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गुरुवार, 22 मार्च 2018

सर्वोत्तम


   हमारे परिवार में मार्च महीने का अर्थ केवल शरद ॠतु का अन्त ही नहीं होता है। इसका अर्थ होता ही कॉलेज के बास्केट-बौल के प्रदर्शन के लिए “मार्च की दीवानगी” का आगमन हो चुका है। उत्साही प्रशंसकों के समान हम बास्केट-बौल स्पर्धाओं को देखते हैं; अपनी पसंदीदा टीम को लेकर उत्साहित होते हैं। यदि हम रेडियो अथवा टीवी पर प्रसारण को थोड़ा सा पहले से सुनना या देखना आरंभ करते  हैं, तो हमें खेल के बारे में प्रसारकों की टिप्पणियाँ और आने वाले खेल का विश्लेषण सुनने, देखने को मिलता है। साथ ही खिलाड़ियों द्वारा किए जा रहे खेल से पहले के अभ्यास को भी देखने और सुनने पाते हैं जिसमें खिलाड़ी अपने टीम के सदस्यों के साथ अभ्यास करते हुए दिखाई देते हैं।

   इस पृथ्वी पर हमारे जीवन बास्केट-बौल के मुख्य खेल से पहले के पूर्व के खेल के समान होने वाले अभ्यास के समान हैं। जीवन रोचक और आने वाली बातों की प्रतिज्ञाओं से भरा पड़ा है, परन्तु हम मसीही विश्वासियों के लिए हमारे परमेश्वर पिता ने जो कुछ आते समय के लिए रख छोड़ा है, उसके सामने वर्तमान की बातें कुछ भी नहीं हैं। यह जानने के आनन्द के विषय थोड़ा विचार कीजिए, कि आज यदि जीवन सुखद भी है तो भी सर्वोत्तम तो अभी आना शेष है। या, जब हम उदारता और आनन्द के साथ उनकी आर्थिक सहायता करते हैं जो किसी कमी-घटी से होकर निकल रहे हैं, तो यह हमारी ओर से स्वर्गीय खजाने को पाने के लिए किए गए उस निवेश के समान है, जिसका प्रतिफल हमें आने वाले अनन्तकाल में मिलेगा। दुःख और पीड़ा के समयों में हम इस तथ्य पर मनन करने से आनन्द और शान्ति प्राप्त कर सकते हैं कि हम मसीही विश्वासियों के लिए पीड़ा और आंसुओं से मुक्त अनन्तकाल प्रतीक्षा कर रहा है। इसलिए इसमें कोई अचरज की बात नहीं के पौलुस हमें उभारते हुए कहता है, “पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ” (कुलुस्सियों 3:2)।

   जिस भविष्य की परमेश्वर हम से प्रतिज्ञा करता है, वह हमें जीवन को सभी आयामों में नए दृष्टिकोण से देखने के लिए सक्षम करता है। हो सकता है कि यह जीवन उत्तम हो, परन्तु सर्वोत्तम आना तो अभी शेष है। यह एक अद्भुत सौभाग्य है कि हम आज यहाँ उस आने वाले सर्वोत्तम की प्रत्याशा में जीवन व्यतीत कर सकते हैं। - जो स्टोवैल


भविष्य के लिए जीना, वर्तमान को सही परिपेक्ष्य में ले आता है।

परन्तु जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुनीं, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं। - 1 कुरिन्थियों 2:9

बाइबल पाठ: कुल्लुस्सियों 3:1-11
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है।
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ।
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है।
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे।
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है।
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है।
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे।
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो।
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है।
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है।
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 10-12
  • लूका 1:39-56


बुधवार, 21 मार्च 2018

ज्योति



   मैं अच्छे से जानती हूँ, लेकिन फिर भी प्रयास करते रहती हूँ। बीज के पैकिट पर दिए गए निर्देश स्पष्ट हैं: “सूर्य के भरपूर प्रकाश की आवश्यकता है” परन्तु मेरे आँगन में मुख्यतः छाँव ही रहती है। मुझे वह पौधा पसंद है; उसका रंग, उसके पत्तों का आकार, उसकी सुगंध, आदि। इसलिए मैं उसके बीज खरीदती हूँ, उन्हें घर लेकर आती हूँ, उन्हें बो कर उनकी बहुत देखभाल करती हूँ। परन्तु वह पौधा मेरे घर में सुखी नहीं रहता है। उसके लिए मेरी देखभाल काफी नहीं है। उसे सूर्य का प्रकाश चाहिए, जो मैं उसके लिए उपलब्ध नहीं करवा पाती हूँ। मुझे लगा कि उस ज्योति की कमी की मैं अन्य प्रकार की देखभाल के द्वारा पूर्ति करने पाऊंगी, परन्तु ऐसा होता नहीं है; पौधों को जो चाहिए, बस वही चाहिए।

