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बुधवार, 23 अक्टूबर 2013

मेरा अच्छा रक्षक

   एक इतवार के दिन, चर्च में आराधना आरंभ होने के पहले के समय में, ऑर्गन बजाने वाला व्यक्ति एक ऐसे गीत की धुन बजा रहा था जो मेरे लिए नया था। मैंने स्तुति गीत की पुस्तक में से उस गीत को खोला, और पाया कि उस गीत का शीर्षक था, "The Lord My Shepherd Guards Me Well" ("प्रभु मेरा चरवाहा मेरा अच्छा रक्षक है"); वह परमेश्वर के वचन के एक बहुत ही जाने-पहचाने खण्ड, भजन 23, को लेकर गीत के रूप में लिखा गया था तथा भजन 23 की बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति था.

   भजन 23 सदा ही परमेश्वर से प्रेम करने वाले लोगों के लिए एक प्रीय भजन और कठिन समयों में शांति तथा आश्वासन का भजन रहा है। राजा दाऊद द्वारा, अपने अनुभवों के आधार पर लिखा यह भजन परमेश्वर की लगातार बनी रहने वाली देखभाल और उसके प्रेम को बताता है:
यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। 
वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; 
वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है; 
वह मेरे जी में जी ले आता है। 
धर्म के मार्गो में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई करता है। 
चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, 
तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; 
तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।
तू मेरे सताने वालों के साम्हने मेरे लिये मेज बिछाता है; 
तू ने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमण्ड रहा है। 
निश्चय भलाई और करूणा जीवन भर मेरे साथ साथ बनी रहेंगी; 
और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा।
हम चाहे कितनी ही बार या किसी भी परिस्थिति में भजन 23 को पढ़ें, उसका सन्देश परमेश्वर की हमारे प्रति देखभाल और प्रेम को एक नई ताज़गी के साथ प्रस्तुत करता है।

   भजन 23 में व्यक्त यह छवि उन लोगों के लिए नई नहीं थी जिन्होंने प्रभु यीशु को यह कहते हुए सुना: "अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है। मज़दूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है, और भेड़िय़ा उन्हें पकड़ता और तित्तर-बित्तर कर देता है। वह इसलिये भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्‍ता नहीं। अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं" (यूहन्ना 10:11-14)। भाड़े पर रखे हुए मज़दूर की अपेक्षा, जो खतरे को देखकर भेड़ों को छोड़कर भाग खड़ा होता है, चरवाहा भेड़ों के साथ ही बना रहता है और उनकी रक्षा करता है।

   यदि आप प्रभु यीशु से पापों की क्षमा और उद्धार प्राप्त करके उसके जन, अर्थात उसकी भेड़ बन गए हैं तो विश्वास रखिए कि आज आप किसी भी परिस्थिति का सामना क्यों ना कर रहे हों, प्रभु यीशु आपको नाम से जानता है, आपकी क्षमता को जानता है, आपकी परिस्थिति को जानता है और वह आपका साथ कभी नहीं छोड़ेगा, वह आपको हर खतरे में से सुरक्षित निकाल कर लेकर आएगा। आप भी निश्चिंत होकर, पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं, "प्रभु मेरा चरवाहा मेरा अच्छा रक्षक है"। - डेविड मैक्कैसलैंड


वह मेमना जो हमारे पापों की क्षमा और उद्धार के लिए बलिदान हुआ, वही आज हमारा मार्गदर्शक चरवाहा और रक्षक है।

इसी तरह मैं अपनी भेड़ों को जानता हूं, और मेरी भेड़ें मुझे जानती हैं, और मैं भेड़ों के लिये अपना प्राण देता हूं। - यूहन्ना 10:15

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:7-15
John 10:7 तब यीशु ने उन से फिर कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि भेड़ों का द्वार मैं हूं। 
John 10:8 जितने मुझ से पहिले आए; वे सब चोर और डाकू हैं परन्तु भेड़ों ने उन की न सुनी। 
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। 
John 10:10 चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं। 
John 10:11 अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है। 
John 10:12 मजदूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है, और भेड़िय़ा उन्हें पकड़ता और तित्तर बित्तर कर देता है। 
John 10:13 वह इसलिये भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्‍ता नहीं। 
John 10:14 अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं। 
John 10:15 इसी तरह मैं अपनी भेड़ों को जानता हूं, और मेरी भेड़ें मुझे जानती हैं, और मैं भेड़ों के लिये अपना प्राण देता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मियाह 1-2 
  • 1 तीमुथियुस 3


मंगलवार, 22 अक्टूबर 2013

फिर मिलेंगे!

