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रविवार, 5 अप्रैल 2015

जीवित


   जब हमारे बाग़ीचे में बसन्त ऋतु के पहले फूल खिलने आरंभ हुए तो मेरा पाँच वर्षीय पुत्र डैफोडिल्स की क्यारी में चला गया। वहाँ उसे कुछ महीने पहले मर गए पौधों के कुछ अवशेष दिखे और वह बोला, "माँ, जब भी मैं कुछ मरा हुआ देखता हूँ तो मुझे ईस्टर याद आता है क्योंकि तब यीशु क्रूस पर मरे थे।" मैंने उसे उत्तर दिया, "जब मुझे कुछ जीवित दिखाई देता है, जैसे ये डैफोडिल फूल, तो मुझे याद आता है कि यीशु पुनः जीवित हो उठे थे!"

   प्रभु यीशु के मृतकों में से पुनः जीवित हो उठने के प्रमाणों में से एक प्रमाण है उनका अनेक बार अपने चेलों के सामने आना और उनसे बातचीत करना। ऐसी ही एक घटना परमेश्वर के वचन बाइबल के लूका रचित सुसमाचार के अन्तिम अध्याय में दर्ज है, जहाँ अपने क्रूस पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद, संध्या के समय यरूशालेम से इम्माऊस जा रहे अपने दो चेलों से प्रभु मार्ग में मिलते हैं, उनके साथ चलते हैं, उनसे बातचीत करते हैं, उन्हें बाइबल के पुराने नियम खण्ड की पुस्तकों में अपने बारे में लिखी बातों और भविष्यवाणियों का स्मरण दिलाते हैं और उनके साथ भोजन करते हैं (लूका 24:15-27)। उन से इस साक्षात्कार के बाद वे दोनों चेले रात ही में यरूशालेम को वापस लौटते हैं और अन्य चेलों को बताते हैं कि प्रभु यीशु कब्र पर जय पाकर वास्तव में जी उठा है (पद 34)।

   यदि प्रभु यीशु मृतकों में से वापस नहीं आए होते तो हमारा मसीही विश्वास व्यर्थ होता, हम अभी भी पाप के दोष में होते (1 कुरिन्थियों 15:12-19)। लेकिन बाइबल हमें बताती है कि, "परन्तु सचमुच मसीह मुर्दों में से जी उठा है, और जो सो गए हैं, उन में पहिला फल हुआ" (1 कुरिन्थियों 15:20)। आज मसीह यीशु में विश्वास द्वारा हम परमेश्वर के समक्ष धर्मी ठहरते हैं और हमारा मेल-मिलाप परमेश्वर के साथ संभव है (रोमियों 5:1) क्योंकि मसीह यीशु जीवित प्रभु परमेश्वर है। - जैनिफर बेन्सन शुल्ट


मसीह यीशु का खाली क्रूस और खाली कब्र स्मस्त मानवजाति के लिए संपूर्ण उद्धार का निश्चय हैं।

सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। - रोमियों 5:1

बाइबल पाठ: लूका 24:13-34
Luke 24:13 देखो, उसी दिन उन में से दो जन इम्माऊस नाम एक गांव को जा रहे थे, जो यरूशलेम से कोई सात मील की दूरी पर था। 
Luke 24:14 और वे इन सब बातों पर जो हुईं थीं, आपस में बातचीत करते जा रहे थे। 
Luke 24:15 और जब वे आपस में बातचीत और पूछताछ कर रहे थे, तो यीशु आप पास आकर उन के साथ हो लिया। 
Luke 24:16 परन्तु उन की आंखे ऐसी बन्‍द कर दी गईं थी, कि उसे पहिचान न सके। 
Luke 24:17 उसने उन से पूछा; ये क्या बातें हैं, जो तुम चलते चलते आपस में करते हो? वे उदास से खड़े रह गए। 
Luke 24:18 यह सुनकर, उनमें से क्‍लियुपास नाम एक व्यक्ति ने कहा; क्या तू यरूशलेम में अकेला परदेशी है; जो नहीं जानता, कि इन दिनों में उस में क्या क्या हुआ है? 
Luke 24:19 उसने उन से पूछा; कौन सी बातें? उन्होंने उस से कहा; यीशु नासरी के विषय में जो परमेश्वर और सब लोगों के निकट काम और वचन में सामर्थी भविष्यद्वक्ता था। 
Luke 24:20 और महायाजकों और हमारे सरदारों ने उसे पकड़वा दिया, कि उस पर मृत्यु की आज्ञा दी जाए; और उसे क्रूस पर चढ़वाया। 
Luke 24:21 परन्तु हमें आशा थी, कि यही इस्त्राएल को छुटकारा देगा, और इन सब बातों के सिवाय इस घटना को हुए तीसरा दिन है। 
Luke 24:22 और हम में से कई स्‍त्रियों ने भी हमें आश्चर्य में डाल दिया है, जो भोर को कब्र पर गई थीं। 
Luke 24:23 और जब उस की लोथ न पाई, तो यह कहती हुई आईं, कि हम ने स्‍वर्गदूतों का दर्शन पाया, जिन्हों ने कहा कि वह जीवित है। 
Luke 24:24 तब हमारे साथियों में से कई एक कब्र पर गए, और जैसा स्‍त्रियों ने कहा था, वैसा ही पाया; परन्तु उसको न देखा। 
Luke 24:25 तब उसने उन से कहा; हे निर्बुद्धियों, और भविष्यद्वक्ताओं की सब बातों पर विश्वास करने में मन्‍दमतियों! 
Luke 24:26 क्या अवश्य न था, कि मसीह ये दुख उठा कर अपनी महिमा में प्रवेश करे? 
Luke 24:27 तब उसने मूसा से और सब भविष्यद्वक्ताओं से आरम्भ कर के सारे पवित्र शास्‍त्रों में से, अपने विषय में की बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया। 
Luke 24:28 इतने में वे उस गांव के पास पहुंचे, जहां वे जा रहे थे, और उसके ढंग से ऐसा जान पड़ा, कि वह आगे बढ़ना चाहता है। 
Luke 24:29 परन्तु उन्होंने यह कहकर उसे रोका, कि हमारे साथ रह; क्योंकि संध्या हो चली है और दिन अब बहुत ढल गया है। तब वह उन के साथ रहने के लिये भीतर गया। 
Luke 24:30 जब वह उन के साथ भोजन करने बैठा, तो उसने रोटी ले कर धन्यवाद किया, और उसे तोड़कर उन को देने लगा। 
Luke 24:31 तब उन की आंखे खुल गईं; और उन्होंने उसे पहचान लिया, और वह उन की आंखों से छिप गया। 
Luke 24:32 उन्होंने आपस में कहा; जब वह मार्ग में हम से बातें करता था, और पवित्र शास्त्र का अर्थ हमें समझाता था, तो क्या हमारे मन में उत्तेजना न उत्पन्न हुई? 
Luke 24:33 वे उसी घड़ी उठ कर यरूशलेम को लौट गए, और उन ग्यारहों और उन के साथियों को इकट्ठे पाया। 
Luke 24:34 वे कहते थे, प्रभु सचमुच जी उठा है, और शमौन को दिखाई दिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 1-3
  • लूका 8:26-56


शनिवार, 4 अप्रैल 2015

विजयी


   एक आने वाले सेमिनार के बारे में रेडियो पर दीया जा रहा विज्ञापन पहेली जैसा लग रहा था। लग रहा था कि विज्ञापन बोलने वाला कह रहा है, "आप डेथ (मृत्यु) को पराजित कर सकते हैं - सदा के लिए! मेरे सेमिनार में आईए और मैं आपको दिखाऊँगा कैसे।" कुछ देर तक तो मैं सोचती रही कि सेमिनार का वक्ता ऐसा क्या बता सकता है जो कि मृत्यु को पराजित कर दे, इसके लिए उसकी सलाह क्या होगी? संभवतः वह भोजन या व्यायाम से संबंधित कोई बात कहेगा, या फिर यह कि हम अभी के लिए अपने शरीरों को शून्य से भी बहुत कम तापमान पर जमा कर रख लें और फिर बाद में वापस सामन्य तापमान पर लाए जाकर एक नए काल और समय में जीवन व्यतीत करें। और कुछ देर तक ध्यान से वह विज्ञापन सुनने के बाद मुझे समझ आया कि विज्ञापन बोलने वाला जो कह रहा था वह था, "आप डेट (कर्ज़) को पराजित कर सकते हैं - सदा के लिए!"