   इसी प्रकार लोगों को भी। यद्यापी हम सही से कम स्थितियों में भी कुछ समय तक जीवित रह सकते हैं, हम उनमें फलते-फूलते नहीं हो सकते हैं। हमारी बुनियादी शारीरिक आवश्यकताओं के अतिरिक्त, हमारी आत्मिक आवश्यकताएं भी हैं, जिनकी पूर्ति किसी अन्य विकल्प के द्वारा नहीं हो सकती है।

   पवित्र-शास्त्र कहता है कि मसीही विश्वासी ज्योति की सन्तान हैं। इसका तात्पर्य है कि हमें बढ़ते रहने और फलते-फूलते होने के लिए परमेश्वर की उपस्थिति की पूर्णता में रहना चाहिए (भजन 89:15)। यदि हम परमेश्वर से दूरी के अन्धकार में जीएंगे, तो हम “निष्फल कार्यों” (देखिए इफिसियों 5:3-4, 11) के अतिरिक्त और कुछ उत्पन्न नहीं करने पाएंगे।

   परन्तु यदि हम प्रभु यीशु की ज्योति में, जो जगत की ज्योति भी है, जीएंगे, तो हम उसकी ज्योति के अनुसार फल भी लाएंगे, जो अच्छा, विश्वासयोग्य और सच्चा होता है। - जूली एैकरमैन लिंक


ज्योति की सन्तान प्रभु की ज्योति में चलते हैं।

क्या ही धन्य है वह समाज जो आनन्द के ललकार को पहिचानता है; हे यहोवा, वे लोग तेरे मुख के प्रकाश में चलते हैं – भजन 89:15

बाइबल पाठ: इफिसियों 5:1-16
Ephesians 5:1 इसलिये प्रिय, बालकों के समान परमेश्वर के सदृश बनो।
Ephesians 5:2 और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया।
Ephesians 5:3 और जैसा पवित्र लोगों के योग्य है, वैसा तुम में व्यभिचार, और किसी प्रकार अशुद्ध काम, या लोभ की चर्चा तक न हो।
Ephesians 5:4 और न निर्लज्ज़ता, न मूढ़ता की बातचीत की, न ठट्ठे की, क्योंकि ये बातें सोहती नहीं, वरन धन्यवाद ही सुना जाएं।
Ephesians 5:5 क्योंकि तुम यह जानते हो, कि किसी व्यभिचारी, या अशुद्ध जन, या लोभी मनुष्य की, जो मूरत पूजने वाले के बराबर है, मसीह और परमेश्वर के राज्य में मीरास नहीं।
Ephesians 5:6 कोई तुम्हें व्यर्थ बातों से धोखा न दे; क्योंकि इन ही कामों के कारण परमेश्वर का क्रोध आज्ञा ने मानने वालों पर भड़कता है।
Ephesians 5:7 इसलिये तुम उन के सहभागी न हो।
Ephesians 5:8 क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान के समान चलो।
Ephesians 5:9 (क्योंकि ज्योति का फल सब प्रकार की भलाई, और धामिर्कता, और सत्य है)।
Ephesians 5:10 और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है
Ephesians 5:11 और अन्धकार के निष्‍फल कामों में सहभागी न हो, वरन उन पर उलाहना दो।
Ephesians 5:12 क्योंकि उन के गुप्‍त कामों की चर्चा भी लाज की बात है।
Ephesians 5:13 पर जितने कामों पर उलाहना दिया जाता है वे सब ज्योति से प्रगट होते हैं, क्योंकि जो सब कुछ को प्रगट करता है, वह ज्योति है।
Ephesians 5:14 इस कारण वह कहता है, हे सोने वाले जाग और मुर्दों में से जी उठ; तो मसीह की ज्योति तुझ पर चमकेगी।
Ephesians 5:15 इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों के समान नहीं पर बुद्धिमानों के समान चलो।
Ephesians 5:16 और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 7-9
  • लूका 1:21-38



