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शुक्रवार, 31 मई 2019

प्रार्थना



      किन्तसुगी एक प्राचीन जापानी कला है, टूटे हुए चीनी-मिट्टी के बर्तनों की मरम्मत करने की। इस मरम्मत के कार्य में राल या धूना के साथ सोने की धूल मिलाकर टूटे हुए टुकड़ों को आपस में जोड़ा जाता है और उनके बीच की दरारों को भरा जाता है, जिससे एक बहुत असाधारण और मजबूत जोड़ बनता है। इस कला के द्वारा मरम्मत को छुपाया नहीं जाता है वरन उस टूटेपन को एक सुन्दर कलाकृति में परिवर्तित कर दिया जाता है।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि यदि हम अपने किसी पाप के प्रति वास्तव में पश्चातापी होते हैं तो परमेश्वर भी हमारे उस टूटेपन की कदर करता है। जब दाऊद ने बतशेबा के साथ व्यभिचार का पाप किया और उसके पति को मरवाने का षडयंत्र रचा, तो नातान नबी ने उसे उसका पाप स्मरण करवाया, और दाऊद ने पश्चाताप किया। इसके बाद दाऊद द्वारा की गई प्रार्थना हमें अंतःदृष्टि प्रदान करती है कि यदि हम पाप कर बैठें तो परमेश्वर हम से क्या चाहता है: “क्योंकि तू मेलबलि से प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता; होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता। टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता” (भजन 51:16-17)।

      जब हमारा हृदय किसी पाप को लेकर टूटता है, तो परमेश्वर प्रभु यीशु द्वारा कलवारी के क्रूस पर दिए गए बलिदान से मिलने वाली अमूल्य क्षमा से उस टूटेपन को जोड़ता और भरता है। जब हम अपने आप को उसके सामने दीन करते हैं तो वह हमें प्रेम सहित स्वीकार करता है, और उसके साथ हमारा संबंध बहाल हो जाता है।

      परमेश्वर कितना दयालु है! वह हम से एक दीन और नम्र हृदय चाहता है, जिससे वह अपनी करुणा की सुन्दरता से हमें सुधार और संवार सके। बाइबल की एक अन्य प्रार्थना: “हे ईश्वर, मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले! और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर!” (भजन 139:23-24) आज हमारी भी प्रार्थना हो। - जेम्स बैंक्स


ईश्वरीय पश्चाताप से परम आनन्द की प्राप्ति होती है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: भजन 51
Psalms 51:1 हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे।
Psalms 51:2 मुझे भलीं भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर!
Psalms 51:3 मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है।
Psalms 51:4 मैं ने केवल तेरे ही विरुद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
Psalms 51:5 देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।
Psalms 51:6 देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
Psalms 51:7 जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा।
Psalms 51:8 मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वह मगन हो जाएं।
Psalms 51:9 अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।
Psalms 51:10 हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।
Psalms 51:11 मुझे अपने साम्हने से निकाल न दे, और अपने पवित्र आत्मा को मुझ से अलग न कर।
Psalms 51:12 अपने किए हुए उद्धार का हर्ष मुझे फिर से दे, और उदार आत्मा देकर मुझे सम्भाल।
Psalms 51:13 तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे।
Psalms 51:14 हे परमेश्वर, हे मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर, मुझे हत्या के अपराध से छुड़ा ले, तब मैं तेरे धर्म का जयजयकार करने पाऊंगा।
Psalms 51:15 हे प्रभु, मेरा मुंह खोल दे तब मैं तेरा गुणानुवाद कर सकूंगा।
Psalms 51:16 क्योंकि तू मेलबलि से प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता; होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता।
Psalms 51:17 टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।
Psalms 51:18 प्रसन्न हो कर सिय्योन की भलाई कर, यरूशलेम की शहरपनाह को तू बना,
Psalms 51:19 तब तू धर्म के बलिदानों से अर्थात सर्वांग पशुओं के होमबलि से प्रसन्न होगा; तब लोग तेरी वेदी पर बैल चढ़ाएंगे।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 13-14
  • यूहन्ना 12:1-26



