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बुधवार, 26 अक्टूबर 2016

स्तुति और आराधना


   अनेकों वर्ष तक मेरी पत्नि के प्यानो और मेरे बैन्जो के मध्य कभी-कभार का और सामन्जस्य रहित संबंध रहा। लेकिन फिर मेरी पत्नि जैनेट ने मेरे जन्म दिन के उपहार के लिए एक नया गिटार खरीदा, और मेरे पुराने गिटार को बजाना सीखने की इच्छा प्रगट करी। जैनेट एक बहुत माहिर संगीतज्ञ है, और हम शीघ्र ही अपने अपने गिटार पर एक साथ परमेश्वर की स्तुति और आराधना के गीत गाने लग गए। मैं यह कह सकता हूँ कि हमारे घर में अब एक नया ही स्तुति संबंध स्थापित हो गया है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में जब भजनकार परमेश्वर की स्तुति और आराधना के लिए प्रेरित हुआ तो उसके आरंभिक शब्द थे, क्योंकि परमेश्वर ने अद्भुत कार्य किए हैं इसलिए सारी पृथ्वी इस स्तुति और आराधना में सम्मिलित हो (भजन 98:1); "हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो; उत्साहपूर्वक जयजयकार करो, और भजन गाओ" (पद 4); । उसने परमेश्वर की स्तुति के लिए वाद्यों के प्रयोग के लिए कहा, "वीणा बजा कर यहोवा का भजन गाओ, वीणा बजा कर भजन का स्वर सुनाओ। तुरहियां और नरसिंगे फूंक फूंककर यहोवा राजा का जयजयकार करो" (पद 5, 6)। उसने समुद्र, नदियों, पहाड़ियों, सारी मानव जाति को, अर्थात सारी सृष्टि को एक नए गीत के साथ इस स्तुति और आराधना में सम्मिलित होने को कहा (पद 7, 8)।

   आज अपने हृदयों को अन्य लोगों तथा परमेश्वर की सृष्टि के साथ जोड़ें और अपने महान सृष्टिकर्ता तथा उद्धारकर्ता परमेश्वर की स्तुति और आराधना में सम्मिलित हों। - डेनिस फिशर


परमेश्वर साधारण वस्तुओं को भी अपनी स्तुति-गान के लिए उपयोग कर सकता है।

याह की स्तुति करो, क्योंकि यहोवा भला है; उसके नाम का भजन गाओ, क्योंकि यह मन भाऊ है! - भजन 135:3

बाइबल पाठ: भजन 98:1-9
Psalms 98:1 यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ, क्योंकि उसने आश्चर्यकर्म किए है! उसके दाहिने हाथ और पवित्र भुजा ने उसके लिये उद्धार किया है! 
Psalms 98:2 यहोवा ने अपना किया हुआ उद्धार प्रकाशित किया, उसने अन्यजातियों की दृष्टि में अपना धर्म प्रगट किया है। 
Psalms 98:3 उसने इस्राएल के घराने पर की अपनी करूणा और सच्चाई की सुधि ली, और पृथ्वी के सब दूर दूर देशों ने हमारे परमेश्वर का किया हुआ उद्धार देखा है।
Psalms 98:4 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो; उत्साहपूर्वक जयजयकार करो, और भजन गाओ! 
Psalms 98:5 वीणा बजा कर यहोवा का भजन गाओ, वीणा बजा कर भजन का स्वर सुनाओ। 
Psalms 98:6 तुरहियां और नरसिंगे फूंक फूंककर यहोवा राजा का जयजयकार करो।
Psalms 98:7 समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें; जगत और उसके निवासी महाशब्द करें! 
Psalms 98:8 नदियां तालियां बजाएं; पहाड़ मिलकर जयजयकार करें। 
Psalms 98:9 यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है। वह धर्म से जगत का, और सीधाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 9-11
  • 1 तिमुथियुस 6


