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गुरुवार, 2 सितंबर 2010

धैर्य और विश्वास

क्या आपने ध्यान दिया कि कभी कभी दूसरों द्वारा कोई बात भूलने के कारण आपके धैर्य की कैसी परीक्षा होती है? मैं एक कॉलेज का प्राध्यापक हूँ और कई बार जब कोई छात्र अपने वे कार्य करना भूल जाते हैं जो उनके पाठ्यक्रम में स्पष्ट लिखे हैं, तो मुझे उअनके प्रति अपने धैर्य को बनाए रखने के लिये काफी प्रयास करना पड़ता है।

पुराने नियम में यूसुफ की कहानी में हम इससे भी बुरा उदाहरण पाते हैं, और हम बस कल्पना ही कर सकते हैं कि निरपराध यूसुफ ने अपने उपर हुए अन्याय में भी धैर्य बनाए रखने के लिये कितना कष्ट उठाया होगा।

हुआ यूं कि बन्दीगृह में यूसुफ ने फिरौन (राजा) के समक्ष प्याला रखने वाले के स्वप्न का अर्थ बताया, और यूसुफ के कहे के अनुसार वह बन्दीगृह से स्वतंत्र हो गया। युसुफ ने साथ ही उससे यह निवेदन भी किया था कि, "सो जब तेरा भला हो जाए तब मुझे स्मरण करना, और मुझ पर कृपा करके, फिरौन से मेरी चर्चा चलाना, और इस घर से मुझे छुड़वा देना।" ( उत्पत्ति ४०:१४)। यह मानना स्वाभाविक है कि अपने स्वतंत्र होने के बाद, वह व्यक्ति यूसुफ को आभार सहित याद रखेगा और अवश्य उसके लिये कुछ करेगा। परन्तु ऐसा नहीं हुअ, वह भूल गया और दो वर्ष के बाद ही उसे यूसुफ की याद आई और तब उसने फिरौन से यूसुफ के बारे में बात करी (उत्पत्ति ४१:९) और फिर युसुफ बन्दीगृह से छुड़ाया गया।

बेकुसूर यूसुफ की बन्दीगृह से छुड़ाए जाने के लिये अधीरता की कल्पना कीजिये, किंतु युसुफ के साथ परमेश्वर था (उतपत्ति ३९:२१),और उसने अपना धैर्य नहीं खोया और अपनी खराई को बनाए रखा; और परमेश्वर ने यूसुफ को सही समय पर छुड़ाया जिससे वह बन्दीगृह से निकल कर सीधा फिरौन का प्रधानमंत्री बना और राजा के बाद सारे मिस्त्र देश पर उसी का नाम और अधिकार हुआ।

आज भी परमेश्वर अपने विश्वासियों और उससे प्रेम करने वालों के साथ ऐसे ही बना रहता है (इब्रानियों १३:५)। जब कभी आप परिस्थितियों के कारण विचलित होकर अधीर होने लगें तो अपने अनुग्रहकारी परमेश्वर पिता का सहारा लीजिए और वह आपकी अधीरता के स्थान पर आपको धैर्य और विश्वास से भर देगा। - डेव ब्रैनन


धैर्य का अर्थ है, बिना परमेश्वर के प्रेम पर शक किये, परमेश्वर के समय का इंतिज़ार करना।

क्‍योंकि उस[परमेश्वर] ने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों १३:५


