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रविवार, 9 मार्च 2014

कृतज्ञ


   मेरे लड़कपन में जितनी अच्छी रीति से पास्टर फ्रांसिस एलेन मुझे जानते थे, शायद ही कोई ओर वैसा मुझे जानता होगा। वे बहुत जोशीले प्रचारक और कोमलता तथा परमेश्वर के प्रेम के सजीव उदाहरण थे और वे ही मुझे मसीह यीशु के निकट ले कर आए थे। मेरे साथ उनके संपर्क के आरंभिक समय में ही उन्होंने पहचान लिया था कि मुझ में, अपेक्षा से अधिक कठिन परिश्रम करने तथा कहे गए से अधिक कर देने के  द्वारा लोगों से उनका समर्थन या स्वीकृति "खरीदने" की प्रवृत्ति है।

   उन्होंने मुझे समझाया कि परिश्रम करने के मेरे ये गुण दूसरों की सहायता हेतु उपयोग करने के लिए बहुत भले हैं, लेकिन इनका प्रयोग दूसरों से, विशेषतयाः परमेश्वर से, स्वीकृति पाने के लिए कभी नहीं करना चाहिए। इसे समझाने के लिए उन्होंने मुझ से परमेश्वर के वचन बाइबल में से मत्ती 11:30 पढ़ने के लिए कहा, जहाँ प्रभु यीशु ने वायदा किया है "क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है" - एक ऐसा कथन जो इतना सरल है कि कभी कभी उसपर विश्वास करना कठिन होता है। फिर उन्होंने मुझ से एक और खण्ड पढ़ने के लिए कहा - मीका 6:6-8; और मेरे वह खण्ड पढ़ने के बाद वे बोले, "अब मुझे बताओ कि क्या तुम परमेश्वर को कुछ ऐसा दे सकते हो जो उसके पास नहीं है या उसके लिए कुछ ऐसा कर सकते हो जो उसके लिए करना कठिन है?" स्वाभविक था कि मेरा उत्तर था, "नहीं"।

   फिर उन्होंने आगे समझाया, हम परमेश्वर को किसी रीति से "खरीद" नहीं सकते अर्थात उसे अपने लिए कुछ करने को बाध्य नहीं कर सकते - परमेश्वर का हमारे प्रति प्रेम उसका स्वाभाविक गुण है जिसके फलस्वरूप वह अपने बड़े अनुग्रह में होकर हमसे बर्ताव करता है, ना कि हमारे किसी "धार्मिकता" या "भलाई के कार्यों" से मजबूर होकर। इसलिए हमारा प्रत्युत्तर क्या होना चाहिए? वही जो मीका 6:8 में लिखा है: "हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?"

   मीका 6 अध्याय हमारे लिए स्मरण के लिए रहे कि परमेश्वर का अनुग्रह हमारे प्रति बिना किसी "कीमत" के है; तथा उस अनुग्रह के प्रत्युत्तर में उसके प्रति विश्वासयोग्यता का जीवन व्यतीत करना हमारी कृतज्ञता की प्रतिक्रिया है ना कि उसकी "कीमत" चुकाना। - रैंडी किलगोर


भले काम उद्धार पाने का कारण नहीं परिणाम हैं।

हम तो सब के सब अशुद्ध मनुष्य के से हैं, और हमारे धर्म के काम सब के सब मैले चिथड़ों के समान हैं। हम सब के सब पत्ते की नाईं मुर्झा जाते हैं, और हमारे अधर्म के कामों ने हमें वायु की नाईं उड़ा दिया है। -  यशायाह 64:6

बाइबल पाठ: मीका 6:1-8
Micah 6:1 जो बात यहोवा कहता है, उसे सुनो : उठ कर, पहाड़ों के सामने वादविवाद कर, और टीले भी तेरी सुनने पाएं। 
Micah 6:2 हे पहाड़ों, और हे पृथ्वी की अटल नेव, यहोवा का वादविवाद सुनो, क्योंकि यहोवा का अपनी प्रजा के साथ मुकद्दमा है, और वह इस्राएल से वादविवाद करता है।
Micah 6:3 हे मेरी प्रजा, मैं ने तेरा क्या किया, और क्या कर के मैं ने तुझे उकता दिया है? 
Micah 6:4 मेरे विरुद्ध साक्षी दे! मैं तो तुझे मिस्र देश से निकाल ले आया, और दासत्व के घर में से तुझे छुड़ा लाया; और तेरी अगुवाई करने को मूसा, हारून और मरियम को भेज दिया। 
Micah 6:5 हे मेरी प्रजा, स्मरण कर, कि मोआब के राजा बालाक ने तेरे विरुद्ध कौन सी युक्ति की? और बोर के पुत्र बिलाम ने उसको क्या सम्मत्ति दी? और शित्तिम से गिल्गाल तक की बातों का स्मरण कर, जिस से तू यहोवा के धर्म के काम समझ सके।
Micah 6:6 मैं क्या ले कर यहोवा के सम्मुख आऊं, और ऊपर रहने वाले परमेश्वर के सामने झुकूं? क्या मैं होमबलि के लिये एक एक वर्ष के बछड़े ले कर उसके सम्मुख आऊं? 
Micah 6:7 क्या यहोवा हजारों मेढ़ों से, वा तेल की लाखों नदियों से प्रसन्न होगा? क्या मैं अपने अपराध के प्रायश्चित्त में अपने पहिलौठे को वा अपने पाप के बदले में अपने जन्माए हुए किसी को दूं? 
Micah 6:8 हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले? 