मंगलवार, 25 अक्टूबर 2016

प्रार्थना


   जब मेरे पति को अचानक ही आपात स्थिति में ऑपरेशन के लिए अस्पताल ले कर जाना पड़ा, तब मैं फोन के द्वारा परिवार और निकट संबंधियों को इसके बारे में बताने लगी। मेरी बहन और उसके पति तुरंत ही मेरे साथ रहने के लिए मेरे पास अस्पताल में आ गए, और वहाँ प्रतीक्षा के समय में हम प्रार्थना करने लगे। मेरे पति की बहन ने जब फोन पर मेरी चिंतित आवाज़ को सुना तो उसने तुरंत कहा, "सिंडी क्या मैं अभी तुम्हारे साथ प्रार्थना कर सकती हूँ?" जब हमारे पास्टर और उनकी पत्नि आए, तो उन्होंने भी आकर हमारे साथ प्रार्थना करी।

   प्रसिद्ध मसीही लेखक और प्रचारक ऑस्वॉल्ड चैम्बर्स ने लिखा था: "हम अकसर प्रार्थना को अपने अन्तिम प्रयास की तरह प्रयोग करते हैं, जबकि परमेश्वर चाहता है कि प्रार्थना हमारी सुरक्षा की सर्वप्रथम पंक्ति होनी चाहिए। बहुदा हम तब प्रार्थना करते हैं जब करने के लिए और कुछ नहीं बचता, लेकिन परमेश्वर चाहता है कि कुछ भी करने से पहले हम प्रार्थना करें।"

   अपने मूल स्वरूप में प्रार्थना परमेश्वर से वार्तालाप के अलावा और कुछ भी नहीं है; ऐसा वार्तालाप जो इस आशा के साथ किया जाए कि परमेश्वर ना केवल सुनता है वरन उत्तर भी देता है। प्रार्थना हमारा अन्तिम प्रयास नहीं होना चाहिए। अपने वचन बाइबल में परमेश्वर हमें प्रोत्साहित करता है कि हम हर बात के लिए उसके साथ प्रार्थना में रहें: "किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं" (फिलिप्पियों 4:6)। हमारे प्रभु परमेश्वर ने हमें अपना वायदा दिया है, "क्योंकि जहां दो या तीन मेरे नाम पर इकट्ठे होते हैं वहां मैं उन के बीच में होता हूं" (मत्ती 18:20)।

   हम में से जिन लोगों ने परमेश्वर की सामर्थ को अनुभव किया है, उनके लिए हर बात में सर्वप्रथम परमेश्वर को पुकारना स्वाभाविक हो जाता है। उन्नीसवीं शताबदी के पास्टर एन्ड्रयू मर्रे ने कहा है, "प्रार्थना परमेश्वर के लिए मार्ग तैयार करती है कि वह हम में और हमारे लिए कार्य कर सके।" इसीलिए प्रथम मसीही मण्डली के चार आधारभूत सिद्धांतों में से एक था प्रार्थना (प्रेरितों  2:42) और प्रेरित पौलुस ने थिस्सुलुनिकीया के मसीही विश्वासियों को लिखा, "निरन्‍तर प्रार्थना में लगे रहो" (1 थिस्सुलुनीकियों 5:17)। - सिंडी कैस्पर


मसीही विश्वास के जीवन का सिद्धांत: सर्वप्रथम प्रार्थना, फिर कुछ अन्य।

और वे प्रेरितों से शिक्षा पाने, और संगति रखने में और रोटी तोड़ने में और प्रार्थना करने में लौलीन रहे। - प्रेरितों 2:42

बाइबल पाठ: याकूब 5:13-16
James 5:13 यदि तुम में कोई दुखी हो तो वह प्रार्थना करे: यदि आनन्‍दित हो, तो वह स्‍तुति के भजन गाए। 
James 5:14 यदि तुम में कोई रोगी हो, तो कलीसिया के प्राचीनों को बुलाए, और वे प्रभु के नाम से उस पर तेल मल कर उसके लिये प्रार्थना करें। 
James 5:15 और विश्वास की प्रार्थना के द्वारा रोगी बच जाएगा और प्रभु उसको उठा कर खड़ा करेगा; और यदि उसने पाप भी किए हों, तो उन की भी क्षमा हो जाएगी। 
James 5:16 इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 6-8
  • 1 तिमुथियुस 5