गुरुवार, 30 मई 2019

क्षमा



      मेरे साथ प्रति सप्ताह प्रार्थना करने वाली मेरी सहेली से मैं एक अन्य मित्र के बारे में बात कर रही थी कि कैसे उसके गलत निर्णय और चुनाव उसे पाप में और गहरा लिए जा रहे थे। मेरी सहेली ने मेरे हाथ के ऊपर हाथ रखते हुए कहा, “आओ हम अपने लिए प्रार्थना करें।” मैंने भौंहें सिकोड़ते हुए पूछा, “अपने लिए?” उसने कहा “हाँ! क्या तुम ही नहीं कहती हो कि हमें प्रभु यीशु को पवित्रता का मानक बनाना चाहिए; इसलिए हमें अपने पापों की तुलना औरों के पापों के साथ नहीं करनी चाहिए।” मैंने उत्तर दिया, “यह सत्य है, और दुखदायी भी। मेरा आलोचनात्मक व्यवहार और आत्मिक घमण्ड करने का पाप उसके पाप से कम या अधिक नहीं है।” मेरी सहेली ने आगे कहा, “तुम्हारे उस मित्र के बारे में ऐसे बातें करने के द्वारा हम बकवाद कर रहे हैं; और यह भी...” और मैंने सिर झुका कर उसका वाक्य पूरा किया, “पाप है।” फिर मैंने अपनी सहेली से अनुरोध किया, “कृपया हम सब के लिए प्रार्थना करो।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, लूका 18 अध्याय में प्रभु यीशु ने एक दृष्टांत दिया, दो व्यक्तियों के बारे में जो प्रार्थना करने के लिए परमेश्वर के मंदिर पर आए, किन्तु उनकी प्रार्थनाएं बिलकुल भिन्न थीं (पद 9-14)। उन दोनों में से एक फरीसी, अर्थात धार्मिक अगुआ था, और उसकी प्रार्थना उस दूसरे व्यक्ति, जो एक चुंगी लेने वाला था, के साथ उसके जीवन की तुलना थी। हम भी उस फरीसी के समान औरों के साथ अपने जीवन की तुलना करने के छलावे में फंस सकते हैं। तब हम अपने बारे में घमण्ड करने लगते हैं और ऐसे जीने लगते हैं मानो दूसरों का न्याय करने और उन्हें बदलने का अधिकार हमारे पास है।

      परन्तु जब पवित्रता के जीवन के लिए हम प्रभु यीशु को अपना मानक और उदाहरण बनाते हैं, तब हम स्वयं प्रभु की भलाई का अनुभव करते हैं; और जैसे उस चुंगी लेने वाले ने कहा, परमेश्वर के अनुग्रह के लिए हमारी आवश्यकता भी बढ़ जाती है। जब हम प्रभु के प्रेम भरे अनुग्रह और क्षमा का व्यक्तिगत रीति से अनुभव करते हैं, तो हम सदा के लिए बदल जाते हैं, और फिर किसी आलोचना को नहीं वरन उस क्षमा को औरों तक पहुँचाने वाले बन जाते हैं। - जोशील डिक्सन


जब प्रभु के अनुग्रहपूर्ण दया की हमारी गहरी आवश्यकता का हमें बोध होता है, 
तब ही हम औरों के प्रति भी उस दया को प्रदर्शित करने पाते हैं।

इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा। और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा। - मत्ती 6:14-15

बाइबल पाठ: लूका 18:9-14
Luke 18:9 और उसने कितनो से जो अपने ऊपर भरोसा रखते थे, कि हम धर्मी हैं, और औरों को तुच्‍छ जानते थे, यह दृष्‍टान्‍त कहा।
Luke 18:10 कि दो मनुष्य मन्दिर में प्रार्थना करने के लिये गए; एक फरीसी था और दूसरा चुंगी लेने वाला।
Luke 18:11 फरीसी खड़ा हो कर अपने मन में यों प्रार्थना करने लगा, कि हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों के समान अन्‍धेर करने वाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेने वाले के समान हूं।
Luke 18:12 मैं सप्‍ताह में दो बार उपवास करता हूं; मैं अपनी सब कमाई का दसवां अंश भी देता हूं।
Luke 18:13 परन्तु चुंगी लेने वाले ने दूर खड़े हो कर, स्वर्ग की ओर आंखें उठाना भी न चाहा, वरन अपनी छाती पीट-पीटकर कहा; हे परमेश्वर मुझ पापी पर दया कर।
Luke 18:14 मैं तुम से कहता हूं, कि वह दूसरा नहीं; परन्तु यही मनुष्य धर्मी ठहराया जा कर अपने घर गया; क्योंकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 10-12
  • यूहन्ना 11:30-57



