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बुधवार, 28 सितंबर 2016

अवसर


   अनेकों अन्य शहरों के समान, अमेरिका के अलाबामा प्रांत में स्थित शहर एंटरप्राइज़ में भी वहाँ की विशिष्ट बात के लिए एक प्रतिष्ठित स्मारक बनाया गया है। लेकिन यह स्मारक अन्य किसी भी स्मारक से बहुत भिन्न है क्योंकि यह ना तो वहाँ के किसी प्रतिष्ठित नागरिक के सम्मान में है, और ना ही वहाँ की किसी विशेष वस्तु अथवा उपलब्धि के लिए है। वह स्मारक रूई की खेती को बरबाद करने वाले एक छोटे से कीड़े बॉल वीविल के सम्मान में है।

   सन 1900 के आरंभिक वर्षों में बॉल वीविल मेक्सिको से दक्षिणी अमेरिका में आया और कुछ ही समय में उस कीड़े ने उस इलाके की आय के प्रमुख स्त्रोत, कपास के खेतों को बरबाद कर दिया। उस कीड़े के कारण आई निराशा और मजबूरी में पड़े किसान कपास छोड़कर एक अन्य फसल - मूँगफली उगाने लगे, जिसपर बॉल वीविल का ज़ोर नहीं चलता था। साथ ही उन्होंने इस बात को भी पहचाना कि वे एक ही प्रकार की फसल पर आवश्यकता से अधिक निर्भर हो गए थे, और बॉल वीविल ने उन्हें फसलों में विविधता लाने पर मजबूर किया, जो उनके लिए और भी अधिक समृद्ध होने का कारण हो गया। इसी बात का श्रेय उस कीड़े को देते हुए उसका वह स्मारक एंटरप्राइज़ शहर में बनाया गया।

   यह घटना और बॉल वीविल से मिली यह शिक्षा हमारे जीवनों में कभी-कभी आने वाली उन परिस्थितियों के समान है जो वह सब कुछ बरबाद कर देती हैं जिसे हमने वर्षों की मेहनत और लगन से बनाकर खड़ा किया है। यह बरबादी आर्थिक, या शारीरिक एवं सेहत संबंधी, या हमारी भावनाओं से संबंधित या अन्य किसी प्रकार की हो सकती है, और उस समय बहुत भयावह होती है; हमें लगता है कि अब कुछ नहीं हो सकता, बस यही अन्त है। लेकिन जैसे एंटरप्राइज़ शहर के लोगों ने सीखा, किसी पुराने की हानि उठाना एक नई आशीष को सीखने का अवसर बन सकता है। परमेश्वर भी हमारे जीवनों में कठिन परिस्थितियों को हमारी किसी पुरानी बुरी आदत को छुड़ाने या फिर हमें कोई नया सदगुण सिखाने के लिए कर सकता है। परमेश्वर ने ऐसा ही पौलुस के साथ किया, जब उसे अनुग्रह के और गहरे अर्थ को समझाने-सिखाने के लिए उसके शरीर में एक कष्ट को आने दिया (2 कुरिन्थियों 12:7-9)।

   बजाए इसके कि हम उन पुरानी बातों या आदतों में बने रहें जो अब प्रभावी और उपयोगी नहीं रही हैं, और उनके जाने से शोकित हों, निराशा में पड़ें; उन परिस्थितियों को जो उन पुरानी बातों को हमारे जीवनों से निकालने में सहायक होती हैं, परमेश्वर की ओर से दिए गए नई आशीषों को पाने के अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए और उन से शिक्षा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर अकसर कठिन अनुभवों के द्वारा हमारे जीवनों को बेहतर बनाता है।

मुझे जो दु:ख हुआ वह मेरे लिये भला ही हुआ है, जिस से मैं तेरी विधियों को सीख सकूं। - भजन 119:71

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 12:7-10
2 Corinthians 12:7 और इसलिये कि मैं प्रकाशों की बहुतायत से फूल न जाऊं, मेरे शरीर में एक कांटा चुभाया गया अर्थात शैतान का एक दूत कि मुझे घूँसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊं। 
2 Corinthians 12:8 इस के विषय में मैं ने प्रभु से तीन बार बिनती की, कि मुझ से यह दूर हो जाए। 
2 Corinthians 12:9 और उसने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। 
2 Corinthians 12:10 इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्‍दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्‍त होता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 5-6
  • इफिसियों 1


