ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

शनिवार, 15 अगस्त 2020

अद्भुत


         परमेश्वर के वचन बाइबल में अय्यूब की पुस्तक में हम इस विषय पर कि संसार में दुःख क्यों है, लगभग हर संभव तर्क को देखते है, परन्तु उन तर्कों से अय्यूब को अपनी परिस्थिति को समझने या उसके निवारण के लिए कुछ विशेष सहायता नहीं मिली। अय्यूब की परेशानी तर्कों से अधिक संदेह से संबंधित थी – क्या वह परमेश्वर पर भरोसा कर सकता है? अपनी इस विकट स्थिति में अय्यूब को एक बात की सर्वाधिक लालसा थी – वह एकमात्र जन जो उसकी इस दुखदायी स्थिति को समझा सकता, वह उसके सामने प्रकट हो जाए – वह परमेश्वर से आमने–सामने मिलना चाहता है, उससे अपनी स्थिति के बारे में प्रश्न करना चाहता है।

         अन्ततः अय्यूब की इच्छा पूरी होती है। परमेश्वर उसके सम्मुख आता है (देखें अय्यूब 38:1)। परमेश्वर अय्यूब के सामने आने के समय को अद्भुत रीति से निर्धारित करता है – तब, जब अय्यूब का मित्र एलीहू उसे समझा रहा है कि क्यों उसे कोई अधिकार नहीं है कि उसे परमेश्वर से कोई दर्शन मिले।

         फिर परमेश्वर जो अय्यूब से कहना आरंभ करता है, उसके लिए न तो अय्यूब और न ही उसका कोई मित्र तैयार था। अय्यूब के पास प्रश्नों की एक लम्बी सूची थी, परन्तु सामने आने पर, अय्यूब नहीं वरन परमेश्वर प्रश्न करना आरम्भ करता है। परमेश्वर अपनी बात “पुरुष के समान अपनी कमर बान्ध ले, क्योंकि मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, और तू मुझे उत्तर दे” (38:3) के साथ आरंभ करता है। दुःख पर पिछले पैंतीस अध्यायों में चली चर्चा और विवादों को एक ओर हटा कर, परमेश्वर अपनी अद्भुत सृष्टि के विषय बात करना आरंभ करता है।

         परमेश्वर की बात का मुख्य निहितार्थ है सृष्टि के सृजनहार और पालनहार परमेश्वर तथा सृष्टि के एक छोटे से अय्यूब के समान मनुष्य के मध्य का महान अंतर। परमेश्वर की उपस्थिति और बातें अय्यूब के सबसे बड़े प्रश्न – “क्या कोई है जिसे उसका ध्यान रहता है, जो उसकी चिंता करता है?” का समाधान करती है कि परमेश्वर की दृष्टि से कुछ छुपा नहीं है, और वह हर बात, हर परिस्थिति पर नियंत्रण रखता है, सब कुछ का संचालन करता है। परमेश्वर की वास्तविकता को जानने और समझने के बाद, अय्यूब अपनी नासमझी का एहसास करने पाता है, पश्चाताप में परमेश्वर के आगे समर्पण कर देता है, और परमेश्वर से अद्भुत आशीषें प्राप्त करता है (अध्याय 42)। हमारा सृष्टिकर्ता परमेश्वर हमारी हर परिस्थिति, हर बात को जानता है और उनके अद्भुत प्रयोजन करता है। - फिलिप यैन्सी

 

कोई भी त्रासदी परमेश्वर की सार्वभौमिकता से बाहर नहीं है।


मैं कानों से तेरा समाचार सुना था, परन्तु अब मेरी आंखें तुझे देखती हैं; इसलिये मुझे अपने ऊपर घृणा आती है, और मैं धूल और राख में पश्चात्ताप करता हूँ। - अय्यूब 42:5-6

बाइबल पाठ: अय्यूब 38:1-11

अय्यूब 38:1 तब यहोवा ने अय्यूब को आँधी में से यूं उत्तर दिया,

अय्यूब 38:2 यह कौन है जो अज्ञानता की बातें कहकर युक्ति को बिगाड़ना चाहता है?

