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शुक्रवार, 25 जुलाई 2014

कारण


   जो मौरिस आईसक्रीम बनाता है और अपनी बनाई आईसक्रीम में अनेक प्रकार के स्वाद देता है। जो मौरिस एक प्रसिद्ध आईसक्रीम बनाने वाली कंपनी के लिए कार्य करता है जिसके रचनात्मक उत्पाद अपनी गुणवन्ता एवं नवीनता के लिए जाने जाते हैं। जो मौरिस भी अपनी आईसक्रीम बनाने की उत्तमता के लिए जाना जाता है लेकिन वह यह कभी नहीं भूलता कि वह किस कारण से यह कार्य कर रहा है। उसने एक साक्षात्कार में रिपोर्टर रिकार्डो गन्दारा को बताया कि उस कंपनी का एक पुराना कर्मचारी उसे स्मरण दिलाता रहता है, "हम आईसक्रीम क्यों बनाते हैं? क्योंकि यह लोगों को प्रसन्न करने वाला भोजन पदार्थ है। हमारा उद्देश्य है लोगों को खुश रखना।" और इसी कारण जो मौरिस लगन के साथ उत्त्म गुणवन्ता की आईसक्रीम बनाता रहता है।

   मसीही विश्वासी होने के कारण हमारे लिए यह अति अनिवार्य है कि हम अपनी सेवकाई के प्रत्येक कार्य के कारण को स्मरण रखें। यदि हम वह कारण भूल जाएंगे तो हम उन चेलों के समान हो जाएंगे जो इस बात को लेकर आपस में विवाद करने लगे कि उन में से कौन सबसे महत्वपूरण और बड़ा है और इस बात पर उनमें फूट आनी आरंभ हो गई। समस्या के निवारण के लिए मित्रप्रभु यीशु ने उन्हें अपने संसार में आने और कार्य करने के कारण को स्मरण दिलाया: "क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे" (मरकुस 10:45)।

   प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने का तात्पर्य है उसका अनुसरण करना और उसके कार्य को उसी की रीति पर आगे बढ़ाना। हम मसीही विश्वासियों को प्रभु यीशु मसीह में सारे संसार के सभी लोगों के लिए उपलब्ध पापों की क्षमा तथा उद्धार एवं परमेश्वर के प्रेम के सुसमाचार को फैलाने की सेवकाई सौंपी गई है। जैसे प्रभु यीशु ने इस सेवकाई को अपने पृथ्वी के जीवन काल में संपन्न किया वैसे ही हमें भी उसी प्रेम और सहिषुण्ता के साथ इस सेवाकाई को पूरा करना है। हमें यह कभी नहीं भूलना है कि प्रभु यीशु सेवा करने तथा उद्धार देने के लिए आया था ना कि हमें संसार में प्रतिष्ठित, संपन्न अथवा महान बनाने।

   नम्रता, दीनता, प्रेम, सहिषुणता के साथ सारे संसार में प्रभु यीशु में उपलब्ध पापों की क्षमा और उद्धार का सुसमाचार प्रसार ही हमारे प्रभु यीशु की सेवकाई स्वीकार करने का कारण है। - डेविड मैक्कैसलैंड


अपनी नज़रें प्रभु यीशु पर बनाए रखिए और आप कभी अपने जीवन के उद्देश्य से भटकने नहीं पाएंगे।

क्योंकि मैं ने तुम्हें नमूना दिखा दिया है, कि जैसा मैं ने तुम्हारे साथ किया है, तुम भी वैसा ही किया करो। - यूहन्ना 13:15

बाइबल पाठ: मरकुस 10:35-45
Mark 10:35 तब जब्‍दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना ने उसके पास आकर कहा, हे गुरू, हम चाहते हैं, कि जो कुछ हम तुझ से मांगे, वही तू हमारे लिये करे। 
Mark 10:36 उसने उन से कहा, तुम क्या चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिये करूं? 
Mark 10:37 उन्होंने उस से कहा, कि हमें यह दे, कि तेरी महिमा में हम में से एक तेरे दाहिने और दूसरा तेरे बांए बैठे। 
Mark 10:38 यीशु ने उन से कहा, तुम नहीं जानते, कि क्या मांगते हो? जो कटोरा मैं पीने पर हूं, क्या पी सकते हो? और जो बपतिस्मा मैं लेने पर हूं, क्या ले सकते हो? 
Mark 10:39 उन्होंने उस से कहा, हम से हो सकता है: यीशु ने उन से कहा: जो कटोरा मैं पीने पर हूं, तुम पीओगे; और जो बपतिस्मा मैं लेने पर हूं, उसे लोगे। 
Mark 10:40 पर जिन के लिये तैयार किया गया है, उन्हें छोड़ और किसी को अपने दाहिने और अपने बाएं बिठाना मेरा काम नहीं। 
Mark 10:41 यह सुन कर दसों याकूब और यूहन्ना पर रिसयाने लगे। 
Mark 10:42 और यीशु ने उन को पास बुला कर उन से कहा, तुम जानते हो, कि जो अन्यजातियों के हाकिम समझे जाते हैं, वे उन पर प्रभुता करते हैं; और उन में जो बड़ें हैं, उन पर अधिकार जताते हैं। 
Mark 10:43 पर तुम में ऐसा नहीं है, वरन जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने। 
Mark 10:44 और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने। 
Mark 10:45 क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 1-4