मंगलवार, 20 मार्च 2018

अनुग्रह



   एक महिला घर में नीचे सीफे पर ही सो गई, क्योंकि उसका पति बिस्तर पर पहले ही जाकर सो चुका था। रात में उनके घर में चोर घुस आया और ऊपर सोने के कमरे के टीवी को लेकर जाने लगा, इतने में पति आवाज़ से उठ गया। उसने एक व्यक्ति की आकृत्ति को देखकर समझा कि उसकी पत्नि आई है, और वह धीमी आवाज़ा में बोला, “प्रिय, अब आकर सो जाओ।” वह चोर उसे उठा हुआ देख कर घबरा गया और टीवी को छोड़कर  अलमारी के ऊपर रखी नोटों की एक गड्डी उठाकर भाग निकला।

   उस चोर के लिए एक बहुत चकित होने वाली बात थी, क्योंकि जब उसने उस नोटों की गड्डी को बाहर रौशनी में आकर देखा तो वह मसीही विश्वास के सुसमाचार प्रचार के लिए बांटे जाने वाले पर्चे थे, जो एक ओर $20 के समानता में छपे हुए थे और उनकी दूसरी ओर परमेश्वर के प्रेम और क्षमा के बारे में छापा हुआ था। उस धन की बजाए, जिसकी उस चोर ने उम्मीद की थी, उसे परमेश्वर के प्रेम और पापों से क्षमा के बारे में जानकारी मिली।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड के एक प्रमुख नायक, शाऊल – जो बाद में पौलुस भी कहलाया, का जब प्रभु यीशु के साथ साक्षात्कार हुआ, जब वह दमिश्क मसीही विश्वासियों को बन्दी बनाने के लिए जा रहा था, तब उसके मन में क्या विचार उठे होंगे; क्योंकि वह तो प्रभु यीशु के अनुयायियों को सताने और मार डालने वालों में से एक था (प्रेरितों 9:1-9)। वह भी उसके प्रति परमेश्वर के अनुग्रह से चकित हुआ होगा, क्योंकि उसने इस अनुग्रह को “एक दान” कहा : “और मैं परमेश्वर के अनुग्रह के उस दान के अनुसार, जो उसकी सामर्थ के प्रभाव के अनुसार मुझे दिया गया, उस सुसमाचार का सेवक बना” (इफिसियों 3:7)।

   क्या अपने जीवन में भी परमेश्वर के अनेपक्षित अनुग्रह से आप भी कभी चकित हुए हैं – उसके आपके प्रति प्रेम और क्षमा के द्वारा? परमेश्वर के अनुग्रह के इस अनुभव को दूसरों को अवश्य बताएँ। - ऐनी सेटास


परमेश्वर की असीम सामर्थ्य को अपने सीमित अनुभवों से कभी न तौलें।

परन्तु उसने उसे आज्ञा न दी, और उस से कहा, अपने घर जा कर अपने लोगों को बता, कि तुझ पर दया कर के प्रभु ने तेरे लिये कैसे बड़े काम किए हैं। - मरकुस 5:19