   लेकिन मसीह यीशु में विश्वास लाने वाले प्रत्येक जन के लिए अद्भुत समाचार यह है कि क्योंकि मसीह यीशु ने हमारा कर्ज़ चुका दिया है इसलिए हम मृत्यु पर विजयी रह सकते हैं! (1 कुरिन्थियों 15:55-57)। हमारे पाप के कर्ज़ के कारण हम परमेश्वर से पृथक हो गए थे, लेकिन संसार के सभी व्यक्तियों के पापों को अपने ऊपर लेकर प्रभु यीशु ने प्रत्येक के लिए उनका दण्ड कलवरी के क्रूस पर स्वेच्छा से अपने बलिदान द्वारा चुका दिया और सभी के लिए पाप के कर्ज़ से मुक्त होने का मार्ग बना कर दे दिया। जब प्रभु की मृत्यु के तीसरे दिन मरियम मगदलिनी और दूसरी मरियम, उसके शरिर पर सुगंधित द्रव्य लगाने के लिए गईं तो प्रभु की कब्र पर उपस्थित एक स्वर्गदूत ने उनसे कहा: "वह यहाँ नहीं है, परन्तु अपने वचन के अनुसार जी उठा है; आओ, यह स्थान देखो, जहाँ प्रभु पड़ा था" (मत्ती 28:6)। वे बड़े आनन्द के साथ अन्य चेलों को यह बात बताने के लिए दौड़ गईं और वापस लौटते समय प्रभु यीशु उनसे मिला और उनका अभिनन्दन किया (पद 9)। प्रभु यीशु मृतकों में से जी उठा था और अब उसके अनुयायियों के पास आनन्दित होने के लिए कारण था।

   प्रभु यीशु ने मृत्यु के डंक को तोड़ दिया (1 कुरिन्थियों 15:55)। अब मसीह यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान में विश्वास कर के, उसमें लाए गए विश्वास और उससे प्राप्त होने वाली पापों की क्षमा के द्वारा हम भी उसके साथ मृत्यु पर विजयी हैं, प्रत्येक मसीही विश्वासी को प्रभु के साथ अनन्त जीवन का आश्वासन है। प्रभु यीशु द्वारा किए गए सिद्ध कार्य द्वारा हम पाप और मृत्यु पर विजयी हैं। - ऐनी सेटास


हम एक ऐसे कर्ज़ के नीचे थे जिसे हम कभी चुका नहीं सकते थे; प्रभु यीशु ने उस कर्ज़ को चुका दिया जो उसका था नहीं!

हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है। - 1 कुरिन्थियों 15:55-57

बाइबल पाठ: मत्ती 28:1-10
Matthew 28:1 सब्त के दिन के बाद सप्‍ताह के पहिले दिन पह फटते ही मरियम मगदलीनी और दूसरी मरियम कब्र को देखने आईं। 
Matthew 28:2 और देखो एक बड़ा भुईंडोल हुआ, क्योंकि प्रभु का एक दूत स्वर्ग से उतरा, और पास आकर उसने पत्थर को लुढ़का दिया, और उस पर बैठ गया। 
Matthew 28:3 उसका रूप बिजली का सा और उसका वस्‍त्र पाले की नाईं उज्ज़्‍वल था। 
Matthew 28:4 उसके भय से पहरूए कांप उठे, और मृतक समान हो गए। 
Matthew 28:5 स्वर्गदूत ने स्‍त्र्यिों से कहा, कि तुम मत डरो: मैं जानता हूँ कि तुम यीशु को जो क्रुस पर चढ़ाया गया था ढूंढ़ती हो। 
Matthew 28:6 वह यहाँ नहीं है, परन्तु अपने वचन के अनुसार जी उठा है; आओ, यह स्थान देखो, जहाँ प्रभु पड़ा था। 
Matthew 28:7 और शीघ्र जा कर उसके चेलों से कहो, कि वह मृतकों में से जी उठा है; और देखो वह तुम से पहिले गलील को जाता है, वहाँ उसका दर्शन पाओगे, देखो, मैं ने तुम से कह दिया। 
Matthew 28:8 और वे भय और बड़े आनन्द के साथ कब्र से शीघ्र लौटकर उसके चेलों को समाचार देने के लिये दौड़ गईं। 
Matthew 28:9 और देखो, यीशु उन्हें मिला और कहा; ‘सलाम’ और उन्होंने पास आकर और उसके पाँव पकड़कर उसको दण्डवत किया। 
Matthew 28:10 तब यीशु ने उन से कहा, मत डरो; मेरे भाईयों से जा कर कहो, कि गलील को चलें जाएं वहाँ मुझे देखेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • रूत 1-4
  • लूका 8:1-25


शुक्रवार, 3 अप्रैल 2015

शुभ शुक्रवार


   हाल ही में मैंने ऐरन रैल्सटन के बारे में पढ़ा जो पैदल ही भ्रमण करता है; एक बार वह एक गहरी खाई के तले में अकेला ही था तथा फंस गया था, जहाँ किसी के द्वारा उसे ढूँढ़े जाने की आशा बहुत कम ही थी। निकलने का प्रयास करते करते उसका बल घटने लगा था; उस परिस्थिति में अपनी जान बचाने के लिए उसे कुछ जोखिम और पीड़ा भरे कड़े कार्य करने पड़े। ऐसे में अपने क्षीण होते हुए बल तथा अत्यंत पीड़ा में होने के बावजूद वह विजय पाने के कारण हर्ष से पूरे ज़ोर से चिल्ला उठा, क्योंकि अब उसने अपने आप को स्वतंत्र कर लिया था और वह बच कर जीवित रह सकता था।

