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सोमवार, 18 दिसंबर 2017

आश्वस्त


   पिछले 13 वर्षों से हमारे पास एक पालतु कुतिया रही है, और उसके सोने का स्थान हमारे पलंग के किनारे पर है। सामान्यतः, वहाँ लेटे हुए वह कोई शोर नहीं करती है, हिलती डुलती नहीं है। लेकिन पिछले कुछ समय से उसने रात में उठकर हमें अपने पंजों से टटोलना आरंभ किया हुआ है। पहले तो हमने सोचा कि वह बाहर जाना चाहती है, इसलिए हम उसे बाहर भी लेकर गए; परन्तु फिर हमें एहसास हुआ कि वह बस आश्वस्त होना चाहती है कि हम वहीं उसके पास ही हैं। अपनी आयु के कारण अब वह बहरी हो गई है और उसे दिखाई भी कम देने लगा है, जिससे न वह हमारी साँसों की आवाज़ सुनने पाती है, और न ही रात में हमें देखने पाती है। इसलिए वह बीच-बीच में उठकर आश्वस्त होना चाहती है कि हम वहीं उसके पास ही हैं। इसलिए मैं हाथ नीचे करके उसका सिर थपथपा देता हूँ या सहला देता हूँ, और वह आश्वस्त होकर फिर से सो जाती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, दाऊद ने परमेश्वर से पूछा, "मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?" (भजन 139:7)। दाऊद के लिए यह बड़े आश्वासन की बात थी। उसने आगे लिखा, "यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं" (पद 9-12)।

   आप क्या संसार के अन्धकार में भटक गए हैं? क्या दुखित, भयभीत, दोषी, शंका में, या निराश हैं? क्या परमेश्वर के विषय आश्वस्त नहीं हैं? उसके लिए कुछ भी अन्धकारमय नहीं है। चाहे वह दिखाई न भी दे, वह आपके निकट ही है; उसने इस बात का आश्वसन दिया है (इब्रानियों 13:5)। अपना हाथ उसकी ओर बढ़ाएं और उसे टटोलें; वह आपको कभी निराश नहीं करेगा, सदा आश्वस्त ही करेगा। - डेविड रोपर


परमेश्वर की उपस्थिति के एहसास से अन्धकारपूर्ण भय भाग जाते हैं।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 139:7-12
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं? 
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है! 
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, 
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। 
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, 
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • ओब्द्याह
  • प्रकाशितवाक्य 9


रविवार, 17 दिसंबर 2017

विश्राम


   लड़कपन में, पैसे कमाने के लिए, मैं अखबार बाँटने का काम किया करता था। क्योंकि मैं प्रातः के अखबार बाँटा करता था, इसलिए मुझे प्रति प्रातः, सप्ताह के सातों दिन, 3:00 बजे उठना होता था, जिससे मैं मुझे दिए गए 140 अखबार उनके घरों तक प्रातः के 6:00 बजने तक बाँट दूँ।

   परन्तु प्रति वर्ष एक दिन होता था जो अन्य दिनों से भिन्न था - हम क्रिसमस प्रातः का अखबार क्रिसमस संध्या को ही बाँट देते थे। इसका अर्थ था कि क्रिसमस ही वह एकमात्र दिन होता था जब मैं किसी भी अन्य सामान्य व्यक्ति के समान सुबह तक सोते हुए विश्राम ले सकता था।

   समय के साथ मैंने क्रिसमस की अनेकों कारणों से सराहना करना सीखा, परन्तु उन में से एक कारण जो उन दिनों मेरे लिए विशेष था, वह था, वर्ष के अन्य किसी भी दिन से अलग, क्रिसमस मेरे लिए विश्राम का दिन होता था।

   उस समय मैंने उस सच्चे विश्राम के बारे में, जो क्रिसमस लेकर आता है न अच्छे से समझा था और ना जाना था। लेकिन अब मैं जानता हूँ कि मसीह संसार में इसलिए आया कि जो लोग परमेश्वर के सम्मुख धर्मी ठहरने के लिए नियमों और व्यवस्था के कार्यों को पूरा करने के बोझ के तले दबे हुए हैं, जैसा कर पाना कभी संभव नहीं है, वे प्रभु यीशु मसीह से मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के द्वारा इस व्यर्थ कशमकश से छूटें और विश्राम पाएं। प्रभु यीशु ने कहा, "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28)।