बुधवार, 29 मई 2019

आदर



      अमेरिका के वॉशिंगटन शहर में स्थित सैनिकों के आर्लिंग्टन राष्ट्रीय कब्रिस्तान के सैनिक द्वारपालों के ड्यूटी बदलने के समय की सादगीपूर्ण और गंभीर प्रक्रिया ने सदैव ही मुझे प्रभावित किया है। बड़ी सावधानी से रची गई वह ड्यूटी बदलने की प्रक्रिया कब्रिस्तान में दफनाए गए उन अनजाने सैनिकों के प्रति एक मार्मिक श्रद्धांजलि है, जिनके नाम और बलिदान केवल “परमेश्वर को ही ज्ञात हैं।” उतना ही मार्मिक होता है लोगों के चले जाने के पश्चात भी ड्यूटी पर तैनात उन सैनिकों द्वारा लगातार चहल-कदमी करते रहना। एक ओर से दूसरी ओर, और फिर वापस लौटना, हर घंटे, हर दिन, बिना रुके, चाहे मौसम कितना भी ख़राब क्यों न हो।

      सितंबर 2005 में जब एक बहुत तीव्र चक्रवाधी तूफ़ान, इसाबेल, वॉशिंगटन की ओर बढ़ रहा था तो उन ड्यूटी देने वाले सैनिकों से कहा गया कि वे तूफ़ान की तीव्रता के समय सुरक्षित स्थानों पर जा सकते हैं। किन्तु किसी को अचंभा नहीं हुआ जब किसी भी सैनिक ने ड्यूटी से हटने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उस भयानक तूफ़ान में भी वे अपने दिवंगत साथियों द्वारा दिए गए बलिदान के आदर में डटे रहे।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा मत्ती  6:1-6 में दी गई शिक्षाओं की बुनियाद में, मेरा मानना है कि, प्रभु की इच्छा है कि हम मसीही विश्वासी निरन्तर उसके प्रति निःस्वार्थ समर्पण के साथ जीवन जीते रहें। निःसंदेह बाइबल हमें भले कार्यों और पवित्र जीवन के लिए कहती है, परन्तु इन्हें प्रभु परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता और उपासना के कार्य होना है (पद 4-6), न कि आत्म-प्रशंसा और अपनी ख्याति के लिए किए गए गढ़ी हुई धार्मिकता के कार्य (पद 2)। प्रेरित पौलुस ने इस जीवन-पर्यन्त विश्वासयोग्यता के जीवन की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रभु यीशु द्वारा हमारे लिए दिए गए अपने जीवन के बलिदान के आदर में हमें अपने शरीरों को जीवित बलिदान करके परमेश्वर को अर्पित करना है (रोमियों 12:1)।

      होने दें कि हमारे व्यक्तिगत और सार्वजनिक समय प्रभु परमेश्वर के प्रति हमारे आदर और संपूर्ण समर्पण को दिखाने वाले हों। - रैंडी किल्गोर


हम जितना अधिक मसीह यीशु की सेवा करेंगे, उतनी ही कम अपनी सेवा करेंगे।

इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। - रोमियों 12:1

बाइबल पाठ: मत्ती  6:1-6
Matthew 6:1 सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे।
Matthew 6:2 इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके।
Matthew 6:3 परन्तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए।
Matthew 6:4 ताकि तेरा दान गुप्‍त रहे; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।
Matthew 6:5 और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े हो कर प्रार्थना करना उन को अच्छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके।
Matthew 6:6 परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्‍द कर के अपने पिता से जो गुप्‍त में है प्रार्थना कर; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 11:1-29