बाइबल पाठ: उतपत्ति ४०:१-१४, २३

इन बातों के पश्चात्‌ ऐसा हुआ, कि मिस्र के राजा के पिलानेहारे और पकानेहारे ने अपने स्वामी का कुछ अपराध किया।
तब फिरौन ने अपने उन दोनों हाकिमों पर, अर्थात पिलानेहारे के प्रधान, और पकानेहारों के प्रधान पर क्रोधित होकर
उन्हें कैद करा के, जल्लादों के प्रधान के घर के उसी बन्दीगृह में, जहां यूसुफ बन्धुआ था, डलवा दिया।
तब जल्लादों के प्रधान ने उनको यूसुफ के हाथ सौपा, और वह उनकी सेवा टहल करने लगा: सो वे कुछ दिन तक बन्दीगृह में रहे।
और मिस्र के राजा का पिलानेहारा और पकानेहारा, जो बन्दीगृह में बन्द थे, उन दोनों ने एक ही रात में, अपने अपने होनहार के अनुसार, स्वप्न देखा।
बिहान को जब यूसुफ उनके पास अन्दर गया, तब उन पर उस ने जो दृष्टि की, तो क्या देखता है, कि वे उदास हैं।
सो उस ने फिरौन के उन हाकिमों से, जो उसके साथ उसके स्वामी के घर के बन्दीगृह में थे, पूछा, कि आज तुम्हारे मुंह क्यों उदास हैं ?
उन्होंने उस से कहा, हम दोनो ने स्वप्न देखा है, और उनके फल का बताने वाला कोई भी नहीं। यूसुफ ने उन से कहा, क्या स्वप्नों का फल कहना परमेश्वर का काम नहीं है? मुझे अपना अपना स्वप्न बताओ।
तब पिलानेहारों का प्रधान अपना स्वप्न यूसुफ को यों बताने लगा: कि मैं ने स्वप्न में देखा, कि मेरे साम्हने एक दाखलता है;
और उस दाखलता में तीन डालियां हैं: और उस में मानो कलियां लगीं हैं, और वे फूलीं और उसके गुच्छों में दाख लगकर पक गई।
और फिरौन का कटोरा मेरे हाथ में था: सो मै ने उन दाखों को लेकर फिरौन के कटोरे में निचोड़ा और कटोरे को फिरौन के हाथ में दिया।
यूसुफ ने उस से कहा, इसका फल यह है कि तीन डालियों का अर्थ तीन दिन है:
सो अब से तीन दिन के भीतर फिरौन तेरा सिर ऊंचा करेगा, और फिर से तेरे पद पर तुझे नियुक्त करेगा, और तू पहले की समान फिरौन का पिलानेहारा होकर उसका कटोरा उसके हाथ में फिर दिया करेगा।
सो जब तेरा भला हो जाए तब मुझे स्मरण करना, और मुझ पर कृपा करके, फिरौन से मेरी चर्चा चलाना, और इस घर से मुझे छुड़वा देना।
फिर भी पिलानेहारों के प्रधान ने यूसुफ को स्मरण न रखा, परन्तु उसे भूल गया।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १३७-१३९
  • १ कुरिन्थियों १३

बुधवार, 1 सितंबर 2010

जीवन की दौड़

सबसे पुरानी लंबी दूरी की दौड़ - The Comrades Marathon सन १९२१ में आरंभ हुई थी। यह दौड़ ९० कि.मी. (५६ मील) की दूरी की है और दक्षिणी अफ्रीका में सालाना आयोजित करी जाती है। ब्रूस फोरडिस १९८० के दशक में इस दौड़ पर छाया रहा, सन १९८१ से १९९० तक उसने ९ बार इस दौड़ को जीता। इस दैड़ को ५ घंटे २४ मिनिट और ७ सैकिंड में दौड़ने का उसके द्वारा १९८६ में स्थापित रिकार्ड २१ साल - सन २००७ तक कायम रहा। मुझे अचंभा होता है कि वह इस दौड़ को हर साल दौड़ता रहा है।

एक प्रकार से हम मसीही विश्वासी भी एक लंबी दूरी की दौड़ में भाग ले रहे हैं। जीवन की इस दौड़ को दौड़ने और भली भांति पूरा करने के लिये बहुत सहनशक्ति की आवश्यक्ता होती है। पौलुस प्रेरित ने फिलिप्पियों के विश्वासियों को अपनी पत्री में लिखा कि किस प्रकार वह "...जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है" (फिलिप्पियों ३:१३, १४)।

