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बुधवार, 29 दिसंबर 2010

नया और पुराना

मैं सिंगापुर में एक पेट्रोलियम कंपनी में काम कर रहा था, वहां एक अन्य देश से, जो उस समय युद्ध में था, एक निरीक्षक उसके देश को भेजे जाने वाले तेल की खेप का परिक्षण करने आया। निरीक्षण के समय अचानक उपर से वायु सेना के युद्ध विमानों की आवाज़ सुनकर, आदत अनुसार वह छुपने के स्थान को ढूंढता हुआ भागा; फिर झेंपकर बोला, "क्षमा कीजिये, मुझे लगा कि मैं अपने देश में हूं"; उसने, आदत अनुसार, वही किया जो वह अपने युद्ध ग्रसित देश में होने पर करता।

मसीही विश्वासी के लिये, संसार की बातों और आकर्षणों में पड़कर, अपने पुराने पापमय चाल-चलन में तथा अपनी पुरानी आदतों के अनुसार चलने के प्रलोभन आते हैं। यद्यपि हम विश्वासी "मसीह यीशु में हैं" (रोमियों ८:१), फिर भी कभी कभी हम ऐसे जीने लगते हैं जैसे कि हम पाप में हों।

पाप के दासत्व से हमें छुड़ाने के लिये परमेश्वर ने बहुत भारी कीमत चुकाई। उसने यह "अपने ही पुत्र को पापमय शरीर की समानता में, और पाप के बलिदान होने के लिये भेजकर" किया (रोमियों ८:३)। अब हम "पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था" के आधीन नहीं, वरन "जीवन की आत्मा की व्यवस्था" के आधीन हैं (रोमियों ८:२)। इसलिये पौलुस कहता है कि अब हमें आध्यात्मिक व्यक्तियों के समान आत्मिक बातों पर मन लगाना है (रोमियों ८:५)। इसका अर्थ है कि अब हमें परमेश्वर की आत्मा के निर्देश में परमेश्वर के वचन से मार्गदर्शन लेना है।

जब भी आपके सामने अपने पुराने पापमय जीवन की बातों के अनुसार चलने के प्रलोभन आएं, परमेश्वर के आत्मा के आधीन हो जाएं, जो मसीह के प्रत्येक विश्वासी आंदर निवास करता है। वह आपको "मसीह में" चलने और बने रहने का मार्ग दिखाएगा और उसमें लेकर चलेगा। - सी. पी. हिया


जब आप नया जन्म लेते हैं तो स्वर्ग के नागरिक बन जाते हैं।

क्‍योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्‍वतंत्र कर दिया। - रोमियों ८:२


बाइबल पाठ: रोमियों ८:१-१०

सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्‍ड की आज्ञा नहीं: क्‍योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं।
क्‍योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्‍वतंत्र कर दिया।
क्‍योंकि जो काम व्यवस्था शरीर के कारण र्दुबल होकर न कर सकी, उस को परमेश्वर ने किया, अर्थात अपने ही पुत्र को पापमय शरीर की समानता में, और पाप के बलिदान होने के लिये भेजकर, शरीर में पाप पर दण्‍ड की आज्ञा दी।
इसलिये कि व्यवस्था की विधि हम में जो शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं, पूरी की जाए।
क्‍योंकि शरीरिक व्यक्ति शरीर की बातों पर मन लगाते हैं, परन्‍तु आध्यात्मिक आत्मा की बातों पर मन लगाते हैं।
शरीर पर मन लगाना तो मृत्यु है, परन्‍तु आत्मा पर मन लगाना जीवन और शान्‍ति है।
क्‍योंकि शरीर पर मन लगाना तो परमेश्वर से बैर रखना है, क्‍योंकि न तो परमेश्वर की व्यवस्था के अधीन है, और न हो सकता है।
और जो शारीरिक दशा में है, वे परमेश्वर को प्रसन्न नहीं कर सकते।
परन्‍तु जब कि परमेश्वर का आत्मा तुम में बसता है, तो तुम शारीरिक दशा में नहीं, परन्‍तु आत्मिक दशा में हो। यदि किसी में मसीह का आत्मा नहीं तो वह उसका जन नहीं।
और यदि मसीह तुम में है, तो देह पाप के कारण मरी हुई है, परन्‍तु आत्मा धर्म के कारण जीवित है।

