ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

शुक्रवार, 26 जुलाई 2019

सुरक्षा



      मैं ध्यान से पानी की ओर देखती रहती थी, किसी भी खतरे के चिन्ह के लिए सतर्क। तैरने वालों के निकट उनकी जीवन-रक्षक बनकर रहने के मेरे छः घंटे के समय में, स्विमिंग-पूल के किनारे से मैं ध्यान रखती थी कि जो लोग तैर रहे हैं वे सुरक्षित रहें। देखने के स्थल से मेरे हटने या मेरा ध्यान भंग होने के परिणाम, उनके लिए जो पूल में होते थे, गंभीर हो सकते थे। यदि, किसी चोट अथवा कौशल की कमी के कारण, कोई तैरने वाला डूबने के खतरे में होता था तो उसे पानी में से निकालकर सुरक्षित पूल के किनारे लाना मेरी ज़िम्मेदारी होती थी।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि पलिश्तियों के विरुद्ध युद्ध में परमेश्वर की सहायता और सुरक्षा का अनुभव करने के पश्चात (2 शमूएल 21:15-22), दाऊद ने अपने बचाए जाने को गहरे पाने में से खींच कर निकाले जाने के अनुभव के समान बताया (2 शमूएल 22:17)। उस युद्ध में दाऊद और उसके साथियों का जीवन बहुत गंभीर खतरे में था। दाऊद जब खतरे में दूब जाने की कगार पर था, तब परमेश्वर ने उसे खींच कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

      तैरने के सार्वजनिक स्थानों पर जीवन-रक्षक तैराकों को तैरने वालों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए पारिश्रमिक दिया जाता है। परन्तु परमेश्वर ने दाऊद की रक्षा इसलिए की क्योंकि वह दाऊद से प्रसन्न था (पद 20)। मेरा हृदय पुल्लकित हो उठता है जब मुझे यह ध्यान आता है कि परमेश्वर मेरा ध्यान और सुरक्षा इसलिए नहीं रखता है क्योंकि वह ऐसा करने के लिए उसे कोई मेहनताना दे रहा है; वरन इसलिए क्योंकि वह मुझे चाहता है और मेरे लिए ऐसा करना चाहता है।

      जब हम जीवन की परेशानियों से अपने आप को अभिभूतित अनुभव करें, तो हम इस बात में आश्वस्त और शान्त हो सकते हैं कि हमारा रक्षक परमेश्वर हमारे संघर्षों को देखता है और क्योंकि वह हमें चाहता है इसलिए वह हमें अपनी सुरक्षा प्रदान करता है। - कर्स्टन होम्बर्ग


परमेश्वर अपने बच्चों को सुरक्षित रखने से प्रसन्न होता है।

जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। - यशायाह 43:2

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 22:17-20
2 Samuel 22:17 उसने ऊपर से हाथ बढ़ाकर मुझे थाम लिया, और मुझे गहरे जल में से खींचकर बाहर निकाला।
2 Samuel 22:18 उसने मुझे मेरे बलवन्त शत्रु से, और मेरे बैरियों से, जो मुझ से अधिक सामथीं थे, मुझे छुड़ा लिया।
2 Samuel 22:19 उन्होंने मेरी विपत्ति के दिन मेरा साम्हना तो किया; परन्तु यहोवा मेरा आश्रय था।
2 Samuel 22:20 और उसने मुझे निकाल कर चौड़े स्थान में पहुंचाया; उसने मुझ को छुड़ाया, क्योंकि वह मुझ से प्रसन्न था।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 40-42
  • प्रेरितों 27:1-26



गुरुवार, 25 जुलाई 2019

साथ लाए



      जौन एफ. बर्न्स चालीस वर्ष तक ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के लिए संवाददाता के रूप में कार्य करते रहे और संसार भर में होने वाली घटनाओं के बारे में लिखते रहे। अपनी सेवानिवृत्ति के पश्चात, 2015 में उन्होंने अपने एक साथी संवाददाता और निकट मित्र, जो अब कैंसर से मर रहा था, के शब्दों को स्मरण किया – “कभी मत भूलना कि महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आप अपनी यात्रा में कितनी दूरी तय कर चुके हैं, महत्वपूर्ण वह है जो आप उस यात्रा से साथ लेकर आए हैं।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 37 को हम दाऊद के चरवाहे से सैनिक और फिर राजा बनने की अपनी जीवन की यात्रा से साथ लाई हुई बातों की सूचि मान सकते हैं। यह भजन एक प्रकार से दोहों की श्रंखला है जिसमें दुष्टों की धर्मियों के साथ तुलना की गई है और परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखने वालों की पुष्टि की गई है।