बाइबल पाठ: प्रेरितों 9:1-19
Acts 9:1 और शाऊल जो अब तक प्रभु के चेलों को धमकाने और घात करने की धुन में था, महायाजक के पास गया।
Acts 9:2 और उस से दमिश्क की अराधनालयों के नाम पर इस अभिप्राय की चिट्ठियां मांगी, कि क्या पुरूष, क्या स्त्री, जिन्हें वह इस पंथ पर पाए उन्हें बान्‍ध कर यरूशलेम में ले आए।
Acts 9:3 परन्तु चलते चलते जब वह दमिश्क के निकट पहुंचा, तो एकाएक आकाश से उसके चारों ओर ज्योति चमकी।
Acts 9:4 और वह भूमि पर गिर पड़ा, और यह शब्द सुना, कि हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है?
Acts 9:5 उसने पूछा; हे प्रभु, तू कौन है? उसने कहा; मैं यीशु हूं; जिसे तू सताता है।
Acts 9:6 परन्तु अब उठ कर नगर में जा, और जो कुछ करना है, वह तुझ से कहा जाएगा।
Acts 9:7 जो मनुष्य उसके साथ थे, वे चुपचाप रह गए; क्योंकि शब्द तो सुनते थे, परन्तु किसी को दखते न थे।
Acts 9:8 तब शाऊल भूमि पर से उठा, परन्तु जब आंखे खोलीं तो उसे कुछ दिखाई न दिया और वे उसका हाथ पकड़के दमिश्क में ले गए।
Acts 9:9 और वह तीन दिन तक न देख सका, और न खाया और न पीया।
Acts 9:10 दमिश्क में हनन्याह नाम एक चेला था, उस से प्रभु ने दर्शन में कहा, हे हनन्याह! उसने कहा; हां प्रभु।
Acts 9:11 तब प्रभु ने उस से कहा, उठ कर उस गली में जा जो सीधी कहलाती है, और यहूदा के घर में शाऊल नाम एक तारसी को पूछ ले; क्योंकि देख, वह प्रार्थना कर रहा है।
Acts 9:12 और उसने हनन्याह नाम एक पुरूष को भीतर आते, और अपने ऊपर आते देखा है; ताकि फिर से दृष्टि पाए।
Acts 9:13 हनन्याह ने उत्तर दिया, कि हे प्रभु, मैं ने इस मनुष्य के विषय में बहुतों से सुना है, कि इस ने यरूशलेम में तेरे पवित्र लोगों के साथ बड़ी बड़ी बुराईयां की हैं।
Acts 9:14 और यहां भी इस को महायाजकों की ओर से अधिकार मिला है, कि जो लोग तेरा नाम लेते हैं, उन सब को बान्‍ध ले।
Acts 9:15 परन्तु प्रभु ने उस से कहा, कि तू चला जा; क्योंकि यह, तो अन्यजातियों और राजाओं, और इस्त्राएलियों के साम्हने मेरा नाम प्रगट करने के लिये मेरा चुना हुआ पात्र है।
Acts 9:16 और मैं उसे बताऊंगा, कि मेरे नाम के लिये उसे कैसा कैसा दुख उठाना पड़ेगा।
Acts 9:17 तब हनन्याह उठ कर उस घर में गया, और उस पर अपना हाथ रखकर कहा, हे भाई शाऊल, प्रभु, अर्थात यीशु, जो उस रास्‍ते में, जिस से तू आया तुझे दिखाई दिया था, उसी ने मुझे भेजा है, कि तू फिर दृष्टि पाए और पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो जाए।
Acts 9:18 और तुरन्त उस की आंखों से छिलके से गिरे, और वह देखने लगा और उठ कर बपतिस्मा लिया; फिर भोजन कर के बल पाया।।
Acts 9:19 और वह कई दिन उन चेलों के साथ रहा जो दमिश्क में थे।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 4-6
  • लूका 1:1-20



सोमवार, 19 मार्च 2018

स्मरण



   मुझे समझ नहीं आता है कि ये लोग मुझे कैसे ढूँढ़ लेते हैं, परन्तु मुझे डाक में अधिकाधिक निमंत्रण मिलते जा रहे हैं उन लोगों की ओर से जो मुझे सिखाना चाहते हैं कि नौकरी से सेवानिवृत्ति के पश्चात अधिक से अधिक लाभ कैसे कमाया जाए, और इसके लिए वे चाहते हैं कि मैं उनके द्वारा आयोजित कार्यकर्म का निमंत्रण स्वीकार करके उसमें आऊँ। यह सिलसिला कई वर्ष पहले आरम्भ हुआ था, और तब मुझे निमंत्रण मिलते थे कि मैं सेवानिवृत लोगों के हित के लिए कार्य करने वाली संस्था में सम्मिलित हो जाऊँ। ये सभी निमंत्रण मुझे स्मरण दिलाने के लिए हैं कि “आप वृद्ध हो रहे हैं। वृद्धावस्था के लिए तैयार हो जाईए!”

   अभी तक तो मैं इन सबको अनदेखा करता आ रहा हूँ, परन्तु किसी-न-किसी दिन, मैं इनका कोई निमंत्रण स्वीकार कर बैठूँगा, और उनके किसी कार्यक्रम में चला जाऊँगा। इससे इन्कार नहीं है कि मैं वृद्ध होता जा रहा हूँ, और मुझे इसके बारे में कुछ करने की आवश्यकता है।

   ऐसे ही स्मरण करवाने की बातें मुझे और आपको परमेश्वर के वचन बाइबल से भी मिलती रहती हैं। हम यह जानते और पहचानते हैं कि पवित्र-शास्त्र का वह खण्ड अथवा परिच्छेद जो कह रहा है वह हमारे लिए सही बैठता है, हमें उस पर व्यवहार करना चाहिए। हो सकता ही कि वह परिच्छेद रोमियों 14:13 हो जो हमें एक दूसरे पर दोष लगाने के लिए मना करता है; या फिर 2 कुरिन्थियों 9:6 हो जो हमें उदार मन रखने की शिक्षा देता है; या फिर फिलिप्पियों 1:27-28 जो हमें एकसाथ मिलकर विश्वास और सुसमाचार के लिए कार्य करने को कहता है।