   मेरे दादा को किसी को विदा करते समय ’गुडबाय’ कहना बिलकुल पसन्द नहीं था; उनका मानना था कि ’गुडबाय’ शब्द बहुत निर्णायक और अन्तिम सा लगता है। इसलिए जब हम उनके साथ अपने पारिवारिक मिलन के समय के बाद वापस जाने के लिए यात्रा पर निकलते तो वे अपने घर के सामने खड़े होकर हाथ हिलाते हुए कहते, ’फिर मिलेंगे’। उनका विदा करने का सभी लोगों के लिए सदा ही यही तरीका रहता था।

   हम मसीही विश्वासियों को भी कभी किसी प्रीय जन को ’गुडबाय’ कहने की आवश्यकता नहीं है, यदि उस प्रीय जन ने भी मसीह यीशु को अपना उद्धारकर्ता स्वीकार किया और उससे मिलने वाली पापों की क्षमा का विश्वास किया है। परमेश्वर का वचन बाइबल हम से यह अटल प्रतिज्ञा करती है कि हम मसीही विश्वासी, इस पृथ्वी के जीवन के बाद, अपने मसीही विश्वासी प्रीय जनों से पुनः फिर मिलेंगे।

   प्रेरित पौलुस ने थिस्सुलुनीकियों के विश्वासियों को लिखे अपने पत्र में संसार से अन्तिम विदाई लेने वाले उनके प्रीय जनों के विषय में उन्हें समझाया, "हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाईं शोक करो जिन्हें आशा नहीं" (1 थिस्सुलुनीकियों 4:13), क्योंकि जब मसीह यीशु वापस आएगा, तब सभी मसीही विश्वासी अपनी कब्रों से जाग उठेंगे और उस समय संसार में जीवित विश्वासियों के संग, प्रभु से मिलने हवा में उठा लिए जाएंगे, "क्योंकि हम प्रभु के वचन के अनुसार तुम से यह कहते हैं, कि हम जो जीवित हैं, और प्रभु के आने तक बचे रहेंगे तो सोए हुओं से कभी आगे न बढ़ेंगे। क्योंकि प्रभु आप ही स्वर्ग से उतरेगा; उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे। तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिये जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे" (1 थिस्सुलुनीकियों 4:15-17)। हमें यह आश्वासन है कि हम सब मसीही विश्वासी एक साथ स्वर्ग में अपने प्रभु यीशु के साथ होंगे और वहाँ "वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं" (प्रकाशितवाक्य 21:4)।

   मसीही विश्वासियों को यह धन्य आशा है कि वे एक दिन अपने विश्वासी प्रीय जनों और अपने प्रभु यीशु, दोनों के साथ होंगे और अनन्त काल तक साथ रहेंगे। इसीलिए प्रेरित पौलुस ने कहा, "सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो" (1 थिस्सुलुनीकियों 4:18)। आज किसी को सांत्वना दें, प्रोत्साहित करें, मसीह यीशु में मिलने वाली इस अनुपम धन्य आशा के विषय में बताएं, जो संसार से अन्तिम विदाई के विषय हमें भी ’गुडबाय’ नहीं वरन ’फिर मिलेंगे’ कहने की प्रेर्णा देती है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


मृत्यु पर परमेश्वर के लोग ’अलविदा’ नहीं कहते, वे कहते हैं, ’फिर मिलेंगे’!

हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाईं शोक करो जिन्हें आशा नहीं। - 1 थिस्सुलुनीकियों 4:13

बाइबल पाठ: 1 थिस्सुलुनीकियों 4:13-18
1 Thessalonians 4:13 हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाईं शोक करो जिन्हें आशा नहीं। 
1 Thessalonians 4:14 क्योंकि यदि हम प्रतीति करते हैं, कि यीशु मरा, और जी भी उठा, तो वैसे ही परमेश्वर उन्हें भी जो यीशु में सो गए हैं, उसी के साथ ले आएगा। 
1 Thessalonians 4:15 क्योंकि हम प्रभु के वचन के अनुसार तुम से यह कहते हैं, कि हम जो जीवित हैं, और प्रभु के आने तक बचे रहेंगे तो सोए हुओं से कभी आगे न बढ़ेंगे। 
1 Thessalonians 4:16 क्योंकि प्रभु आप ही स्वर्ग से उतरेगा; उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे। 
1 Thessalonians 4:17 तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिये जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे। 
1 Thessalonians 4:18 सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो। 

