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गुरुवार, 26 दिसंबर 2013

आराधना का उद्देश्य


   यदि आप लोगों को घबराने और चिंतित करने का अचूक उपाय जानना चाहते हैं तो वह है उनकी अर्थव्यवस्था पर आघात। यदि अर्थव्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है तो राजनेताओं की कुर्सी तक चली जाती है। कुछ ऐसा ही प्रेरित पौलुस के साथ भी हुआ, जिसके कारण उसे अपने विरुद्ध कानूनी कार्यवाही, शहर से खदेड़े जाने तथा जान तक के खतरे तक का सामना करना पड़ा।

   हुआ यूँ कि प्रेरित पौलुस इफिसुस में आकर "आराधनालय में जा कर तीन महीने तक निडर हो कर बोलता रहा, और परमेश्वर के राज्य के विषय में विवाद करता और समझाता रहा" (प्रेरितों 19:8)। दो वर्ष से भी अधिक तक पौलुस वहाँ प्रभु यीशु के सुसमाचार प्रचार करता रहा जिससे वहाँ प्रभु यीशु मसीह के बहुत से अनुयायी हो गए। क्योंकि पौलुस का प्रचार बहुत प्रभावी था और उसके प्रचार के कारण बहुत से लोगों ने समझ और जान लिया कि सच्चा परमेश्वर केवल एक ही है, और वह आत्मा है, कोई गढ़ी हुई मूर्ति नहीं, इस कारण इफिसुस की स्थानीय देवी अरतिमिस के मानने वालों की संख्या घटने लगी। इसका सीधा प्रभाव इफिसुस के सुनारों के धंधे पर पड़ने लगा क्योंकि उनकी आमदनी का मुख्य स्त्रोत था अरितमिस की चाँदी से बनी मूर्तियाँ। उन्होंने भाँप लिया कि यदि शीघ्र ही कुछ नहीं किया गया तो थोड़े ही समय में उनका धंधा बिलकुल चौपट हो जाएगा क्योंकि अरितमिस को मानने वाले बहुत कम ही रह जाएंगे। इस कारण उन्होंने स्थानीय लोगों को भड़का कर पौलुस और उसके साथियों के विरुद्ध बलवा करवा दिया।

   यह घटना हमें यह सोचने और जाँचने को बाध्य करती है कि परमेश्वर की उपासना करने का हमारा उद्देश्य क्या है? इफिसुस के सुनार अपनी देवी की उपासना में केवल इसलिए रुचि रखते थे क्योंकि उनकी आमदनी उस उपासना से जुड़ी थी। ऐसा ना हो कि कभी ऐसा हम मसीही विश्वासियों के लिए कहा जाए; हम मसीही विश्वासियों के लिए समस्त संसार के तथा अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की आराधना, उपासना का उद्देश्य कभी साँसारिक संपत्ति अर्जित करना ना बनने पाए। हमारी आराधाना, उपासना इस लिए हो क्योंकि प्रभु यीशु ने हम से प्रेम किया, हमारे पापों को अपने ऊपर लेकर हमारे लिए उनका दण्ड सहा और अपना बलिदान दे दिया और अपनी धार्मिकता हमें दे कर हमें परमेश्वर कि सनतान बना दिया।

   हम मसीही विश्वासियों की आराधना का उद्देश्य प्रभु यीशु के प्रति हमारा प्रेम, समर्पण और आदर हो ना कि संसार की नाशमान संपत्ति और यश आदि की प्राप्ति। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर ने अपनी सन्तान को आशीषों से पहले ही भर दिया है; हमारी आराधना का उद्देश्य उन्हें प्राप्त करना कदापि नहीं है।

जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्‍तुओं को बनाया, वह स्वर्ग और पृथ्वी का स्‍वामी हो कर हाथ के बनाए हुए मन्‍दिरों में नहीं रहता। न किसी वस्तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और स्‍वास और सब कुछ देता है। - प्रेरितों 17:24-25

