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सोमवार, 12 अक्टूबर 2020

सुरक्षित

 

         बाहर मौसम खराब होता जा रहा था, और मेरे मोबाइल फोन पर संभावित आकस्मिक बाढ़ की चेतावनी आ रही थी। मेरे घर के आस पास सामान्य से कहीं अधिक गाड़ियां आ कर खड़ी हो रही थीं, क्योंकि वह स्कूल की बस के रुकने का स्थान था, और अभिभावक तथा अन्य लोग स्कूल से लौटने वाले बच्चों को ले कर जाने के लिए आते जा रहे थे। जब तक स्कूल की बस पहुँची, बारिश आरंभ हो चुकी थी। तभी मेरा ध्यान एक महिला की ओर गया जो कार से उतरकर डिक्की में से छत्री निकाल रही थी। फिर वह उस छाते को लेकर एक छोटी लड़की के पास गई, और यह सुनिश्चित किया कि कार तक वापस आने तक उस लड़की पर बारिश न पड़े। उस अभिभावक की अपनी बच्ची को सुरक्षित रखने की इस घटना से मुझे हमारे स्वर्गीय परमेश्वर पिता के द्वारा हमें सुरक्षित रखे जाने के कार्यों का ध्यान आया।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता ने परमेश्वर के लोगों के लिए अनाज्ञाकारिता के लिए दण्ड और फिर उसके बाद अच्छे दिनों की भविष्यवाणी की (यशायाह 40:1-8)। पहाड़ों से आए हुए उस स्वर्गीय सन्देश (पद 9) ने इस्राएलियों को परमेश्वर की पराक्रमी उपस्थिति तथा कोमल देखभाल के लिए आश्वस्त किया। तब भी, और अब भी, सुसमाचार एक ही था और है, कि परमेश्वर के सामर्थ्य और राज्य करने वाले अधिकार के कारण चिंतित हृदयों को घबराने की आवश्यकता नहीं है (पद 9-10)। उस घोषणा में यह समाचार भी सम्मिलित था कि परमेश्वर की सुरक्षा, वैसी सुरक्षा जैसी चरवाहे अपनी भेड़ों के लिए उपलब्ध करवाते हैं (पद 11), उपलब्ध है: दुर्बल भेड़ें चरवाहे की बाँहों में सुरक्षा पाएंगी, और बच्चों को दूध पिलाने वाली भेड़ों की कोमलता से अगुवाई और देखभाल की जाएगी।

         ऐसे संसार में जिसमें परिस्थितियाँ सदा ही सहज नहीं होती हैं, सुरक्षा और देखभाल के यह चित्रण हमें प्रभु परमेश्वर की ओर भरोसे के साथ देखते रहने के लिए बाध्य करते हैं। जो प्रभु परमेश्वर पर सम्पूर्ण मन से भरोसा रखते हैं, उन्हें उससे सामर्थ्य प्राप्त होती है और वे सुरक्षित बने रहते हैं (पद 31)। - आर्थर जैक्सन

 

सुसमाचार यह है कि परमेश्वर में हम सुरक्षित रहते हैं।


परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: यशायाह 40:9-11

यशायाह 40:9 हे सिय्योन को शुभ समाचार सुनाने वाली, ऊंचे पहाड़ पर चढ़ जा; हे यरूशलेम को शुभ समाचार सुनाने वाली, बहुत ऊंचे शब्द से सुना, ऊंचे शब्द से सुना, मत डर; यहूदा के नगरों से कह, अपने परमेश्वर को देखो!

यशायाह 40:10 देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ्य दिखाता हुआ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखो, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है।

 यशायाह 40:11 वह चरवाहे के समान अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिये रहेगा और दूध   पिलाने वालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 39-40
  • कुलुस्सियों 4

रविवार, 11 अक्टूबर 2020

अनुभव

 

         अपने बचपन में मुझे अपने स्थानीय पुस्तकालय जाना बहुत पसंद था। एक दिन किशोरावस्था के लिए उपयुक्त पुस्तकों के संग्रह को देखते हुए मैंने सोचा कि मैं उन सभी पुस्तकों को पढ़ लूंगी। अपने इस उत्साह में मैं यह ध्यान करना भूल गई कि पुस्तकालय के संग्रह में नई पुस्तकें जोड़ी जाती रहती हैं। मैंने प्रयास तो बहुत किया किन्तु मैं सभी पुस्तकों को पढ़ नहीं पाई, वे संख्या में बहुत अधिक थीं।

