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बुधवार, 18 मार्च 2020

वचन



      द्वितीय विश्व-युद्ध के समय, घर से दूर, अमेरिकी सेना में प्रशिक्षण के लिए भरती हुए कुछ रंगरूटों ने अपनी चुनौतियों का सामना करने के लिए मज़ाक और पत्राचार का सहारा लिया। एक नौजवान ने, अपने एक पत्र में, उन्हें बिमारियों से बचने के टीके लगाए जाने की प्रक्रिया को हास्यास्पद रीति से बढ़ा-चढ़ा कर बताया, उसने लिखा, “दो चिकित्सा अधिकारी हमारे पीछे भाले लेकर भागे। उन्होंने हमें पकड़ कर जबरन ज़मीन पर लेटा दिया, और हमारी दोनों बाहों में एक-एक भाला चुभो दिया।”

      परन्तु एक रंगरूट को समझ में आने लगा कि मज़ाक करने के द्वारा वे कुछ सीमा तक ही शान्ति पा सकेंगे। फिर किसी ने उसे परमेश्वर के वचन बाइबल की एक प्रति पढ़ने के लिए दी। कुछ समय बाद उसने पत्र में लिखा, “मैं उसे प्रतिदिन पढ़ता हूँ और मुझे बहुत अच्छा लगता है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि बाइबल से इतना कुछ सीखा जा सकता है।”

      कई सदियों पहले जब दास बनाकर बेबीलोन को निर्वासित किए गए यहूदी दासत्व से छूट कर लौट कर अपने देश में आए, तो उन्होंने पाया कि उनकी समस्याएँ भी उन के साथ ही आईं हैं। जब वे यरूशलेम की शहरपनाह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे तो उन्हें शत्रुओं, भुखमरी, और स्वयं के पापों का सामना करना पड़ा। अपनी इन कठिनाइयों और समस्याओं के मध्य, वे परमेश्वर के वचन की ओर मुड़े। जब याजकों ने उन्हें परमेश्वर की व्यवस्था से पढ़कर सुनाना आरंभ किया, तो उसे सुन कर जो उन्होंने सीखा, उस वचन ने उनके मन और जीवन में जो कार्य किया, उस से वे चकित हो गए; परमेश्वर के वचन की बातों के प्रभाव से वे रोने लगे (नहेम्याह 8:9)। साथ ही, वचन के द्वारा उन्हें शान्ति भी मिली, और उनके अधिपति नहेम्याह ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा, “...उदास मत रहो, क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है” (पद 10)।

      हमें परमेश्वर के वचन को सुनने के लिए किसी समस्या या विकट परिस्थितियों में पड़ने की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। बाइबल में होकर हम परमेश्वर के चरित्र, उसकी क्षमा, और उसकी शान्ति के बारे में जान सकते हैं। जब हम उसके वचन के साथ समय बिताना आरंभ करेंगे, तो परमेश्वर का पवित्र आत्मा जो हमें वचन में से सिखाएगा, वह हमें दंग कर देगा। - टिम गुस्ताफसन

बाइबल हमें दिखाती है कि हम वास्तविकता में क्या हैं; 
और यह भी दिखाती है कि परमेश्वर हम से कितना प्रेम करता है।

परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा। मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:26-27