हमारे प्रभु यीशु ने हमें हर विपरीत परिस्थिति के बावजूद, जीवन की दौड़ को दौड़ने का उदाहरण प्रस्तुत किया; बाइबल सिखाती है कि "...विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें, जिस ने उस आनन्‍द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न करके, क्रूस का दुख सहा...। इसलिये उस पर ध्यान करो, जिस ने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया; कि तुम निराश होकर हियाव न छोड़ दो।" जैसे प्रभु यीशु अपनी दौड़ पूरी करके "... सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा" (इब्रानियों १२:२, ३), वैसे ही हमें भी अपनी दौड़ भली भांति पूरी करने पर हमारा प्रतिफल मिलेगा।

जीवन की दौड़ को सफलता पूर्वक पूरा करने की कुंजी है उस परम आनन्द पर ध्यान लगाये रखना जो इस जीवन के पश्चात, अनन्त जीवन में प्रवेश करने पर, प्रभु यीशु के साथ प्रत्येक विश्वासी को मिलेगा। - सी. पी. हिया


मसीही विश्वासी के लिये की जीवन की दौड़ हारने-जीतने की प्रतियोगिता नहीं वरन प्रभु में उसकी सहनशक्ति का माप है।

निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है - फिलिप्पियों ३:१४


बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ३:१२-२१

यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।
हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्‍तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ।
निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।
सो हम में से जितने सिद्ध हैं, यही विचार रखें, और यदि किसी बात में तुम्हारा और ही विचार हो तो परमेश्वर उसे भी तुम पर प्रगट कर देगा।
सो जहां तक हम पहुंचे हैं, उसी के अनुसार चलें।
हे भाइयो, तुम सब मिलकर मेरी सी चाल चलो, और उन्‍हें पहिचान रखो, जो इस रीति पर चलते हैं जिस का उदाहरण तुम हम में पाते हो।
क्‍योंकि बहुतेरे ऐसी चाल चलते हैं, जिन की चर्चा मैं ने तुम से बार बार किया है और अब भी रो रोकर कहता हूं, कि वे अपनी चालचलन से मसीह के क्रूस के बैरी हैं।
उन का अन्‍त विनाश है, उन का ईश्वर पेट है, वे अपनी लज्ज़ा की बातों पर घमण्‍ड करते हैं, और पृथ्वी की वस्‍तुओं पर मन लगाए रहते हैं।
पर हमारा स्‍वदेश स्‍वर्ग पर है और हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने ही बाट जोह रहे हैं।
वह अपनी शक्ति के उस प्रभाव के अनुसार जिस के द्वारा वह सब वस्‍तुओं को अपने वश में कर सकता है, हमारी दीन-हीन देह का रूप बदलकर, अपनी महिमा की देह के अनुकूल बना देगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १३५, १३६
  • १ कुरिन्थियों १२

मंगलवार, 31 अगस्त 2010

प्रेम के स्मृति-चिन्ह

जब १९४१ में अमेरिका दूसरे विश्वयुद्ध में उतरा तो एस्टेल ने बहुत प्रयास किया कि उसका प्रेमी सिडनी सेना में भरती न हो, परन्तु वह न माना। वह सेना में भर्ती हुआ और प्रशिक्षण लिया और युद्ध पर गया। अगले तीन वर्ष तक, युद्ध भूमि से वह एस्टेल को प्रेम पत्र लिखता रहा, उसने कुल ५२५ पत्र लिखे। मार्च १९४५ में एस्टेल को मालूम पड़ा कि उसका प्रीय मंगेतर युद्ध में मारा गया।

एस्टेल ने आखिरकर शादी तो कर ली, पर अपने पहले प्रेम की यादों को वह कभी भुली नहीं। अपने पहले प्रेम को सम्मानित करने के लिये, ६० वर्ष पश्चात उसने एक पुस्तक प्रकाशित करी - सिडनी के युद्धकालीन पत्रों के अपने संकलन की।