अय्यूब 38:3 पुरुष के समान अपनी कमर बान्ध ले, क्योंकि मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, और तू मुझे उत्तर दे।

अय्यूब 38:4 जब मैं ने पृथ्वी की नेव डाली, तब तू कहां था? यदि तू समझदार हो तो उत्तर दे।

अय्यूब 38:5 उसका नाप किस ने ठहराया, क्या तू जानता है उस पर किस ने सूत खींचा?

अय्यूब 38:6 उसकी नेव कौन सी वस्तु पर रखी गई, वा किस ने उसके कोने का पत्थर बिठाया,

अय्यूब 38:7 जब कि भोर के तारे एक संग आनन्द से गाते थे और परमेश्वर के सब पुत्र जयजयकार करते थे?

अय्यूब 38:8 फिर जब समुद्र ऐसा फूट निकला मानो वह गर्भ से फूट निकला, तब किस ने द्वार मूंदकर उसको रोक दिया;

अय्यूब 38:9 जब कि मैं ने उसको बादल पहनाया और घोर अन्धकार में लपेट दिया,

अय्यूब 38:10 और उसके लिये सिवाना बान्धा और यह कहकर बेंड़े और किवाड़ लगा दिए, कि

अय्यूब 38:11 यहीं तक आ, और आगे न बढ़, और तेरी उमड़ने वाली लहरें यहीं थम जाएं?

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 91-93
  • रोमियों 15:1-13

शुक्रवार, 14 अगस्त 2020

मार्गदर्शन


         नदी के किनारे पर पहुँच कर हमारे पहाड़ी नदी के नौका चालन गाईड ने हमें निर्देश दिया कि हम सभी अपनी जीवन रक्षक जैकिट्स को पहन लें, और नाव चलाने के लिए पतवार ले लें। हम नाव में चढ़े और हमारे वज़न के अनुसार उसने हमें हमारी सीट बताई, जिससे तेज़ बहाव में भी नाव की स्थिरता बनी रहे। आने वाली नाव-यात्रा के रोमांच और ध्यान में रखने और करने की सावधानियों की बातों को विस्तार से हमें समझाने के पश्चात उसने हमें आश्वस्त किया कि यद्यपि कुछ तनाव पूर्ण पल भी होंगे किन्तु हमारी यात्रा रोमांचक और सुरक्षित रहेगी।

         कभी-कभी जीवन भी उस तेज़ बहती पहाड़ी नदी की नौका यात्रा के समान होता है, उसमें हमारी पसंद से कुछ अधिक हिचकोले और हमारा इधर-उधर झटके जाना होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर ने अपने लोगों, इस्राएल से, यशायाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा जो कहा वह हमें भी आश्वासन दे सकता है और परेशानियों में भी हमारा मार्गदर्शन कर सकता है। परमेश्वर ने आश्वस्त किया, जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी” (यशायाह 43:2)।

         इस्राएलियों को दी गई अनेकों चेतावनियों के बावजूद, उनके पाप में बने रहने के कारण, उन्हें परमेश्वर से दण्ड मिला था – उन्हें बंधुआ बनाकर उनके देश से निर्वासित कर दिया गया था। परिणाम स्वरूप उन इस्राएलियों को लग रहा था कि परमेश्वर ने उन्हें त्याग दिया है। लेकिन परमेश्वर ने फिर भी उनके साथ होने की पुष्टि की, क्योंकि वह उन्हें प्रेम करता है (पद 2, 4)।

         परमेश्वर हमें जीवन के कठिन और परेशानी भरे समयों में छोड़ नहीं देता है। हम उस पर भरोसा कर सकते हैं  कि वह हमारी हर परिस्थिति और हर परेशानी के समय में भी हमारे साथ बना रहेगा, क्योंकि वह हमसे प्रेम करता है, इसलिए वह सदा हमारा मार्गदर्शन भी करता रहेगा। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर कठिन समयों में हमें उठा कर लिए चलता है।


परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: यशायाह 43:1-7

यशायाह 43:1 हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम ले कर बुलाया है, तू मेरा ही है।