गुरुवार, 24 जुलाई 2014

अनुभव एवं सदबुद्धि


   अनेक वृद्धों के साथ साक्षात्कार करने के पश्चात लेखक डॉन गोल्ड ने अपनी पुस्तक Until the Singing Stops: A Celebration of Life and Old Age in America प्रकाशित करी। डॉन गोल्ड अपनी दादी से बहुत प्रेम करते थे, उन्हें बहुत सराहते थे। उनकी दादी की यादों ने ही उन्हें प्रेरित किया कि वे अन्य वृद्धों के साथ मिलें, उनसे बातचीत करें और उनके अनुभवों से कुछ शिक्षा लें।

   वे अपने एक अनुभव का बयान करते हैं, एक साक्षात्कार लेने जाते समय वे एक धूल भरे ग्रामीण मार्ग से जाते हुए रास्ता भटक गए। सही रास्ता जानने के लिए वे एक फार्म पर रुके, और एक नवयुवक उनसे बात करने बाहर निकल कर आया। उस लड़के ने उनकी बात सुनी फिर अपने कंधे झटक कर उत्तर दिया, "पता नहीं" और चला गया। इसलिए उन्हें कुछ और रास्ता ऐसे ही तय करना पड़ा। कूछ मील चलने के पश्चात वे फिर से एक अन्य फार्म पर रास्ता फूछने के लिए रुके, और एक वृद्ध किसान उनसे बात करने बाहर निकल कर आया। उनकी बात सुनने के बाद, उस वृद्ध ने बड़े आदर के साथ उन्हें बिलकुल सही और सटीक मार्ग निर्देश दिए और वे अपने गन्तव्य पर पहुँच सके।

   डॉन गोल्ड ने विचारपूर्ण भाव में लिखा, जब मेरी दादी की यादों ने मुझे उनके समान वृद्ध लोगों से बातचीत करने के लिए प्रेरित किया और बाहर लोगों में भेजा, तब संभवतः अनुभव ही वह बात थी जिस की तलाश में मैं निकला था। वे किसी ऐसे को ढूँढ़ रहे थे जो उन्हें जीवन मार्ग पर सही दिशा निर्देश दे सके।

   यदि आप जवान हैं तो किसी ऐसे अनुभवी वृद्ध को खोजें जो परमेश्वर के प्रेम, भलाई और अनुग्रह के सागर से जीवन भर भरपूरी से पीता रहा है। ऐसे लोगों के पास आपको ऐसी सदबुद्धि मिलेगी जो आपको अपने विश्वास में बढ़ने और फलवंत होने में कार्यकारी होगी (भजन 92:12-14)। - डेविड रोपर