मंगलवार, 28 मई 2019

साथ



      मेरी माँ जीवन भर बहुत अनुशासित और तरतीब से रहने वाली रहीं थीं, अब वे अस्पताल के बिस्तार पर वृद्धावस्था के कारण क्षीण होकर लेटी हुई थीं, उन्हें साँस लेना भी कठिन हो रहा था। उनके कमरे की खिड़की की दूसरी ओर वसंत ऋतु का लुभावना, जीवंत दिन था, जो उनकी हालत के बिलकुल विपरीत प्रतीत हो रहा था।

      हम चाहे भावनात्मक रीति से कितनी भी तैयारी कर लें, लेकिन अंतिम विदाई की कठोर वास्तविकता के लिए कभी भी पूर्णतः तैयार नहीं हो सकते हैं। मैं सोच रहा था कि मृत्यु भी कितना बड़ा अनादर है। मैनें अपना ध्यान खिड़की के बाहर चिड़ियों को भोजन देने के लिए रखे गए दाना डालने के पात्र पर लगाया, एक छोटी चिड़िया पास आकर दाना चुगने लगी थी। उसे देख कर तुरंत ही मेरे मन में परमेश्वर के वचन बाइबल का एक परिचित वाक्य आया: “क्या पैसे मे दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती” (मत्ती 10:29)। प्रभु यीशु ने यह बात अपने शिष्यों से तब कही थी जब उसने उन्हें यहूदिया में प्रचार करने के लिए भेजा था, परन्तु इस बात का सिद्धांत आज हम मसीही विश्वासियों पर भी उतना ही लागू होता है। प्रभु ने अपने अनुयायियों से आगे कहा है, “डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो” (पद 31)।

      मेरी माँ ने अपना शरीर कुछ हिलाया और आँखें खोलकर, अपने बचपन की कुछ स्मृतियों के ध्यान में, अपनी माँ के विषय कहा, “मुती का देहांत हो गया है!” मेरी पत्नि ने सहमति जताते हुए उत्तर दिया, “हाँ! वे अब प्रभु यीशु के पास हैं।” एक अनिश्चितता के भाव के साथ माँ ने आगे अपने भाई और बहन के विषय पूछा, “और जॉयस तथा जिम?” मेरी पत्नि ने उत्तर दिया, “हाँ, वे भी प्रभु यीशु के पास हैं। हम भी शीघ्र ही उनके साथ प्रभु के पास जाएँगे।”

      मेरी माँ ने शान्ति से प्रत्युत्तर दिया, “प्रतीक्षा करना कठिन है।” – टिम गुस्ताफ्सन


स्वर्ग की भोर से पहले, मृत्यु अंतिम अन्धकार है।

यहोवा के भक्तों की मृत्यु, उसकी दृष्टि में अनमोल है। - भजन 116:15

बाइबल पाठ: मत्ती 10:28-33
Matthew 10:28 जो शरीर को घात करते हैं, पर आत्मा को घात नहीं कर सकते, उन से मत डरना; पर उसी से डरो, जो आत्मा और शरीर दोनों को नरक में नाश कर सकता है।
Matthew 10:29 क्या पैसे मे दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती।
Matthew 10:30 तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं।
Matthew 10:31 इसलिये, डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो।
Matthew 10:32 जो कोई मनुष्यों के साम्हने मुझे मान लेगा, उसे मैं भी अपने स्‍वर्गीय पिता के साम्हने मान लूंगा।
Matthew 10:33 पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्कार करेगा उस से मैं भी अपने स्‍वर्गीय पिता के साम्हने इन्कार करूंगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 4-6
  • यूहन्ना 10:24-42