एक साल में बाइबल:
  • ज़क्कर्याह ९-१२
  • प्रकाशितवाक्य २०

मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

धीरज रखने की सामर्थ

व्यवासयिक गोल्फ खिलड़ी पौला क्रीमर ने सारे साल परिश्रम किया जिससे उसे २००८ की ADT प्रतियोगिता में भाग लेने का स्थान मिल सके। जब प्रतियोगिता आरंभ हुई तो पौला पेट के रोग से ग्रसित हो गई और प्रतियोगिता के चारों दिन उसे पेट में सूजन के कारण बहुत दर्द रहा, वह कुछ खा भी नहीं पा रही थी और एक रात उसे अस्पताल में भी बितानी पड़ी। फिर भी वह अन्त तक प्रतियोगिता में बनी रही, और आश्चर्य की बात रही कि उसे प्रतियोगिता में तीसरा स्थान मिला। तकलीफ के बवजूद प्रतियोगिता में बने रहने के उसके दृढ़ निश्चय के कारण उसके कई नये प्रशंसक बन गये।

इस जीवन की चुनौतियां और मुश्किलें हमें हमारी सहने की शक्ति की सीमाओं तक परख सकती हैं, और ऐसे में हार मान लेना और धीरज छोड़ देना बहुत आसान होता है। प्रभु यीशु के अनुयाइयों को याकूब ऐसे में एक और परिप्रेक्ष्य दिखाता है। उसका कहना है कि चाहे जीवन एक संघर्ष हो, परन्तु संघर्ष के साथ आशीष भी है: "देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्युब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्‍त करूणा और दया प्रगट होती है" (याकूब ५:११)।

अय्युब के जीवन से हम जीवन की कठिनतम घड़ियों में भी धीरज बनाए रखने के लिये प्रोत्साहन और सामर्थ पाते हैं - सामर्थ जो ऐसे परमेश्वर से है जो कि दयावन्त और करुणामय है। यद्यपि जीवन कठिन और जटिल हो सकता है, लेकिन हम धीरज सहित परिस्थितियों में दृढ़ बने रह सकते हैं क्योंकि परमेश्वर हमारे साथ है। उसकी करुणा सदा बनी रहती है (भजन १३६)। - बिल क्राउडर


परमेश्वर हमें बने रहने की शक्ति प्रदान करता है।

देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्युब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्‍त करूणा और दया प्रगट होती है - याकूब ५:११

बाइबल पाठ: याकूब ५:१-११

हे धनवानों सुन तो लो, तुम अपने आने वाले क्‍लेशों पर चिल्लाकर रोओ।
तुम्हारा धन बिगड़ गया और तुम्हारे वस्‍त्रों को कीड़े खा गए।
तुम्हारे सोने-चान्‍दी में काई लग गई है, और वह काई तुम पर गवाही देगी, और आग की नाई तुम्हारा मांस खा जाएगी: तुम ने अन्‍तिम युग में धन बटोरा है।
देखो, जिन मजदूरों ने तुम्हारे खेत काटे, उन की वह मजदूरी जो तुम ने धोखा देकर रख ली है चिल्ला रही है, और लवने वालों की दोहाई, सेनाओं के प्रभु के कानों तक पहुंच गई है।
तुम पृथ्वी पर भोग-विलास में लगे रहे और बड़ा ही सुख भोगा, तुम ने इस वध के दिन के लिये अपने हृदय का पालन-पोषण करके मोटा ताजा किया।
तुम ने धर्मी को दोषी ठहराकर मार डाला, वह तुम्हारा साम्हना नहीं करता।
सो हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, देखो, गृहस्थ पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्‍तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है।
तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्‍योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है।
हे भाइयों, एक दूसरे पर दोष न लगाओ ताकि तुम दोषी न ठहरो, देखो, हाकिम द्वार पर खड़ा है।
हे भाइयो, जिन भविष्यद्वक्ताओं ने प्रभु के नाम से बातें की, उन्‍हें दुख उठाने और धीरज धरने का एक आदर्श समझो।
देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्युब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्‍त करूणा और दया प्रगट होती है।