         नई पुस्तकें निरंतर अलमारियाँ भरती चली जा रही हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में पाँच पुस्तकों का लेखक, प्रेरित यूहन्ना शायद आज पुस्तकों की संख्या को देखकर चकित होता, क्योंकि उसकी वे पाँच पुस्तकें चर्म पत्रों पर हाथ से लिखी गई थीं।

         यूहन्ना ने वे पुस्तकें इसलिए लिखीं क्योंकि उसने प्रभु यीशु मसीह के जीवन और सेवकाई, तथा प्रभु के साथ अपने जीवन के अनुभवों को लिखने के लिए (1 यूहन्ना 1:1-4) पवित्र आत्मा के द्वारा प्रेरित अनुभव किया। किन्तु यूहन्ना के द्वारा लिखे गई पुस्तकों में प्रभु द्वारा जो कुछ किया और सिखाया गया, उसका एक अंश मात्र ही है। स्वयं यूहन्ना ने ही यह कहा कि प्रभु यीशु ने अपनी सेवकाई में जो कुछ किया और सिखाया, यदि वह सब लिखा जाता तो “और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक एक कर के लिखे जाते, तो मैं समझता हूं, कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे जगत में भी न समातीं” (यूहन्ना 21:25)।

         यूहन्ना का यह दावा आज भी सत्य है। यद्यपि प्रभु यीशु के बारे में इतनी पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं, फिर भी संसार के पुस्तकालयों में उसके प्रेम और अनुग्रह की बातों और लोगों के अनुभवों के सभी वर्णन नहीं समा सकते हैं। हम भी इस बात से आनन्दित हो सकते हैं कि हमारे पास भी अपने व्यक्तिगत अनुभवों के वर्णन हैं, जिन्हें हम औरों के साथ बाँट सकते हैं, उन्हें लोगों को बता सकते हैं। - लीसा सामरा

 

मसीह के प्रेम और अनुग्रह का वर्णन अपने जीवन के द्वारा होने दीजिए।


और उस से कहा, अपने घर जा कर अपने लोगों को बता, कि तुझ पर दया कर के प्रभु ने तेरे लिये कैसे बड़े काम किए हैं। - मरकुस 5:19

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 1:1-4; यूहन्ना 21:24-25

1 यूहन्ना 1:1 उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा; और हाथों से छूआ।

1 यूहन्ना 1:2 (यह जीवन प्रगट हुआ, और हम ने उसे देखा, और उस की गवाही देते हैं, और तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ)।

1 यूहन्ना 1:3 जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो; और हमारी यह सहभागिता पिता के साथ, और उसके पुत्र यीशु मसीह के साथ है।

1 यूहन्ना 1:4 और ये बातें हम इसलिये लिखते हैं, कि हमारा आनन्द पूरा हो जाए।

यूहन्ना 21:24 यह वही चेला है, जो इन बातों की गवाही देता है और जिसने इन बातों को लिखा है और हम जानते हैं, कि उस की गवाही सच्ची है।

यूहन्ना 21:25 और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक एक कर के लिखे जाते, तो मैं समझता हूं, कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे जगत में भी न समातीं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 37-38
  • कुलुस्सियों 3

शनिवार, 10 अक्टूबर 2020

साथ

 

         नशीली वस्तुओं की तस्करी करने के दोषी दो व्यक्तियों को मृत्यु दण्ड की सज़ा दी गई। उन्हें बंदीगृह में मृत्यु दण्ड के दिए जाने की प्रतीक्षा करते समय, उन्होंने उनके प्रति परमेश्वर के प्रेम और प्रभु यीशु मसीह में मिलने वाली पापों की क्षमा तथा उद्धार का सुसमाचार सुना, उस पर विश्वास किया, और पापों की क्षमा मांगकर उन्होंने अपने जीवन प्रभु को समर्पित किए, उनके जीवन बदल गए। जब उन्हें मृत्यु दण्ड दिए जाने की बारी आई, तो वे बंदूक की गोली से मारने वालों के सामने प्रभु की प्रार्थना को दोहराते हुए और “फज़ल अजीब” (Amazing Grace) गीत गाते हुए खड़े हुए, और गाते हुए ही मारे गए। परमेश्वर में उनके विश्वास, और पवित्र आत्मा की सामर्थ्य के कारण वे मृत्यु का सामना बहुत साहस के साथ कर सके।

