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रविवार, 6 सितंबर 2020

सामर्थ्य


         शरीर की माँसपेशियों को विकसित कर के उनके प्रदर्शन की प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने वाले लोग अपने आप को एक कठोर प्रशिक्षण से लेकर जाते हैं। उनके प्रशिक्षण के आरंभिक महीने शरीर की माँसपेशियों को आकार और बल में बढ़ाने में निकलते हैं। जब प्रतिस्पर्धा का समय निकट आता है, तो उनका प्रशिक्षण और तैयारी शरीर की चर्बी को कम से कम कर देने होती है, जिससे माँसपेशियाँ स्पष्ट दिखाई दें। और स्पर्धा से ठीक पहले के कुछ दिनों में वे शरीर की आवश्यकता से कम पानी पीते हैं जिससे उनकी माँसपेशियाँ बिलकुल स्पष्ट दिखाई दें। इस कारण प्रतिस्पर्धा के दिन, चाहे वे कितने ही बलवान क्यों न दिखाई दें, वास्तविकता में वे लोग अपनी सबसे दुर्बल स्थिति में होते हैं।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में 2 इतिहास 20 अध्याय में हम इसके बिलकुल विपरीत स्थिति के बारे में पढ़ते हैं – परमेश्वर की सामर्थ्य प्राप्त करने के लिए अपनी दुर्बल स्थिति को स्वीकार करना। लोगों ने राजा यहोशापात से कहा, “एक विशाल सेना तेरे विरुद्ध युद्ध करने के लिए आ रही है”, और यह जानकार उसने सारे यहूदा में उपवास की घोषणा की (पद 3), अपने आप को और यहूदा के सभी लोगों को भोजन सामग्री और उन्हें बल देने वाले पोषण से वंचित कर दिया, और फिर परमेश्वर से सहायता के लिए निवेदन किया।

         परमेश्वर से आश्वासन और मार्गदर्शन प्राप्त करने के बाद जब राजा ने सेना को एकत्रित किया, तो युद्ध भूमि में सेना को भेजते समय गाने वालों को सेना के आगे-आगे परमेश्वर की स्तुति के भजन गाते हुए चलने के लिए नियुक्त किया (पद 21)। जब उन्होंने परमेश्वर का स्तुतिगान करना आरंभ किया, जिस समय वे गाकर स्तुति करने लगे, उसी समय यहोवा ने अम्मोनियों, मोआबियों और सेईर के पहाड़ी देश के लोगों पर जो यहूदा के विरुद्ध आ रहे थे, घातकों को बैठा दिया और वे मारे गए” (पद 22)।

         यहोशापात का यह निर्णय परमेश्वर में उसके गहरे और दृढ़ विश्वास को दिखाता है। उसने जानते-बूझते हुए न तो अपनी न ही अपनी सेना के मानवीय सामर्थ्य और कौशल पर निर्भर होने को चुना। यह हमारे लिए एक सजीव उदाहरण है कि जब हम अपनी परीक्षाओं का सामना अपनी बुद्धि, अपनी योग्यता, अपनी क्षमता आदि के आधार पर करने के स्थान पर परमेश्वर की सामर्थ्य से करते हैं, तो परमेश्वर एक अद्भुत विजय दिलाता है। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर की सामर्थ्य को अनुभव करने के लिए हमें अपनी दुर्बलता को स्वीकार करना अनिवार्य है।


परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 20:1-3, 14-22

2 इतिहास 20:1 इसके बाद मोआबियों और अम्मोनियों ने और उनके साथ कई मूनियों ने युद्ध करने के लिये यहोशापात पर चढ़ाई की।

2 इतिहास 20:2 तब लोगों ने आकर यहोशापात को बता दिया, कि ताल के पार से एदोम देश की ओर से एक बड़ी भीड़ तुझ पर चढ़ाई कर रही है; और देख, वह हसासोन्तामार तक जो एनगदी भी कहलाता है, पहुंच गई है।

2 इतिहास 20:3 तब यहोशापात डर गया और यहोवा की खोज में लग गया, और पूरे यहूदा में उपवास का प्रचार करवाया।

2 इतिहास 20:14 तब आसाप के वंश में से यहजीएल नाम एक लेवीय जो जकर्याह का पुत्र और बनायाह का पोता और मत्तन्याह के पुत्र यीएल का परपोता था, उस में मण्डली के बीच यहोवा का आत्मा समाया।