   हम जब परमेश्वर के वचन को पढ़ते हैं, हमारे मार्गदर्शन के लिए हमें स्मरण दिलाने वाली महत्वपूर्ण बातें परमेश्वर की ओर से हमें मिलती रहती हैं। हम परमेश्वर की इन बातों को गंभीरता से लें, और इनका पालन करें, क्योंकि यह स्मरण हमें हमारे प्रेमी परमेश्वर पिता से मिलते हैं जो हमारे लिए भला क्या है हमसे बेहतर जानता है, और सदा हमारा भला ही चाहता है। - डेव ब्रैनन


पवित्रता हमारे अन्दर मसीह द्वारा 
पिता परमेश्वर की इच्छा और आज्ञाओं को पूरा करना है।

सो आगे को हम एक दूसरे पर दोष न लगाएं पर तुम यही ठान लो कि कोई अपने भाई के साम्हने ठेस या ठोकर खाने का कारण न रखे। - रोमियों 14:13

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:27-30
Philippians 1:27 केवल इतना करो कि तुम्हारा चाल-चलन मसीह के सुसमाचार के योग्य हो कि चाहे मैं आकर तुम्हें देखूं, चाहे न भी आऊं, तुम्हारे विषय में यह सुनूं, कि तुम एक ही आत्मा में स्थिर हो, और एक चित्त हो कर सुसमाचार के विश्वास के लिये परिश्रम करते रहते हो।
Philippians 1:28 और किसी बात में विरोधियों से भय नहीं खाते यह उन के लिये विनाश का स्‍पष्‍ट चिन्ह है, परन्तु तुम्हारे लिये उद्धार का, और यह परमेश्वर की ओर से है।
Philippians 1:29 क्योंकि मसीह के कारण तुम पर यह अनुग्रह हुआ कि न केवल उस पर विश्वास करो पर उसके लिये दुख भी उठाओ।
Philippians 1:30 और तुम्हें वैसा ही परिश्रम करना है, जैसा तुम ने मुझे करते देखा है, और अब भी सुनते हो, कि मैं वैसा ही करता हूं।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 1-3
  • मरकुस 16



रविवार, 18 मार्च 2018

भाग निकलें



   जब मेरे पिता अपने बुढ़ापे में मसीह यीशु में विश्वास कर के मसीही बने, तो प्रलोभानों और परीक्षाओं पर जयवंत होने की अपनी योजना से उन्होंने मुझे मुग्ध कर दिया – वे प्रलोभन तथा परीक्षा वाली परिस्थिति से भाग निकलते थे! उदाहरण के लिए यदि किसी पड़ौसी के साथ उनकी कोई असहमति, विवाद में बदलने लगती थी, तो मेरे पिता कुछ समय के लिए वहाँ से चले जाते थे, उस असहमति को झगड़े में बिगड़ने नहीं देते थे। एक दिन वे अपने कुछ पुराने मित्रों के साथ बैठे हुए थे, और उनके मित्रों ने उनकी पसंदीदा स्थानीय मदिरा मँगवाई। अब मसीही विश्वास में आने के बाद क्योंकि पिताजी मदिरापान छोड़ चुके थे, इसलिए उस प्रलोभन के साथ बैठे रहने के स्थान पर, वे उठ कर खड़े हुए, मित्रों को विदा कहा और पुराने मित्रों से उस दिन के लिए अलग चले गए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पढ़ते हैं कि कैसे जब पोतीपर की पत्नि ने यूसुफ पर, जो उसके घर में गुलाम था, डोरे-डालने के प्रयास किए, तो उसने तुरंत पहचाना कि ऐसा करना परमेश्वर के विरुद्ध पाप होगा, और वह वहाँ से भाग गया (उत्पत्ति 39:9-12)।

   प्रलोभन और परिक्षा बहुधा हमारे समक्ष आते हैं, कभी हमारी अपनी लालसाओं के कारण तो कभी परिस्थितियों या हमारे संपर्क में आने वाले लोगों के कारण। लेकिन परमेश्वर हमें आश्वस्त करता है कि , “तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको” (1 कुरिन्थियों 10:13)।