बाइबल पाठ: नहेम्याह 8: 5-12
नहेम्याह 8:5 तब एज्रा ने जो सब लोगों से ऊंचे पर था, सभों के देखते उस पुस्तक को खोल दिया; और जब उसने उसको खोला, तब सब लोग उठ खड़े हुए।
नहेम्याह 8:6 तब एज्रा ने महान परमेश्वर यहोवा को धन्य कहा; और सब लोगों ने अपने अपने हाथ उठा कर आमेन, आमेन, कहा; और सिर झुका कर अपना अपना माथा भूमि पर टेक कर यहोवा को दण्डवत किया।
नहेम्याह 8:7 और येशू, बानी, शेरेब्याह, यामीन, अक्कूब, शब्बतै, होदिय्याह, मासेयाह, कलीता, अजर्याह, योजाबाद, हानान और पलायाह नाम लेवीय, लोगों को व्यवस्था समझाते गए, और लोग अपने अपने स्थान पर खड़े रहे।
नहेम्याह 8:8 और उन्होंने परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक से पढ़कर अर्थ समझा दिया; और लोगों ने पाठ को समझ लिया।
नहेम्याह 8:9 तब नहेम्याह जो अधिपति था, और एज्रा जो याजक और शास्त्री था, और जो लेवीय लोगों को समझा रहे थे, उन्होंने सब लोगों से कहा, आज का दिन तुम्हारे परमेश्वर यहोवा के लिये पवित्र है; इसलिये विलाप न करो और न रोओ। क्योंकि सब लोग व्यवस्था के वचन सुनकर रोते रहे।
नहेम्याह 8:10 फिर उसने उन से कहा, कि जा कर चिकना चिकना भोजन करो और मीठा मीठा रस पियो, और जिनके लिये कुछ तैयार नहीं हुआ उनके पास बैना भेजो; क्योंकि आज का दिन हमारे प्रभु के लिये पवित्र है; और उदास मत रहो, क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है।
नहेम्याह 8:11 यों लेवियों ने सब लोगों को यह कहकर चुप करा दिया, कि चुप रहो क्योंकि आज का दिन पवित्र है; और उदास मत रहो।
नहेम्याह 8:12 तब सब लोग खाने, पीने, बैना भेजने और बड़ा आनन्द मनाने को चले गए, क्योंकि जो वचन उन को समझाए गए थे, उन्हें वे समझ गए थे।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 32-34
  • मरकुस 15:26-47



मंगलवार, 17 मार्च 2020

करुणा



      वह युवक वायुयान के उड़ान भरने से पहले अपनी सीट पर बैठकर भी बेचैन था। उसकी आँखें वायुयान की एक से दूसरी खिड़की को जा रही थीं; फिर उसने अपनी आँखें बंद कर के लम्बी सांस लेकर शांत होना चाहा किन्तु इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ा। जब वायुयान उड़ान भरने लगा तो वह अपनी सीट पर धीरे-धीरे आगे-पीछे हिलने लगा। उसके निकट बैठी एक वृद्ध महिला ने अपना हाथ बढ़ाकर उसकी बांह को थामा और हल्की आवाज़ में फुसफुसा कर उससे वार्तालाप करने लगी जिससे उसका ध्यान उसके तनाव से हट जाए। उस महिला ने उस से उस का नाम, स्थान, गंतव्य, काम आदि के बारे में पूछा, और उसे सांत्वना देते हुए कहा, सब ठीक है और ठीक रहेगा भी। वह महिला उससे खिसिया भी सकती थी, या उसकी अनदेखी भी कर सकती थी। परन्तु उसने उस युवक को छूना, और उससे कुछ बात करना चुना, जो होने को तो छोटी बातें तो थीं, किन्तु उस युवक के लिए बहुत महत्वपूर्ण थीं। तीन घंटे बाद जब उनकी उड़ान पूरी हुई, तो युवक ने उस महिला का, उसकी सहायता के लिए, बहुत धन्यवाद किया।

      करुणा और कोमलता के ऐसे उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं। हम में से बहुतेरों के लिए करुणामय तथा औरों का सहायक होना स्वाभाविक नहीं होता है। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा, “और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो” (इफिसियों 4:32)। पौलुस यह नहीं कह रहा था कि ऐसा करना पूर्णतः हम पर ही निर्भर करता है। मसीह यीशु पर विश्वास कर के, उसे अपना उद्धारकर्ता ग्रहण कर लेने के पश्चात, हमें मसीही विश्वास का एक नया जन्म प्राप्त होता है, और परमेश्वर का आत्मा हम में परिवर्तन लाना आरम्भ कर देता है। कृपालु और करुणामय होना पवित्र आत्मा द्वारा हमारे जीवनों में किए जा रहे परिवर्तन के कार्य का परिणाम है जिससे हमारे विचारों और व्यवहारों का नवीनीकरण होता जाता है (पद 23)।