2 इतिहास 20:15 और वह कहने लगा, हे सब यहूदियों, हे यरूशलेम के रहनेवालों, हे राजा यहोशापात, तुम सब ध्यान दो; यहोवा तुम से यों कहता है, तुम इस बड़ी भीड़ से मत डरो और तुम्हारा मन कच्चा न हो; क्योंकि युद्ध तुम्हारा नहीं, परमेश्वर का है।

2 इतिहास 20:16 कल उनका सामना करने को जाना। देखो वे सीस की चढ़ाई पर चढ़े आते हैं और यरूएल नाम जंगल के सामने नाले के सिरे पर तुम्हें मिलेंगे।

2 इतिहास 20:17 इस लड़ाई में तुम्हें लड़ना न होगा; हे यहूदा, और हे यरूशलेम, ठहरे रहना, और खड़े रह कर यहोवा की ओर से अपना बचाव देखना। मत डरो, और तुम्हारा मन कच्चा न हो; कल उनका सामना करने को चलना और यहोवा तुम्हारे साथ रहेगा।

2 इतिहास 20:18 तब यहोशापात भूमि की ओर मुंह कर के झुका और सब यहूदियों और यरूशलेम के निवासियों ने यहोवा के सामने गिर के यहोवा को दण्डवत किया।

2 इतिहास 20:19 और कहातियों और कोरहियों में से कुछ लेवीय खड़े हो कर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की स्तुति अत्यन्त ऊंचे स्वर से करने लगे।

2 इतिहास 20:20 बिहान को वे सबेरे उठ कर तकोआ के जंगल की ओर निकल गए; और चलते समय यहोशापात ने खड़े हो कर कहा, हे यहूदियों, हे यरूशलेम के निवासियों, मेरी सुनो, अपने परमेश्वर यहोवा पर विश्वास रखो, तब तुम स्थिर रहोगे; उसके नबियों की प्रतीत करो, तब तुम कृतार्थ हो जाओगे।

2 इतिहास 20:21 तब उसने प्रजा के साथ सम्मति कर के कितनों को ठहराया, जो कि पवित्रता से शोभायमान हो कर हथियार-बन्दों के आगे आगे चलते हुए यहोवा के गीत गाएं, और यह कहते हुए उसकी स्तुति करें, कि यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि उसकी करुणा सदा की है।

2 इतिहास 20:22 जिस समय वे गाकर स्तुति करने लगे, उसी समय यहोवा ने अम्मोनियों, मोआबियों और सेईर के पहाड़ी देश के लोगों पर जो यहूदा के विरुद्ध आ रहे थे, घातकों को बैठा दिया और वे मारे गए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 148-150
  • 1 कुरिन्थियों 15:29-58

शनिवार, 5 सितंबर 2020

भेद-भाव

 

         हमारे पड़ोस में घरों के चारों ओर कॉन्क्रीट की ऊँची दीवारें हैं, और कई ऐसी हैं जिनके ऊपर कटीले तार लगे हैं, जिनमें बिजली प्रवाहित होती है। इन सभी का उद्देश्य है चोरों को घरों में आने से रोकना। हमारे निवास-स्थान पर विद्युत की कटौती भी बहुत आम बात है। इस कटौती के कारण बाहर के दरवाज़े की घंटी अकसर किसी काम की नहीं रहती है – जब बिजली नहीं होती है तो घर आने वाला व्यक्ति बाहर झुलसाने वाली धूप या तेज़ बारिश में खड़ा हुआ हो सकता है, और अन्दर किसी को पता भी नहीं चलता है। लेकिन जब घंटी काम भी कर रही होती है, तब भी आने वाले आगंतुक को घर में प्रवेश देना, आने वाला कौन है पर निर्भर करता है। हमारी दीवारें अच्छा उद्देश्य तो पूरा करती हैं, परन्तु वे भेद-भाव की दीवारें भी बन सकती हैं – चाहे आगंतुक कोई बुरे उद्देश्य से जबरन घुस आने वाला न भी हो।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु जिस सामरी स्त्री से कुएँ पर मिले थे, वह भी भेद-भाव का सामना कर रही थी। यहूदी लोग सामरियों के साथ कोई व्यवहार नहीं रखते थे। इसलिए जब प्रभु यीशु ने उससे पीने के लिए पानी माँगा तो उसने कहा, उस सामरी स्त्री ने उस से कहा, तू यहूदी हो कर मुझ सामरी स्त्री से पानी क्यों मांगता है?” (यूहन्ना 4:9)। जब वह प्रभु यीशु के साथ वार्तालाप करने लगी, तो उसे जीवन परिवर्तित करने वाला अनुभव हुआ, जिसका सकारात्मक प्रभाव उसके अपने तथा वहाँ के लोगों पर भी पड़ा (पद 39-42)। प्रभु यीशु मसीह में होकर उनके बीच की भेद-भाव की दीवार गिर गई।