सोमवार, 24 अक्टूबर 2016

ध्यान


   सिंगापुर एक छोटा सा द्वीप-देश है; वह आकार में इतना छोटा है कि संसार के नक्शों में उसे देख पाना कठिन होता है - यदि आप नहीं जानते हैं कि सिंगापुर कहाँ स्थित है तो संसार के नक्शे पर उसे ढूँढ़ कर देखें। क्योंकि सिंगापुर सघन आबादी वाला स्थान है, इसलिए वहाँ रहने वालों को एक दूसरे के प्रति ध्यानपूर्वक रहना होता है। एक व्यक्ति ने अपनी मंगेतर को, जो पहली बार सिंगापुर आ रही थी लिखा, "यहाँ स्थान बहुत सीमित है, इसलिए तुम्हें सदा ही अपने चारों ओर के स्थान का ध्यान रखना होगा। तुम्हें सदा ही यह ध्यान करना होगा कि कहीं तुम किसी अन्य के लिए बाधा तो नहीं बन रही हो। इस प्रकार ध्यान रखना ही यहाँ रहने की कुँजी है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने युवा पास्टर तीतुस को लिखा: "लोगों को सुधि दिला, कि हाकिमों और अधिकारियों के आधीन रहें, और उन की आज्ञा मानें, और हर एक अच्‍छे काम के लिये तैयार रहें। किसी को बदनाम न करें; झगडालू न हों: पर कोमल स्‍वभाव के हों, और सब मनुष्यों के साथ बड़ी नम्रता के साथ रहें" (तीतुस 3:1-2)। हम मसीही विश्वासियों के लिए यह कहा जाता है कि, "संभव है कि हमारे जीवन ही वह एकमात्र बाइबल हों जिसे लोग पढ़ते हैं।" संसार जानता है कि मसीही विश्वासी संसार के सामान्य लोगों से भिन्न होते हैं। यदि हम झगड़ालू, स्वार्थी और अशिष्ट होंगे तो फिर लोग मसीह यीशु और उस सुसमाचार के बारे में जिसका हम प्रचार करते हैं क्या सोचेंगे?

   दूसरों के प्रति सजग रहना, उनका ध्यान रखना जीवन जीने के लिए एक अच्छा आदर्श है, और यदि हम प्रभु यीशु पर आधारित और निर्भर जीवन जीते हैं तो ऐसा करना संभव भी है। साथ ही ऐसा जीवन संसार के सामने प्रत्यक्ष प्रमाण भी है कि प्रभु यीशु ना केवल पाप क्षमा करके उद्धार करता है, वरन जीवन को परिवर्तित भी करता है। - पोह फैंग चिया


आपकी गवाही आपके जीवन चरित्र जितनी ही प्रभावी होती है।

और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो। - 2 तिमुथियुस 2:24

बाइबल पाठ: तीतुस 3:1-7
Titus 3:1 लोगों को सुधि दिला, कि हाकिमों और अधिकारियों के आधीन रहें, और उन की आज्ञा मानें, और हर एक अच्‍छे काम के लिये तैयार रहें। 
Titus 3:2 किसी को बदनाम न करें; झगडालू न हों: पर कोमल स्‍वभाव के हों, और सब मनुष्यों के साथ बड़ी नम्रता के साथ रहें। 
Titus 3:3 क्योंकि हम भी पहिले, निर्बुद्धि, और आज्ञा न मानने वाले, और भ्रम में पड़े हुए, और रंग रंग के अभिलाषाओं और सुखविलास के दासत्‍व में थे, और बैरभाव, और डाह करने में जीवन निर्वाह करते थे, और घृणित थे, और एक दूसरे से बैर रखते थे। 
Titus 3:4 पर जब हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर की कृपा, और मनुष्यों पर उसकी प्रीति प्रगट हुई। 
Titus 3:5 तो उसने हमारा उद्धार किया: और यह धर्म के कामों के कारण नहीं, जो हम ने आप किए, पर अपनी दया के अनुसार, नए जन्म के स्‍नान, और पवित्र आत्मा के हमें नया बनाने के द्वारा हुआ। 
Titus 3:6 जिसे उसने हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह के द्वारा हम पर अधिकाई से उंडेला। 
Titus 3:7 जिस से हम उसके अनुग्रह से धर्मी ठहरकर, अनन्त जीवन की आशा के अनुसार वारिस बनें।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 3-5
  • 1 तिमुथियुस 4