   इस संसार में, जिसका अकेले सामना करना, हमारी सहनशक्ति से बाहर है, प्रभु यीशु मसीह हमें विश्राम देता है, जब हम अपने पापों के लिए पश्चाताप और उसे किए गए समर्पण के द्वारा उसके साथ एक संबंध में बंध जाते हैं। - बिल क्राउडर


जब हम प्रभु परमेश्वर में विश्राम करते हैं; तब हमारी आत्मा भी विश्राम पाती है।

यहोवा जो तेरा छुड़ाने वाला और इस्राएल का पवित्र है, वह यों कहता है, मैं ही तेरा परमेश्वर यहोवा हूं जो तुझे तेरे लाभ के लिये शिक्षा देता हूं, और जिस मार्ग से तुझे जाना है उसी मार्ग पर तुझे ले चलता हूं। भला होता कि तू ने मेरी आज्ञाओं को ध्यान से सुना होता! तब तेरी शान्ति नदी के समान और तेरा धर्म समुद्र की लहरों के समान होता; - यशायाह 48:17-18

बाइबल पाठ: मत्ती 11:28- 12:8
Matthew 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। 
Matthew 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे। 
Matthew 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।
Matthew 12:1 उस समय यीशु सब्त के दिन खेतों में से हो कर जा रहा था, और उसके चेलों को भूख लगी, सो वे बालें तोड़ तोड़ कर खाने लगे। 
Matthew 12:2 फरीसियों ने यह देखकर उस से कहा, देख तेरे चेले वह काम कर रहे हैं, जो सब्त के दिन करना उचित नहीं। 
Matthew 12:3 उसने उन से कहा; क्या तुम ने नहीं पढ़ा, कि दाऊद ने, जब वह और उसके साथी भूखे हुए तो क्या किया? 
Matthew 12:4 वह क्योंकर परमेश्वर के घर में गया, और भेंट की रोटियां खाईं, जिन्हें खाना न तो उसे और उसके साथियों को, पर केवल याजकों को उचित था? 
Matthew 12:5 या तुम ने व्यवस्था में नहीं पढ़ा, कि याजक सब्त के दिन मन्दिर में सब्त के दिन के विधि को तोड़ने पर भी निर्दोष ठहरते हैं। 
Matthew 12:6 पर मैं तुम से कहता हूं, कि यहां वह है, जो मन्दिर से भी बड़ा है। 
Matthew 12:7 यदि तुम इस का अर्थ जानते कि मैं दया से प्रसन्न हूं, बलिदान से नहीं, तो तुम निर्दोष को दोषी न ठहराते। 
Matthew 12:8 मनुष्य का पुत्र तो सब्त के दिन का भी प्रभु है।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 7-9
  • प्रकाशितवाक्य 8


शनिवार, 16 दिसंबर 2017

नाम


   एक दोपहर मैं अपने एक मित्र के साथ, जिसे मैं अपना आध्यात्मिक सलाहकार मानता हूँ, परमेश्वर के नाम को व्यर्थ लेने के बारे में चर्चा कर रहा था। परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई दस आज्ञाओं में से तीसरी है, "तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा" (निर्गमन 20:7)। हमें लगता है कि इसका अभिप्राय केवल परमेश्वर के नाम को किसी गाली के या कसम खाने के साथ जोड़ने, या उसके नाम को हल्के में या अनादर के साथ लेने से ही है। परन्तु मेरा मित्र मुझे आध्यात्मिक बातें सिखाने के अवसर को कभी जाने नहीं देता था। उसने मेरे सामने चुनौती रखी कि मैं और भी अन्य ऐसी बातें सोचूँ जिनके द्वारा हम परमेश्वर के नाम का अनादर करते हैं या उसे व्यर्थ लेते हैं।

   जब हम, हमें दिए जा रहे परामर्श का इन्कार करते हैं और अपनी बात को सही ठहराने के लिए कह देते हैं, "परमेश्वर ने मुझसे इसे ऐसे करने को कहा है" तो हम उसके नाम का दुरुप्योग करते हैं, यदि हम ऐसा केवल अपनी इच्छापूर्ति के लिए करते हैं।

