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बुधवार, 2 अक्टूबर 2019

प्रार्थना



      किसी ऐसे जन को मन लगा कर प्रार्थना करते सुनना जो हम से प्रेम करता है बहुत मधुर होता है। जब हम किसी मित्र को परमेश्वर द्वारा दी गई अन्तःदृष्टि और अनुकंपा के साथ प्रार्थना करते हुए सुनते हैं, तो कुछ ऐसा लगता है मानो स्वर्ग पृथ्वी को स्पर्श कर रहा हो। यह जानना कितना अच्छा है कि हमारे प्रति परमेश्वर की दया के कारण, हमारी प्रार्थनाएं स्वर्ग में उस तक पहुंचती हैं और सुनी जाती हैं। कभी-कभी हो सकता है कि जब हम प्रार्थना करते हैं तो हमारे पास व्यक्त करने के लिए उचित शब्द अथवा भाव न हों। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों को सिखाया कि वे सदा प्रार्थना करें और निराश होकर प्रार्थना करना न छोड़ दें (लूका 18:1)। बाइबल हमें यह भी सिखाती है कि ऐसा करने का एक और कारण भी है, क्योंकि “मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है” (रोमियों 8:34)।

      क्योंकि प्रभु यीशु हमारे लिए प्रार्थनाएं करता रहता है, इसलिए हम प्रार्थना करने में कभी अकेले नहीं होते हैं। वह हमारी प्रार्थनाओं को सुनता है, और हमारे पक्ष में होकर हमारे लिए परमेश्वर पिता से बातचीत करता है। ऐसे में हमें अपने शब्दों की वाक्पटुता के विषय चिन्तित होने के आवश्यकता नहीं है, क्यों जैसा प्रभु यीशु हमें समझता है वैसा कोई और हमें नहीं समझता है। वह हर बात में हमारी सहायता करता है, और हमारी प्रत्येक आवश्यकता को परमेश्वर के समक्ष प्रस्तुत करता है। वह यह भी जानता है कि कब हमारे द्वारा माँगी जा रही बात हमारे लिए भली नहीं होगी, और वह हमारे प्रत्येक निवेदन अथवा चिन्ता का अपनी सिद्ध बुद्धिमत्ता एवं प्रेम के साथ सही उत्तर, सही समय पर प्रदान करता है।

      प्रभु यीशु मसीह प्रार्थनाओं में हमारा सिद्ध सहयोगी है – ऐसा मित्र जो हमारे लिए असीम अनुग्रह के साथ विनती करता है। हमारे लिए उसके द्वारा की जाने वाली प्रार्थनाओं की मनोहरता शब्दों में बयान नहीं की जा सकती है। इसलिए हमें सदा हर बात के लिए धन्यवाद के साथ प्रार्थना करते रहना चाहिए। - जेम्स बैंक्स

प्रभु यीशु के साथ प्रार्थना करने से बढ़कर और कोई सौभाग्य नहीं है।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। - फिलिप्पियों 4:6

बाइबल पाठ: रोमियों 8:31-34
Romans 8:31 सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है?
Romans 8:32 जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा?
Romans 8:33 परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है।
Romans 8:34 फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 14-16
  • इफिसियों 5:1-16



मंगलवार, 1 अक्टूबर 2019

परिपक्व



      शिशुओं के स्कूल में उसके पहले दिन में छोटी बच्ची शारलेट से कहा गया कि वह अपना एक चित्र बनाए। उसने जो चित्र बनाया उसमें उसकी देह के लिए एक गोला बना था, जिसके ऊपर अंडाकार सिर लगा था जिसमें आँखों के लिए दो छोटे गोले बने थे। उस स्कूल के अंतिम दिन भी शारलेट से इसी प्रकार से अपना चित्र बनाने के लिए कहा गया। अब जो उसने चित्र बनाया उसमें एक छोटी लड़की थी जिसने रंगीन वस्त्र पहना हुआ था, जिसकी मुखाकृति स्पष्ट थी और उसके चेहरे पर मुस्कराहट थी, तथा उसके सिर पर लहराते हुए लंबे लाल बाल थे। स्कूल ने एक सरल कार्य के द्वारा यह दिखाया था कि समय के साथ बच्चों की भी परिपक्वता बढ़ती जाती है।