बाइबल पाठ: प्रेरितों 19:23-41
Acts 19:23 उस समय उस पन्थ के विषय में बड़ा हुल्लड़ हुआ। 
Acts 19:24 क्योंकि देमेत्रियुस नाम का एक सुनार अरितमिस के चान्दी के मन्दिर बनवाकर कारीगरों को बहुत काम दिलाया करता था। 
Acts 19:25 उसने उन को, और, और ऐसी वस्‍तुओं के कारीगरों को इकट्ठे कर के कहा; हे मनुष्यो, तुम जानते हो, कि इस काम में हमें कितना धन मिलता है। 
Acts 19:26 और तुम देखते और सुनते हो, कि केवल इफिसुस ही में नहीं, वरन प्राय: सारे आसिया में यह कह कहकर इस पौलुस ने बहुत लोगों को समझाया और भरमाया भी है, कि जो हाथ की कारीगरी है, वे ईश्वर नहीं। 
Acts 19:27 और अब केवल इसी एक बात का ही डर नहीं, कि हमारे इस धन्‍धे की प्रतिष्‍ठा जाती रहेगी; वरन यह कि महान देवी अरितमिस का मन्दिर तुच्‍छ समझा जाएगा और जिसे सारा आसिया और जगत पूजता है उसका महत्‍व भी जाता रहेगा। 
Acts 19:28 वे यह सुनकर क्रोध से भर गए, और चिल्ला चिल्लाकर कहने लगे, इफिसयों की अरितमिस महान है! 
Acts 19:29 और सारे नगर में बड़ा कोलाहल मच गया और लोगों ने गयुस और अरिस्‍तरखुस मकिदुनियों को जो पौलुस के संगी यात्री थे, पकड़ लिया, और एकिचत्त हो कर रंगशाला में दौड़ गए। 
Acts 19:30 जब पौलुस ने लोगों के पास भीतर जाना चाहा तो चेलों ने उसे जाने न दिया। 
Acts 19:31 आसिया के हाकिमों में से भी उसके कई मित्रों ने उसके पास कहला भेजा, और बिनती की, कि रंगशाला में जा कर जोखिम न उठाना। 
Acts 19:32 सो कोई कुछ चिल्लाया, और कोई कुछ; क्योंकि सभा में बड़ी गड़बड़ी हो रही थी, और बहुत से लोग तो यह जानते भी नहीं थे कि हम किस लिये इकट्ठे हुए हैं। 
Acts 19:33 तब उन्होंने सिकन्‍दर को, जिसे यहूदियों ने खड़ा किया था, भीड़ में से आगे बढ़ाया, और सिकन्‍दर हाथ से सैन कर के लोगों के साम्हने उत्तर दिया चाहता था। 
Acts 19:34 परन्तु जब उन्होंने जान लिया कि वह यहूदी है, तो सब के सब एक शब्द से कोई दो घंटे तक चिल्लाते रहे, कि इफिसयों की अरितमिस महान है। 
Acts 19:35 तब नगर के मन्‍त्री ने लोगों को शान्‍त कर के कहा; हे इफिसयों, कौन नहीं जानता, कि इफिसयों का नगर बड़ी देवी अरितमिस के मन्दिर, और ज्यूस की ओर से गिरी हुई मूरत का टहलुआ है। 
Acts 19:36 सो जब कि इन बातों का खण्‍डन ही नहीं हो सकता, तो उचित्त है, कि तुम चुपके रहो; और बिना सोचे विचारे कुछ न करो। 
Acts 19:37 क्योंकि तुम इन मनुष्यों को लाए हो, जो न मन्दिर के लूटने वाले हैं, और न हमारी देवी के निन्‍दक हैं। 
Acts 19:38 यदि देमेत्रियुस और उसके साथी कारीगरों को किसी से विवाद हो तो कचहरी खुली हैं, और हाकिम भी हैं; वे एक दूसरे पर नालिश करें। 
Acts 19:39 परन्तु यदि तुम किसी और बात के विषय में कुछ पूछना चाहते हो, तो नियत सभा में फैसला किया जाएगा। 
Acts 19:40 क्योंकि आज के बलवे के कारण हम पर दोष लगाए जाने का डर है, इसलिये कि इस का कोई कारण नहीं, सो हम इस भीड़ के इकट्ठा होने का कोई उत्तर न दे सकेंगे। 
Acts 19:41 और यह कह के उसने सभा को विदा किया।

एक साल में बाइबल: 
  • हग्गै 1-2 
  • प्रकाशितवाक्य 17


बुधवार, 25 दिसंबर 2013

यही समय है


   हमारे चर्च के क्रिसमस उत्सव मनाने के समय मैं देख रही थी कि कैसे स्तुतिगीतों में चर्च की अगुवाई करने वाला समूहगान दल चर्च में सामने की ओर जमा होकर अपने आप को व्यवस्थित कर रहा था, उनका संचालन करने वाला संगीत निर्देशक गीत की पुस्तक को मंच पर ठीक से रखकर खोल रहा था। फिर संगीत वादकों ने धुन आरंभ करी और गाने वालों ने एक बहुत जाना पहचाना गीत "Come, now is the time to worship" (आओ, आराधना का यही समय है) गाना आरंभ कर दिया।