   जब हम परमेश्वर के वचन को संदर्भ से बाहर ले एवं प्रयोग कर के, अपने ही विचार को सही ठहराने का प्रयास करते हैं, हम परमेश्वर के वचन को व्यर्थ लेते हैं।

   जब हम पवित्र-शास्त्र से असावधानीपूर्वक सिखाते, पढ़ाते, या प्रचार करते हैं, हम परमेश्वर के नाम को व्यर्थ लेते हैं।

   लेखक जॉन पाइपर ने परमेश्वर के नाम को व्यर्थ लेने के बारे में अपने विचार प्रस्तुत किए: "कहने का तात्पर्य है...’उसके नाम को खाली न करें’...परमेश्वर को उसकी महिमा और गौरव से रिक्त न कर दें।" पाइपर कहते हैं कि हम उसके नाम का दुरुप्योग करते हैं जब हम "परमेश्वर के विषय ऐसे बात करते हैं जिससे उसका महत्व कम हो जाता है।"

   मेरे मित्र ने मुझे उकसाया कि मैं परमेश्वर के नाम को उचित आदर दूँ और उसके वचन को सावधानीपूर्वक और ठीक-ठीक प्रयोग करने के लिए उप्युक्त ध्यान करूँ। इससे कुछ भी कम, उसके नाम का अनादर होगा। - रैंडी किलगोर


परमेश्वर का नाम: सावधानीपूर्वक प्रयोग करें।

यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; भेंट ले कर उसके आंगनों में आओ! - भजन 96:8

बाइबल पाठ: निर्गमन 20:1-7
Exodus 20:1 तब परमेश्वर ने ये सब वचन कहे, 
Exodus 20:2 कि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा हूं, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है।
Exodus 20:3 तू मुझे छोड़ दूसरों को ईश्वर कर के न मानना।
Exodus 20:4 तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, वा पृथ्वी पर, वा पृथ्वी के जल में है। 
Exodus 20:5 तू उन को दण्डवत न करना, और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखने वाला ईश्वर हूं, और जो मुझ से बैर रखते है, उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को भी पितरों का दण्ड दिया करता हूं, 
Exodus 20:6 और जो मुझ से प्रेम रखते और मेरी आज्ञाओं को मानते हैं, उन हजारों पर करूणा किया करता हूं।
Exodus 20:7 तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 4-6
  • प्रकाशितवाक्य 7


शुक्रवार, 15 दिसंबर 2017

रवैया


   जब मैं बाइबल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था, तो साथ ही अपने मित्र चार्ली के साथ एक फर्नीचर स्टोर में काम भी करता था। हम दोनों एक गृह सज्जा करने वाले के साथ मिलकर कार्य करते थे; जब हम गाड़ी से फरनीचर उतार कर घर में लगा रहे होते थे, वह घर में रहने वालों के साथ बातचीत कर रहा होता था। अकसर हमें फरनीचर कई मंज़िल ऊपर चढ़ाना होता था। मैं और चार्ली बहुधा यह सोचते थे कि कितना अच्छा होता यदि हमारा कार्य उस गृह-सज्जा करने वाले के जैसा होता।

   मिस्त्र की गुलामी से निकलकर, कनान देश पहुँचने तक इस्त्राएल को 40 वर्ष की जंगल की यात्रा से होकर निकलना पड़ा। इस दौरान याजकीय कबीले लेवी में से तीन कुल, कहातियों, गेर्शोनियों, और मरारियों को परमेश्वर की आराधना के तंबू को उठाने-लगाने की सेवा सौंपी गई थी। जब भी इस्त्राएल को यात्रा करनी होती थी, उनका काम था तंबू को खोलने और यात्रा में ले जाने के लिए तैयार करने का; और जब इस्त्राएल कहीं पड़ाव डालकर रहता था इन्ही कुलों के यही लोग तंबू को वापस खड़ा करते थे। उनका कार्य यही था, तंबू को उतारना, अगले स्थान तक लेकर जाना, वहाँ उसे खड़ा करना, और यात्रा के अगले चरण में इसी प्रक्रिया को फिर से दोहराना। उनके कार्य का सीधा सा विवरण था, "...सामान ढ़ोने के लिये उन को सौपा जाए..." (देखें गिनती 4:32)।

