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गुरुवार, 23 अप्रैल 2020

साहस



     अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति जॉन ऍफ़. केनेडी की 1963 में की गई हत्या से संबंधित रहस्यों में से एक है “बाबुश्का महिला” का रहस्य। उसे मूवी कैमरा के साथ उस दिन की घटनाओं को रिकॉर्ड करते हुए, उस दिन ली गई तस्वीरों में देखा गया है, किन्तु न उसके बारे में कुछ पता चला और न वह कभी पकड़ में आई है। इस रहस्यमयी महिला को, जो एक ओवरकोट पहने और सिर पर स्कार्फ (जो रूसी बाबुश्का के समान दिखता है) पहने हुए है, दशकों की खोज के बावजूद न तो कभी देखा गया है और न ही उस के द्वारा रिकॉर्ड की गई फिल्म देखी जा सकी है। उस के बारे में इतिहासकार और विद्वान बस अनुमान ही लगाते हैं कि वह अपने भय के कारण नवम्बर की उस दुखद शाम की अपनी कहानी बताने नहीं पाई है।

     परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के शिष्यों के छिप जाने के कारण को जानने के लिए किसी अनुमान की आवश्यकता नहीं है। वे उन अधिकारियों से भयभीत थे जिन्होंने उन के गुरु की हत्या कर दी थी (यूहन्ना 20:19), और सामने आ कर अपने अनुभव बताने से डरते थे। किन्तु फिर प्रभु यीशु मृतकों में से जी उठे। कुछ समय के पश्चात पवित्र आत्मा भी आ गया; और उस के बाद तो उन पहले के डरे और सहमे हुए मसीह के अनुयायियों को शांत नहीं रखा जा सका। पिन्तेकुस्त के दिन पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से भरे हुए शमौन पतरस ने सब के सामने खुले आम घोषणा की, “सो अब इस्त्राएल का सारा घराना निश्‍चय जान ले कि परमेश्वर ने उसी यीशु को जिसे तुम ने क्रूस पर चढ़ाया, प्रभु भी ठहराया और मसीह भी” (प्रेरितों 2:36)।

     प्रभु यीशु मसीह के नाम में और उस के बारे में बोलने के लिए अवसर केवल उन तक ही सीमित नहीं हैं जो दुसाहसी व्यक्तित्व अथवा सेवकाई के कार्य के लिए प्रशिक्षित होते हैं। यह तो हमारे अंदर बसा हुआ पवित्र आत्मा है जो हमें प्रभु यीशु के सुसमाचार को सुनाने के लिए सक्षम करता है। उस की सामर्थ्य से हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर के सुसमाचार को औरों के साथ बांटने का साहस प्राप्त कर सकते हैं। - बिल क्राउडर

जिन्हें उसे सुनने की आवश्यकता है, उन के साथ प्रभु यीशु के अद्वितीय प्रेम को बांटें।

फिर पर्व के अंतिम दिन, जो मुख्य दिन है, यीशु खड़ा हुआ और पुकार कर कहा, यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आकर पीए। जो मुझ पर विश्वास करेगा, जैसा पवित्र शास्त्र में आया है उसके हृदय में से जीवन के जल की नदियां बह निकलेंगी। उसने यह वचन उस आत्मा के विषय में कहा, जिसे उस पर विश्वास करने वाले पाने पर थे; क्योंकि आत्मा अब तक न उतरा था; क्योंकि यीशु अब तक अपनी महिमा को न पहुंचा था। - यूहन्ना 7:37-39