      यद्यपि हम यह तो मान लेते हैं कि बच्चों को परिपक्व होने में समय लगता है, परन्तु अपने विषय या अपने साथ के अन्य मसीही विश्वासियों के प्रति हम उनकी मसीही विश्वास में धीमी गति से बढ़ोतरी को लेकर अधीर हो जाते हैं। जब हम किसी के जीवन में “आत्मा के फलों” (गलातियों 5:22-23) को देखते हैं तो हम आनन्दित होते हैं, परन्तु यदि हम उसे कुछ गलत करता देखते हैं तो दुखित होते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों को लिखी पत्री के लेखक ने इसके बारे में  लिखा, “समय के विचार से तो तुम्हें गुरू हो जाना चाहिए था, तौभी क्या यह आवश्यक है, कि कोई तुम्हें परमेश्वर के वचनों की आदि शिक्षा फिर से सिखाए और ऐसे हो गए हो, कि तुम्हें अन्न के बदले अब तक दूध ही चाहिए” (इब्रानियों 5:12)।

      हम जैसे-जैसे प्रभु यीशु की निकटता में बढ़ते हैं, तो साथ ही हम एक-दूसरे के लिए प्रार्थना भी करें और धैर्य तथा प्रेम के साथ उन लोगों के साथ भी खड़े हों जो प्रभु परमेश्वर से प्रेम को करते हैं किन्तु आत्मिक परिपक्वता में बढ़ने में धीमे हैं। हम सत्य व्यवहार रखते हुए एक दूसरे को प्रोत्साहित करें, जिससे हम “प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जो सिर है, अर्थात मसीह में बढ़ते जाएं” (इफिसियों 4:15)। - सिंडी हैस कैस्पर

प्रेम के साथ बोले गए सत्य के वचन हम सब को मसीह में परिपक्वता की ओर ले जा सकते हैं।

हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। - गलातियों 6:1-2

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:11-16
Ephesians 4:11 और उसने कितनों को भविष्यद्वक्ता नियुक्त कर के, और कितनों को सुसमाचार सुनाने वाले नियुक्त कर के, और कितनों को रखवाले और उपदेशक नियुक्त कर के दे दिया।
Ephesians 4:12 जिस से पवित्र लोग सिद्ध हों जाएं, और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए।
Ephesians 4:13 जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्र की पहिचान में एक न हो जाएं, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएं और मसीह के पूरे डील डौल तक न बढ़ जाएं।
Ephesians 4:14 ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग-विद्या और चतुराई से उन के भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक बयार से उछाले, और इधर-उधर घुमाए जाते हों।
Ephesians 4:15 वरन प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जो सिर है, अर्थात मसीह में बढ़ते जाएं।
Ephesians 4:16 जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में होता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 11-13
  • इफिसियों 4



सोमवार, 30 सितंबर 2019

परिवर्तन



      कुछ वर्ष पहले एक पुस्तक प्रकाशक से बहुत बड़ी भूल हो गई। उसकी एक पुस्तक कई वर्षों से बिक रही थी, इसलिए उसे समसामयिक बनाने के लिए उसमें कुछ नई बातें जोड़कर उसका नया संस्करण निकालना आवश्यक हो गया था। पुस्तक के लेखक ने उस पुस्तक में आवश्यक सुधार किए और नई बातें डालीं। परन्तु जब नया संस्करण प्रकाशित होकर बाहर आया तो एक बड़ी समस्या भी सामने आई – प्रकाशक ने पुस्तक के लिए एक नया आवरण तो तैयार करके प्रयोग किया था, किन्तु अन्दर की पुस्तक वही पुरानी वाली ही थी। उसका बाहरी स्वरूप तो नया और साफ़ था, परन्तु अन्दर से वह वही पुरानी और असमसामयिक पुस्तक थी – वह “नया संस्करण” नया नहीं था।