   मेरी आशा थी कि इस दिन क्रिसमस के किसी गीत से उपासना आरंभ होगी, लेकिन थोड़े से विचार करने के बाद मैं इस गीत की उपयुक्तता के बारे में सोच कर मुस्कराने लगी। उस सप्ताह के आरंभ से मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका रचित सुसमाचार में प्रभु यीशु के जन्म के विवरण को पढ़ रही थी, और मैंने ध्यान दिया कि उस प्रथम क्रिसमस के समय ना तो आज जैसी कोई सजावट थी ना कोई पार्टी थी, ना उपहार थे और ना ही कोई दावत सजी थी, बस एक चीज़ थी - आराधना।

   जब स्वर्गदूत ने, अपने भेड़ों की झुण्ड की रखवाली कर रहे आश्चर्यचकित चरवाहों को, प्रभु यीशु के जन्म का समाचार सुनाया "तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो" (लूका 2:13-14)। वे चरवाहे तुरन्त बैतलेहम को गए जहाँ उन्होंने स्वर्गदूतों द्वारा दिए गए समाचार के अनुसार ही उस नवजात राजा को एक गौशाला में चरनी में लेटा हुआ पाया, "और गड़ेरिये जैसा उन से कहा गया था, वैसा ही सब सुनकर और देखकर परमेश्वर की महिमा और स्‍तुति करते हुए लौट गए" (लूका 2:20)। जगत के उद्धरकर्ता के दर्शन करने से चरवाहे परमेश्वर की आराधना, उसकी महिमा और स्तुति करने को प्रेरित हुए।

   आज आपका प्रभु यीशु के पृथ्वी पर संसार के उद्धार के लिए आने के समाचार के प्रति क्या प्रत्युत्तर है? क्या आप संसार के समान मौज-मस्ती, खाने-पीने, पार्टी करने, उपहार लेने-देने में लगे हैं, या आपके हृदय से उसकी आराधना उमड़ रही है, आप प्रभु यीशु के कृतज्ञ और ध्न्यवादी हैं कि उसने आपके पापों के लिए स्वर्ग की महिमा छोड़कर संसार में आना स्वीकार किया, आपके पापों के दण्ड को अपने ऊपर लेकर आपके स्थान पर मरना स्वीकार किया। यही समय है प्रभु यीशु के आगमन के उद्देश्य को समझने और उसके प्रति सही प्रत्युत्तर देने का। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


स्वर्गीय संगीत और आराधना पृथ्वी पर उतर आई जब स्वर्ग का राजा संसार के उद्धार के लिए धरती पर उतर आया।

...आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो। - लूका 2:14

बाइबल पाठ: लूका 2:8-20
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। 
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। 
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।
Luke 2:15 जब स्वर्गदूत उन के पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, आओ, हम बैतलहम जा कर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें। 
Luke 2:16 और उन्होंने तुरन्त जा कर मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा। 
Luke 2:17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की। 
Luke 2:18 और सब सुनने वालों ने उन बातों से जो गड़िरयों ने उन से कहीं आश्चर्य किया। 
Luke 2:19 परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही। 
Luke 2:20 और गड़ेरिये जैसा उन से कहा गया था, वैसा ही सब सुनकर और देखकर परमेश्वर की महिमा और स्‍तुति करते हुए लौट गए।

एक साल में बाइबल: 
  • सपन्याह 1-3 
  • प्रकाशितवाक्य 16


मंगलवार, 24 दिसंबर 2013

मृत्यु का नाश


   चिकित्सा विज्ञान के अनेक शोधकर्ता अथक प्रयास द्वारा कैंसर का इलाज ढूढ़ने में लगे हुए हैं, वे एल्ज़ाहिमर रोग के रहस्य को समझने का प्रयास कर रहे हैं, उनके प्रयास हैं कि अनेक दुर्बल कर देने वाले रोगों का हल ढूंढ़ा जा सके। लेकिन कैसा लगे यदि एक प्रातः जब आप उठें तो समाचारपत्रों की सुर्खियाँ हों "मृत्यु का नाश हो गया!" क्या आप ऐसे समाचार पर विश्वास करेंगे? क्या आप विश्वास करने भी पाएंगे?