बाइबल पाठ: प्रेरितों 2:22-36
प्रेरितों के काम 2:22 हे इस्त्राएलियों, ये बातें सुनो: कि यीशु नासरी एक मनुष्य था जिस का परमेश्वर की ओर से होने का प्रमाण उन सामर्थ्य के कामों और आश्चर्य के कामों और चिन्‍हों से प्रगट है, जो परमेश्वर ने तुम्हारे बीच उसके द्वारा कर दिखलाए जिसे तुम आप ही जानते हो।
प्रेरितों के काम 2:23 उसी को, जब वह परमेश्वर की ठहराई हुई मनसा और होनहार के ज्ञान के अनुसार पकड़वाया गया, तो तुम ने अधर्मियों के हाथ से उसे क्रूस पर चढ़वा कर मार डाला।
प्रेरितों के काम 2:24 परन्तु उसी को परमेश्वर ने मृत्यु के बन्‍धनों से छुड़ाकर जिलाया: क्योंकि यह अनहोना था कि वह उसके वश में रहता।
प्रेरितों के काम 2:25 क्योंकि दाऊद उसके विषय में कहता है, कि मैं प्रभु को सर्वदा अपने साम्हने देखता रहा क्योंकि वह मेरी दाहिनी ओर है, ताकि मैं डिग न जाऊं।
प्रेरितों के काम 2:26 इसी कारण मेरा मन आनन्द हुआ, और मेरी जीभ मगन हुई; वरन मेरा शरीर भी आशा में बसा रहेगा।
प्रेरितों के काम 2:27 क्योंकि तू मेरे प्राणों को अधोलोक में न छोड़ेगा; और न अपने पवित्र जन को सड़ने ही देगा!
प्रेरितों के काम 2:28 तू ने मुझे जीवन का मार्ग बताया है; तू मुझे अपने दर्शन के द्वारा आनन्द से भर देगा।
प्रेरितों के काम 2:29 हे भाइयो, मैं उस कुलपति दाऊद के विषय में तुम से साहस के साथ कह सकता हूं कि वह तो मर गया और गाड़ा भी गया और उस की कब्र आज तक हमारे यहां वर्तमान है।
प्रेरितों के काम 2:30 सो भविष्यद्वक्ता हो कर और यह जान कर कि परमेश्वर ने मुझ से शपथ खाई है, कि मैं तेरे वंश में से एक व्यक्ति को तेरे सिंहासन पर बैठाऊंगा।
प्रेरितों के काम 2:31 उसने होनहार को पहिले ही से देखकर मसीह के जी उठने के विषय में भविष्यद्वाणी की, कि न तो उसका प्राण अधोलोक में छोड़ा गया, और न उस की देह सड़ने पाई।
प्रेरितों के काम 2:32 इसी यीशु को परमेश्वर ने जिलाया, जिस के हम सब गवाह हैं।
प्रेरितों के काम 2:33 इस प्रकार परमेश्वर के दाहिने हाथ से सर्वोच्‍च पद पाकर, और पिता से वह पवित्र आत्मा प्राप्त कर के जिस की प्रतिज्ञा की गई थी, उसने यह उंडेल दिया है जो तुम देखते और सुनते हो।
प्रेरितों के काम 2:34 क्योंकि दाऊद तो स्वर्ग पर नहीं चढ़ा; परन्तु वह आप कहता है, कि प्रभु ने मेरे प्रभु से कहा;
प्रेरितों के काम 2:35 मेरे दाहिने बैठ, जब तक कि मैं तेरे बैरियों को तेरे पांवों तले की चौकी न कर दूं।
प्रेरितों के काम 2:36 सो अब इस्त्राएल का सारा घराना निश्‍चय जान ले कि परमेश्वर ने उसी यीशु को जिसे तुम ने क्रूस पर चढ़ाया, प्रभु भी ठहराया और मसीह भी।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 19-21
  • यूहन्ना 8:1-27



शान्ति



     ग्रेस एक बहुत विशिष्ट महिला है। जब भी मैं उसके बारे में सोचती हूँ, तो एक ही शब्द मेरे मन में आता है: शान्ति। मैं उसे पिछले छः महीनों से जानती हूँ और उसके चहरे पर सदा ही के शांत और आश्वस्त भाव बना रहता है, जिसमें शायद ही कभी कोई परिवर्तन आता हो। ग्रेस का यह भाव तब भी नहीं बदला जब उसके पति को एक दुर्लभ रोग से ग्रसित पाया गया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