      कभी-कभी ऐसा ही लोगों के साथ भी होता है। लोगों को आभास होता है कि उन्हें जीवनों में कुछ परिवर्तन लाना है; उनका जीवन गलत दिशा में जा रहा है। इसलिए वे बाहर से नया दिखने वाला स्वरूप तो कर लेते हैं, परन्तु उनके हृदय में वही पुराने विचार और भावनाएँ बनी रहतीं हैं। हम अपने आप को बाहर से तो बदला हुआ दिखा सकते हैं, परन्तु केवल परमेश्वर ही है जो हमें वास्तव में, हमारे अन्दर से परिवर्तित कर सकता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में यूहन्ना 3 अध्याय में एक उच्च यहूदी धर्म-गुरु, निकुदेमुस, प्रभु यीशु से मिलने आया क्योंकि उसे लगा था की यीशु “परमेश्वर की ओर से” (पद 2) आया था। किन्तु जब प्रभु यीशु के साथ उसके बातचीत हुई तो निकुदेमुस को यह एहसास हुआ कि प्रभु यीशु उससे कुछ विलक्षण की बात कर रहा था – एक संपूर्ण परिवर्तन की। प्रभु यीशु ने जो निकुदेमुस से कहा, वह “नया जन्म” लेना था (पद 4); अर्थात पूर्णतः नए हो जाने से लेश-मात्र भी कम नहीं था। प्रभु यीशु मसीह के अनुसार, उस उच्च ओहदा रखने वाले धर्म-गुरु को भी बिलकुल नया हो जाने के लिए नए सिरे से जन्म लेना अनिवार्य था (पद 7), अन्यथा वह स्वर्ग में प्रवेश नहीं पा सकता था (पद 5)।

      ऐसा परिवर्तन केवल प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास लाने से ही आ सकता है (2 कुरिन्थियों 5:17)। क्या आपको भी अपने जीवन में सच्चे और सार्थक परिवर्तन की आवश्यकता है? प्रभु यीशु मसीह में विश्वास कीजिए; केवल वही है जो हृदय परिवर्तन करता है और जीवन में सब कुछ नया कर देता है। - डेव ब्रैनन

केवल परमेश्वर ही है जो हमें नया बना सकता है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: यूहन्ना 3:1-8, 13-16
John 3:1 फरीसियों में से नीकुदेमुस नाम एक मनुष्य था, जो यहूदियों का सरदार था।
John 3:2 उसने रात को यीशु के पास आकर उस से कहा, हे रब्बी, हम जानते हैं, कि तू परमेश्वर की ओर से गुरू हो कर आया है; क्योंकि कोई इन चिन्हों को जो तू दिखाता है, यदि परमेश्वर उसके साथ न हो, तो नहीं दिखा सकता।
John 3:3 यीशु ने उसको उत्तर दिया; कि मैं तुझ से सच सच कहता हूं, यदि कोई नये सिरे से न जन्मे तो परमेश्वर का राज्य देख नहीं सकता।
John 3:4 नीकुदेमुस ने उस से कहा, मनुष्य जब बूढ़ा हो गया, तो क्योंकर जन्म ले सकता है? क्या वह अपनी माता के गर्भ में दुसरी बार प्रवेश कर के जन्म ले सकता है?
John 3:5 यीशु ने उत्तर दिया, कि मैं तुझ से सच सच कहता हूं; जब तक कोई मनुष्य जल और आत्मा से न जन्मे तो वह परमेश्वर के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकता।
John 3:6 क्योंकि जो शरीर से जन्मा है, वह शरीर है; और जो आत्मा से जन्मा है, वह आत्मा है।
John 3:7 अचम्भा न कर, कि मैं ने तुझ से कहा; कि तुम्हें नये सिरे से जन्म लेना अवश्य है।
John 3:8 हवा जिधर चाहती है उधर चलती है, और तू उसका शब्द सुनता है, परन्तु नहीं जानता, कि वह कहां से आती और किधर को जाती है? जो कोई आत्मा से जन्मा है वह ऐसा ही है।
John 3:13 और कोई स्वर्ग पर नहीं चढ़ा, केवल वही जो स्वर्ग से उतरा, अर्थात मनुष्य का पुत्र जो स्वर्ग में है।
John 3:14 और जिस रीति से मूसा ने जंगल में सांप को ऊंचे पर चढ़ाया, उसी रीति से अवश्य है कि मनुष्य का पुत्र भी ऊंचे पर चढ़ाया जाए।
John 3:15 ताकि जो कोई विश्वास करे उस में अनन्त जीवन पाए।
John 3:16 क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 9-10
  • इफिसियों 3