एक साल में बाइबल:
  • ज़क्कर्याह ५-८
  • प्रकाशितवाक्य १९

सोमवार, 27 दिसंबर 2010

अनुग्रह का स्थान

२८ दिसंबर २००८ को अमेरिका के न्यू यॉर्क शहर के टाईम्स स्कुऐर में Good Riddance Day (पिंड छुड़ाने का दिन) का आयोजन किया गया। आयोजकों ने लोगों को उत्साहित किया कि वे बीते वर्ष की अपनी बुरी यादें और तकलीफें लेकर आयें और कागज़ की धज्जियां बनाने वाली विशाल मशीन (Shredder) या रखे गये बड़े से कूड़ेदान में उन्हें डाल दें।

लोगों ने जिन बातों को सांकेतिक रूप से अपने से दूर किया उनमें कुछ थीं ’स्टॉक मार्केट’, ’कैंसर’आदि। कुछ ने बैंक के कागज़ात फाड़े, एक लड़की ने अपने ’बॉयफ्रैंड’, जो उससे अलग हो गया था, की ईमेल फाड़ीं।

हम अपने दुखदायी अनुभवों, लोगों द्वारा हमारे विरोध में करी गई बातों, अपनी कठिन परिस्थितियों आदि की यादों को भुला देने की लालसा रखते हैं। प्रेरित पौलुस भी चाहता था कि उसे तकलीफ देने वाली व्याधि, जो उसे कमज़ोर कर रही थी, से वह छुटकारा पाये (२ कुरिन्थियों १२:७-१०)। परन्तु परमेश्वर ने उससे कहा, "मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है, क्‍योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है" (२ कुरिन्थियों १२:९)। परमेश्वर ने वह तकलीफ नहीं हटाई वरन उसे सहन करने की सामर्थ और उस समस्या में भी परमेश्वर की महिमा करने की सामर्थ दे दी।

जब हम अपने मनों में समस्याओं पर विचार करते रहते हैं तो वे हमें बोझिल कर देती हैं और हमारे रिश्तों और जीवन के प्रति नज़रिये पर प्रभाव डालती हैं। प्रभु यीशु के विश्वासियों के पास इन समस्याओं को ले जाने का ऐसा स्थान है जहां से वे फिर उन्हें परेशान नहीं कर सकतीं - "इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्‍योंकि उस को तुम्हारा ध्यान है।" (१ पतरस ५:६, ७)

क्या आपने इस अनुग्रह के स्थान को जाना है? क्या आप ने अपनी चिन्ताएं उस अनुग्रह के स्थान पर डाल दी हैं? परमेश्वर का निमंत्रण आज आपके लिये है, प्रभु यीशु में आपके लिये अनुग्रह का स्थान खुला है उसने वय्दा दिया है - "हे सब परिश्र्म करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ, मैं तुम्हें विश्रम दूंगा" (मती ११:२८)। - ऐनी सेटास


परमेश्वर हमें प्रत्येक समस्या का सामना करने की सामर्थ देता है।

मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है, क्‍योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है। - २ कुरिन्थियों १२:९


बाइबल पाठ: २ कुरिन्थियों १२:७-१०

और इसलिये कि मैं प्रकाशों की बहुतायत से फूल न जाऊं, मेरे शरीर में एक कांटा चुभाया गया अर्थात शैतान का एक दूत कि मुझे घूसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊं।
इस के विषय में मैं ने प्रभु से तीन बार विनती की, कि मुझ से यह दूर हो जाए।
और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है, क्‍योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्‍द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे।
इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्‍दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं, क्‍योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्‍त होता हूं।