मंगलवार, 27 सितंबर 2016

सर्वोत्तम पुनर्मिलन


    मैं अपने पिता के जीवन के अन्तिम दिनों में उनके पास बैठे रहने के समय को कभी नहीं भूल पाऊँगा। आज भी उनके इस पृथ्वी को छोड़कर अनन्त में प्रवेश करने के उस पल को स्मरण करना मुझ पर एक गहरा प्रभाव छोड़ता है। मेरे पिता ने अपने आप को मेरे लिए हर समय उपलब्ध कर रखा था; जब भी मुझे सलाह की आवश्यकता होती मैं निःसंकोच उन्हें फ़ोन कर सकता था, उनसे बात कर सकता था। उनके साथ जाकर मछली पकड़ने के समयों की यादें मुझे बहुत प्रीय हैं; हम परमेश्वर और बाइबल के बारे में बातें किया करते थे और मैं उनको उनके लड़कपन के वो मज़ेदार किस्से सुनाने को भी उकसाता था, जो उन्होंने फार्म के अपने समय में अनुभव किए थे।

   लेकिन जब पिताजी ने अपने जीवन की अन्तिम साँस ली, तब मैं मृत्यु की अपरिवर्तनीय अन्तिमता से भी परिचित हो गया। अब वे इस संसार से चले गए थे और मेरे हृदय में एक स्थान रिक्त हो गया था।

   लेकिन ऐसी हानि और दुःख के समयों में भी, परमेश्वर का वचन बाइबल उस खालीपन में प्रोत्साहित करती है। प्रेरित पौलुस में होकर परमेश्वर के पवित्र आत्मा ने हमें सिखाया है कि प्रभु यीशु के पुनःआगमन पर जो मसीही विश्वासी हमसे पहले पृथ्वी से जा चुके हैं वे पहले जी उठेंगे, और "तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिये जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे" (1 थिस्सुलुनीकियों 4:17)। अब, यह वह सर्वोत्तम पुनर्मिलन है मैं जिसकी प्रतीक्षा आतुरता से कर रहा हूँ; केवल अपने पिताजी से ही पुनःमिलने के लिए नहीं, वरन प्रभु यीशु से मिलकर अनन्तकाल तक स्वर्ग में उसके साथ रहने के लिए।

   मैं उस आने वाले सर्वोत्तम पुनर्मिलन की प्रतीक्षा में हूँ; और आप?


मसीही विश्वासी कभी अलविदा नहीं कहते। - सी. एस. ल्युईस

हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? - 1 कुरिन्थियों 15:55

बाइबल पाठ: 1 थिस्सुलुनीकियों 4:13-18
1 Thessalonians 4:13 हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाईं शोक करो जिन्हें आशा नहीं। 
1 Thessalonians 4:14 क्योंकि यदि हम प्रतीति करते हैं, कि यीशु मरा, और जी भी उठा, तो वैसे ही परमेश्वर उन्हें भी जो यीशु में सो गए हैं, उसी के साथ ले आएगा। 
1 Thessalonians 4:15 क्योंकि हम प्रभु के वचन के अनुसार तुम से यह कहते हैं, कि हम जो जीवित हैं, और प्रभु के आने तक बचे रहेंगे तो सोए हुओं से कभी आगे न बढ़ेंगे। 
1 Thessalonians 4:16 क्योंकि प्रभु आप ही स्वर्ग से उतरेगा; उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे। 
1 Thessalonians 4:17 तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिये जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे। 
1 Thessalonians 4:18 सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 3-4
  • गलतियों 6


सोमवार, 26 सितंबर 2016

भरोसा


   ऑस्ट्रेलिया से आए एक समाचार ने दोनों टाँगों के निष्क्रीय होने से पीड़ित पास्केल ऑनोरे नामक एक महिला के बारे में बताया, जो 18 वर्ष से पहिए वाली कुर्सी के द्वारा ही इधर-उधर जाने के लिए मजबूर थी, लेकिन अब समुद्र की लहरों पर सर्फिंग का आनन्द लेती है! कैसे?