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 9-12


शनिवार, 8 मार्च 2014

छंटनी


   सेना के सेनापति निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिए सदा ही पर्याप्त संख्या में सैनिक चाहते हैं; अधिकांशतः तो अनुमानित आवश्यकता से अधिक संख्या में सैनिक रखना चाहते हैं ना कि उस से कम संख्या में। लेकिन कितने सैनिक पर्याप्त होंगे, यह अनुमान सबका भिन्न ही होता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल की एक घटना में परमेश्वर ने गिद्दोन को नियुक्त किया कि वह इस्त्राएल के आताताई मिद्यानियों के विरुद्ध युद्ध की तैयारी करे और सेना एकत्रित करे। जब गिद्दोन सेना एकत्रित कर चुका तो उसके पास 32,000 सैनिक थे। उन्हें देखकर परमेश्वर ने गिद्दोन से कहा, "...जो लोग तेरे संग हैं वे इतने हैं कि मैं मिद्यानियों को उनके हाथ नहीं कर सकता, नहीं तो इस्राएल यह कहकर मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई मारने लगे, कि हम अपने ही भुजबल के द्वारा बचे हैं" (न्यायियों 7:2)। और परमेश्वर ने गिद्दोन से उन सैनिकों की छंटनी के लिए कहा। जितने युद्ध से डर रहे थे जब उनसे वापस घर जाने के लिए कहा गया तो 22,000 लोग वापस लौट गए। बचे हुए 10,000 सैनिक भी परमेश्वर के लिए बहुत अधिक थे, इसलिए एक छंटनी और करी गई और फिर केवल 300 सैनिक ही बचे। उन 300 सैनिकों से ही परमेश्वर ने गिद्दोन को मिद्यानियों पर एक महान विजय दिलवाई।

   हमारे मसीही विश्वास के जीवन में अनेक बार हमारे अपने संसाधन या हमारी अपनी योजनाएं और योग्यताएं परमेश्वर के लिए बाधा बन जातीं हैं और वह पूरी स्वतंत्रता के साथ हमारे जीवनों में तथा हमारे जीवनों के द्वारा कार्य नहीं कर पाता। अपने कार्यों को कर पाने के लिए उसे हमारे जीवन से कई बातों की छंटनी करनी पड़ती है। परमेश्वर चाहता है कि हम केवल उस पर ही निर्भर रहें, ना कि अपनी सामर्थ, अपने संसाधन, अपनी आर्थिक स्थिति, अपनी बुद्धि इत्यादि पर। इसलिए यदि कभी परमेश्वर आपको किसी "छंटनी" से होकर निकाले और आपके संसाधनों तथा सामर्थ को "32,000" से घटा कर "300" कर दे तो उसे परमेश्वर से मिला कोई दण्ड ना समझें, वरन भरोसा रखें कि परमेश्वर आप में तथा आपके द्वारा कुछ बड़ा और अद्भुत करने जा रहा है जिस से अन्ततः उसकी महिमा और आपकी भलाई ही होगी।

   परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखें, उसे अपने कार्य करने दें, नतीजा आपकी आशा और विचारों से भी कहीं अद्भुत होगा। - डेविड मैक्कैसलैंड


जब परमेश्वर कोई असंभव कार्य आपको करने के लिए सौंपे, तो भरोसा रखिए कि उसने उसे संभव करने के साधन जुटा दिए हैं।

तब उसने मुझे उत्तर देकर कहा, जरूब्बाबेल के लिये यहोवा का यह वचन है : न तो बल से, और न शक्ति से, परन्तु मेरे आत्मा के द्वारा होगा, मुझ सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। - ज़कर्याह 4:6