   लेकिन परमेश्वर का वचन बाइबल, जिसकी कोई बात कभी गलत प्रमाणित नहीं हुई है, यह दावा करती है कि मसीह यीशु के विश्वासियों के लिए मृत्यु का नाश हो चुका है - मृत्यु निष्क्रीय कर दी गई है, अब तक मृत्यु जो कुछ कर पाती थी मसीही विश्वासियों के प्रति वह सब करना उसके लिए संभव नहीं रह गया है: "और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तक वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया" (1 कुरिन्थियों 15:54)।

   यह सुसमाचार प्रत्येक उस व्यक्ति के लिए है जो इस सुसमाचार पर विश्वास करेगा, इसे ग्रहण करेगा, जैसे कि स्वर्गदूत ने प्रभु यीशु के जन्म के समय चरवाहों से कहा: "तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है" (लूका 2:10-11)।

   प्रभु यीशु का जन्म मृत्यु के अन्त का आरंभ था: "हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है" (1 कुरिन्थियों 15:56-57)।

   बस इसीलिए हम क्रिसमस का आनन्द मनाते हैं! - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु यीशु का जन्म परमेश्वर को मनुष्य के निकट ले आया; प्रभु यीशु की मृत्यु मनुष्य को परमेश्वर के निकट ले जाती है।

हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? - 1 कुरिन्थियों 15:55

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:50-58
1 Corinthians 15:50 हे भाइयों, मैं यह कहता हूं कि मांस और लोहू परमेश्वर के राज्य के अधिकारी नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकारी हो सकता है। 
1 Corinthians 15:51 देखे, मैं तुम से भेद की बात कहता हूं: कि हम सब तो नहीं सोएंगे, परन्तु सब बदल जाएंगे। 
1 Corinthians 15:52 और यह क्षण भर में, पलक मारते ही पिछली तुरही फूंकते ही होगा: क्योंकि तुरही फूंकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा में उठाए जांएगे, और हम बदल जाएंगे। 
1 Corinthians 15:53 क्योंकि अवश्य है, कि यह नाशमान देह अविनाश को पहिन ले, और यह मरनहार देह अमरता को पहिन ले। 
1 Corinthians 15:54 और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तक वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया। 
1 Corinthians 15:55 हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? 
1 Corinthians 15:56 हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। 
1 Corinthians 15:57 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है। 
1 Corinthians 15:58 सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।

एक साल में बाइबल: 
  • हबक्कूक 1-3 
  • प्रकाशितवाक्य 15


सोमवार, 23 दिसंबर 2013

खोजने वाला


   पास्टर टिम कैलर ने मसीही विश्वास में पाई जाने वाली एक अद्वितीय बात का उल्लेख किया है, जो अन्य किसी भी धर्म या धार्मिक विचारधारा में कहीं नहीं मिलती है। अन्य सभी धर्मों और धार्मिक विचारधाराओं में हम पाते हैं कि उनके मानने वाले अपने ईश्वर की खोज में लगे रहते हैं, उसे अपने भले कार्यों या अन्य बातों द्वारा प्रसन्न करने, मनाने में लगे रहते हैं। केवल मसीही विश्वास ही एकमात्र ऐसा धार्मिक विश्वास है जिसमें स्वयं परमेश्वर मनुष्य को खोजता है, मनुष्य को अपने पास लौटा लाने और उसे अशीषों से भर देने को लालायित रहता है, प्रयास करता रहता है और अपने इस प्रयास में उसने मनुष्य रूप में आकर समस्त मनुष्य जाति के समस्त पापों को अपने ऊपर लेकर अपने जीवन के बलिदान द्वारा उन पापों का दण्ड भी भोग लिया और अपने प्रत्येक विश्वास करने वाले के लिए उद्धार, आशीष और अनन्त जीवन का मार्ग भी बना कर दे दिया। अब, मसीही विश्वास में होकर, मनुष्य का परमेश्वर से मेल-मिलाप मनुष्य द्वारा किए जाने वाले किसी प्रयास से नहीं वरन केवल पश्चाताप और विश्वास द्वारा है।

   इस अद्भुत सच्चाई की गंभीरता को ब्रिटिश कवि फ्रांसिस थौम्पसन ने अपनी कृति "The Hound of Heaven" में बड़ी सुन्दरता से व्यक्त किया है। वे अपने जीवन के अनुभव से लिखते हैं कि उन्होंने परमेश्वर से दूर भाग जाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन "मेरा पीछा कर रहे उन सामर्थी कदमों की संतुलित और अविचिलित चाल से आगे मैं निकल नहीं सका।" भटके हुओं और हठधर्मियों को अथक खोज द्वारा परमेश्वर का अपनी ओर लौटा लाना केवल फ्रांसिस थौम्पसन का ही अनुभव नहीं है, वरन क्रिसमस की कथा का मर्म भी परमेश्वर द्वारा मनुष्य को खोजना ही है, जैसे प्रेरित पौलुस लिखता है: "परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ। ताकि व्यवस्था के आधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले" (गलतियों 4:4-5)।