सोमवार, 27 मई 2019

उपयोगी



      शब्द दुष्क्रियात्मक  का अर्थ होता है वह जो टूटा हुआ है, सही रीति से कार्य नहीं कर रहा है, या जिस उद्देश्य के लिए उसे बनाया गया उसे नहीं कर रहा है। यह व्यक्तियों, पारस्परिक संबंधों, संस्थाओं, और सरकारों पर भी लागू होता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री का आरंभ आत्मिक रीति से दुष्क्रियात्मक दशा में पड़ी मानवता के विवरण के साथ किया है (1:18-32)। हम सभी परमेश्वर के प्रति इस बलवाई मानवता का भाग हैं: “सब भटक गए हैं, सब के सब निकम्मे बन गए, कोई भलाई करने वाला नहीं, एक भी नहीं...इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं” (रोमियों 3: 12, 23)।

      लेकिन हमारे लिए अच्छा समाचार यह है कि “परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं। उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे” (रोमियों 3:24-25)। जब हम प्रभु यीशु मसीह को अपने जीवनों में आमंत्रित करते हैं, और प्रभु परमेश्वर के अनुग्रह से हमें दी जाने वाली पापों की क्षमा और नए जीवन की पेशकश को स्वीकार कर लेते हैं, तो हम वह व्यक्ति बनने के मार्ग पर चल निकलते हैं जो होने के लिए उसने हमने सृजा था। इस मार्ग पर आते ही हम सिद्ध तो नहीं हो जाते हैं, परन्तु सिद्धता की ओर बढ़ने लग जाते हैं, तथा टूटे एवँ दुष्क्रियात्मक नहीं रह जाते हैं।

      प्रभु यीशु को अपना उद्धारकर्ता ग्रहण करने पर हम में आकर निवास करने वाले पवित्र-आत्मा के द्वारा हम निरन्तर परमेश्वर का आदर करने, उसके आज्ञाकारी होने की सामर्थ्य प्राप्त करते जाते हैं, जिससे फिर “तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्‍व को जो भरमाने वाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्‍ट होता जाता है, उतार डालो। और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ। और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है” (इफिसियों 4:22-24), और प्रभु परमेश्वर के लिए उपयोगी हो जाते हैं। - डेविड मैक्कैस्लैंड


मसीह यीशु की निकटता में बढ़ने से 
हम उसके उस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जीने वाले हो जाते हैं, 
जिसके लिए उसने हमें सृजा है।

क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया। - इफिसियों 2:10

बाइबल पाठ: रोमियों 3: 10-26
Romans 3:10 जैसा लिखा है, कि कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं।
Romans 3:11 कोई समझदार नहीं, कोई परमेश्वर का खोजने वाला नहीं।
Romans 3:12 सब भटक गए हैं, सब के सब निकम्मे बन गए, कोई भलाई करने वाला नहीं, एक भी नहीं।
Romans 3:13 उन का गला खुली हुई कब्र है: उन्होंने अपनी जीभों से छल किया है: उन के होठों में सापों का विष है।
Romans 3:14 और उन का मुंह श्राप और कड़वाहट से भरा है।
Romans 3:15 उन के पांव लोहू बहाने को फुर्तीले हैं।
Romans 3:16 उन के मार्गों में नाश और क्लेश हैं।
Romans 3:17 उन्होंने कुशल का मार्ग नहीं जाना।
Romans 3:18 उन की आंखों के साम्हने परमेश्वर का भय नहीं।
Romans 3:19 हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे।
Romans 3:20 क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है।
Romans 3:21 पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की वह धामिर्कता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं।
Romans 3:22 अर्थात परमेश्वर की वह धामिर्कता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करने वालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं।
Romans 3:23 इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं।
Romans 3:24 परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं।
Romans 3:25 उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे।
Romans 3:26 वरन इसी समय उस की धामिर्कता प्रगट हो; कि जिस से वह आप ही धर्मी ठहरे, और जो यीशु पर विश्वास करे, उसका भी धर्मी ठहराने वाला हो।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 1-3
  • यूहन्ना 10:1-23