यशायाह 43:2 जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी।

यशायाह 43:3 क्योंकि मैं यहोवा तेरा परमेश्वर हूं, इस्राएल का पवित्र मैं तेरा उद्धारकर्ता हूं। तेरी छुड़ौती में मैं मिस्र को और तेरे स्थान पर कूश और सबा को देता हूं।

यशायाह 43:4 मेरी दृष्टि में तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है और मैं तुझ से प्रेम रखता हूं, इस कारण मैं तेरे स्थान पर मनुष्यों को और तेरे प्राण के बदले में राज्य राज्य के लोगों को दे दूंगा।

यशायाह 43:5 मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूं; मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊंगा, और पच्छिम से भी इकट्ठा करूंगा।

यशायाह 43:6 मैं उत्तर से कहूंगा, दे दे, और दक्खिन से कि रोक मत रख; मेरे पुत्रों को दूर से और मेरी पुत्रियों को पृथ्वी की छोर से ले आओ;

यशायाह 43:7 हर एक को जो मेरा कहलाता है, जिस को मैं ने अपनी महिमा के लिये सृजा, जिस को मैं ने रचा और बनाया है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 89-90
  • रोमियों 14

गुरुवार, 13 अगस्त 2020

उपहार


         मैं बड़ी जल्दी में डाक-खाने में घुसा; मेरे पास करने के लिए बहुत से काम थे, परन्तु घुसते ही सामने लगी लम्बी कतार देख कर मैं हताश हो गया। मैं अपनी घड़ी को देखते हुए अपने मन में बड़बड़ाया, “जितनी जल्दी करना चाह रहा था, उतनी ही देर लग रही है।” इतने में एक वृद्ध अजनबी मेरे पास आकर हमारे पीछे रखी एक मशीन की ओर संकेत करके बोला, “मैं इस कॉपियर को चला नहीं पा रहा हूँ; इसने मेरे पैसे तो ले लिए, पर अब मुझे समझ नहीं आ रहा है कि क्या करूं?” मैं तुरंत समझ गया कि परमेश्वर क्या चाहता था कि मैं करूं। मैं कतार से बाहर निकला और लगभग दस मिनिट में उस वृद्ध की समस्या का समाधान कर सका। उस वृद्ध ने मुझे धन्यवाद कहा, और बाहर चला गया। मैं जब वापस कतार में खड़े होने के लिए मुड़ा तो पाया कि एक मैं ही बचा था, बाकी सभी जा चुके थे। मैं सीधा काउंटर पर गया, अपना काम करवाया और बाहर आ गया।

         उस दिन के मेरे अनुभव ने मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा कहे गए कुछ शब्द स्मरण करवाए: “दिया करो, तो तुम्हें भी दिया जाएगा: लोग पूरा नाप दबा दबाकर और हिला हिलाकर और उभरता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे, क्योंकि जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा” (लूका 6:38)।

         उस दिन मेरी प्रतीक्षा करने की घड़ियाँ समाप्त हो गईं क्योंकि परमेश्वर ने मेरी जल्दबाजी में हस्तक्षेप किया। मेरी आँखों को किसी अन्य की आवश्यकताओं की ओर लगाने और अपने समय को उसे देने के द्वारा परमेश्वर ने मुझे एक उपहार दिया।

         यह उपहार एक ऐसी शिक्षा है जिसे मैं चाहता हूँ कि मैं सदा याद रख सकूँ, विशेषकर तब जब मैं जल्दी में हूँ और अपनी घड़ी की ओर देखने लगूँ। - जेम्स बैंक्स

 

कभी-कभी हमें हमारे द्वारा किए जाने वाले कार्यों की सूची को अलग रखना पड़ता है।


उदार प्राणी हृष्ट पुष्ट हो जाता है, और जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी। - नीतिवचन 11:25

बाइबल पाठ: लू्का 6:37-38

लू्का 6:37 दोष मत लगाओ; तो तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा: दोषी न ठहराओ, तो तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे: क्षमा करो, तो तुम्हारी भी क्षमा की जाएगी।

