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बुधवार, 28 जुलाई 2021

परिश्रम

 

          जो लोग विलियम केरी (1761-1834) के इंग्लैंड के उसके गाँव में उसके साथ पले बड़े हुए थे, उन्होंने सोचा होगा कि वह अधिक कुछ नहीं करने पाएगा। किन्तु आज उसे आधुनिक मसीही सेवकाइयों का पिता कहा जाता है। उसका जन्म जुलाहों के परिवार में हुआ था, और वह एक ऐसा शिक्षक और मोची बना, जो कुछ विशेष सफल नहीं था, और साथ ही अपने आप को यूनानी, इब्रानी, और लातीनी भाषाएँ भी सिखाता रहा। बहुत वर्षों के परिश्रम के बाद, उसका भारत में मसीही सेवकाई करने का सपना पूरा हुआ। किन्तु उसे बहुत कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा, जिनमें उसके बच्चे की मृत्यु और उसकी पत्नी के मानसिक रोग भी सम्मिलित थे, तथा बहुत वर्षों तक उसे उन लोगों से इस सेवकाई के लिए जाने के लिए कोई प्रत्युत्तर नहीं मिल रहा था, जिनके मध्य वह सेवा करता था।

          ऐसा क्या था जो उसे इन सभी कठिनाइयों में होकर भी सेवकाई में लगे रहने के लिए प्रेरित करता रहा; उस सेवकाई में जिसमें उसने संपूर्ण बाइबल का छः भाषाओं में अनुवाद किया, और बाइबल के कुछ भागों का उन्तीस भिन्न भाषाओं में अनुवाद किया? उसने कहा, मुझे परिश्रम करते रहना आता है; मैं किसी भी निश्चित लक्ष्य को पूरा करने के लिए दृढ़ता से उसमें लगा रह सकता हूँ। उसने तय कर रखा था की चाहे कुछ भी हो जाए, जो भी परीक्षा आए, किन्तु वह परमेश्वर की सेवा करता रहेगा।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों का लेखक भी इसी निरन्तर बनी रहने वाली भक्ति के बारे में परामर्श देता है। लेखक ने अपने पाठकों से कहा कि वे आलसी न हों, किन्तु अन्त तक प्रयत्न करते ही रहें (इब्रानियों 6:11, 12)। उसने उन्हें आश्वासन दिया कि जब वे परमेश्वर को आदर देने में परिश्रम करते रहेंगे, तो परमेश्वर भी उनके इस परिश्रम को नहीं भूलेगा (पद 10)।

          विलियम केरी के बाद के वर्षों में, उसने इस बात पर मनन करते हुए कि परमेश्वर कैसे उसकी आवश्यकताओं को निरंतर पूरा करता रहा, कहा, “वह अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने में कभी नहीं चूका, इसलिए मैं भी उसके प्रति अपनी सेवा में कभी नहीं चूक सकता हूँ।” परमेश्वर हमें भी सामर्थ्य दे कि हम दिन-प्रतिदिन उसकी सेवा परिश्रम के साथ करते रहें। - एमी बाउचर पाई

 

हे प्रभु जब मैं कठिनाइयों और परीक्षाओं का सामना करूं, 

तो यह कभी न भूलूँ कि आप सदा मेरे साथ हैं।


और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिसने तुम में अच्छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा। - फिलिप्पियों 1:6

बाइबल पाठ: इब्रानियों 6:9-12

इब्रानियों 6:9 पर हे प्रियो यद्यपि हम ये बातें कहते हैं तौभी तुम्हारे विषय में हम इस से अच्छी और उद्धार वाली बातों का भरोसा करते हैं।

इब्रानियों 6:10 क्योंकि परमेश्वर अन्यायी नहीं, कि तुम्हारे काम, और उस प्रेम को भूल जाए, जो तुम ने उसके नाम के लिये इस रीति से दिखाया, कि पवित्र लोगों की सेवा की, और कर भी रहे हो।

इब्रानियों 6:11 पर हम बहुत चाहते हैं, कि तुम में से हर एक जन अन्त तक पूरी आशा के लिये ऐसा ही प्रयत्न करता रहे।

