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शनिवार, 1 मार्च 2014

भरोसा


   झूठ पकड़ने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी स्वाभाविक प्रवृति लोगों पर विश्वास करना है। लेकिन हर कोई हर समय भरोसे के योग्य नहीं होता। छल करने अथवा झूठ बोलने वालों के कुछ हाव-भाव होते हैं; वे बेचैन प्रतीत होते हैं, आँख से आँख मिलाकर बात नहीं करते, बातचीत करते समय हिचकिचाते हैं या अटकते हैं। इन सुरागों के बावजूद, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि धोखेबाज़ों को विश्वासयोग्य लोगों से अलग पहचान पाना सरल नहीं है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में एक घटना का उल्लेख है जहाँ ऐसे ही धोखे से कुछ लोगों ने इस्त्राएलियों को ठग लिया। यहोशु के पास, जिसे परमेश्वर ने इस्त्राएल को कनान देश में बसाने और उनके गोत्रों की सीमाएं निर्धारित करने की ज़िम्मेदारी दी थी, कनान देश के कुछ निवासी जो गिब्बोनी कहलाते थे और पास ही के इलाके से थे, इसलिए आए कि वे इस्त्राएलियों के साथ संधि कर लें जिससे इस्त्राएली उन्हें उनके इलाके से ना निकालने पाएं। उन्होंने यहोशु पर यह जताया कि वे बहुत दूर स्थान से आए हैं और प्रमाण के लिए अपने पुराने और फटे वस्त्र, पुरानी जूतियाँ आदि दिखाईं। इस्त्राएलियों को सन्देह तो हुआ, लेकिन उन्होंने परमेश्वर से इस सम्बंध में सलाह नहीं ली, गिब्बोनियों की बातों में आकर उन से ’शांति संधि’ कर ली। कुछ समय पश्चात इस्त्राएलियों को मालुम पड़ा कि वे गिब्बोनी किसी दूरस्त इलाके के नहीं वरन पास ही के इलाके के थे, लेकिन अब संधि हो चुकी थी।

   बहुत से लोग अपने लाभ के लिए हमारा भरोसा जीतना चाहते हैं, जैसे सामान विक्रेता, आर्थिक निवेश सलाहकार, विरक्त हो रखे परिजन आदि। स्वाभाविक है कि तब मन में प्रश्न उठता है, "क्या मैं इन पर भरोसा कर सकता हूँ?" ऐसे में हमें जल्दबाज़ी में, केवल प्रत्यक्ष दिखाई देने वाली बातों ही के आधार पर कोई निर्णय नहीं करना चाहिए। भला होता है परामर्श लेना, और उत्तम परामर्श हमें परमेश्वर के लोगों से (नीतिवचन 11:14); परमेश्वर के वचन बाइबल से - भजनकार ने परमेश्वर के वचन को पथ का दीपक और मार्ग का उजियाला कहा है (भजन 119:105); और स्वयं परमेश्वर से मिलता है, जिसने हमें माँगने पर बिना उलाहना दिए बुद्धि देने का वायदा किया है (याकूब 1:5)।

   यही वह परमर्श है जिसपर हम भरोसा कर सकते हैं, जिसके द्वारा हम सही चुनाव कर सकते हैं, क्योंकि मनुष्य तो झूठ बोल सकता है और धोखा दे सकता है परन्तु परमेश्वर कभी झूठ नहीं बोलता, कभी धोखा नहीं देता। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