रविवार, 23 अक्टूबर 2016

साफ-सुथरा


   मुझे आज भी अपने बचपन के समय में माँ द्वारा बहुदा कहे गए शब्द याद हैं, कि मैं जाकर अपने कमरे को साफ-सुथरा करूँ। माँ की बात सुनकर मैं निष्ठापूर्वक जाकर कमरे की सफाई करने तो लगता, लेकिन किसी कॉमिक के मिल जाने पर मैं उसे उसके स्थान पर रखने की बजाए उसे पढ़ने लग जाता, और समय ऐसे ही व्यर्थ निकलने लगता। तभी माँ की आवाज़ फिर से आती के वे पाँच मिनिट में कमरे की सफाई के हाल देखने आ रही हैं। इतने कम समय में ठीक से सफाई ना कर पाने के कारण, मैं सारा अस्त-व्यस्त सामान उठाकर अपनी आलमारी में भर कर आलमारी बन्द कर देता, और माँ के निरीक्षण करने आने की बाट जोहने लगता, इस आशा के साथ कि वे आकर मेरी आलमारी खोलकर नहीं देखेंगी।

   बचपन की यह हरकत आज मुझे वह स्मरण कराती है जो हम अकसर अपने जीवनों के साथ करते हैं। हम लोगों को दिखाने के लिए अपने जीवनों को बाहर से तो साफ कर देते हैं, लेकिन साथ ही यह भी आशा रखते हैं कि कोई भी हमारे जीवन की "आलमारी" खोलकर अन्दर की वास्तविकता को नहीं देखेगा, जहाँ हमने अपने तर्क, बहानों और दूसरों को दोषी ठहराने के द्वारा अपने पाप, बुराईयों और चरित्र की कमज़ोरियों को छुपा रखा है; क्योंकि हम भली-भांति जानते हैं कि चाहे हम बाहर से कितने भी भले प्रतीत क्यों ना हों, वास्तव में हमारे अन्दर वह सच्ची भलाई और सफाई नहीं है जो होनी चाहिए। स्वयं की यह सच्ची सफाई हम अपने आप कदापि नहीं कर सकते हैं; लेकिन परमेश्वर की सहायता और मार्ग-दर्शन से यह संभव है।

   परमेश्वर हम सभी को साफ-सुथरा करना चाहता है, यदि हम उसे करने दें तो। इसीलिए परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार हमें प्रोत्साहित करता है कि उसके समान हम भी अपने आप को परमेश्वर के निरीक्षण में ले आएं जिससे हम साफ-सुथरा हों: "हे ईश्वर, मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले! और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर" (भजन 139:23-24)। - जो स्टोवैल