एक साल में बाइबल:
  • ज़क्कर्याह १-४
  • प्रकाशितवाक्य १८

रविवार, 26 दिसंबर 2010

प्रबल आशा

आज नास्तिक साम्यवाद का प्रभाव संसार में कम होता जा रहा है, किंतु जब साम्यवाद संसार में एक बड़ी शक्ति के रूप में उभरा था तो उसके प्रतिपादकों ने घोषणा करी कि ईश्वर का कोई असतित्व नहीं है और इस जीवन के बाद किसी जीवन की आशा रखना धोखा और भ्रम है। रूस के राष्ट्रपति लियोनिड ब्रैज़नेव अपने समय में इस मार्क्सवादि सिद्धांत की प्रतिमूर्ति थे; लेकिन उनकी अंतिम क्रिया के समय कुछ ऐसा हुआ जिसने इस नास्तिक्ता के सिद्धांत का खण्डन किया। उस समय जार्ज बुश अमेरिका के उपराष्ट्रपति थे और ब्रैज़नेव के अन्तिम संसकार में अमेरिका का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

जार्ज बुश ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जब तक कफन का ढक्कन खुला रहा तब तक ब्रैज़नेव की पत्नि उसके पास अविचल खड़ी अपने पति के शव की ओर देखती रही। सनिकों के कफन को बंद करने के कुछ क्षण पहले उन्होंने हाथ बढ़ा कर अपनी उंगुली से ब्रैज़नेव की छाती पर क्रूस का निशान बना दिया; कैसा अर्थपूर्ण और भावनात्मक प्रयास! उस विध्वा को शायद यह आशा थी कि सारी उम्र जिस परमेश्वर को उसका पति अपनी पूरी सामर्थ से नकारता रहा और जिसका विरोध करता रहा, वही अब अपनी करुणा में उस पर दया दिखाएगा।

परमेश्वर का धन्यवाद हो कि हमारे लिये इस पृथ्वी के जीवन बाद भी एक आशा का मार्ग है। बस हमें इतना करना है कि सच्चे मन और विश्वास से क्रूस के उद्धारकारी संदेश - प्रभु यीशु हमारे पापों के लिये मारा गया और तीसरे दिन जी उठा जिससे हम उसके साथ अनन्तकाल तक जी सकें, को मानकर ग्रहण कर लेना है।

क्या आप ने यह विश्वास किया है? यदि हां तो प्रेरित पौलुस के साथ मिलकर कहिये "हमारी आशा उस जीवते परमेश्वर पर है जो सब मनुष्यों का, और निज करके विश्वासियों का उद्धारकर्ता है।" (१ तिमुथियुस ४:१०)


अनन्त जीवन का एकमात्र मार्ग यीशु मसीह के कलवरी के क्रूस से होकर ही है।

पर ऐसा न हो, कि मैं और किसी बात का घमण्‍ड करूं, केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह के क्रूस का जिस के द्वारा संसार मेरी दृष्‍टि में और मैं संसार की दृष्‍टि में क्रूस पर चढ़ाया गया हूं। - गलतियों ६:१४


बाइबल पाठ: फिलिपियों २:५-११

जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो।
जिस ने परमेश्वर के स्‍वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्‍तु न समझा।
वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।
और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्‍ठ है।
कि जो स्‍वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे हैं वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।
और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

एक साल में बाइबल:
  • हग्गै १, २
  • प्रकाशितवाक्य १७

शनिवार, 25 दिसंबर 2010

मरियम का क्रिसमस

बैतलहेम की वह रात, जिस रात उसने राजाओं के राजा को जन्म दिया, सहमी हुई युवती मरियम के लिये शान्त और सौम्य नहीं रही होगी। मरियम के पास अपने शिशु के जन्म की पीड़ा को सहने में सहायातार्थ सिवाय उसके बढ़ई पति यूसुफ के सख्त और खुरदुरे हाथों के और कुछ नही था। निकट के मैदानों में चरवाहों ने तो उस शिशु के जन्म की खुशी में स्वर्गदूतों से गीत सुने परन्तु मरियम और युसुफ के लिये तो गौशाला के जान्वरों की, प्रसव पीड़ा की और नवजात शिशु के रोने की आवाज़ ही थी। बाहर आकाश में एक विशेष सितारा अपनी चमक बिखेर रहा था, लेकिन इन दो परदेशी आगन्तुकों के लिये गौशाला का निरानन्द दृश्य ही था।