   जिन्होंने प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने को देखा था, उन्होंने प्रभु की पीड़ा को भी देखा और अन्त में "पूरा हुआ" (यूहन्ना 19:30) की ऊँची पुकार के साथ उसे प्राण त्यागते हुए भी देखा। क्रूस पर से ऊँची आवाज़ में कहे गए प्रभु यीशु के ये शब्द दर्दनाक पराजय के नहीं वरन जय-घोष के शब्द थे क्योंकि जो कुछ पिता परमेश्वर ने उन्हें करने के लिए दिया था, प्रभु यीशु ने वह सब कुछ पूरा कर दिया था।

   जब प्रभु यीशु की मृत्यु हुई तो उन्होंने जो कुछ हम मनुष्य सहते हैं वह सब सहन किया। लेकिन इस सब से भी आगे निकल कर प्रभु यीशु ने वह किया जो हम में से कोई मनुष्य नहीं कर सकता - उन्होंने सभी मनुष्यों के सभी पाप अपने ऊपर लेकर, उन पापों के दण्ड को सभी के लिए सह लिया, जिससे अब उन में विश्वास लाकर और उन से पापों की क्षमा माँग कर हम पाप के दोष एवं दण्ड से मुक्त जीवन व्यतीत कर सकें, परमेश्वर के साथ अनन्त जीवन की आशीष पा सकें।

   "पूरा हुआ" प्रभु यीशु का जय नाद था, क्योंकि अब उसमें होकर सभी के लिए पाप के बन्धन से मुक्ति और स्वतंत्रता का जीवन पाना तथा जीना संभव हो गया था। प्रभु यीशु के बलिदान के कारण आज हम उनके मरने के दिन को "शुभ शुक्रवार" कहते हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु यीशु ने हमें जीवन देने के लिए मृत्यु को सह लिया।

पिता इसलिये मुझ से प्रेम रखता है, कि मैं अपना प्राण देता हूं, कि उसे फिर ले लूं। कोई उसे मुझ से छीनता नहीं, वरन मैं उसे आप ही देता हूं: मुझे उसके देने का अधिकार है, और उसे फिर लेने का भी अधिकार है: यह आज्ञा मेरे पिता से मुझे मिली है। - यूहन्ना 10:17-18

बाइबल पाठ: यूहन्ना 19:28-37
John 19:28 इस के बाद यीशु ने यह जानकर कि अब सब कुछ हो चुका; इसलिये कि पवित्र शास्त्र की बात पूरी हो कहा, मैं प्यासा हूं। 
John 19:29 वहां एक सिरके से भरा हुआ बर्तन धरा था, सो उन्होंने सिरके में भिगोए हुए इस्‍पंज को जूफे पर रखकर उसके मुंह से लगाया। 
John 19:30 जब यीशु ने वह सिरका लिया, तो कहा "पूरा हुआ" और सिर झुका कर प्राण त्याग दिए।
John 19:31 और इसलिये कि वह तैयारी का दिन था, यहूदियों ने पीलातुस से बिनती की कि उन की टांगे तोड़ दी जाएं और वे उतारे जाएं ताकि सब्त के दिन वे क्रूसों पर न रहें, क्योंकि वह सब्त का दिन बड़ा दिन था। 
John 19:32 सो सिपाहियों ने आकर पहिले की टांगें तोड़ीं तब दूसरे की भी, जो उसके साथ क्रूसों पर चढ़ाए गए थे। 
John 19:33 परन्तु जब यीशु के पास आकर देखा कि वह मर चुका है, तो उस की टांगें न तोड़ीं। 
John 19:34 परन्तु सिपाहियों में से एक ने बरछे से उसका पंजर बेधा और उस में से तुरन्त लोहू और पानी निकला। 
John 19:35 जिसने यह देखा, उसी ने गवाही दी है, और उस की गवाही सच्ची है; और वह जानता है, कि सच कहता है कि तुम भी विश्वास करो। 
John 19:36 ये बातें इसलिये हुईं कि पवित्र शास्त्र की यह बात पूरी हो कि उस की कोई हड्डी तोड़ी न जाएगी। 
John 19:37 फिर एक और स्थान पर यह लिखा है, कि जिसे उन्होंने बेधा है, उस पर दृष्टि करेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 19-21
  • लूका 7:31-50


