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सोमवार, 5 अप्रैल 2021

नया जीवन

 

          समाचार गंभीर और चिंताजनक था। मेरे पिता को छाती में दर्द होता रहता था, इसलिए उनके डॉक्टर ने उनके हृदय की कुछ जांचें करने को कहा। जांचो के परिणाम से पता चला कि उनके हृदय की मांसपेशियों में खून ले जाने वाली तीनों मुख्य नसों में रुकावट है, जिससे हृदय को पूरी तरह से रक्त-प्रवाह नहीं मिल पा रहा है। उनके इलाज के लिए हृदय का आपरेशन कर के उस रुकावट के पार रक्त प्रवाहित करने का मार्ग बनाना था। आपरेशन की तिथि 14 फरवरी निर्धारित हुई। मेरे पिता कुछ चिंतित तो थे, किन्तु उन्होंने उस तिथि को एक आशा-पूर्ण चिह्न के समान देखा; उन्होंने कहा, “मुझे वेलेंटाइन दिवस मनाने के लिए एक नया हृदय मिलने वाला है!” और यही हुआ भी – ऑपरेशन सफल रहा, उनके हृदय की माँसपेशियों में रक्त प्रवाहित करने का नया मार्ग बन गया, और हृदय को एक नया जीवन मिल गया।

          मेरे पिता के ऑपरेशन ने मुझे स्मरण दिलाया कि परमेश्वर ने भी उसकी भलाइयों और आशीषों को हमारे जीवनों में प्रवाहित होने से बाधित करने वाले पापों को हटाकर, हमें एक नए जीवन का मार्ग बनाकर दिया है – यदि हम उसके इस प्रावधान को स्वीकार कर लें तो। जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में  सिखाया गया है, पाप हमारे जीवन के आत्मिक मार्गों को बाधित कर देता है, हम परमेश्वर से संपर्क नहीं करने पाते हैं (यशायाह 59:2); हमें भी उस बाधा से पार होने के लिए आत्मिक ऑपरेशन की आवश्यकता होती है, जो प्रभु यीशु में हमारा लाया गया विश्वास और पापों से पश्चाताप करके देता है।

          परमेश्वर ने यहेजकेल 33:26 में अपने लोगों से इसी बात की प्रतिज्ञा की है। उसने इस्राएलियों को आश्वस्त किया, “तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा”। उसने यह भी प्रतिज्ञा की है “तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता और मूरतों से शुद्ध करूंगा” (पद 25) तथा “अपना आत्मा तुम्हारे भीतर देकर ऐसा करूंगा कि तुम मेरी विधियों पर चलोगे और मेरे नियमों को मान कर उनके अनुसार करोगे” (पद 27)। ऐसे लोगों से जो सारी आशा खो चुके थे, परमेश्वर ने उन्हें एक नई शुरुआत देने की प्रतिज्ञा दी, क्योंकि परमेश्वर ही है जो नया जीवन प्रदान कर सकता है।

          परमेश्वर की यह प्रतिज्ञा प्रभु यीशु मसीह में होकर संसार के सभी लोगों पर भी लागू होती है, क्योंकि प्रभु यीशु के कलवरी के क्रूस पर सारे संसार के सभी लोगों के पापों के लिए दिए गए बलिदान, मारे जाने, गाड़े जाने और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठने के द्वारा पाप क्षमा और नए जीवन के प्रवाहित होने का मार्ग खोल दिया गया है; अब बस उसे  स्वेच्छा से स्वीकार करके उसमें प्रवेश करना है। जैसे ही हम प्रभु परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं, उस पर विश्वास लाते हैं, हमें एक नया आत्मिक ‘हृदय’ मिल जाता है, ऐसा जो हमारे पापों और निराशाओं से स्वच्छ कर दिया गया है। ऐसा जिस में अब मसीह यीशु की पवित्र आत्मा निवास करती है, जो परमेश्वर की शक्ति से धड़कता है; वह जिसमें नया जीवन है, और जो दूसरों को भी नए जीवन का मार्ग दिखाता है। - एडम होल्ज़

 

प्रभु यीशु सभी को, जो भी विश्वास में उसे स्वीकार करे, एक नया जीवन देता है।


सुनो, यहोवा का हाथ ऐसा छोटा नहीं हो गया कि उद्धार न कर सके, न वह ऐसा बहिरा हो गया है कि सुन न सके; परन्तु तुम्हारे अधर्म के कामों ने तुम को तुम्हारे परमेश्वर से अलग कर दिया है, और तुम्हारे पापों के कारण उस का मुँह तुम से ऐसा छिपा है कि वह नहीं सुनता। - यशायाह 59:1-2

बाइबल पाठ: यहेजकेल 36:24-27

यहेजकेल 36:24 मैं तुम को जातियों में से ले लूंगा, और देशों में से इकट्ठा करूंगा; और तुम को तुम्हारे निज देश में पहुंचा दूंगा।