उन पत्रों की तरह, हमारे प्रभु ने भी हमारे प्रति अपने प्रेम के स्मृति-चिन्ह रख छोड़े हैं - उसका वचन। प्रभु कहता है:
"मैं तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ, इस कारण मैं ने तुझ पर अपनी करुणा बनाए रखी है।" - यर्मियाह ३१:३
"जैसा पिता ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही मैंने तुम से प्रेम रखा, मेरे प्रेम में बने रहो।" - युहन्ना १५:९
बाइबल हमें यह भी बताती है कि "मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम करके अपने आप को उसके लिये दे दिया।" - इफिसियों ५:२५
"जिस [यीशु] ने अपने आप को हमारे लिये दे दिया, कि हमें हर प्रकार के अधर्म से छुड़ा ले, और शुद्ध करके अपने लिये एक ऐसी जाति बना ले जो भले भले कामों में सरगर्म हो।" - तीतुस २:१४
"...परमेश्वर प्रेम है।" - १ युहन्ना ४:८

परमेश्वर के वचन को बारंबार पढ़िये और स्मरण रखिये कि यीशु ने आपसे प्रेम किया है और आपके लिये अपनी जान दी है। - एनी सेटास


परमेश्वर का प्रेम अतुल्य है।

...परमेश्वर प्रेम है। - १ युहन्ना ४:८


बाइबल पाठ: युहन्ना १९:१-७, १६-१८

इस पर पीलातुस ने यीशु को लेकर कोड़े लगवाए।
और सिपाहियों ने कांटों का मुकुट गूंथकर उसके सिर पर रखा, और उसे बैंजनी वस्‍त्र पहिनाया।
और उसके पास आ आकर कहने लगे, हे यहूदियों के राजा, प्रणाम! और उसे थप्‍पड़ मारे।
तब पीलातुस ने फिर बाहर निकल कर लोगों से कहा, देखो, मैं उसे तुम्हारे पास फिर बाहर लाता हूं ताकि तुम जानो कि मैं उसमें कुछ भी दोष नहीं पाता।
तब यीशु कांटों का मुकुट और बैंजनी वस्‍त्र पहिने हुए बाहर निकला और पीलातुस ने उन से कहा, देखो, यह पुरूष।
जब महायाजकों और प्यादों ने उसे देखा, तो चिल्लाकर कहा, कि उसे क्रूस पर चढ़ा, क्रूस पर : पीलातुस ने उन से कहा, तुम ही उसे लेकर क्रूस पर चढ़ाओ क्‍योंकि मैं उस में दोष नहीं पाता।
यहूदियों ने उस को उत्तर दिया, कि हमारी भी व्यवस्था है और उस व्यवस्था के अनुसार वह मारे जाने के योग्य है क्‍योंकि उस ने अपने आप को परमेश्वर का पुत्र बनाया। तब उस ने उसे उन के हाथ सौंप दिया ताकि वह क्रूस पर चढ़ाया जाए।।
तब वे यीशु को ले गए। और वह अपना क्रूस उठाए हुए उस स्थान तक बाहर गया, जो खोपड़ी का स्थान कहलाता है और इब्रानी में गुलगुता।
वहां उन्‍होंने उसे और उसके साथ और दो मनुष्यों को क्रूस पर चढ़ाया, एक को इधर और एक को उधर, और बीच में यीशु को।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १३५, १३६
  • १ कुरिन्थियों ११:१७-३४

सोमवार, 30 अगस्त 2010

हीरों से भी बेशकीमती

खगोल शास्त्रियों को आकाश मंडल में अपनी खोज के दौरान एक ऐसे तारे का पता लगा जो बुझ कर ठंडा हो गया , सिकुड़ कर विशालकाय हीरा बन गया था। पृथ्वी पर पाया गया सबसे बड़ा हीरा ’कलिनन हीरे’ के नाम से जाना जाता है और उसका वज़न है ३१०० कैरट, इसकी तुलना में आकाश मंडल में पाए गए उस हीरे का वज़न हज़ारों खरबों कैरट है।

हमारे संसार में हीरों की कीमत उनके अनूठेपन, सौन्दर्य और टिकाऊ होने से होती है; कहावत है कि ’हीरा सदा के लिये होता है’। किंतु परमेश्वर हीरों से आसक्त नहीं है, उसके लिये तो कुछ और ही है जिसे वह बेशकीमती मानता है।