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 65-66 
  • 1 तीमुथियुस 2


सोमवार, 21 अक्टूबर 2013

एक एक जन

   क्वेकर जॉन वूलमैन अमेरिका में एक मसीही प्रचारक थे जो स्थान स्थान पर जाकर मसीह यीशु का प्रचार करते थे। वे एक ऐसे व्यक्ति भी थे जिन्होंने उस समय के उपनिवेशी अमेरिका में रंग-भेद और दासत्व के अन्त के लिए अभियान चला रखा था। वे दासों के मालिकों से मिलते और उन्हें दास प्रथा के अन्तर्गत किसी मनुष्य को संपत्ति के समान रखने, बेचने और खरीदने में निहित अन्याय तथा अमानवीयता के बारे में समझाते। यद्यपि वुलमैन दास प्रथा को पूरी रीति से समाप्त तो नहीं कर सके लेकिन वे कई स्वामियों को मना सके कि वे दासों को मुक्त कर दें। उनकी यह सफलता व्यक्तिगत रीति से एक-एक जन से अनुनय करने के कारण थी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा फिलेमौन को लिखी पत्री में भी हम व्यक्तिगत रीति से करे गए निवेदन का प्रभाव देखते हैं। फिलेमौन नामक व्यक्ति के पास ओनिसिमस नामक एक दास था, जो अपने स्वामी के पास से भाग निकला था। ओनिसिमस पौलुस के संपर्क में आया और पौलुस की सेवकाई द्वारा मसीही विश्वास में आ गया। अब पौलुस उसे वापस उसके स्वामी फिलेमौन के पास भेज रहा था, जिससे फिलेमौन और ओनेसिमुस के मतभेद दूर हो जाएं और वे प्रभु यीशु में मिलने वाली स्वतंत्रता और आनन्द के सहभागी हो जाएं। पौलुस ने फिलेमौन को लिखा: "क्योंकि क्या जाने वह तुझ से कुछ दिन तक के लिये इसी कारण अलग हुआ कि सदैव तेरे निकट रहे। परन्तु अब से दास की नाईं नहीं, वरन दास से भी उत्तम, अर्थात भाई के समान रहे जो शरीर में भी और विशेष कर प्रभु में भी मेरा प्रिय हो" (फिलेमौन 1:15-16)। हम यह तो नहीं जानते कि ओनेसिमुस दासत्व से मुक्त हो सका कि नहीं, परन्तु मसीह यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा अब उसका स्तर बदल गया था, उसके स्वामी के साथ उसका संबंध बदल गया था। अब मसीह यीशु में होकर वह अपने स्वामी का सहविश्वासी भाई था, उसी के समान मसीह यीशु का विश्वासी और मसीह यीशु की विश्वासी मण्डली का समान-स्तरीय सदस्य था। पौलुस भी व्यक्तिगत प्रयासों द्वारा ही संसार पर प्रभाव डाल रहा था।

   प्रभु यीशु मसीह में सेंत-मेंत मिलने वाली पापों की क्षमा तथा उद्धार, और सबको बिना किसी भेद-भाव के समान रूप से परमेश्वर की सन्तान होने का दर्जा मिलना जीवन को बदल देता है। पाप क्षमा तथा उद्धार का यह सुसमाचार जीवनों, संबंधों और परिस्थितियों को प्रभावित करने और बदलने की सामर्थ रखता है। शैतान इस बात को भली-भांति जानता है इसीलिए इस सुसमाचार और मसीही विश्वास के प्रचार में इतने रोड़े अटकाता है, और प्रचारकों पर अत्याचार लाता है। बूँद-बूँद से भी घड़ा भरता है; जॉन वुलमैन और पौलुस के समान ही मसीही विश्वास के सुसमाचार द्वारा संसार पर व्यक्तिगत सम्पर्क तथा अनुनय के द्वारा प्रभाव डालने वाले बनें। हर जन महत्वपूर्ण है; एक एक जन करके ही सही, संसार प्रभु यीशु और उद्धार को तो जानेगा। - डेनिस फिशर


किसी दूसरे के लिए आपके द्वारा हो सकने वाला सबसे भला कार्य है उसे सत्य से परिचित कराना।