गुरुवार, 2 अप्रैल 2015

रात्रि और अन्धकार


   मैं एक व्यावसायिक दौरे पर फिलेडेलफिया में था और वहाँ ईस्टर पूर्व के गुरुवार को सन्ध्या काल में एक छोटे आराधनालय में आयोजित करी जाने वाली प्रभु-भोज की सभा में सम्मिलित हुआ। उस सन्ध्या को वह स्थान केवल कुछ मोमबत्तियों से ही रौशन था। प्रभु-भोज के उपरान्त परमेश्वर के वचन बाइबल में से यूहन्ना रचित सुसमाचार का एक खण्ड ऊँची आवाज़ में पढ़ा गया, फिर एक मोमबत्ती को बुझा दिया गया, और हमने प्रभु यीशु के क्रूस तक की यात्रा पर आधारित गीत का एक अन्तरा गाया। इसी प्रक्रिया को 14 बार दोहराया गया, जब तक कि वह आराधनालय पूर्णत्याः अन्धकारमय नहीं हो गया। इसके पश्चात हम सब उपस्थित लोग खामोशी में प्रार्थना करने के लिए घुटनों पर आ गए और अपनी अपनी प्रार्थना समाप्त कर के बिना कुछ बात-चीत किए वहाँ से बाहर निकल आए।

   इस प्रकार की अन्धकार में करी गई आराधना का उद्देश्य था प्रभु यीशु के क्रूस पर दिए गए बलिदान में कार्यकारी अन्धकार की बातों को स्मरण करना। प्रभु यीशु के अपने चेलों के साथ खाए गए अन्तिम भोज के बारे में विचार कीजिए, जब प्रभु ने अपने चेलों को बताया कि उनमें से एक उन्हें पकड़वाएगा (यूहन्ना 13:21-30)। केवल प्रभु यीशु ही जानते थे कि उन्हें पकड़वाने वाला वह चेला यहूदा इस्करियोती था, और जब प्रभु यीशु ने यहूदा को रोटी का टुकड़ा दिया, "तब वह टुकड़ा ले कर तुरन्त बाहर चला गया, और रात्रि का समय था" (यूहन्ना 13:30)।

   प्रभु यीशु के जीवन की सबसे अन्धकारमय रात में वे गतसमनी के बाग़ में प्रार्थना में जूझे, उसी अन्धकार में वे धोखे तथा अन्याय से गिरफतार किए गए, सारी रात धर्म के अगुवों से मिली नाजायज़ ताड़ना को सहा, अपने चेले पतरस द्वारा तीन बार किया गया इन्कार झेला, और फिर उन्हें ले जा कर क्रूस पर चढ़ा दिया गया जहाँ उन्होंने समस्त मानव जाति के पापों के लिए अपने प्राण बलिदान कर दिए।

   प्रभु यीशु ने अन्धकार और मृत्यु इसीलिए झेले ताकि हम सभी अपने अपने पापों की क्षमा पा सकें, उससे ज्योति और जीवन पा सकें। हमारे उद्धार के लिए जो कुछ प्रभु यीशु ने सह लिया उस के लिए उसकी जितनी भी स्तुति एवं प्रशंसा करी जा सके वह कम ही है। - डेविड मैक्कैसलैंड


कलवरी पर प्रभु यीशु का क्रूस हमारे पापों की निकृष्टता और परमेश्वर के प्रेम की महानता को दिखाता है।

जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आने वाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता। - यूहन्ना 9:4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 13:21-30
John 13:21 ये बातें कहकर यीशु आत्मा में व्याकुल हुआ और यह गवाही दी, कि मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि तुम में से एक मुझे पकड़वाएगा। 
John 13:22 चेले यह संदेह करते हुए, कि वह किस के विषय में कहता है, एक दूसरे की ओर देखने लगे। 
John 13:23 उसके चेलों में से एक जिस से यीशु प्रेम रखता था, यीशु की छाती की ओर झुका हुआ बैठा था। 
John 13:24 तब शमौन पतरस ने उस की ओर सैन कर के पूछा, कि बता तो, वह किस के विषय में कहता है 
John 13:25 तब उसने उसी तरह यीशु की छाती की ओर झुक कर पूछा, हे प्रभु, वह कौन है? यीशु ने उत्तर दिया, जिसे मैं यह रोटी का टुकड़ा डुबोकर दूंगा, वही है। 
John 13:26 और उसने टुकड़ा डुबोकर शमौन के पुत्र यहूदा इस्करियोती को दिया। 
John 13:27 और टुकड़ा लेते ही शैतान उस में समा गया: तब यीशु ने उस से कहा, जो तू करता है, तुरन्त कर। 
John 13:28 परन्तु बैठने वालों में से किसी ने न जाना कि उसने यह बात उस से किस लिये कही। 
John 13:29 यहूदा के पास थैली रहती थी, इसलिये किसी किसी ने समझा, कि यीशु उस से कहता है, कि जो कुछ हमें पर्व के लिये चाहिए वह मोल ले, या यह कि कंगालों को कुछ दे। 
John 13:30 तब वह टुकड़ा ले कर तुरन्त बाहर चला गया, और रात्रि का समय था।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 16-18
  • लूका 7:1-30