यहेजकेल 36:25 मैं तुम पर शुद्ध जल छिड़कूंगा, और तुम शुद्ध हो जाओगे; और मैं तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता और मूरतों से शुद्ध करूंगा।

यहेजकेल 36:26 मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा।

यहेजकेल 36:27 और मैं अपना आत्मा तुम्हारे भीतर देकर ऐसा करूंगा कि तुम मेरी विधियों पर चलोगे और मेरे नियमों को मान कर उनके अनुसार करोगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 शमूएल 1-3
  • लूका 8:26-56

रविवार, 4 अप्रैल 2021

स्वच्छ

 

          मैं अवाक रहा गई। धुलाई के लिए मशीन में डाले गए मेरे सफ़ेद रंग के तौलियों के बीच में एक नीला जेल पेन भी चला गया, और वहाँ टूट गया, उसकी नीली स्याही ने धुलाई के लिए मशीन में डाले मेरे तौलियों पर नीले धब्बे छोड़ दिए, जिन्हें किसी भी रीति से साफ़ नहीं किया जा सकता था। मेरे वे सफ़ेद तौलिए अब बेकार थे; धब्बे मिटाने वाला पाउडर भी उन दाग़ों को हटा पाने में असमर्थ था; और मुझे उन तौलियों को फेंकना ही पड़ा।

          इससे मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में पुराने नियम में यिर्मयाह के विलाप की याद आई, जहाँ वह पाप के दाग़ों के हानिकारक प्रभावों का वर्णन करता है। यिर्मयाह ने इस्राएल से कहा कि परमेश्वर को त्याग कर, मूरतों की ओर मुड़ने के कारण उनके और परमेश्वर के संबंधों दूषित हो गए हैं (यिर्मयाह 2:13); ऐसे दूषित कि उनके अपने किसी भी प्रयास से वे अब फिर से स्वच्छ नहीं हो सकते थे, “चाहे तू अपने को सज्जी से धोए और बहुत सा साबुन भी प्रयोग करे, तौभी तेरे अधर्म का धब्बा मेरे सामने बना रहेगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है” (यिर्मयाह 2:22)। वे लोग अपनी सामर्थ्य से अपने किए को सुधार पाने में बिलकुल असमर्थ थे।

          हमारे लिए भी अपने किसी प्रयास से अपने पापों के दाग़ों और उनके दुष्परिणामों को हटा पाना असंभव है। लेकिन जो हम अपने लिए नहीं कर सकते हैं, वह परमेश्वर ने हमारे लिए प्रभु यीशु मसीह में होकर कर के हमें दे दिया है। सारे संसार के सभी मनुष्यों के पापों के लिए मारे जाने, गाड़े जाने, और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठने के द्वारा, प्रभु हमें सब पापों से शुद्ध कर सकता है (1 यूहन्ना 1:7)।

          चाहे कभी इस तथ्य पर भरोसा रखना कठिन भी हो, फिर भी इसे भरोसे के साथ थामे रहिए कि किसी के भी, किसी भी पाप का, ऐसा कोई भी दाग़ या प्रभाव नहीं है, जिसे प्रभु यीशु पूर्णतः मिटा कर, उसके जीवन को स्वच्छ न कर सके। जो कोई भी अपने पापों को स्वीकार करके उनके लिए पश्चाताप कर ले, क्षमा माँग ले, तो प्रभु परमेश्वर सभी को उनके सब अधर्म से शुद्ध करने के लिए तैयार है (1 यूहन्ना 1:9)। मसीह यीशु में होकर हम अपने जीवन के प्रत्येक दिन को पाप के दोष से स्वतंत्र होकर, परमेश्वर की आशीषों की आशा के साथ व्यतीत कर सकते हैं, पश्चाताप और क्षमा के द्वारा अपने पापों के सभी प्रभावों से स्वच्छ होने के द्वारा। - लिसा सामरा

 

प्रभु यीशु का लहू हमारे सभी पापों के सभी दाग़ों को धो कर हमें स्वच्छ करता है।


यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 2:13, 20-22

यिर्मयाह 2:13 क्योंकि मेरी प्रजा ने दो बुराइयां की हैं: उन्होंने मुझ बहते जल के सोते को त्याग दिया है, और, उन्होंने हौद बना लिये, वरन ऐसे हौद जो टूट गए हैं, और जिन में जल नहीं रह सकता।

यिर्मयाह 2:20 क्योंकि बहुत समय पहिले मैं ने तेरा जूआ तोड़ डाला और तेरे बन्धन खोल दिए; परन्तु तू ने कहा, मैं सेवा न करूंगी। और सब ऊंचे-ऊंचे टीलों पर और सब हरे पेड़ों के नीचे तू व्यभिचारिण का सा काम करती रही।

यिर्मयाह 2:21 मैं ने तो तुझे उत्तम जाति की दाखलता और उत्तम बीज कर के लगाया था, फिर तू क्यों मेरे लिये जंगली दाखलता बन गई?