भला विवेक पाने की लालसा परमेश्वर से प्रार्थना के लिए बुलाहट है।

...क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा। - 1 इतिहास 28:9

बाइबल पाठ: यहोशु 9:1-16
Joshua 9:1 यह सुनकर हित्ती, एमोरी, कनानी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी, जितने राजा यरदन के इस पार पहाड़ी देश में और नीचे के देश में, और लबानोन के साम्हने के महानगर के तट पर रहते थे, 
Joshua 9:2 वे एक मन हो कर यहोशू और इस्राएलियों से लड़ने को इकट्ठे हुए।
Joshua 9:3 जब गिबोन के निवासियों ने सुना कि यहोशू ने यरीहो और ऐ से क्या क्या किया है, 
Joshua 9:4 तब उन्होंने छल किया, और राजदूतों का भेष बनाकर अपने गदहों पर पुराने बोरे, और पुराने फटे, और जोड़े हुए मदिरा के कुप्पे लादकर 
Joshua 9:5 अपने पांवों में पुरानी गांठी हुई जूतियां, और तन पर पुराने वस्त्र पहिने, और अपने भोजन के लिये सूखी और फफूंदी लगी हुई रोटी ले ली। 
Joshua 9:6 तब वे गिलगाल की छावनी में यहोशू के पास जा कर उस से और इस्राएली पुरूषों से कहने लगे, हम दूर देश सें आए हैं; इसलिये अब तुम हम से वाचा बान्धो। 
Joshua 9:7 इस्राएली पुरूषों ने उन हिव्वियों से कहा, क्या जाने तुम हमारे मध्य में ही रहते हो; फिर हम तुम से वाचा कैसे बान्धे? 
Joshua 9:8 उन्होंने यहोशू से कहा, हम तेरे दास हैं। तब यहोशू ने उन से कहा, तुम कौन हो? और कहां से आए हो? 
Joshua 9:9 उन्होंने उस से कहा, तेरे दास बहुत दूर के देश से तेरे परमेश्वर यहोवा का नाम सुनकर आए हैं; क्योंकि हम ने यह सब सुना है, अर्थात उसकी कीर्ति और जो कुछ उसने मिस्र में किया, 
Joshua 9:10 और जो कुछ उसने एमोरियों के दोनों राजाओं से किया जो यरदन के उस पार रहते थे, अर्थात हेश्बोन के राजा सीहोन से, और बाशान के राजा ओग से जो अश्तारोत में था। 
Joshua 9:11 इसलिये हमारे यहां के वृद्धलोगों ने और हमारे देश के सब निवासियों ने हम से कहा, कि मार्ग के लिये अपने साथ भोजनवस्तु ले कर उन से मिलने को जाओ, और उन से कहना, कि हम तुम्हारे दास हैं; इसलिये अब तुम हम से वाचा बान्धो। 
Joshua 9:12 जिस दिन हम तुम्हारे पास चलने को निकले उस दिन तो हम ने अपने अपने घर से यह रोटी गरम और ताजी ली थी; परन्तु अब देखो, यह सूख गई है और इस में फफूंदी लग गई है। 
Joshua 9:13 फिर ये जो मदिरा के कुप्पे हम ने भर लिये थे, तब तो नये थे, परन्तु देखो अब ये फट गए हैं; और हमारे ये वस्त्र और जूतियां बड़ी लम्बी यात्रा के कारण पुरानी हो गई हैं। 
Joshua 9:14 तब उन पुरूषों ने यहोवा से बिना सलाह लिये उनके भोजन में से कुछ ग्रहण किया। 
Joshua 9:15 तब यहोशू ने उन से मेल कर के उन से यह वाचा बान्धी, कि तुम को जीवित छोड़ेंगे; और मण्डली के प्रधानों ने उन से शपथ खाई। 
Joshua 9:16 और उनके साथ वाचा बान्धने के तीन दिन के बाद उन को यह समाचार मिला; कि वे हमारे पड़ोस के रहने वाले लोग हैं, और हमारे ही मध्य में बसे हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 7-9


शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2014

व्यक्तित्व


   जब डेनवर सेमिनरी के भूतपूर्व अध्यक्ष एवं कुलपति डॉ० वर्नन ग्राउंड्स का 96 वर्ष की आयु में स्वर्गवास हुआ तो उनके पूर्व सहकर्मियों, छात्रों और मित्रों से अनेक श्रद्धांजलि सन्देश और स्मारक आए। लगभग प्रत्येक जन ने स्मरण किया कि कैसे, किसी ना किसी समय, डॉ० वर्नन ग्राउंड्स ने उन्हें व्यक्तिगत रीति से प्रोत्साहित किया था, अपनी शिक्षा, सलाह या केवल एक मधुर आत्मीयता भरी मुस्कान के द्वारा। वो एक ऐसे शिक्षक थे जो ऐसे प्रचारकों, शिक्षकों और सलाहकारों को प्रशिक्षित करने में विश्वास रखते थे जो प्रभु यीशु के साथ एक गहन संबंध बनाए रखने और दूसरों की सेवा करने में तत्पर हों।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन के 15 अध्याय में दी गई कई बातें डॉ० वर्नन ग्राउंड्स पर बिलकुल सही बैठती हैं, जैसे:
   - निर्बुद्धि को मूढ़ता से आनन्द होता है, परन्तु समझ वाला मनुष्य सीधी चाल चलता है। (पद 21)
   - सज्जन उत्तर देने से आनन्दित होता है, और अवसर पर कहा हुआ वचन क्या ही भला होता है! (पद 23)
   - ...शुद्ध जन के वचन मनभावने हैं। (पद 26)
   - धर्मी मन में सोचता है कि क्या उत्तर दूं... (पद 28)
   - यहोवा के भय मानने से शिक्षा प्राप्त होती है, और महिमा से पहिले नम्रता होती है। (पद 33)

   डॉ० वर्नन ग्राउंड्स की नेक सलाह देने की क्षमता उनके नेक चरित्र से और उनकी बुद्धिमता परमेश्वर पर उनके विश्वास और निर्भरता से थी; तथा उनके जीवन का प्रेर्णादायक होना उनके निर्मल हृदय से था। इन सब बातों का कुल मिला कर एक ऐसा नमूना बना जो परमेश्वर के वचन बाइबल में जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के पीछे नम्रता से चलने वाले मनुष्य के अनुरूप है।