         विभिन्न कारणों के आधार पर भेद-भाव करने की समस्या और प्रलोभन वास्तविक है। किन्तु जैसा प्रभु यीशु ने हमें अपने जीवन के उदाहरण से दिखाया है, हमें सभी लोगों से संपर्क बनाना है, वे चाहे किसी भी राष्ट्रीयता, जाति, सामाजिक स्तर, या ख्याति के हों। वह सभी के मध्य के भेद-भाव की दीवारों को गिरा कर, सभी को एक करके अपने साथ रखने के लिए आया था। - लॉरेंस दर्मानी

 

प्रभु यीशु में भेद-भाव की दीवारें ढा दी जाती हैं।


तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्राएल की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वर रहित थे। पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लहू के द्वारा निकट हो गए हो। क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। - इफिसियों 2:12-14

बाइबल पाठ: यूहन्ना 4:7-14, 39-42

यूहन्ना 4:7 इतने में एक सामरी स्त्री जल भरने को आई: यीशु ने उस से कहा, मुझे पानी पिला।

यूहन्ना 4:8 क्योंकि उसके चेले तो नगर में भोजन मोल लेने को गए थे।

यूहन्ना 4:9 उस सामरी स्त्री ने उस से कहा, तू यहूदी हो कर मुझ सामरी स्त्री से पानी क्यों मांगता है? (क्योंकि यहूदी सामरियों के साथ किसी प्रकार का व्यवहार नहीं रखते)।

यूहन्ना 4:10 यीशु ने उत्तर दिया, यदि तू परमेश्वर के वरदान को जानती, और यह भी जानती कि वह कौन है जो तुझ से कहता है; मुझे पानी पिला तो तू उस से मांगती, और वह तुझे जीवन का जल देता।

यूहन्ना 4:11 स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, तेरे पास जल भरने को तो कुछ है भी नहीं, और कुआं गहरा है: तो फिर वह जीवन का जल तेरे पास कहां से आया?

यूहन्ना 4:12 क्या तू हमारे पिता याकूब से बड़ा है, जिसने हमें यह कुआं दिया; और आप ही अपने सन्तान, और अपने ढोरों समेत उस में से पीया?

यूहन्ना 4:13 यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा।

यूहन्ना 4:14 परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा।

यूहन्ना 4:39 और उस नगर के बहुत सामरियों ने उस स्त्री के कहने से, जिसने यह गवाही दी थी, कि उसने सब कुछ जो मैं ने किया है, मुझे बता दिया, विश्वास किया।

यूहन्ना 4:40 तब जब ये सामरी उसके पास आए, तो उस से बिनती करने लगे, कि हमारे यहां रह: सो वह वहां दो दिन तक रहा।

यूहन्ना 4:41 और उसके वचन के कारण और भी बहुतेरों ने विश्वास किया।

यूहन्ना 4:42 और उस स्त्री से कहा, अब हम तेरे कहने ही से विश्वास नहीं करते; क्योंकि हम ने आप ही सुन लिया, और जानते हैं कि यही सचमुच में जगत का उद्धारकर्ता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 146-147
  • 1 कुरिन्थियों 15:1-28

शुक्रवार, 4 सितंबर 2020

सृष्टिकर्ता

 

         सन 2011 में अमेरिका की नैशनल एरोनॉटिक्स एन्ड स्पेस एजेंसी (नासा) ने अपने द्वारा अंतरिक्ष की खोज के तीस वर्ष का उत्सव मनाया। इन तीन दशकों में नासा द्वारा भेजे गए अंतरिक्ष यानों में 355 से भी अधिक लोग अंतरिक्ष में भेजे गए और उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के निर्माण में भी भाग लिया। अपने पाँच अंतरिक्ष यानों को सेवा-निवृत्त करने के बाद अब नासा ने अपना ध्यान सुदूर अंतरिक्ष की खोज पर केन्द्रित किया है।