इब्रानियों 6:12 ताकि तुम आलसी न हो जाओ; वरन उन का अनुकरण करो, जो विश्वास और धीरज के द्वारा प्रतिज्ञाओं के वारिस होते हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 46-48
  • प्रेरितों 28

मंगलवार, 27 जुलाई 2021

प्रशिक्षण

 

          ब्राज़ील की एक कंपनी के मैनेजर ने अपनी बिलडिंग में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों से कहा कि वे प्रतिदिन उसे अपने कार्य के बारे में लिखित ब्यौरा दिया करें। वह जानना चाहती थी कि किसने कौन सा कमरा साफ़ किया, कौन से कमरे बिना साफ़ हुए छूट गए, और कर्मचारियों ने प्रत्येक कमरे में कितना समय बिताया। उसके निर्देशों के अनुसार उसे पहली “दैनिक” रिपोर्ट एक सप्ताह के बाद मिली, वह भी अधूरी।

          उस मैनेजर ने इसके कारणों का पता लगाया तो उसे पता चला कि सफाई कर्मचारियों में से अधिकांश अनपढ़ थे। वह उन सभी को नौकरी से बरखास्त कर सकती थी, और उनके स्थान पर पढ़े लिखे कर्मचारियों को नियुक्त कर सकती थी। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया, वरन उसने उनके लिए काम के समय के दौरान उन्हें पढ़ना-लिखना सिखाने का इंतज़ाम किया। पाँच ही महीनों में, वे सभी कर्मचारी पढ़ना-लिखना सीख गए थे, और उनकी नौकरी भी बनी रही थी।

          अकसर परमेश्वर हमारी कठिनाइयों को, उसके लिए हमारे और अधिक उपयोगी बनने के लिए अवसरों के समान प्रयोग करता है। हम परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस के जीवन में प्रभु के साथ चलने में की गई अनेकों गलतियों और अनुभवहीनता के कार्यों को देखते हैं। जब उसने पानी पर चलने का प्रयास किया तो तुरंत ही उसका विश्वास डगमगा गया। उसे यह ठीक से पता नहीं था कि प्रभु यीशु को मंदिर का कर भरना चाहिए अथवा नहीं (मत्ती 17:24-27)। उसने प्रभु द्वारा की गई उसके क्रूस पर चढ़ाए जाने और पुनरुत्थान की भविष्यवाणी को भी नकार दिया (मत्ती 16:21-23)। किन्तु उसकी हर गलती के द्वारा प्रभु ने उसे अपने बारे में और अधिक सिखाया, उसे समझाया कि वह ही प्रतिज्ञागत मसीहा है (पद 16)। पतरस सुनता, देखता, सीखता रहा, और तैयार होता चला गया; और आगे चलाकर वह  प्रथम चर्च के संस्थापकों में से एक महत्वपूर्ण जन बना।

          यदि आज आप अपनी किसी असफलता के कारण निराश हैं, तो मत भूलिए कि प्रभु यीशु आपके उस अनुभव का प्रयोग आपको सिखाने और उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए कर सकता है। पतरस की सभी कमियों, गलतियों के बावजूद, प्रभु उसके साथ कार्य करता रहा, उसे प्रशिक्षित करता रहा। उसी प्रकार से आपको भी प्रशिक्षण देने के द्वारा प्रभु आपको भी अपने राज्य के निर्माण में सहयोगी होने के लिए प्रयोग कर सकता है। उससे प्रशिक्षण लेते रहें और उसके आगमन तक उसके कार्य में लगे रहें। - जेनिफर बेनसन शुल्ट

 

हे प्रभु मेरी असफलताओं और अनुभवहीनता के द्वारा मुझे 

अपने राज्य के निर्माण में उपयोगी होने के लिए प्रशिक्षित करें।


तब सुनने वालों के हृदय छिद गए, और वे पतरस और शेष प्रेरितों से पूछने लगे, कि हे भाइयों, हम क्या करें? पतरस ने उन से कहा, मन फिराओ, और तुम में से हर एक अपने अपने पापों की क्षमा के लिये यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा ले; तो तुम पवित्र आत्मा का दान पाओगे। - प्रेरितों के काम 2:37-38