हज़ारों साल पहले, दाउद ने अचंभा किया कि परमेश्वर ने मनुष्य जाति को इतना कीमती क्योंकर जाना? दाउद ने कहा कि "तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले? क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है" (भजन ८:४, ५)।

असलियत तो यह है कि परमेश्वर ने हमारी इतनी कीमत आंकी कि पाप और उसके दण्ड से हमारे छुटकारे के लिये उसने अपने प्रीय पुत्र मसीह यीशु को दे दिया (१ पतरस १:१८, १९)।

यदि परमेश्वर हमें इतना बहुमूल्य मानता है तो हमें भी उन लोगों को कीमती मानना चाहिये जिन्हें वह हमारे जीवनों में लेकर आता है। हमें चाहिये कि उन लोगों को हम प्रभु के समक्ष अपनी प्रार्थनाओं में लेकर आएं। परमेश्वर से प्रार्थना करें कि वह हमें दिखाए कि कैसे प्रत्येक मनुष्य सृष्टी के सबसे बेशकीमती हीरे से भी बहुमूल्य है। - डेनिस फिशर


यीशु के लिये हम सबसे बहुमूल्य हीरे से भी अधिक कीमती हैं।

तू ने...महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है। - भजन ८:५


बाइबल पाठ: भजन ८

हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना विभव स्वर्ग पर दिखाया है।
तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे।
जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं,
तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?
क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है।
तू ने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है, तू ने उसके पांव तले सब कुछ कर दिया है।
सब भेड़-बकरी और गाय-बैल और जितने वन पशु हैं,
आकाश के पक्षी और समुद्र की मछलियां, और जितने जीव-जन्तु समुद्रों में चलते फिरते हैं।
हे यहोवा, हे हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १२९-१३१
  • १ कुरिन्थियों ११:१-१६

रविवार, 29 अगस्त 2010

प्रेम की सामर्थ

एक डॉक्युमेन्टरी फिल्म "Young@Heart" (दिल से जवान) २४ गायकों के ऐसे समूह की रोचक कहानी है जिनकी औसत आयु ८० वर्ष है। इस फिल्म में उनके इस गुट के कार्यों को बड़े रोचक, विनोद से भरे और हलके फुलके अन्दाज़ में दिखाया गया है। इस फिल्म की एक मर्मस्पर्षी घटना है जब वे एक बन्दीगृह में जाकर अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं, और कार्यक्रम के अन्त में वे मंच से उतरकर उपस्थित बन्दियों के बीच में चले जाते हैं और उनके के साथ हाथ मिलाकर और उन से गले लगकर, उन अवाक कैदियों का अभिनन्दन करते हैं।

कैदी उनके इस कोमल और अप्रतिक्षित व्यवहार से प्रभावित और विस्मित हुए। यह मुझे स्पनयाह की पुस्तक स्मरण दिलाता है जहां स्पन्याह भविष्यद्वक्ता दुखः में पड़े लोगों के लिये परमेश्वर की उपस्थिति और प्रेम का सन्देश लेकर आता है - "तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे बीच में है, वह उद्धार करने में पराक्रमी है वह तेरे कारण आनन्द से मगन होगा, वह अपने प्रेम के मारे चुप ना रहेगा, वह फिर ऊंचे स्वर से गाता हुआ तेरे कारण मगन होगा" (स्पन्याह ३:१७)।

बाइबल शिक्षिका हेनरीयटा मेयर्स के अनुसार, "स्पन्याह की पुस्तक का आरंभ तो दुखः के साथ, परन्तु अन्त आनन्द के गीत के साथ होता है। पुस्तक के पहले भाग में उदासी और निराशा है, किंतु अन्तिम भाग में पुराने नियम में पाये जाने वाले प्रेम के सबसे मधुर गीत हैं।"

