से डरे और दबे बिना, जगत में ज्योति के समान चमकने वाले और दूसरों को जीवन का मार्ग दिखाने तथा जीवन ज्योति की ओर आकर्षित करने वाले बनें। - डेविड मैककैसलैंड


प्रभु यीशु आत्मिक अन्धकार से भरे संसार को जीवन ज्योति देने आया।

तुम निर्दोष और भोले होकर टेढ़े और हठीले लोगों के बीच परमेश्वर के निष्‍कलंक सन्‍तान बने रहो, (जिन के बीच में तुम जीवन का वचन लिए हुए जगत में जलते दीपकों की नाईं दिखाई देते हो)। - फिलिप्पियों २:१५

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों २:१२-१८
Php 2:12  सो हे मेरे प्यारो, जिस प्रकार तुम सदा से आज्ञा मानते आए हो, वैसे ही अब भी न केवल मेरे साथ रहते हुए पर विशेष करके अब मेरे दूर रहने पर भी डरते और कांपते हुए अपने अपने उद्धार का कार्य पूरा करते जाओ।
Php 2:13 क्‍योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्‍छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्‍छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है।
Php 2:14  सब काम बिना कुड़कुड़ाए और बिना विवाद के किया करो।
Php 2:15 ताकि तुम निर्दोष और भोले होकर टेढ़े और हठीले लोगों के बीच परमेश्वर के निष्‍कलंक सन्‍तान बने रहो, (जिन के बीच में तुम जीवन का वचन लिए हुए जगत में जलते दीपकों की नाईं दिखाई देते हो)।
Php 2:16 कि मसीह के दिन मुझे घमण्‍ड करने का कारण हो, कि न मेरा दौड़ना और न मेरा परिश्रम करना व्यर्थ हुआ।
Php 2:17 और यदि मुझे तुम्हारे विश्वास के बलिदान और सेवा के साथ अपना लोहू भी बहाना पड़े तौभी मैं आनन्‍दित हूं, और तुम सब के साथ आनन्‍द करता हूं।
Php 2:18 वैसे ही तुम भी आनन्‍दित हो, और मेरे साथ आनन्‍द करो।
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था १३ 
  • मत्ती २६:२६-५०

शनिवार, 11 फ़रवरी 2012

उस पार

   मेरे एक मित्र से किसी ने कहा, "साल के बाद मिलते हैं" तो मेरे मित्र का उत्तर कुछ विचित्र लगा, क्योंकि उसने कहा, "हाँ, उस पार मिलेंगे।" यद्यपि यह कहने में उसका तात्पर्य था कि नौसेना में एक साल के कार्य पर भेजे जाने के कारण साल पूरा होने के ’उस पार’ ही अब मिलना हो पाएगा, लेकिन क्योंकि यह वाक्यांश साधारणतया दूसरे संदर्भ - मृत्युओपरांत की दशा के लिए प्रयोग होता है, इसलिए मेरे विचार जीवन की अनिश्चितताओं की ओर चले गए। मैं सोचने लगा, एक साल के बाद कौन यहां होगा और कौन नहीं किसे पता है? उस पार वालों में से कौन स्वर्ग में होगा?

   हम निश्चय ही यह नहीं जानते कि एक वर्ष, या अगला एक घंटा भी क्या लाने वाला है। परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने अपनी पत्री में इस अनिश्चितता के विषय में लिखा है। उसने उन लालची व्यापोरियों को संबोधित करते हुए उन्हें उलाहना दी और कहा, "तुम जो यह कहते हो, कि आज या कल हम किसी और नगर में जाकर वहां एक वर्ष बिताएंगे, और व्यापार करके लाभ उठाएंगे। और यह नहीं जानते कि कल क्‍या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्‍या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है" (याकूब ४:१३-१४)। टिप्पणीकार पीटर डेविड ने याकूब की इस बात पर टिप्पणी में कहा कि याकूब उन व्यापारियों को उनकी मूर्खता बता रहा था, और याकूब के कहने का तात्पर्य था कि, "तुम जो बड़ी बड़ी योजनाएं बनाते हो ज़रा सुनो और ध्यान दो; जीवन पर तुम्हारा क्या कोई नियंत्रण है जो तुम ऐसे योजनाएं बना रहे हो?"

   याकूब ने उन्हें स्मरण दिलाया कि जीवन भाप के समान क्षणभंगुर है। ऐसे में बिना परमेश्वर की इच्छा जाने और बिना अपना जीवन उसे समर्पित किए, अपनी लालसाओं की पूर्ति के लिए कोई भी योजना बनाना मूर्खता है। योजना बनाना बुरा नहीं है लेकिन घमण्ड करना और घमण्ड में आकर योजनाओं मे परमेश्वर को ना रखना बुरा है, पाप है। क्योंकि केवल वो ही है जो भविष्य जानता है इसलिए जो कुछ उसकी इच्छा के अनुसार होगा अन्ततः वही चिरस्थायी और सफल होगा, बाकी सब बिना कोई लाभ दिए मिट जाएगा।

   जीवन का कोई क्षेत्र परमेश्वर के नियंत्रण के बाहर नहीं है। इसलिए जब हम योजनाएं बनाएं तो व्यापारियों को दी गई याकूब की चेतावनी में उसका अगला वाक्य हमें स्मरण रखना चाहिए, "इस के विपरीत तुम्हें यह कहना चाहिए, कि यदि प्रभु चाहे तो हम जीवित रहेंगे, और यह या वह काम भी करेंगे" (याकूब ४:१५)। - एनी सेटास


परमेश्वर की इच्छा में बनी और परमेश्वर को समर्पित योजनाएं ही सफल योजनाएं होती हैं।

...तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है। - याकूब ४:१४

बाइबल पाठ: याकूब ४:१०-१७
Jas 4:10  प्रभु के साम्हने दीन बनो, तो वह तुम्हें शिरोमणि बनाएगा।
Jas 4:11  हे भाइयों, एक दूसरे की बदनामी न करो, जो अपने भाई की बदनामी करता है, या भाई पर दोष लगाता है, वह व्यवस्था की बदनामी करता है, और व्यवस्था पर दोष लगाता है, तो तू व्यवस्था पर चलने वाला नहीं, पर उस पर हाकिम ठहरा।
Jas 4:12  व्यवस्था देने वाला और हाकिम तो एक ही है, जिसे बचाने और नाश करने की सामर्थ है? तू कौन है, जो अपने पड़ोसी पर दोष लगाता है?
Jas 4:13  तुम जो यह कहते हो, कि आज या कल हम किसी और नगर में जाकर वहां एक वर्ष बिताएंगे, और व्यापार करके लाभ उठाएंगे।
Jas 4:14 और यह नहीं जानते कि कल क्‍या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्‍या तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है।
Jas 4:15  इस के विपरीत तुम्हें यह कहना चाहिए, कि यदि प्रभु चाहे तो हम जीवित रहेंगे, और यह या वह काम भी करेंगे।
Jas 4:16 पर अब तुम अपनी ड़ींग पर घमण्‍ड करते हो; ऐसा सब घमण्‍ड बुरा होता है।
Jas 4:17  इसलिये जो कोई भलाई करना जानता है और नहीं करता, उसके लिये यह पाप है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था ११-१२ 
  • मत्ती २६:१-२५