जब युसुफ ने मरियम के हाथों में उस शिशु को रखा तो विस्मय, पीड़ा, भय और आनन्द की मिली-जुली भावनाएं उसके हृदय से होकर गुज़री होंगी। स्वर्गदूत की प्रतिज्ञा के कारण वह जानती थी कि कपड़े में लिपटा यह नन्हा सा बालक "परमप्रधान का पुत्र" (लूका १:३२) है, और जब उस धुंधली सी रौशनी में मरियम ने उस शिशु की आंखों में झांक कर फिर युसुफ की ओर देखा होगा तो उसे असमंजस हुआ होगा कि वह कैसे सृष्टि के चलाने वाले और ऐसे अधिपति के मातृत्व की ज़िम्मेवारी संभाल पाएगी, जिसके राज्य का कोई अन्त नहीं होगा।

उस विशेष रात्रि को मरियम के लिये विचार करने को बहुत कुछ था।

अब २००० वर्ष के पश्चात, हम में से प्रत्येक को यीशु के जन्म के महत्व और बाद में उसके मारे जाने, पुनुरुत्थान और फिर लौट कर आने के वायदे के बारे में गंभीरता से विचार करने की आवश्यक्ता है। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर हमारे साथ रहने आया, जिससे हमें उसके साथ निवास करने का मार्ग मिल सके।

परन्‍तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही। - लूका २:१९


बाइबल पाठ: लूका १:२६-३५

छठवें महीने में परमेश्वर की ओर से जिब्राईल स्‍वर्गदूत गलील के नासरत नगर में एक कुंवारी के पास भेजा गया।
जिस की मंगनी यूसुफ नाम दाऊद के घराने के एक पुरूष से हुई थी: उस कुंवारी का नाम मरियम था।
और स्‍वर्गदूत ने उसके पास भीतर आकर कहा, आनन्‍द और जय तेरी हो, जिस पर ईश्वर का अनुग्रह हुआ है, प्रभु तेरे साथ है।
वह उस वचन से बहुत घबरा गई, और सोचने लगी, कि यह किस प्रकार का अभिवादन है?
स्‍वर्गदूत ने उस से कहा, हे मरियम, भयभीत न हो, क्‍योंकि परमेश्वर का अनुग्रह तुझ पर हुआ है।
और देख, तू गर्भवती होगी, और तेरे एक पुत्र उत्‍पन्न होगा, तू उसका नाम यीशु रखना।
वह महान होगा और परमप्रधान का पुत्र कहलाएगा और प्रभु परमेश्वर उसके पिता दाऊद का सिंहासन उस को देगा।
और वह याकूब के घराने पर सदा राज्य करेगा और उसके राज्य का अन्‍त न होगा।
मरियम ने स्‍वर्गदूत से कहा, यह क्‍योंकर होगा? मैं तो पुरूष को जानती ही नहीं।
स्‍वर्गदूत ने उस को उत्तर दिया कि पवित्र आत्मा तुझ पर उतरेगा, और परमप्रधान की सामर्थ तुझ पर छाया करेगी इसलिये वह पवित्र जो उत्‍पन्न होने वाला है, परमेश्वर का पुत्र कहलाएगा।

एक साल में बाइबल:
  • सपन्याह १-३
  • प्रकाशितवाक्य १६

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010

परमेश्वर का विशेष स्थान

एक युवती, ग्रेस डिटमैनसन ऐडम्स, अपने मिशनरी माता-पिता के साथ, १९२० के दशक के अंतिम वर्षों में, चीन के अन्दरूनी इलाकों में यात्राएं किया करती थी। बाद में उसने अपनी इन यात्राओं और रात ठहरने के लिये भीड़-भाड़ वाले स्थानों के अनुभवों के बारे में लिखा। गांवों की उन सरायों में लोग भरे होते थे, कोई खांसता होता था, कोई छींकता तो कई धुम्रपान करते रहते; नन्हे शिशु रोते रहते और बच्चे खिसियाते होते थे। ऐसे स्थानों में उनका परिवार सभी लोगों के साथ किसी बड़े से कमरे में उन्हें जहां जगह मिलती वहां अपना बिस्तर लकड़ी के तखतों पर बिछाकर रात काट लेता था।