         उन्होंने परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखे उनके उद्धारकर्ता, प्रभु यीशु के उदाहरण का अनुसरण किया। यह जानते हुए भी कि कुछ ही समय में उनकी मृत्यु अवश्यंभावी है, यीशु ने अपने शिष्यों के साथ अपनी अंतिम समय को भजन गाते हुए बिताया। यह अद्भुत है कि वे इन परिस्थितियों में भी स्तुति गीत गा सके; लेकिन इससे भी अद्भुत वे भजन हैं जिन्हें प्रभु यीशु ने गाया। उनके पकड़वाए जाने की रात को उन्होंने अपने शिष्यों के साथ फसह का भोज खाया था; और इस भोज का समापन सदा ही बाइबल में लिखे कुछ भजनों के साथ होता था। ये भजन, भजन 113-118 हल्लेल भजन कहलाते थे। मृत्यु का सामना करते हुए प्रभु यीशु ने  “मृत्यु की रस्सियों” (भजन 116:3) के बारे में गाया। फिर भी उन्होंने परमेश्वर के विश्वासयोग्य प्रेम की प्रशंसा की (भजन 117:2), और उद्धार के लिए उसका धन्यवाद किया (भजन 118:14)। निःसंदेह, उनकी क्रूस के मृत्यु से पहले, प्रभु यीशु को इन भजनों में होकर दिलासा मिली।

         परमेश्वर में प्रभु यीशु का विश्वास इतना दृढ़ था कि अपनी मृत्यु के निकट आने पर भी – ऐसी मृत्यु जिसे भोगने योग्य उन्होंने कोई कार्य नहीं किया था – उन्होंने परमेश्वर के प्रेम के बारे में भजन गाना पसंद किया। प्रभु यीशु के कारण, हम भी यह भरोसा रख सकते हैं कि हमें चाहे जिस परिस्थिति का सामना करना पड़े, हमें घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पिता परमेश्वर सदा हमारे साथ है। - एमी पीटरसन

 

परमेश्वर के अनुग्रह का शब्द कितना मधुर है।


परमेश्वर मेरा बल और भजन का विषय है; वह मेरा उद्धार ठहरा है। - भजन 118:14

बाइबल पाठ: मरकुस 14:16-26

मरकुस 14:16 सो चेले निकलकर नगर में आये और जैसा उसने उन से कहा था, वैसा ही पाया, और फसह तैयार किया।

मरकुस 14:17 जब सांझ हुई, तो वह बारहों के साथ आया।

मरकुस 14:18 और जब वे बैठे भोजन कर रहे थे, तो यीशु ने कहा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम में से एक, जो मेरे साथ भोजन कर रहा है, मुझे पकड़वाएगा।

मरकुस 14:19 उन पर उदासी छा गई और वे एक एक कर के उस से कहने लगे; क्या वह मैं हूं?

मरकुस 14:20 उसने उन से कहा, वह बारहों में से एक है, जो मेरे साथ थाली में हाथ डालता है।

मरकुस 14:21 क्योंकि मनुष्य का पुत्र तो, जैसा उसके विषय में लिखा है, जाता ही है; परन्तु उस मनुष्य पर हाय जिस के द्वारा मनुष्य का पुत्र पकड़वाया जाता है! यदि उस मनुष्य का जन्म ही न होता, तो उसके लिये भला होता।

मरकुस 14:22 और जब वे खा ही रहे थे तो उसने रोटी ली, और आशीष मांगकर तोड़ी, और उन्हें दी, और कहा, लो, यह मेरी देह है।

मरकुस 14:23 फिर उसने कटोरा ले कर धन्यवाद किया, और उन्हें दिया; और उन सब ने उस में से पीया।