   यह ‘निकास’ उन प्रलोभन लाने वाली बातों को हटा लेने के द्वारा भी हो सकता है, या उन बातों से हमारे भाग निकलने के द्वारा भी। प्रलोभानों और परीक्षाओं में गिरने से बचने के लिए, हमारे लिए सर्वोत्तम मार्ग होता है उन बातों, लोगों और परिस्थितियों से भाग निकलना। - लॉरेंस दर्मानी


प्रत्येक प्रलोभन परमेश्वर की ओर भागने का अवसर होता है।

पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर। - 1 तिमुथियुस 6:11

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 39:1-12
Genesis 39:1 जब यूसुफ मिस्र में पहुंचाया गया, तब पोतीपर नाम एक मिस्री, जो फिरौन का हाकिम, और जल्लादों का प्रधान था, उसने उसको इश्माएलियों के हाथ, से जो उसे वहां ले गए थे, मोल लिया।
Genesis 39:2 और यूसुफ अपने मिस्री स्वामी के घर में रहता था, और यहोवा उसके संग था; सो वह भाग्यवान पुरूष हो गया।
Genesis 39:3 और यूसुफ के स्वामी ने देखा, कि यहोवा उसके संग रहता है, और जो काम वह करता है उसको यहोवा उसके हाथ से सफल कर देता है।
Genesis 39:4 तब उसकी अनुग्रह की दृष्टि उस पर हुई, और वह उसकी सेवा टहल करने के लिये नियुक्त किया गया: फिर उसने उसको अपने घर का अधिकारी बना के अपना सब कुछ उसके हाथ में सौप दिया।
Genesis 39:5 और जब से उसने उसको अपने घर का और अपनी सारी सम्पत्ति का अधिकारी बनाया, तब से यहोवा यूसुफ के कारण उस मिस्री के घर पर आशीष देने लगा; और क्या घर में, क्या मैदान में, उसका जो कुछ था, सब पर यहोवा की आशीष होने लगी।
Genesis 39:6 सो उसने अपना सब कुछ यूसुफ के हाथ में यहां तक छोड़ दिया: कि अपने खाने की रोटी को छोड़, वह अपनी सम्पत्ति का हाल कुछ न जानता था। और यूसुफ सुन्दर और रूपवान था।
Genesis 39:7 इन बातों के पश्चात ऐसा हुआ, कि उसके स्वामी की पत्नी ने यूसुफ की ओर आंख लगाई; और कहा, मेरे साथ सो।
Genesis 39:8 पर उसने अस्वीकार करते हुए अपने स्वामी की पत्नी से कहा, सुन, जो कुछ इस घर में है मेरे हाथ में है; उसे मेरा स्वामी कुछ नहीं जानता, और उसने अपना सब कुछ मेरे हाथ में सौप दिया है।
Genesis 39:9 इस घर में मुझ से बड़ा कोई नहीं; और उसने तुझे छोड़, जो उसकी पत्नी है; मुझ से कुछ नहीं रख छोड़ा; सो भला, मैं ऐसी बड़ी दुष्टता कर के परमेश्वर का अपराधी क्योंकर बनूं?
Genesis 39:10 और ऐसा हुआ, कि वह प्रति दिन यूसुफ से बातें करती रही, पर उसने उसकी न मानी, कि उसके पास लेटे वा उसके संग रहे।
Genesis 39:11 एक दिन क्या हुआ, कि यूसुफ अपना काम काज करने के लिये घर में गया, और घर के सेवकों में से कोई भी घर के अन्दर न था।
Genesis 39:12 तब उस स्त्री ने उसका वस्त्र पकड़कर कहा, मेरे साथ सो, पर वह अपना वस्त्र उसके हाथ में छोड़कर भागा, और बाहर निकल गया।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 32-34
  • मरकुस 15:26-47