बुधवार, 1 अप्रैल 2015

विद्यमान और उपल्बध


   मैं अपने बेटे स्टीव से मिलने सैन डियागो गया हुआ था, और हम ने चाहा कि हम शैडो माउन्टेन चर्च जाकर डॉ. डेविड जेरेमाया का प्रचार सुनें। इसलिए इतवार प्रातः मैं और स्टीव जल्दी उठे और तैयार होकर, कार से एक घंटे की यात्रा करके उस चर्च में पहुँचे, लेकिन हमारी उत्सुकता निराशा में बदल गई जब हमें ज्ञात हुआ कि उस इतवार डॉ. जेरेमाया वहाँ नहीं थे, उनकी स्थान पर कोई "वैकल्पिक उपदेशक" ने उस दिन का सन्देश देना था।

   इसके कुछ सप्ताह बाद की बात है कि ग्रंड रैपिड्स में, जहाँ मैं और मेरी पत्नि चर्च जाते हैं, मुझे इतवार का सन्देश देने को कहा गया। जब मैं चर्च में उपस्थित लोगों के सामने सन्देश देने के लिए खड़ा हुआ तो मुझे आभास हुआ कि संभवतः उपस्थित कुछ लोगों के लिए, जो हमारे चर्च के पास्टर द्वारा दिया गया सन्देश सुनने की इच्छा से आए हैं, आज मैं भी वैसा ही "वैकल्पिक उपदेशक" बन गया हूँ जैसा उस दिन सैन डियागो में वह उपदेशक मेरे लिए था।

   यद्यपि जीवन में हम जाने-पहचाने लोगों के साथ व्यवहार रखने में सुरक्षा और शांति अनुभव करते हैं, लेकिन हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि वे कभी बदले भी जा सकते हैं, उनके स्थान पर कोई अन्य आ सकता है। लेकिन हम मसीही विश्वासियों के लिए सबसे अधिक शांतिदायक बात यह है कि हमें जिसकी सबसे अधिक आवश्यकता रहती है, जिस पर हम अपने जीवन और प्रत्येक आवश्यकता के लिए निर्भर रहते हैं,  वह प्रभु परमेश्वर सदैव हमारे साथ बना रहता है (भजन 139:7-8)। जब भी हम प्रार्थना में होकर परमेश्वर के सम्मुख उपस्थित होना चाहते हैं, वह हमारे लिए सदैव उपलब्ध रहता है और सदा हमारी प्रत्येक प्रार्थना सुनता है; इसीलिए भजनकार कहता है, "सांझ को, भोर को, दोपहर को, तीनों पहर मैं दोहाई दूंगा और कराहता रहूंगा। और वह मेरा शब्द सुन लेगा" (भजन 55:17)।

   परमेश्वर के अभिलाषी और खोजी हैं - प्रभु यीशु के पास आएं; वह सभी के लिए सदा विद्यमान और उपल्बध रहता है; वह सभी से प्रेम करता है, उसके पास सबके लिए स्थान है, सब की सभी परेशानियों का समाधान है। - डेव ब्रैनन


जब आप प्रभु यीशु के पास आते हैं तो आपको किसी प्रतीक्षा-पंक्ति में खड़े नहीं होने पड़ता; वह हमारी प्रार्थना तुरंत सुनने के लिए सदैव उपल्बध रहता है।

हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: भजन 139:1-12
Psalms 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।
Psalms 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है। 
Psalms 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है। 
Psalms 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो। 
Psalms 139:5 तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है। 
Psalms 139:6 यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है। 
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं? 
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है! 
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, 
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। 
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, 
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 13-15
  • लूका 6:27-49


मंगलवार, 31 मार्च 2015

खुला एवं स्पष्ट


   वॉल स्ट्रीट जर्नल अखबार में छपे एक लेख में मिस्सी सलिवन ने ध्यान दिलाया कि विभिन्न उत्पादों के साथ आने वाले उपभोक्ता अनुबन्ध, वॉरण्टी, चेतावनियाँ आदि इतने छोटे अक्षरों में लिखे होते हैं कि वे प्रायः पढ़े नहीं जा सकते। उन उत्पादों के बनाने वालों द्वारा इन बातों को अस्पष्ट जान-बूझ कर किया जाता है, जिससे लोग उन बातों को पढ़ और समझ ना सकें। इसी कारण अधिकांशतः लोग उन अनुबन्धों पर हस्ताक्षर करके उन्हें स्वीकार कर लेने से पहले उन्हें पढ़ने का कष्ट ही नहीं करते। एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने इस संदर्भ में अपने नए स्मार्ट-फोन के साथ आए 32 पन्नों के अनुबन्ध को दिखाते हुए उस फोन को बनाने वाले कंपनी के विषय कहा, "वे यह चाहते ही नहीं कि आप इसे पढ़ और समझ सकें।"