         मानव जाति ने अपना बहुत समय और धन अंतरिक्ष की खोज और अध्ययन में लगाया है, और कुछ अंतरिक्ष यात्री यह करते हुए मारे भी गए हैं। परन्तु परमेश्वर की अद्भुत रचना और महिमा का यह प्रमाण हमारे नापने की क्षमता से भी कहीं अधिक दूर तक फैला हुआ है।

         जब हम अंतरिक्ष के रचयिता और संभालने वाले के बारे में विचार करते हैं, वह जो प्रत्येक सितारे को नाम से जानता है (यशायाह 40:26), तब हम समझ सकते हैं कि भजनकार दाऊद उसकी महानता का गुणगान क्यों करता है (भजन 8:1)। परमेश्वर के हाथों के निशान उसके द्वारा स्थापित किए गए चाँद और सितारों में हैं (पद 3)। स्वर्ग और पृथ्वी का सृजनहार सभी पर प्रभुता करता है, फिर भी अपने प्रिय बच्चों के निकट रहता है, प्रत्येक की व्यक्तिगत रीति और घनिष्ठता से देखभाल करता है (पद 4)। अपने बड़े प्रेम में होकर परमेश्वर हमें महान सामर्थ्य, जिम्मेदारियां, और अवसर देता है कि हम उसकी सृष्टि की देखभाल करें, उसे जानें (पद 5-8)।

         जब हम सितारों से भरे आकाश को देखते हैं, और उसके बारे में जानकारी एकत्रित करते हैं, तो हमारा सृष्टिकर्ता हमें आमंत्रित करता है कि हम उत्साह और लगन के साथ उसके खोजी बनें। हमारा सृष्टिकर्ता प्रभु परमेश्वर हमारी प्रत्येक प्रार्थना और स्तुति-गान  को सुनता है। - होकिटिल डिक्सन

 

परमेश्वर की महानता उसकी अद्भुत विशालता और घनिष्ठ निकटता में प्रकट है।


आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1

बाइबल पाठ: भजन 8:1-9

भजन संहिता 8:1 हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है।

भजन संहिता 8:2 तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे।

भजन संहिता 8:3 जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तारागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं;

भजन संहिता 8:4 तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?

भजन संहिता 8:5 क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है।

भजन संहिता 8:6 तू ने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है; तू ने उसके पांव तले सब कुछ कर दिया है।

भजन संहिता 8:7 सब भेड़- बकरी और गाय- बैल और जितने वन-पशु हैं,

भजन संहिता 8:8 आकाश के पक्षी और समुद्र की मछलियां, और जितने जीव- जन्तु समुद्रों में चलते फिरते हैं।

भजन संहिता 8:9 हे यहोवा, हे हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 143-145
  • 1 कुरिन्थियों 14:21-40

गुरुवार, 3 सितंबर 2020

यात्रा

 

         कभी-कभी यह जीवन यात्रा इतनी कठिन हो जाती है कि हम अभिभूत हो जाते हैं, और हमें लगता है कि अंधकार का कोई अन्त ही नहीं है। हमारे पारिवारिक जीवन में भी एक समय ऐसा चल रहा था, और एक प्रातः मेरी पत्नी जब परमेश्वर के साथ संगति और प्रार्थना के अपने एकांत-समय के बाद जब बाहर आई तो उसने कहा, “मुझे लगता है कि परमेश्वर चाहता है कि इस अन्धकार में हम जो शिक्षाएँ प्राप्त करें, उन्हें अपने उजियाले के समयों में कभी भूलें नहीं।”

         परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस भी कुछ ऐसा ही विचार कोरिन्थ के मसीही मण्डली को लिखी उसकी दूसरी पत्री में व्यक्त करता है (2 कुरिन्थियों 1), उन्हें अपने उन कठिन अनुभवों के बारे में बताने के पश्चात जिनका सामना उसे और उसके साथियों को एशिया में करना पड़ा था। पौलुस चाहता था कि कोरिन्थ के मसीही विश्वासी यह समझ सकें कि किस प्रकार परमेश्वर हमारे सबसे अंधकारपूर्ण समय का भी सदुपयोग कर सकता है। वह कहता है कि हम सांत्वना इसलिए पाते हैं, जिससे औरों को सांत्वना देना सीख सकें (पद 4)। पौलुस और उसके साथी अपनी परीक्षा के समयों में परमेश्वर से वे बातें सीख रहे थे जिनका प्रयोग वे कोरिन्थ के लोगों को सिखाने और सांत्वना देने के लिए कर सकते थे, जब कोरिन्थ के लोग परीक्षाओं में से हो कर निकलें। और परमेश्वर यही हम सभी के लिए भी करता है। वह हमारी परीक्षाओं का सदुपयोग हमें वह सिखाने के लिए करेगा जिसका प्रयोग हम औरों की सेवा में कर सकें।

         क्या अपनी जीवन यात्रा में आप अभी अन्धकार के समय में हैं? पौलुस के वचन और अनुभव से प्रोत्साहित हों। भरोसा रखें कि अभी इस समय में भी परमेश्वर आपके कदमों को निर्धारित दिशा में ले कर जा रहा है, साथ ही आपके हृदय पर अपने सत्यों को बैठा रहा, जिससे कि आप उन्हें औरों के साथ, जो ऐसी ही परिस्थितियों में हों, बाँट सकें, उन्हें उभार सकें। जब आप यात्रा की उन कठिनाइयों के अनुभवों से परिचित होंगे, तो अन्य यात्रा करने वालों का भी मार्गदर्शन कर सकेंगे। - रैंडी किल्गोर

 

अन्धकार में हम जो शिक्षाएँ प्राप्त करें, उन्हें अपने उजियाले के समयों में कभी भूलें नहीं।


क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है। - 2 कुरिन्थियों 4:17

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 1:3-11

2 कुरिन्थियों 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्ति का परमेश्वर है।

2 कुरिन्थियों 1:4 वह हमारे सब क्लेशों में शान्ति देता है; ताकि हम उस शान्ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्लेश में हों।

2 कुरिन्थियों 1:5 क्योंकि जैसे मसीह के दुख हम अधिक सहभागी होते हैं, वैसे ही हमारी शान्ति भी मसीह के द्वारा अधिक होती है।

2 कुरिन्थियों 1:6 यदि हम क्लेश पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति और उद्धार के लिये है और यदि शान्ति पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति के लिये है; जिस के प्रभाव से तुम धीरज के साथ उन क्लेशों को सह लेते हो, जिन्हें हम भी सहते हैं।

2 कुरिन्थियों 1:7 और हमारी आशा तुम्हारे विषय में दृढ़ है; क्योंकि हम जानते हैं, कि तुम जैसे दुखों के वैसे ही शान्ति के भी सहभागी हो।

2 कुरिन्थियों 1:8 हे भाइयों, हम नहीं चाहते कि तुम हमारे उस क्लेश से अनजान रहो, जो आसिया में हम पर पड़ा, कि ऐसे भारी बोझ से दब गए थे, जो हमारी सामर्थ्य से बाहर था, यहां तक कि हम जीवन से भी हाथ धो बैठे थे।

2 कुरिन्थियों 1:9 वरन हम ने अपने मन में समझ लिया था, कि हम पर मृत्यु की आज्ञा हो चुकी है कि हम अपना भरोसा न रखें, वरन परमेश्वर का जो मरे हुओं को जिलाता है।

2 कुरिन्थियों 1:10 उसी ने हमें ऐसी बड़ी मृत्यु से बचाया, और बचाएगा; और उस से हमारी यह आशा है, कि वह आगे को भी बचाता रहेगा।

2 कुरिन्थियों 1:11 और तुम भी मिलकर प्रार्थना के द्वारा हमारी सहायता करोगे, कि जो वरदान बहुतों के द्वारा हमें मिला, उसके कारण बहुत लोग हमारी ओर से धन्यवाद करें।

  

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 140-142
  • 1 कुरिन्थियों 14:1-20

बुधवार, 2 सितंबर 2020

सामर्थ्य

 