लू्का 6:38 दिया करो, तो तुम्हें भी दिया जाएगा: लोग पूरा नाप दबा दबाकर और हिला हिलाकर और उभरता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे, क्योंकि जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 87-88
  • रोमियों 13

बुधवार, 12 अगस्त 2020

सहायता


    मोर्स कोड का सिगनल एस.ओ.एस. सन 1905 में बना, क्योंकि घोर संकट में फंसे नाविकों को शीघ्रता से सहायता माँगने के लिए कुछ संकेत चाहिए था। इस सिग्नल को सन 1910 में ख्याति मिली जब एक डूबते हुए जहाज़ स्टीमशिप केनटकी के सभी छियालीस लोग इस सिग्नल से समय पर मिली सहायता के कारण बचा लिए गए।

     एस.ओ.एस. चाहे हाल ही का आविष्कार हो, किन्तु शीघ्र सहायता के लिए पुकारना मानव इतिहास जितना ही प्राचीन है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम इसे बहुधा यहोशू की पुस्तक में यहोशू द्वारा प्रयोग होते हुए देखते हैं, जब उसे साथी इस्राएलियों के विरोध (यहोशू 9:18) और चुनौतीपूर्ण भूभागों (यहोशू 3:15-17) का चौदह वर्षों से भी अधिक तक सामना करना पड़ा, जब इस्राएली धीरे धीरे कनान को जीतते जा रहे थे और उसमें बसते जा रहे थे।  इस सारे संघर्ष के समय में “परमेश्वर यहोशू के संग रहा” (यहोशू 6:27)।

    यहोशू 10 अध्याय में, इस्राएली गिबोनियों की सहायता के लिए जाते हैं, जिन्होंने इस्राएलियों के साथ संधि की थी और पाँच राजाओं ने मिलकर उन पर आक्रमण किया था। यहोशू जानता था कि उसे इतने ढेर सारे और बलवान शत्रुओं को हराने के लिए प्रभु की सहायता की आवश्यकता है (पद 12)। परमेश्वर ने यहोशू की प्रार्थना का उत्तर ओलों की तेज़ बौछार, और सूर्य को भी आकाश में रोकने के द्वारा दिया, जिससे इस्राएलियों के पास शत्रु को हराने के लिए और समय उपलब्ध हो गया। यहोशू 10:14 में लिखा है, यहोवा तो इस्राएल की ओर से लड़ता रहा!

    यदि आप किसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में फंसे हुए हैं, तो आप भी परमेश्वर को एक एस.ओ.एस. भेज सकते हैं। यद्यपि आपकी सहायता उससे भिन्न दिखाई देगी जो यहोशू को मिली, परन्तु परमेश्वर अपने समय और विधि से देगा अवश्य। आपकी सहायता किसी अनपेक्षित नौकरी, किसी अच्छी समझ-बूझ रखने वाले चिकित्सक, या दुःख की घड़ी में शान्ति मिलने, आदि के द्वारा आ सकती है। अपना भरोसा बनाए रखें, परमेश्वर किसी भी रीति से आपको सहायता प्रदान कर सकता है, क्योंकि उसे आपकी चिंता रहती है। - लीसा सामरा

 

जब हम सहायता के लिए परमेश्वर को पुकारते हैं, तो भरोसा रखिए वह हमारे साथ होता है।


इसलिये परमेश्वर के बलवन्त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: यहोशू 10:6-15

यहोशू 10:6 तक गिबोन के निवासियों ने गिलगाल की छावनी में यहोशू के पास यों कहला भेजा, कि अपने दासों की ओर से तू अपना हाथ न हटाना; शीघ्र हमारे पास आकर हमें बचा ले, और हमारी सहायता कर; क्योंकि पहाड़ पर रहने वाले एमोरियों के सब राजा हमारे विरुद्ध इकट्ठे हए हैं।