क्योंकि परमेश्वर से हमारी कोई भी बात छिपी नहीं है, 
इसलिए उसके सामने अपनी सभी बातों को मान लेने में संकोच करना व्यर्थ है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: भजन 139:13-24
Psalms 139:13 मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा। 
Psalms 139:14 मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं। 
Psalms 139:15 जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं। 
Psalms 139:16 तेरी आंखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे। 
Psalms 139:17 और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।
Psalms 139:18 यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।
Psalms 139:19 हे ईश्वर निश्चय तू दुष्ट को घात करेगा! हे हत्यारों, मुझ से दूर हो जाओ। 
Psalms 139:20 क्योंकि वे तेरी चर्चा चतुराई से करते हैं; तेरे द्रोही तेरा नाम झूठी बात पर लेते हैं। 
Psalms 139:21 हे यहोवा, क्या मैं तेरे बैरियों से बैर न रखूं, और तेरे विरोधियों से रूठ न जाऊं? 
Psalms 139:22 हां, मैं उन से पूर्ण बैर रखता हूं; मैं उन को अपना शत्रु समझता हूं। 
Psalms 139:23 हे ईश्वर, मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले! 
Psalms 139:24 और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर!

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 1-2
  • 1 तिमुथियुस 3


शनिवार, 22 अक्टूबर 2016

परम मित्र


   मेरी एक मित्र के पति डिमेन्शिया रोग के कारण, जिसमें यादाश्त जाती रहती है तथा मरीज़ अपनी देखभाल, भूख-प्यास का निवारण और साफ-सफाई भी नहीं कर पाता, जीवन के अन्तिम चरणों में थे। उनकी देखभाल करने के लिए एक नर्स नियुक्त करी गई, और जब उनसे उस नर्स की प्रथम मुलाकात करवाई गई तो उन्होंने हाथ बढ़ाकर उसकी बाँह थाम ली, उसे रोका और कहा कि वे उसका परिचय अपने सबसे अच्छे और परम-मित्र से करवाना चाहते हैं, जो उनसे बहुत प्रेम करता है।

   क्योंकि वहाँ और कोई नहीं था, इसलिए उस नर्स को लगा कि अपने मानसिक रोग के कारण वे यूँ ही बड़बड़ा रहे हैं; लेकिन बाद में पता चला कि वे प्रभु यीशु की बात कर रहे थे। वह नर्स उनकी बात से बहुत प्रभावित हुई किंतु एक अन्य मरीज़ की देखभाल करने जाने के कारण वह उनकी पूरी बात सुन नहीं सकी और उसे जाना पड़ा। बाद में जब वह लौट कर उनके पास आई, तब तक वे पुनः अपनी बीमारी के प्रभाव में आ चुके थे, अपने आस-पास का बोध ना होने के अन्धकार में जा चुके थे।

   यद्यपि यह व्यक्ति डिमेन्शिया के अन्धकार में उतर गया था, लेकिन फिर भी उसे यह याद था कि उसका सबसे अच्छा मित्र प्रभु यीशु है, जो उससे बहुत प्रेम करता है। परमेश्वर हम मसीही विश्वासियों के मन की अथाह गहराईयों में निवास करता है। वह हमारे मन के सबसे गहरे अन्धकार को भी बींध कर अपने कोमल प्रेम और देखभाल के आश्वासन का उजियाला हमारे मनों में कर सकता है; कोई भी अन्धकार हमें उस से छुपा नहीं सकता है (भजन 139:12)।

   हम यह तो नहीं जानते कि हमारे अपने लिए या हमारे प्रीय जनों के लिए भविष्य में क्या रखा है। संभव है कि वे या हम भी किसी मानसिक अथवा शारीरिक रोग के कारण किसी अन्धकार में पड़ जाएं। लेकिन हम मसीही विश्वासियों को यह निश्चय और आश्वासन अवश्य है कि हमारे सबसे अच्छे और परम मित्र, हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु का साथ, देखभाल और मार्गदर्शन उस परिस्थिति में भी हमारे साथ बना रहेगा, हमें आश्वस्त तथा शान्त रखेगा। उस परम मित्र के प्रेम और व्यक्तिगत देखभाल से हमें कुछ भी, कोई भी, कभी भी अलग नहीं कर सकता है। - डेविड रोपर


प्रभु यीशु मुझ से प्रेम करता है, यह मैंने व्यक्तिगत अनुभव से जाना है।

क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ, न ऊंचाई, न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी| - रोमियों 8:38-39