परमेश्वर का प्रेम हमें सदा चकित करता रहता है, विशेषकर तब जब वह हमें जीवन के किसी निराशा से भरे समय में छूता है। निराशा के ऐसे समयों में परमेश्वर हमारे पास अपने आनन्द, अपने प्रेम और अपने गीत लिये हुए आता है। - डेविड मैककैसलैंड


परमेश्वर की वाटिका में हम कभी न भुलाए जाने वाले सुमन की तरह हैं।

तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे बीच में है, वह उद्धार करने में पराक्रमी है वह तेरे कारण आनन्द से मगन होगा, वह अपने प्रेम के मारे चुप ना रहेगा, वह फिर ऊंचे स्वर से गाता हुआ तेरे कारण मगन होगा। - स्पन्याह ३:१७


बाइबल पाठ: स्पन्याह ३:१४-२०

हे सिय्योन, ऊंचे स्वर से गा, हे इस्राएल, जयजयकार कर! हे यरूशलेम अपने सम्पूर्ण मन से आनन्द कर, और प्रसन्न हो!
यहोवा ने तेरा दण्ड दूर कर दिया और तेरा शत्रु भी दूर किया गया है। इस्राएल का राजा यहोवा तेरे बीच में है, इसलिये तू फिर विपत्ति न भोगेगी।
उस समय यरूशलेम से यह कहा जाएगा, हे सिय्योन मत डर, तेरे हाथ ढीले न पड़ने पाएं।
तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे बीच में है, वह उद्धार करने में पराक्रमी है वह तेरे कारण आनन्द से मगन होगा, वह अपने प्रेम के मारे चुप ना रहेगा, फिर ऊंचे स्वर से गाता हुआ तेरे कारण मगन होगा।
जो लोग नियत पर्वो में सम्मिलित न होने के कारण खेदित रहते हैं, उनको मैं इकट्ठा करूंगा, क्योंकि वे तेरे हैं और उसकी नामधराई उनको बोझ जान पड़ती है।
उस समय मैं उन सभों से जो तुझे दु:ख देते हैं, उचित बर्ताव करूंगा। और मैं लंगड़ों को चंगा करूंगा, और बरबस निकाले हुओं को इकट्ठा करूंगा, और जिनकी लज्जा की चर्चा सारी पृथ्वी पर फैली है, उनकी प्रशंसा और कीर्ति सब कहीं फैलाऊंगा।
उसी समय मैं तुम्हें ले जाऊंगा, और उसी समय मैं तुम्हें इकट्ठा करूंगा, और जब मैं तुम्हारे साम्हने तुम्हारे बंधुओं को लौटा लाऊंगा, तब पृथ्वी की सारी जातियों के बीच में तुम्हारी कीर्ति और प्रशंसा फैला दूंगा, यहोवा का यही वचन है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १२६-१२८
  • १ कुरिन्थियों १०:१९-३३

शनिवार, 28 अगस्त 2010

पलटी हुई भेड़

अपनी सुप्रसिद्ध पुस्तक "A Shepherd Looks at Psalm 23" (भजन २३ - एक चरवाहे के नज़रिये से) में फिलिप केलेर भेड़ों के प्रति चरवाहों की देख-रेख और कोमलता का सजीव चित्रण प्रस्तुत करते हैं। भजन के तीसरे पद को समझाने के लिये, जहां दाउद कहता है "वह मेरे जी में जी ले आता है" फिलिप भेड़ों की देख-रेख से संबन्धित ऐसे उदाहरणों का उपयोग करता है जिन्हे हर एक चरवाहा पहचानता है।

भेड़ों के शरीर का गठन ऐसा होता है कि यदि वे किसी एक तरफ गिरकर पलट जाएं और पीठ के बल हो जाएं तो उनके लिये फिर अपने आप सीधे खड़े हो जाना बहुत कठिन होता है; वे केवल हवा में अपनी टांगें चलाती और मिमियाती रहती हैं, किंतु सीधी नहीं हो पातीं। ऐसे कुछ घंटे पलटे हुए पड़े रहने से उनके पेट में हवा जमा होने लगती है, पेट के फूलने से उनके सांस लेने में बाधा उत्पन्न होने लगती है और फिर वे सांस रुकने से मर जातीं हैं। उनकी इस स्थिति को पलटी हुई स्थिति कहते हैं।