   उन लहरों पर सर्फिंग करने वाला एक जवान, टाई स्वान, उसे अपनी पीठ पर बाँध लेता है। अपना संतुलन सही बना लेने के पश्चात टाई स्वान लहरों में जाता है जिससे वे एक ऊँची लहर पर स्वार होकर सर्फ कर सकें और ऑनोरे को सर्फिंग के रोमाँच का आनन्द मिल सके। ऐसा कर सकने लिए बहुत भरोसे की आवश्यकता होती है, क्योंकि ऐसा करने में बहुत कुछ बिगड़ सकता है। लेकिन ऑनोरे का टाई स्वान में भरोसा, उन खतरों के बावजूद, उसे अपने मन की तीव्र इच्छा को साकार करने की क्षमता प्रदान करता है।

   हम मसीही विश्वासियों के लिए भी जीवन कुछ ऐसा ही है। हम खतरों से भरे संसार में रहते हैं जहाँ अप्रत्याशित चुनौतियाँ और अनजाने जोखिम कदम कदम पर हमें आहत करने के लिए मूँह बाए खड़े रहते हैं। लेकिन फिर भी हमारे पास अलौकिक आनन्द है क्योंकि हमने एक ऐसे पर भरोसा किया है जो हमें हर खतरे और परिस्थिति के पार सुरक्षित उतार लाने में सक्षम और सामर्थी है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा, "परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों" (भजन 5:11)।

   जीवन के बड़े खतरों और चुनौतियों में परमेश्वर पर किए गए भरोसे के कारण हम आनन्दित रह सकते हैं; क्योंकि उसकी सामर्थ हमारे जीवन के हर खतरे, चुनौती और परिस्थिति से कहीं बढ़कर है। - बिल क्राउडर


कमज़ोरियों को परमेश्वर की सामर्थ के हवाले कर देने के परिणाम
हमारे भरोसे को और भी अधिक बढ़ा देते हैं।

मैं ने परमेश्वर पर भरोसा रखा है, मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है? - भजन 56:11

बाइबल पाठ: भजन 5:1-12
Psalms 5:1 हे यहोवा, मेरे वचनों पर कान लगा; मेरे ध्यान करने की ओर मन लगा। 
Psalms 5:2 हे मेरे राजा, हे मेरे परमेश्वर, मेरी दोहाई पर ध्यान दे, क्योंकि मैं तुझी से प्रार्थना करता हूं। 
Psalms 5:3 हे यहोवा, भोर को मेरी वाणी तुझे सुनाई देगी, मैं भोर को प्रार्थना कर के तेरी बाट जोहूंगा। 
Psalms 5:4 क्योंकि तू ऐसा ईश्वर नहीं जो दुष्टता से प्रसन्न हो; बुराई तेरे साथ नहीं रह सकती।
Psalms 5:5 घमंडी तेरे सम्मुख खड़े होने न पांएगे; तुझे सब अनर्थकारियों से घृणा है। 
Psalms 5:6 तू उन को जो झूठ बोलते हैं नाश करेगा; यहोवा तो हत्यारे और छली मनुष्य से घृणा करता है। 
Psalms 5:7 परन्तु मैं तो तेरी अपार करूणा के कारण तेरे भवन में आऊंगा, मैं तेरा भय मानकर तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत करूंगा। 
Psalms 5:8 हे यहोवा, मेरे शत्रुओं के कारण अपने धर्म के मार्ग में मेरी अगुवाई कर; मेरे आगे आगे अपने सीधे मार्ग को दिखा। 
Psalms 5:9 क्योंकि उनके मुंह में कोई सच्चाई नहीं; उनके मन में निरी दुष्टता है। उनका गला खुली हुई कब्र है, वे अपनी जीभ से चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं। 
Psalms 5:10 हे परमेश्वर तू उन को दोषी ठहरा; वे अपनी ही युक्तियों से आप ही गिर जाएं; उन को उनके अपराधों की अधिकाई के कारण निकाल बाहर कर, क्योंकि उन्होंने तुझ से बलवा किया है।
Psalms 5:11 परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों।
Psalms 5:12 क्योंकि तू धर्मी को आशिष देगा; हे यहोवा, तू उसको अपने अनुग्रहरूपी ढाल से घेरे रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 1-2
  • गलतियों 5