      करुणा का परमेश्वर हमारे हृदयों में कार्यरत है, और हमें प्रोत्साहित करता है कि हम औरों के जीवनों में प्रोत्साहन तथा करुणा के व्यवहार के द्वारा उन्हें प्रब्भु यीशु की और आकर्षित करें। - ऐनी सेटास

करुणा का अर्थ है औरों के दुखों को समझना तथा उनकी सहायता के लिए आगे बढ़ना।

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:3-4

बाइबल पाठ: इफिसियों 4: 20-32
इफिसियों 4:20 पर तुम ने मसीह की ऐसी शिक्षा नहीं पाई।
इफिसियों 4:21 वरन तुम ने सचमुच उसी की सुनी, और जैसा यीशु में सत्य है, उसी में सिखाए भी गए।
इफिसियों 4:22 कि तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्‍व को जो भरमाने वाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्‍ट होता जाता है, उतार डालो।
इफिसियों 4:23 और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ।
इफिसियों 4:24 और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है।
इफिसियों 4:25 इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
इफिसियों 4:26 क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे।
इफिसियों 4:27 और न शैतान को अवसर दो।
इफिसियों 4:28 चोरी करनेवाला फिर चोरी न करे; वरन भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे; इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो।
इफिसियों 4:29 कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो।
इफिसियों 4:30 और परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है।
इफिसियों 4:31 सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्‍दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए।
इफिसियों 4:32 और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 30-31
  • मरकुस 15:1-25



सोमवार, 16 मार्च 2020

साथ



      हम में से कुछ की प्रवृत्ति है कि हम संसार में केवल बुरा ही देखते हैं। डीविट जोंस नैशनल जिओग्राफिक पत्रिका के लिए कार्य करने वाले फोटोग्राफर हैं, जिन्होंने अपने व्यवसाय को संसार में जो भला है उसे दिखाने और उससे आनंदित होने के लिए उपयोग किया है। वे ध्यान से देखते रहते तथा प्रतीक्षा में रहते हैं, किसी भी परिपेक्ष अथवा परिस्थिति में आए हलके से भी परिवर्तन के कारण उजागर होने वाले किसी अचरज को, जो वहां होते हुए भी पहले प्रकट नहीं था, अपने कैमरे में पकड़ लेते हैं। वे अपने कैमरे का प्रयोग लोगों तथा प्रकृत्ति की बहुत सामान्य बातों में भी सुन्दरता एवं मनोहरता को ढूँढने तथा दिखाने के लिए करते हैं।

      यदि इस संसार में गलत देखने के लिए किसी के पास कारण थे, तो निःसंदेह अय्यूब के पास थे। परमेश्वर के वचन बाइबल में पुराने नियम खण्ड के इस प्रमुख व्यक्ति ने जो कुछ संसार में भोगा, वह शायद ही कभी किसी अन्य ने भोगा होगा। अय्यूब एक भरे-पूरे परिवार वाला बहुत संपन्न तथा धर्मी व्यक्ति था; परन्तु जो कुछ उसके लिए आनन्द का कारण था, शैतान ने उससे वह सब छीन लिया, और उसे सांत्वना देने आए उसके मित्र भी उस पर दोषारोपण करने वाले बन गए। उन सभी को लगने लगा कि अय्यूब में अवश्य ही कुछ छिपे हुए पाप हैं, जिन्हें वह स्वीकार नहीं कर रहा है, और इसी कारण उसे यह सब दुःख सहना पड़ रहा है। जब उस धर्मी अय्यूब ने सहायता के लिए परमेश्वर को पुकारा, तो परमेश्वर भी चुप रहा।