   डॉ० वर्नन ग्राउंड्स ने अपनी जीवन यात्रा भली भांति पूरी करी; उनका नेक और अनुकम्पा से भरा जीवन हम सब के लिए एक उदाहरण है और हमें प्रोत्साहित करता है कि हम भी उनके समान अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की महिमा और कार्य के लिए जीने वाले बनें। - डेविड मैक्कैसलैंड


एक अच्छा अगुवा वह है जो सही मार्ग जानता है, उसपर चलता है और दूसरों को उस मार्ग पर चलने का मार्गदर्शन देता है।

प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं। - यशायाह 50:4

बाइबल पाठ: नीतिवचन 15:21-33
Proverbs 15:21 निर्बुद्धि को मूढ़ता से आनन्द होता है, परन्तु समझ वाला मनुष्य सीधी चाल चलता है। 
Proverbs 15:22 बिना सम्मति की कल्पनाएं निष्फल हुआ करती हैं, परन्तु बहुत से मंत्रियों की सम्मत्ति से बात ठहरती है। 
Proverbs 15:23 सज्जन उत्तर देने से आनन्दित होता है, और अवसर पर कहा हुआ वचन क्या ही भला होता है! 
Proverbs 15:24 बुद्धिमान के लिये जीवन का मार्ग ऊपर की ओर जाता है, इस रीति से वह अधोलोक में पड़ने से बच जाता है। 
Proverbs 15:25 यहोवा अहंकारियों के घर को ढा देता है, परन्तु विधवा के सिवाने को अटल रखता है। 
Proverbs 15:26 बुरी कल्पनाएं यहोवा को घिनौनी लगती हैं, परन्तु शुद्ध जन के वचन मनभावने हैं। 
Proverbs 15:27 लालची अपने घराने को दु:ख देता है, परन्तु घूस से घृणा करने वाला जीवित रहता है। 
Proverbs 15:28 धर्मी मन में सोचता है कि क्या उत्तर दूं, परन्तु दुष्टों के मुंह से बुरी बातें उबल आती हैं। 
Proverbs 15:29 यहोवा दुष्टों से दूर रहता है, परन्तु धर्मियों की प्रार्थना सुनता है। 
Proverbs 15:30 आंखों की चमक से मन को आनन्द होता है, और अच्छे समाचार से हड्डियां पुष्ट होती हैं। 
Proverbs 15:31 जो जीवनदायी डांट कान लगा कर सुनता है, वह बुद्धिमानों के संग ठिकाना पाता है। 
Proverbs 15:32 जो शिक्षा को सुनी-अनसुनी करता, वह अपने प्राण को तुच्छ जानता है, परन्तु जो डांट को सुनता, वह बुद्धि प्राप्त करता है। 
Proverbs 15:33 यहोवा के भय मानने से शिक्षा प्राप्त होती है, और महिमा से पहिले नम्रता होती है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 4-6


गुरुवार, 27 फ़रवरी 2014

समान


   कुछ वर्ष पहले बनी बहुचर्चित और बहुत लोकप्रीय रही स्टारवार्स सिनेमा श्रंखला का एक दृश्य मुझे वर्तमान के कुछ लोगों का स्मरण कराता है। उस दृश्य में, श्रंखला का नायक ल्यूक स्काएवॉकर, आकाश मण्डल के किसी दूरस्त ग्रह पर स्थित एक होटल में अपने दो रोबोट साथियों सी3पीओ और आर2डी2 के साथ भोजन के लिए आता है। वहीं अन्य ग्रहों के रहने वाले और देखने में विचित्र और भद्दे लगने वाले कई प्राणी भी बैठे भोजन कर रहे हैं, जिनके मुकाबले वे दोनो रोबोट कहीं अधिक ’सामान्य’ दिखाई देते हैं। लेकिन ल्यूक को वहाँ उन दोनो रोबोट की ओर इशारे के साथ एक रूखी झिड़की देते हुए यह कहते हुए भोजन देने से मना कर दिया जाता है कि "हम इन जैसों को नहीं परोसते हैं"।

   यह विचित्र दृश्य यहाँ पृथ्वी पर व्याप्त उस दुराचार को स्मरण कराता है जिसका हम अकसर सामना करते हैं। हम सामान्यतः उन लोगों के साथ ही अच्छा अनुभव करते हैं जो हमारे ही समान हैं। लेकिन हमें, विशेषकर मसीही विश्वासियों को, इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि यदि प्रभु यीशु ने भी यही सोचा होता तो आज हम कहाँ होते; संसार को पापों से मुक्ति और उद्धार का मार्ग कैसे मिलता? प्रभु यीशु तो सर्वसिद्ध है, दिव्य है, परमेश्वर है; हम मनुष्य तो उससे बिलकुल भिन्न हैं, अपने प्रयासों से उसके समान कभी हो पाने की क्षमता ही नहीं रखते। लेकिन फिर भी प्रभु यीशु इस संसार में हमारे उद्धार और पापों की क्षमा के लिए आया, हमारे ही समान एक मनुष्य हो कर जीवन व्यतीत किया और आज अपने अनुयायियों को अपनी ही समानता में बना रहा है।