एक बरफीली रात वे एक सराय में पहुंचे तो मालुम पड़ा कि वो बिल्कुल ठसाठस भरी हुई है। सराय के मालिक ने पहले तो उन्हें जगह देने में अपनी असमर्थता बताई, फिर थोड़ा ठहरकर उसने उनसे कहा "मेरे पीछे आईये।" वह उन्हें साथ के एक कमरे में ले गया जो खेती के सामान और भूसे को रखने का गोदाम था। उस रात उनका परिवार भीड़ के शोर और परेशानी से दूर, शान्ति के साथ अपने विशेष स्थान में आराम से सोया।

इसके बाद जब भी ग्रेस प्रभु यीशु के जन्म के बारे में पढ़ती थी कि यीशु की माता मरियम "...अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेट कर चरनी में रखा: क्‍योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी" (लूका २:७), तो उसका दृष्टिकोण इस घटना के बारे में अन्य लोगों से भिन्न होता था। प्रभु के जन्म की इस घटना को लेकर बहुत से लोग सराय के स्वामी को प्रभु यीशु को तिरिस्कृत करने वाले निष्ठुर और पापी संसार के प्रतीक के रूप में देखते हैं, लेकिन अब ग्रेस ने समझा कि परमेश्वर ने उस सराय के स्वामी को प्रभु यीशु के लिये भीड़ से अलग, एकान्त में विशेष जन्म स्थान उपलब्ध कराने के लिये प्रयोग किया।

विश्वास की आंखों से हम मरियम के लिये परमेश्वर के विशेष स्थान के प्रबंध को देख सकते हैं। यदि आप अपनी कठिनाइयों और परिस्थितियों में अपने को लाचार पाते हैं, तो स्मरण रखिये कि आपको सकुशल रखने के लिये भी परमेश्वर के पास कोई विशेष स्थान है। - डेविड मैककैसलैंड


जो परमेश्वर को जीवन की आपूर्ति करने देते हैं वे संतुष्ट और सुखी रहते हैं।

और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेट कर चरनी में रखा: क्‍योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी। - लूका २:७


बाइबल पाठ: लूका २:१-७

उन दिनों में औगूस्‍तुस कैसर की ओर से आज्ञा निकली, कि सारे जगत के लोगों के नाम लिखे जाएं।
यह पहली नाम लिखाई उस समय हुई, जब क्‍विरिनयुस सूरिया का हाकिम था।
और सब लोग नाम लिखवाने के लिये अपने अपने नगर को गए।
सो यूसुफ भी इसलिये कि वह दाऊद के घराने और वंश का था, गलील के नासरत नगर से यहूदिया में दाऊद के नगर बैतलहम को गया।
कि अपनी मंगेतर मरियम के साथ जो गर्भवती थी नाम लिखवाए।
उस के वहां रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए।
और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेट कर चरनी में रखा: क्‍योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी।

एक साल में बाइबल:
  • हबकुक १-३
  • प्रकाशितवाक्य १५

गुरुवार, 23 दिसंबर 2010

उदार मन

अपनी अन्तदृष्टिपूर्ण कहानियों के संकलन "The Forgotten Man" में लेखिका एमिटी शलेस ने १९३० के दशक में अमेरिका की भयानक आर्थिक मंदी के समय के जीवन के पहलुओं पर ध्यान आकर्षित किया है। इन कहानियों का केंद्र बिंदु है "भुलाया हुआ मनुष्य" - जो उस समय के अनगिनित बेरोज़गार लोगों के लिये प्रयोग होने वाली संज्ञा थी।

उस आर्थिक मंदी के दौर का एक प्रचलित गीत ऐसे लोगों की व्यथा को मार्मिक रूप में कहता है। गीत कुछ इस तरह से है:
"वे मुझसे कहते थे कि मैं आने वाली शान्ति और गौरव का सपना साकार कर रहा हूं; तो फिर मैं रोटी की भिक्षा पाने की प्रतीक्षा में पंक्ति में क्यों खड़ा हूं?
कभी मैं रेल पथ का निर्माण कर रहा था, मैंने उसे बनाया और चलाया, समय से तेज़ चलाया; कभी मैंने रेलपथ बनाया था, अब जब वह बन चुका है, तो भाई क्या मुझे कुछ दमड़ी दान दे सकते हो?"