रविवार, 29 सितंबर 2019

विश्वास



      जब हमारा बेटा नशीले पदार्थों की लत के साथ संघर्ष कर रहा था, तब यदि आप मुझ से यह कहते कि एक दिन परमेश्वर हमारे उन अनुभवों का उपयोग उन परिवारों के भलाई के लिए करेगा जो ऐसे ही संघर्षों का सामना कर रहे हैं, तो मुझे इस बात पर विश्वास करने में बहुत कठिनाई होती। परमेश्वर के पास ऐसी कठिन परिस्थितियों में से भी, जिनमें, जब हम उनमें से होकर निकल रहे होते हैं, कुछ भी अच्छा दिखाई नहीं देता है, भलाई निकाल लाने की क्षमता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम देखते हैं कि प्रभु यीशु के एक शिष्य थोमा को भी कोई आशा नहीं थी कि परमेश्वर उसके विश्वास को सबसे बड़ी चुनौती देने वाली घटना – प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने और मारे जाने, में से भी कुछ भला निकाल कर देगा। जब अपने पुनरुत्थान के पश्चात प्रभु यीशु अपने शिष्यों के पास आए थे, उस समय थोमा उन शिष्यों के साथ नहीं था। जब शिष्यों ने उसे प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के विषय बताया, तो अपने घोर निराशा और शोक में होकर थोमा ने कहा, “...जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा” (यूहन्ना 20:25)।

      परन्तु बाद में जब प्रभु यीशु फिर से थोमा की उपस्थिति में अपने शिष्यों से मिलने आए, तो थोमा के अविश्वास में से परमेश्वर के आत्मा ने उससे विश्वास का एक असाधारण कथन व्यक्त करवाया “हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर!” (पद 28)। थोमा ने जब यह कहा तब वह एक महान सत्य को समझने की प्रक्रिया से होकर निकल रहा था – उसके सामने खड़ा प्रभु यीशु वास्तव में देहधारी परमेश्वर था। थोमा का कथन विश्वास का एक ऐसा अति-दृढ़ कथन था, जो तब से लेकर आज तक, सदियों से मसीही विश्वासियों को प्रोत्साहित करता और मसीही विश्वास में उभारता आया है।

      हमारा परमेश्वर हमारे हृदयों में एक नया विश्वास जागृत कर सकता है, ऐसे समयों में भी जब हम उसकी आशा भी नहीं करते हैं। हम उसकी विश्वासयोग्यता पर सदा भरोसा रखे रह सकते हैं – उसके लिए कुछ भी कठिन नहीं है; विश्वास रखिए! – जेम्स बैंक्स

परमेश्वर हमारे संदेहों को दृढ़ विश्वास के कथन बना सकता है।

वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 20:24-31
John 20:24 परन्तु बारहों में से एक व्यक्ति अर्थात थोमा जो दिदुमुस कहलाता है, जब यीशु आया तो उन के साथ न था।
John 20:25 जब और चेले उस से कहने लगे कि हम ने प्रभु को देखा है: तब उसने उन से कहा, जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा।
John 20:26 आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्‍द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा हो कर कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले।
John 20:27 तब उसने थोमा से कहा, अपनी उंगली यहां लाकर मेरे हाथों को देख और अपना हाथ लाकर मेरे पंजर में डाल और अविश्वासी नहीं परन्तु विश्वासी हो।
John 20:28 यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर!
John 20:29 यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया।
John 20:30 यीशु ने और भी बहुत चिन्ह चेलों के साम्हने दिखाए, जो इस पुस्‍तक में लिखे नहीं गए।
John 20:31 परन्तु ये इसलिये लिखे गए हैं, कि तुम विश्वास करो, कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र मसीह है: और विश्वास कर के उसके नाम से जीवन पाओ।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 7-8
  • इफिसियों 2