मरकुस 14:24 और उसने उन से कहा, यह वाचा का मेरा वह लहू है, जो बहुतों के लिये बहाया जाता है।

मरकुस 14:25 मैं तुम से सच कहता हूं, कि दाख का रस उस दिन तक फिर कभी न पीऊंगा, जब तक परमेश्वर के राज्य में नया न पीऊं।

मरकुस 14:26 फिर वे भजन गाकर बाहर जैतून के पहाड़ पर गए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 34-36
  • कुलुस्सियों 2

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2020

प्रार्थना


         एक समर्पण समारोह में, जिसमें परमेश्वर के वचन बाइबल का एक स्थानीय अफ्रीकी भाषा में किए गए अनुवाद में छपी बाइबल को अर्पित किया गया, उस इलाके के मुखिया ने, जिसे उसकी एक व्यक्तिगत प्रति भेंट की गई थी, उस बाइबल को अपने हाथों से ऊंचा उठाकर ऊँची आवाज़ में कहा, “अब हम जान गए हैं कि परमेश्वर हमारी भाषा समझता है! हम बाइबल को अब अपनी मातृ-भाषा में पढ़ सकते हैं।”

         हमारी भाषा चाहे कोई भी क्यों न हो, हमारा स्वर्गीय पिता उसे समझता है। परन्तु कभी-कभी हम अपने मन की गहराई की बातें उसे व्यक्त कर पाने में असमर्थ अनुभव करते हैं। परन्तु प्रेरित पौलुस हमें प्रोत्साहित करता है कि हम चाहे जैसा अनुभव करें, फिर भी प्रार्थना करते रहें। पौलुस हमारे दुःख भोगते हुए संसार और हमारे अपने दुःख के बारे में लिखता है, क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है” (रोमियों 8:22), और वह इसकी तुलना हमारे लिए किए गए पवित्र आत्मा के कार्य से करता है, “इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है” (पद 26)।

         परमेश्वर पवित्र आत्मा हमें बहुत घनिष्ठता के साथ जानता है; वह हमारी लालसाओं को, हमारे हृदय की भाषा को, और हमारे अनकहे शब्दों को जानता है, और वह परमेश्वर के साथ हमारे संवाद में हमारी सहायता करता है। वह हमें परमेश्वर पुत्र की छवि में ढलते जाने के लिए अपनी ओर आकर्षित करता है (पद 29)।

         हमारा स्वर्गीय पिता हमारी भाषा को समझता है और हम से अपने वचन के द्वारा बात करता है। जब हमें लगता है कि हमारी प्रार्थनाएँ बहुत दुर्बल या बहुत छोटी हैं, पवित्र आत्मा हमारी सहायता करता है और परमेश्वर पिता से बातचीत करने में हमारी सहायता करता है। परमेश्वर की बहुत लालसा रहती है कि हम उसके साथ प्रार्थना में होकर बातचीत करें। - लॉरेंस दर्मानी

 

हमारी दुर्बल प्रार्थनाओं को भी परमेश्वर का आत्मा हमारे लिए सबल बना देता है।


क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं। आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं। - रोमियों 8:15-16

बाइबल पाठ: रोमियों 8:22-30

रोमियों 8:22 क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है।

रोमियों 8:23 और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कराहते हैं; और लेपालक होने की, अर्थात अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं।

रोमियों 8:24 आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योंकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा?

रोमियों 8:25 परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जोहते भी हैं।

रोमियों 8:26 इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है।

रोमियों 8:27 और मनों का जांचने वाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है।

रोमियों 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।

रोमियों 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहलौठा ठहरे।

रोमियों 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 32-33
  • कुलुस्सियों 1