रविवार, 25 सितंबर 2016

बोलना और सुनना


   वर्षों पहले किसी अज्ञात लेखक ने हमारे बोलने को सीमित रखने की बुद्धिमता से संबंधित एक लघु-कविता लिखी, जो कुछ इस प्रकार है:
एक बुद्धिमान बुज़ुर्ग उल्लू बाँझ वृक्ष पर रहता था;
जितना अधिक वह देखता था उतना ही कम वह बोलता था;
जितना कम वह बोलता था, उतना अधिक वह सुनता था;
क्यों नहीं हम उस उस बुद्धिमान पक्षी के समान बनते?

   बुद्धिमानी और हमारे बोलने को सीमित रखने में एक संबंध है; परमेश्वर का वचन बाइबल भी इस बात को सिखाती है: "जहां बहुत बातें होती हैं, वहां अपराध भी होता है, परन्तु जो अपने मुंह को बन्द रखता है वह बुद्धि से काम करता है" (नीतिवचन 10:19)। कुछ परिस्थितियों में हम क्या और कितना बोलते है, इसके प्रति सावधान रहने में बुद्धिमानी होती है। जब हम क्रोध या आवेश में हों तो अपने बोले गए शब्दों के प्रति सचेत और संयमी रहना भला होता है: "हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्‍पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो" (याकूब 1:19)। परमेश्वर की उपस्थिति में अपने शब्दों के प्रयोग का नियंत्रण करना, उनके प्रति संयमी होना परमेश्वर के प्रति हमारे आदर और श्रद्धा को भी दिखाता है: "बातें करने में उतावली न करना, और न अपने मन से कोई बात उतावली से परमेश्वर के साम्हने निकालना, क्योंकि परमेश्वर स्वर्ग में हैं और तू पृथ्वी पर है; इसलिये तेरे वचन थोड़े ही हों" (सभोपदेशक 3:7)। जब लोग दुःखी हों तो उनसे सांत्वना के बहुत शब्द कहने की बजाए उनके साथ हमारी मूक उपस्थिति उनके लिए कहीं अधिक शांतिदायक और सहायक हो सकती है: "तब वे सात दिन और सात रात उसके संग भूमि पर बैठे रहे, परन्तु उसका दु:ख बहुत ही बड़ा जान कर किसी ने उस से एक भी बात न कही" (अय्यूब 2:13)।

   परमेश्वर का वचन हमें सिखाता है कि बोलने का भी समय होता है और शांत रहने का भी (सभोपदेशक 3:7)। कम बोलना हमें अधिक सुनने वाला वाला बनाता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


या तो आपके बोल आपके शांत रहने से बेहतर हों; 
अन्यथा शांत रहना बेहतर होता है।

फाड़ने का समय, और सीने का भी समय; चुप रहने का समय, और बोलने का भी समय है; - (सभोपदेशक 3:7)

बाइबल पाठ: नीतिवचन 10:17-21
Proverbs 10:17 जो शिक्षा पर चलता वह जीवन के मार्ग पर है, परन्तु जो डांट से मुंह मोड़ता, वह भटकता है। 
Proverbs 10:18 जो बैर को छिपा रखता है, वह झूठ बोलता है, और जो अपवाद फैलाता है, वह मूर्ख है। 
Proverbs 10:19 जहां बहुत बातें होती हैं, वहां अपराध भी होता है, परन्तु जो अपने मुंह को बन्द रखता है वह बुद्धि से काम करता है। 
Proverbs 10:20 धर्मी के वचन तो उत्तम चान्दी हैं; परन्तु दुष्टों का मन बहुत हलका होता है। 
Proverbs 10:21 धर्मी के वचनों से बहुतों का पालन पोषण होता है, परन्तु मूढ़ लोग निर्बुद्धि होने के कारण मर जाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 6-8
  • गलतियों 4