   हम जो प्रभु यीशु के अनुयायी हैं, हमारे शब्दकोष में ’वे मेरे समान नहीं हैं’ वाक्यांश होना ही नहीं चाहिए। जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा, "अब न कोई यहूदी रहा और न यूनानी; न कोई दास, न स्‍वतंत्र; न कोई नर, न नारी; क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो" (गलतियों 3:28)। इसलिए चाहे अन्य लोग आचरण, दृष्टिकोण, जाति, श्रेणी, राजनैतिक विचारधारा, सामाजिक स्तर आदि में हम से भिन्न भी हों, तो भी हम मसीही विश्वासियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि मसीह यीशु में हम एक ही हैं, परमेश्वर हम सबको एक समान और एक ही दृष्टि से देखता है।

   हम मसीही विश्वासियों को आज अपना ध्येय बना कर रखना चाहिए कि आज हम अपने से ’भिन्न’ किसी व्यक्ति को मसीह यीशु में मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के बारे में बता कर उसे अपने ही ’समान’ मसीह का अनुयायी बनाएंगे। - जो स्टोवैल


अपने पड़ौसी से प्रेम करें - चाहे वो आपसे ’भिन्न’ ही क्यों ना हो।

उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है। - कुलुस्सियों 3:11

बाइबल पाठ: गलतियों 3:19-29
Galatians 3:19 तब फिर व्यवस्था क्यों दी गई? वह तो अपराधों के कारण बाद में दी गई, कि उस वंश के आने तक रहे, जिस को प्रतिज्ञा दी गई थी, और वह स्‍वर्गदूतों के द्वारा एक मध्यस्थ के हाथ ठहराई गई। 
Galatians 3:20 मध्यस्थ तो एक का नहीं होता, परन्तु परमेश्वर एक ही है। 
Galatians 3:21 तो क्या व्यवस्था परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के विरोध में है? कदापि न हो क्योंकि यदि ऐसी व्यवस्था दी जाती जो जीवन दे सकती, तो सचमुच धामिर्कता व्यवस्था से होती। 
Galatians 3:22 परन्तु पवित्र शास्त्र ने सब को पाप के आधीन कर दिया, ताकि वह प्रतिज्ञा जिस का आधार यीशु मसीह पर विश्वास करना है, विश्वास करने वालों के लिये पूरी हो जाए।
Galatians 3:23 पर विश्वास के आने से पहिले व्यवस्था की आधीनता में हमारी रखवाली होती थी, और उस विश्वास के आने तक जो प्रगट होने वाला था, हम उसी के बन्‍धन में रहे। 
Galatians 3:24 इसलिये व्यवस्था मसीह तक पहुंचाने को हमारा शिक्षक हुई है, कि हम विश्वास से धर्मी ठहरें। 
Galatians 3:25 परन्तु जब विश्वास आ चुका, तो हम अब शिक्षक के आधीन न रहे। 
Galatians 3:26 क्योंकि तुम सब उस विश्वास करने के द्वारा जो मसीह यीशु पर है, परमेश्वर की सन्तान हो। 
Galatians 3:27 और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहिन लिया है। 
Galatians 3:28 अब न कोई यहूदी रहा और न यूनानी; न कोई दास, न स्‍वतंत्र; न कोई नर, न नारी; क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो। 
Galatians 3:29 और यदि तुम मसीह के हो, तो इब्राहीम के वंश और प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस भी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 1-3


बुधवार, 26 फ़रवरी 2014

अधिवक्ता


   स्टीफन विन्सेंट बेनेट द्वारा लिखित एक लघु कथा, The Devil and Daniel Webster, में जाबेज़ स्टोन नाम का एक किसान इतनी दयनीय दशा में आ जाता है कि अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वह अपनी आत्मा शैतान के हाथों में बेच देता है। अन्ततः शैतान जाबेज़ से ऋण वसूलने के लिए आता है। अपने आप को बचाने के लिए जाबेज़ एक सुप्रसिद्ध अधिवक्ता, डैनियल वेब्स्टर की सहायाता लेता है। वह अधिवक्ता अपने कुशल तर्क-वितर्क से जाबेज़ के खिलाफ शैतान के दावे को निराधार प्रमाणित कर देता है और जाबेज़ विनाश से बच जाता है।