यिर्मयाह 2:22 चाहे तू अपने को सज्जी से धोए और बहुत सा साबुन भी प्रयोग करे, तौभी तेरे अधर्म का धब्बा मेरे सामने बना रहेगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • रूत 1-4
  • लूका 8:1-25

शनिवार, 3 अप्रैल 2021

पश्चाताप

 

          एक आदमी ने अपने घर के बाहर सुरक्षा की दृष्टि से वीडियो कैमरे लगवाए। जब उसने यह जानने के लिए कि वे कैमरे ठीक कार्य कर रहे हैं कि नहीं, उनकी रिकॉडिंग को देखा, तो वह यह देख कर चकित रह गया कि गहरे रंग के कपड़े पहने हुए चौड़े कन्धों वाला कोई आदमी, उसके आँगन में घूम-फिर रहा है। लेकिन उसे वह व्यक्ति कुछ परिचित सा भी लगा। जब उसने ध्यान पूर्वक देखा तो उसे एहसास हुआ कि उसके आँगन में कोई अजनबी नहीं घूम रहा था – उस रिकॉडिंग में वह स्वयं ही था जो अपने आँगन में घूम रहा था!

          यदि हम अपनी खाल से बाहर आकर अपने आप को कुछ विशेष समयों में देख सकते तो हम क्या देखते? परमेश्वर के वचन बाइबल में जब दाऊद का मन कठोर हुआ और उसे बतशेबा के साथ के उसके प्रसंग के विषय किसी बाहरी जन के नज़रिए से – परमेश्वर के नज़रिए से – परिस्थिति को देखने की आवश्यकता थी, तब परमेश्वर ने नातान नबी को उसके पास भेजा (2 शमूएल 12)।

          नातान ने दाऊद को बात समझाने के लिए एक कहानी का प्रयोग किया – एक अमीर आदमी ने एक गरीब आदमी की एकमात्र भेड़ को ले लिया, और उसके घर आए एक यात्री के सामने परोसने के लिए, उसे मार कर उससे भोजन बनवा लिया, जब कि स्वयं उसके पास अपने बहुत से पशु थे। फिर नातान ने खुलासा किया कि वह कहानी दाऊद द्वारा किए गए कार्यों को दिखाती थी। दाऊद समझ गया कि उसने ऊरिय्याह को किस प्रकार से हानि पहुँचाई। नातान ने दाऊद को उसके किए के परिणामों को भी समझाया। जब दाऊद ने अपने पाप को मान लिया, तब साथ ही उसने दाऊद को आश्वस्त किया कि परमेश्वर ने उसे क्षमा भी कर दिया है (2 शमूएल 12:13)।

          यदि परमेश्वर हमारे जीवन में किसी रीति से पाप को प्रगट करता है, तो उसका उद्देश्य हमें दोषी ठहराना नहीं है, वरन हमारी गलती को हमें समझा कर उससे पश्चाताप करने और क्षमा माँगने के लिए प्रेरित करना है, जिससे हमारा परमेश्वर के साथ तथा उनके साथ जिन्हें हमने दुःख पहुँचाया है, हमारा संबंध बहाल हो सके।

          परमेश्वर की क्षमा और उसके अनुग्रह की सामर्थ्य हमारे जीवनों में पापों के लिए हमारे पश्चाताप करने के द्वारा ही कार्यकारी होती है। पश्चाताप ही बहाली की ओर पहला कदम है। - जेनिफर बेनसन शुल्टज़

 

हे प्रभु मैं अपने जीवन में पापों से पश्चाताप करने का मन रख सकूँ; 

और आपके अनुग्रह का पात्र बन सकूँ।


इसलिये, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएं, जिस से प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएं। - प्रेरितों 3:19

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 12:1-14

2 शमूएल 12:1 तब यहोवा ने दाऊद के पास नातान को भेजा, और वह उसके पास जा कर कहने लगा, एक नगर में दो मनुष्य रहते थे, जिन में से एक धनी और एक निर्धन था।

2 शमूएल 12:2 धनी के पास तो बहुत सी भेड़-बकरियां और गाय बैल थे;

2 शमूएल 12:3 परन्तु निर्धन के पास भेड़ की एक छोटी बच्ची को छोड़ और कुछ भी न था, और उसको उसने मोल ले कर जिलाया था। और वह उसके यहां उसके बाल-बच्चों के साथ ही बढ़ी थी; वह उसके टुकड़े में से खाती, और उसके कटोरे में से पीती, और उसकी गोद में सोती थी, और वह उसकी बेटी के समान थी।

2 शमूएल 12:4 और धनी के पास एक यात्री आया, और उसने उस यात्री के लिये, जो उसके पास आया था, भोजन बनवाने को अपनी भेड़-बकरियों या गाय बैलों में से कुछ न लिया, परन्तु उस निर्धन मनुष्य की भेड़ की बच्ची ले कर उस जन के लिये, जो उसके पास आया था, भोजन बनवाया।