      कुकर्मियों के कारण मत कुढ़, कुटिल काम करने वालों के विषय डाह न कर! क्योंकि वे घास के समान झट कट जाएंगे, और हरी घास के समान मुर्झा जाएंगे।” (पद 1-2)

      मैं लड़कपन से ले कर बुढ़ापे तक देखता आया हूं; परन्तु न तो कभी धर्मी को त्यागा हुआ, और न उसके वंश को टुकड़े मांगते देखा है।” (पद 25)

      जीवन के हमारे अनुभवों द्वारा परमेश्वर ने हमें क्या सिखाया है? क्या हमने उसकी विश्वासयोग्यता तथा प्रेम का अनुभव किया है? परमेश्वर के प्रेम ने हमारे जीवनों को किस प्रकार से संवारा और सुधारा है?

      महत्वपूर्ण यह नहीं है कि हमने जीवन यात्रा में कितनी दूरी तय की है, वरन यह कि उस यात्रा से हम अपने साथ लाए क्या हैं! – डेविड मैक्कैस्लैंड


आयु के बढ़ने के साथ, परमेश्वर की विश्वासयोग्यता और भी बढ़ती जाती है।

क्योंकि यहोवा अपनी प्रजा को न तजेगा, वह अपने निज भाग को न छोड़ेगा; - भजन 94:14

बाइबल पाठ: भजन 37:1-6, 23-27
Psalms 37:1 कुकर्मियों के कारण मत कुढ़, कुटिल काम करने वालों के विषय डाह न कर!
Psalms 37:2 क्योंकि वे घास के समान झट कट जाएंगे, और हरी घास के समान मुर्झा जाएंगे।
Psalms 37:3 यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह।
Psalms 37:4 यहोवा को अपने सुख का मूल जान, और वह तेरे मनोरथों को पूरा करेगा।
Psalms 37:5 अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़; और उस पर भरोसा रख, वही पूरा करेगा।
Psalms 37:6 और वह तेरा धर्म ज्योति के समान, और तेरा न्याय दोपहर के उजियाले के समान प्रगट करेगा।
Psalms 37:23 मनुष्य की गति यहोवा की ओर से दृढ़ होती है, और उसके चलन से वह प्रसन्न रहता है;
Psalms 37:24 चाहे वह गिरे तौभी पड़ा न रह जाएगा, क्योंकि यहोवा उसका हाथ थामे रहता है।
Psalms 37:25 मैं लड़कपन से ले कर बुढ़ापे तक देखता आया हूं; परन्तु न तो कभी धर्मी को त्यागा हुआ, और न उसके वंश को टुकड़े मांगते देखा है।
Psalms 37:26 वह तो दिन भर अनुग्रह कर कर के ऋण देता है, और उसके वंश पर आशीष फलती रहती है।
Psalms 37:27 बुराई को छोड़ भलाई कर; और तू सर्वदा बना रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 37-39
  • प्रेरितों 26



बुधवार, 24 जुलाई 2019

असमान



      हेनरी नोवेन ने कहा, “समाज वह स्थान है जहाँ वे व्यक्ति रहते हैं जिनके साथ रहना आप सबसे कम पसन्द करते हैं।” बहुधा हम अपने चारों ओर ऐसे लोगों को एकत्रित रखते हैं जिनके साथ रहना हम पसन्द करते हैं। ऐसे छोटे से समूह से क्लब या गुट बनता है, समाज नहीं। क्लब तो कोई भी बना सकता है, परन्तु ‘समाज’ बनाने के लिए कृपालुता, साझा दर्शन होना, और कठिन साथ मिलकर परिश्रम करना आवश्यक है।