बाइबल पाठ: मत्ती 16:21-28

मत्ती 16:21 उस समय से यीशु अपने चेलों को बताने लगा, कि मुझे अवश्य है, कि यरूशलेम को जाऊं, और पुरनियों और महायाजकों और शास्त्रियों के हाथ से बहुत दुख उठाऊं; और मार डाला जाऊं; और तीसरे दिन जी उठूं।

मत्ती 16:22 इस पर पतरस उसे अलग ले जा कर झिड़कने लगा कि हे प्रभु, परमेश्वर न करे; तुझ पर ऐसा कभी न होगा।

मत्ती 16:23 उसने फिरकर पतरस से कहा, हे शैतान, मेरे सामने से दूर हो: तू मेरे लिये ठोकर का कारण है; क्योंकि तू परमेश्वर की बातें नहीं, पर मनुष्यों की बातों पर मन लगाता है।

मत्ती 16:24 तब यीशु ने अपने चेलों से कहा; यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप का इनकार करे और अपना क्रूस उठाए, और मेरे पीछे हो ले।

मत्ती 16:25 क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे, वह उसे खोएगा; और जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे पाएगा।

मत्ती 16:26 यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा?

मत्ती 16:27 मनुष्य का पुत्र अपने स्‍वर्गदूतों के साथ अपने पिता की महिमा में आएगा, और उस समय वह हर एक को उसके कामों के अनुसार प्रतिफल देगा।

मत्ती 16:28 मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो यहां खड़े हैं, उन में से कितने ऐसे हैं; कि जब तक मनुष्य के पुत्र को उसके राज्य में आते हुए न देख लेंगे, तब तक मृत्यु का स्वाद कभी न चखेंगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 43-45
  • प्रेरितों 27:27-44

सोमवार, 26 जुलाई 2021

शालोम

 

          डाक्यूमेंट्री फिल्म Look & See: A Portrait of Wendell Berry में लेखक बेरी ने तलाक के बार में बात की और बताया कि किस प्रकार से यह शब्द हमारे वर्तमान संसार की दशा का सूचक है। हमारा एक दूसरे से, हमारे इतिहास से, हमारे निवास-स्थान से तलाक हो रखा है। वे बातें जिन्हें एक जुट होना चाहिए था वे विघटित होकर पृथक हो रखी हैं। जब उससे पूछा गया की इस दयनीय दशा के विषय क्या किया जाना चाहिए, तो बेरी ने कहा, “हम सभी कुछ को तो एक साथ जोड़ कर एक नहीं कर सकते हैं। लेकिन हमें पहले कोई भी दो टूटी हुए चीज़ों को जोड़ कर एक करना है।” हम दो चीज़ों को जोड़ें, उन्हें एक बनाएँ; फिर दो और लेकर यही प्रक्रिया दोहराते चले जाएँ।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह ने कहा “धन्य हैं वे, जो मेल करवाने वाले हैं, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र कहलाएंगे” (मत्ती 5:9)। परस्पर शान्ति स्थापित करना, एकता में लाना ही शालोम को लाना है। शालोम यहूदियों की इब्रानी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है “विश्वव्यापी संपूर्णता, खुशहाली, और सुख-शान्ति। वस्तुओं को उस स्थिति में लाना जिसमें उन्हें होना चाहिए।” शालोम से अभिप्राय है कि टूटे हुए को लेना और उसे पूर्ण बना देना। अपने प्रभु यीशु की अगुवाई में हम मसीही विश्वासियों को भी बातों को ठीक और सही करने वाला होना चाहिए। प्रभु ने हमें पृथ्वी पर मेल करवाने वाले, “पृथ्वी का नमक” – लोगों के जीवनों को स्वाद प्रदान करने वाले, और “जगत की ज्योति” बनकर सही मार्ग दिखाने वाले होना चाहिए (पद 13-14)।