2 शमूएल 12:5 तब दाऊद का कोप उस मनुष्य पर बहुत भड़का; और उसने नातान से कहा, यहोवा के जीवन की शपथ, जिस मनुष्य ने ऐसा काम किया वह प्राण दण्ड के योग्य है;

2 शमूएल 12:6 और उसको वह भेड़ की बच्ची का चौगुना भर देना होगा, क्योंकि उसने ऐसा काम किया, और कुछ दया नहीं की।

2 शमूएल 12:7 तब नातान ने दाऊद से कहा, तू ही वह मनुष्य है। इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि मैं ने तेरा अभिषेक करा के तुझे इस्राएल का राजा ठहराया, और मैं ने तुझे शाऊल के हाथ से बचाया;

2 शमूएल 12:8 फिर मैं ने तेरे स्वामी का भवन तुझे दिया, और तेरे स्वामी की पत्नियां तेरे भोग के लिये दीं; और मैं ने इस्राएल और यहूदा का घराना तुझे दिया था; और यदि यह थोड़ा था, तो मैं तुझे और भी बहुत कुछ देने वाला था।

2 शमूएल 12:9 तू ने यहोवा की आज्ञा तुच्छ जान कर क्यों वह काम किया, जो उसकी दृष्टि में बुरा है? हित्ती ऊरिय्याह को तू ने तलवार से घात किया, और उसकी पत्नी को अपनी कर लिया है, और ऊरिय्याह को अम्मोनियों की तलवार से मरवा डाला है।

2 शमूएल 12:10 इसलिये अब तलवार तेरे घर से कभी दूर न होगी, क्योंकि तू ने मुझे तुच्छ जानकर हित्ती ऊरिय्याह की पत्नी को अपनी पत्नी कर लिया है।

2 शमूएल 12:11 यहोवा यों कहता है, कि सुन, मैं तेरे घर में से विपत्ति उठा कर तुझ पर डालूंगा; और तेरी पत्नियों को तेरे सामने ले कर दूसरे को दूंगा, और वह दिन दुपहरी में तेरी पत्नियों से कुकर्म करेगा।

2 शमूएल 12:12 तू ने तो वह काम छिपाकर किया; पर मैं यह काम सब इस्राएलियों के सामने दिन दुपहरी कराऊंगा।

2 शमूएल 12:13 तब दाऊद ने नातान से कहा, मैं ने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है। नातान ने दाऊद से कहा, यहोवा ने तेरे पाप को दूर किया है; तू न मरेगा।

2 शमूएल 12:14 तौभी तू ने जो इस काम के द्वारा यहोवा के शत्रुओं को तिरस्कार करने का बड़ा अवसर दिया है, इस कारण तेरा जो बेटा उत्पन्न हुआ है वह अवश्य ही मरेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • न्यायियों 19-21
  • लूका 7:31-50

शुक्रवार, 2 अप्रैल 2021

शुभ सन्देश

 

          वह एक अंधकारमय और निराशाजनक दिन था, और यरूशलेम नगर की दीवार के बाहर स्थित एक पहाड़ी पर, एक आदमी क्रूस पर टंगा हुआ था। वह आदमी पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों से लोगों की बड़ी भीड़ को आकर्षित करता रहा था, किन्तु आज वह अपमानित और पीड़ा में काठ के एक खुरदरे क्रूस पट टंगा हुआ अपनी अंतिम साँसें ले रहा था। कुछ लोग उसके लिए दुखी होकर विलाप कर रहे थे। दोपहरी का सूरज आकाश को चमक प्रदान नहीं करने पा रहा था; और अन्ततः उस आदमी की घोर पीड़ा का अन्त हुआ जब उसने ऊँचे शब्द से पुकार कर कहा, “पूरा हुआ”, और अपने प्राण त्याग दिए (मत्ती 27:50; यूहन्ना 19:30)।

          ठीक उसी समय, नगर के अंदर स्थित मंदिर में से एक आवाज़ और आई – कपड़े के फटने की आवाज़। आश्चर्यजनक रीति से, बिना किसी मनुष्य के हस्तक्षेप के, मंदिर में महापवित्र स्थान को पवित्र स्थान से पृथक करने वाला बहुत बड़ा और मोटा पर्दा, ऊपर से नीचे तक फट कर दो भाग हो गया (मत्ती 27:51)।

          वह फटा हुआ पर्दा क्रूस की वास्तविकता का चिह्न था; परमेश्वर तक पहुँचने का एक नया मार्ग खुल गया था। क्रूस पर टंगे हुए उस आदमी, प्रभु यीशु मसीह, ने अपने लहू को अंतिम बलिदान के रूप में बहा दिया था, और यह अब पर्याप्त और सच्चा प्रभावी बलिदान हो गया था (इब्रानियों 10:10)। इस बलिदान के कारण, अब जो कोई भी प्रभु यीशु मसीह में विश्वास लाता है, उससे अपने पापों की क्षमा माँगता है, वह परमेश्वर के साथ उसकी संतान होने के रिश्ते में जुड़ जाता है (रोमियों 5:6-11)।