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2020

गाने


         हमारे बच्चे होने से पहले, मुझे और मेरी पत्नी को किसी ने कभी नहीं बताया था कि बच्चों के साथ गाने की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मेरे बच्चे अब छः, आठ , और दस वर्ष के हैं, और तीनों को ही उनकी छोटी आयु में सोने में समस्या होती थी। बारी-बारी, प्रति रात्रि, मैं और मेरी पत्नी अपने शिशुओं को पालने में झुलाते थे, यह प्रार्थना करते हुए कि वे जल्दी से सो जाएँ। मैंने सैकड़ों घंटे उन्हें झूला झुलाते हुए, और लोरियां गाते हुए बिताए हैं, इस आशा में कि उससे उन्हें नींद जल्दी आ जाएगी। अपने बच्चों के लिए एक के बाद एक रात में लोरियां गाते हुए उन्हें नींद जल्दी आई या न आई हो, परन्तु एक अद्भुत बात अवश्य हो गई, उनके साथ मेरे प्रेम और आनन्द का बंधन और मजबूत हो गया, ऐसा, जैसे मैंने कभी सोचा भी नहीं था।

         क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर के वचन बाइबल में हमारे स्वर्गीय पिता को अपने बच्चों के ऊपर गाते हुए बताया गया है? जिस प्रकार मैंने अपने बच्चों को अपने गाने के द्वारा शांत करना चाहा, उसे प्रकार सपन्याह अपनी पुस्तक का अन्त हमारे स्वर्गीय पिता के द्वारा अपने लोगों के ऊपर गाने गाते हुए दिखाने के साथ करता है “तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे बीच में है, वह उद्धार करने में पराक्रमी है; वह तेरे कारण आनन्द से मगन होगा, वह अपने प्रेम के मारे चुपका रहेगा; फिर ऊंचे स्वर से गाता हुआ तेरे कारण मगन होगा” (3:17)।

         सपन्याह की भविष्यवाणी की अधिकांश पुस्तक उन लोगों को आने वाले न्याय के लिए चेतावनी देती है, जिन्होंने परमेश्वर को अस्वीकार कर दिया है। परन्तु उसका अन्त इस न्याय के साथ नहीं होता है। सपन्याह की पुस्तक का समापन परमेश्वर द्वारा अपने लोगों को न केवल उनके सभी दुखों से छुड़ा लेने के साथ (पद 19-20) वरन उनके प्रति अपने कोमल प्रेम को व्यक्त करने और गाने के साथ उनपर आनन्दित होने (पद 17) के साथ होता है।

         हमारा परमेश्वर न केवल “उद्धार करने में पराक्रमी” है, वरन एक प्रेमी पिता भी है जो हम पर प्रेम के कोमल गाने गाता है। - एडम होल्ज़

 

हमारा स्वर्गीय पिता अपने बच्चों पर ऐसे आनन्दित होता है 

जैसे माता-पिता नए जन्मे शिशु पर होते हैं।


और यहोवा तेरी भलाई के लिये तेरे सब कामों में, और तेरी सन्तान, और पशुओं के बच्चों, और भूमि की उपज में तेरी बढ़ती करेगा; क्योंकि यहोवा फिर तेरे ऊपर भलाई के लिये वैसा ही आनन्द करेगा, जैसा उसने तेरे पूर्वजों के ऊपर किया था; - व्यवस्थाविवरण 30:9

बाइबल पाठ: सपन्याह 3:14-20

 सपन्याह 3:14 हे सिय्योन, ऊंचे स्वर से गा; हे इस्राएल, जयजयकार कर! हे यरूशलेम अपने सम्पूर्ण मन से आनन्द कर, और प्रसन्न हो!

सपन्याह 3:15 यहोवा ने तेरा दण्ड दूर कर दिया और तेरा शत्रु भी दूर किया गया है। इस्राएल का राजा यहोवा तेरे बीच में है, इसलिये तू फिर विपत्ति न भोगेगी।

सपन्याह 3:16 उस समय यरूशलेम से यह कहा जाएगा, हे सिय्योन मत डर, तेरे हाथ ढीले न पड़ने पाएं।

सपन्याह 3:17 तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे बीच में है, वह उद्धार करने में पराक्रमी है; वह तेरे कारण आनन्द से मगन होगा, वह अपने प्रेम के मारे चुपका रहेगा; फिर ऊंचे स्वर से गाता हुआ तेरे कारण मगन होगा।

सपन्याह 3:18 जो लोग नियत पर्वों में सम्मिलित न होने के कारण खेदित रहते हैं, उन को मैं इकट्ठा करूंगा, क्योंकि वे तेरे हैं; और उसकी नामधराई उन को बोझ जान पड़ती है।