बाइबल पाठ: भजन 139:7-12
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं? 
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है! 
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, 
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। 
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, 
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 65-66
  • 1 तिमुथियुस 2


शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2016

सहायक


   स्वतः साफ हो जाने वाले तन्दूर के आने से बहुत पहले से ही मेरा तन्दूर बहुत साफ रहता था। जब भी घर पर मेहमान खाने के लिए आते तो वे मेरे तन्दूर की सफाई को देखकर प्रशंसा करते और कहते, "तुम्हारा तन्दूर कितना साफ है; बिलकुल नए जैसा लगता है।" मैं इस प्रशंसा को ग्रहण कर लेती यद्यपि मैं जानती थी कि मैं इस प्रशंसा की भागी नहीं हूँ। मेरे तन्दूर के साफ-सुथरे रहने का कारण मेरी उसको रगड़ कर, मांझ कर रखने वाली कोई आदत नहीं थी; वह साफ-सुथरा और नए समान केवल इसलिए रहता था क्योंकि मैं शायद ही कभी उसका उपयोग करती थी!

   मैं विचार करती हूँ कि ऐसे ही ना जाने कितनी बार मैंने अपने "साफ-सुथरे" जीवन के लिए प्रशंसा को ग्रहण तो किया है लेकिन वास्तव में मैं उस प्रशंसा की भागी नहीं रही हूँ। लोगों के सामने यह छवि प्रस्तुत करना कि हम बड़े सदाचारी तथा अच्छे चरित्र के हैं कोई कठिन कार्य नहीं है; इसके लिए केवल इतना ही करना होता है कि आप ऐसा कुछ भी जो कठिन, विवादास्पद, या लोगों को पसन्द ना आने वाला हो कदापि नहीं करें। अपने आप को लोगों से थोड़ा पृथक रखें, और आपकी छवि कभी खराब नहीं होगी।

   लेकिन हम मसीही विश्वासियों से हमारे प्रभु परमेश्वर ने कहा है कि हम उन से भी प्रेम करें जो हम से सहमत नहीं हैं, जो हमारे मानकों को नहीं मानते हैं, जो हमें पसन्द नहीं करते हैं। व्यावाहरिक एवं प्रगट प्रेम की यह माँग है कि हम लोगों के जीवन में सम्मिलित हों, उनकी परेशानियों और अस्त-व्यस्त परिस्थितियों में भी। प्रभु यीशु की अपने समय के धार्मिक अगुवों के साथ अकसर तकरार रहती थी क्योंकि वे अगुवे संसार के सामने अपने आप को स्वच्छ और न्याय-संगत दिखाने के प्रयासों में अधिक संलग्न रहते थे बजाए इसके कि वे उन लोगों की आत्मिक आवश्यकताओं का ध्यान करें जिनके लिए वे ज़िम्मेदार थे। क्योंकि प्रभु यीशु और उसके चेले ऐसे लोगों से मिलते-जुलते और उनके साथ भोजन करते थे जिन्हें ये अगुवे पापी और तुच्छ समझते थे, इसलिए वे प्रभु और उसके चेलों को भी अशुद्ध और नीच मानते थे; जबकि प्रभु और उसके चेले तो केवल विनाश के मार्ग पर चल रहे लोगों को बचाने, सुधारने के प्रयास कर रहे थे (लूका 5:30-31)।

   मसीही विश्वासी, अर्थात मसीह यीशु के सच्चे अनुयायी, वे लोग होने चाहिएं जो पाप में फंसे दूसरे लोगों की सहायता के लिए अपनी प्रतिष्ठा को दाँव पर लगाने को तैयार हों; परेशानियों और परिस्थितियों में पड़े लोगों की सहायता के लिए संसार की धारणाओं के विमुख चलने को तैयार हों। - जूली ऐकैरमैन लिंक