          उस मूल ‘शुभ शुक्रवार’ के अन्धकार में होकर हमें सबसे शुभ और भला समाचार मिला – प्रभु यीशु ने हमारे पापों की क्षमा और उनके घातक परिणामों से बचने के लिए, तथा परमेश्वर के साथ संगति और सहभागिता रखने के लिए, संसार के सभी लोगों के लिए, हमेशा-हमेशा के लिए मार्ग तैयार करके, और खोलकर दे दिया है (इब्रानियों 10:19 22)। उस फटे हुए परदे और क्रूस के बलिदान के शुभ सन्देश के लिए परमेश्वर का बहुत-बहुत धन्यवाद हो। - डेव ब्रैनन

 

 

सेंत-मेंत पापों से क्षमा तथा उद्धार का मार्ग सभी के लिए खुला और उपलब्ध है।


परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। सो जब कि हम, अब उसके लहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? - रोमियों 5:8-9

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:10-23

इब्रानियों 10:10 उसी इच्छा से हम यीशु मसीह की देह के एक ही बार बलिदान चढ़ाए जाने के द्वारा पवित्र किए गए हैं।

इब्रानियों 10:11 और हर एक याजक तो खड़े हो कर प्रति दिन सेवा करता है, और एक ही प्रकार के बलिदान को जो पापों को कभी भी दूर नहीं कर सकते; बार बार चढ़ाता है।

इब्रानियों 10:12 पर यह व्यक्ति तो पापों के बदले एक ही बलिदान सर्वदा के लिये चढ़ा कर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा।

इब्रानियों 10:13 और उसी समय से इस की बाट जोह रहा है, कि उसके बैरी उसके पांवों के नीचे की पीढ़ी बनें।

इब्रानियों 10:14 क्योंकि उसने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है।

इब्रानियों 10:15 और पवित्र आत्मा भी हमें यही गवाही देता है; क्योंकि उसने पहिले कहा था

इब्रानियों 10:16 कि प्रभु कहता है; कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद उन से बान्धूंगा वह यह है कि मैं अपनी व्यवस्थाओं को उनके हृदय पर लिखूंगा और मैं उन के विवेक में डालूंगा।

इब्रानियों 10:17 (फिर वह यह कहता है, कि) मैं उन के पापों को, और उन के अधर्म के कामों को फिर कभी स्मरण न करूंगा।

इब्रानियों 10:18 और जब इन की क्षमा हो गई है, तो फिर पाप का बलिदान नहीं रहा।

इब्रानियों 10:19 सो हे भाइयों, जब कि हमें यीशु के लहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है।

इब्रानियों 10:20 जो उसने परदे अर्थात अपने शरीर में से हो कर, हमारे लिये अभिषेक किया है,

इब्रानियों 10:21 और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है।

इब्रानियों 10:22 तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं।

इब्रानियों 10:23 और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिसने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्चा है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • न्यायियों 16-18
  • लूका 7:1-30

गुरुवार, 1 अप्रैल 2021

प्रेम

 

          मैं एम्बुलेंस के अन्दर लेटा हुआ था, और उसका दरवाज़ा बन्द होने वाले था। बाहर मेरा बेटा फोन पर मेरी पत्नी से बात कर रहा था। अपने चोट लगे मस्तिष्क के कारण ठीक से होश में न होने से, जैसा मेरे बेटे ने बताया, मैंने उसका नाम पुकारा, और धीमी आवाज़ में उस से कहा, “अपनी माँ से कहना कि मैं उससे बहुत प्रेम करता हूँ।” संभवतः मुझे लगा था कि यह अलविदा होगा, और मेरी इच्छा रही होगी कि यही मेरे अंतिम शब्द हों। उस पल में मेरे लिए यही सबसे महत्वपूर्ण बात थी।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, जब प्रभु यीशु अपने सबसे अंधकारपूर्ण समय को सहन कर रहे थे, तब उन्होंने केवल बोला ही नहीं कि वे हम से प्रेम करते हैं, वरन उन्होंने इस बात को विशिष्ट प्रकार से प्रदर्शित भी किया। उन्होंने यह बात उनका ठट्ठा कर रहे सैनिकों को, जिन्होंने अभी-अभी उन्हें क्रूस पर कीलों से ठोका था, यह कहकर दिखाई, “तब यीशु ने कहा; हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहें हैं” (लूका 23:34)। उनके साथ क्रूस पर चढ़ाए गए एक अपराधी को आशा देने के द्वारा दिखाई, उससे कहा, “मैं तुझ से सच कहता हूं; कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा” (पद 43)। अपने अन्त समय के निकट आने पर उन्होंने अपनी माता तथा अपने एक निकट मित्र की ओर देखा, और, “यीशु ने अपनी माता और उस चेले को जिस से वह प्रेम रखता था, पास खड़े देखकर अपनी माता से कहा; हे नारी, देख, यह तेरा पुत्र है। तब उस चेले से कहा, यह तेरी माता है, और उसी समय से वह चेला, उसे अपने घर ले गया” (यूहन्ना 19:26-27)। और फिर जब उसका जीवन समाप्त होने लगा, तो प्रभु यीशु का अंतिम प्रेम भरा कार्य था अपने स्वर्गीय पिता परमेश्वर में भरोसा व्यक्त करते हुए कहना, “हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं” (पद 46)।