शनिवार, 24 सितंबर 2016

साथ


   यूरोपिय देश स्पेन के कैनरी द्वीप समूह में एक छोटा सा द्वीप है, ला गोमेरा; इस द्वीप में एक भाषा को, जो पक्षियों की आवाज़ के समान सुनाई देती है, पुनर्जीवित किया जा रहा है। वह द्वीप गहरी घाटियों और ऊँची खड़ी चट्टानों का देश है, जहाँ पर स्कूली बच्चे और सैलानी सीख रहे हैं कि कैसे एक समय पर सीटी बजाकर 2 मील दूर तक भी संदेश भेजे जाते थे। भेड़-बकरियों के एक चरवाहे ने, जो इस प्राचीन संपर्क ’भाषा’ का प्रयोग अपने झुण्ड से संपर्क करने के लिए करता है, कहा: "ये मेरी सीटी को वैसे ही पहिचानती हैं जैसे मेरी आवाज़ को।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी इस प्रकार से सीटी बजाने का उपयोग होने का उल्लेख है। ज़कर्याह नबी की पुस्तक में परमेश्वर को एक चरवाहे के समाने अपने झुण्ड को एकत्रित करने के लिए सीटी का उपयोग करते हुए बताया गया है। परमेश्वर के लोग, जो उससे भटक कर संसार में तितर-बितर हो गए हैं, उन्हें पुनः अपने पास एकत्रित करने के लिए परमेश्वर सीटी बजाकर उन्हें बुलाएगा (ज़कर्याह 10:8)।

   जकर्याह द्वारा कही इस बात के सैंकड़ों वर्षों के पश्चात, प्रभु यीशु ने कहा, "मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं" (यूहन्ना 10:27)। भेड़ें किसी भाषा के शब्द तो नहीं समझती परन्तु अपने चरवाहे की आवाज़ को पहिचानती हैं, चाहे वह सीटी हो या फिर उच्चारण किए गए किसी भाषा के कोई शब्द। चरवाहे की आवाज़ उन्हें आश्वस्त करती है कि उनका रखवाला उनके साथ है, उनके पास है।

   जैसा ज़कर्याह 10:2 में लिखा है, भ्रामक आवाज़ें और ध्यान भंग करने वाला शोर हमारे ध्यान को परमेश्वर से अलग करने के लिए प्रयासरत रहता है; लेकिन परमेश्वर बिना कोई शब्द कहे भी हमारे साथ बनी रहने वाली अपनी उपस्थिति का एहसास हमें कराता रहता है, जिसका एक माध्यम है परिस्थितियाँ; जो चाहे प्रोत्साहित करने वाले हों या भयप्रद, लेकिन परमेश्वर का उन पर नियंत्रण और उनके द्वारा जो वह हमें सिखाता-समझाता है, हमें आश्वस्त करता है कि वह हमारी रक्षा कर रहा है, हमारा मार्गदर्शन कर रहा है, हमारे साथ-साथ बना हुआ है। - मार्ट डी हॉन


परमेश्वर की पुकार का पता सदा लगता ही है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: ज़कर्याह 10:1-8
Zechariah 10:1 बरसात के अन्त में यहोवा से वर्षा मांगो, यहोवा से जो बिजली चमकाता है, और वह उन को वर्षा देगा और हर एक के खेत में हरियाली उपजाएगा। 
Zechariah 10:2 क्योंकि गृहदेवता अनर्थ बात कहते और भावी कहने वाले झूठा दर्शन देखते और झूठे स्वपन सुनाते, और व्यर्थ शान्ति देते हैं। इस कारण लोग भेड़-बकरियों की नाईं भटक गए; और चरवाहे न होने के कारण दुर्दशा में पड़े हैं।
Zechariah 10:3 मेरा क्रोध चरवाहों पर भड़का है, और मैं उन बकरों को दण्ड दूंगा; क्योंकि सेनाओं का यहोवा अपने झुण्ड अर्थात यहूदा के घराने का हाल देखने का आएगा, और लड़ाई में उन को अपना हृष्टपुष्ट घोड़ा सा बनाएगा। 
Zechariah 10:4 उसी में से कोने का पत्थर, उसी में से खूंटी, उसी में से युद्ध का धनुष, उसी में से सब प्रधान प्रगट होंगे। 
Zechariah 10:5 और वे ऐसे वीरों के समान होंगे जो लड़ाई में अपने बैरियों को सड़कों के कीच की नाईं रौंदते हों; वे लड़ेंगे, क्योंकि यहोवा उनके संग रहेगा, इस कारण वे वीरता से लड़ेंगे और सवारों की आशा टूटेगी।
Zechariah 10:6 मैं यहूदा के घराने को पराक्रमी करूंगा, और यूसुफ के घराने का उद्धार करूंगा। और मुझे उन पर दया आई है, इस कारण मैं उन्हें लौटा लाकर उन्हीं के देश में बसाऊंगा, और वे ऐसे होंगे, मानों मैं ने उन को मन से नहीं उतारा; मैं उनका परमेश्वर यहोवा हूं, इसलिये उनकी सुन लूंगा। 
Zechariah 10:7 एप्रैमी लोग वीर के समान होंगे, और उनका मन ऐसा आनन्दित होगा जैसे दाखमधु से होता है। यह देख कर उनके लड़केबाले आनन्द करेंगे और उनका मन यहोवा के कारण मगन होगा।
Zechariah 10:8 मैं सीटी बजाकर उन को इकट्ठा करूंगा, क्योंकि मैं उनका छुड़ाने वाला हूं, और वे ऐसे बढ़ेंगे जैसे पहले बढ़े थे।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 4-5
  • गलतियों 3