शनिवार, 17 मार्च 2018

प्रसन्न



   एक पत्रकार की विचित्र सी आदत थी – वह नीले रंग में लिखने वाला पेन पसन्द नहीं करता था। इसलिए जब उसके एक साथी ने उससे पूछा कि उसे स्टोर से कुछ चाहिए तो नहीं, तो उसने कहा “मेरे लिए कुछ पेन ले आना, परन्तु नीले पेन नहीं। मुझे नीला पसन्द नहीं है; नीला बहुत गहरा होता है। इसलिए कृपया मेरे लिए 12 बौल्पोइंट पेन खरीद लेना- किसी भी रंग के, बस नीले न हों” अगले दिन उसके साथी ने उसे पेन पकड़ा दिए – और वे सभी नीले रंग में लिखने वाले थे! जब उसने अपने साथी से इसका स्पष्टिकरण माँगा, तो उसके साथी ने उत्तर दिया, “तुम बार-बार ‘नीला-नीला’ कहते रहे, और मेरे मन में यह नीला शब्द ही बैठ गया, और मैं नीले पेन ही ले आया।” उस पत्रकार के बात को दोहराने का प्रभाव तो हुआ, किन्तु जो वह चाहता था, उससे विपरीत।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में व्यवस्था के देने वाले, मूसा ने भी अपने लोगों को व्यवस्था के विषय समझाने के लिए, दोहराने का उपयोग किया। उसने 30 से भी अधिक बार लोगों से आग्रह किया कि वे अपने परमेश्वर की व्यवस्था के प्रति खरे बने रहें। परन्तु परिणाम फिर भी, जो उसने उन से माँगा था, उसके विपरीत ही था। मूसा ने उन्हें समझाया था कि आज्ञाकारिता से परमेश्वर प्रसन्न होगा, जो उन्हें जीवन और समृद्धि की ओर ले जाएगा, परन्तु अनाज्ञाकारिता से परमेश्वर अप्रसन्न होगा जिससे वे विनाश की ओर जाएँगे (व्यवस्थाविवरण 30:15-18)।

   यदि हम परमेश्वर से प्रेम करते हैं, तो हम उसकी आज्ञाओं के अनुसार चलने का प्रयास भी करते हैं, इसलिए नहीं क्योंकि हमें परिणामों का भय होता है, वरन इसलिए क्योंकि हम उसे प्रसन्न करना चाहते हैं जिससे हम प्रेम करते हैं, और ऐसा करने से हमें प्रसन्नता मिलती है। परमेश्वर को प्रसन्न करना, स्मरण रखने के लिए अच्छी बात है। - पो फैंग चिया


परमेश्वर से प्रेम, आपको परमेश्वर के लिए जीवन व्यतीत करने को प्रेरित करेगा।

उसने उस से कहा, तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख। बड़ी और मुख्य आज्ञा तो यही है। - मत्ती 22:37-38

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 30:11-20
Deuteronomy 30:11 देखो, यह जो आज्ञा मैं आज तुझे सुनाता हूं, वह न तो तेरे लिये अनोखी, और न दूर है।
Deuteronomy 30:12 और न तो यह आकाश में है, कि तू कहे, कि कौन हमारे लिये आकाश में चढ़कर उसे हमारे पास ले आए, और हम को सुनाए कि हम उसे मानें?
Deuteronomy 30:13 और न यह समुद्र पार है, कि तू कहे, कौन हमारे लिये समुद्र पार जाए, और उसे हमारे पास ले आए, और हम को सुनाए कि हम उसे मानें?
Deuteronomy 30:14 परन्तु यह वचन तेरे बहुत निकट, वरन तेरे मुंह और मन ही में है ताकि तू इस पर चले।
Deuteronomy 30:15 सुन, आज मैं ने तुझ को जीवन और मरण, हानि और लाभ दिखाया है।
Deuteronomy 30:16 क्योंकि मैं आज तुझे आज्ञा देता हूं, कि अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करना, और उसके मार्गों पर चलना, और उसकी आज्ञाओं, विधियों, और नियमों को मानना, जिस से तू जीवित रहे, और बढ़ता जाए, और तेरा परमेश्वर यहोवा उस देश में जिसका अधिकारी होने को तू जा रहा है, तुझे आशीष दे।
Deuteronomy 30:17 परन्तु यदि तेरा मन भटक जाए, और तू न सुने, और भटककर पराए देवताओं को दण्डवत करे और उनकी उपासना करने लगे,
Deuteronomy 30:18 तो मैं तुम्हें आज यह चितौनी दिए देता हूं कि तुम नि:सन्देह नष्ट हो जाओगे; और जिस देश का अधिकारी होने के लिये तू यरदन पार जा रहा है, उस देश में तुम बहुत दिनों के लिये रहने न पाओगे।
Deuteronomy 30:19 मैं आज आकाश और पृथ्वी दोनों को तुम्हारे साम्हने इस बात की साक्षी बनाता हूं, कि मैं ने जीवन और मरण, आशीष और शाप को तुम्हारे आगे रखा है; इसलिये तू जीवन ही को अपना ले, कि तू और तेरा वंश दोनों जीवित रहें;
Deuteronomy 30:20 इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करो, और उसकी बात मानों, और उस से लिपटे रहो; क्योंकि तेरा जीवन और दीर्घ जीवन यही है, और ऐसा करने से जिस देश को यहोवा ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब, तेरे पूर्वजों को देने की शपथ खाई थी उस देश में तू बसा रहेगा।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 30-31
  • मरकुस 15:1-25