          प्रभु यीशु ने जानबूझकर क्रूस को चुना, जिसके द्वारा वह पिता परमेश्वर के प्रति अपनी आज्ञाकारिता, तथा हमारे प्रति अपने प्रेम को दिखा सके। अन्त तक वह अपने निरंतर बने हुए प्रेम को प्रदर्शित करते रहे। - टिम गुस्ताफसन

 

प्रभु यीशु द्वारा कहा गया प्रत्येक शब्द, प्रेम में होकर कहा गया था।


फसह के पर्व से पहिले जब यीशु ने जान लिया, कि मेरी वह घड़ी आ पहुंची है कि जगत छोड़कर पिता के पास जाऊं, तो अपने लोगों से, जो जगत में थे, जैसा प्रेम वह रखता था, अन्त तक वैसा ही प्रेम रखता रहा। - यूहन्ना 13:1

बाइबल पाठ: लूका 23:32-46

लूका 23:32 वे और दो मनुष्यों को भी जो कुकर्मी थे उसके साथ घात करने को ले चले।

लूका 23:33 जब वे उस जगह जिसे खोपड़ी कहते हैं पहुंचे, तो उन्होंने वहां उसे और उन कुकर्मियों को भी एक को दाहिनी ओर, और दूसरे को बाईं और क्रूसों पर चढ़ाया।

लूका 23:34 तब यीशु ने कहा; हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहें हैं और उन्होंने चिट्ठियां डालकर उसके कपड़े बांट लिए।

लूका 23:35 लोग खड़े खड़े देख रहे थे, और सरदार भी ठट्ठा कर कर के कहते थे, कि इस ने औरों को बचाया, यदि यह परमेश्वर का मसीह है, और उसका चुना हुआ है, तो अपने आप को बचा ले।

लूका 23:36 सिपाही भी पास आकर और सिरका देकर उसका ठट्ठा कर के कहते थे।

लूका 23:37 यदि तू यहूदियों का राजा है, तो अपने आप को बचा।

लूका 23:38 और उसके ऊपर एक पत्र भी लगा था, कि यह यहूदियों का राजा है।

लूका 23:39 जो कुकर्मी लटकाए गए थे, उन में से एक ने उस की निन्दा कर के कहा; क्या तू मसीह नहीं तो फिर अपने आप को और हमें बचा।

लूका 23:40 इस पर दूसरे ने उसे डांटकर कहा, क्या तू परमेश्वर से भी नहीं डरता? तू भी तो वही दण्ड पा रहा है।

लूका 23:41 और हम तो न्यायानुसार दण्ड पा रहे हैं, क्योंकि हम अपने कामों का ठीक फल पा रहे हैं; पर इस ने कोई अनुचित काम नहीं किया।

लूका 23:42 तब उसने कहा; हे यीशु, जब तू अपने राज्य में आए, तो मेरी सुधि लेना।

लूका 23:43 उसने उस से कहा, मैं तुझ से सच कहता हूं; कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा।

लूका 23:44 और लगभग दो पहर से तीसरे पहर तक सारे देश में अन्धियारा छाया रहा।

लूका 23:45 और सूर्य का उजियाला जाता रहा, और मन्दिर का परदा बीच में फट गया।

लूका 23:46 और यीशु ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा; हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं: और यह कहकर प्राण छोड़ दिए।

 

एक साल में बाइबल: 

न्यायियों 13-15

लूका 6:27-49

बुधवार, 31 मार्च 2021

सर्वोत्तम उपहार

 

          मेरी सहेली बनने के बाद से, बारबरा ने मुझे प्रोत्साहित करने के लिए असंख्य कार्ड और उपहार दिए हैं। जब मैंने उसे बताया कि मैंने प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धारकर्ता और प्रभु ग्रहण कर लिया है, तब उसने मुझे वह उपहार दिया था, जिसे मैं उसके द्वारा दिया गया सर्वोत्तम उपहार मानती हूँ – परमेश्वर के वचन बाइबल की मेरी पहली प्रति। उसे देते समय उसने मुझ से कहा, “इसके द्वारा तुम परमेश्वर की निकटता में बढ़ती जा सकती हो, आत्मिक जीवन में परिपक्व होती जा सकती हो; इसमें होकर प्रभु से प्रतिदिन मिलने, संपर्क रखने, उसकी आज्ञाकारिता करते रहने, उस पर भरोसा बनाए रखने, और प्रार्थना करते रहने के द्वारा।” बारबरा द्वारा मुझे दिए गए इस उपहार, मार्गदर्शन और आमंत्रण के द्वारा मेरा जीवन पूर्णतः बदल गया।