यहोशू 10:7 तब यहोशू सारे योद्धाओं और सब शूरवीरों को संग ले कर गिलगाल से चल पड़ा।

यहोशू 10:8 और यहोवा ने यहोशू से कहा, उन से मत डर, क्योंकि मैं ने उन को तेरे हाथ में कर दिया है; उन में से एक पुरुष भी तेरे सामने टिक न सकेगा।

यहोशू 10:9 तब यहोशू रातोंरात गिलगाल से जा कर एकाएक उन पर टूट पड़ा।

यहोशू 10:10 तब यहोवा ने ऐसा किया कि वे इस्राएलियों से घबरा गए, और इस्राएलियों ने गिबोन के पास उनका बड़ा संहार किया, और बेथोरान के चढ़ाई पर उनका पीछा कर के अजेका और मक्केदा तक उन को मारते गए।

यहोशू 10:11 फिर जब वे इस्राएलियों के सामने से भागकर बेथोरोन की उतराई पर आए, तब अजेका पहुंचने तक यहोवा ने आकाश से बड़े बड़े पत्थर उन पर बरसाए, और वे मर गए; जो ओलों से मारे गए उनकी गिनती इस्राएलियों की तलवार से मारे हुओं से अधिक थी।

यहोशू 10:12 और उस समय, अर्थात जिस दिन यहोवा ने एमोरियों को इस्राएलियों के वश में कर दिया, उस दिन यहोशू ने यहोवा से इस्राएलियों के देखते इस प्रकार कहा, हे सूर्य, तू गिबोन पर, और हे चन्द्रमा, तू अय्यालोन की तराई के ऊपर थमा रह।

यहोशू 10:13 और सूर्य उस समय तक थमा रहा; और चन्द्रमा उस समय तक ठहरा रहा, जब तक उस जाति के लोगों ने अपने शत्रुओं से पलटा न लिया। क्या यह बात याशार नाम पुस्तक में नहीं लिखी है कि सूर्य आकाश-मण्डल के बीचों-बीच ठहरा रहा, और लगभग चार पहर तक न डूबा?

यहोशू 10:14 न तो उस से पहिले कोई ऐसा दिन हुआ और न उसके बाद, जिस में यहोवा ने किसी पुरुष की सुनी हो; क्योंकि यहोवा तो इस्राएल की ओर से लड़ता था।

यहोशू 10:15 तब यहोशू सारे इस्राएलियों समेत गिलगाल की छावनी को लौट गया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 84-86
  • रोमियों 12


मंगलवार, 11 अगस्त 2020

कार्य


    किराने की दुकान पर सामान खरीदने जाना कोई ऐसा कार्य नहीं है जो मुझे पसंद आता है – यह बस दैनिक जीवन की एक आवश्यकता है, जिसे निभाना होता है। लेकिन इस कार्य का एक भाग है जो मुझे अनपेक्षित रीति से अच्छा लगने लगा है, और मुझे जिसकी अभिलाषा रहती है  - दुकान पर सामान के पैसे चुकाने के लिए फ्रैड वाली पंक्ति में खड़े होना। फ्रैड सामान का हिसाब लगाने और पैसे चुकाने को बहुत तेज़ी से करता है, उसके मुँह पर सदा ही एक बड़ी से मुस्कान रहती है, और वह कभी कभी यह करते हुए नाचता या गाना भी गाता रहता है, तथा साथ ही न टूटने वाले सामान को एक कलाकार के समान उछाल कर प्लास्टिक के थैले में डालता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि फ्रैड को अपना कार्य पसंद है, यद्यपि वह ऐसा कार्य है जो सामान्यतः बहुत उबाऊ समझा जाता है। चाहे थोड़ी सी देर ही के लिए सही, लेकिन फ्रैड की आनन्दित आत्मा, उसकी पंक्ति में खड़े लोगों के जीवन को आनन्दित कर देती है।

    फ्रैड जिस प्रकार से अपना कार्य करता है, उससे मैं उसकी सराहना और आदर करने लगा हूँ। उसका हंसमुख रवैया, सेवा भाव, और कार्य के प्रति लगन, सभी परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस प्रेरित द्वारा कुलुस्से की मसीही मंडली को कार्य करने के संबंध में लिखे गए निर्देशों से मेल खाता है। पौलुस ने उन्हें लिखा, और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो” (कुलुस्सियों 3:23)।