मसीह यीशु के साथ संगति ही उसके लिए फलवन्त होने की कुंजी है।

धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा। - यर्मियाह 17:7-8

बाइबल पाठ: भजन 92:1-15
Psalms 92:1 यहोवा का धन्यवाद करना भला है, हे परमप्रधान, तेरे नाम का भजन गाना; 
Psalms 92:2 प्रात:काल को तेरी करूणा, और प्रति रात तेरी सच्चाई का प्रचार करना, 
Psalms 92:3 दस तार वाले बाजे और सारंगी पर, और वीणा पर गम्भीर स्वर से गाना भला है। 
Psalms 92:4 क्योंकि, हे यहोवा, तू ने मुझ को अपने काम से आनन्दित किया है; और मैं तेरे हाथों के कामों के कारण जयजयकार करूंगा।
Psalms 92:5 हे यहोवा, तेरे काम क्या ही बड़े हैं! तेरी कल्पनाएं बहुत गम्भीर हैं! 
Psalms 92:6 पशु समान मनुष्य इस को नहीं समझता, और मूर्ख इसका विचार नहीं करता: 
Psalms 92:7 कि दुष्ट जो घास की नाईं फूलते- फलते हैं, और सब अनर्थकारी जो प्रफुल्लित होते हैं, यह इसलिये होता है, कि वे सर्वदा के लिये नाश हो जाएं, 
Psalms 92:8 परन्तु हे यहोवा, तू सदा विराजमान रहेगा। 
Psalms 92:9 क्योंकि हे यहोवा, तेरे शत्रु, हां तेरे शत्रु नाश होंगे; सब अनर्थकारी तितर बितर होंगे।
Psalms 92:10 परन्तु मेरा सींग तू ने जंगली सांढ़ का सा ऊंचा किया है; मैं टटके तेल से चुपड़ा गया हूं। 
Psalms 92:11 और मैं अपने द्रोहियों पर दृष्टि कर के, और उन कुकर्मियों का हाल मेरे विरुद्ध उठे थे, सुनकर सन्तुष्ट हुआ हूं।
Psalms 92:12 धर्मी लोग खजूर की नाईं फूले फलेंगे, और लबानोन के देवदार की नाईं बढ़ते रहेंगे। 
Psalms 92:13 वे यहोवा के भवन में रोपे जा कर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे। 
Psalms 92:14 वे पुराने होने पर भी फलते रहेंगे, और रस भरे और लहलहाते रहेंगे, 
Psalms 92:15 जिस से यह प्रगट हो, कि यहोवा सीधा है; वह मेरी चट्टान है, और उस में कुटिलता कुछ भी नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 10-12


बुधवार, 23 जुलाई 2014

परेशानी और शांति


   यदि आपने मर्फी के नियम के बारे में सुना नहीं भी हो, तो भी उसे अनुभव अवश्य किया होगा। मर्फी का नियम कहता है, "यदि कोई भी बात बिगड़ सकती है, तो वह बिगड़ेगी अवश्य"; अर्थात अगर कुछ गलत हो सकने की संभावना है तो देर-सवेर वह होकर रहेगा।

   मर्फी का यह नियम मुझे प्रभु यीशु द्वारा अपने चेलों से कहे गए एक सिद्धांत की याद दिलाता है: "...संसार में तुम्हें क्लेष होता है..." (यूहन्ना 16:33)। अर्थात, हम मसीही विश्वासी इस बात के लिए निश्चित रह सकते हैं कि देर-सवेर हमें संसार से परेशानियों का सामना करना ही पड़ेगा। यह संभावना परमेश्वर की आरंभिक योजना के अनुसार नहीं है, लेकिन जब से मानव जाति शैतान के प्रलोभन में फंस कर पाप में पड़ गई, तभी से सृष्टि की सभी बातें पाप के दुषप्रभावों की आधीनता में आ गईं, और परिणामस्वरूप तब से सृष्टि की सभी बातों में गड़बड़ एवं दुष्क्रीया दिखाई देती है।

   जीवन में परेशानी होने की वास्तविकता तो सर्वविदित है किंतु शांति होने की वस्तविकता अकसर नज़र नहीं आती। यह एक रोचक बात है कि जब प्रभु यीशु ने अपने चेलों को परेशानियों के बारे में चिताया, उसके साथ ही, उसी वाक्य में उन्हें अपनी शांति के बारे में आश्वस्त भी किया: "...ढाढ़स बांधो, मैंने संसार को जीत लिया है" (यूहन्ना 16:33)। "जीत लिया" से प्रभु यीशु का तात्पर्य था मैंने ऐसा कर के दे दिया है जिसका प्रभाव आते समयों में भी मिलता रहेगा। क्रूस पर अपने बलिदान और फिर तीसरे दिन अपने पुनरुत्थान के द्वारा ना केवल प्रभु यीशु ने तब संसार के पाप पर विजय प्राप्त कर ली थी, वरन आज भी वह इस विजय को अपने चेलों के जीवन का अभिन्न अंग बनाए रखता है। हम चाहे जितनी और चाहे जैसी परेशानी का सामना करें, प्रभु यीशु की उपस्थिति और शांति सदा ही हम मसीही विश्वासियों के साथ बनी रहती है, हमें संभाले रहती है।

   इसलिए इस पतित संसार से चाहे हमें परेशानियाँ और समस्याएं झेलनी पड़ें, लेकिन सुसमाचार यह है कि प्रभु यीशु की शांति उन सभी कष्टों में हमारे साथ बनी रहेगी, हमें संभाले रहेगी और अन्ततः प्रभु यीशु में हम विजयी ठहरेंगे। - जो स्टोवैल


सभी परेशानियों और समस्याओं के मध्य, विजय एवं शांति प्रभु यीशु में ही उपलब्ध रहती है।