          संसार में मेल-मिलाप करवाने वाले बनने और शान्ति लाने होने वाले के अनेकों तरीके हैं; हम जिस भी तरीके को अपनाएँ, उसे साहस और लगन के साथ प्रयोग करें; न कि जिस टूटेपन से संघर्ष कर रहे हैं उससे हार मान लें। हम निर्णय लें परमेश्वर की सामर्थ्य से हम मित्रता को टूटने नहीं देंगे, संघर्ष करते हुए मोहल्ले को बिखरने नहीं देंगे, और लोगों में अलगाव लाने तथा एक-दूसरे के प्रति बेपरवाह होने की भावना को सफल नहीं होने देंगे। हम उन टूटे स्थानों को खोजें, और परमेश्वर पर भरोसा रखें कि वह हमें बुद्धिमता और कौशल देगा कि हम उसे फिर से जोड़ कर पूर्ण कर सकें; शालोम स्थापित कर सकें। - विन्न कोलियर

 

प्रभु परमेश्वर मुझे दिखाएँ अपने चारों के टूटेपन के साथ कहाँ से आपका कार्य आरंभ करूं।


वरन अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो: और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। - लूका 6:35

बाइबल पाठ: मत्ती 5:9-16

मत्ती 5:9 धन्य हैं वे, जो मेल करवाने वाले हैं, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र कहलाएंगे।

मत्ती 5:10 धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है।

मत्ती 5:11 धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें, और सताएं और झूठ बोल बोलकर तुम्हारा विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें।

मत्ती 5:12 आनन्दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्होंने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।

मत्ती 5:13 तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा? फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए।

मत्ती 5:14 तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता।

मत्ती 5:15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है।

मत्ती 5:16 उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के सामने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 40-42
  • प्रेरितों 27:1-26

रविवार, 25 जुलाई 2021

विश्वास

 

          बौबी की अकस्मात मृत्यु ने मुझे जीवन के क्षणिक होने और मृत्यु के कटु सत्य के सामने लाकर खड़ा कर दिया। वह मेरे बचपन की सहेली थी, और अभी केवल चौबीस वर्ष की ही थी, जब एक सड़क-दुर्घटना में उसका देहांत हो गया। वह एक बिखरे हुए परिवार में पली-बड़ी हुई थी, और अभी हाल ही में वह कुछ संभली थी, उसने आगे बढ़ना आरंभ किया था। उसने हाल ही में अपना जीवन प्रभु यीशु मसीह को सौंपा था; उसके जीवन का अन्त इतनी शीघ्रता से कैसे हो सकता था?

          कभी-कभी जीवन बहुत छोटा और दुखों से भरा हुआ प्रतीत होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार दाऊद ने भजन 39 में अपने दुखों के लिए विलाप करते हुए कहा: “हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं!  देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं” (पद 4-5)। जीवन अल्पकालीन है। हम चाहे एक सदी जितना भी जी लें, किन्तु समस्त समय में हमारा जीवन फिर भी एक बूंद के समान ही होगा।

          किन्तु फिर भी हम दाऊद के साथ प्रभु परमेश्वर से यह कह सकते हैं कि, “मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है” (पद 7)। हम मसीही विश्वासी यह विश्वास रख सकते हैं कि हमारे जीवनों का एक अर्थ है, महत्व है। चाहे हमारे शरीर क्षीण होते चले जाते हैं, किन्तु हम मसीही विश्वासियों को यह आश्वासन है कि हमारा “भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रति दिन नया होता जाता है”, और एक दिन हम अपने प्रभु परमेश्वर के साथ अनन्त जीवन का आनन्द लेंगे (2 कुरिन्थियों 4:16-5:1)। हम यह जानते हैं क्योंकि परमेश्वर ने हमें बयाने में अपना आत्मा दिया है, जो आने वाली बातों का निश्चय है, और हमें उनका विश्वास दिलाता है (2 कुरिन्थियों 5:5 )। - एलीसन कीड़ा

 