शनिवार, 28 सितंबर 2019

प्रार्थना



      नवंबर 2015 में, मुझे पता चला कि मुझे दिल के ऑपरेशन की आवश्यकता है। मैं चकित तथा विचलित हुआ, और स्वाभाविक था कि मैं अपनी मृत्यु की संभावना के विषय भी विचार करता। क्या कोई ऐसा संबंध था जिसमें कुछ सुधर करने की आवश्यकता थी? क्या मेरे परिवार के लिए आर्थिक बातों का प्रावधान करना था? क्या वह समय आने से पूर्व कोई कार्य करना आवश्यक था? क्या कोई ऐसा कार्य था, जिसे टाला नहीं जा सकता था; उसे किसे सौंपना था? मेरे लिए वह समय कार्य करने तथा प्रार्थना करने का समय था।

      परन्तु मेरी स्थिति ऐसी थी कि मैं न कार्य कर सकता था और न ही प्रार्थना करने पा रहा था।

      मेरा शरीर और मन दोनों ही बहुत थके हुए थे, इतने कि बहुत सामान्य सा काम करना भी मुझ से नहीं हो पा रहा था; और जब मैं प्रार्थना करने का प्रयास करता तो शीघ्र ही मेरा ध्यान भटक कर मेरी शारीरिक स्थिति की ओर चला जाता, और कमज़ोर हृदय के कारण साँस लेने में होने वाली दिक्कत से मुझे शीघ्र ही नींद आ जाती थी। यह सब मेरे लिए बहुत निराशाजनक था – न मैं कुछ कर सकता था, और न ही परमेश्वर से प्रार्थना कर सकता था कि मुझे जीवन प्रदान करे जिससे मैं अपने परिवार के साथ और समय बिता सकूँ।

      मुझे सबसे अधिक परेशान मेरे प्रार्थना न कर पाने ने किया। परन्तु जिस प्रकार से हमारा परमेश्वर पिता, हमारी शारीरिक आवश्यकताओं के लिए प्रावधान करता है, उसी प्रकार से उसने मेरी इन परिस्थितियों के लिए भी प्रावधान किया हुआ था, क्योंकि वह जानता था कि मेरे साथ क्या हो रहा है। मुझे बाद में समझ आया कि हमारी ऐसी परिस्थितियों के लिए उसने हमारे लिए दो प्रावधान किए हैं: पहला, जब हम प्रार्थना करने में असक्षम होते हैं, तो पवित्रात्मा हमारे लिए प्रार्थना करता है (रोमियों 8:26), तथा हमारे लिए परमेश्वर के अन्य जन भी प्रार्थनाएं करते हैं (याकूब 5:16; गलातियों 6:2)।

      मेरे लिए यह बहुत ही दिलासा देने वाला था कि पवित्र आत्मा परमेश्वर पिता के सम्मुख मेरे लिए निवेदन कर रहा था। और फिर एक और अचरज की बात सामने आई, जब मेरे मित्र और परिवार जन मुझ से पूछते थे कि मेरे लिए वे किन विषयों पर प्रार्थना करें, तो यह भी स्पष्ट होता गया कि मैं जो उन्हें कहता था, वह परमेश्वर द्वारा मेरी की गई प्रार्थना के रूप में ग्रहण किया जा रहा था।

      अनिश्चितता और परेशानी के समय में यह जानना कितना सांत्वना देने वाला होता है कि परमेश्वर हमारे हृदय की बात को हमारी प्रार्थना के समान सुनता है, चाहे हम उसे पुकार भी न पा रहे हों। - रैंडी किल्गोर

परमेश्वर अपने बच्चों की प्रार्थनाओं की कभी अनसुनी नहीं करता है।

जब मैं मूर्छा खाने लगा, तब मैं ने यहोवा को स्मरण किया; और मेरी प्रार्थना तेरे पास वरन तेरे पवित्र मन्दिर में पहुंच गई। - योना 2:7