बाइबल पाठ: न्यायियों 7:1-9
Judges 7:1 तब गिदोन जो यरूब्बाल भी कहलाता है और सब लोग जो उसके संग थे सवेरे उठे, और हरोद नाम सोते के पास अपने डेरे खड़े किए; और मिद्यानियों की छावनी उनकी उत्तरी ओर मोरे नाम पहाड़ी के पास तराई में पड़ी थी।
Judges 7:2 तब यहोवा ने गिदोन से कहा, जो लोग तेरे संग हैं वे इतने हैं कि मैं मिद्यानियों को उनके हाथ नहीं कर सकता, नहीं तो इस्राएल यह कहकर मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई मारने लगे, कि हम अपने ही भुजबल के द्वारा बचे हैं। 
Judges 7:3 इसलिये तू जा कर लोगों में यह प्रचार कर के सुना दे, कि जो कोई डर के मारे थरथराता हो, वह गिलाद पहाड़ से लौटकर चला जाए। तब बाईस हजार लोग लौट गए, और केवल दस हजार रह गए। 
Judges 7:4 फिर यहोवा ने गिदोन से कहा, अब भी लोग अधिक हैं; उन्हें सोते के पास नीचे ले चल, वहां मैं उन्हें तेरे लिये परखूंगा; और जिस जिसके विषय में मैं तुझ से कहूं, कि यह तेरे संग चले, वह तो तेरे संग चले; और जिस जिसके विषय मे मैं कहूं, कि यह तेरे संग न जाए, वह न जाए। 
Judges 7:5 तब वह उन को सोते के पास नीचे ले गया; वहां यहोवा ने गिदोन से कहा, जितने कुत्ते की नाईं जीभ से पानी चपड़ चपड़ कर के पीएं उन को अलग रख; और वैसा ही उन्हें भी जो घुटने टेककर पीएं। 
Judges 7:6 जिन्होंने मुंह में हाथ लगा चपड़ चपड़ कर के पानी पिया उनकी तो गिनती तीन सौ ठहरी; और बाकी सब लोगों ने घुटने टेककर पानी पिया। 
Judges 7:7 तब यहोवा ने गिदोन से कहा, इन तीन सौ चपड़ चपड़ कर के पीने वालों के द्वारा मैं तुम को छुड़ाऊंगा, और मिद्यानियों को तेरे हाथ में कर दूंगा; और सब लोग अपने अपने स्थान को लौट जाएं। 
Judges 7:8 तब उन लोगों ने हाथ में सीधा और अपने अपने नरसिंगे लिये; और उसने इस्राएल के सब पुरूषों को अपने अपने डेरे की ओर भेज दिया, परन्तु उन तीन सौ पुरूषों को अपने पास रख छोड़ा; और मिद्यान की छावनी उसके नीचे तराई में पड़ी थी।
Judges 7:9 उसी रात को यहोवा ने उस से कहा, उठ, छावनी पर चढ़ाई कर; क्योंकि मैं उसे तेरे हाथ कर देता हूं। 

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 5-8


शुक्रवार, 7 मार्च 2014

चेतावनी


   हम एक ऐसे समाज में रहते हैं जो चेतावनियों से भरा पड़ा है। चाहे दवाई के पत्ते और बोतलें हों अथवा भोजन सामग्री के डिब्बे, सब पर कोई ना कोई चेतावनी लिखी होती है या उन्हें प्रयोग करने की तिथि की चेतावनी दी हुई होती है। घरेलु काम-काज के सामान पर भी चेतावनी का सूचक लगा होता है, मैंने बिजली से चलने वाली लकड़ी काटने की आरी देखी जिस पर लेबल लगा था कि उसका प्रयोग सावधानी से करें क्योंकि वह खतरनाक हो सकती है! हाल ही में मुझे उपहार का एक डिब्बा मिला जिस के अन्दर कुछ बहुमूल्य रखा था, और भेजने वाले ने एक बड़ा सा लाल रंग का लेबल डिब्बे पर लगा रखा था जिस पर लिखा था "नाज़ुक है: सावधानी बरतें!" 