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27

बाइबल पाठ: यूहन्ना 16:25-33
John 16:25 मैं ने ये बातें तुम से दृष्‍टान्‍तों में कही हैं, परन्तु वह समय आता है, कि मैं तुम से दृष्‍टान्‍तों में और फिर नहीं कहूंगा परन्तु खोल कर तुम्हें पिता के विषय में बताऊंगा। 
John 16:26 उस दिन तुम मेरे नाम से मांगोगे, और मैं तुम से यह नहीं कहता, कि मैं तुम्हारे लिये पिता से बिनती करूंगा। 
John 16:27 क्योंकि पिता तो आप ही तुम से प्रीति रखता है, इसलिये कि तुम ने मुझ से प्रीति रखी है, और यह भी प्रतीति की है, कि मैं पिता कि ओर से निकल आया। 
John 16:28 मैं पिता से निकलकर जगत में आया हूं, फिर जगत को छोड़कर पिता के पास जाता हूं। 
John 16:29 उसके चेलों ने कहा, देख, अब तो तू खोल कर कहता है, और कोई दृष्‍टान्‍त नहीं कहता। 
John 16:30 अब हम जान गए, कि तू सब कुछ जानता है, और तुझे प्रयोजन नहीं, कि कोई तुझ से पूछे, इस से हम प्रतीति करते हैं, कि तू परमेश्वर से निकला है। 
John 16:31 यह सुन यीशु ने उन से कहा, क्या तुम अब प्रतीति करते हो? 
John 16:32 देखो, वह घड़ी आती है वरन आ पहुंची कि तुम सब तित्तर बित्तर हो कर अपना अपना मार्ग लोगे, और मुझे अकेला छोड़ दोगे, तौभी मैं अकेला नहीं क्योंकि पिता मेरे साथ है। 
John 16:33 मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 7-9


मंगलवार, 22 जुलाई 2014

घेरे हुए


   मेरी सहेली मेलिस्सा की 9 वर्षीय पुत्री, सिडनी, बीमार थी, अस्पताल में भर्ती थी और उसे कीमोथैरपी तथा बोन-मैरो ट्रांसप्लांट की आवश्यकता थी। मुझे उसके बारे में एक स्वपन दिखाई दिया जिसमें मैंने देखा कि सिडनी अस्पताल के एक केंद्रीय कक्ष में अपने माता-पिता के साथ है, उस कक्ष के चारों ओर अन्य कमरे बने हैं जिनमें उनके परिवार तथा मित्रगण हैं और वे सभी सिडनी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। वास्तविक जीवन में, भौतिक रूप से, सिडनी परिवार या मित्रजनों से घिरी हुई नहीं थी, वे उसके चारों ओर उपस्थित नहीं थे किंतु आत्मिक रीति से उन सबकी प्रार्थनाओं और प्रेम ने उसे घेर रखा था।

   प्रेरित पौलुस भी प्रार्थनाओं से घिरे रहने की लालसा रखता था। पौलुस द्वारा भिन्न मसीही मण्डलियों को लिखी पत्रियों में से अधिकांश में उसने उन मण्डलियों से अनुरोध किया कि वे उसे अपनी प्रार्थनाओं में प्रभु के सम्मुख स्मरण रखें (2 कुरिन्थियों 1:11; इफिसीयों 6:18-20; कुलुस्सियों 4:2-4; फिलेमॉन 1:22)। रोम की मसीही मण्डली के सदस्यों को पौलुस ने लिखा: "और हे भाइयों; मैं यीशु मसीह का जो हमारा प्रभु है और पवित्र आत्मा के प्रेम का स्मरण दिला कर, तुम से बिनती करता हूं, कि मेरे लिये परमेश्वर से प्रार्थना करने में मेरे साथ मिलकर लौलीन रहो" (रोमियों 15:30)। पौलुस जानता था कि जब तक सहयोगियों तथा सहकर्मियों की प्रार्थना की सामर्थ उसके साथ नहीं है, वह परमेश्वर के लिए अपनी सेवकाई में प्रभावी नहीं हो सकता।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि प्रभु यीशु भी हमारे लिए प्रार्थना करता है (यूहन्ना 17:20; इब्रानियों 7:25) और परमेश्वर का पवित्र आत्मा भी प्रार्थना में हमारी सहायता करता है कि हम परमेश्वर की इच्छा के अनुसार प्रार्थना कर सकें (रोमियों 8:27)। हम मसीही विश्वासियों के लिए यह कितनी शांति, सांत्वना और सामर्थ की बात है कि अन्य मसीही विश्वासियों, प्रभु यीशु और पवित्र आत्मा की प्रार्थनाएं हमें घेरे हुए रखती हैं, सुरक्षित रखती हैं, प्रभावी बनाती हैं। एक दूसरे के लिए प्रार्थना करते रहें, एक दूसरे को प्रार्थनाओं से घेरे रहें। - ऐनी सेटास