हे प्रभु हम अपना ध्यान उस अनन्त की ओर लगाएँ जो हम आपके साथ बिताएँगे।


और जिसने हमें इसी बात के लिये तैयार किया है वह परमेश्वर है, जिसने हमें बयाने में आत्मा भी दिया है। - 2 कुरिन्थियों 5:5

बाइबल पाठ: भजन 39:1-13

भजन संहिता 39:1 मैं ने कहा, मैं अपनी चाल चलन में चौकसी करूंगा, ताकि मेरी जीभ से पाप न हो; जब तक दुष्ट मेरे सामने है, तब तक मैं लगाम लगाए अपना मुंह बन्द किए रहूंगा।

भजन संहिता 39:2 मैं मौन धारण कर गूंगा बन गया, और भलाई की ओर से भी चुप्पी साधे रहा; और मेरी पीड़ा बढ़ गई,

भजन संहिता 39:3 मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था। सोचते सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा;

भजन संहिता 39:4 हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं!

भजन संहिता 39:5 देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं।

भजन संहिता 39:6 सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!

भजन संहिता 39:7 और अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूं? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है।

भजन संहिता 39:8 मुझे मेरे सब अपराधों के बन्धन से छुड़ा ले। मूढ़ मेरी निन्दा न करने पाए।

भजन संहिता 39:9 मैं गूंगा बन गया और मुंह न खोला; क्योंकि यह काम तू ही ने किया है।

भजन संहिता 39:10 तू ने जो विपत्ति मुझ पर डाली है उसे मुझ से दूर कर दे, क्योंकि मैं तो तरे हाथ की मार से भस्म हुआ जाता हूं।

भजन संहिता 39:11 जब तू मनुष्य को अधर्म के कारण डाँट डपटकर ताड़ना देता है; तब तू उसकी सुन्दरता को पतंगे के समान नाश करता है; सचमुच सब मनुष्य व्यर्थ अभिमान करते हैं।

भजन संहिता 39:12 हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन, और मेरी दोहाई पर कान लगा; मेरा रोना सुनकर शांत न रह! क्योंकि मैं तेरे संग एक परदेशी यात्री के समान रहता हूं, और अपने सब पुरखाओं के समान परदेशी हूं।

भजन संहिता 39:13 आह! इस से पहिले कि मैं यहां से चला जाऊं और न रह जाऊं, मुझे बचा ले जिस से मैं प्रदीप्त जीवन प्राप्त करूं!

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 37-39
  • प्रेरितों 26

शनिवार, 24 जुलाई 2021

घमण्ड

 

          वास्तविक होने का क्या अर्थ होता है? छोटे बच्चों की पुस्तक The Velveteen Rabbit में इसी बड़े प्रश्न का उत्तर दिया गया है। यह पुस्तक एक कहानी है बच्चों की नर्सरी (शिशु सदन) के खिलौनों की, जिनमें से एक वेलवेटीन खरगोश जो वास्तविक बन गया, एक बच्चे के द्वारा उसे प्यार किए जाने की अनुमति देने के द्वारा। उन खिलौनों में से एक अन्य है पुराना और बुद्धिमान स्किन घोड़ा। उस घोड़े ने बहुत से मशीनी खिलौनों को आते, अपने बारे में घमण्ड करते, इठलाते, और कुछ समय के बाद टूटने या खराब हो जाने के कारण बेकार और अनुपयोगी हो जाते हुए देखा था। आरंभ में तो वे मशीनी खिलौने बड़े प्रभावी दिखाई देते थे, किन्तु उनका घमण्ड करना, अन्ततः व्यर्थ रहत था, विशेषकर उन्हें प्रेम से सहलाने के भाव में।