   यह तो केवल एक कहानी मात्र ही है, लेकिन परमेश्वर के वचन बाइबल में एक ऐसा दर्शन दर्ज है जहाँ शैतान एक विश्वासी जन पर परमेश्वर के सामने दोष लगाता है। यहोशु, जो एक महापुरोहित है, परमेश्वर के सामने खड़ा है, उसके वस्त्र मैले हैं - जो उसके व्यक्तिगत पाप तथा दोष की दशा को दिखाता है; निकट ही शैतान खड़ा हुआ उस पर दोष लगा रहा है। परन्तु परमेश्वर का दूत शैतान को डाँटता है और यहोशु से कहता है, "तब दूत ने उन से जो साम्हने खड़े थे कहा, इसके ये मैले वस्त्र उतारो। फिर उसने उस से कहा, देख, मैं ने तेरा अधर्म दूर किया है, और मैं तुझे सुन्दर वस्त्र पहिना देता हूं" (ज़कर्याह 3:4)।

   केवल परमेश्वर ही है जो एक पापी को भी अपने समक्ष ग्रहणयोग्य बना सकता है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वासन देती है कि "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है" (1यूहन्ना 1:9)।

   क्या आप अपने आप को अपनी पापमय दशा के कारण परमेश्वर की उपस्थिति में आने के अयोग्य पाते हैं? स्मरण करें कि प्रभु यीशु ने संसार के सभी लोगों के सभी पापों के दण्ड को अपने ऊपर ले कर सब को पापों से क्षमा प्राप्त करने का मार्ग बना कर दे दिया है। सच्चे मन से निकली एक विश्वास और पश्चाताप की प्रार्थना आपके सभी पापों को क्षमा कर देगी, आपको अनन्त जीवन और आशीषों का वारिस और परमेश्वर की सन्तान बना देगी, परमेश्वर के सामने कभी भी किसी भी बात के लिए प्रस्तुत होने का मार्ग आपके लिए खोल देगी। यदि आप पाप में भी गिरें तो प्रभु यीशु आपका अधिवक्ता बनकर आपकी सहायता करेगा (1 यूहन्ना 2:1) और शैतान के किसी दोषारोपण को आपके विरुद्ध सफल नहीं होने देगा।

   यदि अभी तक आपने प्रभु यीशु को अपने उद्धारकर्ता के रूप में ग्रहण नहीं किया है तो यही समय है, अभी, इसी समय कर लें और वह आपका सदा का अधिवक्ता बनकर आपको नाश से बचाए रखेगा। - डेनिस फिशर


धर्मी ठहराए जाने का अर्थ है कि परमेश्वर ने अपने महान अनुग्रह में होकर हमारे पाप के दोष मिटा कर प्रभु यीशु की धार्मिकता हमें सेंत-मेंत भेंट में दे दी है।

हे मेरे बालकों, मैं ये बातें तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि तुम पाप न करो; और यदि कोई पाप करे, तो पिता के पास हमारा एक सहायक है, अर्थात धार्मिक यीशु मसीह। - 1 यूहन्ना 2:1

बाइबल पाठ: ज़कर्याह 3:1-5
Zechariah 3:1 फिर उसने यहोशू महायाजक को यहोवा के दूत के साम्हने खड़ा हुआ मुझे दिखाया, और शैतान उसकी दाहिनी ओर उसका विरोध करने को खड़ा था। 
Zechariah 3:2 तब यहोवा ने शैतान से कहा, हे शैतान यहोवा तुझ को घुड़के! यहोवा जो यरूशलेम को अपना लेता है, वही तुझे घुड़के! क्या यह आग से निकाली हुई लुकटी सी नहीं है? 
Zechariah 3:3 उस समय यहोशू तो दूत के साम्हने मैला वस्त्र पहिने हुए खड़ा था। 
Zechariah 3:4 तब दूत ने उन से जो साम्हने खड़े थे कहा, इसके ये मैले वस्त्र उतारो। फिर उसने उस से कहा, देख, मैं ने तेरा अधर्म दूर किया है, और मैं तुझे सुन्दर वस्त्र पहिना देता हूं। 
Zechariah 3:5 तब मैं ने कहा, इसके सिर पर एक शुद्ध पगड़ी रखी जाए। और उन्होंने उसके सिर पर याजक के योग्य शुद्ध पगड़ी रखी, और उसको वस्त्र पहिनाए; उस समय यहोवा का दूत पास खड़ा रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 32-34


मंगलवार, 25 फ़रवरी 2014

राय


   प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने से कुछ पहले, मरियम नाम की एक स्त्री ने प्रभु के पैरों पर बहुत बहुमूल्य इत्र उँडेला, और फिर, एक और भी अनेपक्षित कार्य कर डाला, अपने बाल खोल कर वो प्रभु के पाँव पोंछने लगी (यूहन्ना 12:3)। ना केवल मरियम ने संभवतः अपनी जीवन भर की कमाई प्रभु के पाँव पर उँडेल दी, वरन उसने अपना सम्मान भी दाँव पर लगा दिया। जहाँ यह घटना घटी, अर्थात संसार के मध्य-पूर्व इलाके में, वहाँ उन दिनों की संसकृति और व्यवहार के अनुसार संभ्रांत महिलाएं सार्वजनिक स्थानों में अपने बाल कभी खुले नहीं रखती थीं। लेकिन सच्ची आराधना कभी इस बात से सीमित नहीं होती कि लोग हमारे बारे में क्या राय रखते हैं। प्रभु यीशु की आराधना के लिए मरियम को उसके प्रति बनने वाली लोगों की राय की कोई चिंता नहीं थी; प्रभु के लिए वो निर्लज्ज या दुराचारी तक समझी जानें के लिए तैयार थी।