          बारबरा मुझे प्रेरित फिलिप्पुस का स्मरण करवाती है। प्रभु यीशु द्वारा फिलिप्पुस को अपने पीछे हो लेने का निमंत्रण देने के पश्चात (यूहन्ना 1:43), उसने तुरंत जाकर अपने मित्र नतनएल को बताया कि वह यीशु ही है जिसके बारे में मूसा ने व्यवस्था में, और नबियों ने अपनी पुस्तकों में लिखा था (पद 45)। जब नतनएल को संदेह हुआ, तो फिलिप्पुस ने न तो कोई वाद-विवाद किया, न उसकी आलोचना की, न उसे उसके हाल पर छोड़ दिया, वरन उसे निमंत्रण दिया कि वह आकर स्वयं प्रभु यीशु से मिले और वास्तविकता को समझ तथा जान ले (पद 46)।

          मैं फिलिप्पुस के आनन्द की कल्पना कर सकती हूँ जब उसने नतनएल को कहे सुना कि वास्तव में यीशु ही “परमेश्वर का पुत्र” और “इस्राएल का राजा” है (पद 49)। उसके लिए यह कैसी अद्भुत आशीष की बात रही होगी जब उसने प्रभु से यह सुना कि आते समय में वे और भी बड़ी बड़ी बातों और कार्यों को देखने पाएँगे (पद 50-51)।

          परमेश्वर का पवित्र आत्मा परमेश्वर के साथ हमारे संबंध का आरंभ करवाता है, और फिर जो उसकी बात के अनुसार सही प्रतिक्रिया देते हैं, प्रभु यीशु में विश्वास करके उसे अपना प्रभु और उद्धारकर्ता स्वीकार करते हैं, उनमें निवास करता है, उन्हें विश्वास और मसीही जीवन की परिपक्वता तथा आशीषों में बढ़ाता जाता है। वही सभी मसीही विश्वासियों को सक्षम करता है कि वे प्रभु परमेश्वर को व्यक्तिगत रीति से और घनिष्ठता से जानते चले जाएँ, उसके वचन की समझ-बूझ और व्यावहारिक उपयोगिता में बढ़ते चले जाएँ; तथा औरों को भी उसके संपर्क में लाने वाले बनें, उन्हें भी प्रभु को व्यक्तिगत रीति से जानने के लिए आमंत्रित करें। समस्त संसार के प्रत्येक जन के उद्धारकर्ता के संपर्क में आने का निमंत्रण और सृष्टिकर्ता परमेश्वर के साथ घनिष्ठता का मार्ग, जीवन का वह सर्वोत्तम उपहार है जो आप किसी को दे सकते हैं। - सोहचील डिक्सन

 

प्रभु यीशु को जानना वह सर्वोत्तम उपहार है जो हम स्वीकार कर सकते हैं; 

उसे औरों के जीवन में पहुँचाना वह सर्वोत्तम उपहार है जो हम प्रदान कर सकते हैं।


यीशु ने उत्तर दिया, यदि तू परमेश्वर के वरदान को जानती, और यह भी जानती कि वह कौन है जो तुझ से कहता है; मुझे पानी पिला तो तू उस से मांगती, और वह तुझे जीवन का जल देता। - यूहन्ना 4:10

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:43-51

यूहन्ना 1:43 दूसरे दिन यीशु ने गलील को जाना चाहा; और फिलिप्पुस से मिलकर कहा, मेरे पीछे हो ले।

यूहन्ना 1:44 फिलिप्पुस तो अन्द्रियास और पतरस के नगर बैतसैदा का निवासी था।

यूहन्ना 1:45 फिलिप्पुस ने नतनएल से मिलकर उस से कहा, कि जिस का वर्णन मूसा ने व्यवस्था में और भविष्यद्वक्ताओं ने किया है, वह हम को मिल गया; वह यूसुफ का पुत्र, यीशु नासरी है।

यूहन्ना 1:46 नतनएल ने उस से कहा, क्या कोई अच्छी वस्तु भी नासरत से निकल सकती है? फिलिप्पुस ने उस से कहा, चलकर देख ले।

यूहन्ना 1:47 यीशु ने नतनएल को अपनी ओर आते देखकर उसके विषय में कहा, देखो, यह सचमुच इस्राएली है: इस में कपट नहीं।

यूहन्ना 1:48 नतनएल ने उस से कहा, तू मुझे कहां से जानता है? यीशु ने उसको उत्तर दिया; उस से पहिले कि फिलिप्पुस ने तुझे बुलाया, जब तू अंजीर के पेड़ के तले था, तब मैं ने तुझे देखा था।

यूहन्ना 1:49 नतनएल ने उसको उत्तर दिया, कि हे रब्बी, तू परमेश्वर का पुत्र है; तू इस्राएल का महाराजा है।