          घमण्ड करने का आरंभ तो बल प्रदर्शन के साथ होता है; किन्तु अन्त में आकर, यह सदा ही धूमिल होकर मिट जाता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में यिर्मयाह नबी ने तीन ऐसे क्षेत्र बताए जिनमें यह प्रकट होता है: “बुद्धिमत्ता ... वीरता ... धन” (यिर्मयाह 9:23)। वह वृद्ध बुद्धिमान नबी, अपने काफी वर्षों के अनुभव से इनके बारे में कुछ बातें तो अवश्य ही जानता था। उसने इस प्रकार से घमण्ड करने का सामना परमेश्वर के वचन से किया: “परन्तु जो घमण्ड करे वह इसी बात पर घमण्ड करे, कि वह मुझे जानता और समझता हे, कि मैं ही वह यहोवा हूँ, जो पृथ्वी पर करुणा, न्याय और धर्म के काम करता है; क्योंकि मैं इन्हीं बातों से प्रसन्न रहता हूँ” (पद 24)।

          हम मसीही विश्वासी जो कि परमेश्वर की संतान हैं, अपने विषय नहीं वरन अपने परमेश्वर पिता के बारे में घमण्ड करें, उसी का व्याख्यान करें। हमारे प्रति उसके महान प्रेम के प्रकटीकरण की खुलती जाती कहानी में, यह अद्भुत है कि मैं और आप उसके प्रेम के कारण उसकी समानता में बदलते चले जा रहे हैं, और एक दिन उसके समान हो जाएँगे। - जॉन ब्लेज़

 

हे पिता परमेश्वर, मैं केवल आप में और आपके महान चिर-स्थाई प्रेम में ही घमण्ड करूं।


क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहलौठा ठहरे। - रोमियों 8:29

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 9:23-29

यिर्मयाह 9:23 यहोवा यों कहता है, बुद्धिमान अपनी बुद्धि पर घमण्ड न करे, न वीर अपनी वीरता पर, न धनी अपने धन पर घमण्ड करे;

यिर्मयाह 9:24 परन्तु जो घमण्ड करे वह इसी बात पर घमण्ड करे, कि वह मुझे जानता और समझता हे, कि मैं ही वह यहोवा हूँ, जो पृथ्वी पर करुणा, न्याय और धर्म के काम करता है; क्योंकि मैं इन्हीं बातों से प्रसन्न रहता हूँ।

यिर्मयाह 9:25 देखो, यहोवा की यह वाणी है कि ऐसे दिन आने वाले हैं कि जिनका खतना हुआ हो, उन को खतनारहितों के समान दण्ड दूंगा,

यिर्मयाह 9:26 अर्थात मिस्रियों, यहूदियों, एदोमियों, अम्मोनियों, मोआबियों को, और उन रेगिस्तान के निवासियों के समान जो अपने गाल के बालों को मुंड़ा डालते हैं; क्योंकि ये सब जातियाँ तो खतनारहित हैं, और इस्राएल का सारा घराना भी मन में खतनारहित है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 35-36
  • प्रेरितों 25

शुक्रवार, 23 जुलाई 2021

दृष्टि

 

          बचपन में, मैं भी किसी भी अन्य बच्चे के समान ही शरारती थी, और अपनी शरारतों और बुराइयों को छिपाने के प्रयास करती थी, जिससे उनके लिए मुझे कोई दण्ड न मिले। लेकिन फिर भी अकसर मेरी माँ को तुरंत ही पता चल जाता था। मुझे अचंभा होता था कि वह कैसे मेरी शैतानियों के बारे में सब कुछ जान लेती थी। मैं जब भी अचंभित होकर उससे इसके बारे में पूछती, तो माँ का एक ही उत्तर होता था, “मेरे सिर के पीछे भी आँखें है।”  इस कारण जब भी उसकी पीठ मेरी ओर होती थी तो मैं बड़े ध्यान से उसके सिर को देखती रहती थी, कि उसकी उन आँखों को देखने पाऊँ – क्या वे आँखें अदृश्य थीं या उसके बालों से ढकी रहती थीं? बड़ी होते हुए, मैंने उसकी उन अतिरिक्त आँखों के प्रमाण को ढूँढना बन्द कर दिया, क्योंकि मुझे एहसास हो गया था कि मैं उतनी चतुर थी नहीं जितना मैं अपने आप को समझती थी। माँ की ध्यान से हम बच्चों पर लगी रहने वाली दृष्टि, हमारे प्रति उसके प्रेम और देखभाल का प्रमाण थी।