पवित्र आत्मा की प्रेरणा से करी गई प्रार्थना अति प्रभावी होती है।

हमारे लिये प्रार्थना करते रहो, क्योंकि हमें भरोसा है, कि हमारा विवेक शुद्ध है; और हम सब बातों में अच्छी चाल चलना चाहते हैं। - इब्रानियों 13:18

बाइबल पाठ: रोमियों 15:22-33
Romans 15:22 इसी लिये मैं तुम्हारे पास आने से बार बार रूका रहा। 
Romans 15:23 परन्तु अब मुझे इन देशों में और जगह नहीं रही, और बहुत वर्षों से मुझे तुम्हारे पास आने की लालसा है। 
Romans 15:24 इसलिये जब इसपानिया को जाऊंगा तो तुम्हारे पास होता हुआ जाऊंगा क्योंकि मुझे आशा है, कि उस यात्रा में तुम से भेंट करूं, और जब तुम्हारी संगति से मेरा जी कुछ भर जाए, तो तुम मुझे कुछ दूर आगे पहुंचा दो। 
Romans 15:25 परन्तु अभी तो पवित्र लोगों की सेवा करने के लिये यरूशलेम को जाता हूं। 
Romans 15:26 क्योंकि मकिदुनिया और अखया के लोगों को यह अच्छा लगा, कि यरूशलेम के पवित्र लोगों के कंगालों के लिये कुछ चन्दा करें। 
Romans 15:27 अच्छा तो लगा, परन्तु वे उन के कर्जदार भी हैं, क्योंकि यदि अन्यजाति उन की आत्मिक बातों में भागी हुए, तो उन्हें भी उचित है, कि शारीरिक बातों में उन की सेवा करें। 
Romans 15:28 सो मैं यह काम पूरा कर के और उन को यह चन्दा सौंप कर तुम्हारे पास होता हुआ इसपानिया को जाऊंगा। 
Romans 15:29 और मैं जानता हूं, कि जब मैं तुम्हारे पास आऊंगा, तो मसीह की पूरी आशीष के साथ आऊंगा।
Romans 15:30 और हे भाइयों; मैं यीशु मसीह का जो हमारा प्रभु है और पवित्र आत्मा के प्रेम का स्मरण दिला कर, तुम से बिनती करता हूं, कि मेरे लिये परमेश्वर से प्रार्थना करने में मेरे साथ मिलकर लौलीन रहो। 
Romans 15:31 कि मैं यहूदिया के अविश्वासियों बचा रहूं, और मेरी वह सेवा जो यरूशलेम के लिये है, पवित्र लोगों को भाए। 
Romans 15:32 और मैं परमेश्वर की इच्छा से तुम्हारे पास आनन्द के साथ आकर तुम्हारे साथ विश्राम पाऊं। 
Romans 15:33 शान्ति का परमेश्वर तुम सब के साथ रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 4-6


सोमवार, 21 जुलाई 2014

साथ


   हमारे क्षेत्र में इंग्लिश फुटबॉल खेल का एक प्रमुख आकर्षण है सालाना एफ ए कप प्रतियोगिता का फाइनल मैच। सौ वर्ष से भी अधिक समय से यह दिन उत्साह, उत्सव और प्रतिस्पर्धा के साथ मनाया जाता रहा है। लेकिन इस दिन को लेकर मेरे लिए जो सबसे रोमांचकारी बात रही है वह है खेल के आरंभ होने का तरीका। प्रति वर्ष इस सालाना प्रतियोगिता का यह फाईनल मैच आरम्भ होता है एक पारंपरिक भक्ति गीत Abide With Me (रह मेरे साथ) के गाए जाने के द्वारा।

   पहले मुझे यह बड़ा अटपटा सा लगा - भला फुटबॉल के साथ भक्ति गीत का क्या लेना-देना हो सकता है? जब मैंने इस पर थोड़ा विचार किया, तो मुझे समझ आया कि एक मसीही विश्वासी के लिए परमेश्वर की संगति हर समय महत्वपूर्ण है, चाहे वह खेल-कूद, बाज़ार-खरीददारी, व्यवसाय-कार्य स्थल, स्कूल, या अन्य कोई भी कार्य करना क्यों ना हो। प्रत्येक मसीही विश्वासी के जीवन का ऐसा कोई पहलु नहीं है जिसमें परमेश्वर की उपस्थिति का प्रभाव नहीं होता; इसलिए यह लालसा कि परमेश्वर हर समय साथ बना रहे हम मसीही विश्वासियों के लिए सबसे स्वाभाविक लालसा है।