     मैंने जब ग्रेस से उनके शान्त और आश्वस्त रहने का रहस्य पूछा, तो उन्होंने कहा, “यह किसी रहस्य से नहीं, एक व्यक्ति – प्रभु यीशु मसीह के कारण है। इस का कारण मुझ में विद्यमान प्रभु यीशु हैं। जीवन के तूफानों के मध्य जिस शान्ति का मैं अनुभव करती हूँ, उसके लिए और कोई स्पष्टीकरण नहीं है।”

     हमारी शान्ति का रहस्य भी प्रभु यीशु के साथ हमारा संबंध है; वही हर परिस्थिति में हमारी शान्ति है। जब प्रभु यीशु हमारा उद्धारकर्ता और प्रभु होता है, और हम उसके समान बनते जाते हैं, तो उसकी शान्ति भी हमारे जीवनों में वास्तविक होती है। परिस्थितियाँ, जैसे कि बीमारियाँ, आर्थिक समस्याएँ, जोखिम और खतरे विद्यमान तो हो सकते हैं, परन्तु प्रभु की शान्ति हमें उसके वचन, बाइबल के द्वारा आश्वस्त रखती है कि परमेश्वर हमें अपने हाथों में थामे हुए है (दनिय्येल 5:23), और हम विश्वास रख सकते हैं कि अंततः सब बातों में हो कर भी हमारा भला ही होगा (रोमियों 8:28)। 

     क्या हमनेकभी इस तर्क और समझ से परे शान्ति का अनुभव किया है? क्या हमारे अंदर यह आश्वासन बना रहता है कि हर बात परमेश्वर के नियंत्रण में रहती है, और है। हम सब के लिए आज मेरी इच्छा, प्रेरित पौलुस द्वारा लिखे गए शब्दों में व्यक्त है: “अब प्रभु जो शान्‍ति का सोता है आप ही तुम्हें सदा और हर प्रकार से शान्‍ति दे: प्रभु तुम सब के साथ रहे” (2 थिस्स्लुनीकियों 3:16)। - कीला ओकोआ

प्रभु यीशु में विश्वास रखना ही शान्ति है।

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27

बाइबल पाठ: 2 थिस्स्लुनीकियों 3:16-18
2 थिस्स्लुनीकियों 3:16 अब प्रभु जो शान्‍ति का सोता है आप ही तुम्हें सदा और हर प्रकार से शान्‍ति दे: प्रभु तुम सब के साथ रहे।।
2 थिस्स्लुनीकियों 3:17 मैं पौलुस अपने हाथ से नमस्‍कार लिखता हूं: हर पत्री में मेरा यही चिन्ह है: मैं इसी प्रकार से लिखता हूं।
2 थिस्स्लुनीकियों 3:18 हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह तुम सब पर होता रहे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 16-18
  • लूका 17:20-37



बुधवार, 22 अप्रैल 2020

थामे हुए



     मेरा ‘चॉकलेट’ के रंग का पालतू कुत्ता जब तीन माह का पिल्ला ही था तो मैं उसके टीकों और जांच के लिए उसे पशु चिकित्सक के पास ले कर गया। बड़े ध्यान से उसका निरीक्षण करते समय, उसे उस पिल्ले के पिछले बाईं पंजे पर सफ़ेद बालों का एक छोटा सा स्थान दिखाई दिया। उसने मुस्कुराते हुए, मज़ाक में कहा, ‘अच्छा तो परमेश्वर ने तुम्हें चॉकलेट में डुबकी देते समय यहाँ से पकड़ा था।’ उसकी बात सुनकर मैं अपनी हंसी को नहीं रोक सका, परन्तु अनायास ही उस पशु चिकित्सक ने परमेश्वर द्वारा अपनी सृष्टि में लिए जाने वाली गहरी और व्यक्तिगत रूचि के संबंध में एक महत्वपूर्ण बात कह दी थी।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने मत्ती 10:30 में अपने शिष्यों से कहा, “तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं” अर्थात, परमेश्वर इतना महान है कि वह हमारी छोटी से छोटी बात में भी रूचि रखता है। ऐसा कुछ नहीं है, वह चाहे कितना भी छोटा क्यों न हो, वह जिसके विषय नहीं जानता हो, और हमारी कोई भी चिंता इतनी गौण नहीं है कि उसके सम्मुख न लाई जा सके; वह हम से इतना प्रेम करता है।