         मसीही विश्वासी के जीवन से संबंधित एक उत्कृष्ट रूपक कथा “हाइन्ड्स फीट इन हाई प्लेसेस” (हिरन के समान पैरों के द्वारा ऊंचाइयों पर) परमेश्वर के वचन बाइबल में हबक्कूक 3:19 पर आधारित है। कहानी की मुख्य पात्र ‘मच-अफ्रेड’ (अत्यधिक भयभीत) है जो एक चरवाहे के साथ यात्रा पर निकली है। किन्तु मार्ग की कठिनाइयों से ‘मच-अफ्रेड’ बहुत भयभीत है, इसलिए वह चरवाहे से कहती है कि उसे उठा कर ले चले। चरवाहा कोमलता से उत्तर देता है, “मैं तुम्हें वहाँ तक अपने आप से चढ़ने के लिए छोड़ देने के स्थान पर, तुम्हें उठाकर ऊंचाइयों तक लेकर जा सकता हूँ, परन्तु यदि मैं ऐसा करूँगा तो तुम कभी भी हिरन के समान पैर विकसित करने नहीं पाओगी, और जहाँ-जहाँ मैं जाता हूँ वहाँ जाने के लिए मेरी साथी नहीं बन पाओगी।”

         ‘मच-अफ्रेड पुराने नियम के भविष्यद्वक्ता हबक्कूक के प्रश्न को (और यदि सच कहूँ तो मेरे भी प्रश्न को) उठाती है: “मुझे दुःख में से होकर क्यों निकलना होगा? मेरी यात्रा कठिन क्यों है?

         हबक्कूक सातवीं शताब्दी ईसा पूर्व के अंतिम भाग में यहूदा में रहता था, इस्राएलियों के बंधुवाई में निर्वासित होने से पहले। उस समय का उनका समाज बेबीलोन के अवश्यंभावी आक्रमण के भय से स्तब्ध हो रखा था, और उनमें सामाजिक अन्याय की अनदेखी होती थी (हबक्कूक 1:2-11)। भविष्यद्वक्ता ने परमेश्वर से हस्तक्षेप करने और दुःख को हटा लेने के लिए प्रार्थना की (1:13); और परमेश्वर ने उत्तर दिया कि वह अपने समय में न्याय के साथ उत्तर देगा (2:3)।

         विश्वास में हबक्कूक ने परमेश्वर पर भरोसा रखने का चुनाव किया। चाहे दुःख का अन्त न भी हो, भविष्यद्वक्ता का भरोसा था कि परमेश्वर उसकी सामर्थ्य बना रहेगा।

         हम भी इस बात से सांत्वना पा सकते हैं कि परमेश्वर हमारी सामर्थ्य है, वह दुःख के समय में हमें सहन करने की शक्ति देगा और हमारी जीवन यात्रा के सबसे चुनौतीपूर्ण समयों को भी मसीह यीशु के साथ हमारी सहभागिता को और गहरा करने के लिए उपयोग करेगा, उन अनुभवों से हमारे मसीही विश्वास की सामर्थ्य को बढ़ाएगा। - लिसा सामरा

 

हम कठिन समयों में परमेश्वर को हमारी सामर्थ्य बने रहने का भरोसा रख सकते हैं।


यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है। - भजन 23:1-2

बाइबल पाठ: हबक्कूक 3:16-19 

हबक्कूक 3:16 यह सब सुनते ही मेरा कलेजा कांप उठा, मेरे ओंठ थरथराने लगे; मेरी हड्डियां सड़ने लगीं, और मैं खड़े खड़े कांपने लगा। मैं शान्ति से उस दिन की बाट जोहता रहूंगा जब दल बांध कर प्रजा चढ़ाई करे।

हबक्कूक 3:17 क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों,

हबक्कूक 3:18 तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा।

हबक्कूक 3:19 यहोवा परमेश्वर मेरा बलमूल है, वह मेरे पांव हरिणों के समान बना देता है, वह मुझ को मेरे ऊंचे स्थानों पर चलाता है।

  

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 137-139
  • 1 कुरिन्थियों 13