   लेकिन परमेश्वर का यह लगातार बना रहने वाला साथ कोई ऐसी बात नहीं है जिसके लिए हमें परमेश्वर के सामने गिड़गड़ाते रहना पड़ेगा, वरन यह तो परमेश्वर पिता की ओर से अपने बच्चों को दिया गया वायदा है: "तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा" (इब्रानियों 13:5)। ना केवल परमेश्वर का साथ हम मसीही विश्वासियों की हर परिस्थिति में संतुष्टि की कुँजी है, वरन यह साथ हमें सद्बुद्धि, शांति, सांत्वना, और सामर्थ भी देता है - हम चाहे जहाँ हों, चाहे कोई भी कार्य कर रहे हों, चाहे जिस भी परिस्थिति में हों। - बिल क्राउडर


हम मसीही विश्वासियों का सबसे महान सौभग्य है प्रभु यीशु की संगति और उसका आनन्द।

तू हियाव बान्ध और दृढ़ हो, उन से न डर और न भयभीत हो; क्योंकि तेरे संग चलने वाला तेरा परमेश्वर यहोवा है; वह तुझ को धोखा न देगा और न छोड़ेगा। - व्यवस्थाविवरण 31:6

बाइबल पाठ: इब्रानियों 13:1-8
Hebrews 13:1 भाईचारे की प्रीति बनी रहे। 
Hebrews 13:2 पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। 
Hebrews 13:3 कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है। 
Hebrews 13:4 विवाह सब में आदर की बात समझी जाए, और बिछौना निष्‍कलंक रहे; क्योंकि परमेश्वर व्यभिचारियों, और परस्त्रीगामियों का न्याय करेगा। 
Hebrews 13:5 तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। 
Hebrews 13:6 इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है।
Hebrews 13:7 जो तुम्हारे अगुवे थे, और जिन्हों ने तुम्हें परमेश्वर का वचन सुनाया है, उन्हें स्मरण रखो; और ध्यान से उन के चाल-चलन का अन्‍त देखकर उन के विश्वास का अनुकरण करो। 
Hebrews 13:8 यीशु मसीह कल और आज और युगानुयुग एकसा है।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 1-3


रविवार, 20 जुलाई 2014

भूल और भलाई


   कलाकार जेम्स हब्बल का कहना है कि गलतियाँ उपहार होती हैं। वे जब किसी प्रोजैक्ट पर कार्य कर रहे होते हैं और कोई गलती हो जाती है तो वे उस कार्य को पुनः आरम्भ नहीं करते; वे ऐसे तरीके ढूँढ़ते हैं कि उस गलती से भी वहाँ कुछ बेहतर बना सकें। हम में से कोई ऐसा नहीं है जो गलती ना करता हो, और हम सब के उन गलतियों के प्रति व्यवहार के अपने अपने तरीके हैं; कोई उन्हें छुपाता है, कोई उन्हें नज़रन्दाज़ कर देता है, कोई उनकी ज़िम्म्दारी से मुँह मोड़ लेता है तो कोई उन्हें स्वीकार करके उनके लिए क्षमा माँगता है या उसे सुधारने का प्रयास करता है।

   जैसा हम अपनी गलतियों के साथ करते हैं, वैसा ही हम अपने जीवनों के पापों के साथ भी करते हैं। लेकिन परमेश्वर जो हम सब का सृष्टिकर्ता है, हम सबको अन्दर-बाहर से भलि-भांति जानता है, हमारी गलतियों और पापों के कारण हमें त्यागना नहीं चाहता वरन चाहता है कि हमें सुधार सके, पाप के परिणाम से बचाकर भला और बेहतर बना सके। इसका एक उदाहरण हम प्रभु यीशु के चेले पतरस के जीवन से पाते हैं।

   पतरस अपने अविवेकपूर्ण बड़बोलेपन के लिए जाना जाता है - उस पल में जो उसके मन में आता था उसके बारे में कुछ भी सोचे समझे बिना ही वह उसे बोल देता था। जब प्रभु यीशु ने अपनी आती मृत्यु के बारे में अपने चेलों से चर्चा करी तब पतरस ने उसके प्रति अपने समर्पण तथा वफादारी के बड़े बड़े दावे किए; किंतु थोड़े ही समय पश्चात जब प्रभु यीशु को क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिए वास्तव में पकड़वाया गया, तब पतरस ने भयवश तीन बार प्रभु यीशु को पहचानने और उसका अनुयायी होने से इन्कार कर दिया। लेकिन अपने मृतकों में से पुनरुत्थान के पश्चात प्रभु यीशु ने पतरस के दोषपूर्ण अतीत के बावजूद तीन बार पतरस को अपने आने वाले अनुयायीयों की देखभाल करने कि ज़िम्मेदारी दी (यूहन्ना 21)।