     न केवल परमेश्वर ने हमारी सृष्टि की है, वरन वह हर पल, हर क्षण हमारी देखभाल करता है, हमें सुरक्षा प्रदान करता रहता है। वह उन छोटी से छोटी बातों पर भी ध्यान लगाए रहता है, जिनके बारे में हम जानते, या सोचते नहीं हैं, या जिन्हें महत्वपूर्ण नहीं समझते हैं। यह कितना शांत और आश्वस्त करने वाली बात है कि हमारा सिद्ध, सर्वज्ञानी, सर्वशक्तिमान स्वर्गीय पिता, हमें तथा अपनी समस्त सृष्टि को, अपने सामर्थी और प्रेम भरे हाथों में सदा थामे रहता है। जेम्स बैंक्स

परमेश्वर हमारी प्रत्येक आवश्यकता की पूर्ति करता है।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी। - फिलिप्पियों 4:6-7

बाइबल पाठ: मत्ती 10:29-31
मत्ती 10:29 क्या पैसे में दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती।
मत्ती 10:30 तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं।
मत्ती 10:31 इसलिये, डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 14-15
  • लूका 17:1-19



मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

प्रतिज्ञा



     मैं अपने विवाह की तस्वीरों के डिब्बे में से पुरानी तसवीरें देख रही थी, और मेरे हाथ मेरे तथा मेरे पति की एक तस्वीर पर रुक गए – जो हमारे ‘श्रीमान और श्रीमती’ बनते के साथ ही ली गई थी। मेरे हाव-भाव में उनके प्रति मेरे समर्पण का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। मैं उनके साथ कहीं भी जाने के लिए तैयार थी।

     अब लगभग चार दशक के बाद भी, हमारा विवाह संबंध परस्पर प्रेम और समर्पण के द्वारा मज़बूती के साथ गठा हुआ है, और हमें भले और बुरे दोनों समयों में से सुरक्षित लेकर चलता रहा है। मैंने हर साल अपनी वह प्रतिज्ञा दोहराई है, अपने आप को अपने पति के साथ कहीं भी जाने के लिए समर्पित बनाए रखा है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में यिर्मयाह 2:2 में परमेश्वर अपनी प्रिय किन्तु भटके हुए हठीले इस्राएल से कहता है, “...तेरी जवानी का स्नेह और तेरे विवाह के समय का प्रेम मुझे स्मरण आता है कि तू कैसे जंगल में मेरे पीछे पीछे चली...।” यहाँ पर  स्नेह’ के लिए मूल इब्रानी भाषा में जिस शब्द का प्रयोग किया गया है, उसका अर्थ सर्वोच्च संभव वफादारी और प्रतिबद्धता है। इस्राएल ने आरंभ में परमेश्वर के प्रति जिस दृढ़ समर्पण को व्यक्त किया था, धीरे-धीरे वह उस से मुड़ गया।

     वफादारी के संबंधों में जिस दृढ़ता के साथ समर्पण का दावा किया जाता है, समय के साथ वह फीका पड़ सकता है, और प्रेम तथा उत्साह के उस आरम्भिक पैनेपन के जाते रहने से विश्वासघात करने की संभावना उत्पन्न हो जाती है। हम अपने विवाहों में ऐसी संभावना के उत्पन्न होने के खतरे से तो परिचित हैं; परन्तु परमेश्वर के प्रति प्रेम के हमारे संबंध का क्या हाल है? क्या हम आज भी उसके प्रति वैसे ही दृढ़ समर्पित हैं जैसे तब थे जब हम मसीही विश्वास में आए ही थे?