जब चरवाहा ऐसी पलटी हुई भेड़ को फिर सीधा खड़ा करता है, तो वह उससे कोमलता से बात करता है, उसके टांगों की मालिश करके उनमें खून का प्रवाह ठीक करता है, फिर धीरे से उसे सीधा करके उसे अपने हाथों में उठा लेता है और उसके फिर से संतुलन पा लेने तक उसे सहारा दिये रहता है।

जो परमेश्वर हमारे लिये करना चाहता है यह उसका कितना अद्भुत चित्र है। जब हम परेशानियों के कारण ’पलटे’ हुए होते हैं, दुखः या असन्तोष या पाप के प्रभाव में छटपटा रहे होते हैं, हमारा प्रेमी और अच्छा चरवाहा अपने अनुग्रह से हमें सांत्वना देता है, हमें उठा कर खड़ा करता है और जब तक हम अपना आत्मिक सन्तुलन फिर प्राप्त न कर लें, वह हमें संभाले रहता है।

यदि किसी भी कारण से आप ’पलट’ गए हैं, तो परमेश्वर ही है जो अच्छे चरवाहे के समान आपको फिर से खड़ा कर सकता है। वही है जो आपके विश्वास, आनन्द और सामर्थ को आपको फिर से लौटा कर दे सकता है। - मार्विन विलियम्स


जो लाचार और कमज़ोर हैं वे उस ’अच्छे चरवाहे’ की विशेष देख-रेख में रहते हैं।

वह मेरे जी में जी ले आता है - भजन २३:३


बाइबल पाठ: भजन २३

यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी।
वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है, वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है;
वह मेरे जी में जी ले आता है। धर्म के मार्गो में वह अपने नाम के निमित्त अगुवाई करता है।
चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में होकर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है, तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।
तू मेरे सताने वालों के साम्हने मेरे लिये मेज बिछाता है, तू ने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमण्ड रहा है।
निश्चय भलाई और करूणा जीवन भर मेरे साथ साथ बनी रहेंगी और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १२३-१२५
  • १ कुरिन्थियों १०:१-१८

शुक्रवार, 27 अगस्त 2010

हल्का मन

हम मसीही कभी कभी अपने गौरव को बनाए रखने के भ्रम में आवश्यक्ता से अधिक गंभीर और विनोद रहित हो जाते हैं। यह एक अजीब व्यवहार है, यह जानते हुए कि हम उस परमेश्वर के लोग हैं जिसने हंसी और आनन्द का अद्भुत दान हमें दिया है।

आनन्द-विनोद करना कोई गलत बात नहीं है, हर परिवार इसे अपने ही तरीके से करता है। मैं परमेश्वर का धन्यवादी हूँ कि उसने मुझे हंसी खुशी से भरे परिवार में रखा है। परिवार के हम सब सदस्य, आपस में हंसी मज़ाक करने, एक दूसरे की टांग खेंचने और एक दूसरे के साथ किसी न किसी बात में स्वस्थ प्रतियोगिता करने में लगे रहते हैं। हंसी हमारे जीवन की अनेक कठिनाईयों में परमेश्वर का ऐसा वरदान रहा है, जिसके साथ हम उन में से निकल सके। परमेश्वर का आनन्द अक्सर हमारा शरण स्थान और दृढ़ गढ़ रहा है (नेहेमेयाह ८:१०)।

जब राजा दाउद वाचा का पवित्र सन्दूक ओबेदेदोम के घर से यरुशलेम में लेकर आया तो "यहोवा के सम्मुख तन मन से नाचता रहा" ( २ शमुएल ६:१४)। पद १६ बताता है कि "जब यहोवा का सन्दूक दाऊदपुर में आ रहा था, तब शाऊल की बेटी मीकल ने खिड़की में से झांककर दाऊद राजा को यहोवा के सम्मुख नाचते कूदते देखा, और उसे मन ही मन तुच्छ जाना।" मीकल, जो दाउद की पत्नी भी थी, को लगा कि दाउद का यह करना उसके राजा होने की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं था और उसने दाउद को इसके लिये कड़ा उलाहना दिया। दाउद की प्रतिक्रिया थी कि वह परमेश्वर के सम्मुख अपने आप को और भी तुच्छ कर लेगा (पद २२) क्योंकि परमेश्वर में, दाउद का मन हलका और निश्चिंत था।