जैसे ये गीत के बोल याद दिलाते हैं, आर्थिक मंदी मेहनतकश लोगों के हालात उथल-पुथल कर देती है। ऐसे में, मसीही होने के नाते, हमें उनकी सहायता के लिये जो बन सके वो करना चाहिये।

गलतियों कि मण्डली को लिखे अपने पत्र में पौलुस स्मरण करता है कि कैसे उसे और बरनबास को यरुशलेम में मण्डली के अगुवों ने "केवल यह कहा, कि हम कंगालों की सुधि लें, और इसी काम के करने का मैं आप भी यत्‍न कर रहा था।" (गलतियों २:१०) पौलुस के जीवन में हम देखते हैं कि कैसे वह सुसमाचार प्रचार करने और आर्थिक रूप से ज़रूरतमंदों की सहायता करने में लगा रहा (प्रेरितों ११:२९, ३०; १ कुरिन्थियों १६:१-३)।

कठिन समयों में, पौलुस के समान, हमें भी आत्मिक और शारीरिक ज़रूरतमंदों की सहायता में सन्लगन रहना चाहिये। थोड़ा सा धन चाहे ज़्यादा दूर तक साथ न दे, परन्तु उदार मन बहुत दूर तक साथ निभाता है; और उद्धारकर्ता परमेश्वर प्रभु यीशु, इस जीवन के बाद भी साथ निभाता है। - डेनिस फिशर


झुककर किसी दूसरे को उठना हृदय के लिये अच्छा व्यायाम है।

जो अपने पड़ोसी को तुच्छ जानता, वह पाप करता है, परन्तु जो दीन लोगों पर अनुग्रह करता, वह धन्य होता है। - नीतिवचन १४:२१


बाइबल पाठ: २ कुरिन्थियों ९:६-१५

परन्‍तु बात तो यह है, कि जो थोड़ा बोता है वह थोड़ा काटेगा भी और जो बहुत बोता है, वह बहुत काटेगा।
हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे न कुढ़ कुढ़ के, और न दबाव से, क्‍योंकि परमेश्वर हर्ष से देने वाले से प्रेम रखता है।
और परमेश्वर सब प्रकार का अनुग्रह तुम्हें बहुतायत से दे सकता है जिस से हर बात में और हर समय, सब कुछ, जो तुम्हें आवश्यक हो, तुम्हारे पास रहे, और हर एक भले काम के लिये तुम्हारे पास बहुत कुछ हो।
जैसा लिखा है, उस ने बिथराया, उस ने कंगालों को दान दिया, उसका धर्म सदा बना रहेगा।
सो जो बोने वाले को बीज, और भोजन के लिये रोटी देता है वह तुम्हें बीज देगा, और उसे फलवन्‍त करेगा और तुम्हारे धर्म के फलों को बढ़ाएगा।
कि तुम हर बात में सब प्रकार की उदारता के लिये जो हमारे द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करवाती है, धनवान किए जाओ।
क्‍योंकि इस सेवा के पूरा करने से, न केवल पवित्र लोगों की घटियां पूरी होती हैं, परन्‍तु लोगों की ओर से परमेश्वर का बहुत धन्यवाद होता है।
क्‍योंकि इस सेवा से प्रमाण लेकर परमेश्वर की महिमा प्रगट करते हैं, कि तुम मसीह के सुसमाचार को मान कर उसके आधीन रहते हो, और उन की, और सब की सहायता करने में उदारता प्रगट करते रहते हो।
ओर वे तुम्हारे लिये प्रार्थना करते हैं और इसलिये कि तुम पर परमेश्वर का बड़ा ही अनुग्रह है, तुम्हारी लालसा करते रहते हैं।
परमेश्वर को उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो।

एक साल में बाइबल:
  • नहूम १-३
  • प्रकाशितवाक्य १४