     परमेश्वर अपने लोगों को विश्वासयोग्यता में लौट कर आने के अवसर देता है (यिर्मयाह 3:14-15)। हम आज ही उसके साथ की गई अपनी प्रतिज्ञा को फिर से दोहरा कर नया कर सकते हैं। - एलिसा मॉर्गन

यदि आप यह जानते हैं कि आपकी अगुवाई प्रभु परमेश्वर कर रहा है, 
तो आपको यह जानने की आवश्यकता नहीं है कि हम कहाँ जा रहे हैं।

वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है; - भजन 23:2

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 2:1-8; 3:14-15
यिर्मयाह 2:1 यहोवा का वह वचन मेरे पास पहुंचा,
यिर्मयाह 2:2 और यरूशलेम में पुकार कर यह सुना दे, यहोवा यह कहता है, तेरी जवानी का स्नेह और तेरे विवाह के समय का प्रेम मुझे स्मरण आता है कि तू कैसे जंगल में मेरे पीछे पीछे चली जहां भूमि जोती-बोई न गई थी।
यिर्मयाह 2:3 इस्राएल, यहोवा के लिये पवित्र और उसकी पहली अपज थी। उसे खाने वाले सब दोषी ठहरेंगे और विपत्ति में पड़ेंगे, यहोवा की यही वाणी है।
यिर्मयाह 2:4 हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के कुलों के लोगों, यहोवा का वचन सुनो!
यिर्मयाह 2:5 यहोवा यों कहता है, तुम्हारे पुरखाओं ने मुझ में कौन ऐसी कुटिलता पाई कि मुझ से दूर हट गए और निकम्मी वस्तुओं के पीछे हो कर स्वयं निकम्मे हो गए?
यिर्मयाह 2:6 उन्होंने इतना भी न कहा कि जो हमें मिस्र देश से निकाल ले आया वह यहोवा कहां है? जो हमें जंगल में से और रेत और गड़हों से भरे हुए निर्जल और घोर अन्धकार के देश से जिस में हो कर कोई नहीं चलता, और जिस में कोई मनुष्य नहीं रहता, हमें निकाल ले आया।
यिर्मयाह 2:7 और मैं तुम को इस उपजाऊ देश में ले आया कि उसका फल और उत्तम उपज खाओ; परन्तु मेरे इस देश में आकर तुम ने इसे अशुद्ध किया, और मेरे इस निज भाग को घृणित कर दिया है।
यिर्मयाह 2:8 याजकों ने भी नहीं पूछा कि यहोवा कहां है; जो व्यवस्था सिखाते थे वे भी मुझ को न जानते थे; चरवाहों ने भी मुझ से बलवा किया; भविष्यद्वक्ताओं ने बाल देवता के नाम से भविष्यद्वाणी की और निष्फल बातों के पीछे चले।
यिर्मयाह 3:14 हे भटकने वाले लड़को लौट आओ, क्योंकि मैं तुम्हरा स्वामी हूँ; यहोवा की यह वाणी है। तुम्हारे प्रत्येक नगर पीछे एक, और प्रत्येक कुल पीछे दो को लेकर मैं सिय्योन में पहुंचा दूंगा।
यिर्मयाह 3:15 और मैं तुम्हें अपने मन के अनुकूल चरवाहे दूंगा, जो ज्ञान और बुद्धि से तुम्हें चराएंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 12-13
  • लूका 16