बाइबल पाठ: रोमियों 8:22-28
Romans 8:22 क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है।
Romans 8:23 और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कराहते हैं; और लेपालक होने की, अर्थात अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं।
Romans 8:24 आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योंकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा?
Romans 8:25 परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जोहते भी हैं।
Romans 8:26 इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है।
Romans 8:27 और मनों का जांचने वाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है।
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 5-6
  • इफिसियों 1



शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

वस्त्र



      शरद ऋतु के लिए खरीदे गए एक वस्त्र पर से उसकी कीमत का लेबल हटाते हुए मेरा ध्यान उस लेबल की पिछली ओर लिखी हुई बात पर गया। वस्त्र को बनाने वालों ने लिखा था, “चेतावनी: इस अद्भुत वस्त्र को पहिनने के पश्चात आप बाहर जाना एवँ रहना चाहेंगे।” मैं उनकी बात को पढ़कर मुस्कुराया। यदि ऋतु के अनुसार ठीक से वस्त्र पहिनें हों तो व्यक्ति कठोर मौसम में भी सुरक्षित रह सकता है।

      यही सिद्धांत हमारे आत्मिक जीवन में भी लागू होता है। प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने के नाते, प्रभु ने हमें जीवन के प्रत्येक ‘मौसम’ के लिए आवश्यक उचित ‘वस्त्र’ अपने वचन बाइबल में प्रदान किए हैं। कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी पत्री में प्रेरित पौलुस उन्हें लिखता है, “इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो” (कुलुस्सियों 3:12-13)।

      जो वस्त्र परमेश्वर उपलब्ध करवाता है, जैसे कि करुणा, भलाई, दीनता, और नम्रता, वे हमें सक्षम करते हैं कि हम विरोध, और आलोचना का सामना धैर्य, क्षमा, और प्रेम के साथ करें। जीवन की आँधी-तूफानों में उन ‘वस्त्रों’ से हमें स्थिर बने रहने की शक्ति मिलती है।

      जब हम घर, स्कूल, या कार्यस्थल पर विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हैं, तो जो “वस्त्र” परमेश्वर हमें पहिनने के लिए कहता है, वे हमारी सुरक्षा करते हैं, और हमें सक्षम करते हैं कि हम सकारात्मक प्रभाव डाल सकें। परमेश्वर के मार्गदर्शन के अनुसार ‘वस्त्र’ पहिनने से हमारे लिए मौसम तो नहीं बदलता है, परन्तु वे वस्त्र हमें उस मौसम को सहने और उसमें सुरक्षित रहने की क्षमता प्रदान करते हैं। - डेविड मैक्कैस्लैंड

भलाई वह तेल है जो जीवन से घर्षण को दूर करता है।

वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो। - रोमियों 13:14

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:8-17
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो।
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है।
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है।
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 3-4
  • गलातियों 6



गुरुवार, 26 सितंबर 2019

भरपूरी



      बच्चों की एक लोकप्रिय पुस्तक में एक गाँव के बार्थोलोमियो नामक एक निर्धन बच्चे की कहानी है। एक दिन जब राजा उसके गाँव से होकर निकला तो मार्ग के किनारे खड़े बार्थोलोमियो ने राजा के आदर में अपने टोपी उतारी, किन्तु तुरंत ही उसके सिर पर एक नई टोपी आ गई; उसके सिर पर टोपी देख राजा ने अपमानित अनुभव किया और उससे क्रोधित हुआ, और उसे पकड़कर महल में लाने के लिए कहा जिससे उसे दण्ड दिया जाए। सारे रास्ते, बार्थोलोमियो अपने सिर से टोपी उतारता रहा, और जैसे ही वह उतारता, एक नई टोपी उसके सिर पर आ जाती, और हर टोपी पहले वाली से अधिक सुन्दर, अधिक मूल्यवान, और मणिकों तथा सुन्दर पंखों से जड़ी हुई होती। उसकी 500वीं टोपी राजा को बहुत पसन्द आई, और राजा ने न केवल बार्थोलोमियो को क्षमा कर दिया, वरन उस टोपी को बार्थोलोमियो से सोने के 500 सिक्कों में खरीद भी लिया। और तब बार्थोलोमियो के सिर पर टोपी आनी बन्द हो गईं, और वह स्वतंत्र तथा धनी होकर अपने घर लौट सका, अपने परिवार की देखभाल करने के लिए।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि एक निर्धन विधवा एलिशा के पास आई, उसके पास एक हांड़ी तेल को छोड़ अपना ऋण चुकाने के लिए कुछ नहीं था, इसलिए महाजन उसके बच्चों को लेकर दासत्व में बेचना चाहता था (2 राजाओं 4)। एलिशा के कहे के अनुसार कार्य करने से, परमेश्वर ने उसके उस तेल को कई गुणा बढ़ा दिया, इतना कि उसके पास जितने बर्तन थे और वे भी जो उसने अपने पड़ौसियों से तेल रखने के लिए मांगे थे, वे सभी भर गए। वह तेल इतना हो गया कि वह अपना ऋण भी चुका सकी और उसके पास अपने जीवन-यापन के लिए भी पर्याप्त हो गया (पद 7)।