सपन्याह 3:19 उस समय मैं उन सभों से जो तुझे दु:ख देते हैं, उचित बर्ताव करूंगा। और मैं लंगड़ों को चंगा करूंगा, और बरबस निकाले हुओं को इकट्ठा करूंगा, और जिनकी लज्जा की चर्चा सारी पृथ्वी पर फैली है, उनकी प्रशंसा और कीर्ति सब कहीं फैलाऊंगा।

सपन्याह 3:20 उसी समय मैं तुम्हें ले जाऊंगा, और उसी समय मैं तुम्हें इकट्ठा करूंगा; और जब मैं तुम्हारे सामने तुम्हारे बंधुओं को लौटा लाऊंगा, तब पृथ्वी की सारी जातियों के बीच में तुम्हारी कीर्ति और प्रशंसा फैला दूंगा, यहोवा का यही वचन है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 30-31
  • फिलिप्पियों 4

बुधवार, 7 अक्टूबर 2020

स्वागत


         हाल ही में, छुट्टियों के समय में, मैं अपनी पत्नी के साथ एक स्थान पर घूमने के लिए गया। वहाँ एक प्रसिद्ध खेल-कूद आयोजित करने का विशाल स्थान है, और हम उसे भी देखने गए। उस समय वहाँ कोई खेल-कूद नहीं चल रहे थे, परन्तु जब हम वहाँ पहुंचे तो दरवाज़े पूरे खुले हुए थे, और हमें लगा कि हम अन्दर जाकर उसे देख सकते हैं। हम अन्दर चले गए, और वहाँ के खेल स्थलों, तथा अच्छे से रखे हुए घास के मैदान की सराहना करते हुए, जब हम बाहर की ओर चलने लगे तो किसी ने हमें रोक कर बड़े रूखी आवाज़ में कहा कि हमें अन्दर नहीं आना चाहिए था। तुरंत ही हमें लगा कि हम वहाँ परदेशी हैं, और हमें बुरा भी लगा।

         उन्हीं छुट्टियों में, एक दिन हम एक चर्च को देखने गए। वहाँ भी हमें दरवाज़े खुले हुए मिले, इसलिए हम वहां भी अन्दर चले गए। यह हमारे पहले अनुभव से बहुत भिन्न था। अन्दर कई स्थानीय लोग थे, जिन्होंने बड़ी आत्मीयता से हमारा स्वागत किया, और हमें अपने घर जैसा अनुभव करवाया। जब चर्च की सभा का समापन हुआ तो हम वहाँ से एक अपनेपन और स्वागत की अनुभूति लेकर निकले।

         लेकिन यह भी एक कटु सत्य है कि अनेकों बार जब कोई बाहरी व्यक्ति चर्च सभाओं में आते हैं, तो उन्हें एक ठंडेपन का व्यवहार और एक अनकहे सन्देश “आपको यहाँ नहीं होना चाहिए” की अनुभूति होती है। परन्तु पवित्र शास्त्र, परमेश्वर का वचन बाइबल, हमें सब की पहुनाई करने वाले होने के लिए कहती है। प्रभु यीशु ने कहा, हमें अपने पड़ौसियों से अपने समान प्रेम रखना चाहिए, जिसका अभिप्राय उनका अपने घरों और चर्चों में स्वागत करना भी होता है (मत्ती 22:39)। इब्रानियों की पत्री में हमें स्मरण कराया गया है कि अतिथि सत्कार करना न भूलें (13:2)।

         दोनों, लूका तथा पौलुस हमें निर्देश देते हैं कि हम सामाजिक तथा शारीरिक आवश्यकताओं वाले लोगों के प्रति  सक्रिय प्रेम प्रदर्शित करें (लूका 14:13-14; रोमियों 12:13); और मसीही विश्वासियों के समुदाय में हमें विशेषतः प्रेम दिखाने के लिए कहा गया है (गलातियों 6:10)।

         जब हम सभी लोगों का मसीह के समान प्रेम के साथ खुले दिल से स्वागत करते हैं, तो हम अपने तथा संपूर्ण जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के प्रेम और अनुग्रह को प्रदर्शित करते हैं। - डेव ब्रैनन