      इतिहास में मसीही मण्डली या चर्च वह पहली व्यवस्था थी जहाँ यहूदी और अन्यजाति, स्त्री और पुरुष, दास और स्वतंत्र, एक समान होकर, एक साथ आए। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस इस के विषय बहुत प्रफुल्लित होकर बताता है। पौलुस ने कहा कि असमान व्यक्तियों से समाज बनाने के द्वारा, हमारे पास अवसर है कि सँसार का, और अलौकिक सँसार का भी, ध्यान अपनी ओर खींचें (इफिसियों 3:9-10)।

      दुःख की बात है कि कुछ बातों में चर्च इस कार्य में असफल रहा है। फिर भी चर्च वह एक स्थान है जहाँ मैं पीढ़ियों को एक साथ एकत्रित होते हुए देखता हूँ। वहाँ माँ की गोद में खेलते हुए शिशु, अटखेलियाँ करते तथा अनुचित समयों पर विचित्र ध्वनियाँ निकालते हुए हुए बच्चे, ज़िम्मेदार व्यसक जो समयानुसार उचित व्यवहार करना जानते हैं, तथा वे लोग भी होते हैं जो यदि पास्टर का सन्देश कुछ लंबा हो जाए तो ऊंघना भी जानते हैं, सभी होते हैं।

      यदि हमें वास्तव में समाज का अनुभाव लेना है, जो परमेश्वर हमें देना चाहता है, तो हमें अपने से असमान लोगों की मण्डली का भाग होना होगा। - फिलिप यैन्सी


छोटे समाज में रहने वाला व्यक्ति भी विशाल सँसार का भाग है। - जी. के. चेस्टरटन

क्योंकि हम सब ने क्या यहूदी हो, क्या युनानी, क्या दास, क्या स्‍वतंत्र एक ही आत्मा के द्वारा एक देह होने के लिये बपतिस्मा लिया, और हम सब को एक ही आत्मा पिलाया गया। - 1 कुरिन्थियों 12:13

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:19-3:11
Ephesians 2:19 इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्र लोगों के संगी स्‍वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए।
Ephesians 2:20 और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिसके कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो।
Ephesians 2:21 जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्र मन्दिर बनती जाती है।
Ephesians 2:22 जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवास स्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो।
Ephesians 3:1 इसी कारण मैं पौलुस जो तुम अन्यजातियों के लिये मसीह यीशु का बन्‍धुआ हूं
Ephesians 3:2 यदि तुम ने परमेश्वर के उस अनुग्रह के प्रबन्‍ध का समाचार सुना हो, जो तुम्हारे लिये मुझे दिया गया।
Ephesians 3:3 अर्थात यह, कि वह भेद मुझ पर प्रकाश के द्वारा प्रगट हुआ, जैसा मैं पहिले संक्षेप में लिख चुका हूं।
Ephesians 3:4 जिस से तुम पढ़ कर जान सकते हो, कि मैं मसीह का वह भेद कहां तक समझता हूं।
Ephesians 3:5 जो और और समयों में मनुष्यों की सन्‍तानों को ऐसा नहीं बताया गया था, जैसा कि आत्मा के द्वारा अब उसके पवित्र प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं पर प्रगट किया गया है।
Ephesians 3:6 अर्थात यह, कि मसीह यीशु में सुसमाचार के द्वारा अन्यजातीय लाग मीरास में साझी, और एक ही देह के और प्रतिज्ञा के भागी हैं।
Ephesians 3:7 और मैं परमेश्वर के अनुग्रह के उस दान के अनुसार, जो उसकी सामर्थ के प्रभाव के अनुसार मुझे दिया गया, उस सुसमाचार का सेवक बना।
Ephesians 3:8 मुझ पर जो सब पवित्र लोगों में से छोटे से भी छोटा हूं, यह अनुग्रह हुआ, कि मैं अन्यजातियों को मसीह के अगम्य धन का सुसमाचार सुनाऊं।
Ephesians 3:9 और सब पर यह बात प्रकाशित करूं, कि उस भेद का प्रबन्‍ध क्या है, जो सब के सृजनहार परमेश्वर में आदि से गुप्‍त था।
Ephesians 3:10 ताकि अब कलीसिया के द्वारा, परमेश्वर का नाना प्रकार का ज्ञान, उन प्रधानों और अधिकारियों पर, जो स्‍वर्गीय स्थानों में हैं प्रगट किया जाए।
Ephesians 3:11 उस सनातन मनसा के अनुसार, जो उसने हमारे प्रभु मसीह यीशु में की थी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 35-36
  • प्रेरितों 25