      अन्ततः परमेश्वर ने उसके जीवन में उठे तूफ़ान और आए अंधियारे में से भी अय्यूब से उसके चारों और फ़ैली प्रकृति के अचरजों को देखने और उन पर विचार करने के लिए कहा, जिन सभी से परमेश्वर की बुद्धिमत्ता और सामर्थ्य प्रकट होती है और जो अय्यूब की अपनी बुद्धिमत्ता और सामर्थ्य से कहीं अधिक बढ़कर है (अय्यूब 38:2-4)। जब अय्यूब ने ऐसा किया, तो वह पहचान सका की परमेश्वर के सम्मुख वह कितना तुच्छ है और उसकी बुद्धिमत्ता कितनी गौण है; और उसने परमेश्वर के सामने नतमस्तक होकर पश्चाताप किया और क्षमा माँगी (अय्यूब 42:1-6)।

      आज जब हम अपनी परिस्थितियों और कठिनाइयों के लिए परमेश्वर पर दोष लगाते हैं, उससे प्रश्न करते हैं, तो वह हम से क्या कहेगा? क्या हम अपने चारों फैली प्रकृति, उसकी हस्तकला और सृष्टि, में उसकी बुद्धिमत्ता और सामर्थ्य को पहचानने और उनके लिए उसकी आराधना और स्तुति करने पाते हैं? यदि हम भी यह दृष्टिकोण रखने लगें, तो हमें भी पहले से विद्यमान परमेश्वर की कारीगरी में एक नई मनोहरता दिखाई देगी, और हम भी अपने सृष्टिकर्ता परमेश्वर के मन और हृदय की हमारे प्रति भावना को समझने पाएंगे, कि वह सदा हमारे साथ बना रहता है। - मार्ट डीहान

प्रकृति में ऐसे अद्भुत अचरज भरे पड़े हैं, जिनका कोई अंत नहीं है।

मैने कानों से तेरा समाचार सुना था, परन्तु अब मेरी आंखें तुझे देखती हैं; इसलिये मुझे अपने ऊपर घृणा आती है, और मैं धूलि और राख में पश्चात्ताप करता हूँ। - अय्यूब 42:5-6

बाइबल पाठ: अय्यूब 38:1-18
Job 38:1 तब यहोवा ने अय्यूब को आँधी में से यूं उत्तर दिया,
Job 38:2 यह कौन है जो अज्ञानता की बातें कहकर युक्ति को बिगाड़ना चाहता है?
Job 38:3 पुरुष के समान अपनी कमर बान्ध ले, क्योंकि मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, और तू मुझे उत्तर दे।
Job 38:4 जब मैं ने पृथ्वी की नेव डाली, तब तू कहां था? यदि तू समझदार हो तो उत्तर दे।
Job 38:5 उसकी नाप किस ने ठहराई, क्या तू जानता है उस पर किस ने सूत खींचा?
Job 38:6 उसकी नेव कौन सी वस्तु पर रखी गई, वा किस ने उसके कोने का पत्थर बिठाया,
Job 38:7 जब कि भोर के तारे एक संग आनन्द से गाते थे और परमेश्वर के सब पुत्र जयजयकार करते थे?
Job 38:8 फिर जब समुद्र ऐसा फूट निकला मानो वह गर्भ से फूट निकला, तब किस ने द्वार मूंदकर उसको रोक दिया;
Job 38:9 जब कि मैं ने उसको बादल पहिनाया और घोर अन्धकार में लपेट दिया,
Job 38:10 और उसके लिये सिवाना बान्धा और यह कहकर बेंड़े और किवाड़े लगा दिए, कि
Job 38:11 यहीं तक आ, और आगे न बढ़, और तेरी उमंडने वाली लहरें यहीं थम जाएं?
Job 38:12 क्या तू ने जीवन भर में कभी भोर को आज्ञा दी, और पौ को उसका स्थान जताया है,
Job 38:13 ताकि वह पृथ्वी की छोरों को वश में करे, और दुष्ट लोग उस में से झाड़ दिए जाएं?
Job 38:14 वह ऐसा बदलता है जैसा मोहर के नीचे चिकनी मिट्टी बदलती है, और सब वस्तुएं मानो वस्त्र पहिने हुए दिखाई देती हैं।
Job 38:15 दुष्टों से उनका उजियाला रोक लिया जाता है, और उनकी बढ़ाई हुई बांह तोड़ी जाती है।
Job 38:16 क्या तू कभी समुद्र के सोतों तक पहुंचा है, वा गहिरे सागर की थाह में कभी चला फिरा है?
Job 38:17 क्या मृत्यु के फाटक तुझ पर प्रगट हुए, क्या तू घोर अन्धकार के फाटकों को कभी देखने पाया है?
Job 38:18 क्या तू ने पृथ्वी की चौड़ाई को पूरी रीति से समझ लिया है? यदि तू यह सब जानता है, तो बतला दे।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 28-29
  • मरकुस 14:54-72