   अनेक बार हम अपने आप को सिद्ध और दोषरहित दिखाने के दबाव में रहते हैं, विशेषकर जब हम चर्च जाते हैं। हम चाहते हैं और प्रयास करते हैं कि लोग हमारे बारे में भले विचार रखें, हम किसी रीति से अनैतिक नज़र ना आएं। लेकिन एक अच्छा और सही चर्च, अर्थात प्रभु यीशु मसीह के विश्वासियों की मण्डली, वही है जहाँ हम अपने स्वाभाविक रूप में आ सकते हैं, जहाँ हमें सिद्धता के मुखौटे की पीछे अपनी कमियाँ और दोष छुपाने की आवश्यकता नहीं है। मसीही मण्डली ऐसा स्थान होना चाहिए जहाँ हम अपनी कमज़ोरियों को प्रकट कर के सामर्थ पा सकें ना कि ऐसा स्थान जहाँ हमें अपनी दुर्बलताओं को छिपाने और बलवन्त होने का नाटक करना पड़े।

   परमेश्वर तो हमें अन्दर-बाहर हर रीति से भली भांति जानता है, हम उससे कुछ छिपा नहीं सकते, मुखौटे लगा कर उसे बहका नहीं सकते। इसलिए आराधना का यह उद्देश्य नहीं है कि हम अपने आप को ऐसा दिखाएं कि कहीं कुछ गड़बड़ नहीं है, सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है। वरन आराधना का उद्देश्य है अपने आप को ठीक-ठाक कर लेना - परमेश्वर के साथ भी और एक दूसरे के साथ भी। यदि प्रभु यीशु की मण्डली में हमारा सबसे बड़ा भय हमारी सही दशा के प्रकट हो जाने का है, जिसके लिए हमें फिर मुखौटे लगाने पड़ें, तो हमारा सबसे बड़ा पाप अपनी दशा को छुपा कर उस मुखौटे को लगाना ही है, क्योंकि यह परमेश्वर और मनुष्यों, दोनो को ही धोखा देने का प्रयास है।

   मनुष्यों की राय से नहीं डरें वरन इस बात का ध्यान करें कि परमेश्वर कि राय आपके बारे में क्या है। मनुष्यों की राय तो परिस्थितियों और आवश्यकता के अनुसार बदलती रहती है, परन्तु परमेश्वर की राय उसके स्थिर मापदण्डों के अनुसार होती है। परमेश्वर के समक्ष अपने आप को खोल दें, अपनी भावनाओं को प्रकट होने दें और अपने किसी भी अनुचित आचरण के लिए निसंकोच पश्चातापी होकर उससे क्षमा माँग लें, और आप पाएंगे कि परमेश्वर आप के बारे में लोगों की राय भली बना देगा। - जूली ऐकैरमैन लिंक


हमारी आराधना तब ही ग्रहण योग्य होगी जब हम परमेश्वर और मनुष्यों दोनो ही के साथ सही दशा में होंगे।

तब मरियम ने जटामासी का आध सेर बहुमूल्य इत्र ले कर यीशु के पावों पर डाला, और अपने बालों से उसके पांव पोंछे, और इत्र की सुगंध से घर सुगन्‍धित हो गया। - यूहन्ना 12:3

बाइबल पाठ: यूहन्ना 12:1-8
John 12:1 फिर यीशु फसह से छ: दिन पहिले बैतनिय्याह में आया, जहां लाजर था: जिसे यीशु ने मरे हुओं में से जिलाया था। 
John 12:2 वहां उन्होंने उसके लिये भोजन तैयार किया, और मारथा सेवा कर रही थी, और लाजर उन में से एक था, जो उसके साथ भोजन करने के लिये बैठे थे। 
John 12:3 तब मरियम ने जटामासी का आध सेर बहुमूल्य इत्र ले कर यीशु के पावों पर डाला, और अपने बालों से उसके पांव पोंछे, और इत्र की सुगंध से घर सुगन्‍धित हो गया। 
John 12:4 परन्तु उसके चेलों में से यहूदा इस्करियोती नाम एक चेला जो उसे पकड़वाने पर था, कहने लगा। 
John 12:5 यह इत्र तीन सौ दीनार में बेचकर कंगालों को क्यों न दिया गया? 
John 12:6 उसने यह बात इसलिये न कही, कि उसे कंगालों की चिन्‍ता थी, परन्तु इसलिये कि वह चोर था और उसके पास उन की थैली रहती थी, और उस में जो कुछ डाला जाता था, वह निकाल लेता था। 
John 12:7 यीशु ने कहा, उसे मेरे गाड़े जाने के दिन के लिये रहने दे। 
John 12:8 क्योंकि कंगाल तो तुम्हारे साथ सदा रहते हैं, परन्तु मैं तुम्हारे साथ सदा न रहूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 29-31