रविवार, 26 मई 2019

मार्गदर्शक


      मैं अपने प्रथम तेज़ बहती उथली नदी पर रबर की नौका में यात्रा करने के अभियान के आरंभ का आनन्द ले रहा था, कि मुझे आगे नदी में तीव्र धारा की गर्जन का शब्द सुनाई दिया। मेरे अन्दर तुरंत ही बहुतायत से अनिश्चितता, भय, और असुरक्षा के भाव एक साथ उठने लगे। उस तीव्र धारा से होकर निकलना बहुत रोमांचक था, हम हाथों से कसकर नौका को पकड़े हुए बैठे थे। और अचानक ही सब शान्त हो गया, हमारी नौका के चालाक और गाईड ने हमें सुरक्षित उस भयावह बहाव के पार निकाल लिया था। अब हमें अगली तीव्र धारा प्रवाह की प्रतीक्षा थी।

      हमारे जीवनों में होने वाले परिवर्तन ऐसे भयावह और रोमांचक अनुभवों के समान हो सकते हैं। जीवन के एक पड़ाव से दूसरे की ओर अपरिहार्य और अप्रत्याशित अनुभव में लिए चलते हैं – कॉलेज से जीविका कमाने की ओर, एक कार्य से दूसरे में परिवर्तन के समय, माता-पिता के साथ रहने से अकेले या जीवन साथी के साथ रहने के अनुभव, जीविका कमाने से सेवा-निवृत्ति पाने के अनुभव, जवानी से वृद्धावस्था के अनुभव – सभी में अनिश्चितता तथा असुरक्षा का भाव बना रहता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए इतहास के सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तनों में से एक था पुराने नियम में दिया गया सुलेमान का अपने पिता दाऊद की गद्दी पर आसीन होना। निःसंदेह सुलेमान भी भविष्य की अनिश्चितता के बारे में आशंका से भरा होगा। उसके पिता दाऊद ने उसे परामर्श दिया, “फिर दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान से कहा, हियाव बान्ध और दृढ़ हो कर इस काम में लग जा। मत डर, और तेरा मन कच्चा न हो, क्योंकि यहोवा परमेश्वर जो मेरा परमेश्वर है, वह तेरे संग है; और जब तक यहोवा के भवन में जितना काम करना हो वह न हो चुके, तब तक वह न तो तुझे धोखा देगा और न तुझे त्यागेगा” (1 इतिहास 28:20)।

      हम सबके जीवनों में ऐसे परिवर्तनों के अवसर अवश्य ही आएँगे। परन्तु हम मसीही विश्वासियों को यह आश्वासन है कि जब परमेश्वर हमारे साथ है, तो हम कभी अकेले या असहाय नहीं हैं। जीवन की तीव्र धरा के भयावह अनुभवों में जब हम अपने मार्गदर्शक प्रभु परमेश्वर पर अपनी दृष्टि लगाए रहते हैं, उसके वचन के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ते रहते हैं, तो वह हमें सुरक्षित पार निकाल लाता है। - जो स्टोवैल