   जब मैं जीवन और जीवन की अनिश्चितता के बारे में सोचता हूँ तो मुझे लगता है कि ऐसा ही एक बड़ा सा "नाज़ुक है: सावधानी बरतें" वाला लेबल हम सब को भी अपने ऊपर लगाए रखना चाहिए। हमारे डॉक्टर द्वारा कही एक बात कि हमें कोई खतरनाक बिमारी है, हमारे सामने चल रही गाड़ी के चालक की एक लापरवाही, चलते चलते पाँव का अनायस ही फिसलना या ठोकर लगना, या ऐसी ही कोई अन्य घटना अचानक ही हमें एक विकट परिस्थिति में ला कर खड़ा कर सकती है। जीवन अनिश्चितताओं से भरा है, किसी बात की कोई गारंटी नहीं है, हम अपनी अगली सांस के लिए भी पूर्णतयाः निश्चित नहीं है। इसलिए यह विचार रखकर जीवन व्यतीत करना कि हम अजेय हैं और हमें कभी कुछ नहीं होगा मूर्खता है, क्योंकि अगला ही पल प्रगट कर सकता है कि वास्तव में हम कितने नाज़ुक हैं।

   इसी लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने हमें एक प्रकार से चेतावनी देते हुए परमेश्वर से प्रार्थना के रूप में लिखा है, "हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं" (भजन 90:12)। हमें जीवन का हर पल ऐसे जीना चाहिए कि मानों यह हमारा आखिरी पल है, और जो तथा जैसा इसमें कमा लेंगे बस वह ही हमारे साथ जाएगा। इसलिए परमेश्वर प्रभु यीशु से अपने पापों की क्षमा माँगते तथा उसे जीवन समर्पित करते हुए, हम दूसरों से जितना प्रेम दिखा सकते हैं दिखाएं; जितना अधिक लोगों को क्षमा कर सकते हैं करें; जितना अधिक दूसरों की सहायतार्थ दे सकते हैं दें; और जितना नम्रता और आदर का व्यवहार एवं संवाद औरों के साथ रख सकते हैं रखें।

   ऐसा जीवन ही उस चेतावनी - "नाज़ुक है: सावधानी बरतें" के अनुरूप होगी, उसे सार्थक करेगी तथा हमें आने वाले अनन्त काल के लिए सदैव तैयार रखेगी - वह चाहे जब भी आ जाए; और लेखा देने का वह समय प्रत्येक पर आएगा अवश्य, इसलिए सचेत हों और अभी से ही उसके लिए तैयार हो जाएं। - जो स्टोवैल


बीता कल निकल चुका है और आने वाला कल अनिश्चित है; आज ही वर्तमान और उपलब्ध है, उसका भरसक सदुपयोग करें।

हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं! - भजन 39:4

बाइबल पाठ: भजन 90:1-12
Psalms 90:1 हे प्रभु, तू पीढ़ी से पीढ़ी तक हमारे लिये धाम बना है। 
Psalms 90:2 इस से पहिले कि पहाड़ उत्पन्न हुए, वा तू ने पृथ्वी और जगत की रचना की, वरन अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू ही ईश्वर है।
Psalms 90:3 तू मनुष्य को लौटा कर चूर करता है, और कहता है, कि हे आदमियों, लौट आओ! 
Psalms 90:4 क्योंकि हजार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं, जैसा कल का दिन जो बीत गया, वा रात का एक पहर।
Psalms 90:5 तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़ने वाली घास के समान होते हैं। 
Psalms 90:6 वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक कट कर मुर्झा जाती है।
Psalms 90:7 क्योंकि हम तेरे क्रोध से नाश हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं। 
Psalms 90:8 तू ने हमारे अधर्म के कामों से अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।
Psalms 90:9 क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाईं बिताते हैं। 
Psalms 90:10 हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं। 
Psalms 90:11 तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य तेरे रोष को कौन समझता है? 
Psalms 90:12 हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 1-4


गुरुवार, 6 मार्च 2014

चिंतक


   मेरे निवास प्रांत इडाहो में एक झील है - हेन्री झील। उस झील के पूर्वी तट पर एक स्थान है जो "टप्पर्स होल" अर्थात टप्पर का स्थान कहलाता है। इस स्थान का यह नाम हैरी टप्पर के नाम पर रखा गया है, जो इडाहो में अपने मछली पकड़ने के कौशल के लिए प्रसिद्ध है।

   हैरी के सम्बंध में जो बात मुझे सबसे अधिक याद आती है, उसके हेन्री झील की बड़ी बड़ी ट्राउट मछली पकड़ने के कौशल के अतिरिक्त, वह है उसका पालतु कुत्ता डिंगो - वाह! डिंगो भी क्या कुत्ता था! डिंगो अपने मालिक हैरी के साथ नाव में चुपचाप बैठा हैरी को मछली पकड़ते हुए देखता रहता था। जैसे ही हैरी के काँटे में कोई मछली फंसती, डिंगो उत्साहित होकर ओर ज़ोर से भौंकने लगता जब तक हैरी उस मछली को बाहर निकाल कर, उसमें से काँटे को निकाल कर मछली को वापस पानी में छोड़ नहीं देता था।