सोमवार, 24 फ़रवरी 2014

ताज़ा एवं फलता-फूलता


   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 92 का लेखक प्रशंसा की सिफारिश के साथ भजन का आरंभ करता है: "यहोवा का धन्यवाद करना भला है, हे परमप्रधान, तेरे नाम का भजन गाना" (भजन 92:1)। किसके लिए भला है? मेरे और आपके लिए भला है। जब हम चिंताजनक विचारों से मन को हटा कर परमेश्वर के प्रति प्रार्थनमय आराधना और प्रशंसा से उसे भर लेते हैं तो यह हमारे मन और आत्मा के लिए बहुत लाभदायक हो जाता है। अपने जीवन की प्रत्येक भोर का स्वागत, परमेश्वर के प्रति धन्यवाद के गीतों से करना हमें आनन्द से भर देता है, जो कार्य परमेश्वर हमारे जीवनों में कर रहा है, उसके प्रति हमारे ध्यान को ले जाता है, और हमें उदासी के अंधेरों से बाहर निकालकर हमारे मन को परमेश्वर की भलाई के कार्यों के उजालों से भर देता है।

   परमेश्वर के वचन का मेरा एक पसन्दीदा भाग है: "धर्मी लोग खजूर की नाईं फूले फलेंगे, और लबानोन के देवदार की नाईं बढ़ते रहेंगे। वे यहोवा के भवन में रोपे जा कर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे। वे पुराने होने पर भी फलते रहेंगे, और रस भरे और लहलहाते रहेंगे" (भजन 92:12-14)।

   खजूर के वृक्ष सूखे प्रदेशों में भी हरे-भरे, ऊँचे, स्थिर और फलवन्त होने का प्रतीक हैं और देवदार के वृक्ष ना झुकने वाली सामर्थ का। जो जन परमेश्वर के घर में रोपे गए हैं वे भी ऐसे ही होते हैं, क्योंकि उन की जड़ें परमेश्वर के वचन की अडिग और अकाट्य सच्चाईयों में गहरी जमीं होती हैं और उनके तने और शाखाएं परमेश्वर के प्रेम से सींची जाकर लहलहाती रहती हैं।

   क्या आपको कभी ऐसा प्रतीत होता है कि आप परमेश्वर के लिए उपयोगी नहीं रहे? परमेश्वर के वचन में अपनी जड़ बनाए रखें, मसीह यीशु में स्थिर बने रहें, उसके प्रेम और अनुग्रह से सींचे जाते रहें; फिर आपकी शारीरिक आयु कुछ भी क्यों ना हो, परमेश्वर के लिए आप सदा ही ताज़ा एवं फलता-फूलता जीवन व्यतीत करते रहेंगे।


जब आप परमेश्वर के अनुग्रह और उससे मिली आशीषों पर ध्यान करना आरंभ करते हैं तो परमेश्वर की आराधना स्वाभाविक रीति से मन से निकलने लगती है।

तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा; - यशायाह 46:4

बाइबल पाठ: भजन 92:1-15
Psalms 92:1 यहोवा का धन्यवाद करना भला है, हे परमप्रधान, तेरे नाम का भजन गाना; 
Psalms 92:2 प्रात:काल को तेरी करूणा, और प्रति रात तेरी सच्चाई का प्रचार करना, 
Psalms 92:3 दस तार वाले बाजे और सारंगी पर, और वीणा पर गम्भीर स्वर से गाना भला है। 
Psalms 92:4 क्योंकि, हे यहोवा, तू ने मुझ को अपने काम से आनन्दित किया है; और मैं तेरे हाथों के कामों के कारण जयजयकार करूंगा।
Psalms 92:5 हे यहोवा, तेरे काम क्या ही बड़े हैं! तेरी कल्पनाएं बहुत गम्भीर हैं! 
Psalms 92:6 पशु समान मनुष्य इस को नहीं समझता, और मूर्ख इसका विचार नहीं करता: 
Psalms 92:7 कि दुष्ट जो घास की नाईं फूलते-फलते हैं, और सब अनर्थकारी जो प्रफुल्लित होते हैं, यह इसलिये होता है, कि वे सर्वदा के लिये नाश हो जाएं, 
Psalms 92:8 परन्तु हे यहोवा, तू सदा विराजमान रहेगा। 
Psalms 92:9 क्योंकि हे यहोवा, तेरे शत्रु, हां तेरे शत्रु नाश होंगे; सब अनर्थकारी तितर बितर होंगे।
Psalms 92:10 परन्तु मेरा सींग तू ने जंगली सांढ़ का सा ऊंचा किया है; मैं टटके तेल से चुपड़ा गया हूं। 
Psalms 92:11 और मैं अपने द्रोहियों पर दृष्टि कर के, और उन कुकर्मियों का हाल मेरे विरुद्ध उठे थे, सुनकर सन्तुष्ट हुआ हूं।
Psalms 92:12 धर्मी लोग खजूर की नाईं फूले फलेंगे, और लबानोन के देवदार की नाईं बढ़ते रहेंगे। 
Psalms 92:13 वे यहोवा के भवन में रोपे जा कर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे। 
Psalms 92:14 वे पुराने होने पर भी फलते रहेंगे, और रस भरे और लहलहाते रहेंगे, 
Psalms 92:15 जिस से यह प्रगट हो, कि यहोवा सीधा है; वह मेरी चट्टान है, और उस में कुटिलता कुछ भी नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 26-28