   मैं सोचता हूँ कि तंबू यह सेवकाई करने वाले ये लोग क्या कभी वेदी पर बलिदान चढ़ाने और मन्दिर में धूप आदि जलाने वाले पुरोहितों (पद 4-5, 15) को लेकर यह सोचते होंगे कि काश वह कार्य उन्हें भी मिल जाता! बलिदान और धूप वाला यह कार्य उन्हें अधिक सरल और प्रतिष्ठित लगता होगा। परन्तु दोनों कार्य महत्वपूर्ण थे और दोनों ही प्रभु द्वारा सौंपे गए थे।

   अनेकों बार हमें सौंपे गए कार्य, हमारे द्वारा चुने गए कार्य नहीं होते हैं; परन्तु हम सब, हमें सौंपे गए कार्यों के प्रति सही रवैया अवश्य रख सकते हैं। परमेश्वर द्वारा हमें सौंपे गए कार्य के प्रति हमारा रवैया, उसके प्रति हमारी सेवा और समर्पण का माप है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


जब छोटे काम को भी परमेश्वर के लिए किया जाए, तो वह पवित्र कार्य बन जाता है।

जो काम तू ने मुझे करने को दिया था, उसे पूरा कर के मैं ने पृथ्वी पर तेरी महिमा की है। - यूहन्ना 17:4

बाइबल पाठ: गिनती 4:17-32
Numbers 4:17 फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा, 
Numbers 4:18 कहातियों के कुलों के गोत्रियों को लेवियों में से नाश न होने देना; 
Numbers 4:19 उसके साथ ऐसा करो, कि जब वे परमपवित्र वस्तुओं के समीप आएं तब न मरें परन्तु जीवित रहें; अर्थात हारून और उसके पुत्र भीतर आकर एक एक के लिये उसकी सेवकाई और उसका भार ठहरा दें, 
Numbers 4:20 और वे पवित्र वस्तुओं के देखने को झण भर के लिये भी भीतर आने न पाएं, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएं।
Numbers 4:21 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 
Numbers 4:22 गेर्शोनियों की भी गिनती उनके पितरों के घरानों और कुलों के अनुसार कर; 
Numbers 4:23 तीस वर्ष से ले कर पचास वर्ष तक की अवस्था वाले, जितने मिलापवाले तम्बू में सेवा करने को सेना में भरती हों उन सभों को गिन ले। 
Numbers 4:24 सेवा करने और भार उठाने में गेर्शोनियों के कुल वालों की यह सेवकाई हो; 
Numbers 4:25 अर्थात वे निवास के पटों, और मिलापवाले तम्बू और उसके ओहार, और इसके ऊपर वाले सूइसों की खालों के ओहार, और मिलापवाले तम्बू के द्वार के पर्दे, 
Numbers 4:26 और निवास, और वेदी की चारों ओर के आंगन के पर्दों, और आंगन के द्वार के पर्दे, और उनकी डोरियों, और उन में बरतने के सारे सामान, इन सभों को वे उठाया करें; और इन वस्तुओं से जितना काम होता है वह सब भी उनकी सेवकाई में आए। 
Numbers 4:27 और गेर्शोनियों के वंश की सारी सेवकाई हारून और उसके पुत्रों के कहने से हुआ करे, अर्थात जो कुछ उन को उठाना, और जो जो सेवकाई उन को करनी हो, उनका सारा भार तुम ही उन्हें सौपा करो। 
Numbers 4:28 मिलापवाले तम्बू में गेर्शोनियों के कुलों की यही सेवकाई ठहरे; और उन पर हारून याजक का पुत्र ईतामार अधिकार रखे।
Numbers 4:29 फिर मरारियों को भी तू उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिन लें; 
Numbers 4:30 तीस वर्ष से ले कर पचास वर्ष तक की अवस्था वाले, जितने मिलापवाले तम्बू की सेवा करने को सेना में भरती हों, उन सभों को गिन ले। 
Numbers 4:31 और मिलापवाले तम्बू में की जिन वस्तुओं के उठाने की सेवकाई उन को मिले वे ये हों, अर्थात निवास के तख्ते, बेड़े, खम्भे, और कुसिर्यां, 
Numbers 4:32 और चारों ओर आंगन के खम्भे, और इनकी कुसिर्यां, खूंटे, डोरियां, और भांति भांति के बरतने का सारा सामान; और जो जो सामान ढ़ोने के लिये उन को सौपा जाए उस में से एक एक वस्तु का नाम ले कर तुम गिन दो।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 6