   यदि आपने भी कोई ऐसी भूल करी है जो आपको अपरिवर्तनीय लगती है, जिसके दुषपरिणाम आपको परेशान करते हैं, तो उन्हें सुधारने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आप प्रभु यीशु से प्रेम करते हैं, उसे अपना जीवन समर्पित करके अपना उद्धारकर्ता स्वीकार किया है अथवा नहीं। यदि आप प्रभु यीशु के अनुयायी हैं तो बिना कोई सन्देह किए अपनी उस भूल और उसके दुषपरिणामों को प्रभु यीशु के सामने स्वीकार कर के उन्हें उसके हाथों में सौंप दीजिए। प्रभु यीशु हमारी बड़ी भूलों को भी बड़ी भलाई में बदल सकता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर ही है जो हमारी चूक को चमत्कार में परिवर्तित कर सकता है।

हे यहोवा, हम को अपनी ओर फेर, तब हम फिर सुधर जाएंगे। प्राचीनकाल की नाईं हमारे दिन बदल कर ज्यों के त्यों कर दे! - विलापगीत 5:21

बाइबल पाठ: यूहन्ना 21:15-19
John 21:15 भोजन करने के बाद यीशु ने शमौन पतरस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्र, क्या तू इन से बढ़कर मुझ से प्रेम रखता है? उसने उस से कहा, हां प्रभु तू तो जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: उसने उस से कहा, मेरे मेमनों को चरा। 
John 21:16 उसने फिर दूसरी बार उस से कहा, हे शमौन यूहन्ना के पुत्र, क्या तू मुझ से प्रेम रखता है? उसने उन से कहा, हां, प्रभु तू जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: उसने उस से कहा, मेरी भेड़ों की रखवाली कर। 
John 21:17 उसने तीसरी बार उस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्र, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? पतरस उदास हुआ, कि उसने उसे तीसरी बार ऐसा कहा; कि क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? और उस से कहा, हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है: तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: यीशु ने उस से कहा, मेरी भेड़ों को चरा। 
John 21:18 मैं तुझ से सच सच कहता हूं, जब तू जवान था, तो अपनी कमर बान्‍धकर जहां चाहता था, वहां फिरता था; परन्तु जब तू बूढ़ा होगा, तो अपने हाथ लम्बे करेगा, और दूसरा तेरी कमर बान्‍धकर जहां तू न चाहेगा वहां तुझे ले जाएगा। 
John 21:19 उसने इन बातों से पता दिया कि पतरस कैसी मृत्यु से परमेश्वर की महिमा करेगा; और यह कहकर, उस से कहा, मेरे पीछे हो ले।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 29-31


शनिवार, 19 जुलाई 2014

झूठी छवि


   विक्टोरियन काल के उपन्यास The Picture of Dorian Grey दिखाता है कि जो हम अपने आप को बाहरी रीति से दिखाते हैं वह हमारी वास्तविक भीतरी दशा से कितना भिन्न होता है। उस उपन्यास का नायक अपनी जवानी में बहुत सुन्दर था; उसने जब अपना चित्र बनवाया तो उसके मन में अभिलाषा जागी कि वह सदा ही ऐसा सुन्दर और आकर्षक बना रहे, उसके स्थान पर वह चित्र उम्र के साथ बूढ़ा होता जाए। शीघ्र ही डोरियन ग्रे को पता चला कि उसकी यह इच्छा स्वीकार हो गई है, और उसका वह चित्र जो उसके परेशान मन के साथ जोड़ दिया गया था, समय के साथ बूढ़ा होता गया तथा डोरियन ग्रे द्वारा किए गए हर पाप के साथ और अधिक बदसूरत होता चला गया। थोड़े ही समय में डोरियन ग्रे का बाहरी स्वरूप और उसके अन्दर के भ्रष्ट मन से जुड़ा वह चित्र एक समान दिखने बन्द हो गए - डोरियन ग्रे जो अन्दर से था वह बाहर नहीं दिखता था, और जैसा वह बाहर से दिखता था, वैसा वह अन्दर से था नहीं।