   परमेश्वर की यह खोज केवल क्रिसमस की कहानी ही नहीं है, वरन हमारे आदि माता-पिता, आदम और हव्वा के पाप में गिरने के बाद परमेश्वर ही उन्हें खोजता हुआ आया था, क्योंकि वे तो अपनी शर्मनाक हालत के कारण परमेश्वर से छिप गए थे। तब से परमेश्वर पाप में गिरे मनुष्य को खोज रहा है जिससे उसके निकट आने वालों को वह वापस उसी आशीष की स्थिति में बहाल कर सके। उसने मुझे खोज कर अपने पास बुलाया, वह आपको भी खोज कर अपने पास बुलाना चाहता है, परमेश्वर की सन्तान कहलाने का आदर देना चाहता है। यदि परमेश्वर हमारा खोजने वाला ना होता तो हमारे पाप हमें कहीं का ना छोड़ते। क्या आपने उस की खोज को आदर दिया है, उसके पास लौट आए हैं? - जो स्टोवैल


आपके उद्धार के लिए परमेश्वर की अमिट इच्छा कभी समाप्त नहीं होगी।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: गलतियों 4:1-7
Galatians 4:1 मैं यह कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्‍तुओं का स्‍वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं। 
Galatians 4:2 परन्तु पिता के ठहराए हुए समय तक रक्षकों और भण्‍डारियों के वश में रहता है। 
Galatians 4:3 वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में हो कर दास बने हुए थे। 
Galatians 4:4 परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ। 
Galatians 4:5 ताकि व्यवस्था के आधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले। 
Galatians 4:6 और तुम जो पुत्र हो, इसलिये परमेश्वर ने अपने पुत्र के आत्मा को, जो हे अब्‍बा, हे पिता कह कर पुकारता है, हमारे हृदय में भेजा है। 
Galatians 4:7 इसलिये तू अब दास नहीं, परन्तु पुत्र है; और जब पुत्र हुआ, तो परमेश्वर के द्वारा वारिस भी हुआ।

एक साल में बाइबल: 
  • नहूम 1-3 
  • प्रकाशितवाक्य 14


रविवार, 22 दिसंबर 2013

छिपा खज़ाना


   इंगलैण्ड के एक खज़ाना खोजने वाले व्यक्ति को दक्षिण-पश्चिम इंगलैण्ड के एक मैदान में दबा हुआ रोमी शासन के दिनों के 52,000 सिक्कों से भरा हुआ एक बड़ा सा पात्र मिला। डेव क्रिस्प नामक इस व्यक्ति ने यह खज़ाना धातु पता लगाने वाले उपकरण की सहायता से खोज निकाला। चाँदी और कांसे से बने हुए ये प्राचीन सिक्के तीसरी ईसवीं के थे, उनका कुल वज़न 350 पौंड था और उनकी कीमत 50 लाख अमेरीकी डॉलर आंकी गई थी।

   हो सकता है कि क्रिस्प की इस खोज की बात जानकर हम भी किसी ऐसे ही गड़े खज़ाने के मिलने के स्वप्न देखने लगें, लेकिन हम मसीही विश्वासियों को एक अलग ही प्रकार के खज़ाने के खोजी होना चाहिए। जो खज़ाना हम मसीही विश्वासियों के लिए महत्वपूर्ण है वह सोने-चाँदी तथा पार्थिव वस्तुओं का नहीं है, वरन वह परमेश्वर के वचन बाइबल की अद्भुत सच्चाईयों और गूढ़ बातों तथा मसीह यीशु की पहचान होने का है: "...और वे पूरी समझ का सारा धन प्राप्त करें, और परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात मसीह को पहिचान लें। जिस में बुद्धि और ज्ञान से सारे भण्‍डार छिपे हुए हैं" (कुलुस्सियों 2:2-3)। प्रभु यीशु को और भली रीति से जानने से प्राप्त होने वाली आशीष केवल बाइबल के अध्ययन और मनन के द्वारा ही प्राप्त हो सकती है। भजनकार ने परमेश्वर के वचन के धन के लिए लिखा है: "जैसे कोई बड़ी लूट पा कर हर्षित होता है, वैसे ही मैं तेरे वचन के कारण हर्षित हूं" (भजन 119:162)।

   यदि हम परमेश्वर के वचन को जल्दबाज़ी में या लापरवाही से पढ़ेंगे तो उसके अद्भुत विचारों और गूढ़ बातों को समझ नहीं पाएंगे। बाइबल की सच्चाईयों के खज़ाने तो पूरी लगन से पढ़ने और ध्यानपूर्वक खोजने से ही मिल सकते हैं। डेव क्रिस्प ने यह खज़ाना धातु पता लगाने वाले उपकरण की सहायता से खोज निकाला, परमेश्वर ने हम मसीही विश्वासियों को बाइबल के खज़ाने खोज निकालने के लिए अपना आत्मा दिया है जो हमें उसके वचन की बातें बताता, सिखाता और समझता है।