गुरुवार, 14 दिसंबर 2017

स्तुति और आराधना


   जर्मनी के विरुद्ध 2014 के फुटबॉल विश्वकप में, घाना के अस्मोह ज्ञान ने जब गोल किया तो उन्होंने अपनी टीम के सदस्यों के साथ मिलकर सामूहिक नृत्य किया। कुछ ही मिनिटों के बद जब जर्मनी के मीरोस्लाव क्लोज़ ने गोल कर दिया, तो उसने आनन्द के मारे दौड़ते हुए कलाबाज़ी खाई। क्लिंट मैथिस ने, जिन्होंने 2002 के फुटबॉल विश्वकप में अमेरिका के लिए गोल किए थे कहा, "फुटबॉल में खुशी मनाना बहुत आकर्षक होता है क्योंकि उनके द्वारा की जाने वाली हरकतों से खिलाडियों का व्यक्तित्व, उनके जीवन-मूल्य, उनकी उमंग का पता चलता है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, भजन 150 में भजनकार आहवाहन करता है कि वे सब जिनमें श्वास है, आएं और भिन्न-भिन्न तरीकों से परमेश्वर की स्तुति और आराधना करें। वह कहता है कि हम नरसिंगे, तार वाले वाद्ययन्त्रों, बाँसुरी, झाँझ, और नृत्य के साथ परमेश्वर की स्तुति और आराधना करें। वह हमें प्रोत्साहित करता है कि हम रचनात्मक तरीकों और जोश के साथ प्रभु का आदर करें, उसे श्रद्धा दें; क्योंकि प्रभु महान है, और उसने अपने लोगों के लिए महान कार्य किए हैं। वही सारी स्तुति और आराधना के सर्वथा योग्य है। स्तुति और आराधना के ये बाहरी भाव परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता से उमड़ते हुए हृदय से निकल कर आने चाहिएं। भजनकार कहता है, "जितने प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो" (भजन 150:6)।

   यद्यपि हम प्रभु के आनन्द को अनेकों तरीकों से मना सकते हैं, परन्तु परमेश्वर के प्रति हमारी श्रद्धा अर्थपूर्ण और स्पष्ट होनी चाहिए। जब हम प्रभु के चरित्र के, और हमारे प्रति किए गए उसके महान कार्यों के बारे में सोचते हैं तो उसकी स्तुति और आराधना करने से अपने आप को रोक नहीं पाते हैं। - मार्विन विलियम्स


स्तुति एक मुक्त की गई आत्मा का गीत है।

यहोवा मेरा उद्धार करेगा, इसलिये हम जीवन भर यहोवा के भवन में तार वाले बाजों पर अपने रचे हुए गीत गातें रहेंगे। - यशायाह 38:20

बाइबल पाठ: भजन 150
Psalms 150:1 याह की स्तुति करो! ईश्वर के पवित्रस्थान में उसकी स्तुति करो; उसकी सामर्थ्य से भरे हुए आकाशमण्डल में उसी की स्तुति करो! 
Psalms 150:2 उसके पराक्रम के कामों के कारण उसकी स्तुति करो; उसकी अत्यन्त बड़ाई के अनुसार उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:3 नरसिंगा फूंकते हुए उसकी स्तुति करो; सारंगी और वीणा बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:4 डफ बजाते और नाचते हुए उसकी स्तुति करो; तार वाले बाजे और बांसुली बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:5 ऊंचे शब्द वाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो; आनन्द के महाशब्द वाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:6 जितने प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • योएल 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 5