मंगलवार, 23 जुलाई 2019

सेवा


      1950 तथा 1960 के दशकों में हॉलीवुड की संगीत प्रधान फिल्में बहुत लोकप्रिय रही थीं। इनमें विशेषतः तीन अभिनेत्रियों – ऑड्रे हैपबर्न, नेटली वुड, और डेबोराह केर्र के कार्य ने दर्शकों को मोहित किया था। इन अभिनेत्रियों के इस आकर्षण का प्रमुख भाग उनके उत्कृष्ट गायन था जिसने उनके अभिनय को और अधिक आकर्षक बनाया। किन्तु वास्तविकता यह है कि इन फिल्मों की सफलता के लिए बहुत अधिक श्रेय मारनी निक्सन नामक एक महिला को जाता है जिसने इन अभिनेत्रियों के लिए अपनी आवाज़ डब करने के लिए प्रदान की, परन्तु लंबे समय तक उसके इस अति-महत्वपूर्ण योगदान के लिए उसे कोई श्रेय नहीं दिया गया।

      मसीह यीशु की देह, उसकी कलीसिया अर्थात चर्च, में बहुधा ऐसे लोग होते हैं जो पृष्ठभूमी में रहकर विश्वासयोग्यता के साथ उन्हें सहायता देते रहते हैं जो सार्वजनिक रीति से सामने दिखाई देते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रेरित पौलुस ऐसे ही व्यक्तियों पर निर्भर था –  तिर्तियुस उसके लिए लिपिक की भूमिका निभाता था (रोमियों 16:22); पृष्ठभूमि में रहकर इपफ्रास की नियमित प्रार्थनाएं पौलुस और प्रारंभिक मसीही मंडलियों के लिए दृढ़ आधार थे (कुलुस्सियों 4:12-13); जब थकित प्रेरित को विश्राम की आवश्यकता थी, तब लुदिया ने उसके लिए अपने घर के दरवाज़े खोले (प्रेरितों 16:15)। इन मसीही सहयोगियों की उदार सहायता के बिना पौलुस का काम संभव नहीं होने पाता (कुलुस्सियों 4:7-18)।

      हमें सदा ही प्रत्यक्ष दिखाई देने वाली भूमिकाएं न भी मिलें, तो भी हम जानते हैं कि परमेश्वर हमसे बहुत प्रसन्न होता है जब हम अपनी भूमिकाओं को उसके आज्ञाकारी होकर निभाते हैं और उसकी योजनाओं को कार्यान्वित होने में सहयोग करते हैं। जब हम अपने आप को प्रभु के कार्य के लिए समर्पित कर देते हैं (1 कुरिन्थियों 15:58), तो उससे परमेश्वर को महिमा मिलती है, लोग प्रभु परमेश्वर की ओर आकर्षित होते हैं (मत्ती 5:16), तथा हमारी सेवा सार्थक और मूल्यवान होती है। - सिंडी हैस कैस्पर


सच्ची सेवा का भेद है कि परमेश्वर जहाँ भी रखे 
वहाँ पूर्ण विश्वासयोग्यता के साथ कार्य करें।

सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है। - 1 कुरिन्थियों 15:58

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 4:7-18
Colossians 4:7 प्रिय भाई और विश्वासयोग्य सेवक, तुखिकुस जो प्रभु में मेरा सहकर्मी है, मेरी सब बातें तुम्हें बता देगा।
Colossians 4:8 उसे मैं ने इसलिये तुम्हारे पास भेजा है, कि तुम्हें हमारी दशा मालूम हो जाए और वह तुम्हारे हृदयों को शान्‍ति दे।
Colossians 4:9 और उसके साथ उनेसिमुस को भी भेजा है जो विश्वास योग्य और प्रिय भाई और तुम ही में से है, ये तुम्हें यहां की सारी बातें बता देंगे।
Colossians 4:10 अरिस्‍तर्खुस जो मेरे साथ कैदी है, और मरकुस जो बरनबा का भाई लगता है। (जिस के विषय में तुम ने आज्ञा पाई थी कि यदि वह तुम्हारे पास आए, तो उस से अच्छी तरह व्यवहार करना।)
Colossians 4:11 और यीशु जो यूस्‍तुस कहलाता है, तुम्हें नमस्‍कार कहते हैं। खतना किए हुए लोगों में से केवल ये ही परमेश्वर के राज्य के लिये मेरे सहकर्मी और मेरी शान्‍ति का कारण रहे हैं।
Colossians 4:12 इपफ्रास जो तुम में से है, और मसीह यीशु का दास है, तुम से नमस्‍कार कहता है और सदा तुम्हारे लिये प्रार्थनाओं में प्रयत्न करता है, ताकि तुम सिद्ध हो कर पूर्ण विश्वास के साथ परमेश्वर की इच्छा पर स्थिर रहो।
Colossians 4:13 मैं उसका गवाह हूं, कि वह तुम्हारे लिये और लौदीकिया और हियरापुलिस वालों के लिये बड़ा यत्‍न करता रहता है।
Colossians 4:14 प्रिय वैद्य लूका और देमास का तुम्हें नमस्‍कार।
Colossians 4:15 लौदीकिया के भाइयों को और तुमफास और उन के घर की कलीसिया को नमस्‍कार कहना।
Colossians 4:16 और जब यह पत्र तुम्हारे यहां पढ़ लिया जाए, तो ऐसा करना कि लौदीकिया की कलीसिया में भी पढ़ा जाए, और वह पत्र जो लौदीकिया से आए उसे तुम भी पढ़ना।
Colossians 4:17 फिर अखिर्प्‍पुस से कहना कि जो सेवा प्रभु में तुझे सौंपी गई है, उसे सावधानी के साथ पूरी करना।
Colossians 4:18 मुझ पौलुस का अपने हाथ से लिखा हुआ नमस्‍कार। मेरी जंजीरों को स्मरण रखना; तुम पर अनुग्रह होता रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 33-34
  • प्रेरितों 24


सोमवार, 22 जुलाई 2019

भय


      एक किशोरी ने फेसबुक पर अपने मित्रों के लिए एक हृदय-स्पर्शी बात लिखी, “मैं बहुत भयभीत हूँ!” उसने उन्हें बताया कि उसे कुछ चिकित्सा संबंधी जांचों के लिए जाकर अस्पताल में भर्ती होना है, जो उसके घर से तीन घंटे की दूरी पर स्थित है, और उसे वहाँ तब तक रहना पड़ेगा जब तक कि डॉक्टर उसकी गंभीर चिकित्सीय समस्याओं के संबंध में किसी निर्णय पर नहीं पहुँच जाते हैं।

      हम चाहे युवा हों या वृद्ध, जब भी हमारे सामने अनचाही गंभीर समस्याएँ आती हैं, तो हम से कौन है जो उस किशोरी के समान भयभीत नहीं होता है? ऐसे में हम सहायता के लिए किस की ओर मुड़ें? ऐसी परिस्थितियों में पवित्र-शास्त्र हमें कैसी शान्त और साहस प्रदान करता है?

        परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई वास्तविकता कि परमेश्वर हमारी परीक्षाओं में हमारे साथ-साथ चलता रहेगा हमें आश्वस्त करता है और हमारी सहायता करता है। यशायाह 41:13 में लिखा है, “क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दहिना हाथ पकड़कर कहूंगा, मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा।”

      इसके अतिरिक्त, हम जब परमेश्वर के सामने अपने विनती और निवेदन प्रस्तुत करते हैं, तो हमारी कठिनाइयों के संबंध में परमेश्वर हमें अवर्णनीय तथा हृदयों को सुरक्षित रखने वाली शान्ति प्रदान करता है (फिलिप्पियों 4:6-7)।
      परमेश्वर की हमारे साथ सदा बनी रहने वाली उपस्थिति और शान्ति के द्वारा हमें प्रत्येक परिस्थिति को सहने और उस पर विजयी होने के लिए जिस आशा और सहायता की आवश्यकता होती है, वह हमें मिलती है, हमें हमारे प्रत्येक भय से छुड़ाती है। - डेव ब्रैनन


हमारे सभी संघर्षों में परमेश्वर हमारे साथ रहता है।

इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। - यहोशू 1:7

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 4:4-9
Philippians 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो।
Philippians 4:5 तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।
Philippians 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
Philippians 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी।
Philippians 4:8 निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो।
Philippians 4:9 जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 31-32
  • प्रेरितों 23:16-35


रविवार, 21 जुलाई 2019

क्या कह रहे हैं?