   क्या आप भी परमेश्वर के खज़ाने पाने के इच्छुक हैं; बाइबल में से पवित्र आत्मा की सहायता से प्रभु यीशु को और अधिक जानना आरंभ कर दें, अनन्त आशीष के छिपे खज़ाने आपके होंगे। - डेनिस फिशर


बाइबल के खज़ाने मनन के फावड़े से ही खोदे जा सकते हैं।

जिस में बुद्धि और ज्ञान से सारे भण्‍डार छिपे हुए हैं। - कुलुस्सियों 2:3

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:27-2:3
Colossians 1:27 जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है। 
Colossians 1:28 जिस का प्रचार कर के हम हर एक मनुष्य को जता देते हैं और सारे ज्ञान से हर एक मनुष्य को सिखाते हैं, कि हम हर एक व्यक्ति को मसीह में सिद्ध कर के उपस्थित करें। 
Colossians 1:29 और इसी के लिये मैं उस की उस शक्ति के अनुसार जो मुझ में सामर्थ के साथ प्रभाव डालती है तन मन लगाकर परिश्रम भी करता हूं। 
Colossians 2:1 मैं चाहता हूं कि तुम जान लो, कि तुम्हारे और उन के जो लौदीकिया में हैं, और उन सब के लिये जिन्हों ने मेरा शारीरिक मुंह नहीं देखा मैं कैसा परिश्रम करता हूं। 
Colossians 2:2 ताकि उन के मनों में शान्‍ति हो और वे प्रेम से आपस में गठे रहें, और वे पूरी समझ का सारा धन प्राप्त करें, और परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात मसीह को पहिचान लें। 
Colossians 2:3 जिस में बुद्धि और ज्ञान से सारे भण्‍डार छिपे हुए हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 6-7 
  • प्रकाशितवाक्य 13


शनिवार, 21 दिसंबर 2013

अस्वीकृत ज्योति


  दिसंबर 21, 2010 के आरंभिक घंटों में मैंने वह दृश्य देखा जो इससे पहले सन 1638 में घटा था - शरद ऋतु के उच्चतम समय में होने वाला पूर्ण चन्द्रग्रहण। मेरे देखते देखते, धीरे से पृथ्वी की छाया चन्द्रमा पर छा गई और चमकता हुआ चांद गहरे लाल रंग का हो गया। यह एक अद्भुत और अविस्मर्णीय दृश्य था। ज्योति और अन्धकार के इस दृश्य को देखते हुए मेरा ध्यान इस बात पर गया कि यद्यपि भौतिक अन्धकार परमेश्वर की योजना का एक भाग हो सकता है लेकिन आत्मिक अन्धकार उस की योजना का भाग कतई नहीं है।
   इस संदर्भ में स्कॉटलैण्ड के एक पास्टर, एलैक्ज़ैन्डर मैक्लैरन ने कहा था, "सबसे गहन अन्धकार का कारण ज्योति की अस्वीकृति है, और जो व्यक्ति ज्योति के पास होने पर भी उस पर विश्वास नहीं करता वह अपने चारों ओर निराशा और अन्धकार के घने बादल बटोर लेता है"। प्रभु यीशु ने मनुष्यों द्वारा स्वयं ही अपने आत्मा और मन पर थोपे गए इस अन्धकार के विष्य में कहा, "परन्तु यदि तेरी आंख बुरी हो, तो तेरा सारा शरीर भी अन्धियारा होगा; इस कारण वह उजियाला जो तुझ में है यदि अन्धकार हो तो वह अन्धकार कैसा बड़ा होगा" (मत्ती 6:23)।
   क्रिसमस का यह अवसर संसार के सभी लोगों को निमंत्रण है कि वे पाप के अन्धकार को दूर करने वाले उद्धारकर्ता तथा जगत की ज्योति प्रभु यीशु को अपने अन्दर आने के निमंत्रण देकर अपने अन्दर के अन्धकार से बाहर निकल कर सच्ची ज्योति में रहने लगें: प्रभु यीशु ने कहा: "जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है, ज्योति पर विश्वास करो कि तुम ज्योति के सन्तान होओ।" "मैं जगत में ज्योति हो कर आया हूं ताकि जो कोई मुझ पर विश्वास करे, वह अन्धकार में न रहे" (यूहन्ना 12:36, 46)।
   परमेश्वर ने पाप के अन्धकार को दूर करने वाली ज्योति संसार में भेजी है, आपने उसे स्वीकृत किया है या अस्वीकृत? - डेविड मैक्कैसलैंड