रविवार, 15 मार्च 2020

प्रकट



      लड़कपन में मैंने अपने पिता को उन खेतों में जुताई करते हुए देखा था, जिन्हें पहले कभी जोता नहीं गया था। पहली बार जब वहाँ हल चलता था तो बड़े-बड़े पत्थर निकल कर आते थे, जिन्हें मेरे पिताजी उठाकर फेंक देते थे। वे दुबारा, फिर तिबारा, बारंबार हल से मिट्टी को पलटते रहते थे, उसे और गहरा तोड़ते रहते थे। हर बार हल चलाए जाने पर और पत्थर प्रकट होते थे, जो उनसे पहले वालों से छोटे होते थे। पिताजी तब तक हल चलाते रहते थे जब तक कि कंकर पत्थर निकल नहीं जाते थे और मिट्टी नरम नहीं हो जाती थी।

      परमेश्वर के अनुग्रह में बढ़ना बहुत कुछ ऐसा ही होता है। जब हम मसीही विश्वासी बनते हैं, तो हमारे कुछ “बड़े” पाप प्रकट होते हैं; हम उन्हें परमेश्वर के सम्मुख स्वीकार करते हैं, उनके लिए परमेश्वर से क्षमा मांगते हैं, और उन्हें अपने जीवनों से बाहर निकालते हैं। समय के साथ, जैसे-जैसे हम परमेश्वर के वचन बाइबल को अपने में होकर निकलने देते हैं, परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमारे अन्य “छोटे” पापों को भी प्रकट करता जाता है। हमारे सामने, हमारे जीवनों की वे बातें भी प्रकट होने लगती हैं जिन्हें हम महत्वहीन और नज़रंदाज़ करने वाली मानते रहे हैं, किन्तु अब मसीही परिपक्वता में बढ़ने के साथ ही हम उन्हें पाप पहचानने लगते हैं, उनके बदसूरत और विनाशकारी स्वरूप को पहचानने लगते हैं – जैसे कि घमंड, कुड़कुड़ाना, तुच्छ देखना, ईर्ष्या रखना, स्वार्थी होना आदि।

      परमेश्वर हम पर हमारे इन पापों को प्रकट करता जाता है जिससे की हम उसे उन्हें हमारे जीवनों से निकालकर फेंक लेने दें। इसीलिए जब भी हमारे कोई भी हानिकारक रवैये हमारे समक्ष प्रकट हों, हमें भजनकार दाऊद के सामान परमेश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए, “हे यहोवा अपने नाम के निमित्त मेरे अधर्म को जो बहुत हैं क्षमा कर” (भजन 25:11)।