   इसकी तुलना में हमारा प्रभु परमेश्वर सदैव इस प्रयास में रहता है कि वह अपने लोगों के साथ साफ और स्वीकारीय रीति से संवाद तथा संपर्क करे; उसकी सब बातें बिलकुल खुली और स्पष्ट होती हैं, किसी को उलझन में डालने या उससे छल-कपट करने की, उन्हें टेढ़ी-मेढ़ी या दोहरे अर्थ वाली बातों में फंसाने की उसकी कतई मनशा नहीं है। इस्त्राएलियों के वाचा किए हुए कनान देश से प्रवेश करने से ठीक पहले मूसा ने उन लोगों से परमेश्वर के वचन और निर्देशों के सम्बंध में कहा: "देखो, यह जो आज्ञा मैं आज तुझे सुनाता हूं, वह न तो तेरे लिये अनोखी, और न दूर है। मैं आज आकाश और पृथ्वी दोनों को तुम्हारे साम्हने इस बात की साक्षी बनाता हूं, कि मैं ने जीवन और मरण, आशीष और शाप को तुम्हारे आगे रखा है; इसलिये तू जीवन ही को अपना ले, कि तू और तेरा वंश दोनों जीवित रहें" (व्यवस्थाविवरण 30:11, 19)।

   प्रभु परमेश्वर चाहता है कि हम उसके उद्देश्यों एवं योजनाओं को खुले तौर पर जाने, उन्हें स्पष्ट रीति से समझें जिससे किसी ज़ोर-ज़बर्दस्ती के अन्तर्गत अथवा अन्ध-विश्वास में नहीं वरन पूरी तरह से जाँच-परख कर और सन्तुष्ट होकर ही हम स्वेच्छा से उसे स्वीकार करने तथा उसके साथ चलने का निर्णय लें; तब ही उसके प्रति हमारा प्रेम, विश्वास और आज्ञाकारिता सही तथा सार्थक रहने पाएंगी और इससे हमारा जीवन सफल और दीर्घायु वाला बनने पाएगा (व्यवस्थाविवरण 30:20)। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर की हमारे साथ बातचीत में कहीं कुछ छुपा या अस्पष्ट नहीं है।

परखकर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है। - भजन 34:8

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 30:11-20
Deuteronomy 30:11 देखो, यह जो आज्ञा मैं आज तुझे सुनाता हूं, वह न तो तेरे लिये अनोखी, और न दूर है। 
Deuteronomy 30:12 और न तो यह आकाश में है, कि तू कहे, कि कौन हमारे लिये आकाश में चढ़कर उसे हमारे पास ले आए, और हम को सुनाए कि हम उसे मानें? 
Deuteronomy 30:13 और न यह समुद्र पार है, कि तू कहे, कौन हमारे लिये समुद्र पार जाए, और उसे हमारे पास ले आए, और हम को सुनाए कि हम उसे मानें? 
Deuteronomy 30:14 परन्तु यह वचन तेरे बहुत निकट, वरन तेरे मुंह और मन ही में है ताकि तू इस पर चले। 
Deuteronomy 30:15 सुन, आज मैं ने तुझ को जीवन और मरण, हानि और लाभ दिखाया है। 
Deuteronomy 30:16 क्योंकि मैं आज तुझे आज्ञा देता हूं, कि अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करना, और उसके मार्गों पर चलना, और उसकी आज्ञाओं, विधियों, और नियमों को मानना, जिस से तू जीवित रहे, और बढ़ता जाए, और तेरा परमेश्वर यहोवा उस देश में जिसका अधिकारी होने को तू जा रहा है, तुझे आशीष दे। 
Deuteronomy 30:17 परन्तु यदि तेरा मन भटक जाए, और तू न सुने, और भटक कर पराए देवताओं को दण्डवत करे और उनकी उपासना करने लगे, 
Deuteronomy 30:18 तो मैं तुम्हें आज यह चितौनी दिए देता हूं कि तुम नि:सन्देह नष्ट हो जाओगे; और जिस देश का अधिकारी होने के लिये तू यरदन पार जा रहा है, उस देश में तुम बहुत दिनों के लिये रहने न पाओगे। 
Deuteronomy 30:19 मैं आज आकाश और पृथ्वी दोनों को तुम्हारे साम्हने इस बात की साक्षी बनाता हूं, कि मैं ने जीवन और मरण, आशीष और शाप को तुम्हारे आगे रखा है; इसलिये तू जीवन ही को अपना ले, कि तू और तेरा वंश दोनों जीवित रहें; 
Deuteronomy 30:20 इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करो, और उसकी बात मानों, और उस से लिपटे रहो; क्योंकि तेरा जीवन और दीर्घ जीवन यही है, और ऐसा करने से जिस देश को यहोवा ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब, तेरे पूर्वजों को देने की शपथ खाई थी उस देश में तू बसा रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 11-12
  • लूका 6:1-26