जब हम ज्योति में चलेंगे तो अन्धकार में ठोकर नहीं खाएंगे।

तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। - यूहन्ना 8:12

बाइबल पाठ: यूहन्ना 12:35-46
John 12:35 यह मनुष्य का पुत्र कौन है? यीशु ने उन से कहा, ज्योति अब थोड़ी देर तक तुम्हारे बीच में है, जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है तब तक चले चलो; ऐसा न हो कि अन्धकार तुम्हें आ घेरे; जो अन्धकार में चलता है वह नहीं जानता कि किधर जाता है। 
John 12:36 जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है, ज्योति पर विश्वास करो कि तुम ज्योति के सन्तान होओ। ये बातें कहकर यीशु चला गया और उन से छिपा रहा। 
John 12:37 और उसने उन के साम्हने इतने चिन्ह दिखाए, तौभी उन्होंने उस पर विश्वास न किया। 
John 12:38 ताकि यशायाह भविष्यद्वक्ता का वचन पूरा हो जो उसने कहा कि हे प्रभु हमारे समाचार की किस ने प्रतीति की है? और प्रभु का भुजबल किस पर प्रगट हुआ? 
John 12:39 इस कारण वे विश्वास न कर सके, क्योंकि यशायाह ने फिर भी कहा। 
John 12:40 कि उसने उन की आंखें अन्‍धी, और उन का मन कठोर किया है; कहीं ऐसा न हो, कि आंखों से देखें, और मन से समझें, और फिरें, और मैं उन्हें चंगा करूं। 
John 12:41 यशायाह ने ये बातें इसलिये कहीं, कि उसने उस की महिमा देखी; और उसने उसके विषय में बातें कीं। 
John 12:42 तौभी सरदारों में से भी बहुतों ने उस पर विश्वास किया, परन्तु फरीसियों के कारण प्रगट में नहीं मानते थे, ऐसा न हो कि आराधनालय में से निकाले जाएं। 
John 12:43 क्योंकि मनुष्यों की प्रशंसा उन को परमेश्वर की प्रशंसा से अधिक प्रिय लगती थी। 
John 12:44 यीशु ने पुकारकर कहा, जो मुझ पर विश्वास करता है, वह मुझ पर नहीं, वरन मेरे भेजने वाले पर विश्वास करता है। 
John 12:45 और जो मुझे देखता है, वह मेरे भेजने वाले को देखता है। 
John 12:46 मैं जगत में ज्योति हो कर आया हूं ताकि जो कोई मुझ पर विश्वास करे, वह अन्धकार में न रहे।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 4-5 
  • प्रकाशितवाक्य 12


शुक्रवार, 20 दिसंबर 2013

कर्तव्य


   मैंने एक स्थानीय भोजनालय में अपने बच्चों के साथ भोजन समाप्त किया था और बच्चे भोजन से संबंधित कूड़ा वहाँ रखे कूड़ेदान में डाल कर मुड़ ही रहे थे कि एक बड़ी तेज़ी से आ रहे व्यक्ति से उनकी टक्कर होते होते बची। मेरे छोटे बेटे ने चुटकी ली, "शायद यह व्यक्ति कोई चोरी कर के भाग रहा होगा"। मैंने सोचा यह कुछ शिक्षा देने का अच्छा अवसर है और उन से कहा, "बाइबल इस प्रकार के प्रत्युत्तर को दूसरे को जाँचना कहती है, जो हमारा नहीं परमेश्वर का कार्य है।" मेरे बेटे ने तुरंत उत्तर दिया, "आप हमेशा शिक्षा देने में क्यों लगे रहते हैं?" मेरी हंसी निकल गई, हंसी थमने के बाद मैंने उससे कहा, "एक पिता होने के नाते यह मेरा एक ऐसा कर्तव्य है जिससे मैं कभी अवकाश नहीं ले सकता।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इफिसियों के विश्वासियों की मसीही मण्डली को स्मरण दिलाया कि वह भी कभी प्रभु यीशु के अनुयायियों को शिक्षा देने से अवकाश नहीं लेने पाया था (प्रेरितों 20)। पौलुस जानता था कि उनके मध्य गलत शिक्षाएं देने वाले आएंगे और मण्डली का नाश करने का प्रयत्न करेंगे, इस लिए यह मण्डली के अगुवों का कर्तव्य था कि वे उन नाश करने वालों से मण्डली के लोगों को बचा कर रखें। परमेश्वर के लोगों की देखभाल करने में उन्हें सही और सच्ची मसीही शिक्षाओं का आत्मिक भोजन, नम्रता और संयम के साथ उनका नेतृत्व और दृढ़ता के साथ उनको चिताना सम्मिलित हैं। मण्डली के अगुवों को इस कर्तव्य को निभाने के लिए हमारे और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु द्वारा इस उद्धार के लिए क्रूस पर चुकाई गई कीमत को सदा स्मरण रखना चाहिए (पद 28)।