यूहन्ना 1:50 यीशु ने उसको उत्तर दिया; मैं ने जो तुझ से कहा, कि मैं ने तुझे अंजीर के पेड़ के तले देखा, क्या तू इसी लिये विश्वास करता है? तू इस से बड़े बड़े काम देखेगा।

यूहन्ना 1:51 फिर उस से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूँ कि तुम स्वर्ग को खुला हुआ, और परमेश्वर के स्‍वर्गदूतों को ऊपर जाते और मनुष्य के पुत्र के ऊपर उतरते देखोगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • न्यायियों 11-12
  • लूका 6:1-26

मंगलवार, 30 मार्च 2021

स्तुति और आराधना

 

          स्विस घड़ीसाज़, फिलिप ने एक आवर्धक लेंस और बारीक चिमटी की सहायता से मुझे दिखाया और समझाया कि वह किस प्रकार घड़ी के सूक्ष्म पुर्ज़ों को खोल कर उन्हें साफ़ करता है और फिर वापस एक साथ जोड़ कर उन घड़ियों को ठीक कर के देता है। उन सभी छोटे-छोटे, जटिल पुर्ज़ों को दिखाते हुए, फिलिप ने मुझे घड़ी के सबसे महत्वपूर्ण पुर्जे, उसके मुख्य स्प्रिंग को दिखाया। वह मुख्य स्प्रिंग ही है जो घड़ी की सारी गरारियों और पुर्ज़ों को चलाता है, जिससे घड़ी ठीक से कार्य कर पाती है और सही समय जाना जा सकता। यदि वह मुख्य स्प्रिंग न हो तो घड़ी चाहे कितनी भी निपुणता से क्यों न बनी हो, बिलकुल काम नहीं कर सकती है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में नए नियम में इब्रानियों की पुस्तक के एक सुन्दर खण्ड में, लेखक प्रभु यीशु की स्तुति और प्रशंसा करता है कि उसमें होकर हमारी सृष्टि की प्रत्येक वस्तु सृजी गई (इब्रानियों 1:2)। सौर-मण्डल, नक्षत्रों, सितारों के समूहों से लेकर हम में से प्रत्येक व्यक्ति की अंगुलियों की अनुपम भिन्न रेखाओं तक, सब कुछ प्रभु यीशु के द्वारा बारीकी और बड़े ध्यान से सृजा गया है।

          लेकिन सृजनहार  होने से भी बढ़कर, घड़ी के उस मुख्य स्प्रिंग के समान, प्रभु यीशु इस सारी सृष्टि की प्रत्येक बात को संचालित और नियंत्रित भी करता है, उसी के द्वारा हर बात बिलकुल ठीक से स्थापित, नियंत्रित, और सक्रिय रहती है। उसकी निरंतर बनी रहने वाली उपस्थिति, उसके सामर्थी वचन के द्वारा, हर समय हर बात को संभाले रहती है (पद 3), जिससे समस्त सृष्टि उसकी विलक्षण जटिलता के बावजूद सुचारु रीति से कार्य करती रहती है।

          आज जब आप के पास सृष्टि की भव्य सुन्दरता को देखने का समय है, तो साथ ही इस बात का भी ध्यान करें कि प्रभु यीशु मसीह में होकर ही सब बातें स्थिर बनी रहती हैं (कुलुस्सियों 1:17)। सृष्टि के सृजन और संचालन में प्रभु यीशु मसीह की प्रमुख और अति-महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए, हम आनन्द से भरे हुए हृदय के द्वारा उसकी स्तुति और आराधना करें, और निरंतर हमारे लिए, हमारे पक्ष में, उसके द्वारा किए जा रहे कार्यों के लिए उसके कृतज्ञ हों। - लिसा सामरा

 

प्रभु आपके द्वारा अपनी इस सृष्टि को संभाले रखने और संचालित करने के लिए आपका धन्यवाद।

और वही सब वस्तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं। - कुलुस्सियों 1:17

बाइबल पाठ: इब्रानियों 1:1-4

इब्रानियों 1:1 पूर्व युग में परमेश्वर ने बाप दादों से थोड़ा थोड़ा कर के और भांति भांति से भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कर के।

इब्रानियों 1:2 इन दिनों के अन्त में हम से पुत्र के द्वारा बातें की, जिसे उसने सारी वस्तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उसने सारी सृष्टि रची है।

इब्रानियों 1:3 वह उस की महिमा का प्रकाश, और उसके तत्व की छाप है, और सब वस्तुओं को अपनी सामर्थ्य के वचन से संभालता है: वह पापों को धोकर ऊंचे स्थानों पर महामहिमन के दाहिने जा बैठा।

इब्रानियों 1:4 और स्‍वर्गदूतों से उतना ही उत्तम ठहरा, जितना उसने उन से बड़े पद का वारिस हो कर उत्तम नाम पाया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • न्यायियों 9-10
  • लूका 5:17-39