   डिंगो के इस उत्साही व्यवहार से मैंने भी शिक्षा ली कि किसी दूसरे के कार्यों से उत्साहित होना अपने कार्यों से उत्साहित होने से भला है। इसलिए जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पियों 2:4 को पढ़ता हूँ तो डिंगो को स्मरण करता हूँ, और अपने आप से प्रश्न करता हूँ: क्या मैं दूसरों के हित के बारे में सोचता हूँ? जब परमेश्वर किसी अन्य के जीवन में अथवा उसके जीवन के द्वारा कुछ कर रहा होता है तो क्या मैं उतना और वैसा ही उत्साहित होता हूँ जैसे कि परमेश्वर द्वारा अपने जीवन में या अपने जीवन के द्वारा किए गए किसी कार्य से होता हूँ? क्या मैं दूसरों को अनुग्रह और सफलता में बढ़ते हुए देखना चाहता हूँ, चाहे उनकी इस बढौतरी में मेरा प्रयास लगा हो?

   यही महानता का पैमाना है, क्योंकि जब हम दूसरों के हित के बारे में विचार तथा चिंता करने में लौलीन होते हैं, तब हम परमेश्वर के स्वभाव की समानता में होते हैं। प्रेरित पौलुस ने कहा: "...पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो" (फिलिप्पियों 2:3)। क्या हम ऐसा जीवन जीते हैं? - डेविड रोपर


परमेश्वर के प्रति वास्तविक प्रेम से भरा हुआ जीवन अन्य लोगों के प्रति प्रेम से भी भरा रहेगा।

कोई अपनी ही भलाई को न ढूंढे, वरन औरों की। - 1 कुरिन्थियों 10:24 

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11
Philippians 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है। 
Philippians 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। 
Philippians 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। 
Philippians 2:4 हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे। 
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। 
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। 
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। 
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली। 
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। 
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। 
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 22-24


बुधवार, 5 मार्च 2014

गवाही


   19वीं शताब्दी के अन्त की ओर के समय अमेरिका में डाल्टन भाईयों का गिरोह अपने अपराधों के लिए कुख्यात था। उन डाल्टन बन्धुओं की शुरुआत तो अच्छी हुई थी - वे कानून के रखवाले अधिकारी थे, लेकिन धीरे धीरे वे अपराध की ओर झुकते चले गए और फिर बैंक तथा ट्रेनों से पैसा लूटने के लिए कुख्यात हो गए। उनके लिए न्याय का समय तब आया जब उन्होंने एक साथ दो बैंकों पर डाका डालना चाहा। उनकी इस करतूत की खबर जैसे ही उस नगर के निवासियों को मिली, उन्होंने अपनी अपनी बन्दूकें उठाईं और डाल्टन बन्धुओं को घेर कर अन्धाधुंध गोलियाँ चलानी आरंभ कर दीं। आखिर जब गोलियों की बौछार थमी और धुँआ छँटा तो केवल एमेट डाल्टन ही जीवित बचा था, बाकी सभी वहीं मारे गए थे।

   जेल में 15 वर्ष बिताने के बाद एमेट डाल्टन को माफी मिली और वह रिहा किया गया। कैदखाने के अपने समय में एमेट ने अपनी दुष्ट करतूतों और अपनी गलतियों को पहचाना, इसलिए स्वतंत्र होने के बाद उसकी इच्छा थी कि वह जवान लोगों को अपराध के जीवन से सचेत और दूर रखे। अपने अनुभवों के आधार पर एमेट ने डाल्टन बन्धुओं पर अपराधी जीवन की भूल को प्रदर्शित करने वाली एक फिल्म की कहानी लिखी, फिल्म बनाई और उसमें अभिनय भी किया। एमेट ने अपनी फिल्म के द्वारा लोगों तक परमेश्वर के वचन बाइबल में से नीतिवचन 4:14 - "दुष्टों की राह में पांव न धरना, और न बुरे लोगों के मार्ग पर चलना" के सत्य को पहुँचाया।