मसीह यीशु ने हमें भेजा है ताकि हम औरों को ले आएं।

क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है। - लूका 19:10

बाइबल पाठ: लूका 5:27-32
Luke 5:27 और इसके बाद वह बाहर गया, और लेवी नाम एक चुंगी लेने वाले को चुंगी की चौकी पर बैठे देखा, और उस से कहा, मेरे पीछे हो ले। 
Luke 5:28 तब वह सब कुछ छोड़कर उठा, और उसके पीछे हो लिया। 
Luke 5:29 और लेवी ने अपने घर में उसके लिये बड़ी जेवनार की; और चुंगी लेने वालों की और औरों की जो उसके साथ भोजन करने बैठे थे एक बड़ी भीड़ थी। 
Luke 5:30 और फरीसी और उन के शास्त्री उस के चेलों से यह कहकर कुड़कुड़ाने लगे, कि तुम चुंगी लेने वालों और पापियों के साथ क्यों खाते-पीते हो? 
Luke 5:31 यीशु ने उन को उत्तर दिया; कि वैद्य भले चंगों के लिये नहीं, परन्तु बीमारों के लिये अवश्य है। 
Luke 5:32 मैं धर्मियों को नहीं, परन्तु पापियों को मन फिराने के लिये बुलाने आया हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 62-64
  • 1 तिमुथियुस 1


गुरुवार, 20 अक्टूबर 2016

शब्द


   आर्कड्यूक फ्रांसिस फर्डिनैंड और उनकी पत्नि सोफी की हत्या के प्रत्युत्तर में, 28 जुलाई 1914 को ऑसट्रिया तथा हंग्री की सेनाओं ने सर्बिया के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया। इसके 90 दिन के अन्दर ही अन्य यूरोपीय देश अपनी युद्ध संधियों के पालन तथा अपनी महत्वकांक्षाओं की पूर्ति के लिए इस युद्ध में शामिल हो गए; और हत्या की उस एक घटना ने बढ़ कर प्रथम विश्व-युद्ध का रूप ले लिया जो आधुनिक संसार के इतिहास के सबसे विनाशकारी युद्धों में से एक था; युद्ध की त्रासदी और नुकसान हिला देने वाले होते हैं।

   हमारे पारस्परिक तथा पारिवारिक संबंधों में भी कुछ ही घृणापूर्ण बातें ऐसी ही विनाशकारी दरारें उत्पन्न कर देती हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने लिखा, "वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े वन में आग लग जाती है" (याकूब 3:5); और नीतिवचन का लेखक वाद-विवाद से उत्पन्न होने वाले झगड़ों से बचे रहने का मार्ग बताता है: "कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध धधक उठता है" (नीतिवचन 15:1)।

   एक छोटी सी टिप्पणी बड़ा झगड़ा आरंभ कर सकती है। जब परमेश्वर के अनुग्रह और सामर्थ से हम अपने शब्दों द्वारा किसी से बदला ना लेने का निर्णय लेते हैं तो हम अपने प्रभु परमेश्वर यीशु मसीह का आदर करते हैं; जिसके जीवन एवं व्यवहार के विषय में यशायाह भविष्यद्वक्ता ने भविष्यवाणी करी थी कि, "वह सताया गया, तौभी वह सहता रहा और अपना मुंह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय वा भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला" (यशायाह 53:7); और जीवनपर्यन्त प्रभु यीशु ने अपमान, निन्दा और गाली सुनकर भी कभी किसी को बुरा नहीं कहा, किसी का बुरा नहीं किया।

   बाइबल में नीतिवचन की पुस्तक हम से अनुरोध करती है कि हम सदा सत्य बोलें और अपने शब्दों से भी शान्ति के मार्ग पर ही चलें: "शान्ति देने वाली बात जीवन-वृक्ष है, परन्तु उलट फेर की बात से आत्मा दु:खित होती है" (नीतिवचन 15:4)। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु मुझे अपनी शान्ति का माध्यम बनाएं;
जहाँ घृणा है, मैं वहाँ प्रेम बोने पाऊँ।

पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्र होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्‍छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है। - याकूब 3:17