 

जब हम अतिथि सत्कार करते हैं, हम परमेश्वर की भलाइयों को बांटते हैं।


इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ। - गलतियों 6:10

बाइबल पाठ: इब्रानियों 13:1-3

इब्रानियों 13:1 भाईचारे की प्रीति बनी रहे।

इब्रानियों 13:2 पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है।

इब्रानियों 13:3 कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 28-29
  • फिलिप्पियों 3

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2020

ज्योति

 

         अंग्रेज़ी की एक बहुत जानी-मानी बच्चों की कविता है, ‘ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार; इस कविता को जेन टेलर ने लिखा था, परमेश्वर के उस आकाश मंडल के आश्चर्य को दर्शाने के उद्देश्य से, जहाँ पर पृथ्वी से बहुत ऊपर सितारे टंगे हुए दिखाई देते है। इस कविता के बाद के छंदों में, जिन्हें सामान्यतः नहीं बताया जाता है, एक छंद में तारों के द्वारा यात्रियों का मार्गदर्शन करने की बात कही गई है।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने फिलिप्पियों को लिखी अपनी पत्री में मसीही विश्वासियों को निर्दोष और पवित्र होने की चुनौती दी गई है, जब वे अपने चारों के लोगों के मध्य सुसमाचार बांटते हुए “जगत में जलते दीपकों के समान दिखाई देते हो” (फिलिप्पियों 2:15)। हम अचरज कर सकते हैं कि भला हम सितारों के समान कैसे चमकें? हम अकसर अपने आप को अक्षम और दुर्बल समझते हैं, और हमें यह मानने में कठिनाई होती है कि हमारी ‘ज्योति क्या ऐसी होगी कि उससे किसी के जीवन में उससे कुछ अंतर आए? परन्तु सितारों को सितारे होने के लिए कोई प्रयास नहीं करना पड़ता है; वे तो वैसे होते ही हैं। ज्योति हमारे संसार को बदलती है, और हमें भी बदलती है। परमेश्वर हमारे संसार में भौतिक प्रकाश को लेकर आया (उत्पत्ति 1:3); और प्रभु यीशु मसीह में होकर वह हमारे जीवनों में आत्मिक ज्योति को लाता है (यूहन्ना 1:1-4)।

         हमें, जिन में परमेश्वर की ज्योति है, इस प्रकार चमकना है कि जो लोग हमारे चारों ओर हैं, वे उस ज्योति के मूल स्त्रोत की ओर आकर्षित होने पाएं। जैसे आकाश में टंगे हुए सितारे, बिना स्वतः कोई प्रयास करे, अपनी ज्योति के कारण लोगों को मार्ग दिखाते हैं, उसी प्रकार हमारे जीवनों की ज्योति भी लोगों का मार्गदर्शन करने वाली हो। जब हम पौलुस द्वारा दिए गए निर्देश, परमेश्वर के निष्कलंक सन्तान बने रहो” (पद 15) का पालन करते हैं, तो हम अपनी ज्योति को संसार में दिखने देते हैं।

         पाप के अन्धकार से भरे इस संसार में हमें ज्योति बनकर चमकना है, जिससे औरों को भी जीवन की ज्योति के मूल स्त्रोत – प्रभु यीशु की ओर आकर्षित कर सकें। - एलिसा मॉर्गन

 

प्रभु यीशु जीवनों में ज्योति लाते हैं।


उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के सामने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:14-16

 फिलिप्पियों 2:14 सब काम बिना कुड़कुड़ाए और बिना विवाद के किया करो।

फिलिप्पियों 2:15 ताकि तुम निर्दोष और भोले हो कर टेढ़े और हठीले लोगों के बीच परमेश्वर के निष्कलंक सन्तान बने रहो, (जिन के बीच में तुम जीवन का वचन लिये हुए जगत में जलते दीपकों के समान दिखाई देते हो)।

फिलिप्पियों 2:16 कि मसीह के दिन मुझे घमण्ड करने का कारण हो, कि न मेरा दौड़ना और न मेरा परिश्रम करना व्यर्थ हुआ।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 26-27
  • फिलिप्पियों 2