मंगलवार, 1 सितंबर 2020

विश्वास


         अपने पुलिस स्टेशन वापस आने पर पुलिस सिपाही विक मिग्लियो, थका हुआ दीवार से टिक कर बैठ गया। घरेलू हिंसा के निपटारे में उसके कार्य का आधा समय व्यय हो गया था। उस हिंसा के परिणाम स्वरूप एक बॉयफ्रेंड हिरासत में था, एक युवती घायल अवस्था में आपात-कालीन चिकित्सा कक्ष में थी और एक विचलित माँ सोच रही थी कि यह सब कैसे हो गया? उस जवान पुलिस सिपाही के मन में यह घटना बहुत समय तक अपना प्रभाव बनाए रखेगी। उसके साथ के एक अन्य अधिकारी ने उसे समझाया, “अब तुम इसके बारे में और क्या कर सकते थे; बात को यहीं छोड़ दो।” परन्तु विक को सहानुभूति के ये शब्द खोखले प्रतीत हुए। कुछ पुलिस वाले अपने कार्य की हृदय-स्पर्शी घटनाओं को अपने कार्य-स्थल पर ही छोड़ देते हैं। परन्तु विक ऐसा नहीं था; विशेषकर इस प्रकार के कठोर मालों के लिए तो बिलकुल नहीं।

         उस पुलिस अधिकारी विक का हृदय प्रभु यीशु मसीह की करुणा को दिखाता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के शिष्यों ने उससे एक प्रश्न पूछा, स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है?” (मत्ती 18:1)। प्रभु ने एक बालक को अपने पास बुलाकर अपने शिष्यों से कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे” (पद 3)। फिर प्रभु ने किसी भी बालक को कोई भी हानि पहुंचाने वाले को सख्त चेतावनी दी (पद 6)। प्रभु के लिए बच्चे इतने विशेष हैं, कि उसने अपने शिष्यों से कहा, देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि स्वर्ग में उन के दूत मेरे स्वर्गीय पिता का मुंह सदा देखते हैं” (पद 10)।

         यह हमारे लिए कितनी आश्वस्त करने वाली बात है कि बच्चों के प्रति प्रभु यीशु का प्रेम, हम सभी के प्रति उसके प्रेम के साथ संबंधित है। इसीलिए वह हमें बच्चों के समान विश्वास रखने के द्वारा अपने पुत्र और पुत्री बनने का निमंत्रण देता है। - टिम गुस्ताफसन

 

हमारे सांसारिक परिवार हमें त्याग सकते हैं, परन्तु हमारा स्वर्गीय पिता हमें कभी नहीं त्यागेगा।


परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। - यूहन्ना 1:12

बाइबल पाठ: मत्ती 18:1-10

मत्ती 18:1 उसी घड़ी चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे, कि स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है?

मत्ती 18:2 इस पर उसने एक बालक को पास बुलाकर उन के बीच में खड़ा किया।

मत्ती 18:3 और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे।

मत्ती 18:4 जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा।

मत्ती 18:5 और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है।

मत्ती 18:6 पर जो कोई इन छोटों में से जो मुझ पर विश्वास करते हैं एक को ठोकर खिलाए, उसके लिये भला होता, कि बड़ी चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह गहिरे समुद्र में डुबाया जाता।

मत्ती 18:7 ठोकरों के कारण संसार पर हाय! ठोकरों का लगना अवश्य है; पर हाय उस मनुष्य पर जिस के द्वारा ठोकर लगती है।

मत्ती 18:8 यदि तेरा हाथ या तेरा पांव तुझे ठोकर खिलाए, तो काटकर फेंक दे; टुण्‍डा या लंगड़ा हो कर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो हाथ या दो पांव रहते हुए तू अनन्त आग में डाला जाए।

मत्ती 18:9 और यदि तेरी आंख तुझे ठोकर खिलाए, तो उसे निकाल कर फेंक दे। काना हो कर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो आंख रहते हुए तू नरक की आग में डाला जाए।

मत्ती 18:10 देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्‍छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि स्वर्ग में उन के दूत मेरे स्‍वर्गीय पिता का मुंह सदा देखते हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 135-136
  • '1 कुरिन्थियों 12