   मण्डली के अगुवों पर हमारी आत्माओं की देखभाल की एक बड़ी ज़िम्मेदारी है, जिसके लिए एक दिन वे प्रभु यीशु को लेखा देंगे। इसलिए आईए हम अपने अगुवों के साथ सहयोग करने का मन बना लें और उनके विश्वासयोग्य और परमेश्वर के भय में दिए गए नेतृत्व के प्रति आज्ञाकारी और समर्पित रहने के द्वारा उनके आनन्द का कारण बनें (इब्रानियों 13:17)। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर के वचन को ग्रहण करने के बाद परमेश्वर के कार्य को करना हमारा कर्तव्य है।

अपने अगुवों की मानो; और उनके आधीन रहो, क्योंकि वे उन की नाईं तुम्हारे प्राणों के लिये जागते रहते, जिन्हें लेखा देना पड़ेगा, कि वे यह काम आनन्द से करें, न कि ठंडी सांस ले ले कर, क्योंकि इस दशा में तुम्हें कुछ लाभ नहीं। - इब्रानियों 13:17

बाइबल पाठ: प्रेरितों 20:17-32
Acts 20:17 और उसने मीलेतुस से इफिसुस में कहला भेजा, और कलीसिया के प्राचीनों को बुलवाया। 
Acts 20:18 जब वे उस के पास आए, तो उन से कहा, तुम जानते हो, कि पहिले ही दिन से जब मैं आसिया में पहुंचा, मैं हर समय तुम्हारे साथ किस प्रकार रहा। 
Acts 20:19 अर्थात बड़ी दीनता से, और आंसू बहा बहाकर, और उन परीक्षाओं में जो यहूदियों के षडयन्‍त्र के कारण मुझ पर आ पड़ी; मैं प्रभु की सेवा करता ही रहा। 
Acts 20:20 और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका। 
Acts 20:21 वरन यहूदियों और यूनानियों के साम्हने गवाही देता रहा, कि परमेश्वर की ओर मन फिराना, और हमारे प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करना चाहिए। 
Acts 20:22 और अब देखो, मैं आत्मा में बन्‍धा हुआ यरूशलेम को जाता हूं, और नहीं जानता, कि वहां मुझ पर क्या क्या बीतेगा 
Acts 20:23 केवल यह कि पवित्र आत्मा हर नगर में गवाही दे देकर मुझ से कहता है, कि बन्‍धन और क्‍लेश तेरे लिये तैयार हैं। 
Acts 20:24 परन्तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रिय जानूं, वरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है। 
Acts 20:25 और अब देखो, मैं जानता हूं, कि तुम सब जिनमें मैं परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता फिरा, मेरा मुंह फिर न देखोगे। 
Acts 20:26 इसलिये मैं आज के दिन तुम से गवाही देकर कहता हूं, कि मैं सब के लोहू से निर्दोष हूं। 
Acts 20:27 क्योंकि मैं परमेश्वर की सारी मनसा को तुम्हें पूरी रीति से बनाने से न झिझका। 
Acts 20:28 इसलिये अपनी और पूरे झुंड की चौकसी करो; जिस से पवित्र आत्मा ने तुम्हें अध्यक्ष ठहराया है; कि तुम परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली करो, जिसे उसने अपने लोहू से मोल लिया है। 
Acts 20:29 मैं जानता हूं, कि मेरे जाने के बाद फाड़ने वाले भेड़िए तुम में आएंगे, जो झुंड को न छोड़ेंगे। 
Acts 20:30 तुम्हारे ही बीच में से भी ऐसे ऐसे मनुष्य उठेंगे, जो चेलों को अपने पीछे खींच लेने को टेढ़ी मेढ़ी बातें कहेंगे। 
Acts 20:31 इसलिये जागते रहो; और स्मरण करो; कि मैं ने तीन वर्ष तक रात दिन आंसू बहा बहा कर, हर एक को चितौनी देना न छोड़ा। 
Acts 20:32 और अब मैं तुम्हें परमेश्वर को, और उसके अनुग्रह के वचन को सौंप देता हूं; जो तुम्हारी उन्नति कर सकता है, और सब पवित्रों में साझी कर के मीरास दे सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 1-3 
  • प्रकाशितवाक्य 11