    जब हम प्रभु यीशु के साथ संबंध में बंधे होते हैं, तो हमें जो भी कार्य करना हो, वह हमारे जीवनों में उसे प्रतिबिंबित करने का अवसर प्रदान करता है। कोई भी कार्य, न तो छोटा है और न बड़ा! हमें अपनी जिम्मेदारियों को, वो चाहे जो भी हों, आनन्द, रचनात्मकता, और उत्तमता के साथ निर्वाह करने से अवसर रहता है कि हम अपने आस पास के लोगों पर मसीही जीवन का प्रभाव डाल सकें, चाहे हमारा कार्य कुछ भी हो। - एडम होल्ज़

 

संतुष्टि का कार्य करने का सर्वोत्तम तरीका है, हर कार्य को प्रभु के लिए करना।


और जो जो काम उसने परमेश्वर के भवन की उपासना और व्यवस्था और आज्ञा के विषय अपने परमेश्वर की खोज में किया, वह उसने अपना सारा मन लगाकर किया और उस में कृतार्थ भी हुआ। - 2 इतिहास 31:21

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:18-23

कुलुस्सियों 3:18 हे पत्नियों, जेसा प्रभु में उचित है, वैसा ही अपने अपने पति के आधीन रहो।

कुलुस्सियों 3:19 हे पतियों, अपनी अपनी पत्नी से प्रेम रखो, और उन से कठोरता न करो।

कुलुस्सियों 3:20 हे बालको, सब बातों में अपने अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करो, क्योंकि प्रभु इस से प्रसन्न होता है।

कुलुस्सियों 3:21 हे बच्चे वालो, अपने बालकों को तंग न करो, न हो कि उन का साहस टूट जाए।

कुलुस्सियों 3:22 हे सेवकों, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करने वालों के समान दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से।

कुलुस्सियों 3:23 और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 81-83
  • रोमियों 11:19-36


सोमवार, 10 अगस्त 2020

विलाप


    बाहमास के नासाऊ में स्थित क्लिफटन हेरिटेज नैशनल पार्क जाना, इतिहास के एक त्रासदी पूर्ण समय में जाना है। जहाँ पर पानी और भूमि मिलते हैं, वहाँ से पत्थर की सीढ़ियाँ ऊपर चट्टान पर स्थित स्थान को ले जाती हैं। अठारहवीं शताब्दी में जो दास जहाज़ों द्वारा बाहमास लाए जाते थे, वे उन्हीं सीढ़ियों को चढ़कर ऊपर आते थे, बहुधा अपने परिवारों को पीछे छोड़ कर एक अमानवीय बर्ताव में कदम रखने के लिए। वहाँ के सबसे ऊंचे स्थान पर उन दासों के लिए एक स्मारक बनाया गया है। देवदार के पेड़ों पर स्त्रियों की मूर्तियाँ तराशी गई हैं, जो समुद्र की ओर देख रही हैं, अपनी मातृभूमि और उन रिश्तेदारों की लालसा में जिन्हें वे अब खो चुकी हैं। प्रत्येक मूर्ति पर दासों को लाने वाले जहाज़ों के कप्तानों के कोड़ों के निशान भी बने हुए हैं।

    उन स्त्रियों की ये मूर्तियाँ जो उसका शोक कर रही हैं जो उन्होंने खो दिया है, मुझे स्मरण दिलाती हैं कि संसार के अन्याय और टूटी हुई प्रणालियों को पहचानने की कितनी आवश्यकता है, और उनके लिए शोक तथा विलाप करने की। विलाप करने का यह अर्थ नहीं है कि हमारे पास कोई आशा नहीं है; वरन यह परमेश्वर के साथ सत्यनिष्ठ होने का एक तरीका है। यह मसीहियों के लिए एक परिचित बात होनी चाहिए; परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन संहिता के लगभग चालीस प्रतिशत भजन, विलाप के भजन हैं, और विलापगीत की पुस्तक में परमेश्वर के लोग उसके सामने विलाप करते हैं क्योंकि आक्रमणकारियों ने उनके नगर में घुसकर उसे नष्ट कर दिया था।