शुक्रवार, 16 मार्च 2018

पहचान



   वर्षों पहले मेरा दफ्तर बॉस्टन शहर में ग्रैनरी कब्रिस्तान के निकट था, जिसमें अमेरिका के अनेकों प्रसिद्ध हस्तियों को दफनाया गया है, और दफ्तर से वह कब्रिस्तान दिखाई देता था। उस कब्रिस्तान में जौन हैनकॉक और सैम्युएल एडम्स की कब्रें हैं जो स्वतंत्रता की घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले लोगों में से थे, और उनसे थोड़ा सा हट कर पौल रिविअर की कब्र का चिन्ह है।

   लेकिन इस कब्रिस्तान में वास्तव में कौन कहाँ दफनाया गया है, यह कोई नहीं जानता है! ऐसा इसलिए क्योंकि कब्र की निशानी के पत्थरों को अनेकों बार इधर-उधर किया गया है – कभी उस कब्रिस्तान को और अधिक सुन्दर बनाने के लिए तो कभी पत्थरों के बीच से घास काटने वाली मशीन के निकलने के लिए पर्याप्त स्थान बनाने के लिए। जबकि ग्रैनरी कब्रिस्तान में 2,300 कब्रों के पत्थर हैं, लेकिन वास्तव में वहाँ लगभग 5,000 लोग दफनाए गए हैं। प्रतीत होता है कि मृत्यु में भी लोगों की पहचान नहीं रहने पाती है।

   हो सकता है कि हमारे जीवनों में भी ऐसे समय आएं जब हम अपने आप को ग्रैनरी कब्रिस्तान के उन अदृश्य लोगों के समान अनुभव करें, सँसार में अनजान और अज्ञात। अकेलापन हमें अदृश्य सा अनुभव करवा सकता है – सँसार में भी और परमेश्वर के समक्ष भी। लेकिन हमें सदा अपने आप को स्मरण दिलाते रहना चाहिए कि चाहे हमें लगे कि हमारा सृष्टिकर्ता परमेश्वर हमें भूल गया है, परन्तु ऐसा कभी होता नहीं है। न केवल परमेश्वर ने हमें अपने स्वरूप में बनाया है (उत्पत्ति 1:26-27), परन्तु वह हम में से प्रत्येक को बहुमूल्य समझता है और हमारे उद्धार के लिए अपने पुत्र को बलिदान होने के लिए भेजा है (यूहन्ना 3:16)।

   हमारे जीवनों के सबसे अंधकारपूर्ण समय में भी, हम इस बात में आश्वस्त रह सकते हैं कि हमारे पिता परमेश्वर के समक्ष हमारी व्यक्तिगत पहचान और कीमत है, वह सदा हमारे साथ बना रहता है, हमारा ध्यान रखता है। - रैंडी किल्गोर


हम विशेष हैं क्योंकि परमेश्वर हम से प्रेम करता है।

क्योंकि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, उस तेज के प्रगट होने के बाद उसने मुझे उन जातियों के पास भेजा है जो तुम्हें लूटती थीं, क्योंकि जो तुम को छूता है, वह मेरी आंख की पुतली ही को छूता है। - ज़कर्याह 2:8

बाइबल पाठ: मत्ती 6:25-34
Matthew 6:25 इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्‍ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहिनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्‍त्र से बढ़कर नहीं?
Matthew 6:26 आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते।
Matthew 6:27 तुम में कौन है, जो चिन्‍ता कर के अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है
Matthew 6:28 और वस्‍त्र के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो? जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वै कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं।
Matthew 6:29 तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में उन में से किसी के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था।
Matthew 6:30 इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्‍त्र पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा?
Matthew 6:31 इसलिये तुम चिन्‍ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे?
Matthew 6:32 क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए।
Matthew 6:33 इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी।
Matthew 6:34 सो कल के लिये चिन्‍ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्‍ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 28-29
  • मरकुस 14:54-72