रविवार, 23 फ़रवरी 2014

संसाधन


   दूसरे विश्वयुद्ध के समय यूरोप पर हावी नाट्ज़ी जर्मनी के आताताईयों के ज़ुल्म का प्रतिरोध करने की अन्तिम सीमा ब्रिटेन ही रह गया था, और जर्मनी से हो रहे अनवरत आक्रमण के आगे यह प्रतिरोध टूटने की कगार पर पहुँचने लगा था, क्योंकि ब्रिटेन के पास वो संसाधन नहीं थे जिनकी सहायता से युद्ध जीता जा सके। इस कारण ब्रिटेन के प्रधान मंत्री विन्सटन चर्चिल ने बी. बी. सी. रेडियों के प्रसारण के माध्यम से संसार से गुहार करी, "हमें संसाधन दो और हम इस कार्य को पूरा कर दिखाएंगे।" वे जानते थे कि बिना बाहरी सहायता मिले ब्रिटेन नाट्ज़ी जर्मनी से हो रहे अविरल प्रहार का सामना अधिक देर तक नहीं करने पाएगा।

   जीवन ऐसा ही है। अनेक बार जीवन में हम पर जो परेशानियाँ आती हैं हम उनका सामना अकेले कर पाने में असमर्थ होते हैं, हमें बाहरी सहायता की आवश्यकता होती है। मसीही विश्वासियों का मसीह यीशु की देह अर्थात उसकी मण्डली के अंग होने के कारण उन्हें यह सहायता मसीही मण्डली से मिल सकती है (रोमियों 12:10-13), और यह एक बहुत अच्छी बात भी है। किंतु अन्ततः हमारी सहायता परमेश्वर से ही आती है, और हमें उसी के सामने अपनी प्रार्थना, विन्तियाँ रखनी चाहिएं। अच्छी और भली खबर यह है कि परमेश्वर ने हमें यह खुला निमंत्रण दे रखा है कि हम निश्चिंत होकर उसके सामने अपनी प्रार्थना लेकर कभी जा सकते हैं: "इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे" (इब्रानियों 4:16)।

   हम मसीही विश्वासियों को यह आदर है कि जब भी हम किसी भी परेशानी में हों, हम बिना हिचकिचाए अपने स्वर्गीय पिता परमेश्वर के पास अपनी प्रार्थना लेकर आ सकते हैं। हर परिस्थिति में हमारी सहायता का हमारा सबसे बड़ा संसाधन प्रार्थना ही है, क्योंकि प्रार्थना हमें सीधे परमेश्वर की उपस्थिति में ले आती है, और वहाँ परमेश्वर की अनुकंपा और अनुग्रह में हमें वह प्राप्त होता है जिसकी हमें आवश्यकता है। - बिल क्राउडर


आवश्यकता के समय में प्रार्थना को अपना अन्तिम नहीं, वरन अपना प्रथम उपाय बनाएं।

क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है। इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्र लोगों के संगी स्‍वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए। - इफिसियों 2:18-19

बाइबल पाठ: इब्रानियों 4:9-16
Hebrews 4:9 सो जान लो कि परमेश्वर के लोगों के लिये सब्त का विश्राम बाकी है। 
Hebrews 4:10 क्योंकि जिसने उसके विश्राम में प्रवेश किया है, उसने भी परमेश्वर की नाईं अपने कामों को पूरा कर के विश्राम किया है। 
Hebrews 4:11 सो हम उस विश्राम में प्रवेश करने का प्रयत्न करें, ऐसा न हो, कि कोई जन उन की नाईं आज्ञा न मान कर गिर पड़े। 
Hebrews 4:12 क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग कर के, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है। 
Hebrews 4:13 और सृष्‍टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है वरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरदा हैं।
Hebrews 4:14 सो जब हमारा ऐसा बड़ा महायाजक है, जो स्‍वर्गों से हो कर गया है, अर्थात परमेश्वर का पुत्र यीशु; तो आओ, हम अपने अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहे। 
Hebrews 4:15 क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारी नाईं परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला। 
Hebrews 4:16 इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 23-25