बाइबल पाठ: नीतिवचन 15:1-23
Proverbs 15:1 कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध धधक उठता है। 
Proverbs 15:2 बुद्धिमान ज्ञान का ठीक बखान करते हैं, परन्तु मूर्खों के मुंह से मूढ़ता उबल आती है। 
Proverbs 15:3 यहोवा की आंखें सब स्थानों में लगी रहती हैं, वह बुरे भले दोनों को देखती रहती हैं। 
Proverbs 15:4 शान्ति देने वाली बात जीवन-वृक्ष है, परन्तु उलट फेर की बात से आत्मा दु:खित होती है। 
Proverbs 15:5 मूढ़ अपने पिता की शिक्षा का तिरस्कार करता है, परन्तु जो डांट को मानता, वह चतुर हो जाता है। 
Proverbs 15:6 धर्मी के घर में बहुत धन रहता है, परन्तु दुष्ट के उपार्जन में दु:ख रहता है। 
Proverbs 15:7 बुद्धिमान लोग बातें करने से ज्ञान को फैलाते हैं, परन्तु मूर्खों का मन ठीक नहीं रहता। 
Proverbs 15:8 दुष्ट लोगों के बलिदान से यहोवा धृणा करता है, परन्तु वह सीधे लोगों की प्रार्थना से प्रसन्न होता है। 
Proverbs 15:9 दुष्ट के चाल चलन से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु जो धर्म का पीछा करता उस से वह प्रेम रखता है। 
Proverbs 15:10 जो मार्ग को छोड़ देता, उसको बड़ी ताड़ना मिलती है, और जो डांट से बैर रखता, वह अवश्य मर जाता है। 
Proverbs 15:11 जब कि अधोलोक और विनाशलोक यहोवा के साम्हने खुले रहते हैं, तो निश्चय मनुष्यों के मन भी। 
Proverbs 15:12 ठट्ठा करने वाला डांटे जाने से प्रसन्न नहीं होता, और न वह बुद्धिमानों के पास जाता है। 
Proverbs 15:13 मन आनन्दित होने से मुख पर भी प्रसन्नता छा जाती है, परन्तु मन के दु:ख से आत्मा निराश होती है। 
Proverbs 15:14 समझने वाले का मन ज्ञान की खोज में रहता है, परन्तु मूर्ख लोग मूढ़ता से पेट भरते हैं। 
Proverbs 15:15 दुखिया के सब दिन दु:ख भरे रहते हैं, परन्तु जिसका मन प्रसन्न रहता है, वह मानो नित्य भोज में जाता है। 
Proverbs 15:16 घबराहट के साथ बहुत रखे हुए धन से, यहोवा के भय के साथ थोड़ा ही धन उत्तम है, 
Proverbs 15:17 प्रेम वाले घर में साग पात का भोजन, बैर वाले घर में पाले हुए बैल का मांस खाने से उत्तम है। 
Proverbs 15:18 क्रोधी पुरूष झगड़ा मचाता है, परन्तु जो विलम्ब से क्रोध करने वाला है, वह मुकद्दमों को दबा देता है। 
Proverbs 15:19 आलसी का मार्ग कांटों से रून्धा हुआ होता है, परन्तु सीधे लोगों का मार्ग राजमार्ग ठहरता है। 
Proverbs 15:20 बुद्धिमान पुत्र से पिता आनन्दित होता है, परन्तु मूर्ख अपनी माता को तुच्छ जानता है। 
Proverbs 15:21 निर्बुद्धि को मूढ़ता से आनन्द होता है, परन्तु समझ वाला मनुष्य सीधी चाल चलता है। 
Proverbs 15:22 बिना सम्मति की कल्पनाएं निष्फल हुआ करती हैं, परन्तु बहुत से मंत्रियों की सम्मत्ति से बात ठहरती है। 
Proverbs 15:23 सज्जन उत्तर देने से आनन्दित होता है, और अवसर पर कहा हुआ वचन क्या ही भला होता है! 

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 59-61
  • 2 थिस्सलुनीकियों 3