बुधवार, 13 दिसंबर 2017

सिद्ध


   क्रिसमस वर्ष का वह समय होता है जब सिद्ध होने के लिए दबाव सबसे अधिक होता है। हम सबसे सिद्ध समारोह की कल्पना करते हैं और फिर उसे वैसा मनाने के प्रयासों में जुट जाते हैं। हम देने के लिए सबसे सिद्ध उपहारों की कल्पना करके उन्हें खरीदते हैं। हम क्रिसमस के दिन के लिए सबसे सिद्ध भोजन की कल्पना कर के उसे बनाने का प्रयास करते हैं। हम प्रिय जनों और रिश्तेदारों को भेजने के लिए सबसे सिद्ध अभिनन्दन कार्ड्स लेते हैं और पत्र लिखते हैं। परन्तु हमारे ये सारे प्रयास निराशा लाते हैं जब हमारी सिद्ध कल्पना उसे कार्यान्वित करने की हमारी क्षमता से मेल नहीं खाने पाती है। बड़े ध्यान से खरीदे गए हमारे उपहार के लिए हमें अनमना सा धन्यवाद ही सुनने को मिलता है। बड़ी मेहनत और लगन से बनाए गए भोजन का कोई भाग ठीक से पका हुआ नहीं निकलता है। हमारे भेजे गए क्रिसमस कार्ड्स और पत्रों में कोई त्रुटी या अधूरापन रह जाता है। बच्चे उन्हें दिए गए उपहारों को लेकर झगड़ते हैं; और व्यसक भी परस्पर मतभेद की पुरानी दलीलें फिर से उठा लेते हैं।

   ऐसे में, इन बातों को लेकर निराश होने की बजाए, हमें क्रिसमस के महत्व को स्मरण करना चाहिए। हमें क्रिसमस की आवश्यकता है, क्योंकि हम में से कोई भी एक महीना, या एक स्पताह, या एक दिन के लिए भी वह सिद्ध मनुष्य नहीं बन सकता है जैसा हम बनना चाहते हैं। मसीह के जन्म का उत्सव हमारे लिए कितना अधिक अर्थपूर्ण हो जाएगा यदि हम सिद्ध होने की अपनी दोषपूर्ण धारणा और प्रयासों को छोड़ कर, अपने तथा जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह पर अपना ध्यान केंद्रित करें, और ध्यान करें कि हम केवल उसमें ही सिद्ध बन सकते हैं (रोमियों 3:22)।

   यदि इस वर्ष आप का क्रिसमस मनाना सिद्ध नहीं है, तो भी परेशान न हों, और स्मरण करें कि सदा के लिए सिद्ध बनने का एकमात्र मार्ग (इब्रानियों 10:14) है मसीह की धार्मिकता में विश्वास के साथ जीना। - जूली ऐकैरमैन लिंक


केवल मसीह की धार्मिकता पहनने से ही 
हम उसके सिंहासन के समक्ष खड़े हो पाएंगे।

क्योंकि उसने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है। - इब्रानियों 10:14

बाइबल पाठ: रोमियों 3:20-26
Romans 3:20 क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है। 
Romans 3:21 पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की वह धामिर्कता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं। 
Romans 3:22 अर्थात परमेश्वर की वह धामिर्कता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करने वालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं। 
Romans 3:23 इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं। 
Romans 3:24 परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं। 
Romans 3:25 उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे। 
Romans 3:26 वरन इसी समय उस की धामिर्कता प्रगट हो; कि जिस से वह आप ही धर्मी ठहरे, और जो यीशु पर विश्वास करे, उसका भी धर्मी ठहराने वाला हो।

एक साल में बाइबल: 
  • होशै 12-14
  • प्रकाशितवाक्य 4


मंगलवार, 12 दिसंबर 2017

पवित्र-शास्त्र


   अ-पो-ला-पी चीन के यूनान प्रांत की पर्वत शरंखलाओं में बसने वाले अखा कबीले का एक वृद्ध सदस्य है। हाल ही में जब हम अपने मिशनरी दौरे में उससे मिले, तो उसने हम से कहा कि भारी वर्षा के कारण वह परमेश्वर के वचन बाइबल के साप्ताहिक अध्ययन में नहीं जाने पाया था। इसलिए उसने हमसे विनती की कि हम उसके साथ परमेश्वर के वचन से कुछ बाँटें।