सोमवार, 30 मार्च 2015

निगरानी


   मेरे घर के निकट ही अधिकारियों ने ’लाल बत्ती’ पर रुकने की आज्ञा के उल्लंघन करने वालों को पकड़ने के लिए कैमरा लगाया है। जब भी कोई ’लाल बत्ती’ पर रुके बिना गाड़ी निकाल ले जाता है तो उसके घर पर नियम के उल्लंघन का दण्ड भरने का चालान और साथ में उस उल्लंघन के प्रमाणस्वरूप उस कैमरे से लिया गया उन का फोटो पहुँचा दिया जाता है, और उन्हें वह दण्ड भरना पड़ता है।

   कभी कभी मैं परमेश्वर को भी उस कैमरे की समानता में देखता हूँ - वो वहाँ ऊपर हमारी प्रत्येक बात, प्रत्येक कार्य पर नज़र रखे हुए है, हमारा हर एक पल उसकी निगरानी में है। वह हमारे पाप भी देखता है (इब्रानियों 4:13) और हमारी भले कार्यों को भी। जब हम चर्च या किसी व्यक्ति की आवश्यकता की पूर्ति के लिए दान देते हैं तो वह हमारे दान को भी देखता है और दान के पीछे हमारी भावना को भी जानता है (मरकुस 12:41-44)। वह हमारी व्यक्तिगत प्रार्थनाएं भी सुनता है और हमारे उपवास में हमारी बाहरी दशा का भी ध्यान करता है (मत्ती 6:6, 18)।

   हमारा इस एहसास के साथ जीवन व्यतीत करना कि परमेश्वर हमारी निगरानी कर रहा है तथा हमारे बारे में सब कुछ जानता है, हमें दूसरों की नज़रों में होने से संबंधित व्यर्थ चिंताओं से बचाता है। जब हम कुछ अच्छा या सही करें तो हमें किसी अन्य देखने वाले से प्रशंसा पाने की इच्छा रखने की आवश्यकता नहीं है। यदि हम किसी पाप में पड़ें, तो उसके लिए परमेश्वर से तथा जिस को हानि पहुँची है उससे क्षमा पा लेने के पश्चात और किसी से कुछ पा लेने का ध्यान करने की भी आवश्यकता नहीं है। हम यह जानकर निश्चिंत रह सकते हैं कि, "देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए।..." (2 इतिहास 16:9)। परमेश्वर की निगरानी में रहने से बढ़कर निशचिंतता की बात और कुछ हो नहीं सकती। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


लोग देखते हैं कि हम क्या कर रहे हैं; परमेश्वर देखता है कि हम क्यों कर रहे हैं!

वह हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला देगा। जो सुकर्म में स्थिर रहकर महिमा, और आदर, और अमरता की खोज में है, उन्हें वह अनन्त जीवन देगा। पर जो विवादी हैं, और सत्य को नहीं मानते, वरन अधर्म को मानते हैं, उन पर क्रोध और कोप पड़ेगा। - रोमियों 2:6-8

बाइबल पाठ: मत्ती 6:1-5, 16-18
Matthew 6:1 सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे। 
Matthew 6:2 इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके। 
Matthew 6:3 परन्तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए। 
Matthew 6:4 ताकि तेरा दान गुप्‍त रहे; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा। 
Matthew 6:5 और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े हो कर प्रार्थना करना उन को अच्छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके। 
Matthew 6:6 परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्‍द कर के अपने पिता से जो गुप्‍त में है प्रार्थना कर; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा। 
Matthew 6:16 जब तुम उपवास करो, तो कपटियों की नाईं तुम्हारे मुंह पर उदासी न छाई रहे, क्योंकि वे अपना मुंह बनाए रहते हैं, ताकि लोग उन्हें उपवासी जानें; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके। 
Matthew 6:17 परन्तु जब तू उपवास करे तो अपने सिर पर तेल मल और मुंह धो। 
Matthew 6:18 ताकि लोग नहीं परन्तु तेरा पिता जो गुप्‍त में है, तुझे उपवासी जाने; इस दशा में तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 9-10
  • लूका 5:17-39