   याकूब ने लिखा है: "तो वह यह जान ले, कि जो कोई किसी भटके हुए पापी को फेर लाएगा, वह एक प्राण को मृत्यु से बचाएगा, और अनेक पापों पर परदा डालेगा" (याकूब 5:20)। एक पश्चतापी तथा परिवर्तित मसीही विश्वासी के जीवन की गवाही बहुत प्रभावी होती है। हम सभी मसीही विश्वासी इस पश्चाताप और परिवर्तन के अनुभव से होकर निकले हैं। हम सब अपने विश्वास से पूर्व के जीवन की दशा और फिर पश्चाताप तथा मसीह यीशु में लाए गए विश्वास द्वारा हुए जीवन के अद्भुत परिवर्तन को भली भांति जानते हैं। हमारी यही गवाही हमें मसीह यीशु के लिए प्रभावी तथा उपयोगी गवाह बना सकती है; हमें केवल अपने व्यक्तिगत अनुभव को ही लोगों के साथ बाँटना है और परमेश्वर का आत्मा हमारी उस गवाही को अपनी महिमा और लोगों के जीवन को परिवर्तित करने के लिए प्रयोग करेगा।

   आज ही से अपने जीवन की गवाही बाँटना आरंभ कर दीजिए, और देखिए कि परमेश्वर उस गवाही के द्वारा कैसे बड़े बड़े काम करता है, आपको कैसा आशीषित करता है। - डेनिस फिशर


जब हम अपनी गलतियों से शिक्षा लेने लगते हैं तो उन्हें दोहराना भी छोड़ देते हैं।

परन्तु उस[यीशु]ने उसे आज्ञा न दी, और उस से कहा, अपने घर जा कर अपने लोगों को बता, कि तुझ पर दया कर के प्रभु ने तेरे लिये कैसे बड़े काम किए हैं। - मरकुस 5:19

बाइबल पाठ: नीतिवचन 4:10-19
Proverbs 4:10 हे मेरे पुत्र, मेरी बातें सुन कर ग्रहण कर, तब तू बहुत वर्ष तक जीवित रहेगा। 
Proverbs 4:11 मैं ने तुझे बुद्धि का मार्ग बताया है; और सीधाई के पथ पर चलाया है। 
Proverbs 4:12 चलने में तुझे रोक टोक न होगी, और चाहे तू दौड़े, तौभी ठोकर न खाएगा। 
Proverbs 4:13 शिक्षा को पकड़े रह, उसे छोड़ न दे; उसकी रक्षा कर, क्योंकि वही तेरा जीवन है। 
Proverbs 4:14 दुष्टों की राह में पांव न धरना, और न बुरे लोगों के मार्ग पर चलना। 
Proverbs 4:15 उसे छोड़ दे, उसके पास से भी न चल, उसके निकट से मुड़ कर आगे बढ़ जा। 
Proverbs 4:16 क्योंकि दुष्ट लोग यदि बुराई न करें, तो उन को नींद नहीं आती; और जब तक वे किसी को ठोकर न खिलाएं, तब तक उन्हें नींद नहीं मिलती। 
Proverbs 4:17 वे तो दुष्टता से कमाई हुई रोटी खाते, और उपद्रव के द्वारा पाया हुआ दाखमधु पीते हैं। 
Proverbs 4:18 परन्तु धर्मियों की चाल उस चमकती हुई ज्योति के समान है, जिसका प्रकाश दोपहर तक अधिक अधिक बढ़ता रहता है। 
Proverbs 4:19 दुष्टों का मार्ग घोर अन्धकारमय है; वे नहीं जानते कि वे किस से ठोकर खाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 19-21


मंगलवार, 4 मार्च 2014

इस ही कमरे में


   हमारे चर्च में हम अकसर रौन और कैरल हैरिस द्वारा लिखित स्तुति गीत In This Very Room (इस ही कमरे में) गाते हैं। इस गीत की आरंभिक पंक्ति है, "इस ही कमरे में मेरे जैसे व्यक्ति के लिए भी पर्याप्त प्रेम है।" यह गीत मुझे स्मरण कराता है कि यद्यपि अन्य मसीही विश्वासियों के साथ आराधना के लिए एकत्रित होने से बहुत प्रोत्साहन मिलता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आराधना के स्थान पर मसीह यीशु भी विद्यमान होता है। लेकिन प्रभु यीशु की उपस्थिति केवल चर्च या आराधनालय तक ही सीमित नहीं है, वो हमारे जीवन के प्रत्येक कक्ष में प्रत्येक परिस्थिति में हमारे साथ उपस्थित रहता है।

   मैं नहीं जानता कि आप इस सन्देश को कहाँ पढ़ रहे हैं - रसोई में या किसी रेस्टूरॉन्ट में, किसी कैदखाने में या सेना की किसी चौकी पर; हो सकता है कि आप किसी अस्पताल में हों या किसी न्यायालय में। जहाँ आप यह पढ़ रहे हैं वह आपके जीवन का एक ऐसा कमरा हो सकता है जहाँ आपके लिए सब कुछ बिलकुल ठीक है, या फिर ऐसा स्थान जहाँ कुछ भी ठीक नहीं है। हो सकता है कि यह पढ़ते समय आप किसी भय से ग्रस्त हों।