हंसी और आनन्द के लिये समय निकालिये (सभोपदेशक ३:४)। - डेविड रोपर


स्वस्थ हंसी बेशकीमती होती है।

मन का आनन्द अच्छी औषधि है, परन्तु मन के टूटने से हड्डियां सूख जाती हैं। - नीतिवचन १७:२२


बाइबल पाठ: २ शमुएल ६:१२-२३

तब दाऊद राजा को यह बताया गया, कि यहोवा ने ओबेदेदोम के घराने पर, और जो कुछ उसका है, उस पर भी परमेश्वर के सन्दूक के कारण आशिष दी है। तब दाऊद ने जाकर परमेश्वर के सन्दूक को ओबेदेदोम के घर से दाऊदपुर में आनन्द के साथ पहूंचा दिया।
जब यहोवा के सन्दूक के उठानेवाले छ: कदम चल चुके, तब दाऊद ने एक बैल और एक पाला पोसा हुआ बछड़ा बलि कराया।
और दाऊद सनी का एपोद कमर में कसे हुए यहोवा के सम्मुख तन मन से नाचता रहा।
यों दाऊद और इस्राएल का समस्त घराना यहोवा के सन्दूक को जय जयकार करते और नरसिंगा फूंकते हुए ले चला।
जब यहोवा का सन्दूक दाऊदपुर में आ रहा था, तब शाऊल की बेटी मीकल ने खिड़की में से झांककर दाऊद राजा को यहोवा के सम्मुख नाचते कूदते देखा, और उसे मन ही मन तुच्छ जाना।
और लोग यहोवा का सन्दूक भीतर ले आए, और उसके स्थान में, अर्थात उस तम्बू में रखा, जो दाऊद ने उसके लिये खड़ा कराया था, और दाऊद ने यहोवा के सम्मुख होमबलि और मेलबलि चढ़ाए।
जब दाऊद होमबलि और मेलबलि चढ़ा चुका, तब उस ने सेनाओं के यहोवा के नाम से प्रजा को आशीर्वाद दिया।
तब उस ने समस्त प्रजा को, अर्थात‌, क्या स्त्री क्या पुरुष, समस्त इस्राएली भीड़ के लोगों को एक एक रोटी, और एक एक टुकड़ा मांस, और किशमिश की एक एक टिकिया बंटवा दी। तब प्रजा के सब लोग अपने अपने घर चले गए।
तब दाऊद अपने घराने को आशीर्वाद देने के लिये लौटा। और शाऊल की बेटी मीकल दाऊद से मिलने को निकली, और कहने लगी, आज इस्राएल का राजा जब अपना शरीर अपके कर्मचारियों की लौंडियों के साम्हने ऐसा उघाड़े हुए था, जैसा कोई निकम्मा अपना तन उघाढ़े रहता है, तब क्या ही प्रतापी देख पड़ता था!
दाऊद ने मीकल से कहा, यहोवा, जिस ने तेरे पिता और उसके समस्त घराने की सन्ती मुझ को चुनकर अपनी प्रजा इस्राएल का प्रधान होने को ठहरा दिया है, उसके सम्मुख मैं ने ऐसा खेला--और मैं यहोवा के सम्मुख इसी प्रकार खेला करूंगा।
और इस से भी मैं अधिक तुच्छ बनूंगा, और अपने लेखे नीच ठहरूंगा, और जिन लौंडियों की तू ने चर्चा की वे भी मेरा आदरमान करेंगी।
और शाऊल की बेटी मीकल के मरने के दिन तक उसके कोई सन्तान न हुआ।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १२०-१२२
  • १ कुरिन्थियों ९