परिवर्तन की तीव्र धारा में प्रभु परमेश्वर हमारा मार्गदर्शक रहता है।

इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा। - यहोशू 1:7-8

बाइबल पाठ: 1 इतिहास 28:9-20
1 Chronicles 28:9 और हे मेरे पुत्र सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा।
1 Chronicles 28:10 अब चौकस रह, यहोवा ने तुझे एक ऐसा भवन बनाने को चुन लिया है, जो पवित्रस्थान ठहरेगा, हियाव बान्धकर इस काम में लग जा।
1 Chronicles 28:11 तब दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान को मन्दिर के ओसारे, कोठरियों, भण्डारों अटारियों, भीतरी कोठरियों, और प्रायश्चित के ढकने से स्थान का नमूना,
1 Chronicles 28:12 और यहोवा के भवन के आंगनों और चारों ओर की कोठरियों, और परमेश्वर के भवन के भण्डारों और पवित्र की हुई वस्तुओं के भण्डारों के, जो जो नमूने ईश्वर के आत्मा की प्रेरणा से उसको मिले थे, वे सब दे दिए।
1 Chronicles 28:13 फिर याजकों और लेवियों के दलों, और यहोवा के भवन की सेवा के सब कामों, और यहोवा के भवन की सेवा के सब सामान,
1 Chronicles 28:14 अर्थात सब प्रकार की सेवा के लिये सोने के पात्रों के निमित्त सोना तौलकर, और सब प्रकार की सेवा के लिये चान्दी के पात्रें के निमित्त चान्दी तौलकर,
1 Chronicles 28:15 और सोने की दीवटों के लिये, और उनके दीपकों के लिये प्रति एक एक दीवट, और उसके दीपकों का सोना तौलकर और चान्दी के दीवटों के लिये एक एक दीवट, और उसके दीपक की चान्दी, प्रति एक एक दीवट के काम के अनुसार तौलकर,
1 Chronicles 28:16 ओर भेंट की रोटी की मेजों के लिये एक एक मेज का सोना तौलकर, और चान्दी की मेजों के लिये चान्दी,
1 Chronicles 28:17 और चोखे सोने के कांटों, कटोरों और प्यालों और सोने की कटोरियों के लिये एक एक कटोरी का सोना तौलकर, और चान्दी की कटोरियों के लिये एक एक कटोरी की चान्दी तौलकर,
1 Chronicles 28:18 और धूप की वेदी के लिये तपाया हुआ सोना तौलकर, और रथ अर्थात यहोवा की वाचा का सन्दूक ढांकने वाले और पंख फैलाए हुए करूबों के नमूने के लिये सोना दे दिया।
1 Chronicles 28:19 मैं ने यहोवा की शक्ति से जो मुझ को मिली, यह सब कुछ बूझ कर लिख दिया है।
1 Chronicles 28:20 फिर दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान से कहा, हियाव बान्ध और दृढ़ हो कर इस काम में लग जा। मत डर, और तेरा मन कच्चा न हो, क्योंकि यहोवा परमेश्वर जो मेरा परमेश्वर है, वह तेरे संग है; और जब तक यहोवा के भवन में जितना काम करना हो वह न हो चुके, तब तक वह न तो तुझे धोखा देगा और न तुझे त्यागेगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 इतिहास 28-29
  • यूहन्ना 9:24-41


शनिवार, 25 मई 2019

ईर्ष्या



      मेरे पुत्र और बहु को संध्या के समय कहीं बाहर जाना था, उनकी सहायता के लिए, उनकी अनुपस्थिति में, मैं अपने पोतों की देखभाल करने के लिए उनके घर रहने के लिए सहर्ष सहमत हो गई। शाम को उनके घर पहुँचने और बच्चों को गले लगाकर उन से मिलने के बाद मैं उनसे बातचीत करने लगी। मैंने उन से जानना चाहा कि उन्होंने बीते सप्ताहान्त क्या-क्या किया। तीन वर्षीय छोटे पोते नें बड़े उत्साह के साथ बताया कि कैसे उसे अपने चाचा-चाची के साथ एक रात बिताने को मिली थी, जहाँ उसने आईसक्रीम खाई, झूले पर झूला और एक फिल्म भी देखी। इसके बाद पाँच वर्षीय बड़े पोते की बारी थी। जब मैंने उससे पूछा कि उसने सप्ताहान्त पर क्या किया तो उसने नीरसता से कहा कहा कि वह कैम्पिंग के लिए गया था। फिर मैंने पूछा कि क्या उसे कैम्पिंग में मज़ा आया, तो उसने उदासीन भाव के साथ अपने छोटे भाई की ओर संकेत करते हुए उत्तर दिया, “उतना नहीं!”

      मेरा बड़ा पोता सँसार भर के लोगों को सदियों से प्रभावित कर रहे ईर्ष्या के भाव का अनुभव कर रहा था। उसने जब अपने छोटे भाई से अपने चाचा के साथ समय बिताए गए समय और आनन्द के बारे में सुना तो तुरंत ही वह उस आनन्द के बारे में भूल गया जो उसने अपने पिता के साथ कैम्पिंग करते हुए अनुभव किया था।

      हम सभी ईर्ष्या के शिकार हो सकते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रजा के द्वारा की जा रही दाऊद की प्रशंसा को सुनकर राजा शाउल ईर्ष्या से भर गया और दाऊद के विरोध में हो गया; वह इतना क्रोधित हुआ कि दाऊद को मारने के प्रयास करने लगा।