शुक्रवार, 23 सितंबर 2016

आपात स्थिति


   मार्च 2011 में एक विध्वंसकारी सुनामी जापान के तट से टकराई जिससे समुद्र के किनारे के गाँव तथा नगर उजड़ गए, और लगभग 16000 लोगों की जानें जाती रहीं। लेखिका तथा कवित्री ग्रेटल एर्लिच उस विनाश को देखने जब जापान पहुँची, तो जो कुछ उन्होंने देखा उसका बयान करने के लिए उनके पास शब्द नहीं थे; उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए उस परिस्थिति पर एक कविता लिखी। बाद में समाचार मीडिया को दिए एक टेलिविज़न साक्षात्कार में इस विषय पर बात करते हुए उन्होंने अपने एक दिवंगत मित्र और कवी विलियम स्टैफोर्ड का हवाला देकर कहा: "मेरे पुराने मित्र विलियम स्टैफोर्ड ने कहा था, कविता आत्मा की आपात स्थिति का उद्गार है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी गहरी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए, चाहे वे आनन्द से भरा स्तुतिगान हो या हानि से आया गहरा दुःख, हम कविता का भरपूरी से प्रयोग पाते हैं। जब राजा शाउल और उसका पुत्र योनातान युद्ध में मारे गए तो दाउद दुःख से अभिभूत हो गया (2 शमूएल 1:1-2) और अपने इस गहरे दुःख को व्यक्त करने के लिए उसने एक विलापगीत लिखा: "शाऊल और योनातन जीवनकाल में तो प्रिय और मनभाऊ थे, और अपनी मृत्यु के समय अलग न हुए; वे उकाब से भी वेग चलने वाले, और सिंह से भी अधिक पराक्रमी थे। हे इस्राएली स्त्रियो, शाऊल के लिये रोओ, वह तो तुम्हें लाल रंग के वस्त्र पहिनाकर सुख देता, और तुम्हारे वस्त्रों के ऊपर सोने के गहने पहिनाता था। हाय, युद्ध के बीच शूरवीर कैसे काम आए! हे योनातन, हे ऊंचे स्थानों पर जूझे हुए, हे मेरे भाई योनातन, मैं तेरे कारण दु:खित हूँ; तू मुझे बहुत मनभाऊ जान पड़ता था; तेरा प्रेम मुझ पर अद्‌भुत, वरन स्त्रियों के प्रेम से भी बढ़कर था" (1 शमूएल 1:23-26)।

   आज हमें यदि किसी आत्मा की आपात स्थिति का सामना करना पड़े, वह चाहे आनन्द की हो या दुःख की, हमारी प्रार्थना भी एक कविता के समान प्रमेश्वर के सामने हमारी भावनाएं प्रगट करती है; और हम परमेश्वर के वचन बाइबल से भी प्रार्थनाओं की उन कविताओं का प्रयोग अपनी भावना व्यक्त करने के लिए कर सकते हैं। चाहे अपने मन की बात कहने के लिए हमारे पास शब्द ना हों, लेकिन परमेश्वर का आत्मा हमारी सहायता करता है (रोमियों 8:26) और हमारे मन की भावनाओं को परमेश्वर के सामने प्रार्थना में प्रस्तुत करता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर केवल शब्दों को ही नहीं सुनता; वह दिल का हाल भी पढ़ता है।

इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है। - रोमियों 8:26

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 1:17-27
2 Samuel 1:17 (शाऊल और योनातन के लिये दाऊद का बनाया हुआ विलापगीत ) तब दाऊद ने शाऊल और उसके पुत्र योनातन के विषय यह विलापगीत बनाया, 
2 Samuel 1:18 और यहूदियों को यह धनुष नाम गीत सिखाने की आज्ञा दी; यह याशार नाम पुस्तक में लिखा हुआ है; 
2 Samuel 1:19 हे इस्राएल, तेरा शिरोमणि तेरे ऊंचे स्थान पर मारा गया। हाय, शूरवीर क्योंकर गिर पड़े हैं! 
2 Samuel 1:20 गत में यह न बताओ, और न अश्कलोन की सड़कों में प्रचार करना; न हो कि पलिश्ती स्त्रियाँ आनन्दित हों, न हो कि खतनारहित लोगों की बेटियां गर्व करने लगें। 
2 Samuel 1:21 हे गिलबो पहाड़ो, तुम पर न ओस पड़े, और न वर्षा हो, और न भेंट के योग्य उपज वाले खेत पाए जाएं! क्योंकि वहां शूरवीरों की ढालें अशुद्ध हो गई। और शाऊल की ढाल बिना तेल लगाए रह गई। 
2 Samuel 1:22 जूझे हुओं के लोहू बहाने से, और शूरवीरों की चर्बी खाने से, योनातन का धनुष लौट न जाता था, और न शाऊल की तलवार छूछी फिर आती थी। 
2 Samuel 1:23 शाऊल और योनातन जीवनकाल में तो प्रिय और मनभाऊ थे, और अपनी मृत्यु के समय अलग न हुए; वे उकाब से भी वेग चलने वाले, और सिंह से भी अधिक पराक्रमी थे। 
2 Samuel 1:24 हे इस्राएली स्त्रियो, शाऊल के लिये रोओ, वह तो तुम्हें लाल रंग के वस्त्र पहिनाकर सुख देता, और तुम्हारे वस्त्रों के ऊपर सोने के गहने पहिनाता था। 
2 Samuel 1:25 हाय, युद्ध के बीच शूरवीर कैसे काम आए! हे योनातन, हे ऊंचे स्थानों पर जूझे हुए, 
2 Samuel 1:26 हे मेरे भाई योनातन, मैं तेरे कारण दु:खित हूँ; तू मुझे बहुत मनभाऊ जान पड़ता था; तेरा प्रेम मुझ पर अद्‌भुत, वरन स्त्रियों के प्रेम से भी बढ़कर था। 
2 Samuel 1:27 हाय, शूरवीर क्योंकर गिर गए, और युद्ध के हथियार कैसे नाश हो गए हैं!

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 1-3
  • गलतियों 2


गुरुवार, 22 सितंबर 2016

सुसमाचार


   यदि आपने हवाई-अड्डों पर कभी स्वचलित मार्ग-पट्टी का प्रयोग किया है तो आप अवश्य बारंबार दोहराई जाने वाली चेतावनी, "सावधान! स्वचलित मार्ग-पट्टी समाप्त होने पर है" से परिचित होंगे। हवाई-अड्डों पर यह चेतावनी बारंबार क्यों दोहराई जाती है? इसलिए कि यात्री सावधान रहें, उस ’स्वचलित मार्ग-पट्टी’ के प्रयोग के समय किसी हानि से बचे रहें और यदि किसी को कोई हानि होती भी है तो वे हवाई-अड्डे को इसका ज़िम्मेदार ना बना सकें।