परन्तु अब से दास की नाईं नहीं, वरन दास से भी उत्तम, अर्थात भाई के समान रहे जो शरीर में भी और विशेष कर प्रभु में भी मेरा प्रिय हो। - फिलेमौन1:16

बाइबल पाठ: फिलेमौन 1:12-21
Philemon 1:12 उसी को अर्थात जो मेरे हृदय का टुकड़ा है, मैं ने उसे तेरे पास लौटा दिया है। 
Philemon 1:13 उसे मैं अपने ही पास रखना चाहता था कि तेरी ओर से इस कैद में जो सुसमाचार के कारण है, मेरी सेवा करे। 
Philemon 1:14 पर मैं ने तेरी इच्छा बिना कुछ भी करना न चाहा कि तेरी यह कृपा दबाव से नहीं पर आनन्द से हो। 
Philemon 1:15 क्योंकि क्या जाने वह तुझ से कुछ दिन तक के लिये इसी कारण अलग हुआ कि सदैव तेरे निकट रहे। 
Philemon 1:16 परन्तु अब से दास की नाईं नहीं, वरन दास से भी उत्तम, अर्थात भाई के समान रहे जो शरीर में भी और विशेष कर प्रभु में भी मेरा प्रिय हो। 
Philemon 1:17 सो यदि तू मुझे सहभागी समझता है, तो उसे इस प्रकार ग्रहण कर जैसे मुझे। 
Philemon 1:18 और यदि उसने तेरी कुछ हानि की है, या उस पर तेरा कुछ आता है, तो मेरे नाम पर लिख ले। 
Philemon 1:19 मैं पौलुस अपने हाथ से लिखता हूं, कि मैं आप भर दूंगा; और इस के कहने की कुछ आवश्यकता नहीं, कि मेरा कर्ज जो तुझ पर है वह तू ही है। 
Philemon 1:20 हे भाई यह आनन्द मुझे प्रभु में तेरी ओर से मिले: मसीह में मेरे जी को हरा भरा कर दे। 
Philemon 1:21 मैं तेरे आज्ञाकारी होने का भरोसा रखकर, तुझे लिखता हूं और यह जानता हूं, कि जो कुछ मैं कहता हूं, तू उस से कहीं बढ़कर करेगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 62-64 
  • 1 तीमुथियुस 1


रविवार, 20 अक्टूबर 2013

संभालने वाला

   कठिन समयों में हमारा दृष्टिकोण बदल सकता है, इस बात को मुझे हाल में हुई एक वार्तालाप ने स्मरण दिलाया। मैं और मेरी पत्नि, एक हमारे ही समान दुखियारी माँ से बातचीत कर रहे थे; जैसा हमारे साथ हुआ था, वैसे ही उस महिला की बेटी की भी किशोरावस्था में अनायास ही, बिना किसी चेतावनी के मृत्यु हो गई थी। उस महिला ने हमें बताया कि उन्हें अपने बेटी की कमी बहुत खलती है, और उन्होंने परमेश्वर से कहा कि इस दुख के कारण उनको लगता है कि उनका परमेश्वर में विश्वास छूट ही चला है और वे उसे बस मानो ऊँगली के नाखूनों के सहारे ही थामे हुई हैं। तब उन्हें महसूस हुआ कि परमेश्वर उन्हें कह रहा है कि उसका संभालने वाला हाथ उन के साथ है और उसने उन्हें थामा हुआ है। वे निश्चिन्त होकर अपने आप को उसके संभालने वाले हाथों में छोड़ दें, परमेश्वर उन्हें थामे और उठाए रखेगा - यह दृष्टिकोण रखना कितना अधिक उत्तम और भला है।

   यह हमें स्मरण दिलाता है कि जब परेशानियाँ आएं और हमें लगे कि अब शायद हम परमेश्वर के प्रति अपने विश्वास को और थामे नहीं रह सकते, तब भी हमारा विश्वास में बने रहना हमारी सामर्थ पर नहीं वरन परमेश्वर के सम्भालने वाले हाथ पर निर्भर है और उसका सहारा तथा उसकी सहायता उसके बच्चों के प्रति सदा बनी रहती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने कहा, "मनुष्य की गति यहोवा की ओर से दृढ़ होती है, और उसके चलन से वह प्रसन्न रहता है; चाहे वह गिरे तौभी पड़ा न रह जाएगा, क्योंकि यहोवा उसका हाथ थामे रहता है" (भजन 37:23-24); तथा, "मेरा मन तेरे पीछे पीछे लगा चलता है; और मुझे तो तू अपने दाहिने हाथ से थाम रखता है" (भजन 63:8)।