    विलाप करना सताव के दुःख की एक उचित प्रतिक्रिया है और इससे परमेश्वर के साथ दुःख और परेशानी में संपर्क किया जा सकता है। अन्ततः विलाप करना आशावादी होता है, जब हम उसके लिए विलाप करते हैं जो सही नहीं है, और हम अपने आप से तथा औरों से उससे संबंधित परिवर्तन को लाने के लिए सक्रिय होने और बदलाव लाने की अपेक्षा करते हैं।

    और इसी लिए नासाऊ के उस मूर्तियों के बगीचे का नाम “जेनिसिस” (उत्पत्ति) रखा गया है – विलाप के उस स्थान को एक नए आरंभ का स्थान भी माना गया है। - एमी पीटरसन

 

हम भरोसा रख सकते हैं कि हमारे विलाप के समयों में से परमेश्वर कुछ नया आरंभ करेगा।


मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उसने मेरी ओर झुककर मेरी दुहाई सुनी। उसने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा कर के मेरे पैरों को दृढ़ किया है। - भजन 40:1-2

बाइबल पाठ: विलापगीत 3:49-58

विलापगीत 3:49 मेरी आंख से लगातार आंसू बहते रहेंगे,

विलापगीत 3:50 जब तक यहोवा स्वर्ग से मेरी ओर न देखे;

विलापगीत 3:51 अपनी नगरी की सब स्त्रियों का हाल देखने पर मेरा दु:ख बढ़ता है।

विलापगीत 3:52 जो व्यर्थ मेरे शत्रु बने हैं, उन्होंने निर्दयता से चिडिय़ा के समान मेरा अहेर किया है;

विलापगीत 3:53 उन्होंने मुझे गड़हे में डाल कर मेरे जीवन का अन्त करने के लिये मेरे ऊपर पत्थर लुढ़काए हैं;

विलापगीत 3:54 मेरे सिर पर से जल बह गया, मैं ने कहा, मैं अब नाश हो गया।

विलापगीत 3:55 हे यहोवा, गहरे गड़हे में से मैं ने तुझ से प्रार्थना की;

विलापगीत 3:56 तू ने मेरी सुनी कि जो दुहाई देकर मैं चिल्लाता हूँ उस से कान न फेर ले!

विलापगीत 3:57 जब मैं ने तुझे पुकारा, तब तू ने मुझ से कहा, मत डर!

विलापगीत 3:58 हे यहोवा, तू ने मेरा मुक़द्दमा लड़ कर मेरा प्राण बचा लिया है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 79-80
  • रोमियों 11:1-18


रविवार, 9 अगस्त 2020

पिता


    जब हमारा बेटा, ज़ेवियर, छोटा था, तब अकसर मेरे पति को काम के लिए बाहर, घर से दूर, जाना पड़ता था। यद्यपि उसके पिता उससे फोन पर बातें करते रहते थे, फिर भी कभी-कभी, कुछ रातें ऐसी होती थीं जब केवल फोन पर बात करने भर से ही ज़ेवियर संतुष्ट नहीं होता था। ऐसे में, जब उसे अपने पिता की कमी अखरती थी, तो मैं रात को सोने जाने से पहले परिवार की फोटो के एलबम को लेकर उसके साथ बैठती थी, और उसे वे फोटो दिखाती थी जिनमें वह अपने पिता के साथ होता था, और उसे उन फोटो से संबंधित बातों को स्मरण करवाती थी। इन सभी स्मृतियों के ताज़ा होने से हमारे बेटे को दिलासा मिलती थी, वह आनन्दित होता था, और अकसर कहा करता था, “मेरे पिताजी बहुत अच्छे हैं।”  