      अपनी पुस्तक Wearing God में लेखिका लौरेन विन्नर कहती हैं कि हमारे वस्त्र औरों से मूक रीति से हम क्या हैं कह देते हैं। जो हम पहनते हैं वो हमारी नौकरी, कार्य, समाज या पहचान, हमारे मिज़ाज, या सामजिक स्तर को बता सकता है। किसी टी-शर्ट के बारे में सोचिए जिस पर कुछ लिखा हो, या किसी व्यवसायी के सूट के बारे में, किसी की वर्दी के बारे में, किसी के ग्रीस से सनी जींस पहने हुए होने के बारे में, आदि – ये सभी वस्त्र उन्हें पहनने वाले व्यक्ति के बारे में कुछ कहते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र, प्रेरित पौलुस के अनुसार, इसी प्रकार से हम मूक रीति से मसीह यीशु का प्रतिनिधित्व भी कर सकते हैं। बाइबल में रोमियों 13:14 में लिखा है कि “वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो” इसका क्या अर्थ है? जब हम मसीही विश्वासी बनते हैं तो हम मसीह की पहचान धारण  कर लेते हैं। हम “विश्वास के द्वारा परमेश्वर की सन्तान हैं” (गलातियों 3:26-27); यही हमारा दर्जा है। लेकिन इस दर्जे को दूसरों के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए हमें प्रतिदिन मसीह यीशु के चरित्र और व्यवहार को पहनना पड़ता है। हम ऐसा प्रभु यीशु मसीह के लिए जीवन जीने, परमेश्वर की भक्ति, प्रेम तथा आज्ञाकारिता में बढ़ते जाने, हमें पापों में उलझाने और फंसाने वाले पापों की ओर पीठ मोड़ने, तथा प्रभु की समानता में और अधिक ढलने के दैनिक सतत प्रयास के द्वारा करते हैं।

      मसीह में हमारी यह बढ़ोतरी पवित्र आत्मा के द्वारा होती है जो हमारे अन्दर कार्य करता है (यूहन्ना 14:26), हम में प्रभु के वचन के अध्ययन, प्रार्थना, तथा अन्य मसीही विश्वासियों के साथ संगति रखने में समय बिताने की चाह उत्पन्न करता है (प्रेरितों 2:42)।

      जब और लोग हमारी बातों और व्यवहार को देखते हैं, तो उन्हें क्या लगता है कि हम क्या कह रहे हैं?  - एलीसन कीडा


जब और लोग हमें देखें, तो उन्हें जो दिखाई दे उससे हमारे उद्धारकर्ता की बड़ाई हो।

क्योंकि तुम सब उस विश्वास करने के द्वारा जो मसीह यीशु पर है, परमेश्वर की सन्तान हो। और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहिन लिया है। - गलातियों 3:26-27

बाइबल पाठ: रोमियों 13:11-14
Romans 13:11 और समय को पहिचान कर ऐसा ही करो, इसलिये कि अब तुम्हारे लिये नींद से जाग उठने की घड़ी आ पहुंची है, क्योंकि जिस समय हम ने विश्वास किया था, उस समय के विचार से अब हमारा उद्धार निकट है।
Romans 13:12 रात बहुत बीत गई है, और दिन निकलने पर है; इसलिये हम अन्धकार के कामों को तज कर ज्योति के हथियार बान्ध लें।
Romans 13:13 जैसा दिन को सोहता है, वैसा ही हम सीधी चाल चलें; न कि लीला क्रीड़ा, और पियक्कड़पन, न व्यभिचार, और लुचपन में, और न झगड़े और डाह में।
Romans 13:14 वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 29-30
  • प्रेरितों 23:1-15