   जब कठिन समयों में हम अपने विश्वास को अपने ही प्रयासों से थामे रहने तथा किसी ना किसी प्रकार परमेश्वर से लिपटे रहने के प्रयासों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि परमेश्वर द्वारा हमें सदा थामे रहने की प्रतिज्ञा को भूल बैठते हैं, तब हमें स्मरण रखना चाहिए कि हमारा विश्वास में स्थिर बने रहना हमारे ऊँगुली के नाखूनों की ताकत पर नहीं वरन परमेश्वर के संभालने वाले हाथ और हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम पर निर्भर है, और उसका वायदा है कि "...मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा" (इब्रानियों 13:5)। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर के हाथ द्वारा संभाले हुए से अधिक सुरक्षित और कोई नहीं है।

यहोवा सब गिरते हुओं को संभालता है, और सब झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है। - भजन145:14

बाइबल पाठ: भजन 37:23-34
Psalms 37:23 मनुष्य की गति यहोवा की ओर से दृढ़ होती है, और उसके चलन से वह प्रसन्न रहता है; 
Psalms 37:24 चाहे वह गिरे तौभी पड़ा न रह जाएगा, क्योंकि यहोवा उसका हाथ थामे रहता है।
Psalms 37:25 मैं लड़कपन से ले कर बुढ़ापे तक देखता आया हूं; परन्तु न तो कभी धर्मी को त्यागा हुआ, और न उसके वंश को टुकड़े मांगते देखा है। 
Psalms 37:26 वह तो दिन भर अनुग्रह कर कर के ऋण देता है, और उसके वंश पर आशीष फलती रहती है।
Psalms 37:27 बुराई को छोड़ भलाई कर; और तू सर्वदा बना रहेगा। 
Psalms 37:28 क्योंकि यहोवा न्याय से प्रीति रखता; और अपने भक्तों को न तजेगा। उनकी तो रक्षा सदा होती है, परन्तु दुष्टों का वंश काट डाला जाएगा। 
Psalms 37:29 धर्मी लोग पृथ्वी के अधिकारी होंगे, और उस में सदा बसे रहेंगे।
Psalms 37:30 धर्मी अपने मुंह से बुद्धि की बातें करता, और न्याय का वचन कहता है। 
Psalms 37:31 उसके परमेश्वर की व्यवस्था उसके हृदय में बनी रहती है, उसके पैर नहीं फिसलते।
Psalms 37:32 दुष्ट धर्मी की ताक में रहता है। और उसके मार डालने का यत्न करता है। 
Psalms 37:33 यहोवा उसको उसके हाथ में न छोड़ेगा, और जब उसका विचार किया जाए तब वह उसे दोषी न ठहराएगा।
Psalms 37:34 यहोवा की बाट जोहता रह, और उसके मार्ग पर बना रह, और वह तुझे बढ़ाकर पृथ्वी का अधिकारी कर देगा; जब दुष्ट काट डाले जाएंगे, तब तू देखेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 59-61 
  • 2 थिस्सुलुनीकियों 3


शनिवार, 19 अक्टूबर 2013

निवेश

   जेसन बॉन कॉलेज में पढ़ने वाला छात्र था जब उसने गॉल्फ के एक खेल में विजयी शॉट मारकर दस लाख अमेरीकी डॉलर जीते। जब कि दूसरे लोग उस धन को उड़ा देते, जेसन ने एक योजनागत तरीके से उसका उपयोग किया। क्योंकि जेसन एक व्यवासायिक गोल्फ खिलाड़ी बनना चाहता था, उसने उस धन का निवेश और अधिक अच्छा गोल्फ खेल सकने का प्रशिक्षण पाने में किया। वह धन उसके भविष्य के लिए निवेश बना, ऐसा निवेश जिसने उसे बड़ा प्रतिफल दिया जब जेसन ने सन 2005 की पी.जी.ए. टूर प्रतियोगिता को जीत लिया। बजाए धन को तत्काल मौज मस्ती में उड़ा देने के, उस धन का भविष्य के लिए निवेश करना जेसन का एक बुद्धिमता पूर्ण निर्णय था।