    मैंने ज़ेवियर की उसके पिता के प्रेम को याद दिलाए जाने की आवश्यकता को समझा, विशेषकर तब, जब वह उनें देख नहीं पाता था। मैं भी जब अकेलेपन से होकर निकलती हूँ, तो मेरी भी लालसा होती है कि कोई मुझे स्मरण करवाए कि मैं भी प्रेम की पात्र हूँ, विशेषकर अपने स्वर्गीय पिता परमेश्वर के प्रेम की।

    परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने अपने शत्रुओं से छिपे हुए होने के समय में परमेश्वर की गहरी अभिलाषा को व्यक्त किया (भजन 63:1)। जब उसने परमेश्वर के साथ उसके व्यक्तिगत संपर्क की बातों, परमेश्वर की असीम सामर्थ्य और संतुष्ट करने वाले प्रेम का ध्यान किया, तो उसने परमेश्वर की आराधना की (पद 2-5)। अपनी सबसे कठिन रातों में भी दाऊद अपने स्वर्गीय पिता परमेश्वर की प्रेम भरी देखभाल में आश्वस्त होकर आनन्दित हो सका (पद 6-8)।

    हमारे कठिन समयों में, जब हमें ऐसा लगे कि परमेश्वर हमारे लिए उपलब्ध नहीं है, तब हमें उन स्मृतियों की आवश्यकता होती है कि परमेश्वर कौन है और उसने कैसे अपने प्रेम को हमें अनुभव करवाया है। उसके साथ हमारे व्यक्तिगत अनुभवों पर विचार करते हुए, और पवित्र शास्त्र में लिखे उसके कार्यों को स्मरण करने से हम अनेकों प्रकार से जान सकते हैं कि हमारा अच्छा परमेश्वर पिता हम से प्रेम करता है। - होकिटिल डिक्सन

 

परमेश्वर के कार्यों को स्मरण करने के द्वारा, 

जो उसके चरित्र को प्रकट करते हैं, 

हम उसके प्रेम के लिए आश्वस्त हो सकते हैं।


उन बातों को सोचता रह, और इन्हीं में अपना ध्यान लगाए रह ताकि तेरी उन्नति सब पर प्रगट हो। अपनी और अपने उपदेश की चौकसी रख। - 1तिमुथियुस 4:15

बाइबल पाठ: भजन 63

भजन 63:1 हे परमेश्वर, तू मेरा ईश्वर है, मैं तुझे यत्न से ढूंढूंगा; सूखी और निर्जल ऊसर भूमि पर, मेरा मन तेरा प्यासा है, मेरा शरीर तेरा अति अभिलाषी है।

भजन 63:2 इस प्रकार से मैं ने पवित्र स्थान में तुझ पर दृष्टि की, कि तेरी सामर्थ्य और महिमा को देखूं।

भजन 63:3 क्योंकि तेरी करुणा जीवन से भी उत्तम है मैं तेरी प्रशंसा करूंगा।

भजन 63:4 इसी प्रकार मैं जीवन भर तुझे धन्य कहता रहूंगा; और तेरा नाम ले कर अपने हाथ उठाऊंगा।

भजन 63:5 मेरा जीव मानो चर्बी और चिकने भोजन से तृप्त होगा, और मैं जयजयकार कर के तेरी स्तुति करूंगा।

भजन 63:6 जब मैं बिछौने पर पड़ा तेरा स्मरण करूंगा, तब रात के एक एक पहर में तुझ पर ध्यान करूंगा;

भजन 63:7 क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, इसलिये मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूंगा।

भजन 63:8 मेरा मन तेरे पीछे पीछे लगा चलता है; और मुझे तो तू अपने दाहिने हाथ से थाम रखता है।

भजन 63:9 परन्तु जो मेरे प्राण के खोजी हैं, वे पृथ्वी के नीचे स्थानों में जा पड़ेंगे;

भजन 63:10 वे तलवार से मारे जाएंगे, और गीदड़ों का आहार हो जाएंगे।

भजन 63:11 परन्तु राजा परमेश्वर के कारण आनन्दित होगा; जो कोई ईश्वर की शपथ खाए, वह बड़ाई करने पाएगा; परन्तु झूठ बोलने वालों का मुंह बन्द किया जाएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 77-78
  • रोमियों 10