      नम्र कर देने वाले अनुभव चाहे दुखदायी भी हों, फिर भी आत्मिक जीवन की उन्नति के लिए भले होते हैं। ऐसे अनुभव परमेश्वर के तरीके होते हैं जिन के द्वारा वह हमें सिखाता है और सही मार्गो में हमारा मार्गदर्शन करता है, और हमारे छिपे हुए पापों को प्रकट करता है ताकि हम अंश-अंश करके उसके स्वरूप में ढलते चले जाएं। - डेविड एच. रोपर

प्रभु यीशु, जैसे हम हैं, हमें वैसा ही स्वीकार करता है, 
और फिर अपने स्वरूप में बनाता चला जाता है।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18 

बाइबल पाठ: भजन 25: 1-11
Psalms 25:1 हे यहोवा मैं अपने मन को तेरी ओर उठाता हूं।
Psalms 25:2 हे मेरे परमेश्वर, मैं ने तुझी पर भरोसा रखा है, मुझे लज्जित होने न दे; मेरे शत्रु मुझ पर जयजयकार करने न पाएं।
Psalms 25:3 वरन जितने तेरी बाट जोहते हैं उन में से कोई लज्जित न होगा; परन्तु जो अकारण विश्वासघाती हैं वे ही लज्जित होंगे।
Psalms 25:4 हे यहोवा अपने मार्ग मुझ को दिखला; अपना पथ मुझे बता दे।
Psalms 25:5 मुझे अपने सत्य पर चला और शिक्षा दे, क्योंकि तू मेरा उद्धार करने वाला परमेश्वर है; मैं दिन भर तेरी ही बाट जोहता रहता हूं।
Psalms 25:6 हे यहोवा अपनी दया और करूणा के कामों को स्मरण कर; क्योंकि वे तो अनन्तकाल से होते आए हैं।
Psalms 25:7 हे यहोवा अपनी भलाई के कारण मेरी जवानी के पापों और मेरे अपराधों को स्मरण न कर; अपनी करूणा ही के अनुसार तू मुझे स्मरण कर।
Psalms 25:8 यहोवा भला और सीधा है; इसलिये वह पापियों को अपना मार्ग दिखलाएगा।
Psalms 25:9 वह नम्र लोगों को न्याय की शिक्षा देगा, हां वह नम्र लोगों को अपना मार्ग दिखलाएगा।
Psalms 25:10 जो यहोवा की वाचा और चितौनियों को मानते हैं, उनके लिये उसके सब मार्ग करूणा और सच्चाई हैं।
Psalms 25:11 हे यहोवा अपने नाम के निमित्त मेरे अधर्म को जो बहुत हैं क्षमा कर।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 26-27
  • मरकुस 14:27-53



शनिवार, 14 मार्च 2020

प्रार्थना



      लौरा की आँखों में आँसू थे, उसके भाई को कैंसर का सामना करना पड़ रहा था और हमारे चर्च के लोग उसके भाई के लिए प्रार्थनाएं कर रहे थे। उसने हमारे चर्च के लोगों की प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद करते हुए कहा, “प्रार्थना कितना बड़ा उपहार है, मुझे इस बात का एहसास तब तक नहीं हुआ था जब तक कि आप लोगों ने उसके लिए प्रार्थना करना आरंभ नहीं किया। मैं वर्णन नहीं कर सकती हूँ कि आपकी प्रार्थनाएं कितनी शान्ति दायक हैं। आपकी प्रार्थनाओं ने उसे इस कठिन समय में बल दिया है और हमारे समस्त परिवार को प्रोत्साहन प्रदान किया है।”