      औरों से तुलना करने का विचार और व्यवहार मूर्खतापूर्ण तथा विनाशक होता है। अवश्य ही किसी न किसी के पास कुछ ऐसा होगा जो हमारे पास नहीं है, या उसने ऐसे अनुभवों के आनन्द पाए होंगे जो हमने नहीं पाए। परन्तु परमेश्वर हमें पहले ही उन लोगों से भिन्न अनेकों अन्य आशीषें और आनन्द प्रदान कर चुका है, जिनमें इस जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति तथा मसीही विश्वासियों को प्रभु यीशु में अनन्त जीवन की आशीष सम्मिलित हैं। जब हम किसी अन्य मनुष्य पर ध्यान केंद्रित करने के स्थान पर प्रभु परमेश्वर पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं, उसके द्वारा हमें प्रदान की गई आशीषों को लेकर उसके प्रति कृतज्ञ एवँ धन्यवादी रहते हैं, तो हम ईर्ष्या में पड़ने से बचे रहते हैं। - एलीसन कीडा


ईर्ष्या का समाधान परमेश्वर के प्रति धन्यवादी रहना है।

शान्त मन, तन का जीवन है, परन्तु मन के जलने से हड्डियां भी जल जाती हैं। - नीतिवचन 14:30

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 18:5-15
1 Samuel 18:5 और जहां कहीं शाऊल दाऊद को भेजता था वहां वह जा कर बुद्धिमानी के साथ काम करता था; और शाऊल ने उसे योद्धाओं का प्रधान नियुक्त किया। और समस्त प्रजा के लोग और शाऊल के कर्मचारी उस से प्रसन्न थे।
1 Samuel 18:6 जब दाऊद उस पलिश्ती को मारकर लौटा आता था, और वे सब लोग भी आ रहे थे, तब सब इस्राएली नगरों से स्त्रियों ने निकलकर डफ और तिकोने बाजे लिये हुए, आनन्द के साथ गाती और नाचती हुई, शाऊल राजा के स्वागत में निकलीं।
1 Samuel 18:7 और वे स्त्रियां नाचती हुइ एक दूसरी के साथ यह गाती गईं, कि शाऊल ने तो हजारों को, परन्तु दाऊद ने लाखों को मारा है।
1 Samuel 18:8 तब शाऊल अति क्रोधित हुआ, और यह बात उसको बुरी लगी; और वह कहने लगा, उन्होंने दाऊद के लिये तो लाखों और मेरे लिये हजारों को ठहराया; इसलिये अब राज्य को छोड़ उसको अब क्या मिलना बाकी है?
1 Samuel 18:9 तब उस दिन से भविष्य में शाऊल दाऊद की ताक में लगा रहा।
1 Samuel 18:10 दूसरे दिन परमेश्वर की ओर से एक दृष्ट आत्मा शाऊल पर बल से उतरा, और वह अपने घर के भीतर नबूवत करने लगा; दाऊद प्रति दिवस के समान अपने हाथ से बजा रहा था। और शाऊल अपने हाथ में अपना भाला लिये हुए था;
1 Samuel 18:11 तब शाऊल ने यह सोचकर, कि मैं ऐसा मारूंगा कि भाला दाऊद को बेधकर भीत में धंस जाए, भाले को चलाया, परन्तु दाऊद उसके साम्हने से दो बार हट गया।
1 Samuel 18:12 और शाऊल दाऊद से डरा करता था, क्योंकि यहोवा दाऊद के साथ था और शाऊल के पास से अलग हो गया था।
1 Samuel 18:13 शाऊल ने उसको अपने पास से अलग कर के सहस्रपति किया, और वह प्रजा के साम्हने आया जाया करता था।
1 Samuel 18:14 और दाऊद अपनी समस्त चाल में बुद्धिमानी दिखाता था; और यहोवा उसके साथ साथ था।
1 Samuel 18:15 और जब शाऊल ने देखा कि वह बहुत बुद्धिमान है, तब वह उस से डर गया।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 इतिहास 25-27
  • यूहन्ना 9:1-23