सोमवार, 31 अगस्त 2020

बचाव


         न्यू यॉर्क शहर में सन 2016 में लिफ्ट में फंस जाने की दुर्घटनाओं में इक्यावन लोगों के घायल होने और पाँच लोगों के मर जाने के बाद, लोगों को लिफ्ट के काम न करने की स्थिति में शांत रहने और सुरक्षित रहने के बारे में सिखाने के लिए विज्ञापनों को निकाला गया। यह देखा गया था कि जो सबसे अधिक घायल हुए थे, वे लोग थे जो अपने आप बाहर निकालने के प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी स्थिति में सबसे सुरक्षित बचाव का तरीका था कि लिफ्ट में लगी आपात-स्थिति की घंटी बजाएं, और शांत होकर सहायता आने की प्रतीक्षा करें। न्यू यॉर्क शहर के अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया कि वे लोगों को चोट लगने से बचाने और उन्हें उनकी विकट स्थिति से निकालने के लिए तुरंत सहायता उपलब्ध करवाएंगे।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों के कार्य नामक पुस्तक में, पतरस ने उपदेश दिया, जिसमें अपने आप को अपने ही तरीकों से पाप से बचाने के प्रयासों के व्यर्थ होने के बारे में समझाया। लूका, जिसने यह पुस्तक लिखी थी, ने उस समय घटित हुई कुछ अद्भुत घटनाओं के बारे में लिखा, जिसमें प्रभु यीशु में विश्वास करने वाले ऐसी भाषाओं में बोल रहे थे जो उन्हें पहले नहीं आती थीं (प्रेरितों 2:1-12)। पतरस ने उठकर वहाँ एकत्रित अपने यहूदी भाइयों और बहनों समझाया कि वो लोग देख जो रहे थे – उद्धार के दिन में पवित्र आत्मा का उडेला जाना, वह एक प्राचीन भविष्यवाणी (योएल 2:28-32) की परिपूर्णता थी।

         जिन्होंने पाप और उसके दुष्प्रभावों से बचाव के लिए प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास किया था, उन पर अब पवित्र आत्मा की आशीष स्पष्ट दिखाई दे रही थी। फिर पतरस ने उन्हें बताया कि किस प्रकार यह आशीष अब संसार के सभी लोगों के लिए मुफ्त में उपलब्ध है (पद 21)। परमेश्वर के पास पहुँचने का मार्ग हमें व्यवस्था के पालन के द्वारा नहीं मिलता है वरन प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करने, उस से अपने पापों की क्षमा माँगने और उसे अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करने के द्वारा मिलता है।

         यदि हम पाप में फंसे हैं, तो हम अपने आप बचा नहीं सकते हैं। हमारी एकमात्र आशा प्रभु यीशु मसीह को अपना प्रभु और उद्धारकर्ता स्वीकार करके, स्वेच्छा से उसे अपना जीवन समर्पित कर देना है; बचाव का यही एक मार्ग है। - मार्विन विलियम्स

 

जो सहायता के लिए यीशु को पुकारते हैं, वे बचाए जाते हैं।


यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: प्रेरितों 2:14-21

प्रेरितों के काम 2:14 पतरस उन ग्यारह के साथ खड़ा हुआ और ऊंचे शब्द से कहने लगा, कि हे यहूदियों, और हे यरूशलेम के सब रहने वालों, यह जान लो और कान लगाकर मेरी बातें सुनो।

प्रेरितों के काम 2:15 जैसा तुम समझ रहे हो, ये नशे में नहीं, क्योंकि अभी तो पहर ही दिन चढ़ा है।

प्रेरितों के काम 2:16 परन्तु यह वह बात है, जो योएल भविष्यद्वक्ता के द्वारा कही गई है।

प्रेरितों के काम 2:17 कि परमेश्वर कहता है, कि अन्त कि दिनों में ऐसा होगा, कि मैं अपना आत्मा सब मनुष्यों पर उडेलूंगा और तुम्हारे बेटे और तुम्हारी बेटियां भविष्यवाणी करेंगी और तुम्हारे जवान दर्शन देखेंगे, और तुम्हारे पुरिनए स्वप्न देखेंगे।

प्रेरितों के काम 2:18 वरन मैं अपने दासों और अपनी दासियों पर भी उन दिनों में अपने आत्मा में से उडेलूंगा, और वे भविष्यवाणी करेंगे।

प्रेरितों के काम 2:19 और मैं ऊपर आकाश में अद्भुत काम, और नीचे धरती पर चिन्ह, अर्थात लहू, और आग और धुएं का बादल दिखाऊंगा।

प्रेरितों के काम 2:20 प्रभु के महान और प्रसिद्ध दिन के आने से पहिले सूर्य अन्‍धेरा और चान्‍द लहू हो जाएगा।

प्रेरितों के काम 2:21 और जो कोई प्रभु का नाम लेगा, वही उद्धार पाएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34