सोमवार, 20 अप्रैल 2020

क्षमा



     मैंने एक दोपहर के दो घंटे एक चित्र-कला प्रदर्शनी, जिसका शीर्षक था ‘पिता और उसके दो पुत्र: क्षमा के चित्र’ के चित्र देखने में बिताए; इस प्रदर्शनी के सभी चित्र परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा दिए गए उड़ाऊ पुत्र के दृष्टांत (लूका 15:11-31) पर आधारित थे। मुझे एडवर्ड रिओजस द्वारा बनाए गए चित्र ने विशेषतः प्रभावित किया। उस चित्र में उड़ाऊ पुत्र घर की ओर लौट रहा है, उसके सिर झुका हुआ है और उसने चिथड़े पहने हुए हैं। उसके पीछे मृत्यु का देश है, और वह जिस मार्ग पर चल रहा है, उसके दूसरे छोर पर उसका पिता उसकी ओर दौड़ा चला आ रहा है। चित्र के नीचे प्रभु यीशु द्वारा कहे गए शब्द, “तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा” (लूका 15:20) लिखे हुए हैं।

     एक बार फिर मेरा हृदय, परमेश्वर के उस अपरिवर्तनीय प्रेम का एहसास करने के द्वारा, जिसने मेरा जीवन बदल दिया है, बहुत गहराई से द्रवित हुआ। जब मैं उससे मुँह मोड़कर चला गया, तब परमेश्वर ने मुझ से मुँह नहीं मोड़ा, वरन वह मेरी प्रतीक्षा करता रहा, मेरी राह देखता रहा। हम उसके प्रेम के योग्य तो नहीं हैं, फिर भी उसका प्रेम हमारे प्रति कभी कम नहीं होता है। चाहे हम अकसर परमेश्वर की उपेक्षा करते रहते हैं, फिर भी वह कभी हमसे दूर नहीं जाता है।

     हम सभी उसके सामने दोषी हैं, फिर भी हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता हमारी ओर हाथ बढ़ाकर, हमें गले लगाकर, हमारा स्वागत ऐसे ही करता है जैसे प्रभु द्वारा सुनाए गए दृष्टांत में पिता करता है। उड़ाऊ पुत्र के लौट आने पर उस पिता ने अपने सेवकों से कहा, “और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनाएं। क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे” ( पद 23, 24)।

     आज भी जो भी जन प्रभु परमेश्वर की ओर लौट कर आता है, परमेश्वर उसे क्षमा करता है, उसका स्वागत करता है। और यह क्षमा प्राप्ती, आनन्द मनाने योग्य बात है। - डेविड सी. मेक्कैसलैंड

हम चाहे उसके प्रेम के योग्य नहीं हैं, 
फिर भी हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम बदलता नहीं है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
लूका 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
लूका 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
लूका 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
लूका 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
लूका 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा: उसने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
लूका 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
लूका 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
लूका 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है।
लूका 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर के समान रख ले।
लूका 15:20 तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
लूका 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
लूका 15:22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्‍छे से अच्छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
लूका 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनाएं।
लूका 15:24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 9-11
  • लूका 15:11-32



रविवार, 19 अप्रैल 2020

उतावली



     जब मेरे दो मित्रों ने मुझे बुद्धिमान डैलेस विल्लर्ड के शब्द, “उतावलेपन को कठोरता पूर्वक निकाल डालो” कहे, तो मैं समझ गई कि मुझे इस बात पर विचार करना पड़ेगा। मैं किन बातों में उतावली करके अपनी शक्ति और समय बर्बाद करने में लगी हुई थी? इससे भी महत्वपूर्ण बात, ऐसा क्या था मैं जिसके पीछे इतनी उतावली होकर भाग रही थी और परमेश्वर से मार्गदर्शन तथा सहायता के लिए भी नहीं पूछ रही थी? इसके बाद के सप्ताहों और महीनों में मैंने विल्लर्ड की उस बात को याद रखा और अपने आप को फिर से प्रभु परमेश्वर तथा उसके वचन बाइबल की और मोड़ा तथा उनके साथ अपना तालमेल बैठाया जिससे मैं प्रभु और उसकी बुद्धिमता पर निर्भर रहूं। मैं अपने आप को यही स्मरण दिलाती रही कि मैं परमेश्वर पर भरोसा रखूँ, न कि अपनी बुद्धि और सामर्थ्य पर।