      किसी के प्रति प्रेम की सर्वोत्तम अभिव्यक्तियों में से एक है उस के लिए प्रार्थना करना। प्रभु यीशु हमारे लिए इसके सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खंड में हम प्रभु यीशु को अनेकों बार औरों के लिए प्रार्थना करते हुए तथा औरों के लिए परमेश्वर पिता के सम्मुख आते हुए पाते हैं। रोमियों 8:34 में लिखा है, “...मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है।” ऐसे निस्वार्थ प्रेम को क्रूस पर दर्शाने के बाद भी, पुनरुत्थान तथा स्वर्गारोहित हुए प्रभु यीशु अभी भी हमारे लिए प्रार्थना कर रहे हैं, हमारे प्रति अपने प्रेम को दर्शा रहे हैं।

      हमारे चारों ओर ऐसे लोग हैं जिन्हें हमारी आवश्यकता है कि हम प्रभु यीशु के उदाहरण के अनुसार उन लोगों के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त करें, और उनके जीवनों में परमेश्वर की सहायता को आमंत्रित करें। हम परमेश्वर से यह भी प्रार्थना कर सकते हैं कि उनके लिए प्रार्थना करने में हमारी सहायता करे, और वह करेगा भी।

      हमारा प्रेमी पिता परमेश्वर हमें सामर्थ्य दे कि हम अपनी प्रार्थनाओं की उदार भेंट औरों को उपलब्ध करवाने वाले हों। - जेम्स बैंक्स

प्रार्थना बाँटने योग्य उपहार है।

और तुम भी मिलकर प्रार्थना के द्वारा हमारी सहायता करोगे, कि जो वरदान बहुतों के द्वारा हमें मिला, उसके कारण बहुत लोग हमारी ओर से धन्यवाद करें। - 2 कुरिन्थियों 1:11

बाइबल पाठ: रोमियों 8:28-34
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे।
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।
Romans 8:31 सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है?
Romans 8:32 जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा?
Romans 8:33 परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है।
Romans 8:34 फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 23-25
  • मरकुस 14:1-26



शुक्रवार, 13 मार्च 2020

सहायक



      हर साल लाखों लोग क्यों अपना पैसा खर्च कर के बाधा दौड़ों में भाग लेते हैं, जहां उन्हें खड़ी दीवारों को चढ़कर पार करना, कीचड़ में होकर दौड़ना, और ऊपर से उन पर गिरते हुए पानी में होकर खड़े पाइपों के अन्दर ऊपर को चढ़ना होता है। कुछ इसे अपनी सहन-शक्ति की सीमाओं का आंकलन करने या अपने भय पर विजयी होने के लिए एक व्यक्तिगत चुनौती मानते हैं। कुछ औरों के लिए इस का आकर्षण मिल-जुल कर काम करना होता है, जिसमें प्रतिस्पर्धी एक-दूसरे की सहायता और सहयोग करते हैं। एक व्यक्ति ने इसे एक ऐसा स्थान कहा जहां अनजाने लोग एक-दूसरे की सहायता के लिए आगे आते हैं, कि सभी उस दौड़ को पूरी कर सकें (स्टेफ़नी कैनोविट्ज़, द वाशिंगटन पोस्ट)।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें प्रोत्साहित करती है कि हम मसीह यीशु में अपने विश्वास को प्रकट रूप में एक-दूसरे की सहायता करने के द्वारा प्रदर्षित करें। बाइबल में लिखा है, “और प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें। और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना न छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो” (इब्रानियों 10:24-25)।

      हमारा उद्देश्य दौड़ को सबसे पहले पूरा करना नहीं है, वरन दूसरों को प्रोत्साहित करने और उनकी सहायता करने के वास्तविक उदाहरणों के द्वारा औरों के लिए अनुसरणीय बनना है। एक दिन आएगा जब हम अपने पृथ्वी के जीवन को पूरा कर लेंगे। तब तक हम प्रतिदिन एक-दूसरे को प्रोत्साहित करते रहें, एक दूसरे के सहायक बने रहें। - डेविड सी. मेक्कैस्लैंड