      परमेश्वर ने उस विधवा के लिए वैसे ही आर्थिक प्रावधान किया, जैसे आज वह मेरे और आपके लिए उद्धार और अनन्त जीवन का प्रावधान करता है। पाप ने हमारे जीवनों को खोखला और परमेश्वर के गुणों से खाली कर रखा है। परन्तु प्रभु यीशु मसीह ने अपने जीवन के बलिदान के द्वारा मेरे और आपके, सारे सँसार के सभी लोगों के समस्त पापों की पूरी कीमत चुका दी; और अब उसपर विश्वास लाने वाले सभी लोगों को वह अपना अनन्त जीवन प्रदान करता है।

      प्रभु यीशु के बिना हम सभी गाँव के उस निर्धन बालक के समान हैं, जिसके पास अपने दण्ड को चुकाने के लिए कुछ भी नहीं था। परन्तु परमेश्वर ने हमारी छुड़ौती के लिए एक अद्भुत और बहुमूल्य प्रावधान किया; अब जो कोई परमेश्वर के इस प्रावधान को स्वीकार करता है, वह भरपूरी के अनन्त जीवन को पा लेता है। - कर्स्टन होल्म्बर्ग

प्रभु यीशु के बलिदान के द्वारा हमारा आत्मिक ऋण चुकाया जाता है।

इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं। - रोमियों 3:23

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 4:1-7
2 Kings 4:1 भविष्यद्वक्ताओं के चेलों की पत्नियों में से एक स्त्री ने एलीशा की दोहाई देकर कहा, तेरा दास मेरा पति मर गया, और तू जानता है कि वह यहोवा का भय माननेवाला था, और जिसका वह कर्जदार था वह आया है कि मेरे दोनों पुत्रों को अपने दास बनाने के लिये ले जाए।
2 Kings 4:2 एलीशा ने उस से पूछा, मैं तेरे लिये क्या करूं? मुझ से कह, कि तेरे घर में क्या है? उसने कहा, तेरी दासी के घर में एक हांड़ी तेल को छोड़ और कुछ तहीं है।
2 Kings 4:3 उसने कहा, तू बाहर जा कर अपनी सब पड़ोसियों खाली बरतन मांग ले आ, और थोड़े बरतन न लाना।
2 Kings 4:4 फिर तू अपने बेटों समेत अपने घर में जा, और द्वार बन्द कर के उन सब बरतनों में तेल उण्डेल देना, और जो भर जाए उन्हें अलग रखना।
2 Kings 4:5 तब वह उसके पास से चली गई, और अपने बेटों समेत अपने घर जा कर द्वार बन्द किया; तब वे तो उसके पास बरतन लाते गए और वह उण्डेलती गई।
2 Kings 4:6 जब बरतन भर गए, तब उसने अपने बेटे से कहा, मेरे पास एक और भी ले आ, उसने उस से कहा, और बरतन तो नहीं रहा। तब तेल थम गया।
2 Kings 4:7 तब उसने जा कर परमेश्वर के भक्त को यह बता दिया। ओर उसने कहा, जा तेल बेच कर ऋण भर दे; और जो रह जाए, उस से तू अपने पुत्रों सहित अपना निर्वाह करना।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 1-2
  • गलातियों 5