   एक प्रकार से यही प्रभु यीशु भी हमें करने के लिए कहता है - बुद्धिमता से निवेश। परमेश्वर ने हमें समय, योग्यताएं और अवसर प्रदान किए हैं; इनका उपयोग करना उसने हमारे हाथों में छोड़ दिया है। अब यह हमारे लिए चुनौती है कि हम किस प्रकार से इन संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं - दीर्घ कालीन प्रतिफलों के निवेश के लिए या अल्प कालीन लाभ पाने के लिए। प्रभु यीशु ने मत्ती 6:20 में कहा, "परन्तु अपने लिये स्वर्ग में धन इकट्ठा करो, जहां न तो कीड़ा, और न काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर न सेंध लगाते और न चुराते हैं" - प्रभु यीशु आश्वस्त करता है कि ये ही वे सुरक्षित धन और निवेश हैं जो कभी नष्ट नहीं होंगे, जो हमारे लिए सदा लाभकारी रहेंगे।

   परमेश्वर द्वारा आपको सेंत-मेंत दिए गए संसाधनों पर विचार कीजिए: योग्यताएं, समय, अवसर, ज्ञान आदि - ये सब पार्थिव एवं सीमित तो हैं, लेकिन यदि इस पृथ्वी पर आप इनका निवेश अनन्त पर ध्यान केन्द्रित करके करेंगे, तो इन नाशमान बातों के प्रभाव अविनाशी होंगे। आपका लक्ष्य क्या है - केवल वर्तमान या अनन्त कालीन निवेश?

   उस भविष्य में निवेश करें जो संसार के प्रत्येक जन के लिए अवश्यंभावी है, परमेश्वर के न्याय सिंहासन के सामने जिस भविष्य का सामना प्रत्येक को करना ही है। प्रभु यीशु के निर्देषों के अनुसार किया गया आपका निवेश ना केवल आपके अनन्त भविष्य को प्रभावित करेगा वरन प्रतिदिन के जीवन के प्रति आपके दृष्टिकोण को भी बदल देगा। - बिल क्राउडर


संसार के सबसे धनवान व्यक्ति वे ही हैं जिन्होंने स्वर्ग के लिए अपने जीवन निवेश किए हैं।

परन्तु अपने लिये स्वर्ग में धन इकट्ठा करो, जहां न तो कीड़ा, और न काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर न सेंध लगाते और न चुराते हैं। - मत्ती 6:20

बाइबल पाठ: मत्ती 6:19-24
Matthew 6:19 अपने लिये पृथ्वी पर धन इकट्ठा न करो; जहां कीड़ा और काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर सेंध लगाते और चुराते हैं। 
Matthew 6:20 परन्तु अपने लिये स्वर्ग में धन इकट्ठा करो, जहां न तो कीड़ा, और न काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर न सेंध लगाते और न चुराते हैं। 
Matthew 6:21 क्योंकि जहां तेरा धन है वहां तेरा मन भी लगा रहेगा।
Matthew 6:22 शरीर का दिया आंख है: इसलिये यदि तेरी आंख निर्मल हो, तो तेरा सारा शरीर भी उजियाला होगा। 
Matthew 6:23 परन्तु यदि तेरी आंख बुरी हो, तो तेरा सारा शरीर भी अन्धियारा होगा; इस कारण वह उजियाला जो तुझ में है यदि अन्धकार हो तो वह अन्धकार कैसा बड़ा होगा। 
Matthew 6:24 कोई मनुष्य दो स्‍वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर ओर दूसरे से प्रेम रखेगा, वा एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्‍छ जानेगा; “तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते”।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 56-58 
  • 2 थिस्सुलुनीकियों 2


शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2013

सहानुभूति

   मेरा एक मित्र है जो अपने घर से ही कार्य करता है और उसने अपने घर के एक कमरे को अपना कार्यालय बना रखा है। एक शाम वह कुछ आवश्यक कार्य कर रहा था, उसकी 4 वर्षीय बेटी भी वहीं पर खेल रही थी। वह बच्ची कभी मेज़ की दराज़ खींचती और अन्दर के सामान को निकाल कर बाहर फैला देती, कभी भिन्न चिज़ों को इधर-उधर बिखेरती, उसके चारों ओर चक्कर लगाती और शोर मचाती रही। मेरा मित्र यह सब सहता रहा और चुपचाप अपना कार्य करता रहा।