     उतावले होकर इधर से उधर भागादौड़ी करना, यशायाह भविष्यद्वक्ता द्वारा कही गई “पूर्ण शान्ति” का विपरीत है। यशायाह ने कहा कि “जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है” (यशायाह 26:3)। और प्रभु परमेश्वर आज, कल और हमेशा भरोसा रखने योग्य है, “यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु यहोवा सनातन चट्टान है” (पद 4)। अपने मन, विचारों और बुद्धि को परमेश्वर पर लगाए रखना ही उतावलेपन का जीवन जीने का समाधान है।

     आज हमारा हाल क्या है? क्या हमें लगता है की हम भी उतावले रहते हैं, या अधीर रहते हैं? या हो सकता है कि हम पूर्ण शान्ति का अनुभव कर रहे हों। या फिर हम इन दोनों चरम सीमाओं के बीच की किसी स्थिति में हों। हम चाहे जहां भी हों, मेरी यही प्रार्थना है कि हम हर उतावली को अपने से दूर कर के प्रभु पर भरोसा बनाए रखें, जो हमें कभी निराश नहीं करेगा, और अपनी शान्ति में बनाए रखेगा। - एमी बाउचर पाई

परमेश्वर की शान्ति हमें उतावलेपन से बचाती है।

[प्रभु यीशु ने कहा:] मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27

बाइबल पाठ: यशायाह 26:1-4
 यशायाह 26:1 उस समय यहूदा देश में यह गीत गाया जाएगा, हमारा एक दृढ़ नगर है; उद्धार का काम देने के लिये वह उसकी शहरपनाह और गढ़ को नियुक्त करता है।
यशायाह 26:2 फाटकों को खोलो कि सच्चाई का पालन करने वाली एक धर्मी जाति प्रवेश करे।
यशायाह 26:3 जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।
यशायाह 26:4 यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु यहोवा सनातन चट्टान है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 6-8
  • लूका 15:1-10



शनिवार, 18 अप्रैल 2020

विश्वासयोग्यता



     बहुत बार हम प्रश्न, “आप कहाँ से हैं?” के द्वारा किसी को और बेहतर जानने का प्रयास करते हैं। किन्तु हम में से अनेकों के लिएकभी-कभी, यह प्रश्न अटपटा होता है, उसका उत्तर दे पाना जटिल होता है, और कभी-कभी हम सारा विवरण हर किसी के साथ बाँटना भी नहीं चाहते हैं। मनुष्य चाहे हमारा आँकलन तथा हमारे विषय अपने निर्णय हमारी पृष्ठभूमि के आधार पर करें किन्तु परमेश्वर के लिए इसका कोई महत्त्व नहीं होता है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में न्यायियों की पुस्तक का एक पात्र, यिप्ताह भी संभवतः इस प्रश्न से बचना चाहता होगा। यिप्ताह के सौतेले भाइयों ने उसे उसके गिलाद के घर से उसे “तू तो पराई स्त्री का बेटा है” (न्यायियों 11:2) कह कर निकला दिया था। लेख निःसंकोच कहता है कि “वह वेश्या का बेटा था” (पद 1)।