   अ-पो-ला-पी पढ़ नहीं सकता है, इसलिए वह साप्ताहिक बाइबल अध्ययन उसके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम जब उसे बाइबल से पढ़ कर सुना रहे थे तो वह बड़े ध्यान से सुन रहा था। उसके इस उत्साही रवैये ने मुझे स्मरण दिलाया कि जब हम परमेश्वर के प्रेरित वचन की बातों को गंभीरता से सुनते हैं, तब हम परमेश्वर का आदर करते हैं।

   बाइबल में व्यवस्थाविवरण नामक पुस्तक में मूसा ने इस्त्राएलियों से आग्रह किया कि वे उन नियमों और आज्ञाओं को ध्यान से सुनें, जिन्हें वह उन्हें परमेश्वर की ओर से सिखा रहा था (पद 1)। उसने उन्हें स्मरण दिलाया कि उन शिक्षाओं का स्त्रोत और प्रेरणा, कोई और नहीं स्वयं परमेश्वर ही था। वही परमेश्वर जिसने सिनै में उनसे आग के बीच में से बातें की थीं (पद 12); मूसा ने उन से कहा, "और उसने तुम को अपनी वाचा के दसों वचन बताकर उनके मानने की आज्ञा दी" (पद 13)।

   काश कि हम भी अ-पो-ला-पी के समान परमेश्वर के वचन को सुनने और जानने की गहरी लालसा रखने वाले हों। प्रेरित पौलुस ने हमें 2 तिमुथियुस 3:15-17 में स्मरण दिलाया है कि प्रेरणा से लिखा गया यह बाइबल पवित्र-शास्त्र, हमारी भलाई और उन्नति के लिए दिया गया है, जिससे हम उद्धार और परमेश्वर के मार्गों में बुद्धिमान हो सकें। - पो फ़ैंग चिया


जीवित वचन मसीह को जानने के लिए, लिखित वचन बाइबल का अध्ययन करें।

और बालकपन से पवित्र शास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए। - 2 तिमुथियुस 3:15-17

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 4:9-14
Deuteronomy 4:9 यह अत्यन्त आवश्यक है कि तुम अपने विषय में सचेत रहो, और अपने मन की बड़ी चौकसी करो, कहीं ऐसा न हो कि जो जो बातें तुम ने अपनी आंखों से देखीं उन को भूल जाओ, और वह जीवन भर के लिये तुम्हारे मन से जाती रहे; किन्तु तुम उन्हें अपने बेटों पोतों को सिखाना। 
Deuteronomy 4:10 विशेष कर के उस दिन की बातें जिस में तुम होरेब के पास अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने खड़े थे, जब यहोवा ने मुझ से कहा था, कि उन लोगों को मेरे पास इकट्ठा कर कि मैं उन्हें अपने वचन सुनाऊं, जिस से वे सीखें, ताकि जितने दिन वे पृथ्वी पर जीवित रहें उतने दिन मेरा भय मानते रहें, और अपने लड़के बालों को भी यही सिखाएं। 
Deuteronomy 4:11 तब तुम समीप जा कर उस पर्वत के नीचे खड़े हुए, और वह पहाड़ आग से धधक रहा था, और उसकी लौ आकाश तक पहुंचती थी, और उसके चारों ओर अन्धियारा, और बादल, और घोर अन्धकार छाया हुआ था। 
Deuteronomy 4:12 तक यहोवा ने उस आग के बीच में से तुम से बातें की; बातों का शब्द तो तुम को सुनाईं पड़ा, परन्तु कोई रूप न देखा; केवल शब्द ही शब्द सुन पड़ा। 
Deuteronomy 4:13 और उसने तुम को अपनी वाचा के दसों वचन बताकर उनके मानने की आज्ञा दी; और उन्हें पत्थर की दो पटियाओं पर लिख दिया। 
Deuteronomy 4:14 और मुझ को यहोवा ने उसी समय तुम्हें विधि और नियम सिखाने की आज्ञा दी, इसलिये कि जिस देश के अधिकारी होने को तुम पार जाने पर हो उस में तुम उन को माना करो।

एक साल में बाइबल: 
  • होशै 9-11
  • प्रकाशितवाक्य 3