   अचानक ही मेज़ की एक दराज़ बन्द करते हुए उस बच्ची की ऊँगली दब गई और वह चिल्लाकर रो पड़ी। मेरे मित्र ने खिसिए हुए स्वर में कहा, "बस! अब बहुत हो गया!" और उस बच्ची को उठाकर कमरे से बाहर ले गया और दरवाज़ा बन्द कर लिया। बाद में बच्ची की माँ ने बच्ची को अपने कमरे में रोते हुए पाया। माँ ने उससे पूछा, "क्या तुम्हारी ऊँगली अभी भी दुख रही है?" बच्ची ने रोते हुए उत्तर दिया, "नहीं"; माँ ने फिर पूछा, "तो फिर तुम रो क्यों रही हो?" बच्ची ने रोते हुए ही उत्तर दिया, "क्योंकि जब मेरी ऊँगली पर चोट आई तो पापा ने ’हाय’ नहीं कहा।"

   अनेक बार हमें बस इतना ही तो चाहिए होता है - कोई हमारी पीड़ा को समझे और हमसे दो शब्द सहानुभूति के कहे। कोई ऐसा जन जो करुणा और दया के साथ हमारी तकलीफों में हमारे साथ प्रतिक्रीया करे; जो हमारे लिए ’हाय’ कहने वाला हो। प्रभु यीशु में हमारे पास एक ऐसा जन है। प्रभु यीशु हमारी हर पीड़ा को समझता है, हम से सहानुभूति रखता है और हमसे इतना प्रेम रखता है कि हमारे पापों से छुड़ाए जाने के लिए उसने उन पापों को अपने ऊपर ले लिया और अपने प्राण बलिदान कर दिए जिससे हम पापों के दण्ड से बच जाएं और उद्धार पाएं।

   अब वह हमसे आशा रखता है कि जैसे वह हमारे प्रति अनुग्रहकारी और सहानुभूतिपूर्ण रहा, हम भी दूसरों के साथ ऐसा ही प्रेमपूर्ण व्यवहार दिखाएं और उनके दुखों में उन्हें शान्ति और सांत्वना देने वाले लोग हों। अपने उद्धारकर्ता के प्रति यह हम मसीही विश्वासियों का कर्तव्य है। - डेविड रोपर


हमारी परीक्षाओं के शोर को परमेश्वर की दिलासा की धीमी से आवाज़ भी शान्त कर देती है।

यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला और अति करूणामय है। - भजन145:8

बाइबल पाठ: इफिसियों 5:1-10
Ephesians 5:1 इसलिये प्रिय, बालकों की नाईं परमेश्वर के सदृश बनो। 
Ephesians 5:2 और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। 
Ephesians 5:3 और जैसा पवित्र लोगों के योग्य है, वैसा तुम में व्यभिचार, और किसी प्रकार अशुद्ध काम, या लोभ की चर्चा तक न हो। 
Ephesians 5:4 और न निर्लज्ज़ता, न मूढ़ता की बातचीत की, न ठट्ठे की, क्योंकि ये बातें सोहती नहीं, वरन धन्यवाद ही सुना जाएं। 
Ephesians 5:5 क्योंकि तुम यह जानते हो, कि किसी व्यभिचारी, या अशुद्ध जन, या लोभी मनुष्य की, जो मूरत पूजने वाले के बराबर है, मसीह और परमेश्वर के राज्य में मीरास नहीं। 
Ephesians 5:6 कोई तुम्हें व्यर्थ बातों से धोखा न दे; क्योंकि इन ही कामों के कारण परमेश्वर का क्रोध आज्ञा ने मानने वालों पर भड़कता है। 
Ephesians 5:7 इसलिये तुम उन के सहभागी न हो। 
Ephesians 5:8 क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाईं चलो। 
Ephesians 5:9 (क्योंकि ज्योति का फल सब प्रकार की भलाई, और धामिर्कता, और सत्य है)। 
Ephesians 5:10 और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 53-55 
  • 2 थिस्सुलुनीकियों 1