     परन्तु यिप्ताह शूरवीर था (पद 1), और जब एक विरोधी जाति ने गिलाद पर आक्रमण किया, तो वही लोग जिन्होंने उसे निकाल दिया था, अब उसे ढूँढ़ कर वापस लाना चाहते थे। उन लोगों ने यिप्ताह से कहा, “चलकर हमारा प्रधान हो जा, कि हम अम्मोनियों से लड़ सकें” (पद 6)। यिप्ताह ने प्रश्न किया, “क्या तुम ने मुझ से बैर कर के मुझे मेरे पिता के घर से निकाल न दिया था? फिर अब संकट में पड़कर मेरे पास क्यों आए हो?” (पद 7)। उन सभी से इस का आश्वासन लेने के पश्चात कि अब उसके साथ परिस्थितयाँ और व्यवहार भिन्न रखा जाएगा, यिप्ताह ने उनका नेतृत्व करना स्वीकार कर लिया। पवित्र शास्त्र बताता है कि “तब यहोवा का आत्मा यिप्तह में समा गया...” (पद 29)। यिप्ताह ने परमेश्वर पर विश्वास के साथ उन लोगों का कुशल नेतृत्व किया, और उन्हें एक बड़ी विजय दिलवाई। बाइबल के नए नियम में इब्रानियों में दिए गए विश्वास के नायकों में एक नाम यिप्ताह का भी है (इब्रानियों 11:32)।

     बहुत बार परमेश्वर अपने कार्य को करवाने के लिए बिलकुल अनपेक्षित लोगों को चुन लेता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि हम कहाँ से हैं, यहाँ तक कैसे पहुंचे हैं, हमने क्या कुछ किया अथवा नहीं किया है। जिस एक बात का फर्क पड़ता है वह है कि हम परमेश्वर की बुलाहट का क्या और कैसे प्रत्युत्तर देते हैं। यदि हम परमेश्वर के प्रेम के प्रति विश्वासयोग्यता के साथ प्रत्युत्तर देते हैं, तो वह हमें अपनी सामर्थ्य से भरकर बहुतायत से प्रयोग करता है। - टिम गुस्ताफासन

परन्तु बहुतेरे जो पहिले हैं, पिछले होंगे; और जो पिछले हैं, पहिले होंगे। - मत्ती 19:30

बाइबल पाठ: न्यायियों 11:1-8, 29
न्यायियों 11:1 यिप्तह नाम गिलादी बड़ा शूरवीर था, और वह वेश्या का बेटा था; और गिलाद से यिप्तह उत्पन्न हुआ था।
न्यायियों 11:2 गिलाद की स्त्री के भी बेटे उत्पन्न हुए; और जब वे बड़े हो गए तब यिप्तह को यह कहकर निकाल दिया, कि तू तो पराई स्त्री का बेटा है; इस कारण हमारे पिता के घराने में कोई भाग न पाएगा।
न्यायियों 11:3 तब यिप्तह अपने भाइयों के पास से भागकर तोब देश में रहने लगा; और यिप्तह के पास लुच्चे मनुष्य इकट्ठे हो गए; और उसके संग फिरने लगे।
न्यायियों 11:4 और कुछ दिनों के बाद अम्मोनी इस्राएल से लड़ने लगे।
न्यायियों 11:5 जब अम्मोनी इस्राएल से लड़ते थे, तब गिलाद के वृद्ध लोग यिप्तह को तोब देश से ले आने को गए;
न्यायियों 11:6 और यिप्तह से कहा, चलकर हमारा प्रधान हो जा, कि हम अम्मोनियों से लड़ सकें।
न्यायियों 11:7 यिप्तह ने गिलाद के वृद्ध लोगों से कहा, क्या तुम ने मुझ से बैर कर के मुझे मेरे पिता के घर से निकाल न दिया था? फिर अब संकट में पड़कर मेरे पास क्यों आए हो?
न्यायियों 11:8 गिलाद के वृद्ध लोगों ने यिप्तह से कहा, इस कारण हम अब तेरी ओर फिरे हैं, कि तू हमारे संग चलकर अम्मोनियों से लड़े; तब तू हमारी ओर से गिलाद के सब निवासियों का प्रधान ठहरेगा।
न्यायियों 11:29 तब यहोवा का आत्मा यिप्तह में समा गया, और वह गिलाद और मनश्शे से हो कर गिलाद के मिस्पे में आया, और गिलाद के मिस्पे से हो कर अम्मोनियों की ओर चला।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 3-5
  • लूका 14:25-35