   प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के बाद की निराशाजनक और भयपूर्ण परिस्थितियों में प्रभु के अनुयायी एक जाने-पहिचाने कमरे में एकत्रित होते थे; और यूहन्ना लिखता है कि, "उसी दिन जो सप्‍ताह का पहिला दिन था, सन्‍ध्या के समय जब वहां के द्वार जहां चेले थे, यहूदियों के डर के मारे बन्‍द थे, तब यीशु आया और बीच में खड़ा हो कर उन से कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले" (यूहन्ना 20:19)। इसके एक सप्ताह बाद फिर यही हुआ, प्रभु यीशु बन्द दरवाज़ों में से होकर अपने अनुयायीयों को अपनी उपस्थिति द्वारा शान्ति देने आ गया (पद 26-29)।

   आज आप कहीं भी क्यों ना हों, किसी भी परित्स्थिति में क्यों ना हों, "प्रत्येक निराशा और उदासी को भगा देने के लिए यहाँ पर्याप्त आशा तथा पर्याप्त सामर्थ है, क्योंकि यीशु, प्रभु यीशु इस ही कमरे में है।" - डेविड मैक्कैसलैंड


हमारा प्रेमी परमेश्वर सदा हमारे साथ रहता है, सदा ही।

आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्‍द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा हो कर कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले। - यूहन्ना 20:26

बाइबल पाठ: यूहन्ना 20:19-29
John 20:19 उसी दिन जो सप्‍ताह का पहिला दिन था, सन्‍ध्या के समय जब वहां के द्वार जहां चेले थे, यहूदियों के डर के मारे बन्‍द थे, तब यीशु आया और बीच में खड़ा हो कर उन से कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले। 
John 20:20 और यह कहकर उसने अपना हाथ और अपना पंजर उन को दिखाए: तब चेले प्रभु को देखकर आनन्‍दित हुए। 
John 20:21 यीशु ने फिर उन से कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले; जैसे पिता ने मुझे भेजा है, वैसे ही मैं भी तुम्हें भेजता हूं। 
John 20:22 यह कहकर उसने उन पर फूंका और उन से कहा, पवित्र आत्मा लो। 
John 20:23 जिन के पाप तुम क्षमा करो वे उन के लिये क्षमा किए गए हैं जिन के तुम रखो, वे रखे गए हैं।
John 20:24 परन्तु बारहों में से एक व्यक्ति अर्थात थोमा जो दिदुमुस कहलाता है, जब यीशु आया तो उन के साथ न था। 
John 20:25 जब और चेले उस से कहने लगे कि हम ने प्रभु को देखा है: तब उसने उन से कहा, जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा।
John 20:26 आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्‍द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा हो कर कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले। 
John 20:27 तब उसने थोमा से कहा, अपनी उंगली यहां लाकर मेरे हाथों को देख और अपना हाथ लाकर मेरे पंजर में डाल और अविश्वासी नहीं परन्तु विश्वासी हो। 
John 20:28 यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर! 
John 20:29 यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 16-18


सोमवार, 3 मार्च 2014

सच्ची उपासना


   व्यंगरेखाचित्रकार सार्वजनिक स्थानों पर चित्र बनाने का अपना सामान लगा लेते हैं और जो लोग अपने व्यंगरेखाचित्र के लिए थोड़ा सा पैसा देने को तैयार होते हैं, उनका व्यंगरेखाचित्र बना देते हैं। उनके ये चित्र हमारा मनोरंजन करते हैं क्योंकि वे हमारे शरीर के किसी स्वरूप को ऐसा बढ़ाकर दिखाते हैं कि वह पहचाना तो जाए लेकिन हास्यास्पद भी लगे। शरीर के किसी भाग को अनावश्यक रीति से प्रमुख दिखाने से ही वह रेखाचित्र विनोदात्मक बनता है।