गुरुवार, 17 अक्टूबर 2013

सदगुण

   न्यूयॉर्क के ब्रौंक्स इलाके के एक कॉलेज फुटबॉल प्रशिक्षक, क्लेटन हैन्ड्रिक-होम्स, ने मैरिटाईम कॉलेज की टीम को चरित्र के सदगुणों के साथ प्रशिक्षित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की कमीज़ पर खिलाड़ियों के नाम के स्थान पर कुछ शब्द लिखवाए, जैसे परिवार, आदर, जवाबदेही, चरित्र आदि। प्रत्येक खेल से पहले क्लेटन अपनी टीम से कहते कि उन शब्दों से संबंधित सदगुण के सिद्धांतों के अनुसार खेल खेलें।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी प्रेरित पतरस ने कुछ मसीही सदगुणों की सूची दी (2 पतरस 1:5-7), जिसे मसीही विश्वासियों को अपने विश्वास के साथ जोड़ लेना चाहिए। सुची के सदगुण इस प्रकार हैं:
  • सदगुण - नेक आचरण से परिपूर्ण जीवन के साथ परमेश्वर के उद्देश्य पूरे करने के लिए।
  • समझ - परमेश्वर के वचन के अध्ययन द्वारा झूठी शिक्षाओं से बचे रहने की सूझ-बूझ।
  • संयम - परमेश्वर को अपने जीवन में इतना आदर देना कि हर प्रत्युत्तर परमेश्वर कि महिमा के लिए हो।
  • धीरज - परमेश्वर पर ऐसा भरोसा बनाए रखना कि प्रत्येक परिस्थिति में अन्ततः भलाई ही होने के आशावान बने रहें।
  • भक्ति - जीवन के प्रत्येक संबंध में परमेश्वर को आदर देना।
  • भाईचारा - मसीही सहविश्वासियों के प्रति स्नेहपूर्ण व्यवहार बनाए रखना।
  • प्रेम - दूसरों की भलाई के लिए त्याग का भाव रखना।


हम मसीही विश्वासियों को चाहिए कि इन सदगुणों को अपने जीवन में ना केवल बनाए रखें वरन उन्हें बढ़ाते रहें और अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाए रखें। - ऐनी सेटास


सदगुणपूर्ण आचरण की कुँजी ईश्वरीय सदगुणों का सतत अभ्यास है।

क्योंकि उसके ईश्वरीय सामर्थ ने सब कुछ जो जीवन और भक्ति से सम्बन्‍ध रखता है, हमें उसी की पहचान के द्वारा दिया है, जिसने हमें अपनी ही महिमा और सद्गुण के अनुसार बुलाया है। - 2 पतरस 1:3

बाइबल पाठ: 2 पतरस 1:1-11
2 Peter 1:1 शमौन पतरस की और से जो यीशु मसीह का दास और प्रेरित है, उन लोगों के नाम जिन्होंने हमारे परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की धामिर्कता से हमारा सा बहुमूल्य विश्वास प्राप्त किया है। 
2 Peter 1:2 परमेश्वर के और हमारे प्रभु यीशु की पहचान के द्वारा अनुग्रह और शान्‍ति तुम में बहुतायत से बढ़ती जाए। 
2 Peter 1:3 क्योंकि उसके ईश्वरीय सामर्थ ने सब कुछ जो जीवन और भक्ति से सम्बन्‍ध रखता है, हमें उसी की पहचान के द्वारा दिया है, जिसने हमें अपनी ही महिमा और सद्गुण के अनुसार बुलाया है। 
2 Peter 1:4 जिन के द्वारा उसने हमें बहुमूल्य और बहुत ही बड़ी प्रतिज्ञाएं दी हैं: ताकि इन के द्वारा तुम उस सड़ाहट से छूट कर जो संसार में बुरी अभिलाषाओं से होती है, ईश्वरीय स्‍वभाव के समभागी हो जाओ। 
2 Peter 1:5 और इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्‍न कर के, अपने विश्वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ। 
2 Peter 1:6 और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति। 
2 Peter 1:7 और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ। 
2 Peter 1:8 क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्‍फल न होने देंगी। 
2 Peter 1:9 और जिस में ये बातें नहीं, वह अन्‍धा है, और धुन्‍धला देखता है, और अपने पूर्वकाली पापों से धुल कर शुद्ध होने को भूल बैठा है। 
2 Peter 1:10 इस कारण हे भाइयों, अपने बुलाए जाने, और चुन लिये जाने को सिद्ध करने का भली भांति यत्‍न करते जाओ, क्योंकि यदि ऐसा करोगे, तो कभी भी ठोकर न खाओगे। 
2 Peter 1:11 वरन इस रीति से तुम हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनन्त राज्य में बड़े आदर के साथ प्रवेश करने पाओगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 50-52 
  • 1 थिस्सुलुनीकियों 5