   बारंबार दोहराई जाने वाली चेतावनियाँ तथा घोषणाएं परेशान करने वाली हो सकती हैं, परन्तु उनकी उपयोगिता भी है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम परमेश्वर की अनेकों चेतावनियों और शिक्षाओं को बारंबार दोहराया गया पाते हैं। प्रेरित पौलुस ने गलतिया के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में, ऐसे ही एक महत्वपूर्ण चेतावनी को दोहराया है। पौलुस ने उन्हें सचेत किया कि यदि कोई भी, चाहे वह स्वयं, या चाहे कोई स्वर्गदूत ही आकर उन्हें ऐसा सुसमाचार सुनाए जो उस सुसमाचार से भिन्न हो जो वे पहले सुन चुके हैं, तो उस पर कदापि विश्वास ना करें (गलतियों 1:8)। इससे अगले पद में पौलुस ने फिर से यही बात दोहराई; क्योंकि यह चेतावनी दोहराने के योग्य थी। पौलुस को ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि गलतिया के वे मसीही विश्वासी, केवल परमेश्वर के अनुग्रह से मिलने वाली पाप क्षमा और केवल मसीह यीशु पर लाए गए विश्वास द्वारा उद्धार के सच्चे सुसमाचार से हटकर उस गलत शिक्षा की ओर मुड़ने लगे थे कि पाप क्षमा, उद्धार और परमेश्वर के साथ उनका संबंध उनके भले कार्यों और रीति-रिवाज़ों के पालन पर निर्भर है।

   प्रभु यीशु मसीह का सुसमाचार - उसमें लाए गए विश्वास द्वारा पापों की क्षमा और उद्धार, केवल उसकी मृत्यु, गाड़े जाने और पुनरुत्थान के द्वारा ही संभव है: "हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिस में तुम स्थिर भी हो। उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ। इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। और गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा" (1 कुरिन्थियों 15:1-4)। और यही वह सुसमाचार है जिसे दुनिया के लोगों को बताने की ज़िम्मेदारी प्रभु ने अपने अनुयायियों को सौंपी है (मत्ती 28:18-20; प्रेरितों 1:8)।

   जब हम प्रभु यीशु के सुसमाचार को लोगों के सामने रखें, तो सचेत रहें कि उस सुसमाचार को छोड़ जो परमेश्वर की ओर से हमें दिया गया है, अन्य किसी भी गलत ’सुसमाचार’ को ना सुनाएं। प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास और उसके अनुग्रह से मिलने वाली पापों की क्षमा द्वारा उद्धार ही एकमात्र एवं सच्चा सुसमाचार है। - डेव ब्रैनन


मसीह यीशु ही वह एकमात्र मार्ग है जो स्वर्ग ले जाता है।

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: गलतियों 1:1-10
Galatians 1:1 पौलुस की, जो न मनुष्यों की ओर से, और न मनुष्य के द्वारा, वरन यीशु मसीह और परमेश्वर पिता के द्वारा, जिसने उसको मरे हुओं में से जिलाया, प्रेरित है। 
Galatians 1:2 और सारे भाइयों की ओर से, जो मेरे साथ हैं; गलतिया की कलीसियाओं के नाम। 
Galatians 1:3 परमेश्वर पिता, और हमारे प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे। 
Galatians 1:4 उसी ने अपने आप को हमारे पापों के लिये दे दिया, ताकि हमारे परमेश्वर और पिता की इच्छा के अनुसार हमें इस वर्तमान बुरे संसार से छुड़ाए। 
Galatians 1:5 उस की स्‍तुति और बड़ाई युगानुयुग होती रहे। आमीन।
Galatians 1:6 मुझे आश्चर्य होता है, कि जिसने तुम्हें मसीह के अनुग्रह से बुलाया उस से तुम इतनी जल्दी फिर कर और ही प्रकार के सुसमाचार की ओर झुकने लगे। 
Galatians 1:7 परन्तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं: पर बात यह है, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं। 
Galatians 1:8 परन्तु यदि हम या स्वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हम ने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो। 
Galatians 1:9 जैसा हम पहिले कह चुके हैं, वैसा ही मैं अब फिर कहता हूं, कि उस सुसमाचार को छोड़ जिसे तुम ने ग्रहण किया है, यदि कोई और सुसमाचार सुनाता है, तो श्रापित हो। अब मैं क्या मनुष्यों को मनाता हूं या परमेश्वर को? क्या मैं मनुष्यों को प्रसन्न करना चाहता हूं? 
Galatians 1:10 यदि मैं अब तक मनुष्यों को ही प्रसन्न करता रहता, तो मसीह का दास न होता।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 10-12
  • गलतियों 1