   लेकिन परमेश्वर के किसी गुण को अनावश्यक रीति से प्रमुख दिखाना हास्यास्पद कतई नहीं है। जब परमेश्वर का ऐसा बिगड़ा हुआ स्वरूप लोगों के सामने लाया जाता है तो वे उसे गंभीरता से नहीं लेते और परिस्थिति अनुसार उसे सरलता से खारिज कर देते हैं। जो परमेश्वर को एक क्रोधी और कठोर न्यायी के रूप में देखते हैं वे आसानी से ऐसे लोगों द्वारा बहका लिए जाते हैं जो दया की बातें करते हैं। जो परमेश्वर को गलतियों को नज़रंदाज़ करके बस लाड़ करते रहने वाले नाना-दादा के समान देखते हैं वे उसके न्यायी स्वरूप को स्वीकार नहीं कर पाते। जो परमेश्वर को केवल एक ज्ञानी विचारधारा जैसा देखते हैं वे उसके एक जीवित और प्रेमी व्यक्ति होने को स्वीकार नहीं कर पाते और फिर अन्य विचारधाराओं के चंगुल में फंस जाते हैं। जो परमेश्वर को एक अच्छे मित्र मात्र के समान देखते हैं वे कभी ना कभी कोई और अधिक अच्छा लगने वाला मित्र मिलने पर परमेश्वर से दूर चले जाते हैं।

   परमेश्वर प्रेमी और दयालु भी है और सच्चा न्याय करने वाला खरा न्यायी भी जो पाप को क्षमा करना भी जानता है और उसका दण्ड देना भी। वह एक जीवित और प्रेमी व्यक्ति भी है और निराकार आत्मा भी; वह सबसे अच्छा और विश्वासयोग्य मित्र भी है और चिंता करने तथा आवश्यकताएं पूरी करने वाला प्रेमी पिता भी। परमेश्वर का कोई भी गुण उसके अन्य गुणों से पृथक करके नहीं देखा जा सकता, उसे उसकी संपूर्णता में ही देखना मानना होगा।

   जब हम अपने मसीही विश्वास को व्यावाहरिक रूप में अपने जीवनों द्वारा प्रकट करते हैं तो हमें परमेश्वर के कुछ ऐसे गुणों पर ही, जो हमारी पसन्द के हैं, ज़ोर ना देकर उसके संपूर्ण व्यक्तित्व को दिखाना है। हमारी उपासना परमेश्वर के किसी विशेष गुण ही के प्रति ना हो अन्यथा वह सच्ची उपासना नहीं ठहरेगी। जूली ऐकैरमैन लिंक


जिस परमेश्वर पर हम विश्वास करते हैं वह सर्वसामर्थी, दयालु, बुद्धिमान और न्यायी है।

यहोवा कोप करने में धीरजवन्त और अति करूणामय है, और अधर्म और अपराध का क्षमा करने वाला है, परन्तु वह दोषी को किसी प्रकार से निर्दोष न ठहराएगा, और पूर्वजों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों, और पोतों, और परपोतों को देता है। - गिनती 14:18

बाइबल पाठ: निर्गमन 34:1-9
Exodus 34:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, पहिली तख्तियों के समान पत्थर की दो और तख्तियां गढ़ ले; तब जो वचन उन पहिली तख्तियों पर लिखे थे, जिन्हें तू ने तोड़ डाला, वे ही वचन मैं उन तख्तियों पर भी लिखूंगा। 
Exodus 34:2 और बिहान को तैयार रहना, और भोर को सीनै पर्वत पर चढ़कर उसकी चोटी पर मेरे साम्हने खड़ा होना। 
Exodus 34:3 और तेरे संग कोई न चढ़ पाए, वरन पर्वत भर पर कोई मनुष्य कहीं दिखाई न दे; और न भेड़-बकरी और गाय-बैल भी पर्वत के आगे चरते पाएं। 
Exodus 34:4 तब मूसा ने पहिली तख्तियों के समान दो और तख्तियां गढ़ी; और बिहान को सवेरे उठ कर अपने हाथ में पत्थर की वे दोनों तख्तियां ले कर यहोवा की आज्ञा के अनुसार पर्वत पर चढ़ गया। 
Exodus 34:5 तब यहोवा ने बादल में उतर के उसके संग वहां खड़ा हो कर यहोवा नाम का प्रचार किया। 
Exodus 34:6 और यहोवा उसके साम्हने हो कर यों प्रचार करता हुआ चला, कि यहोवा, यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य, 
Exodus 34:7 हजारों पीढिय़ों तक निरन्तर करूणा करने वाला, अधर्म और अपराध और पाप का क्षमा करने वाला है, परन्तु दोषी को वह किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा, वह पितरों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों वरन पोतों और परपोतों को भी देने वाला है। 
Exodus 34:8 तब मूसा ने फुर्ती कर पृथ्वी की ओर झुककर दण्डवत की। 
Exodus 34:9 और उसने कहा, हे प्रभु, यदि तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर हो तो प्रभु, हम लोगों के बीच में हो कर चले, ये लोग हठीले तो हैं, तौभी हमारे अधर्म और पाप को क्षमा कर, और हमें अपना निज भाग मान के ग्रहण कर।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 13-15