शनिवार, 20 जुलाई 2019

समय



      हाल ही में, एक विमान यात्रा के दौरान, मेरा ध्यान एक माँ और उसके बच्चों की ओर गया। उसका एक छोटा बच्चा निश्चिन्त होकर उसके साथ बैठा खेल रहा था, और माँ अपने नवजात शिशु को निहार रही थी, उसे देख कर मुस्कुरा रही थी, उसके बाल सहला रही थी; जबकि वह नवजात शिशु अचरज से आँखें फाड़े हुए अपनी माँ को देख रहा था। मैं उन्हें देखकर आनन्दित हो रही थी और अपने समय को स्मरण कर रही थी जब मेरे भी उस आयु के बच्चे थे; परन्तु अब वह समय बीत चुका था।

      लेकिन साथ ही मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा सुलेमान द्वारा सभोपदेशक की पुस्तक में “प्रत्येक काम जो आकाश के नीचे होता है” (3:1) के बारे में लिखे गए कुछ शब्दों पर ध्यान किया। सुलेमान विपरीतार्थक बातों के द्वारा बताता है कि कैसे “हर बात का एक अवसर” (पद 1) होता है: “जन्म का समय, और मरण का भी समय; बोने का समय; और बोए हुए को उखाड़ने का भी समय है” (पद 2)। संभवतः राजा सुलेमान इन पदों में जीवन का व्यर्थ चक्र प्रतीत होने वाली बातों को लेकर निराश होता है। परन्तु प्रत्येक ऋतु में वह ‘परमेश्वर का हाथ’ के होने को भी स्वीकार करता है। वह यह भी कहता है कि हमारे कार्य “परमेश्वर का दान” हैं (पद 13) और यह कि “जो कुछ परमेश्वर करता है वह सदा स्थिर रहेगा” (पद 14)।

      हो सकता है कि हम अपने जीवनों के कुछ समयों को बड़ी लालसा के साथ स्मरण करें, जैसे मैं उन बच्चों को देखकर अपने बच्चों के बारे में सोचने लग गई थी। परन्तु हम यह भी जानते हैं कि प्रभु परमेश्वर ने हम से यह वायदा किया है कि जीवन की प्रत्येक ऋतु में वह हमारे साथ बना रहेगा (यशायाह 41:10)। हम सदा आश्वस्त रह सकते हैं कि उसकी उपस्थिति हमारे साथ बनी रहती है, और उसके साथ-साथ चलते रहने में ही हमारे सभी उद्देश्यों की पूर्ति होती है। - एमी बाउचर पाई


परमेश्वर ही हमारे जीवन में ऋतुएँ देता है।

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा। - यशायाह 41:10

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 3:1-14
Ecclesiastes 3:1 हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है।
Ecclesiastes 3:2 जन्म का समय, और मरण का भी समय; बोने का समय; और बोए हुए को उखाड़ने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:3 घात करने का समय, और चंगा करने का भी समय; ढा देने का समय, और बनाने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:4 रोने का समय, और हंसने का भी समय; छाती पीटने का समय, और नाचने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:5 पत्थर फेंकने का समय, और पत्थर बटोरने का भी समय; गल लगाने का समय, और गल लगाने से रुकने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:6 ढूंढ़ने का समय, और खो देने का भी समय; बचा रखने का समय, और फेंक देने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:7 फाड़ने का समय, और सीने का भी समय; चुप रहने का समय, और बोलने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:8 प्रेम का समय, और बैर करने का भी समय; लड़ाई का समय, और मेल का भी समय है।
Ecclesiastes 3:9 काम करने वाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है?
Ecclesiastes 3:10 मैं ने उस दु:खभरे काम को देखा है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगे रहें।
Ecclesiastes 3:11 उसने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते है; फिर उसने मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काम परमेश्वर ने किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य समझ नहीं सकता।
Ecclesiastes 3:12 मैं ने जान लिया है कि मनुष्यों के लिये आनन्द करने और जीवन भर भलाई करने के सिवाय, और कुछ भी अच्छा नहीं;
Ecclesiastes 3:13 और यह भी परमेश्वर का दान है कि मनुष्य खाए-पीए और अपने सब परिश्रम में सुखी रहे।
Ecclesiastes 3:14 मैं जानता हूं कि जो कुछ परमेश्वर करता है वह सदा स्थिर रहेगा; न तो उस में कुछ बढ़ाया जा सकता है और न कुछ घटाया जा सकता है; परमेश्वर ऐसा इसलिये करता है कि लोग उसका भय मानें।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 26-28
  • प्रेरितों 22