   प्रभु यीशु मसीह ने भी अपने समय के धर्म गुरु फरीसियों की ऐसा ही दोगला जीवन जीने के लिए भर्त्सना करी। बहुत से फरीसी समाज के सामने अपनी धार्मिकता का प्रदर्शन तो करते थे, लेकिन उनके मन अनेक छुपे हुए पापों से भरे हुए थे। इस कारण प्रभु यीशु ने उनकी तुलना "चूना फिरी हुई कब्र" से करी जो बाहर की लीपा-पोती से सुन्दर तो दिखाई देती है, परन्तु अन्दर सड़ाहट तथा दुर्गन्ध से भरी होती हैं (मत्ती 23:27)।

   हमारे समक्ष भी यही प्रलोभन, कि हम अपने आप को समाज तथा अन्य लोगों के सामने अच्छा दिखाएं सदा बना रहता है, परन्तु परमेश्वर हमारी वास्तविक दशा को, हमारे मन को भलि-भांति जानता है (1 शमूएल 16:7; नीतिवचन 15:3)। उसकी दृष्टि से कुछ छिपा नहीं है, और हम सभी को अन्ततः उसके सामने हर एक बात का हिसाब देना ही होगा; हमारे पाप यदि क्षमा नहीं होंगे, तो हमारा उनके परिणाम को भोगना अवश्यंभावी है। हमारी झूठी छवि समाज को, लोगों को धोखा दे सकती है, परमेश्वर और उसके न्याय को नहीं।

   प्रभु यीशु के सामने सच्चे मन से पापों के अंगीकार और उनकी क्षमा याचना के द्वारा तथा अपने हृदय को प्रभु यीशु तथा उसके वचन के लिए खोलने के द्वारा ही हम अपने जीवन की भीतरी मलिनता की सफाई का तथा परमेश्वर की पवित्रता एवं स्वच्छता का अनुभव कर सकते हैं, अपने अन्दर की एक ऐसी आत्मिक दशा को अनुभव कर सकते हैं जो दिखावे के नहीं वरन सच्ची धार्मिकता के कार्यों में प्रकट होती है। प्रभु यीशु को अवसर दें कि वह आपकी झूठी छवि को बदलकर आपको सच्चे आत्मिक स्वरूप में ले आए (2 कुरिन्थियों 17-18)। - डेनिस फिशर


केवल प्रभु यीशु मसीह ही पाप क्षमा करके हमें अन्दर से बदल सकता है।

क्योंकि उनका पूरा चाल-चलन मेरी आंखों के साम्हने प्रगट है; वह मेरी दृष्टि से छिपा नहीं है, न उनका अधर्म मेरी आखों से गुप्त है। सो मैं उनके अधर्म और पाप का दूना दण्ड दूंगा - यर्मियाह 16:17

बाइबल पाठ: मत्ती 23:23-31
Matthew 23:23 हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम पोदीने और सौंफ और जीरे का दसवां अंश देते हो, परन्तु तुम ने व्यवस्था की गम्भीर बातों को अर्थात न्याय, और दया, और विश्वास को छोड़ दिया है; चाहिये था कि इन्हें भी करते रहते, और उन्हें भी न छोड़ते। 
Matthew 23:24 हे अन्धे अगुवों, तुम मच्छर को तो छान डालते हो, परन्तु ऊंट को निगल जाते हो। 
Matthew 23:25 हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय, तुम कटोरे और थाली को ऊपर ऊपर से तो मांजते हो परन्तु वे भीतर अन्‍धेर असंयम से भरे हुए हैं। 
Matthew 23:26 हे अन्धे फरीसी, पहिले कटोरे और थाली को भीतर से मांज कि वे बाहर से भी स्‍वच्‍छ हों। 
Matthew 23:27 हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम चूना फिरी हुई कब्रों के समान हो जो ऊपर से तो सुन्‍दर दिखाई देती हैं, परन्तु भीतर मुर्दों की हड्डियों और सब प्रकार की मलिनता से भरी हैं। 
Matthew 23:28 इसी रीति से तुम भी ऊपर से मनुष्यों को धर्मी दिखाई देते हो, परन्तु भीतर कपट और अधर्म से भरे हुए हो।
Matthew 23:29 हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम भविष्यद्वक्ताओं की कब्रें संवारते और धर्मियों की कब्रें बनाते हो। 
Matthew 23:30 और कहते हो, कि यदि हम अपने बाप-दादों के दिनों में होते तो भविष्यद्वक्ताओं की हत्या में उन के साझी न होते। 
Matthew 23:31 इस से तो तुम अपने पर आप ही गवाही देते हो, कि तुम भविष्यद्वक्ताओं के घातकों की सन्तान हो।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 25-28