          मैं अपनी माँ की उस सतर्क दृष्टि और देखभाल के लिए बहुत कृतज्ञ हूँ (चाहे कभी-कभी मुझे लगता था कि मेरी शैतानी उसकी दृष्टि में नहीं आनी चाहिए थी), किन्तु उससे भी अधिक कृतज्ञ मैं इस बात के लिए हूँ कि परमेश्वर स्वर्ग पर से भी “सब मनुष्यों को निहारता है” (भजन 33:13)। वह केवल वह सब ही नहीं देखता है जो हम करते रहते हैं; वो हमारे दुखों, हमारी प्रसन्नता, और एक-दूसरे के प्रति हमारे प्रेम तथा व्यवहार आदि को भी देखता रहता है।

          परमेश्वर हमारे वास्तविक चरित्र को देखता है और उसे हमेशा पता होता है कि हमें किस बात की आवश्यकता है। अपनी सिद्ध दृष्टि से वह हमारे हृदयों की भीतरी दशा को भी देखता है, और जो उससे प्रेम करते हैं और उसमें अपनी आशा बनाए रखते हैं, उन पर अपनी सुरक्षा की दृष्टि बनाए रहता है। वह हम से प्रेम करने और हमारी देखभाल करने वाला पिता है, जिसकी दृष्टि से हम कभी ओझल नहीं होते हैं। - किर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर सारे संसार पर, विशेषकर अपने बच्चों पर, अपनी दृष्टि को बनाए रखता है।


 और हे मेरे पुत्र सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा। - 1 इतिहास 28:9

बाइबल पाठ: भजन 33:6-19

भजन संहिता 33:6 आकाशमण्डल यहोवा के वचन से, और उसके सारे गण उसके मुंह ही श्वास से बने।

भजन संहिता 33:7 वह समुद्र का जल ढेर के समान इकट्ठा करता; वह गहिरे सागर को अपने भण्डार में रखता है।

भजन संहिता 33:8 सारी पृथ्वी के लोग यहोवा से डरें, जगत के सब निवासी उसका भय मानें!

भजन संहिता 33:9 क्योंकि जब उसने कहा, तब हो गया; जब उसने आज्ञा दी, तब वास्तव में वैसा ही हो गया।

भजन संहिता 33:10 यहोवा अन्य अन्य जातियों की युक्ति को व्यर्थ कर देता है; वह देश देश के लोगों की कल्पनाओं को निष्फल करता है।

भजन संहिता 33:11 यहोवा की युक्ति सर्वदा स्थिर रहेगी, उसके मन की कल्पनाएं पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहेंगी।

भजन संहिता 33:12 क्या ही धन्य है वह जाति जिसका परमेश्वर यहोवा है, और वह समाज जिसे उसने अपना निज भाग होने के लिये चुन लिया हो!

भजन संहिता 33:13 यहोवा स्वर्ग से दृष्टि करता है, वह सब मनुष्यों को निहारता है;

भजन संहिता 33:14 अपने निवास के स्थान से वह पृथ्वी के सब रहने वालों को देखता है,

भजन संहिता 33:15 वही जो उन सभों के हृदयों को गढ़ता, और उनके सब कामों का विचार करता है।

भजन संहिता 33:16 कोई ऐसा राजा नहीं, जो सेना की बहुतायत के कारण बच सके; वीर अपनी बड़ी शक्ति के कारण छूट नहीं जाता।

भजन संहिता 33:17 बच निकलने के लिये घोड़ा व्यर्थ है, वह अपने बड़े बल के द्वारा किसी को नहीं बचा सकता है।

भजन संहिता 33:18 देखो, यहोवा की दृष्टि उसके डरवैयों पर और उन पर जो उसकी करुणा की आशा रखते हैं बनी रहती है,

भजन संहिता 33:19 कि वह उनके प्राण को मृत्यु से बचाए, और अकाल के समय उन को जीवित रखे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 31-32
  • प्रेरितों 23:16-35