मसीही विश्वास के जीवन की दौड़ हम साथ मिलकर दौड़ते हैं।

तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। - गलातियों 6:2

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:24-25
Hebrews 10:19 सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है।
Hebrews 10:20 जो उसने परदे अर्थात अपने शरीर में से हो कर, हमारे लिये अभिषेक किया है,
Hebrews 10:21 और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है।
Hebrews 10:22 तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं।
Hebrews 10:23 और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिसने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्चा है।
Hebrews 10:24 और प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें।
Hebrews 10:25 और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना न छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 20-22
  • मरकुस 13:21-37



गुरुवार, 12 मार्च 2020

विश्वास



      मेरी स्वाभाविक प्रवृत्ति नकारात्मक रहने की है; मैं बहुत शीघ्र ही जीवन की परिस्थितियों का नकाराताम्क अंत होने के बारे में सोचने लग जाती हूँ। यदि मुझे किसी एक कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़े, तो मैं बड़ी सरलता से यह भी मानने लग जाती हूँ कि मुझे अन्य कार्यों में भी कठिनाइयाँ ही होंगी; यहाँ तक कि यद्यपि इन दो बातों का कोई सम्बन्ध नहीं है, मुझे फिर भी यह भी लगने लगता है कि मैं अब कभी झुक कर अपने पैरों की ऊँगलियाँ भी नहीं छूने पाऊँगी। और यह की मैं कैसी अभागी माँ हूँ, जो कुछ भी ठीक से नहीं कर सकती है। किसी एक भी बात में असफलता, अनावश्यक रूप से अन्य अनेकों बातों के विषय मेरी भावनाओं को प्रभावित करती है।

      इसलिए मेरे लिए यह कल्पना करना सरल है कि परमेश्वर के वचन बाइबल के एक भविष्यद्वक्ता, हबक्कुक, की प्रतिक्रया क्या रही होगी जब परमेश्वर ने उसे आते समय की बातों को दिखाया। परमेश्वर के लोगों पर आने वाली विपत्तियों को देखकर उसके पास हताश होने के बहुत कारण थे; उसे पता था की आगे लम्बे और कठिन वर्ष आने वाले हैं। आने वाली बातें वास्तव में निराशाजनक थीं; सभी भोजन वस्तुओं और सुख की बातों का भयंकर अकाल आने वाला था। उसके शब्दों से मैं नकारात्मक परिस्थितियों की निराशा की ओर खिंचने लगती हूँ; किन्तु तभी वह मुझे एक छोटे से शब्द “तौभी” के द्वारा झकझोर देता है – “तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्त्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा” (हबक्कुक 3:18)। उसे जिन कठिनाइयों की अपेक्षा थी, उनके होते हुए भी, हबक्कुक को आनन्दित होने का कारण मिला – परमेश्वर में।

      हो सकता है कि हम अपनी समस्याओं को बढ़ा-चढ़ा कर कहने की प्रवृत्ति रखते हों, परन्तु हबक्कुक के समक्ष निश्चय ही कुछ बहुत ही विकट परिस्थितियाँ खड़ी थीं। और यदि वह उन परिस्थितियों में भी परमेश्वर की स्तुति कर सका, तो फिर हम भी कर सकते हैं। जब हम निराशाओं से घिरे और दबे हुए हों, तब हम अपने सिर उठा कर परमेश्वर की और देख सकते हैं, और हमारे प्रति उसके प्रेम तथा उसकी भली योजनाओं में विश्वास रख सकते हैं। - कर्स्टन होल्म्बर्ग

परमेश्वर हमारी निराशाओं में भी आनन्द का कारण है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: हबक्कुक 3: 17-19
Habakkuk 3:17 क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई  के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों,
Habakkuk 3:18 तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्त्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा।।
Habakkuk 3:19 यहोवा परमेश्वर मेरा बलमूल है, वह मेरे पांव हरिणों के समान बना देता है, वह मुझ को मेरे ऊंचे स्थानों पर चलाता है।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 17-19
  • मरकुस 13:1-20